बागवानी के लिए बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़ी:अब फलों से हर साल 10 लाख की कमाई, नवाचार के लिए सरकार करेगी सम्मानित

खेती के लिए बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़ दी। दिल्ली से गांव लौटकर 10 बीघा में बागवानी करने की शुरुआत की। खेत में अलग-अलग वैरायटी के पौधों से ट्रायल किया। क्लाइमेट में सेट होने वाले पौधों की संख्या बढ़ाई। आम-अमरूद समेत फलों से सालाना 10 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई हो रही है। म्हारे देश की खेती में आज बात सवाई माधोपुर के किसान की… बैंक की नौकरी से लिया VRS किसान रामसिंह मीणा (62) सवाई माधोपुर के गंभीरा गांव के रहने वाले हैं। ग्रेजुएशन के बाद 1984 में बैंक की नौकरी से करियर शुरुआत की। साल 2018 में दिल्ली में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ब्रांच मैनेजर के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली। इसके बाद गांव लौटकर खेती शुरू की। बड़ा बेटा प्रेम सिंह (38) साल 2014 बैच का IAS अधिकारी है और वर्तमान में दिल्ली में ADM है। दूसरा बेटा पुष्पेंद्र सिंह (32) प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। तीसरा बेटा भूपेंद्र सिंह (30) खेती का काम संभालता है। सपना पूरा करने के लिए छोड़ी नौकरी किसान रामसिंह मीणा बताते हैं- जिम्मेदारियों के कारण नौकरी करनी पड़ी, लेकिन सपना था कि एक दिन गांव लौटकर खेती करेंगे। जिम्मेदारियों का बोझ कम होने पर नौकरी छोड़ दी और खेती में नवाचार के साथ नई शुरुआत की। पारंपरिक खेती की बजाय बागवानी को अपनाया। लखनऊ से मंगवाए ग्राफ्टिंग पौधे साल 2018 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ के मलिहाबाद से आम के ग्राफ्टिंग पौधे मंगवाए, जबकि अमरूद की उन्नत किस्म के पौधे प्रमाणित नर्सरी से खरीदे। पौधों की खरीद, खेत की तैयारी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर करीब 4 लाख रुपए का निवेश किया। प्रॉपर देखभाल के लिए 10 बीघा खेत में ही रहने के लिए घर बनाया और व्यवस्थित ढंग से बागवानी की शुरुआत की। पौधे लगाने से पहले आम के लिए करीब दो फीट और अमरूद के लिए एक फीट गहरे गड्ढे तैयार किए, ताकि जड़ें अच्छी तरह फैल सकें और पौधों की बढ़वार बेहतर हो। आम-अमरूद के लगाए पौधे रामसिंह मीणा बताते हैं- खेत में अमरूद की पिंक ताइवान किस्म के 400 और वीएनआर-एन 70 के 280 पौधे लगाए। हापुस और लंगड़ा किस्म सहित 80 पौधे आम के लगाए। इसके अलावा चीकू, पपीता, बेलपत्र, सेब, जामुन, मौसमी, संतरा, नाशपाती, अंजीर, लीची, माल्टा और आंवला सहित कई अन्य फलदार पौधों की खेती भी शुरू की। कुछ फलों के पौधे फिलहाल कम संख्या में लगाए गए हैं, ताकि सवाई माधोपुर की मिट्टी और जलवायु में पौधों की सक्सेस रेट पता चल सके। सफल रहने वाली फसलों का भविष्य में बड़े स्तर पर विस्तार करने का प्लान है। फिलहाल आम और अमरूद की सभी वैरायटी में कोई दिक्कत नहीं है। साल 2021 से फ्रूटिंग हो रही है। फंगस से बचाव का तरीका रामसिंह मीणा बताते हैं- पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए केमिकल खाद की जगह गोबर की खाद और वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करते हैं। प्रत्येक पौधे में करीब तीन किलो गोबर की खाद के साथ एक किलो वर्मी कम्पोस्ट डाला जाता है। अमरूद लगाने के लिए जुलाई और आम के लिए अगस्त सबसे उपयुक्त महीना रहता है। फलदार पौधों को उत्पादन देने लायक बनने में करीब तीन साल लगते हैं। इस दौरान नियमित सिंचाई और देखभाल जरूरी होती है। चूना और नीला थोथा बराबर मात्रा में मिलाकर उसका लेप जमीन से करीब एक फीट तक तने पर लगाते हैं, जिससे जड़ों और तने में फंगस नहीं लगता। पौधे भी लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं। बागवानी से हर साल 10 लाख रुपए तक की आय किसान रामसिंह मीणा के अनुसार, बागवानी से आय लगातार बढ़ रही है। आम के बगीचे से हर साल करीब 3 लाख रुपए की आमदनी होती है। अमरूद और अन्य फलदार पौधों से करीब 7 लाख रुपए तक की सालाना कमाई हो रही है। वे बताते हैं- किसान को बिना ट्रायल के बड़ा निवेश करने के बजाय पहले छोटे स्तर पर प्रयोग करना चाहिए। सफल होने पर उसका विस्तार करें तो खेती ज्यादा लाभदायक और टिकाऊ बन सकती है। खेती में नवाचार पर राज्य स्तरीय सम्मान खेती में नवाचार, जैविक खेती को बढ़ावा देने और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रभावी उपयोग के कारण रामसिंह मीणा का चयन राजस्थान सरकार की आत्मा योजना 2024-25 के तहत कैफेटेरिया ए-7 श्रेणी के राज्य स्तरीय कृषक सम्मान के लिए किया गया है। सम्मान के साथ उन्हें 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। रामसिंह मीणा का कहना है कि यदि किसान नई तकनीक अपनाए, बाजार की मांग को समझे और धैर्य के साथ काम करे तो खेती भी सम्मान और अच्छी कमाई का मजबूत जरिया बन सकती है। … खेती-किसानी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… खेती छोड़ शुरू की नर्सरी, हर साल 20-लाख की कमाई:पानी की कमी से परेशान किसान ने बदला रास्ता, 30 वैरायटी के पौधे बेच रहे सरकारी बागवान रहे ताऊ से पेड़-पौधों और गार्डनिंग का हुनर सीखा। कम जमीन और पानी के संकट के कारण खेती के बजाय नर्सरी का रास्ता चुना। पूरी खबर पढ़िए

पिता बोले-बेटी हत्या करना चाहती है:दावा-5 लाख की सुपारी दी, 55 तोला सोना लेकर भागी थी

बांसवाड़ा जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र में एक पिता ने अपनी ही बेटी पर हत्या की सुपारी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि उसकी बेटी ने एक महिला के साथ मिलकर उसकी हत्या के लिए 5 लाख रुपए की सुपारी दी थी। इतना ही नहीं, बेटी पर घर से करीब 55 तोला सोना लेकर फरार होने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) को परिवाद देने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला 25 मई की घटना से जुड़ा है। कार ड्राइवर ने बताया- आपकी हत्या की सुपारी मिली है गढ़ी निवासी अजीज पुत्र सिद्धिक शेख ने रिपोर्ट में बताया – 25 मई की सुबह वह हिम्मतनगर जाने के लिए गढ़ी बस स्टैंड पर खड़ा था। इसी दौरान बांसवाड़ा निवासी कार ड्राइवर सिकंदर ने हिम्मतनगर छोड़ने की बात कहकर उसे कार में बैठा लिया। हिम्मतनगर पहुंचने पर ड्राइवर ने बताया कि गढ़ी निवासी महिला नीता भाटिया और उसकी बेटी आशमा ने उसकी हत्या के लिए 5 लाख रुपए की सुपारी दी है। ‘हत्या नहीं करूंगा, फोटो भेजकर कह दूंगा काम हो गया’ रिपोर्ट के अनुसार ड्राइवर सिकंदर ने अजीज से कहा कि वह उसकी हत्या नहीं करेगा, लेकिन सुपारी की रकम लेने के लिए उसकी फोटो खींचकर दोनों महिलाओं को भेज देगा और कह देगा कि ‘काम हो गया’। आरोप है कि नीता भाटिया ने ड्राइवर से कहा था कि शव पर कार चढ़ाकर सिर कुचलने की फोटो भेजना, तभी पैसे मिलेंगे। ड्राइवर ने ऐसा करने से इनकार कर दिया और अजीज को वापस परतापुर लाकर बेड़वा बस स्टैंड पर छोड़ दिया। पिता का दावा- बेटी ने कबूला, रोक-टोक से थी परेशान अजीज ने बताया कि घर लौटकर उसने बेटी आशमा से इस बारे में पूछताछ की, लेकिन शुरुआत में उसने आरोपों से इनकार किया। पुलिस में शिकायत की बात कहने पर आशमा ने कथित तौर पर कहा कि वह अपनी मर्जी से जीवन जीना चाहती थी और पिता की रोक-टोक से परेशान थी। पीड़ित का आरोप है कि नीता भाटिया ने आशमा को हत्या के लिए उकसाया और दोनों ने मिलकर सुपारी देने की योजना बनाई। 55 तोला सोना गायब मिला, कार्रवाई नहीं होने पर एसपी से लगाई गुहार रिपोर्ट में अजीज ने दावा किया कि हत्या की साजिश के लिए उसकी बेटी ने घर में रखा करीब 55 तोला सोना भी नीता भाटिया को दे दिया। जब उसने घर में जांच की तो आभूषण गायब मिले। उसका आरोप है कि 11 जून को गढ़ी थाने में शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को परिवाद दिया, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच की जिम्मेदारी थानाधिकारी रमेश मीणा को सौंपी गई है। थानाधिकारी बोले- रिपोर्ट और परिवाद में अलग-अलग तथ्य गढ़ी थानाधिकारी रमेशचंद्र मीणा ने बताया – पीड़ित ने पहले थाने में रिपोर्ट दी थी। बाद में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को परिवाद दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट और परिवाद में कुछ तथ्य अलग-अलग हैं। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

11 साल तक स्कूल नहीं आने वाली टीचर की पोस्टिंग:डायरेक्टरेट ने मांगी 3 दिन में रिपोर्ट, DEO पर कार्रवाई की तैयारी

बीकानेर में करीब 11 साल तक स्कूल से अनुपस्थित रहने के बाद महिला शिक्षक को दोबारा पोस्टिंग देने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी किशनदान चारण की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पहले से जांच के दायरे में चल रहे इस मामले में अब प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं। निदेशालय ने मामले को गंभीर मानते हुए बीकानेर संभाग के संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) से तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट और दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव मांगा है। शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोप शिकायतकर्ता संजीव यादव निवासी उदयरामसर ने आरोप लगाया है कि संबंधित अध्यापिका पिछले 11 वर्षों से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित थी। नियमों के अनुसार इतने लंबे समय तक बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई या सेवामुक्ति की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। आरोप- कार्रवाई के बजाय शहर के स्कूल में कर दी पोस्टिंग शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई करने के बजाय जिला शिक्षा अधिकारी किशनदान चारण ने संबंधित अध्यापिका को राहत देते हुए बीकानेर शहर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में पदस्थापित कर दिया। इस फैसले को लेकर पहले भी शिकायतें हुई थीं और जांच चल रही है। शासन सचिवालय के निर्देश पर फिर शुरू हुई जांच मामले की शिकायत शासन सचिवालय, जयपुर तक पहुंचने के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने संज्ञान लिया। इसके बाद बीकानेर संभाग के संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश जारी किए गए। इससे पहले भी इस मामले में जांच हो चुकी है, लेकिन अब नए सिरे से कार्रवाई शुरू की गई है। 3 दिन में रिपोर्ट और कार्रवाई का प्रस्ताव मांगा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध रिकॉर्ड का परीक्षण कर तीन दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट भेजी जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भी रिपोर्ट के साथ भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्थान में सिरसा रोडवेज बस रोक कार सवारों का हंगामा:बूथ पर खड़ी करते वक्त पीछे से टकराई गाड़ी, ड्राइवर-कंडक्टर में बहस; रोड जाम

सिरसा रोडवेज की एक बस को राजस्थान में रोक लिया गया और लोग रोडवेज कर्मियों से उलझ गए। कुछ युवकों ने मिलकर रोड जाम कर लिया और बस को आगे जाने से रोक दिया। उन सभी ने रोडवेज ड्राइवर व कंडक्टर से काफी देर तक बहस की और करीब आधा घंटा तक ये हंगामा चला। कार सवार युवकों ने क्षतिग्रस्त कार ठीक करवाने को पैसे मांगे। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक कर्मियों से बहस करते दिख रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मामला राजस्थान के रावतसर बस स्टैंड का है। जहां रोडवेज ड्राइवर बस को बूथ पर लगा रहा था। उसी वक्त एक कार आई और बूथ पर लगाते समय बस के पीछे से गुजरने लगी। कार बस से टकराने के बाद क्षतिग्रस्त हो गई। इसी बात पर कार सवार युवक गुस्सा गए। जैसे ही ड्राइवर बस लेकर बस स्टैंड से बाहर आया, तो युवकों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर बस को वहीं रूकवा लिया और अन्य साथी व लोग बुला लिए। पुलिस ने रोड जाम खुलवाया इस दौरान कई देर तक रोड जमा रहा और हंगामा बढ़ता देख वहां से गुजर रही दूसरी रोडवेज बस को भी ड्राइवर ने रोक लिया। रोडवेज कर्मचारी मामला सुलझाने को वहां पर पहुंचे, परंतु कोई मानने को तैयार नहीं था। कुछ देर बाद राजस्थान पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने भी प्रदर्शनकारी लोगों के समर्थन में उनसे कहा कि बस और ड्राइवर का नंबर नोट कर लो। अगर शिकायत करनी है तो थाने में दे देना, उस पर कार्रवाई करेंगे। सीसीटीवी में पता चल जाएगा, बस को न रोके। आखिर पुलिस ने रोड जाम खुलवाया और दोनों पक्ष शांत कराए। बस में सवार यात्री भी परेशान रहे झगड़ा बढ़ते देख बस स्टैंड के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। इस पर लोगों ने कार सवार युवकों को समझाने का प्रयास किया और ये भी कहा कि आपकी गलती है। बावजूद इसके वे नहीं माने। दोनों युवक बार-बार गाड़ी के काम का खर्च मांग रहे थे। रोडवेज ड्राइवर व कंडक्टर ने भी उनकी गलती बताई, पर वे विश्वास नहीं कर रहे थे। इसके चलते बस में सवार यात्री भी परेशान रहे। दरअसल, कार सवार युवक बोले, बस का कंडक्टर वहां पर नहीं था और ड्राइवर ही अकेले बस को बूथ पर बैक साइड से लगा रहा था। अगर कंडक्टर होता तो ये हादसा नहीं होता। वहीं, रोडवेज कर्मचारी बोले, बस स्टैंड के अंदर बूथ पर ये गाड़ी भिड़ी थी। उस समय कुछ नहीं कहा। अब पीछे से गाड़ी लेकर आए और आगे लगाकर बस को रूकवा लिया। ड्राइवर को नीचे उतारने की कोशिश प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बस के ड्राइवर को पकड़कर नीचे उतारने की कोशिश की और उनके बीच काफी तू-तड़ाक हुई। इससे विवाद बढ़ सकता था। विभाग के अनुसार, यह रोडवेज बस डबवाली बस स्टैंड से राजस्थान के पोकरण के लिएरावतसर रूट पर चलती है। डबवाली से इसकी दूरी करीब 6-7 से घंटे की है। यह बस रूटीन में पोकरण चलती है। मंगलवार से ये बस पोकरण गई हुई थी। वहां से आते समय ये मामला हुआ है। यहां आने पर बुधवार को इस बारे में कर्मियों ने यूनियन को भी अवगत करवा दिया है। यूनियन ने इसकी निंदा की है। कार लेकर बस स्टैंड में घुसे युवक- यूनियन मामले में रोडवेज यूनियन से जिला प्रधान पृथ्वी सिंह का कहना है कि यह झगड़ा रावतसर में रोडवेज कर्मियों के साथ हुआ है। कुछ युवक कार लेकर बस स्टैंड के अंदर घुसे हुए थे। जब बस बूथ पर लगाई जा रही थी तो युवक भी कार लेकर बस के पीछे से और बूथ के आगे से निकालने की कोशिश करने लगे। तभी बस से कार टकरा गई और आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गई। ड्राइवर का कोई दोष नहीं है। युवक कार को बस स्टैंड के अंदर लेकर गया हुआ था, जोकि बस स्टैंड के अंदर कार ले जाने पर रोक है। इसके बावजूद वे कार अदंर लेकर गए हुए थे। उनको किसी ने अदंर जाने से नहीं रोका। इस बारे में ड्राइवर व कंडक्टर से बातचीत कर अगला कदम उठाया जाएगा। लिखित शिकायत पर करेंगे कार्रवाई- जीएम रोडवेज जीएम कुलदीप जांगड़ा ने बताया कि इस तरह कई बार झगड़े होते हैं। रोडवेज बस आमजन को सुविधा देने के लिए हैं और लोग बेवजह इस तरह की हरकतें करते हैं। इस बारे में रोडवेज बस कर्मियों से बातचीत की जाएगी। यदि उनकी ओर से कोई लिखित शिकायत दी जाएगी, तो उस पर कार्रवाई करेंगे। राजस्थान के स्टाफ से भी बात करेंगे।

दौसा में एक्सप्रेस-वे पर बस-ट्रेलर अग्निकांड,DNA से मृतकों की पहचान:6 शव परिजनों को सौंपे, दो बॉडी पहले सुपुर्द कर दी थी, 8 लोगों की हुई थी मौत

दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस और ट्रेलर की भिड़ंत के बाद हुए भीषण अग्निकांड में जिंदा जलकर जान गंवाने वाले छह लोगों के शवों की डीएनए रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार शाम पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए गए। हादसे में कुल आठ लोगों की मौत हुई थी। इनमें छह यात्री आग में जिंदा जल गए थे, जबकि दो अन्य की सिर में चोट लगने से मौत हुई थी। इन मृतकों के लिए भेजे गए थे DNA सैंपल हादसे में भूमि भौर निवासी बजरंग नगर (इंदौर), प्रियंका पांडे निवासी बड़वाह, दीपक तंवर निवासी बड़वाह (जिला खरगौन, मध्य प्रदेश) और निर्मला गुप्ता निवासी अन्नपूर्णा नगर (इंदौर) के शवों के डीएनए सैंपल बुधवार शाम जांच के लिए भेजे गए थे। जयपुर से रिपोर्ट आने के बाद शवों की पहचान हुई और पोस्टमॉर्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। ड्राइवर और एक अन्य मृतक की रिपोर्ट भी आई देवेंद्र सिंह निवासी रामपुरा कलां, सिद्धगंज (मध्य प्रदेश) तथा बस चालक रामअवतार के डीएनए सैंपल गुरुवार सुबह जांच के लिए भेजे गए थे। रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों शवों का भी पोस्टमॉर्टम कराया गया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। दो शव पहले ही परिजनों को सौंप दिए गए थे सिर में चोट लगने से जान गंवाने वाले बस परिचालक कुलदीप का पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं धर्मसिंह निवासी भूतेड़ी, जिला झाबुआ (मध्य प्रदेश) का शव बुधवार शाम को ही परिजनों के हवाले कर दिया गया था। 22 घायलों को भी पहुंचाया गया था अस्पताल मंगलवार देर रात हुए इस भीषण हादसे के बाद पुलिस ने आठों मृतकों के शव और 22 घायलों को एंबुलेंस के जरिए दौसा जिला अस्पताल पहुंचाया था। आग में शव बुरी तरह झुलस जाने से उनकी पहचान संभव नहीं हो सकी थी, जिसके बाद डीएनए जांच कराई गई। रिपोर्ट आने के बाद सभी शवों की शिनाख्त कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। — ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे दौसा बस-अग्निकांड: ‘मेरी आंखों के सामने पत्नी जल गई साहब’:किसी ने मदद नहीं की; पैसेंजर बोलीं- मालूम नहीं पति कहां गिरे, लोग सीटों में फंसे थे बस में लोगों का मांस तक जल गया, हड्डियां बची:पैर पकड़कर पति को ढूंढने की गुहार लगाती रही पत्नी; देखिए दौसा बस अग्निकांड की तस्वीरें

पेंशन के लिए तपती सड़क पर हथेलियां टिकाकर पहुंचीं माताजी:जलदाय मंत्री ने 'अच्छे-अच्छों को पानी पिलाया'; किसान से 'आतंकी' जैसा सुलूक

नमस्कार, जालोर में पेंशन के लिए 82 साल की माताजी को अग्नि परीक्षा देनी पड़ी। टोंक में शिक्षा मंत्री ने जलदाय मंत्री की तारीफ अनोखे शब्दों में की और बाड़मेर में किसान को उसी की जमीन से बाहर निकलने की हुक्म दे दिया गया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. पेंशन के लिए ‘अग्नि परीक्षा’ मशहूर शायर जिगर मुरादाबादी जी ने जो बात इश्क के लिए कही थी, वही बात सरकारी स्कीम से जोड़कर भी कही जा सकती है। जैसे- ये पेंशन नहीं आसां, बस इतना समझ लीजे, एक आग का रस्ता है और रेंग कर जाना है। बात मजाक की नहीं, जालोर की कोकू देवी पर बीती है। उनकी उम्र 80 पार। आंखों से दिखता नहीं। हालत ये कि खड़े होकर चल नहीं सकतीं। बैठकर रेंग सकती हैं। 5 साल पहले उनकी 1000 रुपए की पेंशन बंद हो गई। फिंगर प्रिंट नहीं मिल रहे थे। जमीन पर हाथ रखकर सरकने की स्थिति के कारण रेखाएं घिस गई। कई बार गुहार लगाई, लेकिन काम नहीं बना। थक-हार कर कोकू देवी भीषण गर्मी में दोपहर को तपती सड़क पर हथेलियां टिकाकर रेंगती हुईं कलेक्ट्रेट पहुंच गईं। प्रेमचंद वाली ‘बूढी काकी’ भी यह दृश्य देखती तो उनकी भूख मर जाती। कलेक्टर साहब को पता चला तो चेंबर से बाहर आए और खड़े रहकर कोकू देवी का काम कराया। 2. जलदाय मंत्री ने अच्छे-अच्छों को पानी पिलाया जलदाय मंत्री कन्हैया लाल ने दो महीने पहले जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार पर बड़ी बात कही थी। उन्होंने कहा था- हालात इतने नाजुक हैं कि भ्रष्ट अफसरों की जांच करने लगे तो मेरा पूरा विभाग ही खाली हो जाएगा। जलदाय मंत्री होने के नाते उन्हें पता है कि कौन कितने पानी में है। उन्होंने भ्रष्ट अफसरों को सख्त चेतावनी भी दी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर जी ने जलदाय मंत्री की तारीफ कुछ अलग अंदाज में की। टोंक में समाज की एक सभा के दौरान दिलावर बोले- ये कन्हैया लाल कोई सामान्य व्यक्ति नहीं है। इन्होंने अच्छे अच्छों को पानी पिलाया है। चाहे कोई दादा हो, परदादा हो। या कोई नेता हो। सबको अच्छा पानी पिलाया है। इनके सामने कोई टिकता नहीं। अब मंत्रीजी का तो काम ही है पानी पिलाना। पानी पिलाते रहना चाहिए और अपनी ही आस्तीनों को झाड़ते रहना चाहिए। इससे इर्द-गिर्द भ्रष्टाचार नहीं पनपता। 3. चलते-चलते.. पूर्व मंत्रीजी ने एक सभा में कहा था- एक दिन आएगा जब कलेक्टर का बेटा कहेगा कि बड़ा होकर मैं किसान बनूंगा। 100 प्रतिशत सही बात है। संभव है कि आने वाले समय में कलेक्टर का बेटा ही किसान बने। मंत्री का बेटा किसान बने। विधायक का बेटा किसान बने। अफसर का बेटा किसान बने। किसान बनकर सब्सिडी लेने में आसानी रहती है। बड़े प्रोजेक्ट मिल जाते हैं। खेत पैसा उगाने के कारखाने बन जाते हैं। सरकारी स्कीम में जल्दी नंबर आ जाता है। और भी हजार फायदे हैं। किसान का बेटा अगर किसान बनेगा तो उसे यूरिया के कट्‌टे के लिए लाठी खानी पड़ेगी। कृषि कनेक्शन के लिए चप्पल घिसनी पड़ेगी। फसल के मुआवजे के लिए गिरदावरों-पटवारियों को घूस खिलानी पड़ेगी। बच्चों को पढ़ाने के लिए कर्ज लेना पड़ेगा। बाड़मेर के बीसूकलां गांव में सीताराम की ढाणी है। किसान गोरख दान अपने खेत पर पहुंचा तो खाकी वर्दी पहने सुरक्षाकर्मियों ने दूर से ही उसे हड़काया। बोले- अरे ओ, बाहर निकलो यहां से। कई सुरक्षाकर्मी गोरख दान को घेरने पहुंच गए। जैसे वह बॉर्डर लांघ कर घुस आया हो। प्राइवेट कंपनी गोरख दान के खेत को काम में ले रही थी लेकिन मुआवजा नहीं दे रही थी। गोरख दान खेत का मालिक होने के बावजूद हाथ जोड़कर बोला- साहब, मैं आपसे यही निवेदन करने आया हूं कि आप मेरे खेत में काम मत करवाओ। इनपुट सहयोग- भरत सांखला (जालोर), महावीर बैरवा (टोंक), विजय कुमार (बाड़मेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा में भारी बारिश, सड़कें जाम, गाड़ियां फंसीं:डूंगरपुर में बिजली गिरने से बच्चे की मौत, बीसलपुर बांध में 2CM बढ़ा पानी

लेट आया मानसून राजस्थान में जमकर बरस रहा। राजधानी जयपुर में गुरुवार रात तेज बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ जिले 12 घंटे में ढाई इंच तक पानी बरसा है। जिले के निंबाहेड़ा और कपासन में भारी बारिश से हालत बिगड़ गए हैं। बांसवाड़ा शहर में शुक्रवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया है। टोंक में भी बारिश हुई। यहां चांदसेन रेन गेज सेंटर पर 24 घंटे में 64 MM बारिश दर्ज की गई। बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में बारिश से बांध में 24 घंटे में 2 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। सुबह 6 बजे तक बांध का जलस्तर 313.57 आरएल मीटर पहुंच गया। मौसम विभाग ने कोटा, बारां और झालावाड़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, जैसलमेर को छोड़कर पूरे राजस्थान में यलो अलर्ट है। राज्य में अगले दो सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण दिन के तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट हुई है। इससे पहले गुरुवार को 16 से ज्यादा जिलों में 2 इंच तक बरसात हुई। तेज बारिश के बीच डूंगरपुर में बिजली गिरने से दो नाबालिग भाई झुलस गए। इनमें एक भाई की इलाज के दौरान मौत हो गई। बारिश से जुड़े बड़े अपडेट्स शहरी इलाकों में पानी भरा, रास्ते जाम, बिजली गिरी: तेज बारिश के कारण चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद के शहर इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया है। इन जिलों के कई गांव भी पानी जमा होने से लोगों को परेशानी हो रही है। चित्तौड़गढ़ की कपासन और निंबाहेड़ा तहसील में रातभर हुई बारिश के कारण कई रास्ते जाम हो गए हैं। गाड़ियां फंसने से लोग परेशान हो रहे हैं। वहीं, डूंगरपुर में गुरुवार शाम को बिजली गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई। पहले ही दिन 2 इंच से ज्यादा बरसात: गुरुवार को एंट्री करने के बाद मानसून का असर जोरदार रहा। पहले दिन ही अलवर, झुंझुनूं, सीकर, उदयपुर, भरतपुर, करौली, अजमेर के कई इलाकों में दो इंच से ज्यादा बरसात हुई है। झालावाड़, बारां में तेज बारिश हुई। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है तथा अगले चार दिन में यह पूरे राजस्थान को कवर कर लेगा। लगातार बारिश से तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट हुई है। मानसून की एंट्री तेज बारिश के साथ: दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, कोटा, बारां समेत 13 जिलों के कुछ हिस्सों तक पहुंचा है। पिछले 13 वर्षों में यह तीसरी बार है, जब मानसून ने जुलाई में प्रदेश में प्रवेश किया है। इससे पहले वर्ष 2014 और 2019 में भी मानसून ने जुलाई में प्रदेश में प्रवेश किया था। हालांकि, जुलाई में एंट्री के बावजूद वर्ष 2014 में 518.6 मिमी और वर्ष 2019 में 747.24 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। अब देखिए- राजस्थान में बारिश की PHOTOS… मानसून की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

फायरिंग के आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़:रेवाड़ी में दो बदमाशों को गोलियां लगीं; सब इंस्पेक्टर की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी गोली

हरियाणा के रेवाड़ी में गुरुवार-शुक्रवार देर रात पुलिस और दो बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। जड़थल गांव के पास हुई इस मुठभेड़ में बदमाशों की गोली एक सब इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों बदमाशों के पैर में गोली मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपियों की पहचान रेवाड़ी के बोलनी निवासी मोहन और राजस्थान के खुशखेड़ा निवासी गोविंद के रूप में हुई है। दोनों पर हत्या, हत्या के प्रयास, फिरौती, लूट, डकैती और चोरी समेत 25 से अधिक मामले दर्ज हैं। 28 जून को आरोपियों ने बखापुर गांव में फायरिंग की थी। मुठभेड़ के बाद की तस्वीरें… अब सिलसिलेवार पढ़िए, क्या है पूरा मामला… बखापुर फायरिंग केस के आरोपियों की मिली थी सूचना DSP क्राइम सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि बखापुर गांव निवासी रतिराम ने 28 जून को कसौला थाना पुलिस में शिकायत दी थी कि पल्सर बाइक पर सवार तीन युवक गांव में आए और फायरिंग कर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। गुरुवार रात को धारूहेड़ा CIA को सूचना मिली थी कि 28 जून को बखापुर गांव में हुई फायरिंग के आरोपी कच्चे रास्ते से रावता से जड़थल की ओर जा रहे हैं। रुकने का इशारा करते ही पुलिस पर की फायरिंग सूचना मिलते ही CIA प्रभारी योगेश अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रास्ते पर नाकेबंदी कर दी। नाकेबंदी के दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। एक गोली SI फखरूद्दीन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश घायल पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने मौके पर ही दोनों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए रेवाड़ी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही DSP हेडक्वार्टर रविंद्र कुमार, DSP क्राइम सुरेंद्र श्योराण, शहर थाना प्रभारी सूबे सिंह और गोकलगेट चौकी प्रभारी नरेश पुलिस टीम के साथ ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एक और मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड घायल आरोपियों की पहचान मोहन और गोविंद के रूप में हुई। मोहन पर हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, फिरौती और चोरी के 8-9 मामले दर्ज हैं। वहीं गोविंद के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और फिरौती समेत 14-15 मामले दर्ज हैं।

हिस्ट्रीशीटर सलमान गद्दी समेत 5 बदमाश गिरफ्तार:मारपीट के मामले में फरार चल रहे एक लाख के इनामी अपराधी को दबोचा, देसी कट्टा और लाठी-डंडे बरामद

कानोता थाना पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर और इनामी अपराधी सलमान खान उर्फ सलमान गद्दी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सलमान के कब्जे से एक देसी कट्टा भी बरामद किया है, जबकि अन्य आरोपियों से लाठी-डंडे जब्त किए गए हैं। आरोपी मारपीट और हथियारों से हमला करने के मामले में नामजद थें। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि 11 जून को पीड़ित ने कानोता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जून को आरोपियों ने उसे और उसके भाई को धमकाया था। इसके बाद 10 जून की रात करीब 8 बजे सलमान गद्दी, शाहरुख गद्दी, सोहेल गद्दी, रफीक गद्दी, आसिफ गद्दी सहित 15-20 अन्य लोगों ने लाठी-डंडों, सरियों और पिस्टल के साथ हमला कर गंभीर मारपीट की। इस संबंध में कानोता थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से गिरफ्तारी जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर तंत्र की मदद से फरार आरोपियों का पता लगाया। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर और इनामी अपराधी सलमान खान उर्फ सलमान गद्दी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक देसी कट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने इस कार्रवाई में रफीक खान, शाहरुख खान, नासिर खान और धनराज बैरवा उर्फ छोटू को भी गिरफ्तार किया है। इससे पहले इसी मामले में सोहेल खान और आसिफ खान को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई संगीन मामलों में आरोपी है सलमान कानोता थाना प्रभारी मुनीन्द्र सिंह ने बताया कि सलमान गद्दी गंगापुर सिटी के उदेई मोड़ थाने का हिस्ट्रीशीटर और इनामी अपराधी है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा वह गंगापुर सिटी के एक अन्य गंभीर मामले में भी फरार चल रहा था। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

हाईकोर्ट ने पूछा- राज्य पशु ऊंट की संख्या कम क्यों:पशुपालन निदेशक को किया तलब, हाथियों की दुर्दशा पर PCCF को बुलाया

राजस्थान के राज्य पशु ऊंट की संख्या में लगातार हो रही कमी और जयपुर के हाथी गांव में हाथियों की दुर्दशा को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने आगामी 5 अगस्त को पशुपालन निदेशक को तलब करते हुए यह बताने के लिए कहा है कि प्रदेश में ऊंटों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार क्या कदम उठा रही है। वहीं, जयपुर के हाथी गांव में हाथियों को केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार खुराक और चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने से जुड़े मामले में वन विभाग का स्पष्ट जवाब न आने पर अदालत ने नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) को आगामी 23 जुलाई को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। ये दोनों आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने आज स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। गौशाला की तरह ऊंटशाला क्यों नहीं? हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा- जिस तरह गायों के संरक्षण के लिए गौशालाएं हैं, वैसे ही ऊंटों के लिए कोई ऊंटशाला क्यों नहीं है? सुनवाई के दौरान न्यायमित्र (Amicus Curiae) प्रतीक कासलीवाल ने अदालत को बताया कि साल 2015 में सरकार ऊंटों के संरक्षण के लिए कानून लेकर आई थी, लेकिन इस कानून के बनने के बाद से ही प्रदेश में लगातार ऊंटों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। क्रूरता के चलते हथिनी की मौत हुई
हाथी गांव में हाथियों की दुर्दशा को लेकर न्याय मित्र एडवोकेट शोभित तिवाड़ी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2008 में हाथियों के संरक्षण व कल्याण के लिए दिशा-निर्देश बनाए थे। इन दिशा-निर्देशों की पालना में हाथी गांव की क्या स्थिति है,यही इस याचिका का मूल उद्देश्य है। लेकिन राज्य सरकार इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रही है। उन्होने कहा कि इससे पहले मई में आईपीएल मैच के दौरान चंचल नाम की हथिनी को गुलाबी रंग से रंग दिया था। इस क्रूरता के कारण उस ​हथिनी की मौत हो गई थी। जबकि एक दूसरी हथिनी को सरकार स्वस्थ बता रही है। जबकि सच्चाई यह है कि बीमारी के कारण उसे जामनगर के वंतारा में भेजा गया है। इससे साफ है कि हाथियों की उचित देखभाल नहीं हो रही है। ——– यह खबर भी पढ़िए सरकार को मिली 16 साल के हाथी ‘मोहन’ की कस्टडी:हाईकोर्ट ने कहा- खानपान-हेल्थ का ध्यान रखें; असम से अवैध तरीके से लाए थे जयपुर असम से मार्च में जयपुर लाए गए 16 साल के हाथी ‘मोहन’ की कस्टडी सरकार के पास ही रहेगी। हाईकोर्ट ने सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाथी की कस्टडी महावत को देने के आदेश पर रोक लगा दी है। पढ़ें पूरी खबर