सांवलिया सेठ को चढ़ाया चांदी का बैट:चित्तौड़गढ़ के कुशाग्र भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम शामिल: श्रीलंका दौरे पर पहुंचे
चित्तौड़गढ़ में बस्सी के 19 साल के क्रिकेटर कुशाग्र ओझा का चयन भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में हुआ है। परिवार ने गुरुवार को सांवलिया सेठ के दरबार में 500 ग्राम चांदी का बैट चढ़ाया। कुशाग्र के पिता ने बताया कि बेटे के चयन के लिए मन्नत मांगी थी। सांवलिया सेठ को अर्पित सिल्वर बैट.. श्रीलंका में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रार्थना कुशाग्र के पिता ओमप्रकाश जयपुर में HDFC बैंक में मैनेजर हैं। उन्होंने बताया- कुशाग्र 30 जून को ही टीम के साथ श्रीलंका के दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं। चांदी का बैट चढ़ाकर भगवान से कुशाग्र के श्रीलंका में बेहतरीन प्रदर्शन की प्रार्थना की है। उन्होंने बताया- कुशाग्र का चयन भारतीय अंडर-19 पुरुष क्रिकेट की वनडे और टेस्ट दोनों टीमों में हुआ है। पहला मुकाबला 4 जुलाई को खेला जाएगा। आशा है कि कुशाग्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करेंगे और भारतीय टीम में अपनी जगह बनाने का दावा मजबूत कर लेंगे। उनके चयन से बस्सी के साथ-साथ पूरे जिले में खुशी का माहौल है। लोग बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं। तीसरी कक्षा से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर कुशाग्र ओझा का जन्म साल 2006 में जयपुर में हुआ था और फिलहाल उनकी उम्र 19 साल है। परिवार ने बताया कि जब वह तीसरी कक्षा में पढ़ते थे, तभी से क्रिकेट खेलने का शौक था। स्कूल के दिनों में जयपुर से क्रिकेट की शुरुआत हुई और बाद में उन्होंने नियमित कोचिंग लेना शुरू किया। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून शुरू से ही साफ दिखाई देता था। परिवार के अनुसार उनका एक ही सपना था कि एक दिन भारतीय टीम की जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करें। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने लगातार मेहनत की और अपने प्रदर्शन में सुधार करते रहे। कूच बिहार ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद मिली बड़ी सफलता पिता ओमप्रकाश ओझा ने बताया कि कुशाग्र ने हाल ही में कूच बिहार ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें बेंगलुरु में आगे की ट्रेनिंग और कोचिंग का मौका मिला। लगातार बेहतर खेल के दम पर आखिरकार उनका चयन भारतीय अंडर-19 टीम में हो गया। पिता जयपुर के एचडीएफसी बैंक में मैनेजर हैं, जबकि मां निशा ओझा गृहिणी हैं। परिवार अब पूरी तरह से जयपुर शिफ्ट हो चुका है। परिवार का कहना है कि बेटे ने हमेशा क्रिकेट को ही अपना लक्ष्य माना और उसी दिशा में मेहनत करता रहा। अब भारतीय टीम में चयन होने से सालों की मेहनत सफल हुई है। परिवार को भरोसा है कि कुशाग्र श्रीलंका दौरे पर भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे और भविष्य में सीनियर भारतीय टीम तक पहुंचने का अपना सपना भी पूरा करेंगे।

