पिता बोले-बेटी हत्या करना चाहती है:दावा-5 लाख की सुपारी दी, 55 तोला सोना लेकर भागी थी

बांसवाड़ा जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र में एक पिता ने अपनी ही बेटी पर हत्या की सुपारी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि उसकी बेटी ने एक महिला के साथ मिलकर उसकी हत्या के लिए 5 लाख रुपए की सुपारी दी थी। इतना ही नहीं, बेटी पर घर से करीब 55 तोला सोना लेकर फरार होने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) को परिवाद देने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला 25 मई की घटना से जुड़ा है। कार ड्राइवर ने बताया- आपकी हत्या की सुपारी मिली है गढ़ी निवासी अजीज पुत्र सिद्धिक शेख ने रिपोर्ट में बताया – 25 मई की सुबह वह हिम्मतनगर जाने के लिए गढ़ी बस स्टैंड पर खड़ा था। इसी दौरान बांसवाड़ा निवासी कार ड्राइवर सिकंदर ने हिम्मतनगर छोड़ने की बात कहकर उसे कार में बैठा लिया। हिम्मतनगर पहुंचने पर ड्राइवर ने बताया कि गढ़ी निवासी महिला नीता भाटिया और उसकी बेटी आशमा ने उसकी हत्या के लिए 5 लाख रुपए की सुपारी दी है। ‘हत्या नहीं करूंगा, फोटो भेजकर कह दूंगा काम हो गया’ रिपोर्ट के अनुसार ड्राइवर सिकंदर ने अजीज से कहा कि वह उसकी हत्या नहीं करेगा, लेकिन सुपारी की रकम लेने के लिए उसकी फोटो खींचकर दोनों महिलाओं को भेज देगा और कह देगा कि ‘काम हो गया’। आरोप है कि नीता भाटिया ने ड्राइवर से कहा था कि शव पर कार चढ़ाकर सिर कुचलने की फोटो भेजना, तभी पैसे मिलेंगे। ड्राइवर ने ऐसा करने से इनकार कर दिया और अजीज को वापस परतापुर लाकर बेड़वा बस स्टैंड पर छोड़ दिया। पिता का दावा- बेटी ने कबूला, रोक-टोक से थी परेशान अजीज ने बताया कि घर लौटकर उसने बेटी आशमा से इस बारे में पूछताछ की, लेकिन शुरुआत में उसने आरोपों से इनकार किया। पुलिस में शिकायत की बात कहने पर आशमा ने कथित तौर पर कहा कि वह अपनी मर्जी से जीवन जीना चाहती थी और पिता की रोक-टोक से परेशान थी। पीड़ित का आरोप है कि नीता भाटिया ने आशमा को हत्या के लिए उकसाया और दोनों ने मिलकर सुपारी देने की योजना बनाई। 55 तोला सोना गायब मिला, कार्रवाई नहीं होने पर एसपी से लगाई गुहार रिपोर्ट में अजीज ने दावा किया कि हत्या की साजिश के लिए उसकी बेटी ने घर में रखा करीब 55 तोला सोना भी नीता भाटिया को दे दिया। जब उसने घर में जांच की तो आभूषण गायब मिले। उसका आरोप है कि 11 जून को गढ़ी थाने में शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को परिवाद दिया, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच की जिम्मेदारी थानाधिकारी रमेश मीणा को सौंपी गई है। थानाधिकारी बोले- रिपोर्ट और परिवाद में अलग-अलग तथ्य गढ़ी थानाधिकारी रमेशचंद्र मीणा ने बताया – पीड़ित ने पहले थाने में रिपोर्ट दी थी। बाद में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को परिवाद दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट और परिवाद में कुछ तथ्य अलग-अलग हैं। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

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