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हरियाणा-यात्रियों से भरी टूरिस्ट बस पलटी, दरवाजे जाम हुए:कई अंदर फंसे, राहगीरों ने शीशे तोड़कर बाहर निकाला; दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगा जाम

हरियाणा के नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार दोपहर एक टूरिस्ट बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह हादसा सदर थाना फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के गांव बघोला के पास हुआ। बस पलटने से यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे से गुजर रहे राहगीर और आसपास के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। बस के दरवाजे क्षतिग्रस्त होने के कारण जाम हो गए। इसके बाद लोगों ने शीशे तोड़कर एक-एक कर यात्रियों को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 7 यात्रियों को चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर सदर थाना फिरोजपुर झिरका पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य संभाला। घायल यात्रियों को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज किया गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर जाम भी लग गया। पुलिस ने टूरिस्ट बस को किसी तरह सड़क किनारे कराकर ट्रैफिक सुचारु कराया। टूरिस्ट बस हादसे के कुछ PHOTOS… यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा… हादसे का कारण पता कर रही पुलिस थाना सदर फिरोजपुर झिरका प्रभारी सुभाष चंद्र ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होने के कारण पलटी। कुछ लोग ड्राइवर के नशे में होने की बात भी कह रहे थे। फिलहाल, राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में किसी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस द्वारा हादसे के वास्तविक कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। ————————– सड़क हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… घायल ड्राइवर-हेल्पर को तड़पता छोड़ लोगों ने लूट लिए आम,VIDEO:गुरुग्राम में बेकाबू होकर पलटा पिकअप, हाईवे पर बिखरीं पेटियां; थैलों में भरकर ले गए हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे-48 पर आम से भरा एक पिकअप बेकाबू होकर पलट गया। इस हादसे हादसे में जहां पिकअप ड्राइवर और हेल्पर घायल हो गए, वहीं इसमें लदे आम सड़क पर बिखर गए। हादसा देख वहां से गुजर रहे लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। (पूरी खबर पढ़ें)

भीलवाड़ा में लगी लोक अदालत, चेक बाउंस मामलों का निस्तारण:13 बेंचों पर हुए राजीनामे के प्रयास, हाथों-हाथ निपटाए मामलें

भीलवाड़ा में चेक बाउंस से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए आज 18 जुलाई को लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन ने बताया कि लोक अदालत के लिए जिले में 13 बेंचों का गठन किया, इनमें अपर जिला न्यायाधीश स्तर के अधिकारी व अनुभवी अधिवक्ता पक्षकारों में समझौता कराने का प्रयास कर रहे हैं। प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने बताया कि लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से ही राजीनामा कराया जा रहा है। इसमें कई सालों से लंबित मामले रखे गए हैं, जिनका निस्तारण नहीं हो पा रहा था। स्पेशल कोर्ट में ज्यादा से ज्यादा मामले निस्तारित होंगे लोक अदालत सदस्य शांति लाल जैन ने बताया की प्रदेश में चेक अनादरण के बढ़ते हुए मामलों, उनकी पेंडेंसी और उनके निस्तारण के लिए रालसा के निर्देश पर चेक बाउंस से जुड़े मामलों के निस्तारण आज लोक अदालत स्पेशल कोर्ट के द्वारा किए जा रहे हैं। इसको ध्यान में रखते हुए स्पेशल कोर्ट लगाई गई है। इस स्पेशल कोर्ट में का मूल उद्देश्य है कि अधिक से अधिक केसों का निस्तारण हो। अब तक 105 केस निस्तारित हो चुके हैं और संभावना है कि कुछ केस शाम तक और निस्तारित किए जा सकेंगे। स

हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी में ट्रांसफार्मर में लगी आग:धमाके के बाद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित, कोई जनहानि नहीं

धौलपुर की हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी में देर रात एक बिजली ट्रांसफार्मर में आग लग गई। आग लगने के कुछ ही देर बाद ट्रांसफार्मर में जोरदार धमाका हुआ, जिससे वह पूरी तरह जलकर राख हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि ट्रांसफार्मर जलने से पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार देर रात अचानक ट्रांसफार्मर से धुआं निकलने लगा। इसके कुछ ही क्षण बाद एक तेज धमाका हुआ और ट्रांसफार्मर में आग लग गई। आग की लपटें तेजी से फैलीं और पूरे ट्रांसफार्मर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। घटना के बाद बिजली विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर का निरीक्षण किया। विभाग ने नया ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रांसफार्मर जलने के कारण हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। स्थानीय निवासियों ने जल्द से जल्द बिजली बहाल करने की मांग की है, जिस पर विभाग ने शीघ्र आपूर्ति सामान्य करने का आश्वासन दिया है।

भाजपा नेता के घर 3-करोड़ कैश, प्रॉपर्टी के डॉक्युमेंट्स मिले:चांडक के 8 ठिकानों पर ED का छापा, बजरी खनन के ठेके में 131 करोड़ के गबन का आरोप

भाजपा नेता और शराब कारोबारी अशोक चांडक के ठिकानों पर ED ने देर रात तक कार्रवाई की। इसमें अशोक चांडक की कंपनी महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड पर बिहार में अवैध बालू खनन के मामले में 131 करोड़ के गबन का आरोप है। वहीं कार्रवाई में ED को चांडक के ठिकानों से 3 करोड़ कैश, 50 से ज्यादा जमीनों-प्रॉपर्टी के डॉक्युमेंट्स और कई संदिग्ध लेन-देन के रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। शुक्रवार सुबह से पहुंची टीमों ने अशोक चांडक और उनके रिश्तेदारों के 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जानकारी के अनुसार, अशोक चांडक की कंपनी महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड पर बिहार में अवैध बालू खनन में 131 करोड़ के गबन का आरोप है। बिहार खान एवं भू-तत्व विभाग ने कंपनी पर अवैध बालू खनन का केस भी दर्ज कराया है। 21 अगस्त 2025 को दर्ज FIR के आधार पर ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह कार्रवाई की। ED की टीमों ने श्रीगंगानगर में 4, जयपुर में 1, दिल्ली, पटना और बांका जिले में मिलाकर कुल 8 ठिकानों पर छापे मारे। अशोक चांडक के ससुराल जयपुर में भी ED की टीम पहुंची। छापेमारी के दौरान डिजिटल दस्तावेज, लेन-देन के रिकॉर्ड और खनन से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात भी जब्त किए गए। अशोक चांडक महादेव सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज बैटिंग ऐप से भी जुड़े हुए हैं।
डॉक्युमेंट्स से होगी आगे की कार्रवाई जानकारी के अनुसार, इन ऐप्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने हाल ही में EBIX के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद ऐप से जुड़े सहयोगियों और निवेशकों पर छापेमारी की जा रही है। वहीं, रायपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट ने विकास गर्ग को 24 जुलाई तक ED की रिमांड पर भेजा है। ED का दावा है कि अवैध कमाई को फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPI) और फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) के जरिए लॉन्ड्रिंग किया गया। इसके बाद इस पैसे का इस्तेमाल लिस्टेड कंपनियों में किया गया और करीब 1,175 करोड़ रुपए में अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc. की हिस्सेदारी खरीदी गई। इस पूरे सिलसिले में दुबई, मॉरीशस और अमेरिका के रास्ते पैसे को घुमाया गया। ED अब इस बात की जांच कर रही है कि अवैध खनन और सट्टा ऐप से प्राप्त धन को अशोक चांडक ने कहां-कहां खपाया। छापेमारी में मिले दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है। भाजपा नेता के श्रीगंगानगर-जयपुर के ठिकानों पर ED की छापेमारी:विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी थे, भाई और पत्नी नगर परिषद चेयरमैन रहे राजस्थान भाजपा के नेता और शराब कारोबारी अशोक चांडक के यहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी है। पढ़ें पूरी खबर…

खजाना-मिलने का दावा करने वाले के दादा बड़े व्यापारी थे:मुंबई में 'जीडी मावा वाला एंड कंपनी' चलाते थे, पोते की रिपोर्ट पर पुलिस करेगी सोने-चांदी की जांच

जयपुर में त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता इलाके की एक पुश्तैनी हवेली में करोड़ों का खजाना मिलने का दावा किया गया। खजाने में दबे सोने से भरे कलश और 45 किलो चांदी को खुर्द-बुर्द करने को लेकर पुलिस में रिपोर्ट दी गई है। हवेली मालिक राहुल सेठी ने माणकचौक थाने मामला दर्ज कराया है। जिसमें बताया कि उनकी हवेली की खुदाई के दौरान ठेकेदार को खजाना मिला है, जिसे ठेकेदार और उसके साथियों ने करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के आपस में बांट लिए। ठेकेदार ने दावा किया है कि उसके पास दो वीडियो हैं, जिनमें आरोपी यहां मिले खजाने की बात कर रहे हैं। हालांकि, खजाना मिलने के दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। भास्कर टीम ने की मौके पर पड़ताल मामले की सच्चाई जानने के लिए भास्कर टीम त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता स्थित प्लॉट नंबर 630 पर पहुंची, जहां से खजाना मिलने और उसके गायब होने का मुकदमा दर्ज हुआ है। मौके पर चार मंजिला नया भवन बना मिला, जिसके बाहर फिनिशिंग का काम चल रहा था। टीम ने हवेली मालिक राहुल सेठी से संपर्क करने का प्रयास भी किया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। करीब 6 घंटे तक मौके पर पड़ताल के दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत में कई अहम जानकारियां सामने आईं। 1970 के दशक के बड़े सेठ थे बद्रीनारायण सेठी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर एक स्थानीय निवासी ने बताया कि राहुल सेठी के दादा बद्रीनारायण सेठी 1970 के दशक में जयपुर और मुंबई के बड़े व्यापारियों में गिने जाते थे। उनके दादा अक्सर बताया करते थे कि उन्होंने बद्रीनारायण सेठी के यहां सोने-चांदी की ईंटें और अथाह धन-दौलत अपनी आंखों से देखी थी। स्थानीय लोगों के अनुसार बद्रीनारायण सेठी मुंबई में “जीडी मावा वाला एंड कंपनी” नाम से मिठाई के बड़े कारोबारी थे और उनका व्यापार काफी फेमस था। परिवार का व्यापारिक इतिहास जानकारी के अनुसार बद्रीनारायण सेठी ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से उनके बड़े पुत्र दुर्गालाल सेठी और दूसरी पत्नी से घनश्याम सेठी हुए। घनश्याम सेठी के दो पुत्र तरुण सेठी और राहुल सेठी हैं, जबकि दुर्गालाल सेठी के पुत्र अनिल सेठी हैं। पूरा परिवार लंबे समय से प्रतिष्ठित व्यापारिक परिवार के रूप में पहचाना जाता है। स्थानीय लोगों ने भी खजाने की चर्चा की पुष्टि की स्थानीय निवासी रामवतार बोहरा ने बताया कि उनका मकान सेठी परिवार की हवेली के सामने ही है। करीब एक साल पहले इस पुश्तैनी हवेली को तोड़ने का काम शुरू हुआ था। पहले यहां बहुत बड़ी हवेली थी, जिसे तोड़ने में लगभग चार से छह महीने का समय लगा। इसके बाद नया भवन बनाया गया। उन्होंने बताया कि इलाके में लंबे समय से चर्चा है कि हवेली की खुदाई के दौरान खजाना मिला था। उनका कहना है कि बद्रीनारायण सेठी आज के नहीं बल्कि आजादी से पहले के दौर के बड़े रईस थे और मुंबई में उनका बड़ा कारोबार था। ऐसे में लोगों को यह संभावना लगती है कि हवेली में कोई पुराना खजाना दबा हो सकता है। हालांकि उन्होंने भी स्पष्ट किया कि यह बातें सुनने में आई हैं और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विद्याधर के रास्ता का ऐतिहासिक महत्व जिस इलाके में कथित खजाना मिलने का दावा किया गया है, उसका अपना ऐतिहासिक महत्व भी है। जयपुर शहर के वास्तुकार पंडित विद्याधर शास्त्री के नाम पर इस मार्ग का नाम विद्याधर का रास्ता रखा गया था। यह क्षेत्र जयपुर के सबसे पुराने इलाकों में गिना जाता है और यहां कई ऐतिहासिक हवेलियां आज भी मौजूद हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सेठी परिवार भी इस क्षेत्र के पुराने और समृद्ध परिवारों में शामिल रहा है। राहुल सेठी ने रिपोर्ट में क्या लगाए आरोप राहुल सेठी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पुश्तैनी हवेली को तोड़कर नया भवन बनाने का ठेका डिवाइन-1 एलएलपी के माध्यम से दिया गया था। तोड़ाई का कार्य ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को सौंपा गया था। उन्होंने बताया कि कार्य शुरू होने से पहले ठेकेदार को साफ निर्देश दिए गए थे कि यदि भवन की नींव, दीवारों या मलबे से कोई कीमती वस्तु, पुरानी संपत्ति या धन मिले तो उसे परिवार को सौंपा जाएगा। 45 किलो चांदी, 15 स्वर्ण कलश और हजारों सिक्के मिलने का दावा एफआईआर के अनुसार हवेली को तुड़वाने के दौरान करीब 40 से 45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14 से 15 स्वर्ण कलश, 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं मिलीं। आरोप है कि ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू पुत्र नेनूराम निवासी मंडी खटीकान मालियों का मोहल्ला ने अपने सहयोगियों अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान और पप्पू अजमेरा के साथ मिलकर यह पूरी संपत्ति मालिक को बताए बिना आपस में बांट ली और खुर्द-बुर्द कर दी। मजदूर ने खोला पूरा राज शिकायतकर्ता राहुल सेठी का कहना है कि हवेली में काम करने वाले एक मजदूर ने बाद में पूरी घटना की जानकारी दी। मजदूर के खुलासे के बाद उन्हें दो अहम वीडियो भी मिले। एक वीडियो अनुज का बताया गया है, जबकि दूसरा वीडियो ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू और उसके सहयोगी जगदीश का बताया जा रहा है। परिवादी का दावा है कि इन वीडियो में कथित रूप से मिली बहुमूल्य संपत्ति का जिक्र किया गया है। दोनों वीडियो पेन ड्राइव में सुरक्षित कर पुलिस को सौंप दिए गए हैं। माणकचौक थाने में एफआईआर दर्ज राहुल सेठी की शिकायत पर माणकचौक थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पेन ड्राइव और अन्य साक्ष्य ले लिए हैं और वीडियो की फॉरेंसिक जांच सहित सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी बोले- हर पहलू की होगी जांच माणकचौक थानाधिकारी राकेश खयालिया ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। वीडियो की सत्यता, संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई फिलहाल मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह मामला पूरे जयपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर शिकायतकर्ता करोड़ों रुपए के खजाने के गायब होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग भी हवेली और सेठी परिवार की समृद्ध विरासत का हवाला दे रहे हैं। हालांकि, खजाना वास्तविकता में मिला था या नहीं। यदि मिला तो उसका क्या हुआ? इसका खुलासा अब पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल के बाद ही हो सकेगा।

कोटा में अंतर्राज्यीय 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार:बिहार तक फैला था ठगी का जाल; शादी के 2 दिन बाद ही फरार हो जाती थीं दुल्हनें

कोटा में रामगंजमंडी थाना पुलिस ने अंतर्राज्यीय ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार तक फैला हुआ था और अविवाहित एवं उम्रदराज युवकों को शादी का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाता था। इस गिरोह द्वारा पहले मंदिर में शादी करवाई जाती थी। फिर शादी के महज दो दिन बाद ही दुल्हनें अपने माता-पिता की बीमारी का बहाना बनाकर फरार हो जाती थीं। इतना ही नहीं, जिन महिलाओं की शादी करवाई जाती थी, वे पहले से ही शादीशुदा होती थीं। एसपी सुजीत शंकर ने शनिवार को मामले का खुलासा किया है। 3 पॉइंट में समझिए ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह के ठगी की पूरी कहानी… 1. मंदिर में शादी रचाकर 2 दिन में हो जाती थीं फरार कोटा जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुजीत शंकर ने बताया कि रामगंजमंडी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार तक फैला हुआ था, जो अविवाहित और उम्रदराज युवकों को निशाना बनाता था। गिरोह के दलाल पहले लड़कों को लड़कियों की तस्वीरें दिखाते थे और फिर झारखंड से युवतियों को बुलाकर मंदिर में नकली शादी करवा देते थे। शादी के नाम पर पीड़ितों से एक से दो लाख रुपये ऐंठे जाते थे, लेकिन शादी के महज एक-दो दिन बाद ही ये दुल्हनें (जो पहले से ही शादीशुदा होती थीं) अपने माता-पिता की बीमारी का झूठा बहाना बनाकर गहने और नकदी समेटकर फरार हो जाती थीं। 2. दो शिकायतों से शुरू हुई जांच एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश दो अलग-अलग पीड़ितों की शिकायतों के बाद हुआ। पहली शिकायत 13 जुलाई को सांडपुरा निवासी दिनेश कुमार ने दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि गिरोह ने उनके साथ नकली शादी करवाकर पैसों की बड़ी धोखाधड़ी की है। इसके बाद, 16 जुलाई को हिरियाखेड़ी निवासी दिलीप सिंह ने भी इसी तरह की ठगी की शिकायत दर्ज कराई। इन दोनों ही मामलों में आरोपियों ने पीड़ितों को शादी का झांसा देकर लाखों रुपये हड़प लिए थे। इन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने जाल बिछाकर गिरोह के आठ सदस्यों को धर दबोचा। 3. पहले भी कई लोगों को लूट चुका था गिरोह एसपी ने आगे खुलासा किया कि इस गिरोह ने पहले भी कई इलाकों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देकर लाखों रुपये लूटे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह की सदस्य पूजा ने मध्य प्रदेश के मोड़ी हरिपुरा निवासी सुरेश पाटीदार से 1 लाख रुपये, अंजलि ने झालावाड़ के दीपक मीणा से 1 लाख रुपये, शिवानी ने असनावर के टिंकू सिंह से 1.10 लाख रुपये, पिंकी ने अकलेरा के सत्यनारायण से 1.50 लाख रुपये और सुनीता मुखर्जी ने बूंदी के डाबी निवासी धनराज से 1.10 लाख रुपये शादी के नाम पर हड़पे थे। एसपी सुजीत शंकर के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और आशंका है कि इस गिरोह ने अन्य राज्यों में भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

बीकानेर के रोहित की NEET में बनी 226वीं रैंक:चित्रांश दाधीच ने 253वां स्थान हासिल किया, खारी गांव के 6 स्टूडेंट्स का हुआ सिलेक्शन

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से आयोजित NEET-UG 2026 में बीकानेर जिले के 100 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने सफलता हासिल की है। इस बार शहरों के साथ गांवों के स्टूडेंट्स का प्रदर्शन भी शानदार रहा। श्रीकोलायत के खारी गांव से एक साथ छह स्टूडेंट्स का चयन हुआ है, जबकि लूणकरनसर, करमीसर सहित अन्य क्षेत्रों के छात्रों ने भी बेहतर रैंक हासिल की है। मेहराणा की दिव्या को AIR 670 लूणकरनसर के मेहराणा गांव की दिव्या ज्याणी ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 670 हासिल की है। दिव्या को 720 में से 665 अंक मिले हैं। उनके चाचा कृष्ण कुमार ज्याणी आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में दिल्ली में पदस्थापित हैं। रोहित और चित्रांश ने बनाई टॉप रैंक बीकानेर के रोहित सहारण ने ऑल इंडिया रैंक 226 और चित्रांश दाधीच ने 253वीं रैंक हासिल की है। इसके अलावा तीन स्टूडेंट्सने 660 से अधिक अंक, 13 स्टूडेंट्सने 600 से अधिक अंक और 40 स्टूडेंट्स ने 562 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। हिंदी माध्यम के स्टूडेंट्स में ऋषभ गिरिराज शर्मा, संजना बिश्नोई और शिल्पा सहित अन्य छात्रों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। खारी गांव के छह स्टूडेंट्स का चयन श्रीकोलायत तहसील के खारी गांव से एक साथ छह स्टूडेंट्स का NEET में चयन हुआ है। इनमें किसन लाल (AIR 2168), दिनेश कुमावत (AIR 6685), राधेश्याम (AIR 10775), रामस्वरूप (AIR 16998), अनिल कुमावत (AIR 20531) और रुपेश कुमावत (AIR 25318) शामिल हैं। करमीसर के हर्षित का भी चयन करमीसर गांव के हर्षित गाट ने ऑल इंडिया रैंक 11047 हासिल की है। उनके चयन से गांव में खुशी का माहौल है। हर्षिता जोशी ने भी हासिल की सफलता बीकानेर की हर्षिता जोशी ने भी NEET-UG 2026 में सफलता हासिल की है। ऋषिराज जोशी की बेटी हर्षिता की ऑल इंडिया रैंक 11922 रही। कोचिंग संस्थानों ने भी किया चयन का दावा रिजल्ट जारी होने के बाद बीकानेर के कई कोचिंग संस्थानों ने अपने यहां से बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स के चयन का दावा किया है। वहीं गांवों से बड़ी संख्या में स्टूडेंट्सकी सफलता ने जिले में खुशी का माहौल बना दिया है।

नए एडिशनल एसपी जोधा ने जिला मुख्यालय पर संभाला पदभार:बोले- जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी

चित्तौड़गढ़ में नए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) गजेंद्र सिंह जोधा ने शनिवार को जिला मुख्यालय पर पदभार संभाल लिया। कार्यभार ग्रहण करने ​के बाद उन्होंने कहा- जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत रखना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार संगठित अपराध, साइबर अपराध, अवैध खनन, भूमाफिया और दूसरी आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी। अपराध किसी गिरोह के जरिए हो या कोई व्यक्ति अकेले कर रहा हो, कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। खास तौर पर जिले में अवैध खनन को लेकर भी पुलिस पूरी गंभीरता से काम करेगी। जिले की चुनौतियों पर रहेगी नजर गजेंद्र सिंह जोधा ने कहा- चित्तौड़गढ़ में जिन मामलों को लेकर लगातार शिकायतें आती हैं, उन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा- साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए इस पर भी पुलिस की नजर रहेगी। इसके साथ ही अवैध खनन और भूमाफिया जैसी गतिविधियों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा- पुलिस का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखना है ताकि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे। आगे कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पहले भी चित्तौड़गढ़ से जुड़ाव रहा है गजेंद्र सिंह जोधा साल 2015 से अगस्त 2018 तक जिले में डिप्टी एसपी के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इस दौरान उन्होंने जिले के कई थाना क्षेत्रों का काम देखा और यहां की परिस्थितियों को करीब से समझा। यही वजह है कि इस बार एडिशनल एसपी के रूप में लौटने पर उन्हें जिले की कार्यप्रणाली और चुनौतियों की अच्छी जानकारी है। शनिवार को पदभार ग्रहण करने के दौरान शहर डिप्टी बृजेश सिंह सहित पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। कई जिलों में काम करने का अनुभव चित्तौड़गढ़ के बाद गजेंद्र सिंह जोधा की पोस्टिंग अजमेर में डिप्टी एसपी के रूप में हुई। इसके बाद प्रमोशन मिलने पर उनकी पहली पोस्टिंग स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में हुई। बाद में उन्होंने भीलवाड़ा, जयपुर, सीकर और प्रतापगढ़ में भी अपनी सेवाएं दीं। चित्तौड़गढ़ एडिशनल एसपी के रूप में उनका छठा जिला है। अलग-अलग जिलों और एसओजी में काम करने का अनुभव अब चित्तौड़गढ़ में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर प्रभावी कार्रवाई करने में काम आएगा। उन्होंने कहा- पुलिस की कोशिश रहेगी कि हर तरह की आपराधिक गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई हो और जिले में कानून का राज मजबूत बना रहे।

कोटा में 2 दिन बाद फिर एक्टिव होगा मानसून:एक घंटा बारिश के बाद भी गर्मी और उमस से राहत नहीं मिली, आज तेज धूप रही

कोटा और हाड़ौती अंचल में मौसम लगातार बदल रहा है। शुक्रवार को लंबे इंतजार के बाद हुई तेज बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी थी। वहीं, शनिवार सुबह से ही मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली। तेज धूप और हवा में नमी के कारण पूरा शहर उमस की चपेट में है। इससे लोग पसीने से तर-बतर हो रहे है। वहीं, 21 जुलाई से मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेजी से बढ़ेंगी। शुक्रवार को कोटा शहर समेत ग्रामीण इलाकों में करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश दर्ज की गई थी। इससे एक बार तो मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। लेकिन बारिश का यह दौर लंबा नहीं खिंचा। कोटा में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री रहा। गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद थी शुक्रवार को कुल 16.6 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। शुक्रवार की बारिश के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि तापमान में गिरावट आएगी। लेकिन शनिवार सुबह से ही शहर में तेज धूप खिली हुई है। हवा में नमी अधिक होने के कारण उमस का स्तर काफी बढ़ गया है। इससे राहगीर और बाजार आने वाले लोग पसीने से तर-बतर नजर आ रहे हैं। फसलों को मिली संजीवनी, लेकिन कुछ इलाके अब भी सूखे शुक्रवार को कोटा के साथ-साथ कैथून और खेड़ारामपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई अच्छी बारिश पिछले कई दिनों से सूख रही उड़द, सोयाबीन और धान की फसलों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रही। हालांकि, भांडाहेड़ा और चारचौमा जैसे क्षेत्र कल भी सूखे रह गए, जहां किसान आज फिर चिलचिलाती धूप के बीच आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। क्यों बदला मौसम और कब मिलेगी राहत मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) इस समय पश्चिम बंगाल और झारखंड के पास सक्रिय है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ लाइन भी उत्तर भारत की ओर बढ़ रही है। आगामी 21 जुलाई से कोटा संभाग में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेजी से बढ़ेंगी। ऐसे में माना जा रहा है कि कोटावासियों को इस मौजूदा धूप और उमस से जल्द ही बड़ी राहत मिलेगी। मौसम केंद्र के अनुसार मानसून का सिस्टम अभी पूरी तरह सक्रिय है।

गड्ढे में डूबे चचेरे-भाइयों की मौत, परिजन धरने पर बैठे:आर्थिक मुआवजा, नौकरी समेत विभिन्न मांगों पर अड़े

अवैध खनन से बने गड्ढों में डूबने से दो चचेरे भाइयों की मौत के बाद आक्रोशित परिजन बाड़मेर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। आर्थिक मुआवजा व नौकरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन शनिवार को धरना जारी जारी है। शनिवार को बड़ी संख्या में समाज व जनप्रतिनिधि और नेता पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अवैध खनन से जो गड्ढे हुए है एक दो दिन में हुए नहीं है कई साल लगे। इसके बावजूद प्रशासन सो रहा है। इधर पुलिस व प्रशासन लगातार परिजनों और समाज के लोगों से समझाइश करने का प्रयास कर रहा है। परिजनों का आरोप: लीज छोड़ दूसरी जगह की खुदाई जनप्रतिनिधि उदाराम मेघवाल ने बताया- दरूड़ा के अंदर अवैध खनन कर गड्ढे खोदे गए थे। इसमें दो युवकों की जान जाना यह प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। क्रेशर मालिका ने जहां पर लीज ली है वहां पर खुदाई नहीं करके अवैध तरीके से खुदाई की है। प्रशासन को इसको लेकर संज्ञान में लेना चाहिए। शनिवार को धरना स्थल पर पूर्व विधायक मेवाराम जैन, कांग्रेस नेता मांगीलाल वडेरा, आजादसिंह, रिड़मलसिंह दांता, भाजपा नेता लक्ष्मण बडेरा, जनप्रतिनिधि और समाज के लोग मौजूद है। घर से आधा किलोमीटर दूर हुआ हादसा मृतक के चाचा सुरताराम ने बताया कि दरूड़ा गांव निवासी देवराम (18) पुत्र किशनाराम, उसका चचेरा भाई किरताराम (20) पुत्र गणेशकुमार और गांव का ही एक अन्य युवक प्रवीण किसी से मिलने के लिए घर से निकले थे। घर से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित स्टोन क्रेशर के पास पानी से भरे गहरे गड्ढे हैं। वहां से गुजरने के दौरान देवराम का पैर फिसल गया और वह गड्ढे में गिर गया। उसे बचाने के लिए किरताराम ने भी छलांग लगा दी, लेकिन वह भी डूब गया। दोनों को डूबता देख प्रवीण ने परिजनों और आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद जसाई से आर्मी को बुलाया गया। अवैध खनन से बने हैं 50–100 फीट गहरे गड्ढे सुरताराम ने बताया कि दरूड़ा गांव में करीब 20–30 स्टोन क्रेशर संचालित हैं। क्रेशर संचालकों ने अवैध खनन कर जगह-जगह 50–100 फीट गहरे गड्ढे कर दिए हैं। इनमें पानी भरा रहता है। गांव जाने का रास्ता भी इन गड्ढों के पास से होकर गुजरता है, जिससे हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। यह है प्रमुख मांगे पढ़े इससे जुड़ी खबर…. अवैध-खनन से बने गड्ढे में डूबने से चचेरे-भाइयों की मौत:एक का पैर फिसला तो दूसरा बचाने बचाने कूदा था, एक घंटे बाद निकाले जा सके शव बाड़मेर में अवैध खनन से बने गहरे गड्ढे में पैर फिसलने से एक भाई गिर गया, उसे डूबता देख दूसरा भाई बचाने कूदा। मौके पर मौजूद तीसरे साथी ने शोर मचाया, लेकिन तब तक दोनों चचेरे भाई डूब चुके थे। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सेना को सूचना दी। एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों चचेरे भाइयों को बाहर निकाला जा सका। उन्हें जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। (पढ़े पूरी खबर)