सीकर में 8 साल में सबसे लेट मानसून की एंट्री:पिछली बार सामान्य से ज्यादा हुई थी बरसात; इस बार भी अच्छी बारिश की उम्मीद

सीकर में मानूसन की एंट्री हो गई है। पिछले साल 2025 में मानसून ने 29 जून को दस्तक दी थी। इस बार मानसून की 4 दिन देरी से आया है। पिछले 8 साल में मानसून सबसे देरी से आया है। सामान्यत: सीकर जिले में मानसून की एंट्री जून के आखिरी सप्ताह में हो जाती है। इस बार जुलाई में एंट्री हुई है। मानसून भले ही देरी से आया लेकिन मौसम पहले ही बदलने लगा था। जिले के पूर्वी इलाके नीमकाथाना क्षेत्र में मानसूनी हवा की वजह से बारिश शुरू हो गई है। जून महीने में इस बार एक वेदर सिस्टम एक्टिव होने की वजह से 9 दिन बारिश हुई। इसे प्री-मानसून की बारिश माना गया है। जुलाई महीने में सीकर शहर में सामान्य बारिश होती है। इस बार भी सामान्य के आस-पास बारिश होने की संभावना है। 8 साल में सबसे लेट एंट्री सीकर में इस साल मानसून पिछले 8 सालों में सबसे लेट एंट्री कर रहा है। ग्रामीण कृषि सेवा परियोजना के नोडल ऑफिसर डॉ. नरेंद्र पारीक ने बताया कि पिछले साल मानसून ने सीकर में 3-4 जून को एंट्री की थी। पिछले साल के मुकाबले देरी से आया मानसून इस बार मानसून पिछले साल की तुलना में देरी से आया है। 2025 में 3 जून को जिले में मानसून आ गया था। इस बार करीब एक महीना देरी से मानसून ने एंट्री ली है। पिछले 10 साल के आंकड़े देखे तो 2025 से लेकर 2019 तक जून में ही मानूसन आया है।

अजमेर में मानसून की एंट्री: सामान्य से देरी से पहुंचा:बांधों भी बढ़ने लगी पानी की आवक; 10 साल में पिछले साल सबसे ज्यादा बरसात थी

अजमेर में आखिरकार मानसून ने आज दस्तक दे दी है। आमतौर पर जिले में मानसून 26 जून के आसपास सक्रिय हो जाता है। इस बार जुलाई की शुरुआत में मानसून की एंट्री हुई है। शहर के साथ किशनगढ़, पुष्कर, ब्यावर, केकड़ी, सरवाड़, मसूदा और आस-पास के इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार- अगले कुछ दिनों में मानसून और सक्रिय होगा, जिससे जिले में अच्छी बारिश की संभावना है। जुलाई में अच्छी बारिश की संभावना इस बार जून में बारिश सामान्य से कम रही, क्योंकि मानसून की एंट्री देरी से हुई। जुलाई की शुरुआत के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसूनी सिस्टम मजबूत होने से जुलाई में अच्छी बारिश हो सकती है। पिछले दो सालों में जुलाई और पूरे मानसून सीजन में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। इसी वजह से इस बार भी लोगों को अच्छी बारिश की उम्मीद है। जून में सबसे ज्यादा बारिश 2023 में हुई थी जून महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा बारिश 2023 में 382.4 मिमी दर्ज हुई। इसके मुकाबले 2019 में केवल 15.5 मिमी बारिश हुई थी। पिछले साल 2025 में जून में 112.4 मिमी बारिश और 2024 में 104.9 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इससे साफ है कि जून में बारिश का पैटर्न हर साल अलग रहा है। जलाशयों में बढ़ने लगा पानी, अच्छी बारिश से और सुधरेगी स्थिति मानसून की सक्रियता के साथ जिले के प्रमुख जलाशयों में भी पानी की आवक शुरू हो गई है। हालांकि अधिकांश बांध अभी पूरी क्षमता से काफी नीचे हैं। यदि जुलाई में अच्छी बारिश होती है तो जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और पेयजल के साथ सिंचाई की स्थिति भी बेहतर होगी।

10 साल का रिकॉर्ड : देर से आया मानसून, लेकिन हर बार एक जैसा नहीं रहा ट्रेंड पिछले दस साल के रिकॉर्ड के अनुसार- मानसून की देरी और जल्दी आने का असर बारिश पर जरूर पड़ता है, लेकिन हर बार परिणाम एक जैसे नहीं रहे। साल 2018 में सामान्य से 2 प्रतिशत कम बारिश हुई और इसे कमजोर मानसून माना गया। 2019 में मानसून के सक्रिय होने के बाद जिले में 67 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज हुई। सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 2025 में बना, जब पूरे मानसून में 878 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 92 प्रतिशत अधिक थी। इसके पहले 2024 में 819.6 मिमी बारिश हुई थी, जो सामान्य से 79 प्रतिशत ज्यादा रही। यानी पिछले दो सालों ने जिले की बारिश का पूरा रिकॉर्ड बदल दिया।

जयपुर में झगड़े में नाबालिग के पेट में घोंपा चाकू:बाइक साइड की बात पर हुआ झगड़ा, लहूलुहान होकर गिरने पर भागा हमलावर

जयपुर में मामूली कहासुनी के बाद झगड़े में एक नाबालिग के पेट में चाकू घोंप घायल करने का मामला सामने आया है। बाइक साइड हटाने की बात पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। चाकू से वार से लहूलुहान होकर गिरने पर हमलावर फरार हो गया। मालपुरा गेट थाना पुलिस ने घायल लड़के को SMS हॉस्पिटल में एडमिट करवाया है। पुलिस ने गुरुवार शाम FIR दर्ज कर हमलावर की तलाश शुरू कर दी है। हेड कॉन्स्टेबल गजानन्द ने बताया- उत्तरप्रदेश फरुखाबाद के कोतवाली निवासी 26 वर्षीय युवक ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वह ईदगाह रोड सांगानेर में अपने 16 साल के भाई शानू (बदला हुआ नाम) के साथ रहता है। बुधवार रात को शानू शनि बाजार में रहने वाले दोस्त से मिलने गया था। रात करीब 11:15 बजे बाइक साइड करने की बात को लेकर कॉलोनी में रहने वाले लड़के से कहासुनी हो गई। कहासुनी के बाद दोनों में झगड़ा होने पर मारपीट शुरू हो गई। गुस्साया हमलावर उसे मारने के लिए चाकू निकाल लाया। चाकू से पहले गले पर वार किया। शानू के जैसे-तैसे गले का बचाव किया तो हमलावर ने पेट में चाकू घोंप दिया। पेट से खून निकलने से लहूलुहान होकर नीचे गिरने पर हमलावर वहां से भाग निकला। शानू के घायल होने पर परिजनों को बताकर पुलिस की मदद से SMS हॉस्पिटल पहुंचाया। घायल शानू का SMS हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने नाबालिग पीड़ित के भाई की शिकायत पर FIR दर्ज कर हमलावर की तलाश शुरू कर दी है।

बिजली का मीटर लगाने गई टाटा पावर टीम पर हमला:सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज, मीटर की ऊंचाई को लेकर हुआ विवाद

अजमेर के दरगाह थाना क्षेत्र में बिजली का नया मीटर लगाने पहुंची टाटा पावर की टीम के साथ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। पीड़ित कर्मचारी करौली निवासी घनश्याम (31) की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी यूसुफ और उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, 29 जून दोपहर करीब 1:15 बजे घनश्याम अपनी टीम के सदस्य शाहरुख, लोकेश और राहुल के साथ खादिम मोहल्ला स्थित हुसैन मंजिल में उपभोक्ता मोहम्मद अहमद के यहां नया बिजली मीटर लगाने पहुंचे थे। इसी दौरान मीटर लगाने की ऊंचाई को लेकर विवाद हो गया। उपभोक्ता ने मीटर सात फीट की ऊंचाई पर लगाने की बात कही, जबकि कर्मचारी ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की गाइडलाइन का हवाला देते हुए डिस्प्ले 5 से 6 फीट की ऊंचाई पर लगाने का नियम बताया। इसी दौरान पड़ोसी यूसुफ मौके पर पहुंचा और उसने भी मीटर सात फीट पर लगाने का दबाव बनाया। कर्मचारी के मना करने पर आरोपी ने कथित रूप से धक्का देकर उसे घर के अंदर ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर यूसुफ ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। रिपोर्ट के अनुसार, यूसुफ के बेटे ने भी कर्मचारी के साथ हाथापाई की। कर्मचारी जब वहां से निकलने लगा तो आरोपियों ने उसे रोककर दोबारा मारपीट की, जिससे उसके चेहरे और गर्दन पर चोटें आईं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान आरोपियों ने टीम का सामान भी मौके पर ही रोक लिया, जिसके कारण टीम करीब दो घंटे तक अपना कार्य नहीं कर सकी। घटना की सूचना उसने अपने वरिष्ठ अधिकारियों प्रकाश यादव और भूपेंद्र को भी दी। दरगाह थाना पुलिस ने घनश्याम की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया।

मानसून की पहली बारिश से SMS ट्रोमा सेंटर पानी-पानी:देर रात हुई बरसात से ग्राउंड फ्लोर पर जगह-जगह पानी भरा, फॉल सिलिंग गिरी; माइनर ओटी में पानी टपकने से ट्रीटमेंट रोका

जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में पीडब्ल्यूडी विंग के खराब मैनेजमेंट ने एक बार फिर मरीजों की परेशानी बढ़ा दी। मानसून की पहली बारिश में ट्रोमा सेंटर के ग्राउड फ्लोर पर जगह-जगह पानी भर गया। माइनर ओटी में पानी भरने से मरीजों का ट्रीटमेंट रोककर उसे दूसरी जगह करवाना पड़ा। वहीं ओटी के पास कॉरिडोर में फॉल सिलिंग गिर गया। ये तो मानसून की शुरूआत है और अभी ढाई से तीन माह और मानसून एक्टिव रहने की संभावना है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे है कि अगर बहुत तेज बारिश आती है तो उस समय मरीजों का क्या होगा? रात करीब 1 से 3 बजे के बीच जयपुर शहर में कई इलाकों में हुई बारिश के बाद ट्रोमा सेंटर में एक ड्रेनेज पाइप के फटने से वहां से निकला पानी ग्राउंड फ्लोर पर गिरने लगा। मुख्य इमरजेंसी हॉल के पास बने ईसीजी रूम में पानी भर गया। इसके पास मैन कॉरिडोर, माइनर ओटी में पानी टपकने से मरीजों को परेशानी हुई। माइनर ओटी में आने वाले मरीजों को दूसरी जगह ट्रीटमेंट दिया गया। जबकि माइनर ओटी के पास कॉरिडोर में फॉल सिलिंग भी गिर गई। सूचना पर ट्रोमा सेंटर के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेन्द्र मांडिया, उपअधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी, अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने वहां व्यवस्थाएं सुधरवाने का काम शुरू करवाया। बरामदें समेत सभी जगह पर फर्श पर जगह-जगह पानी आने से फिसलन होने लगी। वहीं मरीज, परिजन और स्टाफ को भी परेशानी होने लगी। ये पहला मौका नहीं है, जब ट्रोमा सेंटर पर पानी भरने की शिकायत आई हो। इससे पहले पिछले साल भी आईसीयू वार्ड, ऑपरेशन थिएटर समेत कई कई वार्डो और अन्य जगहों पर पानी भरने की परेशानी सामने आई थी। जगह-जगह से फॉल सिलिंग टूटी डक्टिंग के जरिए पानी आने के कारण हॉस्पिटल परिसर में लगी फॉल सिलिंग भी जगह-जगह से टूट गई। ग्राउंड फ्लोर के पास बने माइनर ओटी, प्लास्टर रूम वाले कॉरिडोर में लगी फॉल सिलिंग का हिस्सा टूट कर गिर गया। गनीमत ये है कि जहां फॉल सिलिंग का हिस्सा गिरा वहां मरीजों का मूवमेंट नहीं होता है। इंफेक्शन फैलने का खतरा मुख्य इमरजेंसी और अन्य जगहों पर पानी होने और गंदगी बढ़ने से वहां इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में गंभीर मरीजों को भी यहां मजबूरन इस अव्यवस्था के बीच इलाज करवाना पड़ रहा है। पिछले साल सरकार और मेडिकल हैल्थ डिपार्टमेंट ने बजट देकर इसमें सुधार के निर्देश दिए थे, लेकिन फिर भी हालात खराब है। पाइप फटने से पानी आया, ठीक करवा रहे है ट्रोमा सेंटर के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेन्द्र मांडिया ने बताया- सूचना मिलते ही मैं खुद यहां मौके पर आया और यहां व्यवस्थाएं देखकर इसे जल्द से जल्द ठीक करवाने के निर्देश दिए है। एक पुराना ड्रेनेज पाइप के फटने से पानी यहां आया है, जो पुराने ईसीजी रूम में ज्यादा भरा है। हमने पीडब्ल्यूडी विंग को बोल दिया है पाइप जल्द ठीक करवाए और सफाई करवा दी है, ताकि किसी तरह की मरीजों को परेशानी नहीं हो।

गेहूंखेड़ी आयुर्वेदिक अस्पताल में 'ग्रीन क्लिनिक' तैयार:औषधीय पौधे बता रहे बीमारियों के प्राकृतिक उपचार का तरीका

झालावाड़ जिले के अकलेरा उपखंड की ग्राम पंचायत गेहूंखेड़ी स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में एक हर्बल गार्डन विकसित किया गया है। यह गार्डन ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य शिक्षा का केंद्र बन गया है, जहां छोटी-मोटी बीमारियों के लिए प्राकृतिक उपचार की जानकारी दी जा रही है। अस्पताल परिसर में तैयार इस हर्बल गार्डन में तुलसी, अर्जुन, हरसिंगार, पत्थरचट्टा, मीठा नीम, पपीता, सप्तपर्णी और एलोवेरा सहित कई औषधीय पौधे लगाए गए हैं। प्रत्येक पौधे के पास हिंदी और अंग्रेजी में नेम प्लेट लगी है, जिससे आम व्यक्ति और छात्र आसानी से पौधे की पहचान और उसके औषधीय गुणों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। घरों में भी औषधीय पौधे लगाने के लिए कर रहे प्रेरित
आयुर्वेद विभाग का उद्देश्य लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत उन्हें अपने घरों में भी औषधीय पौधे लगाकर सामान्य बीमारियों का प्राथमिक स्तर पर उपचार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि अनावश्यक रूप से अस्पताल आने की जरूरत कम हो। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनिका मीणा ने बताया कि अस्पताल आने वाले मरीजों और ग्रामीणों को हर्बल गार्डन का भ्रमण कराकर प्रत्येक पौधे के औषधीय उपयोग के बारे में विस्तार से बताया जाता है। उदाहरण के तौर पर एलोवेरा का गूदा जलने या त्वचा संबंधी सामान्य समस्याओं में लाभदायक माना जाता है। लोगों में औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ रही
डॉ. मीणा ने बताया कि तुलसी और नीम का काढ़ा सर्दी, खांसी और जुकाम में राहत पहुंचाने में सहायक हो सकता है, जबकि अर्जुन की छाल हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी मानी जाती है। उन्होंने कहा कि लोगों में औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और कई ग्रामीण अपने घरों में भी ऐसे पौधे लगाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
विभाग का प्रयास है कि आयुर्वेद की परंपरागत ज्ञान-परंपरा को जन-जन तक पहुंचाकर लोगों को प्राकृतिक और सरल स्वास्थ्य विकल्प उपलब्ध कराए जाएं।

प्लॉट दिलवाने के नाम पर 5 लाख लूटे:बुकिंग अमाउंट लेने के बहाने बुलवाया,फिर थैला लूटकर भागे

सीकर के सदर थाना इलाके में प्लॉट दिलवाने के नाम पर 5 लाख रुपए लूटने का मामला सामने आया है। बुकिंग अमाउंट लेने के बहाने पीड़ित को बुलवाया गया। इसके बाद दो गाड़ियों में बैठे लोग रुपए का थैला लेकर वहां से फरार हो गए। डूकिया के मूलनिवासी ओमप्रकाश जाट ने सीकर के सदर पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि वह वर्तमान में सीकर में पालवास चौराहे के पास किराए के मकान में रहते हैं। उनके पास पड़ोसी आदित्य का कॉल आया। जिसने कहा कि पालवास रोड पर कोई प्लॉट है जो किसी को अर्जेंट बेचना है। इसके बाद 30 जून की दोपहर करीब 1:30 बजे योगेश पुत्र महेंद्र वर्मा निवासी कूदन और नरेंद्र भामू ओमप्रकाश के फ्लैट पर आए और कहा कि हमें 5 लाख रुपए का बुकिंग अमाउंट दे दो। इसके बाद ओमप्रकाश अपने फ्लैट से योगेश और नरेंद्र के साथ गाड़ी में बैठकर पालवास चौराहे पर आ गया। चौराहे पर पहले से एक गाड़ी खड़ी थी। योगेश और नरेंद्र ने भी गाड़ी को वहीं खड़ा किया और फिर फोन पर बात करते हुए कहा कि दूसरी गाड़ी में पैसे लेकर जाओ। जैसे ही ओमप्रकाश दूसरी गाड़ी की तरफ जाने लगा तो योगेश,नरेंद्र और उनके साथी रुपए का थैला छीनकर वहां से फरार हो गए। फिलहाल ओमप्रकाश की रिपोर्ट पर सदर थाना पुलिस ने योगेश और नरेंद्र के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया है। मामले की जांच ASI संतकुमार कर रहे हैं। फर्जी साइन और मोहर लगाकर रजिस्ट्री करवाकर लाखों रूपए हड़पने वाला गिरफ्तार सीकर की नेछवा थाना पुलिस ने तहसीलदार की फर्जी साइन और मोहन लगाकर रजिस्ट्री करके जमीन बेचने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रकाश जाट(28) पुत्र हुक्माराम जाट निवासी जायल को उसके गांव में दबिश देकर पकड़ा है। आरोपी के गिरोह में और भी कई लोग शामिल हैं। जिनकी अब पुलिस तलाश कर रही है।

पाकिस्तान में 125 साल पुराना गुरुद्वारा ध्वस्त:पूर्वमंत्री बोले- भारत सरकार पाक पर दबाव बनाए; शाहबाज शरीफ का पुतला फूंका

पाकिस्तान के फारूकाबाद में 125 साल पुराने ऐतिहासिक श्री गुरुद्वारा साहिब को ध्वस्त करने से सिख समाज में आक्रोश है। इस घटना के विरोध में शुक्रवार को श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर में भाजपा और सिख समाज के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान रोष रैली निकाली गई और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी के नेतृत्व में रोष जुलूस बाजार से होते हुए लाइटवाला चौंक पहुंचा। जहां पाकिस्तान के खिलाफ संबोधन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और पाकिस्तान पर दबाव बनाने की मांग की। सुरेंद्रपाल टीटी बोले- यह पहली घटना नहीं सुरेंद्रपाल सिंह टीटी ने सम्बोधित करते हुए कहा- पाकिस्तान में गुरुद्वारा में हुई यह बेअदबी पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी हिंदू मंदिरों पर हमले होते आए हैं, मंदिर तोड़े गए और हिंदुओं के साथ अत्याचार किया जाता रहा है। अब फारूकाबाद के गुरुद्वारा साहिब को तोड़ दिया गया है और वहां कब्जा कर लिया गया है। गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की गई है। टीटी ने कहा- हिंदुस्तान सरकार को मजबूती के साथ पाकिस्तान को इसका जवाब देना चाहिए। भारत सरकार को पाकिस्तान सरकार से सीधे बात कर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करना चाहिए। धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत पर हमला बताया प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को सिख समाज की धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत पर सीधा हमला बताया। उन्होंने मांग की कि भारत सरकार इस मुद्दे को तुरंत कूटनीतिक स्तर पर उठाए और सिख तीर्थ स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित कराए। अनूपगढ़ और घड़साना में भी हुआ विरोध श्रीकरणपुर के साथ-साथ अनूपगढ़ और घड़साना में भी सिख समाज के लोगों ने इस घटना का विरोध जताया। उन्होंने भारत सरकार से पाकिस्तान पर दबाव बनाने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पाकिस्तान में सिख गुरुद्वारों और हिंदू मंदिरों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर भारत में सिख और हिंदू समाज में आक्रोश बढ़ रहा है।

चढ़ाई से लुढ़का बेकाबू ट्रक शोरूम पार्किंग में घुसा, VIDEO:पोल से टकराकर रुका, पास में लगे सीसीटीवी में कैद हुई घटना

चूरू शहर में भालेरी रोड पर चढ़ाई चढ़ रहा एक अनियंत्रित ट्रक पीछे की ओर लुढ़कते हुए एक शोरूम की पार्किंग में जा घुसा। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक बारह चक्का ट्रक चढ़ाई पर चढ़ते समय असंतुलित हो गया और तेजी से पीछे की ओर लुढ़कने लगा। इससे आसपास के राहगीरों और वाहन ड्राइवरों में अफरातफरी मच गई। ट्रक अनियंत्रित होकर पास के एक शोरूम की पार्किंग में घुस गया। वहां एक पोल से टकराकर रुकने के कारण बड़ा हादसा टल गया। यदि पोल बीच में नहीं आता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। घटना के समय कई लोग मौजूद थे, लेकिन वे समय रहते सुरक्षित स्थान पर चले गए। घटना में शोरूम की पार्किंग में बने टीनशेड को नुकसान पहुंचा है। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिससे हादसे की तस्वीरें सामने आई हैं। शोरूम संचालक अर्जुन प्रजापत ने बताया कि पार्किंग शेड को क्षति पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क का स्तर वैज्ञानिक तरीके से नहीं बनाए जाने के कारण भारी वाहन चढ़ाई पर संतुलन खो देते हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस स्थान का तकनीकी निरीक्षण कर सड़क की ऊंचाई और ढाल का स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने अपील की है कि किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किए बिना तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

जमीनी विवाद में परिवार पर हमला, महिलाओं के कपड़े फाड़े:कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, बोले-कोर्ट में स्टे के बावजूद कब्जे का प्रयास कर रहे

टोंक जिले के मालपुरा क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि कोर्ट में स्टे होने के बावजूद 20-25 लोग खेत पर पहुंचे और जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। विरोध करने पर परिवार के लोगों के साथ मारपीट की गई। घटना के विरोध में पीड़ित परिवार और समाज के लोगों ने गुरुवार कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शांतिभंग में कार्रवाई कर छोड़ा पीड़ित परिवार का आरोप है कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया। परिवार का कहना है कि आरोपी पहले से पाबंद थे, फिर भी उनके खिलाफ सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई की गई। इससे परिवार में डर का माहौल है। खेत में घुसकर फसल खराब करने और तारबंदी का आरोप पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनके परिवार की खातेदारी और कब्जे वाली जमीन पर मूंग की फसल बोई हुई है। आरोप है कि कुछ लोग 20-25 लोगों के साथ खेत में पहुंचे और फसल खराब करने के साथ वहां तारबंदी शुरू कर दी। जब परिवार ने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। महिलाओं से मारपीट और मंगलसूत्र छीनने का आरोप पीड़ित परिवार का आरोप है कि मारपीट के दौरान महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्रता की गई। एक महिला के कपड़े फाड़ दिए गए, उसके साथ मारपीट की गई और वह बेहोश हो गई। परिवार का यह भी आरोप है कि इस दौरान उसके गले से सोने का मंगलसूत्र भी छीन लिया गया। मामले में पीड़ित पक्ष ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।