मानसून की पहली बारिश से SMS ट्रोमा सेंटर पानी-पानी:देर रात हुई बरसात से ग्राउंड फ्लोर पर जगह-जगह पानी भरा, फॉल सिलिंग गिरी; माइनर ओटी में पानी टपकने से ट्रीटमेंट रोका

जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में पीडब्ल्यूडी विंग के खराब मैनेजमेंट ने एक बार फिर मरीजों की परेशानी बढ़ा दी। मानसून की पहली बारिश में ट्रोमा सेंटर के ग्राउड फ्लोर पर जगह-जगह पानी भर गया। माइनर ओटी में पानी भरने से मरीजों का ट्रीटमेंट रोककर उसे दूसरी जगह करवाना पड़ा। वहीं ओटी के पास कॉरिडोर में फॉल सिलिंग गिर गया। ये तो मानसून की शुरूआत है और अभी ढाई से तीन माह और मानसून एक्टिव रहने की संभावना है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे है कि अगर बहुत तेज बारिश आती है तो उस समय मरीजों का क्या होगा? रात करीब 1 से 3 बजे के बीच जयपुर शहर में कई इलाकों में हुई बारिश के बाद ट्रोमा सेंटर में एक ड्रेनेज पाइप के फटने से वहां से निकला पानी ग्राउंड फ्लोर पर गिरने लगा। मुख्य इमरजेंसी हॉल के पास बने ईसीजी रूम में पानी भर गया। इसके पास मैन कॉरिडोर, माइनर ओटी में पानी टपकने से मरीजों को परेशानी हुई। माइनर ओटी में आने वाले मरीजों को दूसरी जगह ट्रीटमेंट दिया गया। जबकि माइनर ओटी के पास कॉरिडोर में फॉल सिलिंग भी गिर गई। सूचना पर ट्रोमा सेंटर के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेन्द्र मांडिया, उपअधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी, अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने वहां व्यवस्थाएं सुधरवाने का काम शुरू करवाया। बरामदें समेत सभी जगह पर फर्श पर जगह-जगह पानी आने से फिसलन होने लगी। वहीं मरीज, परिजन और स्टाफ को भी परेशानी होने लगी। ये पहला मौका नहीं है, जब ट्रोमा सेंटर पर पानी भरने की शिकायत आई हो। इससे पहले पिछले साल भी आईसीयू वार्ड, ऑपरेशन थिएटर समेत कई कई वार्डो और अन्य जगहों पर पानी भरने की परेशानी सामने आई थी। जगह-जगह से फॉल सिलिंग टूटी डक्टिंग के जरिए पानी आने के कारण हॉस्पिटल परिसर में लगी फॉल सिलिंग भी जगह-जगह से टूट गई। ग्राउंड फ्लोर के पास बने माइनर ओटी, प्लास्टर रूम वाले कॉरिडोर में लगी फॉल सिलिंग का हिस्सा टूट कर गिर गया। गनीमत ये है कि जहां फॉल सिलिंग का हिस्सा गिरा वहां मरीजों का मूवमेंट नहीं होता है। इंफेक्शन फैलने का खतरा मुख्य इमरजेंसी और अन्य जगहों पर पानी होने और गंदगी बढ़ने से वहां इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में गंभीर मरीजों को भी यहां मजबूरन इस अव्यवस्था के बीच इलाज करवाना पड़ रहा है। पिछले साल सरकार और मेडिकल हैल्थ डिपार्टमेंट ने बजट देकर इसमें सुधार के निर्देश दिए थे, लेकिन फिर भी हालात खराब है। पाइप फटने से पानी आया, ठीक करवा रहे है ट्रोमा सेंटर के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेन्द्र मांडिया ने बताया- सूचना मिलते ही मैं खुद यहां मौके पर आया और यहां व्यवस्थाएं देखकर इसे जल्द से जल्द ठीक करवाने के निर्देश दिए है। एक पुराना ड्रेनेज पाइप के फटने से पानी यहां आया है, जो पुराने ईसीजी रूम में ज्यादा भरा है। हमने पीडब्ल्यूडी विंग को बोल दिया है पाइप जल्द ठीक करवाए और सफाई करवा दी है, ताकि किसी तरह की मरीजों को परेशानी नहीं हो।

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