पाकिस्तान में 125 साल पुराना गुरुद्वारा ध्वस्त:पूर्वमंत्री बोले- भारत सरकार पाक पर दबाव बनाए; शाहबाज शरीफ का पुतला फूंका
पाकिस्तान के फारूकाबाद में 125 साल पुराने ऐतिहासिक श्री गुरुद्वारा साहिब को ध्वस्त करने से सिख समाज में आक्रोश है। इस घटना के विरोध में शुक्रवार को श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर में भाजपा और सिख समाज के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान रोष रैली निकाली गई और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी के नेतृत्व में रोष जुलूस बाजार से होते हुए लाइटवाला चौंक पहुंचा। जहां पाकिस्तान के खिलाफ संबोधन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और पाकिस्तान पर दबाव बनाने की मांग की। सुरेंद्रपाल टीटी बोले- यह पहली घटना नहीं सुरेंद्रपाल सिंह टीटी ने सम्बोधित करते हुए कहा- पाकिस्तान में गुरुद्वारा में हुई यह बेअदबी पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी हिंदू मंदिरों पर हमले होते आए हैं, मंदिर तोड़े गए और हिंदुओं के साथ अत्याचार किया जाता रहा है। अब फारूकाबाद के गुरुद्वारा साहिब को तोड़ दिया गया है और वहां कब्जा कर लिया गया है। गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की गई है। टीटी ने कहा- हिंदुस्तान सरकार को मजबूती के साथ पाकिस्तान को इसका जवाब देना चाहिए। भारत सरकार को पाकिस्तान सरकार से सीधे बात कर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करना चाहिए। धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत पर हमला बताया प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को सिख समाज की धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत पर सीधा हमला बताया। उन्होंने मांग की कि भारत सरकार इस मुद्दे को तुरंत कूटनीतिक स्तर पर उठाए और सिख तीर्थ स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित कराए। अनूपगढ़ और घड़साना में भी हुआ विरोध श्रीकरणपुर के साथ-साथ अनूपगढ़ और घड़साना में भी सिख समाज के लोगों ने इस घटना का विरोध जताया। उन्होंने भारत सरकार से पाकिस्तान पर दबाव बनाने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पाकिस्तान में सिख गुरुद्वारों और हिंदू मंदिरों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर भारत में सिख और हिंदू समाज में आक्रोश बढ़ रहा है।

