जयपुर में युवती-भाभी से सरेआम अभद्रता, VIDEO:सूचना पर पहुंचे युवती के भाई पर जानलेवा हमला; सिर में तीन टांके आए

जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र में कार से दूसरी कार टकराने पर विवाद बढ़ गया। युवकों ने एक युवती और उसकी भाभी के साथ अभद्रता की। फोन कर बुलाए युवती के भाई पर युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। युवक के सिर में तीन टांके आए हैं, वहीं एक आंख पर गंभीर चोट लगी है। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, 27 जून की शाम करीब 5:15 बजे वह अपनी भाभी के साथ तिलक नगर स्थित घर से जगतपुरा स्थित एक सैलून जा रही थी। इसी दौरान जगतपुरा की सर्विस लेन में एक स्विफ्ट कार (RJ14 CV 8367) ने उनकी कार (RJ14 CG 0141) को साइड से टक्कर मार दी। फोन कर बुलाए भाई पर हमला युवती का आरोप है कि हादसे के बाद जब उन्होंने विरोध किया तो कार सवार युवक गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने लगे। इसी बीच उन्होंने अपने भाई को फोन किया, जो एमजी हेक्टर कार में पीछे ही आ रहे थे और कुछ ही मिनट में मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि भाई के पहुंचते ही दूसरे पक्ष के युवक ने अपने 7-8 साथियों को बुला लिया। सबसे पहले वीडियो बना रही भाभी का मोबाइल छीनने की कोशिश की गई। युवती की भाभी ने कहा कि आरोपियों ने उनके दोनों हाथ पकड़ लिए, उनके साथ हाथापाई की और जबरन अपनी कार में बैठाने की कोशिश की। विरोध करने पर भाई के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी, तीन टांके आए और एक आंख भी गंभीर रूप से घायल हो गई। बता दें कि तीन दिन पहले ही 23 जून को ही शादी हुई थी। पीड़ित की शादी की महंदी भी नहीं उतरी थी और शादी के बाद के अन्य कार्यक्रम होने थे। लेकिन पीड़ित से हुई मारपीट के बाद पूरा परिवार डर और सदमें में है। सूचना के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस पीड़ित युवती का कहना है कि घटना के दो से पांच मिनट के भीतर ही उन्होंने 100 और 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दे दी थी, लेकिन पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। उनका आरोप है कि पुलिस करीब आधे घंटे बाद पहुंची, तब तक आरोपियों ने उनके भाई के साथ मारपीट कर दी थी और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार कर चुके थे। वीडियो में मारपीट करते दिखे युवक युवती का कहना है कि जान बचाने के लिए वे पास की एक दुकान में भागे। उन्होंने दावा किया कि घटना के वीडियो और फोटो उनके मोबाइल में मौजूद हैं। वहीं, पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी कार को टक्कर मारने के बाद मारपीट करते नजर आ रहे हैं। मामले में रामनगर थाना पुलिस ने युवती की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 281, 115(2), 126(2) और 189(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एएसआई सुरेश कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। रामनगरिया थाना प्रभारी चंद्रभान ने बताया- मामले में पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच शुरू कर दी गई है। वहीं पीड़ित कहा कि आरोपी इतना सब होने के बाद भी थाने में मौजूद था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया है। बता दें कि मामले में पुलिस ने मंगलवार को दो स्थानीय निवासियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान ओमप्रकाश शर्मा और उसके भाई सत्यनारायण शर्मा निवासी टीलावाला जगतपुरा को गिरफ्तार किया है।

खून के बदले VIP दर्शन, ज्योतिर्लिंग में ऐसा पहला सिस्टम:ओंकारेश्वर में रक्तदान को आस्था से जोड़ा; MP के दूसरे धार्मिक स्थलों पर भी ऐसा होगा

‘26 जून 2026। राजस्थान के अजमेर से सिमरन लखानी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए परिवार समेत पहुंची हैं। उमस भरी गर्मी में लाइन में लगी हैं। कतार बहुत लंबी है। बीच-बीच में पूजा की थाली अपने परिजन को देकर रुमाल से चेहरा साफ और उसी से हवा भी कर रही हैं। इतने में तीन लोग VIP गेट से दर्शन के लिए जाते दिखे। उन्होंने पास ही खड़े मंदिर के सेवादार से तंज भरे लिहाज से कहा- ये लोग बिना लाइन लगे दर्शन को जा रहे हैं। सेवादार कहते हैं- आप भी इन्हीं की तरह दर्शन कर सकती हैं। आपको महादान करना होगा, वो है रक्तदान। यह सुनते ही सिमरन अपने परिवार के साथ लाइन से निकल VIP दर्शन के लिए रक्तदान करने पहुंच गईं।’ मध्यप्रदेश के ज्योतिर्लिंग खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में VIP दर्शन के लिए नई स्कीम लागू की है। ऐसा करने वाला यह देश का पहला ज्योतिर्लिंग है। इससे न केवल अस्पतालों में ब्लड का संकट कम हुआ है, बल्कि जिला अस्पताल का ब्लड बैंक सरप्लस स्टॉक में आ गया है। जिला ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. अतुल माने कहते हैं- एक ओर श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर, उनका रक्त किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान बन रहा है। रोजाना करीब 40 से 50 यूनिट ब्लड इकट्‌ठा किया जा रहा है। इसी साल फरवरी महीने से 27 जून तक 2300 यूनिट ब्लड डोनेट किया जा चुका है। अब यह व्यवस्था उज्जैन के महाकाल, मैहर, दतिया के पीताम्बरा पीठ समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर लागू किया जाएगी। आइडिया– रक्तदान को शीघ्र दर्शन से जोड़ा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि ओंकारेश्वर में रोजाना करीब 20 से 30 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। शनिवार–रविवार और सोमवार को यह संख्या 50 हजार से ज्यादा पहुंच जाती हैं। दर्शन के लिए लंबी कतार लगती है। इसी को देखते हुए ऐसा मॉडल तैयार किया, जिसमें रक्तदान जैसे महादान को शीघ्र दर्शन से जोड़ा गया। रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं को भगवान ओंकारेश्वर के नि:शुल्क वीआईपी दर्शन की सुविधा देने की योजना बनाई गई। कलेक्टर कहते हैं- रक्तदान करने वाले और उनके दो साथियों को भगवान ओंकारेश्वर के निशुल्क VIP दर्शन का अवसर भी मिल रहा है। खंडवा समेत आसपास के जिलों के मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो रहा है। कलेक्टर का कहना है- श्रद्धालु महज 20 मिनट में ब्लड डोनेट करके 3 से 4 घंटे लंबी लाइन से बच सकते हैं। इसके लिए मंदिर के पास में ही ब्लड डोनेशन के लिए पांच बेड वाला कैंप बनाया गया है। इसके बाद सर्टिफिकेट मिलने से डोनर और उनके परिवार को मंदिर में वीआईपी एंट्री मिल जाती है। दर्शन के बाद प्रसाद और भगवान ओंकारेश्वर की तस्वीर भी दी जाती है। पांच महीने में 2,362 श्रद्धालु कर चुके रक्तदान योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2026 को ट्रायल के तौर पर ओंकार प्रसादालय से सप्ताह में केवल मंगलवार और शनिवार को की गई थी। पॉजिटिव रिस्पॉन्स के बाद इसे रोजाना संचालित किया जाने लगा। वर्तमान में यह व्यवस्था शांति निकेतन वृद्धाश्रम से चल रही है। पिछले पांच महीने में अब तक 2,362 श्रद्धालु रक्तदान कर चुके हैं। वॉट्सऐप ग्रुप पर रहते हैं अपडेट को–ऑर्डिनेशन के लिए प्रदेशभर के जिला ब्लड बैंक का वॉट्सऐप ग्रुप बना है। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी डायरेक्टर रूबी खान संबंधित जिले को रक्त उपलब्ध कराने के निर्देश जारी करती हैं। डॉ. माने के अनुसार प्रदेशभर के धार्मिक स्थल जैसे–उज्जैन के महाकाल, मैहर, ओरछा, दतिया पीताम्बरा पीठ समेत अन्य जगह यह व्यवस्था लागू की जाएगी। वर्तमान में VIP दर्शन व्यवस्था मंदिर में रोजाना सामान्य दर्शन के लिए तीन से चार घंटे लगते हैं। वहीं, वीआईपी दर्शन के लिए 300 रुपए की रसीद कटवानी होती है। इसमें आधे घंटे का समय लगता है। करीब 4 हजार श्रद्धालु शुल्क देकर शीघ्र (वीआईपी) दर्शन करते हैं। वहीं, रक्तदान योजना के तहत रोजाना करीब 50 श्रद्धालु अपने दो साथियों के साथ नि:शुल्क वीआईपी दर्शन करते हैं। यानी रोज करीब 150 श्रद्धालु इस योजना के तहत दर्शन कर रहे हैं। अन्य प्रोटोकॉल, अधिकारी और विशेष श्रेणी के करीब 200 लोगों के दर्शन की अलग व्यवस्था है। अलग ब्लड बैंक बनाने पर विचार डॉ. माने ने बताया कि रक्तदान के बाद सभी यूनिट्स को प्रतिदिन विशेष फ्रीजर में रखा जाता है। एक-दो दिन में वैन की मदद से खंडवा जिला चिकित्सालय स्थित जिला ब्लड बैंक ले जाया जाता है। खंडवा में मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद यहां हर महीने 1,200 यूनिट ब्लड की जरूरत थी, लेकिन इसका आधा ही पूरा हो पाता था। इस मॉडल ने ब्लड का सरप्लस स्टॉक जमा करने में बड़ी भूमिका निभाई है। मेडिकल कॉलेज में बढ़ते ब्लड स्टॉक रखने के लिए अलग ब्लड बैंक सुविधा की योजना पर काम चल रहा है। जिला ब्लड बैंक की क्षमता 450 यूनिट डॉ. माने के अनुसार जिला ब्लड बैंक की स्टोर क्षमता करीब 450 यूनिट है, जबकि जरूरत 80 से 100 यूनिट है। ब्लड बैंक के माध्यम से जिला चिकित्सालय समेत अन्य जगह ब्लड भेजा जाता है। जिन यूनिटों की एक्सपायरी नजदीक होती है, उन्हें पहले उपयोग (First Expiry, First Out) के सिद्धांत पर जारी किया जाता है, ताकि रक्त व्यर्थ न जाए। यहां से आसपास के जिला चिकित्सालय जैसे– बैतूल, बड़वानी, बुरहानपुर, हरदा और खरगोन समेत विभिन्न जिलों को रक्त उपलब्ध कराया जाता है। रक्त अधिकृत मांग (इंडेंट) और रिप्लेसमेंट/रसीद (Receipt) के आधार पर दिया जाता है। संबंधित केंद्र की आवश्यकता, स्टॉक और विभागीय अनुमति के अनुसार रक्त जारी किया जाता है। घर बैठे मिलेगा लड्डू महाप्रसाद दूसरी बड़ी पहल ये है कि बाबा ओंकार का लड्डू महाप्रसाद घर बैठे मिलेगा। भारतीय डाक विभाग के माध्यम से प्रसाद देशभर में भेजा जाएगा। श्रद्धालु मंदिर की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग करेंगे। प्रसाद के साथ शिव चालीसा, रुद्राक्ष और मंदिर दर्शन कार्ड भी निःशुल्क भेजा जाएगा। मंदिर परिसर में डाक विभाग का अलग काउंटर भी शुरू किया जा रहा है।

36 साल बाद यासीन मलिक पर चार्जशीट पेश:आरोप- कश्मीरी पंडित नर्स को किडनैप कर 4 दिन टॉर्चर किया, फिर मार डाला

कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट के किड्नैप और हत्या के 36 साल पुराने केस में जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने सोमवार को चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। 737 पन्नों की चार्जशीट में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के तत्कालीन चीफ कमांडर यासीन मलिक समेत 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट के मुताबिक, यासीन मलिक और उसके साथियों ने सरला भट की किड्नैपिंग और उनकी हत्या की साजिश रची थी। यासीन फिलहाल आतंकी फंडिंग के मामले में तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। वहीं, मुख्य शूटर खुर्शीद अहमद चालको अब भी फरार है। उसके PoK में छिपे होने की आशंका है। सरला को गोली मारने वाला वही था। तीन और आरोपी अब्दुल हमीद शेख, मोहम्मद यूसुफ सोफी उर्फ इदरीस और गुलाम मोहम्मद टपलू की मौत हो चुकी है। मुखबिरी के शक में हत्या की थी सरला भट अनंतनाग की रहने वाली थीं। वह श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS), सौरा में स्टाफ नर्स थीं। 34 साल बाद SIA को जांच सौंपी गई थी मार्च 2024 में यह केस जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) को सौंपा गया। इसके बाद एजेंसी ने करीब दो साल तक मामले की जांच की। जांच के दौरान कई जगह छापेमारी की गई। पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए। गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मेडिकल, फोरेंसिक, बैलिस्टिक, दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए। इन्हीं सबूतों के आधार पर 737 पन्नों की चार्जशीट तैयार की गई। चार्जशीट में पांचों आरोपियों पर हत्या, अपहरण, साजिश और सबूत मिटाने समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इनके खिलाफ टेररिस्ट एंड डिसरप्टिव एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट, 1987 (TADA) और भारतीय शस्त्र अधिनियम (Arms Act) की धाराएं भी लगाई गई हैं। JKLF का कमांडर, उम्रकैद की सजा काट रहा

36 साल बाद यासीन मलिक की चार्जशीट पेश:आरोप- कश्मीरी पंडित नर्स को किडनैप कर 4 दिन टॉर्चर किया, फिर मार डाला

कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट के किड्नैप और हत्या के 36 साल पुराने केस में जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने सोमवार को चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। 737 पन्नों की चार्जशीट में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के तत्कालीन चीफ कमांडर यासीन मलिक समेत 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट के मुताबिक, यासीन मलिक और उसके साथियों ने सरला भट्ट की किडनैपिंग और उनकी हत्या की साजिश रची थी। यासीन फिलहाल आतंकी फंडिंग के मामले में तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। वहीं, मुख्य शूटर खुर्शीद अहमद चालको अब भी फरार है। उसके PoK में छिपे होने की आशंका है। सरला को गोली मारने वाला वही था। तीन और आरोपी अब्दुल हमीद शेख, मोहम्मद यूसुफ सोफी उर्फ इदरीस और गुलाम मोहम्मद टपलू की मौत हो चुकी है। मुखबिरी के शक में हत्या की थी सरला भट्ट अनंतनाग की रहने वाली थीं। वह श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS), सौरा में स्टाफ नर्स थीं। 34 साल बाद SIA को जांच सौंपी गई थी मार्च 2024 में यह केस जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) को सौंपा गया। इसके बाद एजेंसी ने करीब दो साल तक मामले की जांच की। जांच के दौरान कई जगह छापेमारी की गई। पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए। गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मेडिकल, फोरेंसिक, बैलिस्टिक, दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए। इन्हीं सबूतों के आधार पर 737 पन्नों की चार्जशीट तैयार की गई। चार्जशीट में पांचों आरोपियों पर हत्या, अपहरण, साजिश और सबूत मिटाने समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इनके खिलाफ टेररिस्ट एंड डिसरप्टिव एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट, 1987 (TADA) और भारतीय शस्त्र अधिनियम (Arms Act) की धाराएं भी लगाई गई हैं। यासीन JKLF का कमांडर था, अब उम्रकैद की सजा काट रहा —————– कश्मीर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तानी नागरिक अरेस्ट: LoC से घुसपैठ कर अंदर आ गया था, जून में ऐसी तीसरी घटना जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय सेना ने रविवार को पाकिस्तान के एक घुसपैठिए को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, इस महीने जिले में पकड़ा गया यह तीसरा पाकिस्तानी घुसपैठिया है। पूरी खबर पढ़ें…

पहला डाकू जिसके एनकाउंटर की मांग संसद में उठी थी:दर्जनों मर्डर करने वाला बाद में 3-3 रुपए के लिए झगड़ने लगा, अब जेल में हत्या

पिता गुर्जर मंदिर में पूजा-पाठ कराते थे और खुद कभी दूध बेचता था। उस कुख्यात डाकू जगन गुर्जर की कहानी का अंत 29 जून को हो गया। अजमेर जेल में उसकी हत्या हो गई। जगन देश का पहला ऐसा डाकू था, जिसके एनकाउंटर की मांग देश की संसद में उठाई गई थी। करीब 10 साल का समय ऐसा था, जब वह राजस्थान सहित यूपी (उत्तर प्रदेश) और एमपी (मध्य प्रदेश) में खौफ का दूसरा नाम बन गया था। जगन पर दर्ज कुल 125 मुकदमों में से आधे से ज्यादा मामले मर्डर, मर्डर के प्रयास, लूट, अपहरण और डकैती के थे। कभी राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का महल (धौलपुर पैलेस) उड़ाने की धमकी देने वाले जगन की बाद में स्थिति यह हो गई थी कि वह 3-3 रुपए या पंचर ठीक से नहीं बनाने जैसी छोटी-छोटी बातों पर भी लोगों से मारपीट करने लगा था। इस वजह से उस पर कई छोटे मुकदमे भी दर्ज हुए। उसके खिलाफ पहली FIR 1994 में हुई थी। हनुमान बेनीवाल ने संसद में उठाई थी एनकाउंटर की मांग सांसद हनुमान बेनीवाल ने जून 2019 में जगन गुर्जर के एनकाउंटर की मांग उठाई थी। बेनीवाल ने संसद में कहा था- सभापति महोदय, राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश में यदि चंबल का बीहड़ किसी चीज के लिए प्रसिद्ध है, तो वह वहां के डाकुओं के लिए है। हम जब स्कूल और कॉलेज-यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे, तब इन पर फिल्में भी बनती थीं। कुख्यात डाकू जगन गुर्जर ने अब तक 3 बार सरेंडर किया है। उस पर हत्या, लूट और डकैती के 150 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन वह करीब 70 मामलों में बरी हो चुका है, क्योंकि उसके खौफ के कारण कोई भी कोर्ट में गवाही देने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। उसने हाल ही में धौलपुर के बाड़ी में व्यापारियों को सरेआम पीटा और महिलाओं को निर्वस्त्र कर वहां घुमाया। राजस्थान सरकार की कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। पुलिस नाकाम साबित हो रही है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि केंद्र सरकार इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे। मेरी आपके माध्यम से सरकार से मांग है कि जगन गुर्जर जैसे खूंखार डाकू का एनकाउंटर किया जाए। एनकाउंटर के डर से सरेंडर किया जगन गुर्जर धौलपुर के भवुतीपुरा गांव का रहने वाला था। वह 1994 में डाकू बना। बाद में दस्यु सुंदरी कौमेश उसकी गैंग में शामिल होने पहुंच गई थी। उसके ऊपर 125 से ज्यादा केस दर्ज हुए, लेकिन उसके भीतर एनकाउंटर का डर इतना ज्यादा था कि वह बार-बार पुलिस के सामने सरेंडर करता रहा। 20 साल की उम्र में पहला केस जब जगन पर पहला केस दर्ज हुआ, तब उसकी उम्र महज 20 साल थी। उसके पिता शिवचरण गुर्जर स्थानीय लोक देवता बाबू महाराज के मंदिर में पूजा-पाठ करते थे। उनका दूध का धंधा भी चल रहा था। इसी बीच, उसके पिता का मंदिर कमेटी के सदस्यों के साथ प्रसाद बांटने को लेकर विवाद हो गया और इसकी खबर जगन तक पहुंच गई। जगन ने कमेटी के सदस्यों की पिटाई कर दी और फिर पुलिस के डर से बीहड़ में छिप गया। अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद जगन सबसे पहले डकैत मोहन गुर्जर की गैंग में शामिल हुआ। 1995 में उसे पता चला कि मोहन गुर्जर के रिश्तेदारों ने उसके जीजा को मार डाला है। जगन ने इसका बदला जीजा के हत्यारों और अपने गुरु मोहन गुर्जर को मारकर लिया। सरेंडर पर सरेंडर एनकाउंटर के खौफ के चलते उसने पहला सरेंडर 2001 में तत्कालीन धौलपुर एसपी बीजू जॉर्ज जोसफ के सामने किया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से अपराध करना शुरू कर दिया। इसके बाद, 30 जनवरी 2009 को कैमरी गांव के जगन्नाथ मेले में उसने कांग्रेस नेता सचिन पायलट के सामने भी सरेंडर किया, लेकिन उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। तीसरी बार उसने 19 अगस्त 2018 को बयाना में तत्कालीन आईजी मालिनी अग्रवाल के सामने आत्मसमर्पण किया। पुलिस के दबाव में सरेंडर करने के बाद, पूछताछ में जगन गुर्जर ने बताया कि घर से दूर जंगलों में रहने की वजह से उसे खाने-पीने में काफी परेशानी हो रही थी। बीहड़ों में जमीन पर सोना और गंदा पानी पीना उसे रास नहीं आ रहा था, जिससे तंग आकर उसने आत्मसमर्पण कर दिया था। 3 रुपए के लिए मारपीट, बेटी की शादी में कसम खाई, पर सुधरा नहीं जगन ने साल 2009 में सचिन पायलट के सामने आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उसने अपनी पत्नी को उपचुनाव लड़ाया, लेकिन वह हार गईं। इस हार के बाद उसने फिर से हथियार उठा लिए। तीसरे सरेंडर के बाद भी जगन ने अपना अड़ियल स्वभाव नहीं बदला। साल 2019 में जगन ने 2 अजीबोगरीब झगड़े किए। पहला महज 3 रुपए के खुले पैसों को लेकर और दूसरा गाड़ी का पंचर ठीक से न बनाने को लेकर। हुआ यूं कि जगन अपनी बेटी के इलाज के लिए बाड़ी अस्पताल पहुंचा था। वहां पास ही उसने पानी के पाउच खरीदे। 1-1 रुपए के 3 पाउच खरीदने पर जब दुकानदार ने उससे खुले पैसे मांगे, तो जगन भड़क गया। जगन ने इसके बाद दुकानदार और उसके बचाव में आए अन्य व्यापारियों के साथ मारपीट की। उसने सरेबाजार बंदूक लहराई और तोड़फोड़ भी की। कुछ दिनों बाद जब उसकी कार पंचर हो गई। पंचर बनाने वाले से पंचर सही न बनाने और हवा ठीक से न भरने को लेकर उसकी बहस हो गई। उसने पंचर वाले के साथ भी मारपीट की और यह मामला भी पुलिस तक पहुंच गया। बेटी की शादी में कसम खाई तीन बार सरेंडर करने के बाद, साल 2018 में उसने बेटी की शादी में एक बार फिर जुर्म का रास्ता छोड़ने की कसम खाई थी। लेकिन उसने अपना गलत रास्ता नहीं छोड़ा। जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने धौलपुर जिले के एक गांव में दो महिलाओं के साथ मारपीट की और उन्हें निर्वस्त्र कर पूरे मोहल्ले में घुमाया। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए वह फिर से बीहड़ में जाकर छिप गया। इस घटना के बाद जगन का परिवार भी अपने घर पर ताला लगाकर फरार हो गया। धौलपुर महल उड़ाने की धमकी देने वाले डकैत को नरेगा में भी नहीं मिला काम जगन गुर्जर की हरकतों में कोई सुधार न होने के कारण समाज ने भी उससे दूरी बना ली थी। उसके हिंसक व्यवहार के कारण हर कोई उससे दूर रहना चाहता था। उसने एक बार मीडिया के सामने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया था कि हालात इतने खराब हैं कि उसे मनरेगा (वीबी–जी राम जी) में भी कोई काम नहीं दे रहा है। गांवों में शादियां होनी बंद हो गई थीं साल 2005 तक इलाके में उसका ऐसा खौफ था कि डकैती के डर से कई गांवों में शादियां तक होनी बंद हो गई थीं। खुद जगन के अपने गांव में 10 साल तक कोई शादी नहीं हुई। उसके डर से न सिर्फ गांववाले, बल्कि उसके पिता भी गांव छोड़कर चले गए थे। साल 2008 में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर महल को उड़ाने की धमकी देकर वह देशभर में चर्चा में आया था। तब पुलिस ने उस पर 12 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। लगातार होने वाले झगड़ों के कारण कई लोगों से उसकी दुश्मनी हो गई थी। अपनी जान को खतरा बताते हुए उसने करीब 5 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन डीजीपी (DGP) को पत्र लिखकर अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उसने कहा था कि जेल से छूटने के बाद उसे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और वह और उसका परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। गहलोत और डीजीपी को चिट्ठी लिखने के कुछ समय बाद, 22 जनवरी 2022 को उसने तत्कालीन कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा में वीडियो जारी किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद वह फिर फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए जंगल में दबिश दी और उसे धर दबोचा। जगन ने इसे सरेंडर कहा, लेकिन पुलिस ने गिरफ्तारी दिखाई। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। — ये खबरें भी पढ़िए… बहन पर टिप्पणियां करता था जगन, इसलिए मार डाला:मुस्कुराते हुए सेल से बाहर निकला हत्यारा विष्णु; मर्डर से पहले साथ बैठकर खाना खाया प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सोमवार को उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई, जब जेल के अंदर बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की उसी की सेल में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पढ़ें पूरी खबर… अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा, साथ में लूडो खेला था अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। पढ़ें पूरी खबर…

जिस बेटे की मन्नत मांगी, उसी के साथ परिवार खत्म:होशियारपुर में 3 दिन पहले छुट्‌टी आया फौजी, रात तक शॉपिंग की; जालंधर में गाड़ी क्रेटा से टकराई

जालंधर में भीषण सड़क हादसे में होशियारपुर के दसूहा का परिवार उजड़ गया। हादसे में सेना की रेजिमेंट के जवान रुपिंदर सिंह, उनकी मां, पत्नी और डेढ़ साल के बेटे की मौत हो गई। रुपिंदर बेटा होने की मन्नत उतारने के लिए 3 दिन पहले छुट्टी घर लेकर आए थे। रूपिंदर ने घर आते ही महाराष्ट्र के श्री हजूर साहिब जाने की तैयारी शुरू कर दी थी। रविवार को पत्नी को शॉपिंग करवाई थी। रूपिंदर के रिश्तेदार अमनजीत सिंह ने बताया कि पिता ने भी साथ जाना था। लेकिन ऐन मौके पर जाने से मना कर दिया। घर में बन रहे एक कमरे का लेंटर डाला जाना था। जिसके चलते पिता घर पर ही रुक गए। सोमवार सुबह तड़के रुपिंदर मां संतोष कौर, पत्नी हरप्रीत कौर और डेढ़ साल के बेटे अरवप्रीत सिंह के साथ अपनी कार से निकले थे। वाहेगुरु की फतेह बुलाते हुए परिवार की गाड़ी दसूहा से करीब 45 किलोमीटर आगे किशनगढ़ में जौहर ढाबे के पास बरेली से जम्मू की तरफ जा रही कार से टकरा गई। मौके पर ही सभी लोगों ने दम तोड़ दिया। रिश्तेदार ने बताया कि सभी ने जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन से श्री हजूर साहिब के लिए ट्रेन पकड़नी थी। गाड़ी को जालंधर में ही पार्क करना था। एक झटके में परिवार के बिखरने की कहानी… जवान की 4 साल पहले हुई थी शादी
दसूहा के गांव हिम्मतपुरा के रहने वाले रुपिंदर जम्मू-कश्मीर के राजौरी में भारतीय सेना की 30 पंजाब रेजिमेंट में तैनात थे। उनकी सेना में 13 साल की सेवा हो चुकी थी। रिश्तेदारों के मुताबिक, करीब चार साल पहले उनकी शादी नौशेरा की रहने वाली हरप्रीत कौर से हुई थी। डेढ़ साल पहले उनके घर बेटे का जन्म हुआ। 3 दिन पहले छुट्‌टी लेकर घर आए थे
उन्होंने मन्नत मांगी थी कि अगर बेटा हुआ तो वह परिवार के साथ हजूर साहिब में माथा टेकने जाएंगे। बेटे के जन्म के बाद वह कई बार छुट्टी लेकर घर आए, लेकिन किसी न किसी कारण यात्रा नहीं हो सकी। इस बार उन्होंने हर हाल में श्री हजूर साहिब जाने का मन बनाया। इसके लिए वह दो दिन पहले ही राजोरी से छुट्टी लेकर अपने घर पहुंचे थे। घर में काम के चलते पिता नहीं गए
परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचे रिश्तेदारों ने बताया कि रुपिंदर सिंह ने पिता सुरेंदर सिंह को भी साथ चलने के लिए कहा था। लेकिन वो माने नहीं। पहले पूरे परिवार ने एक साथ जाने का प्लान बनाया था। लेकिन घर में बन रहे एक कमरे का लेंटर डाला जाना था। जिसके चलते पिता घर पर ही रूक गए। रात तक शॉपिंग करते रहे
रिश्तेदार ने बताया कि रुपिंदर श्री हजूर साहिब जाने के लिए बहुत उत्साहित थे। ‌उन्होंने घर आने के बाद रेस्ट तक नहीं की। छुट्टी आते ही जाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी। हादसे से पिछले दिन रविवार रात तक वह पत्नी और बच्चे के लिए शॉपिंग करता रहे। रुपिंदर सिंह खुद ड्राइव कर रहे थे कार
उन्होंने जालंधर सिटी से श्री हजूर साहिब के लिए ट्रेन पकड़नी थी। जिसके लिए उन्होंने पहले से ही टिकट करवाकर रखे थे। सोमवार सुबह 4 बजे रुपिंदर सिंह परिवार को लेकर अपनी गाड़ी (बलेनो) से जालंधर के लिए निकले। कार को खुद रुपिंदर ड्राइव कर रहे थे। कार बेकाबू होकर क्रेटा से टकराई
जालंधर के किशनगढ़ के पास जौहल ढाबे के समीप सुबह 5 बजकर 41 मिनट पर उनकी कार बेकाबू होकर दूसरी तरफ जाकर क्रेटा गाड़ी से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों के परखच्चे उड़ गए। इसमें रुपिंदर सिंह, उनकी मां, पत्नी और डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई। क्रेटा में सवार 5 लोग भी घायल
वहीं क्रेटा कार (UP21 CJ 9595) में सवार उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एसएसएफ टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की खबर मिलते ही पिता बिलख पड़े
रिश्तेदार ने बताया कि 6 बजे के करीब हादसे की सूचना मिलने के बाद घर पर पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पिता सुरेंदर का कहना था कि अभी कुछ घंटे पहले ही तो उन्होंने पूरे परिवार को माथा टेकने के लिए खुशी-खुशी भेजा था। सुबह ही रुपिंदर के घर पर ढांढस बंधाने वाले लोग एकत्रित हो गए। आज अंतिम संस्कार हुआ पुलिस ने सिविल अस्पताल जालंधर से चारों डेडबॉडी को पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार के सौंप दिया गया है। चारों का अंतिम संस्कार मंगलवार को दोपहर किया गया। बहन इंग्लैंड में होने के चलते पंजाब नहीं आ सकती। उसे परिवार में हुई मौतों के बारे में बता दिया गया है। रुपिंदर के बड़े भाई भी सेना में हैं। ************ ये खबर भी पढ़ें: जालंधर में 2 कारें भिड़ी, 4 की मौत: इनमें एक ही परिवार के 3 लोग शामिल, 5 घायल; बेकाबू बलेनो डिवाइडर पार कर क्रेटा से टकराई
जालंधर में जम्मू नेशनल हाईवे पर क्रेटा और बलेनो कार की टक्कर हो गई। बलेनो सवार 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि क्रेटा सवार 5 लोग गंभीर घायल हैं। मृतकों में 2 साल का बच्चा, फौजी, उनकी पत्नी और एक अन्य महिला शामिल है। (पढ़ें पूरी खबर)

बिहार-एनकाउंटर में मारे गए भरत के घर बजे देशभक्ति गीत:तेरहवीं पर मां बोली- सम्राट पर भरोसा नहीं; मांझी ने कहा- पुलिस ने सही किया

बिहार के भोजपुर में 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की तेरहवीं है। करीब 25 हजार लोगों के लिए खाने का इंतजाम है। जबकि 15 हजार और लोगों के लिए राशन स्टॉक रखा गया है। श्राद्ध का भोज शुरू हो चुका है। अब तक 14 हजार लोग भोज खा चुके हैं। भरत तिवारी के घर पर देशभक्ति गीत बजाए जा रहे हैं। श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने “भ्रष्ट व्यवस्था मुर्दाबाद”, “बलिदानी लड़े थे गोरों से, हम लड़ेंगे कालों से”, “चारों तरफ अंधेरा है, पहरेदार लुटेरा है”, “शहीदों, हम शर्मिंदा हैं” के नारे लगाए। इधर, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को सही ठहराया है। उन्होंने कहा, “मेरे ऊपर कोई पिस्टल लहराएगा तो मैं उसे कैसे छोड़ सकता हूं। पुलिस मर जाए तो बहुत अच्छा। अगर कोई पुलिस पर पिस्टल तानने वाला मारा जाए तो सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने जो किया वो सही है।” खबर से जुड़े हाईलाइट्स भरत के गांव से आई तस्वीरें देखिए… मां बोली- सम्राट और उनकी पुलिस पर भरोसा नहीं भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि आज बेटे का श्राद्धकर्म है, लेकिन मेरे बेटे की हत्या के आरोपियों की आज तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। आम आदमी कोई गलती करता है, तो पुलिस तत्काल उसे पकड़ लेती है। लेकिन मेरे बेटे के केस में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। गांव में भरत का स्मारक बनना चाहिए, लेकिन मुझे बिहार सरकार से उम्मीद नहीं है कि वो ऐसा करेगी।
भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी ने कहा कि मुझे कोर्ट पर भरोसा है, कोर्ट से हमें न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर भाई भरत की मूर्ति लगाने की गांव वाले मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने इसे रोक दिया, ये बिल्कुल गलत है। अगर सरकार स्मारक नहीं बनवाएगी तो हम लोग खुद भरत का गांव में स्मारक बनवाएंगे। भरत तिवारी एनकाउंटर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… भरत तिवारी की तेरहवीं और बाकी अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

राम मंदिर दान चोरी पर धीरेंद्र शास्त्री बोले- महादंड मिलेगा:भोपाल में कहा- भारत के मुसलमान इंडोनेशिया जाकर देखें, नमाज पढ़ने वाले दिवाली मनाते हैं

भोपाल में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंगलवार को राम मंदिर से जुड़े हालिया विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस घटना से लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन परंपरा से जुड़े लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। धीरेंद्र शास्त्री के मुताबिक, यह सिर्फ एक मंदिर का मामला नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की प्रतिष्ठा और विश्वास से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के धाम में रहकर इस तरह का कृत्य करने वालों को महादंड मिलेगा। धर्म विरोधी ताकतें ऐसी परिस्थितियां बना रही हैं राम मंदिर चंदा चोरी मामले में संघ और चंपत राय का नाम आने तथा उन पर एफआईआर दर्ज नहीं होने के सवाल पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। एसआईटी और जांच एजेंसियां लगी हैं, इसलिए उन्हें निष्पक्ष जांच करने दी जानी चाहिए। विदेशों में इस मामले की आलोचना पर उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा को मानने वाले लोगों के मन में यह पीड़ा है। उन्होंने बताया कि जकार्ता में भी मैंने इस विषय का जिक्र किया था। सभी मंदिरों को शंकराचार्य के नियंत्रण में देने के सवाल पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि धर्म विरोधी ताकतें ऐसी परिस्थितियां बना रही हैं, जिससे मंदिरों और संतों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंदिरों की सेवा और प्रबंधन की जिम्मेदारी ऐसे लोगों को मिलनी चाहिए, जो सनातन, वैष्णव परंपरा और भगवान के प्रति पूरी तरह समर्पित हों। इंडोनेशिया में 5 वक्त के नमाजी भी कथा सुनते हैं अपने संबोधन में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भारत के मुसलमानों के संदर्भ में इंडोनेशिया का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमानों को इंडोनेशिया जाकर देखना चाहिए। वहां पांच वक्त की नमाज पढ़ने वाले लोग दीपावली भी मनाते हैं और रामकथा में भी शामिल होते हैं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भोपाल में हबीबगंज स्थित कैंसर हीलर सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। सिया-केतन केस पर बोले- अपराध की जड़ संस्कारों की कमी पुणे के चर्चित सिया-केतन केस पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा- बढ़ते अपराधों के पीछे संस्कारों का अभाव सबसे बड़ा कारण है। कानून केवल दंड दे सकता है, लेकिन समाज को सही दिशा संस्कार ही दे सकते हैं। यह घटना नासमझी और प्रेम के अंधेपन का परिणाम है। प्रेम करना गलत नहीं है, लेकिन माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं होता। NEET पेपर लीक पर कहा- देशहित में जो हो, वही होना चाहिए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर वे पहले भी अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने कहा, “देश में जो भी हो, वह सबके हित में होना चाहिए।” कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और राजनीति से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, “राजनीति हमारा विषय नहीं है, धर्मनीति हमारा विषय है। हिंदू, हिंदुत्व और हिंदुस्तान पर हमसे कुछ भी पूछिए, हम उस पर अपनी बात रखेंगे लेकिन राजनीतिक विवादों पर हम कोई टिप्पणी नहीं करते। ये खबर भी पढ़ें… राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की दान चोरी पर चुप्पी: उज्जैन में भास्कर के सवालों पर बचते नजर आए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने उज्जैन पहुंचे। इस दौरान राम मंदिर ट्रस्ट में दान चोरी को लेकर दैनिक भास्कर ने सवाल किए।उन्होंने सवालों के जवाब नहीं दिए। मुंह पर उंगली रखकर चुप रहने का इशारा किया। पढ़ें पूरी खबर…

₹400 तनख्वाह वालों ने NEET की सुरक्षा तोड़ी:200 लड़कों को बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन में नौकरी दिलवाई, इन्हीं के जरिए सॉल्वर बैठाए

री-NEET एग्जाम में सॉल्वर बैठाने के लिए परीक्षा माफिया ने बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम क्रैक किया था। इसके लिए उन्होंने 200 लड़कों को इनोवेटिव व्यू कंपनी में नौकरी पर रखवा दिया था। एक महीने से ये लड़के कंपनी के अंदर सिस्टम की रेकी करते रहे। इन्हीं के जरिए परीक्षा माफिया ने एग्जाम के दौरान सॉल्वर बैठाए। पहले कैंडिडेट सॉल्वर के साथ सेंटर पर जाता था। इसके बाद कंपनी में बैठे लड़के ओरिजन कैंडिडेट की बायोमीट्रिक स्कैनिंग के बाद सॉल्वर को एग्जाम हॉल में भेज देते थे। ओरिजनल कैंडिडेट बाहर आ जाता था। भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए और देखिए परीक्षा माफिया ने 20 साल पुरानी ट्रिक से कैसे डमी कैंडिडेट्स को एंट्री दिलवाई… लीक के बजाय बायोमीट्रिक क्रैक का प्लान NEET 2026 पेपर लीक के बाद सरकार पूरी तरह सख्त हो गई। केंद्र सरकार ने पेपर के सभी रूट को सेफ कर दिया। राज्य सरकारों को गाइडलाइन जारी कर दी गई। केंद्र से लेकर राज्य सरकार का पूरा फोकस पेपर लीक पर था, परीक्षा माफिया भी इस तैयारी को भांप गए। उन्होंने पेपर लीक के बजाए बायोमीट्रिक सुरक्षा को ही तोड़ने का पूरा प्लान कर दिया। हमारी टीम को राज्य सरकार की खुफिया जांच एजेंसी का इनपुट मिला। बताया गया कि जिस कंपनी को बायोमीट्रिक जांच की जिम्मेदारी दी, उसी कंपनी में परीक्षा माफिया ने अपने लड़कों को भर्ती करा दिया। एजेंसी के इनपुट को जब टीम ने क्रॉस चेक किया तो एक बड़ी कड़ी सामने आई। लखीसराय पुलिस ने परीक्षा के दौरान 18 लड़कों को गिरफ्तार किया, जो नीट एग्जाम में बायोमीट्रिक कंपनी इनोवेटिव व्यू में भर्ती हुए थे। मामले की जांच कर रही एजेंसी से जुड़े अधिकारियों की माने तो बिहार के अलग-अलग जिलों में ऐसे 200 से ज्यादा कर्मचारियों के भर्ती करने क इनपुट है। NTA ने जिसे जांच का जिम्मा दिया उसी ने गेम किया NTA ने जांच के लिए जिस एजेंसी को सिलेक्ट किया था उस एजेंसी ने भी कैंडिडेट्स की जांच के लिए दूसरी एजेंसी को लगा दिया और यहीं से पूरा खेल हो गया। पढ़िए गड़बड़ी की एक-एक कड़ी। अफसर नहीं सेट हुए तो बना ली डमी कर्मचारियों की चेन पड़ताल के दौरान इनपुट मिला कि इनोवेटिव व्यू कंपनी के बड़े अफसरों के स्तर से गड़बड़ी नहीं हुई। पूरा खेल स्टेट लेवल पर किया गया। परीक्षा माफिया का नेटवर्क देश के सभी राज्यों में फैला है। इसलिए बिहार ही नहीं देश के अन्य राज्यों यूपी, झारखंड, बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान के परीक्षा माफियाओं ने केंद्र सरकार की सुरक्षा लेयर को तोड़ने के लिए जांच एजेंसी में अपने आदमी सेट करने की प्लानिंग कर रखी थी। जांच में मिले इनपुट के मुताबिक सबसे पहले माफिया ने इनोवेटिव व्यू कंपनी में सेटिंग करनी चाही थी, लेकिन इनोवेटिव व्यू कंपनी से उनकी डील नहीं हो पाई। परीक्षा माफिया बड़े मामले पर डील करना चाहते थे, लेकिन ऊपरी स्तर से डील की कोई कड़ी सेट नहीं हो पाई। इसके बाद सेटिंग के लिए माफिया ने नोएडा में बैठे कंपनी के कुछ अन्य बड़े अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वहां भी कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद प्लानिंग कंपनी में बायोमीट्रिक जांच के लिए लगाए जाने वाले कर्मचारियों की भर्ती की हुई। परीक्षा माफिया ने कंपनी के स्टेट लेवल पर सेटिंग कर अपने हिसाब से लड़कों की भर्ती करा दी। इन्ही लड़कों ने 400 रुपए रोज की तनख्वाह में नीट परीक्षा में वेरिफिकेशन की सबसे मजबूत कड़ी को तोड़ दिया। कंपनी में भर्ती का तरीका जिससे सुरक्षा बाईपास हुई पड़ताल में सामने आया कि माफिया ने इसी भर्ती प्रक्रिया का फायदा उठाने की योजना बनाई। इसके लिए इनोवेटिव व्यू कंपनी को मैनपावर सप्लाई करने वाले अधिकारियों से साठगांठ कर ली। सरगना ने अपने विश्वसनीय लोगों को इस कंपनी में अस्थाई कर्मचारियों के रूप में भर्ती कराने के लिए पूरा नेटवर्क तैयार किया, ताकि परीक्षा केंद्र के अंदर तकनीकी स्टाफ के रूप में माफियाओं के अपने लोग मौजूद रहें और असली परीक्षार्थी की जगह पर सॉल्वर एंट्री हो जाए। इसका खुलासा लखीसराय पुलिस की जांच में हुआ। परीक्षा माफियाओं ने राज्य के अन्य जिलों की तरह लखीसराय में भी अपने लोगों की एक दिन की नौकरी लगवाई थी। जांच के दौरान इनोवेटिव व्यू कंपनी में भर्ती ऐसे 18 लड़कों को पुलिस ने एग्जाम के दिन ही पकड़ा था, इसके बाद इनोवेटिव व्यू कंपनी में डेली वेजेज पर काम करने वाले कर्मियों को डिटेक्ट किया जा रहा है। 400 रुपए की नौकरी वालों के सहारे 60 लाख की डील हमारी जांच में पता चला कि परीक्षा माफिया अपने लोगों की भर्ती कराने के बाद कैंडिडेट ढूंढने में जुट गए। लखीसराय में किसका एग्जाम सेंटर है, जिनका परीक्षा केंद्र संबंधित जिले में है। इसके लिए ऐसे परिवारों की तलाश की गई जो किसी भी कीमत पर मेडिकल कॉलेज में बच्चों का प्रवेश चाहते थे। ऐसे अभ्यर्थियों के परिजनों से 40 लाख से 60 लाख रुपए तक की डील की गई। इसके लिए बिजनेस मैन और डॉक्टर को विशेष रूप से टारगेट पर लिया गया था। मेडिकल स्टूडेंट्स को बनाया सॉल्वर परीक्षा माफियाओं के लिए सबसे अहम था ऐसे सॉल्वर ढूंढना जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा आसानी से निकाल सकें। इसके लिए विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे मेधावी छात्रों से संपर्क किया। सरगना ने यह जिम्मेदारी पटना PMCH के स्टूडेंट अश्विनी कुमार को दी। अश्विनी ने अपने साथ के उन लड़कों को सेट किया जो नीट का परीक्षा निकाल कर अलग-अलग मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे थे। खासकर वैसे लड़कों से संपर्क किया जो आर्थिक रूप से कमजोर थे। उन्हें परीक्षा देने के बदले 15 से 20 लाख रुपए तक देने की डील की। इन सभी सॉल्वर को भरोसा दिलाया कि सारे सेंटर पर अपने लड़कों की ड्यूटी है। एंट्री के समय कोई परेशानी नहीं होगी। अपने लड़के आसानी से सेंटर के अंदर घुसा देंगे। अश्विनी खुद PMCH का स्टूडेंट है। वह पटना में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी की है। नीट की तैयारी के दौरान ही इसके साथ पटना में नीट की तैयारी करने वाले और लड़के संपर्क में थे। अश्विनी ने उन सभी से संपर्क किया। इसके साथ नीट की तैयारी करने वाले लड़के भारत के अलग-अलग मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे थे। सरगना अश्विनी के अलावा खुद भी सॉल्वर से सेटिंग किया। अश्विनी बिहार के लड़के सेट किए जिसमें मधेपुरा का मंतोष कुमार, मुजफ्फरपुर का विवेक कुमार, सुपौल का हिमांश कुमार, मधुबनी का सौरभ ओझा और मधुबनी का रौशन कुमार के साथ और भी कई लड़के हैं। साथ ही माफियाओं ने पलामू के चंचल कुमारी, गिरिडीह की पूनम कुमारी, दिल्ली का अमन अग्रवाल, राजस्थान के सवाई माधोपुर का जितेन्द्र कुमार से सेटिंग की। परीक्षा के लिए अश्विनी ने पटना PMCH के और भी स्टूडेंट को सेट किया जो लखीसराय के अलावा बिहार के अलग-अलग सेंटर पर परीक्षा में बैठने के लिए तैयार हुए। मिशन के लिए सॉल्वर को एक जगह किया गया था ब्रीफ परीक्षा के दो दिन पहले सारे सॉल्वर को पटना बुलाया गया। पटना के एक मकान में अलग-अलग कमरे में रखा गया और सभी सॉल्वर को ओरिजनल परीक्षार्थी से मिलवाया गया। यहां सभी को प्लान बताया गया कि परीक्षा के दिन सेंटर पर ओरिजनल परीक्षार्थी भी मौजूद रहेंगे। सेंटर पर बायोमीट्रिक अटेंडेंस लेने वाले कर्मचारियों की भीड़ का फायदा उठाते हुए मुख्य परीक्षार्थी की बायोमीट्रिक अटेंडेंस ले लेंगे और उनकी जगह पर सॉल्वर को एंट्री दे दी जाएगी। सेंटर के अंदर इनविजिलेटर सॉल्वर को नहीं पकड़े इसलिए सभी को एडिटेड एडमिट कार्ड दिया गया। ऐसे कराई गई डमी कैंडिडेट्स की एंट्री रीक्षा वाले दिन असली अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के बाहर ही मौजूद रहे। एंट्री के दौरान उनका बायोमीट्रिक सत्यापन और फोटो सेंटर से 100 मीटर दूर किसी स्थान पर करा लिया गया। इसके बाद सॉल्वर को परीक्षा केंद्र के अंदर भेज दिया गया। अश्विनी खुद बायोमीट्रिक कर्मचारी बनकर एग्जाम सेंटर के अंदर गया था। गिरोह के एक सदस्य ने खोला राज पूरी कड़ी एक्सपोज करने के पीछे गैंग के ही एक सदस्य का बड़ा रोल रहा। परीक्षा माफिया गिरोह के ही एक युवक ने लखीसराय जिला प्रशासन को मेल कर जानकारी दी कि लखीसराय के केंद्रीय विद्यालय में मधुप्रिया की जगह पुनम परीक्षा दे रही है। इसके बाद जिला प्रशासन तुरंत एक्टिव हुआ और एसपी ने सभी सेंटर को अलर्ट कर दिया। इसके बाद लखीसराय के सारे सेंटर पर बारीकी से परीक्षार्थियों की जांच कि गई तो 9 सॉल्वर पकड़े गए। सरकार की सख्ती को क्रैक करने का मास्टर प्लान सरकार पेपर लीक को लेकर काफी सख्त हो गई थी। केंद्र सरकार के साथ राज्यों की सरकारें भी पेपर लीक पर विशेष रूप से सख्त थी। इसलिए जांच वाले पॉइंट्स को क्रैक कर सॉल्वर बैठाने की प्लानिंग थी। सॉल्वर नहीं पकड़े जाए इसके लिए एंट्री के दौरान जांच करने के लिए जो कंपनी ठेका लेती है। उस कंपनी में माफियाओं ने अपने आदमी की भर्ती करा दिए। परीक्षा सेंटर पर ही अपने आदमी घुसा दिए, ताकि पेपर की छपाई से लेकर उसके परिवहन, स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों तक वितरण और परीक्षा शुरू होने तक हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी गई। इस बार ऐसी व्यवस्था की गई थी कि न तो प्रिंटिंग प्रेस से पेपर बाहर निकल सके और न ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने से पहले उसकी कॉपी किसी के हाथ लग सके। इसलिए माफियाओं ने सेंटर पर फिंगर प्रिंट लेने और फेस रिकॉग्निशन के लिए अपने आदमी की भर्ती करा दी। माफिया ने सबसे पहले यह पता लगाया कि इस बार परीक्षा में बायोमीट्रिक सत्यापन का काम किस कंपनी को मिला है। इसके पीछे मंशा इस व्यवस्था में किसी स्तर पर सेंध लगा दी जाए तो असली अभ्यर्थी की जगह दूसरे सॉल्वर को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाया जा सकता है। अब सरकार की तैयारी जानिए 3 मई 2026 को हुए नीट-यूजी परीक्षा का पेपर किसी एग्जाम सेंटर से नहीं बल्कि प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था। इसके बाद केंद्र सरकार ने 21 जून की री-एग्जाम को राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा मानते हुए री-एग्जाम के लिए पूरी रणनीति बदल दी। प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO की सीधी निगरानी में इस बार परीक्षा कराई गई। PMO की सीधी मॉनिटरिंग और वॉर-रूम इस बार पेपर सेटिंग से लेकर रिजल्ट तक हर स्टेज की मॉनिटरिंग PMO द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोजाना अपडेट दिए गए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई हाई-लेवल मीटिंग में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और एयरफोर्स के अधिकारी शामिल हुए। NTA के री-एग्जाम को लेकर युद्ध स्तर पर तैयारी का आदेश दिया गया। एयरफोर्स को सौंपी गई लॉजिस्टिक्स की कमान अब तक नीट के पेपर डाक और सड़क के रास्ते भेजे जाते थे। यह काम विभाग के कर्मचारी करते थे। इस बार सरकार ने भारतीय वायुसेना यानी IAF को जिम्मेदारी दी। प्लान के मुताबिक क्वेश्चन पेपर को प्रिंटिंग प्रेस से सीधे देशभर के 18 एयरफोर्स स्टेशनों और एयरपोर्ट तक एयरलिफ्ट किया गया। एयरपोर्ट और एयरफोर्स स्टेशन से एग्जाम सेंटर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर क्वेश्चन पेपर पहुंचाए गए। पेपर सेटर का लॉकडाउन पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट, ट्रांसलेटर और मॉडरेटर को 21 जून तक एक गुप्त जगह पर लॉकडाउन में रखा गया। उनके मोबाइल, लैपटॉप, इंटरनेट, स्मार्टवॉच सब जब्त कर लिए गए। न किसी से मिल सकते थे, न बाहर संपर्क कर सकते थे। प्रोसेस को कई हिस्सों में बांटा गया ताकि कोई एक व्यक्ति पूरी जानकारी न रख सके। बिहार में कैसे पहुंचा पेपर 19 जून की रात IAF के विमान से सीलबंद बक्सों में पेपर बिहटा एयरफोर्स स्टेशन और पटना एयरबेस पर लाए गए। DM और SP की निगरानी में जिला स्ट्रॉन्ग रूम बनाए गए। पुलिस और सिविल स्टाफ की निगरानी में इन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में शिफ्ट किया गया। 24×7 CCTV, डिजिटल लॉक और बायोमीट्रिक एंट्री की व्यवस्था की गई। पेपर की निगरानी के लिए CRPF की ड्यूटी लगाई गई। पटना से अन्य जिलों में पेपर पहुंचाने के लिए GPS ट्रैकिंग वाली गाड़ियों से पेपर भेजे गए। डाक विभाग को सिर्फ बैकअप में रखा गया। पहले पेपर 3-4 दिन पहले सड़क के रास्ते से पेपर आता था। इस बार IAF ने 24 घंटे के अंदर डिलीवरी की। किसी भी इंसान के इंवॉल्वमेंट को सीमित कर दिया गया। कंपनी से मांगा गया पक्ष – नहीं मिला जवाब भास्कर ने इनोवेटिव कंपनी से बातकर उनका पक्ष जानना चाहा, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। हमने मेल भी किया, लेकिन किसी भी मेल का कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। कंपनी का पक्ष आते ही हम खबर में अपडेट करेंगे। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… री-नीट- 8 राज्यों से बिहार लाए गए 200 सॉल्वर:50 करोड़ तक की डील, कैंडिडेट्स को दूर बैठाकर देना था एग्जाम, NTA की सुरक्षा कैसे टूटी री-नीट फर्जीवाड़े की परतें जैसे-जैसे ‎खुल रही हैं, वैसे-वैसे एक ऐसे सॉल्वर सिंडिकेट का चेहरा ‎सामने आ रहा है, जिसे MBBS के छात्र ‎चला रहे थे। केंद्र सरकार ने सख्ती बरतकर पेपर लीक होने से तो रोक लिया, लेकिन बिहार में मेडिकल के छात्रों ने NTA की सुरक्षा में सेंध लगा दी। सॉल्वर सिंडिकेट का सरगना मुजफ्फरपुर का अर्पित यादव है। उसने कोटा में पढ़ाई के दौरान तीन दोस्तों के साथ मिलकर गिरोह बनाया था। पूरी खबर पढ़े…

हिमाचल में मानसून 8 दिन की देरी से पहुंचा:2 से 5 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट; IMD ने जारी की एडवाइजरी

दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 दिन की देरी के बाद आज (30 जून) हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है। मानसून ने पूरे किन्नौर जिला के अलावा कुल्लू व लाहौल-स्पीति के अधिकांश भागों, शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिलों के कुछ हिस्सों को कवर कर लिया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में मानसून के हिमाचल के ज्यादातर भागों को कवर कर लेगा। राज्य में अगले 4-5 दिनों के दौरान कुछेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विशेषकर, 2 से 5 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आज और कल भी किन्नौर व लाहौल स्पीति जिला छोड़कर अन्य सभी जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। परसों रात से वेस्टर्न डिस्टरबेंस ज्यादा स्ट्रांग होगा। इससे अगले 72 घंटे तक कुछेक स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। IMD के मुताबिक- राज्य में 6 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा। जहालमा नाले में बाढ़, टूरिस्ट-लोकल फंसे, प्रशासन ने रेस्क्यू किया मानसून की एंट्री से एक दिन पहले लाहौल स्पीति, चंबा जिला और जम्मू को जोड़ने वाली सड़क पर जहालमा नाला में बाढ़ के बाद 150 से ज्यादा लोकल और टूरिस्ट फंसे गए। स्थानीय प्रशासन ने सोमवार शाम को इन्हें होम स्टे, होटल और लोकल लोगों के घरों में ठहराया। आज सुबह अस्थाई पुल बनाकर लोगों को अपने अपने गतंव्य तक भेजा गया। हालांकि, लोकल और टूरिस्टों के वाहन अभी नहीं निकल पाए, क्योंकि सड़क बह जाने से वाहनों की आवाजाही अभी बहाल नहीं हो सकी। सड़क अवरुद्ध होने से लाखों रुपए का मटर भी फंस गया है। अब इसे भी लेबर के जरिए नाले से दूसरी साइड निकाला जा रहा है। बता दें कि बर्फ पिघलने के बाद कल जहालमा नाला में बाढ़ आ गई थी। सावधानी बरतने की एडवाइजरी मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के आसपास और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। इस दौरान कई भागों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती है। मानसून से पहले सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश राज्य में मानसून की एंट्री से पहले तक सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है। IMD के अनुसार- एक से 30 जून तक 101.1 मिमी सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 67.3 मिमी ही बादल बरसे है। मानसून की दस्तक के बाद अब अच्छी बारिश के आसार है। आज भी कई भागों में हल्की बारिश हुई है। सामान्य से नीचे गिरेगा पारा मानसून की एंट्री के बाद अब तापमान में भी गिरावट आएगी। अभी तक ज्यादातर शहरों का पारा सामान्य से आसपास या थोड़ा अधिक बना हुआ है।