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सुप्रीम कोर्ट बोला-9वीं में तीसरी भाषा का बोझ न डालें:बोर्ड परीक्षा के एक साल पहले बच्चों में तनाव बढ़ेगा, सरकार से कहिए ऐसा न करें

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि CBSE को 9वीं से थ्री लैंग्वेंज पॉलिसी लागू नहीं करनी चाहिए। 9वीं कक्षा की पढ़ाई पहले से मुश्किल है, ऐसे में तीसरी भाषा को शामिल करने की क्या जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि इससे स्टूडेंट्स का मानसिक तनाव बढ़ सकता है। भारत सरकार से कहिए कि ऐसा न करें। जस्टिस बीवी नागरथना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि तीसरी भाषा को क्लास 5 या 6 में ही शुरू कर दिया जाना चाहिए, ताकि छात्र इसके साथ अधिक प्रभावी ढंग से तालमेल बिठा सकें। दरअसल, बेंच तमिलनाडु सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मद्रास हाईकोर्ट के राज्य के हर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) बनाने के आदेश को चुनौती दी गई थी। तमिलनाडु सरकार JNV में लागू थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के पक्ष में नहीं है। कोर्ट बोला- तीसरी भाषा की पढ़ाई 9वीं में बंद हो जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि तीसरी भाषा को पढ़ाना 6वीं क्लास में शुरू करना चाहिए और 9वीं में इसे बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं का दबाव कक्षा 8 से ही शुरू हो जाता है। आगे उन्होंने अपने स्कूल के दिनों के बारे में बताते हुए कहा कि जब मैं स्कूल में थी तब 8वीं के बच्चों को 10वीं की चीजें पढ़ाई जाती थीं। उस वक्त ऐसी हालत थी तो आप समझ सकते हैं आज बच्चों पर कितना बोझ होगा। सुप्रीम कोर्ट तमिलनाडु सरकार से बोली- यह रवैया न रखें सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के नवोदय विद्यालय शुरू करने के आदेश पर तमिलनाडु सरकार से कहा कि आपके यहां नवोदय विद्यालय होने चाहिए। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि केंद्र सरकार इसका पूरा खर्च उठाएगी, आपको सिर्फ जमीन उपलब्ध करानी है। यह रवैया न रखिए। लेकिन तमिलनाडु सरकार के अनुरोध के बाद अदालत ने मामले को स्थगित कर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी। सुप्रीम कोर्ट का 3 लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से इनकार इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या अंग्रेजी को भारत की स्वदेशी (मूल) भाषा माना जा सकता है। साथ ही इसे लागू करने में आने वाली चुनौतियों को लेकर सरकार और सीबीएसई से 10 दिन में जवाब मांगा है। अब 14 दिन बाद 29 जुलाई को इस मामले में सुनवाई होगी। दरअसल, थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी मौजूदा 2026-27 सेशन से लागू कर दी गई है। नई पॉलिसी के मुताबिक स्टूडेंट्स को 2 भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। ऐसे में उन्हें वे भाषाएं छोड़नी पड़ेंगी, जिन्हें वे क्लास 5 से लगातार पढ़ रहे हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है था कि CBSE ने तैयारी के बिना तीन-भाषा नीति लागू कर दी है। स्कूलों में पर्याप्त टीचर, किताबें और जरूरी एकेडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है, जिससे स्टूडेंट-टीचर को परेशानी हो रही है। थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े सवाल-जवाब, जो आपको जानना जरूरी है 1. मामला क्या है?
जवाब: सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है।
हालांकि, CBSE ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर 6 जून को यूटर्न लिया और नई गाइडलाइन जारी की थी। इसके मुताबिक, इस साल 10वीं में पढ़ रहे छात्रों को तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं देनी होगी। 7वीं, 8वीं और 9वीं के वे छात्र, जिन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, वे अपनी वही भाषाएं जारी रख सकेंगे। हालांकि, उन्हें इसके साथ एक भारतीय भाषा भी पढ़नी होगी। पूरी खबर पढ़ें 2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है?
जवाब: पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच, जर्मन) पढ़ते थे। अब नियम कहता है कि तीन में से कम-से-कम दो भाषाएं भारतीय होनी चाहिए। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही ली जा सकेगी। 3. याचिकाएं किसकी तरफ से लगाई गई थीं?
जवाब: याचिकाएं छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी ने दायर की थीं। याचिकाकर्ताओं की तरफ से सीनियर एडवोकेट आनंद ग्रोवर, सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने सुनवाई की। 4. याचिकाकर्ताओं की आपत्ति क्या है?
जवाब: नियम अचानक लागू कर दिया गया। कई भाषाओं की किताबें अभी उपलब्ध नहीं हैं। स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक नहीं हैं। इससे छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 5. कोर्ट में किताबों को लेकर क्या दलील दी गई?
जवाब: सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने पर रोक लगनी चाहिए। सीनियर एडवोकेट आनंद ग्रोवर, सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से अभी केवल 3 भाषाओं की किताबें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं में पढ़ाई कैसे शुरू होगी? 6. शिक्षकों को लेकर क्या समस्या बताई गई?
जवाब: वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि अगर किसी स्कूल में नई भारतीय भाषा पढ़ानी होगी, तो उसके लिए प्रशिक्षित शिक्षक चाहिए। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इतने कम समय में शिक्षक और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना संभव नहीं है। 7. क्या विदेशी भाषा पूरी तरह बंद हो जाएगी?
जवाब: नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन पहले उन्हें दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी। 8. तीसरी भाषा (R3) का बोर्ड एग्जाम होगा?
जवाब: नहीं। CBSE ने कहा है कि कक्षा 10 के बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। 10. अभी आगे क्या होगा?
जवाब: केंद्र, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि इस नीति पर आगे क्या आदेश देना है। 34 साल बाद नई शिक्षा नीति 2020 लाई गई नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को भारत सरकार ने 29 जुलाई, 2020 को मंजूरी दी थी। यह 34 साल बाद भारत की शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। इससे पिछली नीति 1986 में बनाई गई थी, जिसे 1992 में अपडेट किया गया था। इसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालना है, ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान मिले और वे स्किल सीखें। नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए केंद्र ने 2030 तक का लक्ष्य रखा है। शिक्षा संविधान में समवर्ती सूची का विषय है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों का अधिकार होता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि राज्य सरकारें इसे पूरी तरह अप्लाई करें। टकराव होने पर दोनों पक्षों को आम सहमति से विवाद सुलझाने का सुझाव दिया गया है। ——————- ये खबर भी पढ़ें: CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पेरेंट्स:9वीं क्लास में लागू किए जाने का विरोध, जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच करेगी सुनवाई CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। पूरी खबर पढ़ें…

बेंगलुरु में शादी से इनकार पर लॉ स्टूडेंट की हत्या:लड़का पहले से शादीशुदा था, लड़के के नाराज भाई ने सीने और पीठ पर चाकू मारा

बेंगलुरु में शादी का प्रस्ताव ठुकराने के बाद एक लॉ छात्रा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, बेंगलुरु के कोडीहल्ली में रहने वाली अमृता पर 13 जुलाई की शाम 4:30 बजे सूर्या नाम के शख्स ने चाकू से हमला कर दिया था, जिसके बाद मंगलवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दरअसल, अमृता ने सूर्या के भाई धनुष की शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। पहले दोनों की शादी तय हुई थी, लेकिन जब अमृता को पता चला कि धनुष की पहले भी शादी हो चुकी है, तो वह नाराज हो गई। घटना के बाद जेबी नगर पुलिस ने धनुष और सूर्या दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता अमृता, धनुष और सूर्या एक ही इलाके के रहने वाले थे। दोनों परिवार धार्मिक आयोजनों के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। इसी दौरान अमृता और धनुष के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। पुलिस के मुताबिक, बाद में अमृता को पता चला कि धनुष पहले से शादीशुदा था, उसका तलाक हो चुका था और उसका एक बच्चा भी है। यह बात छिपाए जाने पर अमृता ने रिश्ता खत्म कर दिया और उससे दूरी बना ली। घर में घुसकर किया हमला पुलिस का कहना है कि सूर्या, अमृता के फैसले से नाराज था। उसने कथित तौर पर पहले ही धमकी दी थी कि वह अपने भाई का प्रेम प्रस्ताव ठुकराने पर अमृता को नहीं छोड़ेगा। 13 जुलाई को अमृता के घर पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान सूर्या ने कथित तौर पर चाकू से अमृता के सीने और पीठ पर कई वार किए और मौके से भागने की कोशिश की। हालांकि, स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया। घायल अमृता को उनके परिजन तुरंत अस्पताल ले गए, जहां उनका 48 घंटे से अधिक समय तक इलाज चला। मंगलवार शाम उनकी मौत हो गई। —————————————— ये खबर भी पढ़ें… सिया ने केतन मर्डर से पहले राजा रघुवंशी केस पढ़ा:मोबाइल हिस्ट्री से पता चला; यह भी जाना- क्या कस्टडी में महिला से मारपीट होती है पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल ने वारदात से पहले इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की जानकारी जुटाई थी। पुलिस के मुताबिक सिया ने इंटरनेट पर यह भी सर्च किया था कि क्या पुलिस कस्टडी में महिलाओं के साथ मारपीट होती है। यह पूरी जानकारी सिया के दोनों मोबाइल की सर्च हिस्ट्री से मिली। पूरी खबर पढ़ें…

राजस्थान में भगवान जगन्नाथ की रथयात्राएं निकलीं:उदयपुर में पहली बार 375 साल पुराना रथ शामिल, 21 बंदूकों की सलामी दी; जयपुर में 25-फीट ऊंचा रथ

राजस्थान के अलग-अलग शहरों में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। उदयपुर में जगदीश मंदिर से राजस्थान की सबसे बड़ी और देश में तीसरी बड़ी जगन्नाथ रथयात्रा निकली। भगवान जगन्नाथ स्वामी 95 किलो चांदी के रथ पर मां लक्ष्मी और दानीराय जी के साथ विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। भगवान को 21 बंदूकों की सलामी दी गई। इस यात्रा में जगदीश मंदिर की स्थापना के बाद पहली बार 375 साल पुराने लकड़ी के रथ को भी शामिल किया गया। इसमें भगवान श्री कृष्णजी और राधा जी जुगल सरकार विराजित हुए। जयपुर में जगन्नाथ सेवक समिति की ओर से पुरी (ओडिशा) की तर्ज पर गोविंददेवजी मंदिर से भव्य रथयात्रा निकाली गई। भगवान जगन्नाथ 25 फीट और बलभद्र व देवी सुभद्रा 12-12 फीट ऊंचे रथ पर सवार हुए। वहीं, जयपुर में गुप्त वृंदावन धाम में मॉडर्न हाइड्रोलिक रथ पर शोभायात्रा निकाली गई। कोटा में इस्कॉन केंद्र गोविंद धाम की ओर से रथयात्रा में भक्त भजनों पर नाचते-गाते चले। अजमेर में यात्रा के दौरान महिलाएं भगवान जगदीश के रथ के आगे झाड़ू से सफाई करती हुई चलीं। करीब 800 किलो वजनी रथ को खींचने के लिए दोनों ओर 200 मीटर लंबे रस्से बांधे गए। जोधपुर शहर के सुनारों की घाटी स्थित जगदीश मंदिर में विराजित भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। यह प्रतिमा चंदन की लकड़ी से बनी है। जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में 250 साल पुरानी परंपरा के तहत सुबह रथयात्रा महोत्सव हुआ। भगवान गौर गोविंद को चांदी के प्राचीन रथ में विराजमान कर मंदिर परिसर की चार परिक्रमा कराई गई। देखिए, भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से जुड़ीं PHOTOS… … जगन्नाथ रथयात्रा के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…

PM दौरे से कुछ घंटे पहले SPG ने बदला रूट:सुरक्षा कारणों से बदलाव; जींद में 40 मिनट ही ठहरेंगे मोदी, मेहमानों की लिस्ट भी बदली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को होने वाले जींद दौरे से कुछ घंटे पहले उनका रूट बदल दिया गया है। अब उनका चॉपर सीधे जींद रेलवे स्टेशन के पास रामलीला ग्राउंड में उतरेगा। जहां देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। पहले उन्हें शहर के बीच से होकर रोड शो के साथ रैली स्थल तक जाना था। अब रेलवे स्टेशन से पटियाला चौक, नरवाना चौक होते हुए अमरेहड़ी के पास जींद बाईपास पर चढ़ेंगे। वहां से हैबतपुर रोड से रैली स्थल (हुडा ग्राउंड) पहुंचेगा। बताया जा रहा है कि स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SGP) के अधिकारियों के निरीक्षण के बाद यह बदलाव किया। एसजीपी का ऑब्जेक्शन था कि शहर में सिंगल-संकरी रोड से वीवीआईपी मूवमेंट सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं है। अब गोहाना रोड को वीवीआईपी मूवमेंट रूट से बाहर कर दिया गया है। पीएम का शेड्यूल टाइम भी बदला गया है। वो शुक्रवार को 10 बजकर 45 मिनट पर जींद पहुंचेंगे। ट्रेन को झंडी दिखाने से लेकर रैली तक उनका करीब 40-45 मिनट का ही शेड्यूल रहेगा। उसके बाद चंडीगढ़ रवाना होंगे। BJP ने गुरुवार शाम को 9 जिलों में मेहमानों की लिस्ट भी बदल दी। अब शहर के लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी रूट में बदलाव के साथ ही गोहाना रोड पर पिछले कई दिनों से सुरक्षा के मद्देनजर दुकानों के सामने लगाई गई बांस की बल्लियां भी हटाई जाने लगी हैं। व्यापारियों और आम जनता ने इस बदलाव पर राहत की सांस ली है। यदि पुराना रूट लागू रहता, तो सिविल अस्पताल, जिला न्यायालय और आसपास के सरकारी कार्यालयों में आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता। अब नए रूट के कारण शहर के सबसे व्यस्त हिस्से में यातायात पर अपेक्षाकृत बहुत कम असर पड़ेगा। पीएम मोदी की रैली को लेकर तैयारियां… सुरक्षा पर एसपीजी की पैनी नजर केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव गुरुवार रात को ही जींद पहुंच जाएंगे। सीएम नायब सैनी भी शाम को जींद पहुंचेंगे, जबकि राज्यपाल असीम घोष भी यूनिवर्सिटी रेस्ट हाउस पहुंचेंगे। ये 17 जुलाई की सुबह 10:45 बजे पीएम मोदी को रिसीव करेंगे। सुरक्षा को लेकर एसपीजी के कमांडो और सादी वर्दी में तैनात जवान चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रख रहे हैं। मंत्री-विधायकों भी जींद नहीं जाएंगे, मेहमानों की लिस्ट बदली हरियाणा सरकार के इसे बड़े इवेंट में बदलने की तैयारी की है। इसलिए शुक्रवार को 21 जिलों में कार्यक्रम होंगे। मंत्रियों और विधायकों की भी अलग-अलग जिलों में ड्यूटियां लगाई हैं। ज्यादा मंत्रियों-विधायकों को प्रधानमंत्री के प्रोग्राम में जींद आने की बजाय जिलों में रहने को कहा गया है। दिलचस्प है कि कांग्रेस के 5 बागी विधायकों शैली चौधरी, रेणु बाला, जरनैल सिंह, मोहम्मद इजराइल व मोहम्मद इलियास के नाम भी खास मेहमानों में शामिल हैं। हालांकि शाम को भाजपा ने मेहमानों की लिस्ट में भी बदलाव कर दिया। पहले जारी की गई जिलों में मेहमानों की लिस्ट शाम को दूसरी लिस्ट जारी की, खट्टर करनाल में रहेंगे ————————– पीएम मोदी के जींद दौरे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… PM कार्यक्रम की 5 घंटे में दूसरी चीफ गेस्ट लिस्ट:गुरुग्राम से नरबीर को हटाकर इंद्रजीत, महेंद्रगढ़ में धर्मबीर की जगह आरती राव चीफ गेस्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस कार्यक्रम का प्रदेश के सभी 21 जिलों में लाइव प्रसारण होगा। इसके लिए भाजपा और हरियाणा सरकार ने जिला स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रम तय किए हैं। (पूरी खबर पढ़ें)

डॉक्टर ने कहा-अनपढ़ हूं, मुझे हॉस्पिटल से बाहर निकालो:मरीज के परिजन बोले-आपको शर्म आनी चाहिए, पसलियों में फ्रैक्चर को बताया मामूली चोट

झुंझुनूं के बीडीके हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही की शिकायत पर ऑर्थोपेडिक डॉक्टर जगदेव सिंह मरीज के परिजनों पर भड़क गए। कहा- “मैं पढ़ा हुआ नहीं हूं, मैं तो अनपढ़ हूं, निकालो मुझे हॉस्पिटल से बाहर। मामला 15 जुलाई का है। इसका वीडियो आज सामने आया है। वीडियो में डॉक्टर मरीज के परिजनों से बहस करते दिख रहे हैं। मरीज के भाई का आरोप है कि उसके छोटे भाई का एक्सीडेंट हो गया था। डॉक्टर जगदेव सिंह ने एक्स-रे देखने के बाद भीं फ्रैक्चर नहीं बताया। दवाइयां देकर घर भेज दिया। यह है मामला गांव डूमरा निवासी विकास महला का 12 जुलाई की देर शाम एक्सीडेंट हो गया था। परिजन 13 जुलाई को उसे बीडीके हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। विकास के भाई मुकेश महला ने बताया- ऑर्थोपेडिक डॉक्टर जगदेव सिंह ने एक्स-रे करवाया और रिपोर्ट देखने के बाद कहा- कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने दवाइयां लिखकर हम लोगों को घर भेज दिया। कंपाउंडर ने देखा तो पता चला फ्रैक्चर मुकेश महला ने बताया- घर जाने के बाद जब हमने परिवार के एक सदस्य, जो कि कंपाउंडर हैं, विकास को देखा तो वे हैरान रह गए। विकास की पसलियों में फ्रैक्चर था। परिवार को समझ नहीं आया कि जिस डॉक्टर ने रिपोर्ट देखी, उन्होंने इतनी गंभीर चोट को सामान्य कैसे बता दिया। 15 जुलाई को परिजन वापस हॉस्पिटल पहुंचे और डॉक्टर से पूछा- आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? आरोप है कि डॉक्टर जगदेव सिंह ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय परिजनों से अभद्रता शुरू कर दी। डॉक्टर और परिजनों के बीच हुई तीखी बहस डॉक्टर जगदेव सिंह और परिजनों के बीच हुई इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में डॉक्टर चैम्बर के अंदर मरीजों और अन्य लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है। परिजन : डॉक्टर साहब, आपको यह भी पता नहीं चला कि हड्डी टूटी हुई है? डॉक्टर :मैं पढ़ा हुआ नहीं हूं। मैं तो अनपढ़ हूं। परिजन : हां, तुम अनपढ़ ही हो। परिजन :डॉक्टर साहब, आप जिला हेडक्वार्टर के हॉस्पिटल में बैठे हैं। आपको इतना तो एहसास होना चाहिए कि आपने क्या काम किया है। डॉक्टर : हां, बैठा हूं। निकाल दो मुझे यहां से बाहर। परिजन: हम आपको बाहर क्यों निकालें? डॉक्टर होकर ऐसी भाषा बोल रहे हैं? एक्स-रे में साफ दिख रहा है कि हड्डी टूटी हुई है, फिर भी आपने कह दिया कि कुछ नहीं है। आपको पता है कि मरीज को कितनी पीड़ा हुई है?” परिजन: डॉक्टर साहब, आपको थोड़ी बहुत तो शर्म आनी चाहिए। डॉक्टर: नहीं है शर्म। आप दो के ही पास शर्म है क्या?” परिजन :आप जिला हेडक्वार्टर के हॉस्पिटल में बैठे हैं, कम से कम अपनी जिम्मेदारी तो समझें।” डॉक्टर :तुम बैठ जाओ।

'किसी की हिम्मत नहीं मेरे कार्यकर्ताओं का नुकसान कर दे':नरोत्तम बोले-आशुतोष की क्षमता टिकट काटने की नहीं; वे कोई और, वहां हम बात करेंगे

बीजेपी के सीनियर लीडर डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों से कहा, ‘किसी की हिम्मत नहीं कि मेरे कार्यकर्ताओं का नुकसान कर दे। अगर नौबत आई तो मैं भी तुम्हारे साथ जेल जाऊंगा।’ पूर्व गृहमंत्री ने ये बात गुरुवार को दतिया में कही। वे बीजेपी दफ्तर में कार्यकर्ताओं की बैठक में बोल रहे थे। इस दौरान उपचुनाव में पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी उनके साथ थे। मिश्रा ने कहा, ‘लोग कहने लगे कि आशुतोष ने टिकट काट दिया। उसकी क्षमता है टिकट काटने की? टिकट काटने वाले कोई और हैं। वहां हमें बात करनी है, हम करेंगे। उस दिन आप लोगों की आंखों में आंसू देखकर मैं भी भावुक हो गया था। कुछ लोग कह रहे हैं कि भाजपा से बदला लेना है। अरे भाई…बदला भाजपा से नहीं, कांग्रेस से लेना है। हर हाल में आशुतोष तिवारी को जिताना है।” कार्यकर्ताओं को दिलाई पीतांबरा माई की शपथ नरोत्तम ने कहा कि वे हमेशा अपने चुनाव से ज्यादा दूसरे चुनावों में ताकत लगाते रहे हैं। साथ ही कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए बोले कि यदि किसी पर प्रशासनिक कार्रवाई होती है तो वे उसके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को पीतांबरा माई की कसम खिलाकर बीजेपी के पक्ष में मतदान कराने का संकल्प भी दिलाया। देर शाम बीजेपी ने चुनाव संचालन समिति की घोषणा की। इसमें नरोत्तम मिश्रा को प्रमुख बनाया गया है। बोले- मेरे मन को समझने की कोशिश करो नरोत्तम ने कहा- जो हुआ, भ्रम-क्रोध में आकर हुआ। दतिया के दुकानदार भाइयों ने तीन दिन बाजार बंद रखा, उनका तहेदिल से आभार व्यक्त करता हूं। कार्यकर्ता बंधुओं, मैं तुम्हारे मन को समझ रहा हूं। तुम भी मेरे मन को समझने की कोशिश करो। मुझे रास्ते में जब कार्यकर्ता मिले, बताया कि यहां चोट है, वहां चोट है…एक तो आज सुबह ही आ गया मुकेश, उसके सिर पर आंसू गैस का गोला फटा। पूरा सिर फट गया उसका, बाल जल गए। कहा- गुस्सा गलत जगह नहीं निकालना है नरोत्तम बोले- लोग कहने लगे कि दादा के आंसू का बदला भाजपा से लेंगे। बदला लेना है कांग्रेस से, कह रहे हो भाजपा से। बदला लेना है पुलिस-प्रशासन से, कह रहे हो आशुतोष से। क्या चल रहा था दिमाग में। आशुतोष ने टिकट काट दिया। उसकी क्षमता है टिकट काटने की? टिकट काटने वाले कोई और हैं। वहां तक जाने की तुम्हारी क्षमता नहीं है जाने की। वहां हमें बात करनी है, हम करेंगे। इसलिए गुस्सा गलत जगह नहीं निकालना है। आप मेरे दिल के बहुत नजदीक हो। पूरा शहर दिल के नजदीक है। यह सबने साबित कर दिया। इससे बड़ी और क्या किसी व्यक्ति को उपलब्धि चाहिए। कहां लग रही है विधायकी? राजनीति खो देने का खेल है। खो करेंगे और कोई और आकर बैठ जाएगा। आप किसी को स्पेस मत दो। पार्टी हमारी मां है, ये ध्यान रखो। पूछा- बीजेपी दफ्तर पर गैस के गोले क्यों दागे? पूर्व गृहमंत्री ने कहा- पुलिस वाले ध्यान से सुनें। मैं इतना कहना चाहता हूं आपने गाड़ियां तोड़ीं, हमारे पास फुटेज हैं। आपको चक्काजाम खुलवाना था, खुलवाते लेकिन गैस के गोले बीजेपी कार्यालय पर क्यों दागे? क्या बिल्डिंग सड़क पर रखी थी? एसपी साहब, मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं। याद रखता हूं। मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं। मेरी आवाज आप तक पहुंचेगी इसीलिए कह रहा हूं कि निर्दोष कार्यकर्ताओं पर केस लगाना, निर्दोषों को पीटना बर्दाश्त नहीं है किसी कीमत पर। आशुतोष बोले- किसी के सम्मान में आंच नहीं आने देंगे उधर, बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने कहा कि यदि प्रशासन की कार्रवाई से किसी कार्यकर्ता को परेशानी हुई है तो हर परिस्थिति में वे कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा- मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि माई साक्षी हैं, हमारे तन में जब तक प्राण रहेंगे, आप सबके सम्मान में कभी किसी प्रकार की आंच नहीं आने देंगे। …………………………………… ये खबरें भी पढ़ें… सिंधिया बोले- मैंने दतिया में एयरपोर्ट स्थापित करवाया केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री और गुना-शिवपुरी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार रात अशोकनगर पहुंचे। वे यहां चार दिवसीय दौरे पर आए हैं। शहर में भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। सिंधिया रात्रि विश्राम के लिए सर्किट हाउस पहुंचे। गुरुवार से उनका लगातार तीन दिनों तक व्यस्त कार्यक्रम रहेगा। पढ़ें पूरी खबर… आशुतोष की सभा में रो पड़े नरोत्तम दतिया में बीजेपी की सभा को संबोधित करते हुए नरोत्तम मिश्रा की आवाज भर्रा गई। उनका गला भर गया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस कहती है कि भाजपा में फूट है, लेकिन हम सब साथ खड़े हैं। आशुतोष तिवारी को जिताने के लिए मैं दतिया के एक-एक घर के सामने शीश नवाऊंगा।” पढ़ें पूरी खबर…

रायपुर में E-20 पेट्रोल डालने से इंजन खराब:कंज्यूमर कोर्ट बोला- मारुति सुजुकी नई कार दे या 20 लाख लौटाए; देश का पहला मामला

देशभर में पेट्रोल में E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी बीच रायपुर में E20 पेट्रोल से कार के इंजन के खराब होने का मामला सामने आया है। इससे जुड़े मामले में कंज्यूमर कोर्ट ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि नई कार दी जाए या 20 लाख लौटाए जाएं। कोर्ट ने माना कि गाड़ी का इंजन ई-20 फ्यूल के हिसाब से नहीं था, फिर भी कार कस्टमर को बेची गई। कोर्ट ने कहा कि 45 दिनों के अंदर ग्राहक को उसी मॉडल की नई कार दी जाए, जो ई-20 फ्यूल के अनुकूल हो। अगर ऐसा नहीं किया तो कंपनी को वाहन की पूरी कीमत करीब 20.5 लाख रुपए और अन्य खर्च भी लौटाने होंगे। ई-20 से कार खराब होने पर कस्टमर को मुआवजा देने का यह देश का पहला मामला है। इस पर मारुति सुजुकी ने कहा कि वह इस आदेश को चुनौती देगी। कंपनी का कहना है कि ग्राहक की कार पहले से ही E20 ईंधन के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त थी इसलिए आयोग का आदेश तथ्यों के अनुरूप नहीं है। डीलर ने कार की गलत जानकारी दी कंपनी ने कहा इंजन खराब, 5.30 लाख खर्च होंगे कंपनी ने माना कि पहली बार टंकी पूरी तरह साफ नहीं हुई थी और केमिकलयुक्त ईंधन अंदर रह गया था। इसके बाद फिर सफाई की गई, लेकिन फिर फ्यूल टैंक, पाइपलाइन और फिल्टर में फिर सफेद परत और तरल पदार्थ मिला। अगली बार डैशबोर्ड पर इंजन में गड़बड़ी की चेतावनी आई और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) मोड ने काम करना बंद कर दिया। इंजन पूरी तरह ठप हो गया और कार चलने लायक नहीं बची। बाद में कंपनी ने ई-मेल के जरिए बताया कि इंजन पूरी तरह खराब हो गया है और उसे बदलने में करीब 5.30 लाख रुपए खर्च होंगे, जो वारंटी में शामिल नहीं होगा। कंपनी ने फिर कार ठीक कर सौंपी, लेकिन डीलरशिप के सामने पेट्रोल भरवाने के बाद भी वाहन करीब 10 किलोमीटर चलकर फिर बंद हो गया। इस बार टैंक से दही जैसी सफेद परत और तरल पदार्थ मिला। डॉ. प्रेमराज ने नई कार या पूरी राशि वापस करने की मांग की, लेकिन कंपनी ने साफ इनकार कर दिया। फिर मामला कंज्यूमर कोर्ट पहुंचा। डॉक्टर ने मार्च 2025 में याचिका दायर की। सरकारी लैब की रिपोर्ट से मामला साफ हुआ पेट्रोल के नमूनों की जांच एसजीएस लैब में कराई गई। रिपोर्ट में ईंधन में एथेनॉल की मौजूदगी की पुष्टि हुई। जांच में पाया गया कि पेट्रोल के निचले हिस्से में सफेद परत के रूप में ईथेनॉल अलग होकर जमा था। रिपोर्ट के अनुसार, ईंधन E20 श्रेणी का था, लेकिन एथेनॉल के अलग होने से उसकी प्रभावी मात्रा केवल 6 से 7 प्रतिशत रह गई थी। आयोग ने माना कि गाड़ी का इंजन E20 ईंधन के अनुरूप नहीं था, फिर भी उपभोक्ता को ऐसी कार बेची गई। नई कार, नहीं तो पूरे पैसे लौटाएं 14 जुलाई 2026 को उपभोक्ता फोरम ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया और आदेश दिया कि यदि कंपनी 45 दिनों के अंदर नई E20 अनुकूल कार उपलब्ध नहीं कराती है, तो उसे वाहन की कीमत 20.5 लाख रुपए, आरटीओ पंजीकरण, बीमा और बाकी खर्चों सहित पूरी राशि लौटानी होगी। मानसिक प्रताड़ना के लिए 1 लाख रुपए और केस लड़ने के 10 हजार रुपए भी अदा करने होंगे।
पढ़िए एक्सपर्ट ने क्या कहा ? ऑटो विशेषज्ञ के. महेश कुमार के अनुसार, एथेनॉल में नमी हो तो वह पेट्रोल में सामान रूप से नहीं घुल पाता, क्योंकि दोनों की डेंसिटी अलग होती है। इससे फ्यूल पंप और फ्यूल सिस्टम के बाकी हिस्सों पर असर पड़ सकता है। E20 ईंधन पर कंपनी ने क्या कहा? मारुति सुजुकी इंडिया के कॉर्पोरेट अफेयर्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने एथेनॉल ईंधन को लेकर कहा, ‘पिछले कुछ दिनों से हमने सुना है कि कारों में एथेनॉल के इस्तेमाल को लेकर कुछ शंकाएं जताई जा रही हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मुख्य चिंता यह है कि यदि E20 ईंधन का उपयोग उन कारों में किया जाए, जिनका निर्माण और बिक्री 2023 से पहले हुई थी और जिन्हें मुख्य रूप से E10 ईंधन के लिए डिजाइन किया गया था, तो उसका क्या प्रभाव पड़ेगा?’ राहुल भारती ने स्पष्ट किया, ‘हमारे पास पर्याप्त सुरक्षा मानक (फैक्टर्स ऑफ सेफ्टी) मौजूद हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि यदि 2023 से पहले भारत में निर्मित और बेची गई कारों में E20 ईंधन का उपयोग किया जाए, तो वाहन के घिसाव (वियर एंड टियर), जंग (कोरोजन), कार की आयु या E20 ईंधन के संपर्क में आने वाले पुर्जों पर किसी प्रकार की नुकसानदायक समस्या नहीं होती है।’ ……………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… गडकरी बोले- E20 पेट्रोल से गाड़ी खराब, तो पुर्जे मुफ्त बदलें: कंपनियों को सरकार का आदेश; माना- इससे माइलेज घटा

लुधियाना में नशे में झूमते युवक-युवती का VIDEO:लड़का खंडहर में तो लड़की सड़क पर लड़खड़ाती मिली; आंखें बंद, खड़े नहीं हो पा रहे थे

लुधियाना में नशे में झूमते युवक और युवती के 2 अलग-अलग वीडियो सामने आए हैं। पहला वीडियो खाली खंडहर का है, जहां एक युवक बेसुध हालत में दीवार के सहारे गिरता-संभलता नजर आ रहा है। दूसरा वीडियो समराला चौक का है, जिसमें एक युवती बीच सड़क पर काफी देर तक नशे की हालत में झूमती दिखाई दे रही है। दोनों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर युवक और युवती की पहचान करने में जुटी है। स्थानीय लोगों को भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। लुधियाना पुलिस ने युवक का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते हुए कहा है कि उसकी पहचान कर उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजा जाएगा। साथ ही उससे पूछताछ कर नशा सप्लाई करने वालों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। लोग इसे जॉम्बी ड्रग से जोड़ रहे हैं। हालांकि किसी ने इसकी पुष्टी नहीं की है। दोनों वीडियो में क्या दिख रहा है… वीडियो नंबर 1: खंडहर में लड़खड़ता दिखा युवक
पहला वीडियो चंडीगढ़ रोड पर ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के पास स्थित एक खाले खंडहर का है। यहां काली टी-शर्ट और जींस पहने युवक नशे में पूरी तरह धुत दिखाई दे रहा है। नशे का असर इस कदर था कि वह खुद को संभाल नहीं पा रहा था। वह बार-बार खंडहर की दीवार का सहारा लेकर उठने की कोशिश करता, लेकिन हर बार लड़खड़ाकर नीचे गिर जाता। वह काफी समय तक उठने की कोशिश करता रहा। लेकिन उठ नहीं पाया। किसी ने उसकी इस हरकत को मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और उसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस अब इस वीडियो के आधार पर युवक की तलाश में जुटी है ताकि उसे ढूंढकर नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया जा सके। साथ ही, पुलिस उससे यह जानने की कोशिश करेगी कि आखिर इस इलाके में नशा सप्लाई करने वाला मुख्य तस्कर कौन है। वीडियो नंबर 2: समराला चौक पर ‘स्टैच्यू-स्टैच्यू’ खेलती युवती
दूसरा वीडियो में शहर के सबसे व्यस्त समराला चौक पर गुलाबी टी-शर्ट और ब्लैक लोअर पहने युवती झूमती दिखी। वह पहले तो काफी देर तक सड़क किनारे अजीबोगरीब स्थिति में घुटनों के बल बैठी रही। जब वह खड़ी हुई, तो वह पूरी तरह से अनकंट्रोल थी। उसका अपने शरीर पर रत्ती भर भी काबू नहीं था और वह बिना किसी सहारे के हवा में आगे की तरफ झुकी रही। गाड़ियों के शोर और लोगों की भीड़ के बीच वह पूरी तरह से सुध-बुध खो चुका थी। ————– ये खबर भी पढ़ें… मोहाली में सड़क के बीच लड़खड़ाता दिखा युवक, लोग बोले-‘जॉम्बी ड्रग’ का असर मोहाली के फेज-11 का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक युवक सड़क पर असामान्य हालत में चलता दिखाई दे रहा है। वीडियो शेयर करने वाले लोग दावा कर रहे हैं कि युवक किसी नशे के प्रभाव में था। इसे ‘जॉम्बी ड्रग’ से जोड़ रहे हैं। हालांकि, इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। (पढ़ें पूरी खबर)

व्यापारी के बेटे की सिर में गोली मारकर हत्या:दोस्तों के साथ गया था, घर से 45 किमी दूर शव मिला; 12वीं क्लास में पढ़ता था

अलवर में टेंट व्यापारी के 16 साल के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। एक गोली सिर के आर-पार हो गई। दूसरी गोली उसके जबड़े में फंस गई। शुरुआती जांच में मामला आपसी विवाद का लग रहा है। वह दोस्तों के साथ ही घर से बाहर गया था, उसके बाद लौटा नहीं था। पुलिस ने 2 दोस्तों को हिरासत में ले लिया है। मामला नौगांवा इलाके का है। नौगांवा के तसई इंदिरा कॉलोनी निवासी तुषार कुमार पुत्र राजेश कुमार की हत्या की गई है। लड़के का शव अलवर शहर से करीब 45 किमी दूर एक फार्म हाउस की दीवार के पास पहाड़ी पर मिला है। पोस्टमॉर्टम करने पर पता चला कि लड़के को दो गोली मारी गई। पुलिस का कहना है कि जांच कर रहे हैं। जल्दी मामले का खुलासा किया जाएगा। 14 जुलाई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दी थी तुषार कुमार की गुमशुदगी की शिकायत परिवार वालों ने 14 जुलाई को ही सदर थाने में दे दी थी। तुषार के मामा विनीत कुमार भूगोर में रहते हैं। तुषार अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई करता था। वह 12वीं का स्टूडेंट था। विनीत ने बताया- तुषार 14 जुलाई को भूगोर इलाके से अपने कुछ दोस्तों के साथ अचानक गायब हो गया था। काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो पुलिस को खबर दी। 15 जुलाई को तुषार का शव नौगांवा के पास पहाड़ियों में एक फार्म हाउस के बगल में मिला। तुषार कुमार अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। कॉल डिटेल के आधार पर 2 दोस्त हिरासत में गुमशुदगी दर्ज होने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुषार के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने उन दोस्तों को चिन्हित किया, जो आखिरी वक्त में तुषार के साथ थे। परिजनों ने दोस्तों पर शक जताया है। इसके बाद पुलिस ने दोनों दोस्तों को हिरासत में लिया है। — यह खबर भी पढ़िए… पड़ोसियों ने की 80 साल के व्यापारी की हत्या, रोज अंकल-अंकल कहते थे, चोरी करने घुसे अलवर शहर में बदमाशों ने घर में घुसकर व्यापारी की हत्या कर दी। उनके हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद घर से करीब डेढ़-दो लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। (पूरी खबर पढ़ें)

शादी का झांसा देकर महिला से रेप:अश्लील फोटो और वीडियो से ब्लैकमेल कर रुपए हड़पे, धमकी दी

सीकर जिले में 34 साल की महिला से रेप का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने शादी का झांसा देकर महिला के साथ रेप किया। इतना ही नहीं आरोपी ने रेप करने के दौरान अश्लील फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड किए, जिन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देकर आरोपी ने महिला से रुपए भी हड़पे। महिला ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। 34 साल की महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि पड़ोस में ही रहने वाला एक युवक परिचित था। जो कई बार उसके घर पर आता-जाता रहता था। आरोपी युवक ने महिला से सोशल मीडिया पर बातचीत करके नजदीकियां बढ़ाई और कहने लगा कि वह उसे पसंद करता है और उसके साथ ही शादी करेगा। आरोपी ने महिला को मिलने के लिए बुलाया। तब शादी का झांसा देकर महिला के साथ रेप कर लिया। रेप के दौरान अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इन फोटो और वीडियो से ब्लैकमेल करता रहा और रुपए भी हड़प लिए। इसके बाद भी वह महिला को लगातार परेशान कर रहा था। महिला ने यह बात अपने पति को बताई और पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया। अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। 25 साल की युवती घर से 20 हजार रुपए लेकर फरार सीकर जिले में 25 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती घर से 20 हजार रुपए लेकर चली गई। इस संबंध में युवती के पिता ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई है। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 15 जुलाई की रात उनके साथ सो रही थी। सुबह उठे तो बेटी घर पर नहीं मिली। इतना ही नहीं घर में रखे 20 हजार रुपए भी गायब मिले।