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आंध्र प्रदेश में कोरोना के 12 मामले, 4 मौत:जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पुणे भेजे गए सैंपल, पड़ोसी राज्य कर्नाटक अलर्ट पर

आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच कोरोना संक्रमण के 12 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 4 मरीजों की मौत भी हुई है। राज्य सरकार ने वायरस के वैरिएंट का पता लगाने के लिए 5 सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे भेजे हैं। उधर पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी सावधानियां बढ़ा दी गई हैं। आंध्र प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव और कमिश्नर वीरा पांडियन के मुताबिक, जिन 4 मरीजों की मौत हुई, वे पहले से ही गंभीर बीमारियों जैसे हाइपरटेंशन, डायबिटीज और किडनी की समस्या से जूझ रहे थे। राज्य में अब तक कुल 339 कोरोना मामले सामने आए हैं, जिनमें से 12 आंध्र प्रदेश के हैं। आंकड़ों के अनुसार, कडपा में 8, गुंटूर में 2, विशाखापत्तनम और काकीनाडा में 1-1 मामला दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये मामले अलग-अलग इलाकों से हैं और कहीं भी क्लस्टर नहीं बना है। फिलहाल 3 मरीज होम आइसोलेशन में हैं और 2 अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 3 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। विशाखापत्तनम के KGH अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ. वाणी ने बताया कि वहां एक मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई है। लक्षण दिखने पर डॉक्टर ने उसे टेस्ट की सलाह दी थी। निजी लैब में पुष्टि के बाद KGH अस्पताल में भी दोबारा जांच की गई, जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आई। प्रशासन की अपील- घबराएं नहीं आंध्र प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव वीरा पांडियन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि राज्यभर के अस्पतालों और स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। देशभर में 1 जुलाई से अब तक 339 कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं। पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी सावधानी बरती जा रही कोराना के नए मामलों को देखते हुए आंध्र प्रदेश के पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी सावधानी बरती जा रही है। तुमकुरु जिले की डिप्टी कमिश्नर शुभा कल्याण ने कहा, “आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के मामले सामने आए हैं। हमारे तुमकुरु जिले की कुछ तहसीलें, जैसे पावागड़ा, आंध्र प्रदेश की सीमा से लगी हुई हैं। इसलिए एहतियात के तौर पर हमने सावधानी संबंधी उपाय लागू करने का फैसला किया है।” कोरोना के अब तक हजारों वैरिएंट आ चुके अब तक कोरोना वायरस के हजारों वैरिएंट सामने आ चुके हैं। इनमें से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कुछ प्रमुख वैरिएंट को विशेष श्रेणी में रखा है, जिनमें अल्फा (Alpha), बीटा (Beta), गामा (Gamma), डेल्टा (Delta) और ओमिक्रॉन (Omicron) शामिल हैं। ओमिक्रॉन के भी समय-समय पर कई सब-वैरिएंट, जैसे JN.1, XFG और NB.1.8.1, सामने आए हैं। ————————- सेहत से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मानसून में बढ़ते फूड पॉइजनिंग के केस:ये 7 लक्षण इग्नोर न करें, बचाव के लिए 12 सावधानियां, बता रहे हैं डॉक्टर बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है। इससे खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया और वायरस जल्दी पनपते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में फूड पॉइजनिंग, डायरिया और हैजा के मामले बढ़ जाते हैं। हालांकि कुछ बुनियादी सावधानियां अपनाकर इन बीमारियों के रिस्क से बचा जा सकता है। पढ़ें पूरी खबर…

रिश्वत के आरोपों के बाद मोठपुर थानाधिकारी सस्पेंड:कॉन्स्टेबल को किया लाइन हाजिर, एसपी ने जारी किए आदेश

बारां एसपी ने रिश्वत मांगने के आरोपों के बाद मोठपुर थानाधिकारी देवकरण चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि कॉन्स्टेबल कुलदीप को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। एसपी के आदेश के अनुसार उप निरीक्षक देवकरण चौधरी के खिलाफ पुलिस थाना मोठपुर के मामले में गंभीर अनियमितता, लापरवाही और दोषपूर्ण अनुसंधान के आरोप हैं। उन पर मामले की जांच में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है।
इस आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संचित पुलिस लाइन बारां रहेगा। सूत्रों के अनुसार, यह मामला थानाक्षेत्र में काम कर रही एक कंपनी के पाइप चोरी की घटना से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। युवती के बयान पक्ष में करवाने के बदले में मांगे थे 50 हजार
गौरतलब है कि एसीबी ने हाल ही में देवकरण चौधरी और कॉन्स्टेबल कुलदीप के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया था। आरोप है कि परिवादी के बेटे को पुलिस कार्रवाई में राहत दिलाने और भगाकर ले गई युवती के बयान परिवादी के पक्ष में करवाने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। गोपनीय सत्यापन के दौरान कॉन्स्टेबल कुलदीप द्वारा 20 हजार रुपए लेने की पुष्टि हुई थी। ट्रैप की भनक लगने पर शेष राशि नहीं ली गई।
सत्यापन में रिश्वत मांगने और राशि लेने की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में कॉन्स्टेबल कुलदीप को पुलिस लाइन हाजिर किया गया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान में 5 ठिकानों पर ईडी के छापे:महादेव ट्रेडिंग केस में रेड, वित्तीय लेन-देन को लेकर खंगाले रिकार्ड

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान सहित कई राज्यों में शुक्रवार सुबह बड़ी छापेमारी की। राजस्थान में श्रीगंगानर सहित 5 ठिकानों पर ईडी ने रेड डाली। छापे की कार्रवाई महादेव ट्रेडिंग केस में PMLA के तहत की जा रही है। ईडी टीमों की ओर से वित्तीय लेन-देन और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे है ईडी सूत्रों के मुताबिक, महादेव ट्रेडिंग मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच को लेकर राजस्थान, दिल्ली और बिहार सहित कई राज्यों में एक साथ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। ईडी की यह कार्रवाई महादेव ट्रेडिंग मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है। राजस्थान में जयपुर और श्रीगंगानगर सहित पांच ठिकानों पर ईडी की टीमों ने महादेवी ट्रेडिंग केस को लेकर छापेमारी की। ईडी की कार्रवाई में श्रीगंगानगर में कारोबारी अशोक चांडक से जड़े 4 ठिकानों व जयपुर के वैशाल नगर में 1 ठिकाने पर सर्च किया गया। इसके साथ ही अशोक चांडक के रिश्तेदारों और उनसे जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर भी सर्च किया गया है। ईडी टीमें छापेमारी में मिले डॉक्यूमेंट, डिजिटल रिकॉर्ड, निवेश और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। ईडी की ओर से छापेमारी की कार्रवाई जारी है, जांच पूरी होने के बाद मामले में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई गई है।

पाली में मेडिकल स्टोर पर छापा:10 हजार की दवाएं सील; बिना पर्ची बेचने का आरोप

पाली शहर के सोसायटी नगर स्थित आयुष मेडिकल एंड जनरल स्टोर पर औषधि नियंत्रण विभाग ने औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान यहां एनडीपीएस और शेड्यूल H-1 श्रेणी की दवाओं का अवैध भंडारण मिला। विभाग ने करीब 10 हजार रुपए कीमत की दवाएं जब्त कर सील कर दीं और उनके सैंपल जांच के लिए भेज दिए। मामले की जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खरीद के बिल नहीं दिखा सका संचालक औषधि नियंत्रक भरत गोस्वामी ने बताया कि औषधि नियंत्रण अधिकारी माधव सिंह और दिनेश कुमार सुथार ने निरीक्षण के दौरान जब इन दवाओं के खरीद बिल मांगे तो फर्म संचालक कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। जांच में यह भी सामने आया कि एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं का विक्रय फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में, बिना डॉक्टर की पर्ची और बिना बिल जारी किए किया जा रहा था। नशे में दुरुपयोग की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई विभाग के अनुसार, क्षेत्र में इन दवाओं के नशे के रूप में दुरुपयोग की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर मेडिकल स्टोर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। कार्रवाई के दौरान करीब 10 हजार रुपए की एनडीपीएस घटक युक्त दवाओं को सील किया गया और संदेह के आधार पर उनके नमूने जांच के लिए लिए गए। जांच के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई भरत गोस्वामी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि औषधि नियंत्रक, जयपुर और जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिले में एनडीपीएस घटक युक्त दवाओं के दुरुपयोग और अवैध बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। दोषी पाए जाने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल स्टोर संचालकों से विभाग की अपील सहायक औषधि नियंत्रक ने जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील की कि वे एनडीपीएस श्रेणी की दवाएं केवल वैध बिल से खरीदें और डॉक्टर के विधिवत प्रिस्क्रिप्शन पर बिल सहित ही बेचें, ताकि इन दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

झालावाड़ में 16 दिन में 2100 चालान काटे:21 लाख का जुर्माना लगाया, अभियान में हेलमेट के लिए जागरूक भी किया

झालावाड़ में सड़क हादसों में कमी लाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस ने 16 दिवसीय विशेष हेलमेट अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जिलेभर में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई।
अभियान के अंतिम दिन शाम तक ट्रैफिक पुलिस ने लगभग 2100 चालान बनाए, जिन पर कुल 21 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। एसपी अमित कुमार के निर्देश पर यह अभियान पूरे जिले में चलाया गया। इस दौरान वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक भी किया गया।
जागरूकता के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वाले दुपहिया सवारों के खिलाफ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चालान किए गए। ऑनलाइन चालानों की सूचना मोबाइल संदेश के जरिए भेजी गई है, जबकि ऑफलाइन चालानों की अधिकांश राशि मौके पर ही जमा करा ली गई। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है उद्देश्य
ट्रैफिक पुलिस प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना यातायात नियमों का उल्लंघन है, जिसके लिए प्रति चालान 1000 रुपए का जुर्माना निर्धारित है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाएं और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें।

बड़े भाई का सिर कुल्हाड़ी से फोड़ा:बोला- आज जान से मार दूंगा; जमीन विवाद को लेकर किया वार

जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच झगड़ा हो गया। विवाद के दौरान छोटे भाई ने बड़े भाई के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। वार इतना जोरदार था कि सिर पर करीब 10 सेंटीमीटर लंबा गहरा घाव हो गया और घायल को 9 टांके लगाने पड़े। खून से लथपथ हालत में परिजन उसे बाखासर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे आगे के इलाज के लिए रेफर कर दिया। हमले के बाद भी छोटा भाई बोला- आज जान से मार दूंगा। घटना बाड़मेर जिले के बाखासर थाना इलाके अरटी गांव बीती रात करीब 8 बजे की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पिता के साथ चल रही थी जमीन को लेकर बातचीत बाखासर थानाधिकारी गोविंदराम के अनुसार अरटी गांव निवासी 42 साल के श्रवण कुमार अपने पिता भावाराम के साथ जमीन के मामले को लेकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उनका छोटा भाई रमेश कुमार वहां पहुंच गया। श्रवण के साले भंवरलाल ने बताया का आरोप है कि रमेश ने वहां पहुंचते ही पिता और बड़े भाई के साथ गाली-गलौच शुरू कर दी और श्रवण कुमार को जान से मारने की धमकी भी दी। परिवार के अनुसार रमेश को यह भी पता था कि श्रवण के सिर के दो बड़े ऑपरेशन हो चुके हैं। उनके दिमाग की नस से जुड़ी परेशानी के कारण पहले दो बार सर्जरी हुई थी और डॉक्टरों ने उन्हें सिर पर चोट से बचने की सलाह दी थी। पुलिस के अनुसार आरोप है कि इसी दौरान रमेश कुमार ने पीछे से आकर श्रवण कुमार के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। वार इतना जोरदार था कि कुल्हाड़ी उनके सिर में गहराई तक लग गई। हमले के बाद श्रवण वहीं गिर पड़े और उनके सिर से काफी खून बहने लगा। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद भी आरोपी नहीं रुका और जान से मारने की धमकी देता रहा। हमले के दौरान श्रवण कुमार की पत्नी और बच्चों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी कुल्हाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। इसके बाद परिजन घायल श्रवण कुमार को खून से लथपथ हालत में बाखासर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज किया और हालत गंभीर होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए गुजरात रेफर कर दिया। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को रिपोर्ट नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित बोला- शराब के नशे में किया हमला घायल श्रवण कुमार ने बताया कि रात करीब 8 बजे वह घर पर अपने पिता के साथ तारबंदी तोड़ने के मुद्दे पर बात कर रहा था। इसी दौरान उसका छोटा भाई रमेश कुमार शराब के नशे में वहां आया और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। श्रवण कुमार के अनुसार शोर सुनकर उनकी पत्नी और बच्चे मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि रमेश कुमार ने उनके पिता की लाठी से भी हमला करने का प्रयास किया और इसके बाद वहां से भाग गया।

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 20वें दिन जारी:कहा- 20 जुलाई तक जिंदा रहना चाहूंगा; संसद मार्च के लिए ज्यादा से ज्यादा लोग आएं

शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन शुक्रवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गया। वांगचुक ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जीवित रहेंगे। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे उपवास के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई है और अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। जंतर-मंतर पर परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का विरोध प्रदर्शन 28वें दिन भी जारी रहा। वांगचुक ने समर्थकों से 20 जुलाई को संसद तक होने वाले शांतिपूर्ण मार्च में भारी संख्या में जुटने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे लोकतंत्र के मंदिर में अपनी बात रखेंगे। वांगचुक ने कहा कि वह बाहर से कमजोर हैं, लेकिन अंदर से मजबूत हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि अगर 20 जुलाई का मार्च सफल नहीं हुआ, तो वह भूत बनकर वापस आएंगे। उन्होंने सरकार से कोई प्रतिक्रिया न मिलने तक अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों को उनके स्वास्थ्य की निगरानी करने का निर्देश दिया है। इसी बीच, AISA ने बताया कि उनके सदस्य नेहा, मनीष और आमीन की स्थिति भी गंभीर है। आमीन को डिहाइड्रेशन के कारण हाइपोवोलेमिक शॉक का खतरा है, नेहा का ब्लड शुगर 49 mg/dL तक गिर गया है और मनीष का वजन 10 फीसदी से ज्यादा कम हो गया है। ये छात्र वांगचुक के साथ एकजुटता बनाए हुए हैं। CJP केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा अनियमितताओं के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग कर रही है। यह प्रदर्शन 20 जून से चल रहा है, जबकि वांगचुक 28 जून को इसमें शामिल हुए थे। संसद मार्च मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित किया जाएगा। खबर अपडेट हो रही है…

तीन थाना इलाकों से तीन बाइक चोरी:मंडी से पैसे और मोबाइल समेत बाइक चोरी हुई; पुलिस आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही

अलवर शहर में बाइक चोर लगातार सक्रिय बने हुए हैं। कोतवाली, अरावली विहार और एनईबी थाना क्षेत्र से तीन मोटरसाइकिल चोरी होने के मामले सामने आए हैं। तीनों मामलों में संबंधित थानों ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मिर्जापुर निवासी जितेंद्र चौधरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 6 जुलाई को वह कंपनी गार्डन में कवरेज के लिए गए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल (आरजे-02-वीबी-3486) कंपनी गार्डन के पीछे अशोक लेमिनेशन के पास खड़ी की थी। करीब 45 मिनट बाद लौटे तो बाइक गायब मिली। बाइक पर “PRESS” लिखा हुआ था, जिससे उसकी पहचान आसानी से हो सकती है। दूसरा मामला अरावली विहार थाना क्षेत्र का है। ग्रीन पार्क, मालवीय नगर निवासी माधुरी सैन ने बताया कि 15 जुलाई की शाम उनके घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल (आरजे-02-डीएफ-9398) अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी हैं। तीसरा मामला एनईबी थाना क्षेत्र का है। हादरहेड़ा निवासी राजकुमार ने रिपोर्ट में बताया कि 7 जुलाई को वह सब्जी मंडी खरीदारी करने गए थे। बारिश शुरू होने पर उन्होंने अपनी स्प्लेंडर प्लस बाइक (आरजे-02-डीजे-7125) के बॉक्स में ओप्पो रेनो 14 5जी मोबाइल और 3,500 रुपये रख दिए। सब्जी लेकर लौटे तो बाइक सहित मोबाइल और नकदी भी चोरी हो चुके थे। तीनों मामलों में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लगातार सामने आ रही वाहन चोरी की घटनाओं से लोगों में चिंता बढ़ गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही आरोपियों की तलाश में जुटी है।

कुचामन में नए बस स्टैंड पर रूट विवाद:2 आरोपी गिरफ्तार, 2 बस-3 स्कॉर्पियो और 1 कैंपर वाहन जब्त

कुचामन सिटी के नए बस स्टैंड पर बस संचालकों के बीच रूट को लेकर चल रहे विवाद में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने 2 बसों सहित 6 वाहन जब्त किए और 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई थाना कुचामन सिटी प्रभारी राजेंद्र खदाव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की।
पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि नए बस स्टैंड पर बुटाटी-सीकर-जयपुर रूट पर बस संचालन को लेकर बस मालिकों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। जानकारी मिली थी कि बड़ी संख्या में लोग और वाहन एकत्र हो रहे हैं, जिससे किसी भी समय झगड़ा होने की आशंका थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मौके से 2 बस, 3 स्कॉर्पियो और 1 कैंपर वाहन जब्त किए। इस दौरान रामेश्वर लाल विश्नोई निवासी पोलास, मेड़ता रोड और नंद सिंह निवासी जालसू कलां, डेगाना को गिरफ्तार किया।

धौलपुर में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य शोभायात्रा:मचकुंड सरोवर में जल आचमन, महाआरती और भंडारा हुआ

धौलपुर में मचकुंड स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से गुरुवार शाम भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभायात्रा के बाद मचकुंड सरोवर में जल आचमन, महाआरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। शोभायात्रा शाम 5 बजे मंदिर परिसर से शुरू हुई और मचकुंड परिक्रमा मार्ग से होते हुए विभिन्न स्थानों तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। सेवा के लिए मीठे पानी की प्याऊ भी लगाई गई थी। जय जगन्नाथ के गूंजे जयकारे
यात्रा में महिला-पुरुष, युवा और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
शोभायात्रा के समापन पर भगवान जगन्नाथ का पवित्र मचकुंड सरोवर में विधि-विधान के साथ जल आचमन कराया गया। इसके बाद महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की। महाआरती के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
पूरे आयोजन के दौरान मचकुंड क्षेत्र धार्मिक उल्लास और भक्ति के रंग में सराबोर रहा। जगन्नाथ मंदिर के महंत श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि यह शोभायात्रा प्रतिवर्ष परंपरा के अनुसार निकाली जाती है। जल आचमन, महाआरती और भंडारे का आयोजन विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ संपन्न कराया जाता है।