एक ही दिन में 6 लोग गड्ढों में गिरे:गुजरात के जूनागढ़ की घटनाएं, सीसीटीवी में कैद हुईं तस्वीरें

गुजरात में मानसून ने एंट्री कर ली है और जोरदार बारिश से अब हादसे भी सामने आने लगे हैं। वहीं, जूनागढ़ शहर में बुधवार को एक ही दिन में एक बच्ची समेत 6 लोग सड़कों पर बने गढ्ढों में गिरने से घायल हो गए। शहर के आजाद चौक इलाके में बाइक सवार दंपति गढ्ढे में गिर गए। युवक के सिर में गंभीर चोट आई। ओघड़नगर इलाके में तो तीन से चार लोग एक ही गड्ढे में गिर गए। माजेवाड़ी दरवाजे के पास एक स्कूटी सवार भी हादसे का शिकार हुआ। नीचे तस्वीरों में देखें सीसीटीवी में कैद हुए ये हादसे… ————
मौसम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मुंबई में भारी बारिश, समुद्र से दूर रहने की चेतावनी:15 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं; मानसून की राजस्थान में 7 दिन की देरी से एंट्री महाराष्ट्र में मानसून आने के बाद चार जिलों में भारी बारिश हो रही है। मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ में रेड अलर्ट है। मुंबई में पिछले 24 घंटे में 172mm बारिश हुई। बृहन्मुंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने गुरुवार दोपहर समुद्र में करीब 15 फीट ऊंची लहरें उठने की चेतावनी दी है। पूरी खबर पढ़ें…

'बच्चों के लिए जीने वाला जान कैसे ले सकता है':भाई बोला-बेटी को टीचर बनाना चाहता था, ट्रैक्टर चालाना भी सिखाया; हर इच्छा पूरी करता था

पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर किसान गेनाराम के सुसाइड करने बाद भाई को यकीन नहीं है कि वो ऐसा कर सकता है? भाई ने कहा- जो पिता बच्चों की हर छोटी-छोटी खुशी का ख्याल रखता था, उनके भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता था। समझ ही नहीं आ रहा… जो अपने बच्चों से इतना प्यार करता था, उनके लिए जीता था, वही उनकी जान कैसे ले सकता है। इतना कहते-कहते उनकी आंखें भर आईं। रुंधे गले से उन्होंने कहा- बेटी को पढ़ाकर टीचर बनाना चाहता था। उसे बेटे और बेटी, दोनों से बहुत प्यार था। वह बच्चों की हर छोटी-बड़ी इच्छा पूरी करने की कोशिश करता था। पहले समझे … क्या है पूरा मामला घटना फलोदी जिले के देचू थाना में 30 जून को हुई थी। पाली जिले के बीठू गांव (रोहट) के रहने वाले किसान गेनाराम (35), उसकी पत्नी पुष्पा (32), बेटी खुशबू (13) और बेटे किशन (10) के शव फतेहगढ़ क्षेत्र स्थित उनके कृषि कुएं पर बने घर में मिले थे। गेनाराम का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला, जबकि पत्नी और दोनों बच्चों के शव पास में खाट पर पड़े थे। 1 जुलाई को चारों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। घटना से एक दिन पहले गेनाराम अपनी पत्नी के साथ बीठू गांव स्थित मंदिर में दर्शन कर उसकी सलामती की कामना करने गया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आशंका जताई कि गेनाराम ने पहले पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या की, इसके बाद खुद फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अब पढ़िए … किसान के भाई की जुबानी 1. बेटी को टीचर बनाना चाहता था, ट्रैक्टर चलाना भी खुद सिखाया चेनाराम ने बताया – उनकी भतीजी खुशबू देचू के सरकारी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ती थी और पढ़ाई में बहुत होशियार थी। गेनाराम को उस पर बहुत गर्व था। वह अक्सर कहता था – मेरी खुशबू पढ़ाई में बहुत तेज है, मैं उसे खूब पढ़ाऊंगा और टीचर बनाऊंगा। एक दिन खुशबू ने ट्रैक्टर चलाना सीखने की जिद की तो गेनाराम खुद उसे ट्रैक्टर चलाना सिखाने लगा। वह मुस्कुराकर कहता था- आज मेरी बेटी ट्रैक्टर चला रही है, कल टीचर बनेगी तो कार भी चलाएगी। उसने बेटे-बेटी दोनों के बेहतर भविष्य के कई सपने देख रखे थे। 2. बच्चों की हर जिद पूरी करता, खेत में झूला भी बांध रखा था चेनाराम ने बताया – गेनाराम अपने दोनों बच्चों पर जान छिड़कता था। बेटे किशन से उसका लगाव कुछ अलग ही था। वह दिन-रात खेत में मेहनत करता, ताकि बच्चों को किसी चीज की कमी न रहे। चाहे कितना भी थककर घर लौटे, लेकिन अगर खुशबू रील बनाने या फोटो खिंचवाने की जिद करती तो कभी मना नहीं करता। खेत में ही बच्चों के लिए झूला बांध रखा था, ताकि वे खेलते रहें और वह काम करते-करते उन्हें देखकर खुश होता रहे।
3. पानी-पूरी की जिद भी तुरंत पूरी की, बच्चों की खुशी में ही खुश रहता था चेनाराम ने बताया – कुछ दिन पहले बेटे और बेटी ने पानी-पूरी खाने की इच्छा जताई थी। इसके बाद गेनाराम बाजार से उनके लिए ढेर सारी पानी-पूरी लेकर आया। उसने बच्चों से हंसते हुए कहा था- पेट भरकर खाओ… मेरे बच्चों की हर इच्छा पूरी होगी। बच्चों की खुशी ही उसकी सबसे बड़ी खुशी थी। 4. पत्नी की तबीयत खराब थी, कुलदेवी के दर्शन की भी सलाह दी थी चेनाराम ने बताया – करीब एक सप्ताह पहले उन्हें पता चला था कि गेनाराम की पत्नी की तबीयत खराब है। उन्होंने गेनाराम से कहा था कि पहले उसे अस्पताल दिखाओ और फिर कुलदेवी के दर्शन भी कर आओ, ताकि सब कुछ ठीक हो जाए। तीनों भाई (गेनाराम, चेनाराम और शिवाराम) देचू क्षेत्र में अपने-अपने कृषि कुओं पर परिवार के साथ रहते थे और खेती-बाड़ी कर परिवार चलाते थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। 5. आज भी यकीन नहीं हो रहा कि ऐसा कैसे हो गया चेनाराम ने कहा – यही वजह है कि पूरा परिवार इस घटना को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। जो पिता बच्चों की हर छोटी-छोटी खुशी का इतना ख्याल रखता था, उनके भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता था, वही इतना खौफनाक कदम कैसे उठा सकता है। इतना कहते-कहते उनकी आंखें भर आईं। रुंधे गले से उन्होंने कहा- समझ ही नहीं आ रहा… जो अपने बच्चों से इतना प्यार करता था, उनके लिए जीता था, वही उनकी जान कैसे ले सकता है। —- घटना से जुड़ी खबरें ‘मालूम होता बेटे-बहू की लाश आएगी तो जाने नहीं देती’:मां बोलीं- बहू की सेवा भी मैं कर दूंगी, नहीं माना; अगले दिन मौत की खबर आई पति-पत्नी और बेटा-बेटी का एक चिता पर अंतिम संस्कार:बिलख पड़े लकवाग्रस्त पिता, मां बोलीं-बुढ़ापे में बेटे-पोतों की लाश देखनी पड़ रही पत्नी, बेटे-बेटी की हत्या कर किसान ने सुसाइड किया:महिला पर बताया था भूत-प्रेत का साया; फर्श पर पड़े मिले शव पत्नी और 2-बच्चों की हत्या कर पति ने किया सुसाइड:गेनाराम पति-बच्चों के साथ कल आया था बीठू, मंदिर दर्शन कर शाम को वापस गया, सुबह मिली चारों की बॉडी

क्रिकेटर मानव बोले- एक गलती मैच पलट सकती थी:पहला विकेट मिला तो कॉन्फिडेंस आया; कोहली को बॉल करना सपने जैसा

मानव सुथार टेस्ट में डेब्यू के बाद अपने घर श्रीगंगानगर पहुंचे। यहां जिला क्रिकेट संघ और फैंस ने उनका स्वागत किया। मानव ने मैच में कुल 7 विकेट लिए थे। मानव ने बताया- पहली बार खेलने उतरा तो मन में डर था, एक गलती पूरा मैच पलट सकती है। जैसे ही पहला विकेट मिला तो कॉन्फिडेंस बढ़ता गया। फिर घबराहट भी कम हो गई। मानव ने कहा वो देश के लिए वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं। वैभव सूर्यवंशी को लेकर मानव ने अपना पक्ष रखा। पढ़िए मानव का इंटरव्यू… भास्कर: आपका टेस्ट डेब्यू बेहद यादगार रहा। पहला विकेट लेते समय क्या महसूस हुआ? मानव: बहुत अच्छा फील हुआ। हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह भारतीय टीम के लिए देश का प्रतिनिधित्व करे। जब मुझे टेस्ट कैप मिल रही थी, तब जो फीलिंग आई, वो शब्दों में बयां नहीं कर सकता। बड़े लेवल पर खेलते समय 100% देते हैं। मन में थोड़ा डर भी होता है कि छोटी-सी कमजोरी मैच पलट सकती है। लेकिन पहला विकेट मिलते ही आत्मविश्वास बढ़ गया और उसी रफ्तार से पूरे मैच में गेंदबाजी की। भास्कर: युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन और अश्विन जैसे दिग्गजों से क्या सीखा। मानव: टेस्ट मैच के दौरान इन सभी सीनियर्स ने मोटिवेशनल पोस्ट शेयर किए। इससे मेरा हौसला और बढ़ गया। वे लगातार मुझे मोटिवेट करते रहते हैं। टेस्ट की तैयारी के दौरान विराट कोहली को गेंदबाजी करने का मौका मिला। इतने बड़े क्रिकेटर के खिलाफ गेंदबाजी करना मेरे लिए सपने जैसा था। भास्कर: वैभव के बारे में क्या कहेंगे? मानव: वैभव आईपीएल में शानदार रहा है। बेहद टैलेंटेड खिलाड़ी है। मैं उसे फॉलो करता हूं और उससे सीखने की कोशिश करता हूं। भास्कर: भारतीय टीम तक पहुंचना कितना मुश्किल रहा? मानव: मिडिल क्लास फैमिली से आकर यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। 12 साल की कड़ी मेहनत और फोकस के बाद यह मुकाम हासिल किया। मेरा हमेशा लक्ष्य पर फोकस रहा। वर्ल्ड कप खेलना चाहता हूं। बस अपना बेस्ट देते रहूंगा। गुजरात टाइटंस के लिए खेल चुके मानव श्रीगंगानगर शहर की डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन की बिहाणी क्रिकेट एकेडमी में प्रैक्टिस करते थे। उनके सिलेक्शन पर जिला क्रिकेट संघ के कोच धीरज शर्मा, सचिव विनोद सहारण भी काफी खुश हैं। कोच धीरज शर्मा ने बताया कि मानव की बॉलिंग स्किल को देखते हुए उसे लगातार प्रैक्टिस करवाते थे। उनकी फिरकी ने जिला क्रिकेट संघ के कई खिलाड़ियों को पैवेलियन लौटाया। सबसे पहले उसका चयन अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में हुआ था। गुजरात टाइटंस (जीटी) नीलामी में सबसे ज्यादा 38.15 करोड़ रुपए के साथ उतरी। मानव सुथार पर 20 लाख रुपए खर्च किए। पढ़ें ये खबर भी… इंडिया के लिए टेस्ट मैच खेलेगा स्कूल टीचर का बेटा:श्रीगंगानगर के मानव सुथार का सिलेक्शन, बोले-बेस्ट दूंगा; रोते हुए मां बोलीं-मैसेज का इंतजार कर रही थी राजस्थान के मानव डेब्यू-टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच बने:पिता बोले- नाम रोशन कर दिया; मां ने कहा- भगवान से दुआ, बेटा वर्ल्ड कप खेले

जयपुर में दिनदहाड़े मकान से दो गैस सिलेंडर चोरी,VIDEO:स्कूटी से आए बदमाश ने तोड़े लॉक, महज 3 मिनट में वारदात कर भाग निकला

जयपुर में दिनदहाड़े एक मकान से दो गैस सिलेंडर चोरी होने हो गए। स्कूटी पर सवार होकर आए बदमाश ने घर के ताले तोड़े और महज तीन मिनट में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। फिलहाल सांगानेर सदर पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी चोर की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। घटना सांगानेर इलाके में गोविंदपुरा के गंगा विहार कॉलोनी में बुधवार दोपहर करीब 1:20 बजे की है। सीसीटीवी कैमरे में आरोपी चोर दोपहर 1:17 बजे स्कूटी से आता है और मकान का लॉक तोड़ नजर आ रहा है। फिर वापस चोर स्कूटी के पास आकर इधर-उधर देखता है, फिर वापस जाकर दो गैस सिलेंडर उठाकर अपनी स्कूटी में रख देता है और फरार हो जाता है। ये वारदात महज तीन मिनट में हुई। पहले देखिए, चोरी की 4 PHOTO’S जॉब करने गया हुआ था मकान मालिक पुलिस ने बताया कि चोरी की वारदात गोविंदपुरा के गंगा विहार निवासी गिर्राज प्रसाद के घर हुई। बुधवार सुबह वह मकान लॉक कर अपनी जॉब पर गए थे। पीछे से दिन-दहाड़े बदमाश ने सूने मकान को चोरी की नीयत से निशाना बनाया। लॉक तोड़कर घुसे बदमाश ने कमरे में रखे दो घरेलू गैस सिलेंडर उठाकर भाग गया। शाम करीब 4:45 बजे घर लौटने पर लॉक टूटे मिले। घर के अंदर से गैस सिलेंडर गायब थे। CCTV फुटेज में कैद हुई करतूत घर के आस-पास लगे CCTV फुटेजों को खंगालने पर चोर की करतूत कैद मिली। वीडियो में दोपहर करीब 1:17 बजे आया और 1:20 बजे सिलेंडर चोरी कर स्कूटी से भाग गया। घर के पास स्कूटी खड़ी कर बदमाश ने पहले लॉक तोड़े। लॉक तोड़कर अंदर कमरे में रखे दो गैस सिलेंडर उठाकर बाहर लाया। स्कूटी के आगे की साइड दोनों गैस सिलेंडर को रखकर चोरी कर ले गया।

चंडीगढ़ सांसद मनीष तिवारी कांग्रेस छोड़ सकते हैं:संगठन में बदलाव से नाराज; बोले- पार्टी को 45 साल दिए, कुछ लोगों की इनसिक्योरिटी से ऐसा फैसला लिया

पंजाब कांग्रेस को संगठनात्मक फेरबदल के बाद बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान की ओर से गठित की गईं चुनावी समितियों से चंडीगढ़ के मौजूदा सांसद मनीष तिवारी को बाहर रखा गया है। इस पर मनीष तिवारी की नाराजगी खुलकर बाहर आई है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। मनीष तिवारी ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 45 साल इस पार्टी को दिए हैं, लेकिन आज कुछ लोगों की असुरक्षा की भावना के कारण ऐसा फैसला लिया गया है। उनके इस बयान के बाद पंजाब से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। चर्चाएं हैं कि मनीष तिवारी पार्टी छोड़ सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए पंजाब में यह बड़ा झटका होगा। मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा पार्टी की अहम कमेटियों, विशेषकर चुनाव अभियान समिति और घोषणापत्र समिति से बाहर किए जाने के तुरंत बाद मनीष तिवारी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट लिखी। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना लिखा, “जब आपकी योग्यता दूसरों की असुरक्षा बन जाती है, तो फैसले सांगठनिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत पूर्वाग्रहों से प्रेरित होते हैं।” तिवारी ने आगे लिखा कि उन्होंने 1981 में NSUI के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। छात्र राजनीति से लेकर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री और लोकसभा सांसद बनने तक, उन्होंने साढ़े 4 दशकों तक पूरी निष्ठा के साथ सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस पार्टी की सेवा की है। ऐसे में आज उन्हें दरकिनार किए जाने का फैसला पूरी तरह से चौंकाने वाला है। पोस्ट के अंत में उन्होंने मशहूर अंग्रेजी गीत की पंक्ति लिखी, ‘Que sera, sera, Whatever will be, will be…’, जिसका अर्थ है- जो होगा, सो होगा या जो होना है, वह होकर रहेगा। पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी फिर उजागर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मनीष तिवारी को पंजाब की चुनावी कमेटियों से दूर रखना पार्टी के भीतर चल रही गहरी गुटबाजी का नतीजा है। पंजाब कांग्रेस के कुछ शीर्ष स्थानीय नेता नहीं चाहते थे कि ट्राईसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) और आनंदपुर साहिब क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाले तिवारी का हस्तक्षेप आगामी चुनाव के टिकट बंटवारे या चुनावी रणनीति में हो। मनीष तिवारी को दरकिनार किए जाने के बाद उनके समर्थकों और पंजाब के कई जमीनी कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा जा रहा है। विपक्षी दल भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने कांग्रेस को गुटबाजी से घिरी पार्टी कहना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब चुनावों से ठीक पहले मनीष तिवारी जैसे नेता को चुनावी प्रक्रिया से अलग रखना कांग्रेस के लिए नुकसानदेय साबित हो सकता है। इससे पहले भी नाराजगी जता चुके प्रधान पद के लिए चुनाव को लेकर चल रही चर्चा के बीच मनीष तिवारी ने कहा था- पंजाब कांग्रेस के भीतर सांगठनिक स्तर या नेतृत्व (प्रधान पद) में बदलाव को लेकर चल रही किसी भी प्रक्रिया या चर्चा में कांग्रेस आलाकमान की ओर से मुझसे कोई सलाह या राय नहीं ली गई है। उन्होंने कहा- मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि यदि आप किसी राज्य में संगठन को बदलना चाहते हैं या चुनाव की तैयारी करना चाहते हैं, तो सांगठनिक बदलाव चुनाव से कम से कम 2 साल पहले ही हो जाने चाहिए, ताकि नए नेतृत्व को जमीन पर काम करने का पर्याप्त समय मिल सके। चुनाव के बिल्कुल मुहाने पर आकर इस तरह के बड़े फैसले करने से केवल अनिश्चितता बढ़ती है। पंजाब कांग्रेस ने संगठन में ये बदलाव किए 1 जुलाई को कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने रहेंगे। जबकि, प्रताप सिंह बाजवा विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता का दायित्व निभाते रहेंगे। पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया है। इसके अलावा लोकसभा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी, पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंघला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति और सांसद अमर सिंह को घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया। संगठनात्मक विस्तार के तहत सुखविंदर सिंह डैनी, राजकुमार वेरका और संगत सिंह गिलजियां को पंजाब कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, वरिष्ठ नेता सुखपाल सिंह खैरा, राणा गुरजीत सिंह और धर्मवीर गांधी को चुनाव अभियान समिति का सह-अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब कांग्रेस की नई टीम, 2022 जैसे हालात, चन्नी ने मीटिंग बुलाई, रंधावा ने चुप्पी साधी पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले किए बदलाव को लेकर कांग्रेस में बगावत के आसार बन गए हैं। पूर्व CM चरणजीत चन्नी और सांसद सुखजिंदर रंधावा अमरिंदर राजा वड़िंग के प्रधान पद में बदलाव न होने से नाराज हैं। यही वजह है कि दोनों नेताओं ने अभी तक हाईकमान से पद मिलने के बाद धन्यवाद तक नहीं कहा। पढ़ें पूरी खबर…

राजस्थान में जासूसी के लिए रफीक करता था फंडिंग:सेना की जानकारी के बदले जैसलमेर भेजे पैसे, ई-मित्र संचालक को हैनीट्रैप से फंसाया था

राजस्थान में पाकिस्तान के जासूसी नेटवर्क का खुलासा औरंगाबाद (महाराष्ट्र) से रफीक चांद शेख की गिरफ्तारी के बाद हुआ है। 26 जनवरी को पकड़ा गया जैसलमेर का ई-मित्र संचालक झबरा राम सेना की गोपनीय जानकारियां भेज रहा था। इसके बदले मिलने वाली रकम रफीक फर्जी बैंक खातों के जरिए झबरा राम तक पहुंचाता था। जांच में पता चला कि ई-मित्र संचालक सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क आने के बाद हनीट्रैप में फंस गया था। अब दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पाकिस्तान को कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारियां भेजी गईं और इस नेटवर्क में राजस्थान के अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। अब पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. जैसलमेर के गांव में ई-मित्र की दुकान चलाता था झबरा राम सुरक्षा एजेंसियों और जांच रिपोर्ट के अनुसार, झबरा राम मेघवाल (28) पुत्र भाना राम, जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र के नेडान गांव का रहने वाला है। गांव में उसकी ई-मित्र की दुकान है। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के लिए काम कर रहा था। उसे 26 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वह जेल में बंद है। 2. सोशल मीडिया पर हनीट्रैप में फंसा, फिर पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ के अनुसार, झबरा राम करीब 20 महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया। वह हनीट्रैप का शिकार हुआ और धीरे-धीरे देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया। उसने अपने भारतीय नंबर के व्हाट्सएप का ओटीपी भी पाकिस्तानी हैंडलर्स को दे दिया, जिसके बाद वे उसका व्हाट्सएप अकाउंट संचालित कर उसी के जरिए संवेदनशील जानकारियां सरहद पार भेजने लगे। 3. सेना की गोपनीय जानकारी भेजता था, रफीक संभालता था पैसों का नेटवर्क खुफिया सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी हैंडलर्स ने झबरा राम को जैसलमेर और पोकरण जैसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में भारतीय सेना की गतिविधियों, सैन्य वाहनों की आवाजाही, आर्मी कैंपों और रणनीतिक ठिकानों की तस्वीरें व वीडियो जुटाने का जिम्मा दिया था। हर टास्क पूरा करने के बदले उसे मोटी रकम मिलती थी। यह रकम सीधे भेजने के बजाय आईएसआई ने औरंगाबाद निवासी रफीक चांद शेख का इस्तेमाल किया। रफीक ने अपने और करीबियों के नाम पर कई फर्जी बैंक खाते खुलवा रखे थे। पाकिस्तान से पैसा पहले इन्हीं खातों में आता था और फिर रफीक कमीशन काटकर रकम झबरा राम तक पहुंचाता था। 4. तीन मोबाइल इस्तेमाल किए, एयरफोर्स कर्मचारी से भी जुड़े तार जांच में सामने आया कि झबरा राम सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए तीन अलग-अलग मोबाइल नंबर और हैंडसेट इस्तेमाल करता था। इस नेटवर्क का दायरा सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं था। असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) सुमित कुमार को भी जनवरी 2026 में गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार सुमित कुमार और झबरा राम दोनों रफीक चांद शेख के इसी वित्तीय नेटवर्क से जुड़े हुए थे। 5. बैंक खातों की जांच से खुल सकते हैं कई राज, आमने-सामने होगी पूछताछ सीआईडी इंटेलिजेंस अब रफीक के पास मिले फर्जी बैंक खातों और झबरा राम के बैंक स्टेटमेंट का मिलान कर रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि जासूसी से मिली रकम का इस्तेमाल झबरा राम ने पश्चिमी राजस्थान में अपना नेटवर्क बढ़ाने और कुछ स्थानीय लोगों को लालच देकर जोड़ने में किया हो सकता है। जून 2026 के अंत में औरंगाबाद से रफीक चांद शेख की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क की जांच में जुटी है। — जासूसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए … पाकिस्तानी हैंडलर्स चला रहे थे जैसलमेर के युवक का वॉट्सऐप:हनीट्रैप में फंसकर ई-मित्र संचालक ने ISI को भेजी खुफिया जानकारी; गिरफ्तार जैसलमेर में जासूसी के शक में पकड़े गए ई-मित्र संचालक का वॉट्सऐप पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स चला रहे थे। पूरी खबर पढ़िए

दतिया विधानसभा उपचुनाव-30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को नतीजे:6 जुलाई को अधिसूचना जारी होगी; राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने से खाली थी सीट

चुनाव आयोग ने दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। उपचुनाव की अधिसूचना 6 जुलाई को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई, नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 16 जुलाई निर्धारित की गई है। इसके बाद 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना की जाएगी। निर्वाचन प्रक्रिया 4 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी। निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार अब दतिया विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। मतदान सभी केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट के माध्यम से कराया जाएगा। विजयवर्गीय बोले- बीजेपी ही जीतेगी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- दतिया उपचुनाव में निश्चित रूप से भाजपा ही जीतेगी। इस सवाल पर कि क्या बीजेपी के उम्मीदवार नरोत्तम मिश्रा ही होंगे, विजयवर्गीय बोले- ये कहना अभी जल्दबाजी होगी। जो उम्मीदवार आएगा, आपको बताया जाएगा। सिंघार बोले- कांग्रेस पर भरोसा जताएगी जनता नेता प्रतिपक्ष उमंघ सिंघार ने कहा- दतिया की जनता ने 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती को बहुमत देकर विधायक चुना था, लेकिन भाजपा और चुनाव आयोग के षड्यंत्र के कारण उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। अब भाजपा जल्दबाजी में उपचुनाव कराकर इस सीट पर कब्जा करना चाहती है। हमें पूरा विश्वास है कि दतिया की जनता एक बार फिर कांग्रेस पार्टी पर अपना भरोसा जताएगी। जानिए दतिया सीट पर उपचुनाव की नौबत क्यों आई? विधायक राजेन्द्र भारती की सदस्यता खत्म हुई थी दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को दो वर्ष से अधिक की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सीट खाली घोषित कर दी। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस बनाम भारत संघ फैसले, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 और संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) के तहत की गई। बैंक एफडी से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला साल 1998 में दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में एक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। आरोप था कि बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर कर एफडी की अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई। इसके आधार पर 1999 से 2011 के बीच ब्याज की राशि निकाली जाती रही। उस समय राजेन्द्र भारती बैंक के अध्यक्ष और संबंधित संस्था के ट्रस्टी भी थे। बाद में मामले की जांच हुई और आरोपपत्र दायर किया गया। 1 अप्रैल को कोर्ट ने राजेन्द्र भारती को दोषी ठहराया 1 अप्रैल 2026 को दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने 28 साल पुराने बैंक धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में राजेन्द्र भारती को दोषी ठहराया। दोषसिद्धि के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 2 अप्रैल 2026 को अदालत ने उन्हें 3 वर्ष के कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए सजा के क्रियान्वयन पर 60 दिन की मोहलत दी, लेकिन उनकी दोषसिद्धि बरकरार रही। इसी दिन मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर 2 अप्रैल 2026 से प्रभावी उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी। साथ ही दतिया विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर इसकी सूचना निर्वाचन आयोग को भेज दी गई। विधानसभा ने तुरंत सीट रिक्त क्यों घोषित की? जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के अनुसार किसी विधायक को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर वह अयोग्य हो जाता है। 2013 में सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले के बाद ऐसी स्थिति में सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाती है। केवल अपील दायर करने से सदस्यता बहाल नहीं होती। इसके लिए उच्च अदालत को दोषसिद्धि या अयोग्यता पर रोक लगानी होती है। अब जानिए क्यों हारे नरोत्तम मिश्रा और ढाई साल में राजेंद्र भारती ने क्या किया? पिछला चुनाव: क्यों नहीं दोहराया गया ‘बसई चमत्कार’ 2023 में नरोत्तम मिश्रा की हार में बसई का शहरी क्षेत्र सबसे बड़ी वजह रहा। 13 राउंड में से वे सिर्फ 3 राउंड में बढ़त बना पाए। 10वें राउंड तक राजेंद्र भारती 8 हजार वोटों से आगे थे। बीजेपी को 2018 जैसा ‘चमत्कार’ दोहराने की उम्मीद थी, जब बसई से मिले वोटों ने मिश्रा को जीत दिलाई थी। 2023 में 11वें और 12वें राउंड में वे क्रमशः 866 और 379 वोटों से पीछे रहे। आखिरी राउंड में 735 वोटों की बढ़त भी नाकाफी रही और नरोत्तम 7,742 वोटों से चौथा चुनाव हार गए। जनता की राय: ओवर कॉन्फिडेंस और भीतरघात बना हार का कारण एडवोकेट इतरत अली जैदी के अनुसार विकास कार्य हुए, लेकिन मिश्रा के करीबी लोगों की कार्यशैली से जनता नाराज थी। वे 2022 के नगर पालिका चुनाव में कथित धांधली और स्थानीय समस्याओं के समाधान में देरी को हार की प्रमुख वजह मानते हैं। उदाहरण के तौर पर ‘लाला का तालाब’ की टूटी दीवार अब तक नहीं बनने का मुद्दा आज भी लोगों में नाराजगी पैदा करता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मिश्रा को संगठन के भीतर ही नुकसान पहुंचा। परसराम श्रीवास्तव और राजू त्यागी के अनुसार कार्यकर्ता जरूरत के मुताबिक जमीन पर सक्रिय नहीं रहे। वे अति आत्मविश्वास में रहे। बीजेपी कार्यालय प्रभारी रोहित दुबे भी मानते हैं कि कार्यकर्ता जीत को लेकर जरूरत से ज्यादा आश्वस्त थे। राजेंद्र भारती का कार्यकाल: जनता की मिली-जुली राय राजेंद्र भारती के ढाई साल के कार्यकाल पर स्थानीय लोगों की राय सख्त है। परसराम श्रीवास्तव के अनुसार वे जनता से दूर रहे। इतरत अली जैदी कहते हैं कि भारती प्रशासन और पुलिस पर नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव का हवाला देते थे। राजू त्यागी और शलस त्रिपाठी आरोप लगाते हैं कि विधायक निधि का उपयोग क्षेत्र से बाहर हुआ और विधानसभा के सवाल अफसरों पर दबाव बनाने के लिए उठाए गए। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र दांगी इन आरोपों को खारिज करते हुए कहते हैं कि असहयोग के बावजूद भारती ने विधायक निधि से जितने संभव थे, उतने काम किए। चुनावी मैदान: प्रमुख दावेदार और रणनीति दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस में टिकट के लिए कई दावेदार मैदान में हैं। अयोग्य घोषित किए गए राजेन्द्र भारती अपने बेटे को टिकट दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं पिछले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व उपाध्यक्ष अवधेश नायक भी टिकट के प्रमुख दावेदार हैं। बीजेपी की ओर से पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है। आजाद समाज पार्टी (एएसपी) की ओर से दामोदर यादव उम्मीदवार होंगे। दामोदर यादव का कहना है कि पार्टी उन्हें दतिया से उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है। 1. नरोत्तम मिश्रा (बीजेपी): डैमेज कंट्रोल मोड में राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद मिश्रा लगातार सक्रिय हैं। वे सामाजिक सम्मेलनों के जरिए नाराज कार्यकर्ताओं और समुदायों को साधने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले दो महीनों में एक दर्जन से ज्यादा कार्यक्रम कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, वे दतिया के लिए बड़ी सरकारी घोषणा की तैयारी में हैं और 1 जून को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिल चुके हैं। बीजेपी का दावा है कि इस बार संगठन पिछली गलतियों से सबक लेकर मैदान में उतरेगा। 2. कांग्रेस: एक अनार, तीन बीमार टिकट को लेकर पार्टी में खींचतान दिखाई दे रही है। राजेंद्र भारती अपने बेटे अनुज भारती के लिए टिकट मांग रहे हैं। राहुल गांधी और अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद टिकट न मिलने पर बागी होने की चर्चा है। पिछले चुनाव में टिकट का त्याग करने वाले अवधेश नायक खुद को स्वाभाविक दावेदार मान रहे हैं, जबकि पूर्व विधायक घनश्याम सिंह के समर्थक भी सक्रिय हैं। हालांकि, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक दांगी ने गुटबाजी से इनकार करते हुए कहा कि टिकट सर्वे के आधार पर तय होगा। 3. दामोदर यादव (आजाद समाज पार्टी): बिगाड़ सकते हैं खेल दामोदर यादव किसान सम्मेलन और बैठकों के जरिए संगठन मजबूत करने में जुटे हैं। उनका दावा है कि बसपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता उनके साथ आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी मजबूत मौजूदगी कांग्रेस के वोट बैंक को प्रभावित कर सकती है। एक्सपर्ट व्यू: मुद्दों पर भारी पड़ेंगे जातिगत समीकरण वरिष्ठ पत्रकार रवि ठाकुर के अनुसार उपचुनाव में जातिगत समीकरण निर्णायक रहेंगे। यादव वोट (18 हजार): 2023 में इन्होंने बीजेपी का साथ नहीं दिया था। अब दामोदर यादव की मौजूदगी से 60% यादव वोट आजाद समाज पार्टी की तरफ जा सकते हैं, जिससे कांग्रेस का वोट बैंक कटेगा। कुशवाहा वोट (37 हजार): यह समाज दो धड़ों में बंटा है। यदि कोई सजातीय उम्मीदवार मैदान में आता है, तो बीजेपी से ज्यादा कांग्रेस को नुकसान होगा। ब्राह्मण वोट (35 हजार): यदि कांग्रेस किसी ब्राह्मण को टिकट देती भी है, तब भी इस वर्ग का बड़ा हिस्सा नरोत्तम मिश्रा के साथ ही रहने की संभावना है।

स्कूल बस और ट्रैक्टर की जोरदार टक्कर VIDEO:बाल-बाल बचे बच्चें, ट्रैक्टर के ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा; सीसीटीवी में कैद हुई घटना

एक स्कूल बस और ट्रैक्टर के बीच भीषण टक्कर हो गई। जिसका सीसीटीवी भी सामने आया है। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रैक्टर के ब्रेक फेल हो गए ​थे। घटना 30 जून की है। ब्रेक नहीं लगने से हादसा हुआ जानकारी के अनुसार, यह घटना 30 जून की है। जिसका CCTV भी सामने आया है। मंडावा सड़क पर एक स्कूली बस जा रही थी। बस एक सड़क के कट से अंदर की ओर जाने के लिए जैसे ही घूमी वैसे ही सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। जिससे ट्रैक्टर पलट गया। स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रैक्टर के ब्रेक फेल हो गए ​थे। इस कारण से यह हादसा हुआ। ​टक्कर इतनी जबरदस्त थी बस का संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान सड़क के किनारे से गुजर रहा एक छात्र, ट्रैक्टर को अपनी ओर आता देख अपनी सूझबूझ और फुर्ती दिखाते हुए कूद गया। जिससे वह बाल-बाल बच गया। टक्कर के बाद बस में मची अफरा-तफरी ​घटना के बाद बस में सवार स्कूली बच्चों में हड़कंप मच गया। बच्चे चिलाने लगे। गनीमत ये रही कि इस दुर्घटना में किसी भी बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। आपसी सहमति बनी, मामल दर्ज नहीं घटना के चार दिन इस हादसे का सीसीटीवी सामने आया। स्कूल प्रबंधन ने इस घटना की पुष्टि की है। स्कूल प्रशासन के अनुसार, ट्रैक्टर चालक और स्कूल प्रबंधन के बीच आपसी सहमति बन गई है। जिसके चलते मामले को सुलझा लिया गया है। आपसी समझौता होने के कारण स्कूल संचालक की ओर से इस संबंध में थाने में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।

NDA का मिशन 360, अब DMK-NCP-सपा में सेंध की तैयारी:लोकसभा में दो-तिहाई का आंकड़ा पाने अब 41 सांसदों की जरूरत; बड़े संवैधानिक बदलाव करेगी

भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार सियासी तस्वीर बदलने के लिए ‘मिशन 360’ में जुटे हैं। 17 अप्रैल को महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े बिल पर लोकसभा में झटका लगने के बाद ही भाजपा ने संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की रणनीति तेज कर दी थी। पार्टी का फोकस केवल इसी विधेयक तक सीमित नहीं बल्कि ‘एक देश-एक चुनाव’ और न्यायिक सुधारों जैसे बड़े संवैधानिक बदलावों के लिए जरूरी ‘सुपर मेजोरिटी’ हासिल करने पर है। इसके लिए भाजपा विपक्षी दलों में टूट, नए सहयोगी जोड़ने और जरूरत पड़ने पर मतदान के समय विपक्ष की गैरहाजिरी जैसे विकल्पों पर नजर रखे है। इसे संसद के मानसून सत्र तक पूरा करने का टारगेट है। पहले लोकसभा का गणित और मौजूदा स्थिति समझ लीजिए उद्धव गुट के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल हाल ही में टीएमसी के 20 सांसदों के अलग होकर एनडीए को समर्थन करने और शिवसेना (उद्धव) के 6 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद इस कयास को और बल मिल गया है। हालांकि इस जोड़तोड़ के बावजूद दो-तिहाई बहुमत के लिए 41 और सांसदों की जरूरत है। इसके लिए भाजपा की निगाह अब सपा, डीएमके, एनसीपी (शरद) जैसे दलों पर की है। महाराष्ट्र भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि शरद पवार के 8 सांसदों में उनकी बेटी सुप्रिया सुले के अलावा बाकी 7 भाजपा के साथ हैं। हालांकि, सरकार बिलों के संबंध में सभी दलों से बात कर रही है। केंद्र सरकार का फोकस- वोटिंग में 61 विपक्षी सांसद गैरहाजिर रहें परिसीमन के लिए महिला आरक्षण का नुस्खा निकाला सुप्रीम कोर्ट के वकील चिराग गुप्ता और राज्यसभा के पूर्व महासचिव विवेक अग्निहोत्री से दैनिक भास्कर दो-तिहाई बहुमत के मामले चर्चा की। दोनों के मुताबिक… महाराष्ट्र- NCP (शरद गुट) के विलय की चर्चा, भाजपा-कांग्रेस दोनों से बातचीत उधर महाराष्ट्र में NCP (शरद गुट) पार्टी कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए दोनों से बातचीत को तैयार है। सूत्रों के मुताबिक, NCP (SP) के 8 लोकसभा सांसद और 10 विधायक पार्टी के भविष्य को लेकर दो धड़ों में बंटे हुए हैं। दावा है कि कुछ सांसद और विधायक NDA में शामिल होने के पक्ष में हैं, जबकि कुछ कांग्रेस के साथ विलय चाहते हैं। शरद पवार कांग्रेस में विलय के लिए तभी तैयार होंगे, जब सुप्रिया सुले को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिले। इसमें महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद पर पवार समर्थक, सुप्रिया सुले को कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाने और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में पर्याप्त प्रतिनिधित्व जैसी मांगें शामिल बताई गई हैं। दूसरी ओर, एक अन्य सूत्र का दावा है कि पार्टी का एक प्रभावशाली धड़ा भाजपा और NDA के साथ जाने का समर्थक है। बातचीत में सुप्रिया सुले के लिए केंद्रीय मंत्री पद और पवार समर्थकों के लिए दो मंत्री पद की चर्चा भी होने का दावा किया गया है। हालांकि, इस पर किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ………………. यह खबर भी पढ़ें… शिवसेना उद्धव गुट को संसद में ऑफिस खाली करना होगा: टूट के बाद सांसदों की संख्या 5 से कम हुई शिवसेना (UBT) को संसद भवन में अपना मौजूदा ऑफिस खाली करना पड़ सकता है। संसद भवन के नियमों के मुताबिक, सिर्फ 5 या उससे ज्यादा सांसदों वाली पार्टी को संसद भवन में ऑफिस मिल सकता है।
लोकसभा अध्यक्ष जैसे ही छह सांसदों के शिंदे गुट में विलय को औपचारिक मान्यता दे देते हैं। पूरी खबर पढ़ें… लोकसभा सीटें बढ़ाने का बिल 54 वोट से गिरा: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल 17 अप्रैल को केंद्र सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई थी। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया। पूरी खबर पढ़ें…

स्कूल वैन का रेडिएटर फटा, तीन मासूम झुलसे:पाइप फटने से गर्म पानी का फव्वारा निकला था, 11 बच्चे सवार थे

एक निजी स्कूल वैन (टाटा मैजिक) का रेडिएटर फट गया। पाइप फटने से गर्म पानी का फव्वारा बच्चों पर आ गया। जिससे वैन के केबिन में सवार तीन मासूम छात्र झुलस गए। वैन में 11 बच्चे सवार थे। तीनों छात्र 5 और 9 साल के है। तीनों के चेहरे, सीने और हाथ-पैर बुरी तरह से झुलस गए। हादसा उस समय हुआ जब वैन बच्चों को घर से बैठाकर स्कूल लेकर जा रही थी। मामला जिले के मानपुर कस्बे का गुरुवार सुबह 9 बजे का है। झुलसे छात्र तीसरी और पांचवी क्लास में पढ़ते है। सूचना पर पहुंची पुलिस मानपुर SHO सतीश कुमार ने बताया- सूचना पर पुलिस जाब्ते के साथ सिकराय अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति की जानकारी ली। जानकारी के अनुसार वैन (टाटा मैजिक) के रेडिएटर का पाइप फटने से गर्म पानी बाहर निकल गया। ये छात्र हुए घायल जिससे दीपक (5), आयुष (5) और हार्दिक (9) झुलस गए। एक छात्र तीसरी क्लास और दो छात्र पांचवी क्लास में पढ़ते है। जिनका इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। किसी भी तरह का मामला दर्ज नहीं किया गया है। घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया हादसे के बाद घायल छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। एक छात्र की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जिसे मानपुर अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर किया गया। जबकि दो अन्य छात्रों का इलाज सिकराय उपजिला अस्पताल में जारी है। सिकराय विधायक ने चिंता सिकराय विधायक विक्रम बंसीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चिंता जताई है। उन्होंने लिखा- विधानसभा क्षेत्र सिकराय की ग्राम पंचायत मानपुर में आज सुबह स्कूल के बच्चों को स्कूल ले जा रहे वैन का रेडिएटर फटने से बच्चों के घायल होने का समाचार अत्यंत दुःखद एवं चिंताजनक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दुर्घटना में घायल सभी बच्चे शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ हों तथा उन्हें जल्द स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो। प्रशासन से भी अपेक्षा है कि घायल बच्चों को समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए और दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ।
मेरी संवेदनाएँ सभी घायल बच्चों एवं उनके परिजनों के साथ हैं। ईश्वर सभी बच्चों को शीघ्र स्वस्थ एवं सुरक्षित रखें।