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पूर्व सभापति, आयुक्त की अग्रिम जमानत खारिज:फर्जी दस्तावेज तैयार कर डेढ़ करोड़ की सरकारी जमीन सस्ते में बेचने का आरोप

बारां नगर परिषद के चर्चित भूखंड पट्टा घोटाले में पूर्व सभापति ज्योति पारस और तत्कालीन नगर परिषद आयुक्त रिंकल गुप्ता को झटका लगा है। अदालत ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड से यह सामने आता है कि सरकारी जमीन को आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर औने-पौने दाम पर पट्टा जारी किया गया। इससे सरकारी संपत्ति के गबन का मामला बनता है। औने-पौने दाम में बेची बेशकीमती जमीन
यह मामला कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर से संबंधित है। परिवादी तेजेश सुमन ने आरोप लगाया था कि अस्पताल रोड स्थित नगर परिषद का करीब 1500 वर्गफीट का खाली सरकारी भूखंड, जिसकी बाजार कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपए थी, उसे हड़प लिया गया। आरोप के अनुसार इस बेशकीमती भूखंड का पट्टा फर्जी दस्तावेज, नक्शे और रिकॉर्ड तैयार कर मात्र 28 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से जारी किया गया था। शिकायत में तत्कालीन आयुक्त रिंकल गुप्ता, तत्कालीन सभापति ज्योति पारस सहित अन्य लोगों पर मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। सुनवाई के दौरान, बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना से दर्ज कराया गया है और संबंधित पट्टा पहले ही निरस्त किया जा चुका है।
वहीं, अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि पट्टा निरस्त होने से अपराध समाप्त नहीं हो जाता। जांच में सामने आया है कि मौके पर खाली भूखंड होने के बावजूद फर्जी नक्शे और शपथ पत्रों के आधार पर पुराने मकान का रिकॉर्ड तैयार कर पट्टा जारी किया गया था। कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज की
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जांच के दौरान उपलब्ध सामग्री से प्रथम दृष्टया यह साबित होता है कि सरकारी भूमि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचे जाने की साजिश रची गई।
अदालत ने यह भी माना कि मामले की जांच अभी जारी है और पट्टा निरस्त किए जाने से आपराधिक दायित्व समाप्त नहीं होता। इन परिस्थितियों में अग्रिम जमानत देना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। इसके बाद अदालत ने रिंकल गुप्ता और ज्योति पारस दोनों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

बिगबॉस की आवाज विजय-विक्रम सिंह जयपुर आए:बोले- मैं यहां का दामाद हूं, अपनापन महसूस होता है; सनी देओल के साथ की फिल्म

रियलिटी शो बिगबॉस में अपनी आवाज देने वाले एक्टर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट विजय विक्रम सिंह गुरुवार देर रात जयपुर पहुंचे। भास्कर से खास बातचीत में विजय विक्रम सिंह ने जयपुर से अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा- जयपुर जितना यहां के लोगों का है, उतना ही मेरा भी है। मैं जयपुर का दामाद हूं। यहां आकर हमेशा अपनापन महसूस होता है।अक्सर जब भी जयपुर आता हूं तो होटल में नहीं, अपने ससुराल में ही रुकता हूं। लेकिन इस बार काम के सिलसिले में आया हूं, इसलिए होटल में ठहरा हूं। जयपुर आते ही मन खुश हो जाता है। बता दें कि विजय विक्रम सिंह एक बेहतरीन एक्टर, वॉइस ओवर आर्टिस्ट और मोटिवेशनल स्पीकर में रूप में पहचाने जाते है। हाल में सनी देओल और अक्षय खन्ना के साथ फिल्म इक्का में नजर आ रहे है। जयपुर में एक विशेष कम्युनिकेशन और पर्सनालिटी डवलपमेंट सेशन में हिस्सा लेने आए है।
कम्युनिकेशन स्किल ही सफलता की असली कुंजी बता दें कि वॉइस ओवर आर्टिस्ट के अलावा विजय एक सफल एक्टर भी हैं। वे वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन’, ‘स्पेशल ऑप्स’, ‘क्रिमिनल जस्टिस’, ‘ह्यूमन’, ‘रुद्र’ सहित कई चर्चित फिल्मों और ओटीटी प्रोजेक्ट्स में एक्टिंग कर चुके हैं। हाल में सनी देओल और अक्षय खन्ना के साथ इक्का फिल्म में नजर आ रहे हैं। एक्टिंग के साथ-साथ वे देशभर में मोटिवेशनल सेशन और कम्युनिकेशन वर्कशॉप भी करते हैं, जहां हजारों युवा उनसे सीखने पहुंचते हैं। विजय विक्रम सिंह ने कहा- आज के दौर में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। यदि व्यक्ति अपनी बात प्रभावी ढंग से नहीं रख पाता तो उसका ज्ञान अधूरा रह जाता है। उन्होंने कहा कि आप तकनीकी रूप से कितने भी मजबूत क्यों न हों लेकिन अगर आप खुद को सही तरीके से व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं तो आपकी सारी जानकारी बेकार हो जाती है। एक्सप्रेशन आपकी सबसे बड़ी ताकत है। यह सिर्फ एक्टिंग में नहीं, बल्कि नौकरी, बिजनेस, इंटरव्यू, लीडरशिप और रोजमर्रा की जिंदगी के हर क्षेत्र में काम आता है। उन्होंने बताया कि उनकी कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को यह समझाना है कि वे सार्वजनिक मंच पर आत्मविश्वास के साथ कैसे बोलें, अपनी कम्युनिकेशन स्किल कैसे बेहतर करें और अपनी बात को प्रभावी ढंग से लोगों तक कैसे पहुंचाएं। कम्युनिकेशन और पर्सनालिटी डवलपमेंट कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा नावेंटम और उसके स्किल डवलपमेंट प्लेटफॉर्म ओरियन लेब के तहत कम्युनिकेशन और पर्सनालिटी डवलपमेंट कार्यक्रम किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को इंडस्ट्री से जुड़े व्यावहारिक अनुभव और भविष्य के लिए जरूरी कौशल प्रदान करना है। युवाओं, स्टूडेंट्स और उभरते कलाकारों को इनसे काफी कुछ सीखने को मिलेगा। युवाओं को मिलेगा इंडस्ट्री एक्सपोजर कार्यक्रम का आयोजन नावेंटम की ओर से किया जा रहा है, जो ब्रांड स्ट्रेटजी, डिजाइन, मार्केटिंग, डिजिटल इनोवेशन और क्रिएटिव कंसल्टिंग के क्षेत्र में कार्यरत कंपनी है। कंपनी अपने स्किल डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म ओरियन लैब के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, उद्योग जगत के नेताओं और प्रसिद्ध हस्तियों को युवाओं से जोड़ रही है। इसका उद्देश्य शिक्षा और उद्योग के बीच मौजूद दूरी को कम करना है, ताकि युवाओं को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि वास्तविक कार्यक्षेत्र का अनुभव भी मिल सके। इसी पहल के तहत विजय विक्रम सिंह जैसे अनुभवी कलाकार और वक्ता युवाओं के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।

सीकर में फरार आरोपियों की तलाश के लिए रेड:सुबह 4 बजे पुलिस की 200 टीम अलग-अलग इलाकों में पहुंची; हॉस्टल्स को भी खंगाला

सीकर पुलिस एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत स्थाई वारंटी सहित अन्य फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही है। शहर में संचालित कई हॉस्टल और पीजी की भी तलाशी ली जा रही है। आज सुबह 4 बजे से पुलिस अलग-अलग इलाकों में पहुंची और दबिश दी। एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि जिले के अलग-अलग थाना इलाकों में कुल 200 टीमों का गठन किया गया है, जो फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही है। कई हॉस्टल्स की भी तलाशी ली जा रही है, जहां ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया पर बदमाशों को फॉलो करने वाले संदिग्ध लोगों को भी हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। बस डिपो और रेलवे स्टेशन एरिया में स्लम एरिया में घूमने वाले संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। देर शाम तक इस अभियान का खुलासा किया जाएगा।

गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल के 5 और संदिग्ध पकड़े:बम बनाने की कोशिश में थे; 14 दिन पहले 8 आतंकी पकड़े गए थे

गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड ने जैश-ए-मोहम्मद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े 5 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को पाटन जिले के सिद्धपुर तालुका के खाडियाल गांव से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिलाल आबिदभाई शेरा, मोहम्मद अयूब कादीवाला, मोहम्मद पालनपुरी उर्फ खाली अयूब सुनसारा, शफिया रईस मुख्ती और मोहम्मद हसन कार्डिया के रूप में हुई है। इन्हें मेहसाणा जिले के कढ़ी कस्बे में न्यायिक मजिस्ट्रेट आरएम भाटिया के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें 24 जुलाई तक ATS की हिरासत में भेज दिया गया। इससे 3 जुलाई को जैश से जुड़े 8 संदिग्धों को पकड़ा गया था। इनसे पूछताछ के बाद इनके नामों का खुलासा हुआ। पकड़े गए आतंकी बम बनाने की कोशिश में थे सरकारी वकील पीआर दंतनी ने बताया कि ATS ने कोर्ट को जानकारी दी कि आरोपियों में से एक ने टाइम बम बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, उनका यह प्रयोग असफल रहा। पुलिस को अभी बम बनाने का सामान और उर्दू में लिखी जैश-ए-मोहम्मद की लिटरेचर बरामद करनी है। दंतनी के अनुसार, ATS यह पता लगाना चाहती है कि बम बनाने का सामान कहां से लाया गया और उसे कहां छिपाया गया था। साथ ही, जिहादी किताबें कहां से मिलीं। उन्हें कहां रखा गया है। पहले पकड़े गए 8 संदिग्ध पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के हैंडलर के संपर्क में थे डीआईजी सुनील जोशी ने आगे बताया कि सभी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के एक हैंडलर के संपर्क में थे। हैंडलर के इशारे पर ही गुजरात में मजबूत नेटवर्क खड़ा करने कोशिशों में लगे हुए थे। इन्हें एक शख्स के जरिए 3 लाख रुपए भी मिले थे। ये गुजरात में पाटण के एक मदरसे में रह रहे थे। मदरसे से साहित्य और कुछ पर्चे भी जब्त किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… आतंकी मसूद अजहर ने 26 साल पहले बनाया JeM जैश ए मोहम्मद (JeM) पाकिस्तान का आतंकवादी संगठन है। इसे आतंकी मसूद अजहर ने साल 2000 में बनाया था। इस पर भारत समेत कई देशों में आतंकी हमलों को अंजाम देने के आरोप हैं। जैश का मुख्यालय पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में है। ये संगठन पाकिस्तान के कई इलाकों में ट्रेनिंग कैम्प और आतंकी नेटवर्क संचालित करता है। इसके मुखिया आतंकी मसूद अजहर को साल 1994 में जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, दिसंबर 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण के बाद बंधकों की रिहाई के बदले भारत सरकार ने उसे रिहा कर दिया था। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… गुजरात से 4 अलकायदा आतंकी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर देश विरोधी और भड़काऊ पोस्ट गुजरात एटीएस ने बताया कि उसने अल-कायदा से जुड़े 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दो आतंकी गुजरात, एक दिल्ली और एक नोएडा से पकड़ा गया है। ये चारों नकली नोटों के रैकेट और आतंकी संगठन से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे। ये ऐसे एप्स का उपयोग कर रहे थे जिसमें कंटेंट अपने आप डिलीट हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें…

होटल में घुसा टैंकर, दबने से कर्मचारी की मौत:टक्कर मारने के बाद ट्रेलर ड्राइवर फरार, एक युवक गंभीर घायल, कई वाहन क्षतिग्रस्त

तेज रफ्तार ट्रेलर की टक्कर से होटल के बाहर खड़ा टैंकर होटल में घुस गया। टैंकर की चपेट में आने से होटल कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि होटल संचालक का 21 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया। हादसे में होटल के बाहर खड़ी दो कारें, टैंकर और होटल का फर्नीचर भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद ट्रेलर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। हादसा गुरुवार देर रात करीब एक बजे पाली शहर के सदर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-162 पर रामासिया के पास हुआ। रात करीब एक बजे हुआ हादसा सदर थाना SHO कपुराराम ने बताया – गुरुवार रात करीब एक बजे हाईवे पर रूपसिंह की होटल के बाहर एक टैंकर खड़ा था। इसी दौरान तेज गति से आ रहा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर टैंकर से टकरा गया। टक्कर लगते ही टैंकर होटल के अंदर घुस गया और वहां मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। टैंकर के नीचे दबने से कर्मचारी की मौत हादसे में टैंकर के चक्के के नीचे आने से होटल कर्मचारी हरि सिंह पुत्र भीम सिंह, निवासी उदयपुरा, देवगढ़ (राजसमंद) और होटल संचालक का 21 वर्षीय बेटा पुष्पेंद्र सिंह पुत्र टीकम सिंह राजपुरोहित, निवासी गायत्री नगर, पाली गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान हरि सिंह की मौत हो गई। पुलिस ने शव को बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। वहीं गंभीर रूप से घायल पुष्पेंद्र सिंह को जोधपुर रेफर किया गया। दो कारें, टैंकर और होटल को भी भारी नुकसान हादसा इतना भीषण था कि होटल के बाहर खड़ी दो कारें, टैंकर और होटल का फर्नीचर भी क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद ट्रेलर चालक फरार हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया और मामले की जांच शुरू कर दी है। चालक की तलाश की जा रही है।

फतहसागर झील किनारे चाकू लहराकर रील बनाने वाला युवक गिरफ्तार:बोला- सोशल मीडिया पर खुद को फेमस करना था

सोशल मीडिया पर खुद को फेमस करने के लिए चाकू लहराकर रील बनाने युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। युवक ने उदयपुर के टूरिस्ट स्पॉट फतहसागर झील किनारे हवा में चाकू लहराकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर रील अपलोड की थी। इसके बाद वो पुलिस के निशाने पर आ गया था। अंबामाता थाना पुलिस ने उससे चाकू भी बरामद कर लिया है। पकड़ा गया तो मांगने लगा माफी थानाधिकारी दलपत सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर चाकू लहराकर टूरिस्ट और लोगों में डर का माहौल बनाने वाले युवक राकेश कुमार (22) पुत्र नकाराम निवासी अमरपुरा झाड़ोल को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में बताया कि उसने धारदार चाकू खुद का रुतबा कायम करने और सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए खरीदा था। युवक ने अपनी गलती कबूल करते हुए माफी मांगी और आगे से ऐसा वीडियो नहीं बनाने की बात कही है। हथियार के साथ रील बनाना कानून का उल्लंघन चाकू लहराकर रील बनाना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि देश-विदेश से आने वाले टूरिस्ट के बीच गलत संदेश जाता है। थानाधिकारी ने बताया कि भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक एवं टूरिस्ट प्लेस पर चाकू लहराकर रील बनाना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि देश-विदेश से आने वाले टूरिस्ट के बीच गलत संदेश जाता है। पुलिस ने बताया कि इस तरह वीडियो बनाने वालों खिलाफ पुलिस साइबर टीम पूरी निगरानी रखे हुए है। अगर कोई हथियारों के साथ ऐसी रील बनाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

बच्चों से भरी स्कूल बस को डंपर ने मारी टक्कर:मची चीख-पुकार, ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला

डीग जिले के कामा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। बोलखेड़ा गांव के पास पहाड़ी मार्ग पर एक ओवरलोड डंपर ने बच्चों से भरी स्कूल बस को पीछे से टक्कर मार दी। इस घटना में बस में सवार बच्चे सुरक्षित रहे, जिसका श्रेय बस ड्राइवर की सूझबूझ को दिया जा रहा है। बस में कामां संस्कार स्कूल के छात्र-छात्राएं सवार थे। टक्कर के बाद बच्चों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन ड्राइवर ने तुरंत बस को नियंत्रित कर सुरक्षित स्थान पर रोका और बच्चों को शांत कराया। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीण और राहगीर जमा हो गए। ओवरलोड डंपर को किया जब्त
सूचना मिलने पर कामां थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारु कराया और ओवरलोड डंपर को जब्त कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई है। कामा थाना पुलिस के अनुसार, स्कूल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस डंपर ड्राइवर और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। ओवरलोड वाहनों को लेकर लोगों में आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों ने पहाड़ी मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इससे स्कूली वाहनों और अन्य यात्रियों की सुरक्षा को खतरा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इन मार्गों पर नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

बंगाल के मुर्शिदाबाद में ट्रेन की स्कूल वैन से टक्कर:3 की मौत; कई गंभीर रूप से घायल, इलाज जारी

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन ने एक पूल कार (स्कूली गाड़ी) को टक्कर मार दी। अधिकारियों के मुताबिक, टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई है, जिनमें दो स्कूली छात्र शामिल हैं। गाड़ी रेलवे ट्रैक को पार करने की कोशिश कर रही थी। टक्कर में गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। हादसे में गंभीर रूप से घायल तीन छात्रों और वैन के ड्राइवर को इलाज के लिए मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया है। अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों में से कुछ की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। टक्कर के बाद की 3 तस्वरीें… पुलिस बोली- पैसेंजर ट्रेन से टक्कर हुई एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, जब एक्सप्रेस ट्रेन गुजरी तब रेलवे क्रॉसिंग बंद थी। लेकिन उसके तुरंत बाद गेट को खोल दिया गया, जबकि वहां से एक पैसेंजर ट्रेन भी गुजरने वाली थी। स्कूल वैन के ड्राइवर ने गेट खुला देखकर गाड़ी को पटरियों के पार ले जाने की कोशिश की। इसी दौरान एक साइकिल सवार भी पटरी पार करने लगा। तभी तेज रफ्तार में आ रही निमतिया-कटवा लोकल ट्रेन ने स्कूल वैन को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और बच्चे अंदर ही फंस गए। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में टीचर-इंजीनियर समेत 10 की मौत:ट्रक ने मैजिक को टक्कर मारी, कई लोग सीट के बीच में ही फंस गए लखीमपुर खीरी में 18 मई सुबह 7.30 बजे मैजिक वाहन और ट्रक की टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई। ये सभी मैजिक वाहन में सवार थे। 9 लोगों की मौके पर ही मौत हुई, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतकों में सरकारी टीचर और इंजीनियर भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…

पड़ोसी युवक ने नाबालिग से की अश्लील हरकत:पिता के साथ मिलकर मारपीट करने का भी आरोप; धमकी दी

अजमेर में एक नाबालिग से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पिता की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार- पीड़िता के पिता ने एसपी को दिए परिवाद में बताया कि वह और उनकी पत्नी मजदूरी करते हैं। दिन के समय उनकी नाबालिग बेटी घर पर अकेली रहती है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला युवक उसे अकेला पाकर लंबे समय से अश्लील इशारे करता था और उसके साथ छेड़छाड़ करता था। कई बार अश्लील हरकत की गई। परिवाद के मुताबिक- 12 जुलाई को बेटी घर के काम से बाहर निकली थी। इस दौरान आरोपी ने उसे पकड़ लिया और गलत हरकत की। आरोपी ने छेड़छाड़ का वीडियो होने का दावा करते हुए उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी दी और अपनी बात मानने का दबाव बनाया। बच्ची किसी तरह आरोपी के चंगुल से निकलकर घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद जब आरोपी का विरोध किया तो उसने अपने पिता के साथ मिलकर मारपीट की। मारपीट के दौरान भी आरोपी ने नाबालिग के साथ अश्लील हरकत की, जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। परिवाद में आरोप लगाया कि पहले शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला एसपी के समक्ष पहुंचा। पुलिस ने एसपी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

25 दिन से दहशत फैला रहे दो लेपर्ड पकड़े:रणथंभौर टाइगर रिजर्व की टीम ने फलोदी टोडरा से किया रेस्क्यू

सवाई माधोपुर जिले के फलोदी टोडरा क्षेत्र में पिछले करीब 25 दिनों से दहशत का कारण बने दो लेपर्ड को रणथंभौर टाइगर रिजर्व की टीम ने गुरुवार देर रात सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर पकड़ लिया। दोनों लेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद जंगल में छोड़ दिया गया। लेपर्ड की लगातार गतिविधियों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल था और लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया था। 25 दिन से ग्रामीणों में था डर का माहौल फलोदी टोडरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लेपर्ड लगातार आबादी के आसपास दिखाई दे रहे थे। करीब 25 दिनों से उनकी मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में दहशत थी। लोग शाम होते ही घरों से निकलने से बच रहे थे। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर वन विभाग से लेपर्ड को जल्द पकड़ने की मांग भी की थी। कैमरा ट्रैप और ट्रैकिंग से मिली सफलता रणथंभौर टाइगर रिजर्व प्रथम के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने दिन-रात क्षेत्र में निगरानी रखी। कैमरा ट्रैप, ट्रैकिंग और स्थानीय लोगों के सहयोग से लेपर्ड की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। इसके बाद पूरी सावधानी और वैज्ञानिक तरीके से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। रेस्क्यू अभियान में टीम ने निभाई अहम भूमिका रेस्क्यू अभियान के दौरान सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) अजय और नाका प्रभारी सुमन ने अपनी टीम के साथ लगातार निगरानी रखी और अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुरुवार देर रात दोनों लेपर्ड को सुरक्षित पकड़कर क्षेत्र से हटाया गया और बाद में जंगल में छोड़ दिया गया। दोनों लेपर्ड के रेस्क्यू के बाद फलोदी टोडरा क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीव दिखाई दे तो खुद कोई जोखिम न उठाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते सुरक्षित कार्रवाई की जा सके।