ब्रेकिंग न्यूज़
मुंडावर विधायक बोले-दलालों की SDM से 100 प्रतिशत सेटिंग:काम के लिए अधिकारियों का पैसा तय; बैठक में कुर्सी बांधकर और चक्की लेकर पहुंचे पार्षद

अलवर जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में आज मुंडावर विधायक ललित यादव ने अधिकारियों और एसडीएम सृष्टि जैन पर जमकर आरोप लगाए। विधायक ने कहा- एसडीएम के ऑफिस जाओगे तो वहां खुलेआम दलाल बैठे हैं। दलाल दलाली का काम करते हैं। पैसा देते हैं तो काम होता है। इन दलालों की एसडीएम से 100 प्रतिशत सेटिंग है। ऊपर से नीचे तक पूरी सेटिंग है। वहीं कांग्रेस के जिला पार्षद जगदीश जाटव बाइक के पीछे रस्सी से अपनी कुर्सी बांधकर बैठक में पहुंचे। निर्दलीय पार्षद और कांग्रेस समर्थित संदीप फौलादपुरिया पत्थर की बनी चक्की लेकर पहुंचे। दोनों पार्षदों ने इस तरह सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताया। एसडीएम ऑफिस में खुलेआम चल रहा दलाली का खेल मुंडावर विधायक ललित यादव भी जिला परिषद की बैठक में पहुंचे। बैठक खत्म होने के बाद विधायक ने अधिकारियों पर जमकर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा- बहुत सारे अधिकारियों ने यह तय कर रखा है कि इस काम का इतना पैसा लेंगे। जो अधिकारी पैसा नहीं लेते और ईमानदारी से काम करते हैं, उन्हें हटाने का काम किया जाता है। मेरे यहां से भी तहसीलदार समेत कई अधिकारियों को हटा दिया गया। मुंडावर एसडीएम सृष्टि जैन पर आरोप लगाते हुए विधायक ने कहा- एसडीएम के ऑफिस जाओगे तो वहां खुलेआम दलाल बैठे हैं। दलाल दलाली का काम करते हैं। पैसा देते हैं तो काम होता है। इन दलालों की एसडीएम से 100 प्रतिशत सेटिंग है। ऊपर से नीचे तक पूरी सेटिंग है। मुंडावर विधायक ने कहा- वहां एक प्रधान पति भी हैं, जो कह देते हैं, वही काम करती हैं और वे धड़ल्ले से काम कर रहे हैं। मेरी एक बात समझ नहीं आई कि एसडीएम पर कितना दबाव है कि वह एक वाया चैनल हैं। पूर्व विधायक का संपर्क प्रधान से है, प्रधान का संपर्क एसडीएम से है और एसडीएम का संपर्क जनता से है। वह जनता की गाढ़ी कमाई लूटने का काम करती हैं। वह प्रधान पति को माल देती हैं और वह ऊपर पहुंचाने का काम करता है। इस तरह यह पूरा भ्रष्टाचार का चक्र चल रहा है। जाटव बोले- कांग्रेस की सरकार में टीकाराम जूली होंगे मुख्यमंत्री बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के करीबी माने जाने वाले जिला पार्षद जगदीश जाटव कुर्सी लेकर बैठक में पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में हुई जिला प्रशासन की बैठक में जिला प्रमुख के लिए कुर्सी तक नहीं लगाई गई थी। उस दौरान कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने कहा था कि जिनके नाम की नेम प्लेट के सामने कुर्सी नहीं है, वे बाहर जा सकते हैं। जबकि भाजपा जिला अध्यक्षों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। जाटव ने कहा- जब जिले के प्रथम नागरिक के लिए वहां कुर्सी नहीं लगाई गई, तो उन्हें आशंका थी कि जिला परिषद की बैठक में भी उनके लिए कुर्सी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार नहीं, बल्कि “सर्कस” चल रहा है। सरकार जनप्रतिनिधियों को दबाव में रखना चाहती है। जाटव ने टेबल बजाते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। दो साल बाद कांग्रेस की सरकार बनेगी और टीकाराम जूली मुख्यमंत्री होंगे। जो अधिकारी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं, उनका भी इलाज किया जाएगा। मंत्री उद्घाटन के बजाय लोगों की सुविधाओं पर दें ध्यान जिला पार्षद संदीप फौलादपुरिया पत्थर की चक्की लेकर बैठक में पहुंचे। उन्होंने कहा- कुछ दिन पहले शाहजहांपुर में चक्की का उद्घाटन किया गया था, लेकिन इससे लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मंत्री को उद्घाटन के बजाय क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए था। शाहजहांपुर हॉस्पिटल में आज भी लैब, ट्रॉमा सेंटर और जनरेटर जैसी सुविधाएं नहीं हैं। कस्बे में नगरपालिका, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी, यूआईटी और वन विभाग के कार्यालय भी नहीं हैं। किसान आंदोलन के दौरान टूटी सड़कें पिछले पांच सालों से नहीं बन सकी हैं। वहीं सीमावर्ती गांव पलावा, बीजवाड़ और दाधिया में पुलिस चौकी की भी मांग लंबे समय से लंबित है।

वर्कशॉप में करंट से कर्मचारी की मौत, परिजनों का प्रदर्शन:मुआवजे की मांग पर अड़े, 20 घंटे बाद बनी सहमति

दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे स्थित मारुति नेक्सा वर्कशॉप में करंट लगने से हुई कर्मचारी की मौत के मामले में आखिरकार 20 घंटे के लंबे गतिरोध के बाद सहमति बन गई है। इस दुखद हादसे के बाद मृतक के परिजनों और कंपनी प्रबंधन के बीच चले आ रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया है। मामला कोटपूतली के मारुति नेक्सा वर्कशॉप पर गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे का है। काम करते समय कर्मचारी मोहर सिंह मीणा (32) की मौत हो गई थी। लिखित आश्वासन के बाद बनी सहमति
घटना के बाद से ही आक्रोशित परिजन और ग्रामीण वर्कशॉप के बाहर धरने पर बैठ गए थे। परिजनों की मांग थी कि कंपनी मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दे और उनके भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाए। करीब 20 घंटे तक चले संघर्ष के बाद कंपनी के उच्च अधिकारियों ने परिजनों की सभी मांगों पर सहमति जताते हुए उचित मुआवजा देने और परिवार के भरण-पोषण के लिए लिखित में आश्वासन दिया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
सहमति बनने के बाद पुलिस ने मृतक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। इसके पश्चात परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार किया। गौरतलब है कि वर्कशॉप में कार्यरत युवक की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना से गुस्साए परिजन और ग्रामीण न्याय की मांग को लेकर पिछले 20 घंटों से वर्कशॉप के बाहर धरने पर बैठे थे। इस दौरान वे भूखे-प्यासे रहकर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। प्रशासन और पुलिस की समझाइश और कंपनी प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद ही वे शव लेने को तैयार हुए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में शांति है और पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। कंपनी में गाड़ियों की सफाई करता था
मोहर सिंह कोटपूतली में NEXA कंपनी में कंपनी में गाड़ियों की सफाई करने का काम करता था। गुरुवार दोपहर तीन बजे कंपनी में काम करते समय मोहर सिंह मीणा (32) करंट की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल जिला राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर्स ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्टार्टर में आ रहा था करंट
मोहर सिंह के साथ काम करने वाले अजय कुमार मीणा ने बताया- काफी दिनों से पानी की मोटर के स्टार्टर में करंट आ रहा था बार-बार मैनेजर संतोष कुमार को अवगत कराने के बाद भी उसको सही नहीं करवाया। इस घटना के बाद मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर परिजन राजकीय बीडीएम अस्पताल में प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। तीन बार हुई वार्ता विफल रही
मामले को सुलझाने के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन द्वारा परिजनों के साथ अब तक दो से तीन बार वार्ता की जा चुकी है, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे हैं। मृतक के परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस और कंपनी के कर्मचारियों ने परिजनों को समझाने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया। पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना भी मौके पर पहुंचे और कंपनी कर्मचारियों से उचित मुआवजे की मांग की, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी समझौता नहीं हो पाया था। मोहर सिंह मीणा कोटपूतली के वार्ड 32 बूचाहेड़ा मोहल्ले में रहता था और परिवार में इकलौता कमाने वाला था। मोहर के दो बेटियां और एक बेटा है।

पंजाब- आंगन में बंधी गाय को उठा ले गया तेंदुआ,VIDEO:होशियारपुर में दीवार फांदकर घर में घुसा, जबड़े में दबोचकर घसीट ले गया

होशियारपुर के दसूहा में एक तेंदुए ने रिहायशी इलाके में घुसकर घर के आंगन में बंधी गाय को अपना शिकार बना लिया। तेंदुआ आते ही गाए के गले को अपने मुंह में डाल लेता है। गाय कुछ देकर मुकाबला करती है लेकिन इसके बाद तेंदुआ उसका गला घोंट देता है और मार देता है। गाय को शिकार बनाते तेंदुए का वीडियो भी सामने आया है। गाय तेंदुए से जान बचाने के लिए काफी देर संघर्ष करती है। इस दौरान गाय जोर-जोर से आवाज निकालती है, लेकिन मालिक नहीं उठते हैं जिससे तेंदुआ गाय को खा जाता है। तेंदुए के गाय पर अटैक के PHOTOS… VIDEO में क्या दिख रहा… गार्ड ने कहा- रात को लाइट जलाकर रखें सुबह बछड़ी मृत मिलने के बाद परिजनों ने पंचायत और वन्यजीव विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कराया, जबकि दातारपुर वेटरनरी अस्पताल की डॉक्टर पूनम शर्मा ने बछड़ी का पोस्टमार्टम किया। फॉरेस्ट गार्ड गुरमेल सिंह ने ग्रामीणों को रात के समय सतर्क रहने और घरों के बाहर लाइटें जलाकर रखने की सलाह दी। जरूरत पड़ने पर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की भी बात कही गई। तेंदुए की दहशत से सहमे ग्रामीण रिहायशी इलाके में तेंदुए के घुसने और घर के आंगन में बंधी बछड़ी को मारने की घटना के बाद पूरे गांव में डर का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि तेंदुआ दोबारा भी आबादी वाले इलाके में आ सकता है, इसलिए लोग रात के समय लाइट जगाकर सो रहे हैं। ————— यह खबर भी पढ़ें… होशियारपुर में जंगल से सड़क पर आया तेंदुआ,VIDEO:पानी की तलाश में 10 मिनट भटकता रहा; घबराए बाइक सवारों ने रास्ता बदला होशियारपुर में 20 दिन पहले भी सड़क पर घूमता हुआ तेंदुआ दिखा था। सड़क से गुजर रहे लोग तेंदुआ देख अचानकर रुक गए और बाइकों को मोड़कर वापस जाने लगे। इस दौरान कुछ नौजवानों ने अपने मोबाइल में तेंदुए का वीडियो बना लिया। पूरी खबर पढ़ें…

सावरकर मानहानि केस; पड़पोते बोले- नेहरू ब्रिटिश समर्थक थे:अगर सावरकर अंग्रेजों से समझौता कर लेते तो पीएम बन सकते थे

स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के पड़पोते सात्यकि ने मंगलवार को पुणे की विशेष अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ थे और उन्होंने ब्रिटिश समर्थक नीतियां अपनाई थीं। राहुल गांधी की तरफ से वकील मिलिंद पवार ने पैरवी की। जिरह के दौरान सात्यकि ने कहा, सावरकर की संपत्ति जब्त कर ली गई थी और उनकी बैरिस्टर की डिग्री रद्द कर दी गई थी। सात्यकि का दावा- बोस के विरोधी थे नेहरू सात्यकि ने कोर्ट में दावा किया कि नेहरू ने कहा था कि वे सुभाष चंद्र बोस और उनकी पार्टी से भी लड़ेंगे। यह नेहरू का बोस के प्रति विरोध साबित करता है। मैंने ये तथ्य ‘सिलेक्टेड वर्क्स ऑफ जवाहरलाल नेहरू’ से लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मैडम कामा, भगत सिंह और शरद पवार जैसे नेताओं ने सावरकर की प्रशंसा की थी। जानें, क्या है सावरकर मानहानि मामला सात्यकि ने राहुल गांधी के खिलाफ मार्च 2023 में लंदन में दिए गए भाषण को लेकर मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। राहुल ने सावरकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप लगाया था। पुणे पुलिस ने 27 मई 2024 को अपनी रिपोर्ट में कहा था कि राहुल गांधी ने सावरकर को बदनाम किया है। राहुल गांधी ने मामले में खुद को निर्दोष बताया। लंदन में कहा था- सावरकर ने मुस्लिम को पीटा था राहुल पर आरोप है कि उन्होंने मार्च 2023 में लंदन में सावरकर की किताब का हवाला देते हुए एक भाषण में दावा किया था कि सावरकर और उनके 5-6 दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें इससे खुशी हुई थी। इसी भाषण का हवाला देते हुए सात्यकि ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया। सात्यकि ने कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और न ही सावरकर ने ऐसा कुछ लिखा।

LDC भर्ती नकल मामले में आरोपियों को मिली जमानत:बोले- पुलिस ने FIR से पहले ही मारपीट की, कान का पर्दा फाड़ दिया

जैसलमेर के चर्चित एलडीसी भर्ती परीक्षा नकल मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी पदमसिंह और मनु कंवर को जमानत दे दी है। कोर्ट ने पदमसिंह को एक लाख रुपए के निजी बांड और पचास-पचास हजार रुपए की दो जमानतों पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। इस दौरान आरोपियों की ओर से पुलिस पर एफआईआर से पहले अवैध हिरासत में रखने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए, जिस पर अदालत ने मेडिकल जांच कराने के आदेश भी जारी किए हैं। पुलिस पर लगा कान का पर्दा फाड़ने का आरोप आरोपियों के वकील कंवराज सिंह राठौड़ की ने अदालत में पुलिस पर प्रार्थना पत्र पेश कर गंभीर आरोप लगाए कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से पहले ही पदमसिंह को अवैध हिरासत में रखा और उसे बुरी तरह टॉर्चर किया। इस मारपीट के कारण पदमसिंह के कान का पर्दा फट गया और उसके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। अदालत ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जवाहिर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) को तुरंत एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया। इस बोर्ड में नाक, कान और गला (ईएनटी) विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी शामिल किया गया। पदमसिंह को जेल से अस्पताल लाकर उसकी चोटों का मेडिकल टेस्ट कराया गया है, जिसकी सीलबंद रिपोर्ट जल्द ही कोर्ट में पेश की जाएगी। इससे पहले महिला आरोपी मनु कंवर को भी अदालत ने इसी तरह की शर्तों पर जमानत दे दी थी। जमानत मिलने के बाद मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। महिला आरोपी का आरोप: टॉर्चर से बिगड़ी तबीयत दूसरी तरफ, महिला आरोपी मनु कंवर ने भी पुलिस पर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया है। मनु कंवर के वकील ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने एफआईआर से पहले ही महिला को हिरासत में लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। वकील के अनुसार, मनु कंवर गर्भवती थी और पुलिस के टॉर्चर व धक्के के कारण वह गिर गई, जिससे उसकी तबीयत बेहद खराब हो गई और ब्लीडिंग होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने किया विरोध, कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित सरकारी वकील और पुलिस टीम ने इन सभी आरोपों को झूठा बताते हुए आरोपियों का मेडिकल टेस्ट कराने का विरोध किया। पुलिस का कहना था कि आरोपियों के शरीर पर कोई चोट नहीं है। इस पर पलटवार करते हुए आरोपी के वकील ने दलील दी कि कानून में हर आरोपी के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा का अधिकार है। जब महिला को ब्लीडिंग हो रही है, तो महिला डॉक्टरों की टीम से उसके सैंपल लेकर गर्भपात और चोटों की पूरी जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की तीखी बहस सुनने के बाद महिला आरोपी के मेडिकल टेस्ट कराने के आवेदन पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिस पर जल्द ही आदेश जारी किया जाएगा। एलडीसी नकल कांड: क्या था मुख्य मामला? 5 जुलाई 2026 को जैसलमेर के रामगढ़ रोड स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर एलडीसी भर्ती परीक्षा चल रही थी। आरोप है कि परीक्षा के दौरान केंद्र पर तैनात रिलीवर पदमसिंह ने महिला अभ्यर्थी मनु कंवर को नकल कराने के लिए प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष से बाहर निकाला और उसे हल करवाकर वापस अंदर पहुंचाया। जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए परीक्षा केंद्र का सीसीटीवी कैमरा ठीक 9 मिनट के लिए बंद या गायब कर दिया गया था। इसी 9 मिनट के खेल में पर्चा बाहर भेजा गया और वापस टेबल पर रख दिया गया। …. ये खबरें भी पढ़ें… LDC भर्ती- पेपर फाइल में छिपाकर ले गया था टीचर:कैंडिडेट्स ने हंगामा किया तो बोले- तुम्हें भी बता देंगे, शोर मत मचाओ जैसलमेर में LDC (ग्रेड सेकेंड) भर्ती परीक्षा में नकल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। टीचर की ओर से महिला अभ्यर्थी को नकल कराने का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी में कैद हो गया।(पूरी खबर पढ़ें)

बाइक ने 4 साल के बच्चे को कुचला, मौत:फैक्ट्री में चादर ओढ़कर लेटा था, ऊपर से निकली बाइक; 3 बहनों का इकलौता भाई था

अलवर शहर में आज सुबह दूध सप्लाई करने आए बाइक सवार ने चार साल के बच्चे को कुचल दिया। हादसा उद्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित कामधेनू मिनरल्स फैक्ट्री का है। बच्चा खेलते-खेलते थकने पर चादर ओढ़कर ले गया था। इस दौरान बाइक उसके ऊपर से गुजर गई। बच्चे को गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चादर ओढकर लेटा था बच्चा पुलिस के मुताबिक-कामधेनू मिनरल्स फैक्ट्री परिसर में चार साल का मनजीत चादर ओढ़कर लेटा था। इस दौरान दूध की सप्लाई देने एक बाइक सवार आया। उसने बच्चे के ऊपर बाइक को चढ़ा दिया। बच्चे को ईएसआई हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर अलवर जिला हॉस्पिटल लेकर आए लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बच्चे के माता-पिता बिहार के नवादा निवासी मिथिलेश चौहान अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ इस फैक्ट्री में मजदूरी करते है। पिता एक दिन पहले गए थे गांव परिजनों ने बताया कि बच्चे का पिता मिथिलेश गुरुवार को ही किसी जरूरी काम से बिहार स्थित अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हुए थे। इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। हॉस्पिटल परिसर में मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

नवजात बच्चे को जंगल में फेंका, काट रही थीं चींटियां:रोने की आवाज सुनकर लोगों ने बचाया, शरीर पर चोट के निशान

जन्म के कुछ घंटे बाद ही बच्चे को जंगल में एक खंडहर में फेंक दिया। उसके चेहरे और हाथों पर चींटियां काट रही थीं। रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद ANM नवजात को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई। मामला बीकानेर के रणजीतपुरा गांव में शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे का है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे का वजन करीब ढाई किलो है। वह पूरी तरह स्वस्थ है। नर्सिंग स्टाफ उसकी देखभाल कर रहा है। पहले देखें…ये दो तस्वीरें अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा घटनाक्रम… 1. चींटियों के काटने से रो रहा था बच्चा रणजीतपुरा की ANM मधु श्रीवास्तव ने बताया- आज सुबह रास्ते से गुजर रहे लोगों ने झाड़ियों के बीच खंडहर से बच्चे के रोने की आवाज सुनी। वे तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और पूछा कि क्या अस्पताल में किसी महिला की डिलीवरी हुई है। जब उन्हें बताया गया कि यहां कोई डिलीवरी नहीं हुई है, तो उन्होंने खंडहर में नवजात के पड़े होने की सूचना दी। मैं कपड़ा लेकर मौके पर पहुंची। नवजात को सुरक्षित उठाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाई। यहां बच्चे को साफ किया गया। उसकी पूरी जांच की गई और दूध भी पिलाया गया। फिलहाल बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। 2. शरीर पर चोट के निशान प्राथमिक जांच में नवजात सुरक्षित और स्वस्थ मिला। हालांकि उसके शरीर पर हल्की चोट के निशान थे। चेहरे, हाथों समेत कई जगह चींटियां चढ़ी हुई थीं। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि जन्म के तुरंत बाद ही अज्ञात लोग बच्चे को खंडहर में छोड़कर चले गए थे। 3. परिजनों का नहीं चला पता घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। बच्चे की देखभाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में की जा रही है। रणजीतपुरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। नवजात के परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आसपास के क्षेत्र से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि बच्चे को खंडहर में छोड़ने वाले लोगों तक पहुंचा जा सके। … नवजात को फेंकने की ये खबरें भी पढ़ें … 1. मुंह में पत्थर ठूंसकर बच्चे को जंगल में फेंका, VIDEO:रोने की आवाज नहीं आए, इसलिए फेवीक्विक लगाया; जलाने के भी निशान मिले भीलवाड़ा में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। 15 दिन के मासूम को जंगल में फेंक दिया। रोने की आवाज न आए, इसलिए उसके मुंह में पत्थर ठूंसकर फेवीक्विक से चिपका दिया। पूरी खबर पढ़िए 2. नवजात बच्ची को 80 फीट गहरे कुएं में फेंक गए:अस्पताल के कपड़े में लिपटी थी, युवक ने जान जोखिम में डालकर बाहर निकाला 80 फीट गहरे कुएं से नवजात बच्ची मिली है। अपनी जान जोखिम में डालकर एक युवक रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और बच्ची को सकुशल बाहर निकाल लाया। पूरी खबर पढ़िए

जयपुर में ब्ल्यूसीस कैफे पर पुलिस का छापा:7 हुक्के, चिलम और फ्लेवर बरामद, आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया

राजधानी जयपुर में अवैध हुक्का बार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार देर रात ब्ल्यूसीस कैफ़े पर छापा मारा। पुलिस ने कैफ़े की आड़ में संचालित किए जा रहे हुक्का बार का भंडाफोड़ किया है। 7 हुक्के, चिलम जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 7 हुक्के, चिलम और विभिन्न प्रकार के हुक्का फ्लेवर बरामद किए हैं। साथ ही आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा के निर्देश पर की गई। कार्रवाई को संबंधित थाना प्रभारी एसएचओ नरेन्द्र सिंह भड़ाना के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। कैफे संचालक के खिलाफ केस दर्ज पुलिस मामले की जांच कर रही है और कैफे संचालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कैफ़े में अवैध रूप से हुक्का बार का संचालन कब से किया जा रहा था और इसमें कौन-कौन शामिल है।

जयपुर के आरयूएचएस हॉस्पिटल में हुई दुर्लभ सर्जरी:डॉक्टर्स ने पिता और पुत्र की आंखों की रोशनी बचाई; झुकी पलकों से ढकी रहती थी आंखें

राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (आरयूएचएस) के नेत्र रोग विभाग ने एक दुर्लभ सर्जरी कर पिता और पुत्र की आंखों की रोशनी बचाने में सफलता हासिल की है। दोनों प्टोसिस (Ptosis) नामक बीमारी से पीड़ित थे, जिसके कारण उनकी ऊपरी पलकें इतनी झुक गई थीं कि उन्हें सामान्य रूप से देखने में भी परेशानी हो रही थी। चिकित्सकों ने दोनों की एक साथ सर्जरी कर उनकी दृष्टि और सामान्य जीवन लौटाने का सफल प्रयास किया। आरयूएचएस के नेत्र रोग विभाग की सह आचार्य डॉ. माया हाड़ा ने बताया कि करौली निवासी नारायण (29) अपने आठ वर्षीय बेटे को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए थे। बच्चे की ऊपरी पलक इतनी झुकी हुई थी कि उसकी आंख लगभग ढकी रहती थी और उसे साफ दिखाई नहीं देता था। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि पिता भी उसी बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी पलकें भी असामान्य रूप से झुकी हुई हैं। जांच में सामने आया दुर्लभ मामला डॉक्टरों की टीम ने बताया कि पिता और पुत्र दोनों में एक साथ जन्मजात प्टोसिस का होना बेहद दुर्लभ मामला है। विस्तृत जांच और काउंसलिंग के बाद चिकित्सकों ने दोनों की एक साथ सर्जरी करने का निर्णय लिया। गुरुवार को सफल ऑपरेशन के बाद दोनों मरीज स्वस्थ हैं और उनकी आंखों की कार्यक्षमता में सुधार हुआ है। डॉ. माया हाड़ा ने बताया कि प्टोसिस केवल सौंदर्य संबंधी समस्या नहीं है। यदि बच्चे की पलक लंबे समय तक आंख को ढके रहती है तो आंख का विकास प्रभावित हो सकता है और स्थायी रूप से दृष्टि कमजोर होने या आलसी आंख (Amblyopia) जैसी समस्या का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ऐसे मामलों में समय रहते सर्जरी कराना बेहद आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि कई अभिभावक इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय पर उपचार से बच्चे की रोशनी पूरी तरह सुरक्षित रखी जा सकती है। विशेषज्ञ टीम ने किया सफल ऑपरेशन यह जटिल सर्जरी नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीशा दुलानी के निर्देशन में की गई। ऑपरेशन टीम में डॉ. माया हाड़ा के साथ एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. वरुण और डॉ. साधना शामिल रहे। विशेषज्ञ टीम ने आधुनिक तकनीक की मदद से दोनों मरीजों की पलकों की सफल रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की। आरयूएचएस के प्रिंसिपल डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने बताया कि अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में पिछले एक महीने के दौरान ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं, अनुभवी विशेषज्ञों और बेहतर उपचार व्यवस्था के कारण प्रदेशभर से मरीज आरयूएचएस का रुख कर रहे हैं।

आंध्र प्रदेश में कोरोना के 12 मामले, 4 मौत:जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पुणे भेजे गए सैंपल, स्वास्थ्य विभाग ने दी जानकारी

आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच कोरोना संक्रमण के 12 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 4 मरीजों की मौत भी हुई है। राज्य सरकार ने वायरस के वैरिएंट का पता लगाने के लिए 5 सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे भेजे हैं। स्वास्थ्य सचिव और कमिश्नर वीरा पांडियन के मुताबिक, जिन 4 मरीजों की मौत हुई, वे पहले से ही गंभीर बीमारियों जैसे हाइपरटेंशन, डायबिटीज और किडनी की समस्या से जूझ रहे थे। राज्य में अब तक कुल 339 कोरोना मामले सामने आए हैं, जिनमें से 12 आंध्र प्रदेश के हैं। आंकड़ों के अनुसार, कडपा में 8, गुंटूर में 2, विशाखापत्तनम और काकीनाडा में 1-1 मामला दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये मामले अलग-अलग इलाकों से हैं और कहीं भी क्लस्टर नहीं बना है। फिलहाल 3 मरीज होम आइसोलेशन में हैं और 2 अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 3 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। विशाखापत्तनम के KGH अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ. वाणी ने बताया कि वहां एक मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई है। लक्षण दिखने पर डॉक्टर ने उसे टेस्ट की सलाह दी थी। निजी लैब में पुष्टि के बाद KGH अस्पताल में भी दोबारा जांच की गई, जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आई। स्वास्थ्य सचिव वीरा पांडियन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि राज्यभर के अस्पतालों और स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। देशभर में 1 जुलाई से अब तक 339 कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं। पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी सावधानी बरती जा रही
कोराना के नए मामलों को देखते हुए आंध्र प्रदेश के पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी सावधानी बरती जा रही है। तुमकुरु जिले की डिप्टी कमिश्नर शुभा कल्याण ने कहा, “आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के मामले सामने आए हैं। हमारे तुमकुरु जिले की कुछ तहसीलें, जैसे पावागड़ा, आंध्र प्रदेश की सीमा से लगी हुई हैं। इसलिए एहतियात के तौर पर हमने सावधानी संबंधी उपाय लागू करने का फैसला किया है।” सेहत से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मानसून में बढ़ते फूड पॉइजनिंग के केस:ये 7 लक्षण इग्नोर न करें, बचाव के लिए 12 सावधानियां, बता रहे हैं डॉक्टर बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है। इससे खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया और वायरस जल्दी पनपते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में फूड पॉइजनिंग, डायरिया और हैजा के मामले बढ़ जाते हैं। हालांकि कुछ बुनियादी सावधानियां अपनाकर इन बीमारियों के रिस्क से बचा जा सकता है। पढ़ें पूरी खबर…