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सुप्रीम कोर्ट बोला-CBSE के डिजिटल मार्किंग सिस्टम से छात्र निराश:बोर्ड से पूछा सुधार के लिए अब तक क्या किया; केंद्र से मदद मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को CBSE के ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर छात्रों की नाराजगी पर चिंता जताई। सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा, “देखिए, छोटे-छोटे बच्चों में कितनी निराशा है।” कोर्ट ने कहा कि सरकार से किसी टकराव की मंशा नहीं है, लेकिन व्यवस्था में कुछ समस्याएं हैं। कोर्ट ने CBSE की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी है। साथ ही केंद्र से सहयोग करने की बात कही है। CBSE का OSM यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम ऐसी व्यवस्था है, जिसमें ऑन्सर शीट की स्कैन कॉपी कंप्यूटर पर जांची जाती है। शिक्षक कागज की कॉपी देखने के बजाय डिजिटल स्क्रीन पर मूल्यांकन करते हैं। कोर्ट में सरकार के 3 तर्क… याचिका में स्पष्ट नियमावली की मांग यह जनहित याचिका राकेश बिंजोला ने वकील लक्ष्मीकांत मटादन शुक्ला के माध्यम से दायर की है। याचिका में केंद्र सरकार और CBSE को निर्देश देने की मांग की गई है कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए OSM मूल्यांकन प्रणाली से जुड़ी स्पष्ट नियमावली बनाई जाए। इस व्यवस्था की निगरानी और सुधार लागू करने के लिए एक हाई पावर कमेटी गठित की जाए। जिन स्टूडेंट्स को पहले ही प्रोविजनल एडमिशन मिल चुका है या जिन्होंने प्रवेश परीक्षाएं पास कर ली हैं, उन्हें मिनिमम क्वॉलिफाइंग मार्क्स में राहत दी जाए। विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए निर्धारित 75 प्रतिशत या अन्य न्यूनतम कक्षा 12 अंक की शर्त से भी छूट देने का निर्देश दिया जाए। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें: सरकार ने CBSE के चेयरमैन और सचिव को हटाया: विवादित ऑन स्क्रीन मार्किंग के टेंडर की जांच के आदेश केंद्र सरकार ने मंगलवार को ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बीच CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा OSM सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। पढ़ें पूरी खबर…

नोएडा में 4 मंजिला बिल्डिंग में आग, 2 जिंदा जले:नोएडा में सीढ़ियों के सहारे 50 परिवारों को बचाया, स्कूटी चार्जिंग के दौरान धमाके से आग लगी

नोएडा में बुधवार सुबह 11 बजे 4 मंजिला बिल्डिंग में आग लग गई। हादसे में 2 लोग जिंदा जल गए। एक बच्चा और एक युवती गंभीर रूप से झुलस गए। फायर ब्रिगेड ने सीढ़ियों के सहारे 50 परिवारों का रेस्क्यू किया। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि बिल्डिंग के बेसमेंट में इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्ज हो रही थी। इसी दौरान उसमें धमाका हुआ और आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। 30 से 40 बाइकें जलकर राख हो गईं। धुआं उठता देखकर बिल्डिंग के आसपास रहने वाले सैकड़ों लोग सड़क पर आ गए। बिल्डिंग के निचले हिस्से में फंसे लोग बाहर निकल गए, लेकिन ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोग फंस गए। सूचना पर फायर ब्रिगेड की 7 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन भीड़ और संकरी गलियों के चलते वे बिल्डिंग तक नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में गाड़ियों को सड़क पर ही खड़ा करना पड़ा। इसके बाद पाइप जोड़कर आग पर काबू पाया गया। इसमें करीब 3 घंटे लगे। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, उसकी छत से सामने वाली बिल्डिंग तक सीढ़ियां लगाकर पुल बनाया। फिर उसके सहारे लोगों को दूसरी बिल्डिंग में सुरक्षित पहुंचाया। पुलिस ने बिल्डिंग मालिक को हिरासत में ले लिया है। हादसे में जान गंवाने वाली लड़की स्नेहा श्रीवास्तव (22) बिहार की रहने वाली थी। वहीं युवक ऋषभ कुमार मध्यप्रदेश के सिवनी का रहने वाला था। दोनों नोएडा में निजी कंपनी में काम करते थे। बिल्डिंग में करीब 50 कमरे थे। आग सेक्टर-66 के ममूरा इलाके में लगी। यह भीड़भाड़ वाला इलाका है। यहां बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग परिवार के साथ रहते हैं। आग की 4 तस्वीरें देखिए- आग से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

सोनम वांगचुक के अनशन पर दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जेंट सुनवाई:कोर्ट ने केंद्र-दिल्ली सरकार से जवाब मांगा; वांगचुक 18 दिन से भूख हड़ताल पर, सेहत बिगड़ी

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को बहुत जरूरी माना। केंद्र और दिल्ली सरकार से गुरुवार सुबह तक जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने यह सुनवाई एक जनहित याचिका पर की। इसमें वांगचुक को तुरंत मेडिकल सुविधा और इलाज देने की मांग की गई है। वांगचुक NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी हालत लगातार गिरती जा रही है। 8:50 किग्रा तक वजन गिर गया है। वांगचुक की भूख हड़ताल की 3 तस्वीरें… याचिका में इमरजेंसी ट्रीटमेंट देने की मांग CJP का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नीट पेपर लीक के विरोध में 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सोनम वांगचुक भी उनके आंदोलन में शामिल हैं। CJP चीफ जस्टिस सूर्यकांत के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से करने के बाद बनी थी। थरूर ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा- सोनम वांगचुक जी से मेरी भावनात्मक अपील है कि वे अपना अनशन समाप्त करें। आपने देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है और किसी भी अनशन का यही उद्देश्य होता है। देश को आगे की लंबी लड़ाई के लिए आपकी आवाज की जरूरत है। सोमवार से संसद का सत्र शुरू हो रहा है। हमें लोकतंत्र के सर्वोच्च मंच पर छात्रों के मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा। इन समस्याओं का समाधान संसद में होना चाहिए, न कि किसी की जान जोखिम में डालने वाले अनशन से। कृपया मेरी अपील स्वीकार करें। लद्दाख को राज्य की मांग को लेकर वांगचुक 170 दिन जेल में रहे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उनके अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए। सरकार ने हिंसा भड़काने का आरोप वांगचुक पर लगाया। इसके दो दिन बाद, 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया। इरोम शर्मिला करीब 16 साल भूख हड़ताल पर रहीं वांगचुक को भूख हड़ताल करते हुए 18 दिन हो गए हैं। महात्मा गांधी से लेकर जीडी अग्रवाल तक कई नेता-सामाजिक कार्यकर्ता अलग-अलग मांगों को लेकर भूख हड़ताल करते रहे हैं। इरोम शर्मिला मणिपुर से AFSPA हटाने की मांग को लेकर 16 साल भूख हड़ताल पर रहीं। 3 हफ्ते से ज्यादा भूखा रहने पर दूसरे बॉडी पार्ट्स पर असर ———————————— ये खबरें भी पढ़ें… वांगचुक 17 दिन से अनशन पर, 8.5kg वजन घटा, उद्धव-महुआ और अखिलेश की भूख हड़ताल खत्म करने की अपील सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को 17 दिन हो चुके हैं। उनका वजन 8.5kg कम हो गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, एक्टर नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, राइटर अरुंधति रॉय समेत कई प्रमुख हस्तियों ने सोनम से अनशन खत्म करने की अपील की है। पूरी खबर पढ़ें… कॉकरोच पार्टी फाउंडर दीपके ने पुलिस के पैर पकड़े, जंतर-मंतर पर टेंट लगाने की इजाजत मांगी नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 20 दिन से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। फाउंडर अभिजीत दीपके ने पुलिसवालों के पैर पकड़े और हाथ जोड़े। वे टेंट लगाने की इजाजत मांग रहे थे ताकि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को बारिश से बचाया जा सके। पूरी खबर पढ़ें…

कर्नाटक- जज की कुर्सी पर काला जादू करने का आरोप:65 साल की महिला गिरफ्तार; केस का फैसला अपने पक्ष में कराना चाहती थी

कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में 65 साल की महिला मंजुला को जज की कुर्सी पर काला जादू करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि महिला लंबित पारिवारिक सिविल केस का फैसला अपने पक्ष में कराना चाहती थी। पुलिस के मुताबिक, घटना 9 जुलाई की है। मामला 14 जुलाई को सामने आया। जज की कुर्सी पर सरसों के दाने बिखेरे पुलिस के मुताबिक, 9 जुलाई सुबह करीब 9:40 बजे फर्स्ट एडिशनल सीनियर सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में हुई। आरोप है कि महिला कोर्ट रूम में दाखिल हुई और जज की मेज पर ‘पूजा’ किए हुए सफेद सरसों के दाने बिखेर दिए। CCTV फुटेज से मामला सामने आया दिल्ली कोर्ट में चावल फेंकने पर डॉक्टर पर जुर्माना पिछले साल दिल्ली की तीस हजारी अदालत में हत्या के एक मामले का सामना कर रहे डॉक्टर चंदर विभास ने सुनवाई शुरू होने से पहले कथित तौर पर कोर्ट रूम में चावल के दाने बिखेर दिए। इस वजह से कार्यवाही 15-20 मिनट तक रोकनी पड़ी। कुछ वकीलों ने इसे भी कथित तौर पर काला जादू या टोटका बताया था। जज शेफाली बरनाला टंडन ने उन्हें अदालत एक दिन हिरासत में रखा। 2,000 रुपए का जुर्माना लगाया, जिसे डॉक्टर ने उसी दिन जमा कर दिया। —————————————— ये खबर भी पढ़ें… वकील ने CJI का नाम लेकर अपशब्द कहे, सुप्रीम कोर्ट में जजों को आदेश देने लगा, फाइल फेंकी सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एक वकील ने हंगामा किया। सीजेआई सूर्यकांत को अपशब्द कहे और फाइल भी फेंकी। इस दौरान सीजेआई कोर्ट रूम में मौजूद नहीं थे। यह घटना जस्टिस केवी विश्वनाथन, जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुई। हंगामे के बाद कोर्ट के आदेश पर सिक्योरिटी ने वकील को तुरंत बाहर निकाल दिया। पूरी खबर पढ़ें…

लुधियाना में स्कूल बस ने बच्चे को कुचला:मां के सामने मौत; दोनों टायर चढ़ने से सड़क पर चिपका मांस, डस्टपैन से समेटा

लुधियाना में बुधवार सुबह 3 साल के बच्चे को प्राइवेट स्कूल की बस ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बस के अगले और पिछले टायर ऊपर से गुजरने के कारण सड़क पर मांस चिपक गया। बच्चा अपनी मां के साथ बड़ी बहन को स्कूल बस में बैठाने घर के बाहर आया था। हादसे के बाद ड्राइवर बस लेकर भागने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा कि ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसा कोहाड़ा क्षेत्र के गांव शालू भैणी में हुआ। बच्चे की एक बहन है। अब सिलसिलेवार पूरा मामला पढ़िए… बेटी को स्कूल बस में बैठाने आई थी महिला
बुधवार सुबह करीब 7 बजे अमनदीप अपनी बेटी रमनदीप कौर को स्कूल बस में बैठाने के लिए घर के बाहर गई थी। उनके साथ बेटा समरदीप भी था। इसी दौरान स्कूल बस पहुंची। अमनदीप बेटी को बस में चढ़ाने लगीं, जबकि समरदीप बस के आगे की ओर चला गया। बेटी के बस में बैठते ही ड्राइवर ने बस आगे बढ़ा दी। ड्राइवर को बस के आगे खड़ा मासूम दिखाई नहीं दिया और बस उसके ऊपर से गुजर गई। दोनों टायर बच्चे के ऊपर से गुजरे
मां अमनदीप के मुताबिक पहले बस का अगला टायर और फिर पीछे का टायर भी मासूम के ऊपर से गुजर गया। हादसा इतना भयावह था कि परिवार के सामने ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद ड्राइवर बस रोकने की बजाय मौके से भागने लगा। लोगों ने आवाज लगाई, लेकिन वह नहीं रुका। ग्रामीणों ने पीछा कर ड्राइवर को पकड़ा
हादसे के बाद ग्रामीणों और राहगीरों ने अपने वाहनों से बस का पीछा किया। कुछ दूरी पर नजदीकी गांव के पास ड्राइवर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पकड़े जाने पर ड्राइवर ने कहा कि हादसे में उसकी कोई गलती नहीं है। इस बयान से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। चाचा ने कहा- बस में अटेंडेंट नहीं था
मृतक के चाचा रशपिंदर सिंह ने कहा कि स्कूल बस में बच्चों को चढ़ाने और उतारने के लिए कोई अटेंडेंट मौजूद नहीं था। बस चला रहा युवक करीब 19 साल का है। हादसे के बाद जब ड्राइवर से लाइसेंस दिखाने को कहा गया तो उसने बताया कि लाइसेंस उसके पास नहीं है और उसकी फोटो मोबाइल में है। हालांकि, उसका फोन टूटा होने के कारण वह फोटो नहीं दिखा सका। स्कूल बस की हालत भी ठीक नहीं थी
रशपिंदर सिंह ने कहा कि कंडियाना कलां स्थित यह स्कूल नौवीं कक्षा तक है और इसकी बस की हालत भी ठीक नहीं थी। उन्होंने मांग की कि सभी स्कूल बसों की जांच कर सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीण बोले- दोषियों पर हो कार्रवाई
हादसे के बाद ग्रामीणों ने कहा कि यदि ड्राइवर सावधानी से बस चलाता या हादसे के तुरंत बाद रुककर मदद करता तो स्थिति अलग हो सकती थी। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि ड्राइर की नियुक्ति किस आधार पर की गई और क्या उसके पास जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। हरियाणा नंबर की बस, नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी
ग्रामीणों ने कहा कि कि स्कूल बस हरियाणा नंबर की है। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार यह बस यहां संचालित नहीं होनी चाहिए। पीछे की ओर नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
थाना कुमकलां के हेड कॉन्स्टेबल जगतार सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं मिला या किसी प्रकार की लापरवाही साबित हुई तो उसके अनुसार संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। बच्चे के शव को सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है सुरक्षा नियमों की कई स्तर पर अनदेखी हुई
ट्रैफिक एक्सपर्ट अजय शर्मा ने कहा कि बाहरी राज्य की नंबर प्लेट लगाकर स्कूल बस शहर में चल नहीं सकती। यह सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी का उल्लंघन है। बच्चों की सुरक्षा के लिए ये सबसे बड़ा खतरा है। इसके लिए ट्रांसपोर्ट विभाग, ट्रैफिक पुलिस और स्कूल प्रशासन तीनों बराबर के जिम्मेदार हैं। इनके खिलाफ बच्चों की सुरक्षा खतरे में डालने के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए, क्योंकि यह अपनी ड्यूटी इमानदारी से नहीं कर रहे। आज भी जो एक्सीडेंट में बच्चे की जान गई है उस बस पर सबसे पहले हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है। स्कूल परमिट नहीं है। बस फिटनेस नहीं है। अटेंडेट ना होना बड़ी लापरवाही है। बस का जो नंबर लिखा है वह भी क्लियर नहीं है।

स्विफ्ट ने स्कूटी सवार दोस्तों को उड़ाया, दोनों की मौत:स्कूटी को 2 किमी घसीटा, टायर फटा तो छोड़ फरार हुआ

झुंझुनूं में स्विफ्ट कार ड्राइवर ने स्कूटी सवारों 2 को जोरदार टक्कर मार दी। दोनों स्कूटी से उछलकर गिर गए और स्कूटी कार के नीचे गई फंस गई। कार सवार इसके बावजूद भी स्कूटी को घसीटता हुआ करीब 2 किमी ले गया। इसके वाद कार का टायर फट गया। इसके बाद वह कार छोड़ कर फरार हो गया। मामला गुढ़ागौड़जी थाना इलाके का मंगलवार रात का है। दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हादसे में संत कुमार सैनी (35) और जावेद (41) की मौत हो गई है। संत किशोरपुरा निवासी था और होटल पर काम करता था। जावेद इस्लामपुरा का रहने वाला था और मजदूरी करता था। वे दोनों एक होटल पर खाना खाकर झुंझुनूं की तरफ निकले ही थे कि होटल से महज 100 मीटर की दूरी पर ही यह भीषण हादसा हो गया। टायर फटा तो कार छोड़ कर भागा ​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद भी कार चालक नहीं रुका। स्कूटी कार के अगले हिस्से में फंसी होने के बावजूद चालक उसे तेज रफ्तार में घसीटता रहा। करीब दो किलोमीटर दूर ‘दूडीया’ गांव के पास कार का टायर फट गया, जिससे कार रुक गई। मौका पाकर चालक कार को वहीं छोड़ फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और निजी एंबुलेंस की मदद से दोनों के शवों को गुढ़ागौड़जी सीएचसी की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी है।

कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री का भाई शालिगराम गिरफ्तार:जमीन विवाद में युवक को गोली मारने का आरोप; 4 आरोपियों में से दो पकड़े गए

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिगराम गर्ग और उसके एक साथी को छतरपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शालिगराम समेत 4 लोगों पर जमीन विवाद में मोतीलाल कुशवाहा नाम के युवक को गोली मारने का आरोप है। मामला राजनगर में गौशाला के पीछे की जमीन के विवाद से जुड़ा है। पुलिस ने शालिगराम और अंकित मिश्रा को बुधवार शाम को गिरफ्तार किया है जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं। घायल मोतीलाल कुशवाहा राजनगर थाना इलाके के कोड़ा गांव का रहने वाला है। उसे मंगलवार को गोली लगने के बाद गंभीर हालत में छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मोतीलाल ने पुलिस को बताया था- शालिगराम गर्ग मेरी जमीन छीनना चाहते हैं। वे सतीश सिंह घोष, तुलसी मिश्रा, अंकित मिश्रा, आशीष और दूसरे साथियों के साथ मंगलवार सुबह मेरे घर पहुंचे। मुझे घर से बाहर खींच लाए। सभी ने लाठी-डंडों से हमला किया। इसके बाद शालिगराम ने तीन-चार राउंड फायर किया। एक गोली मेरे सीने में लगी। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें शालिगराम और उसके साथी भागते दिख रहे हैं। घायल युवक के परिजन उनका पीछा कर रहे हैं। वीडियो के एक फ्रेम में शालिगराम के हाथ में हथियार दिख रहा है। वकील ने आरोप लगाते हुए जारी किया था वीडियो बुधवार सुबह स्थानीय वकील बृज किशोर पांडे ने फेसबुक पोस्ट और वीडियो जारी किया था। उन्होंने वीडियो में शालिगराम से जमीन विवाद होने की बात कही थी। दावा किया कि इसकी सूचना पहले ही राजनगर थाना प्रभारी को देकर घटना की आशंका जताई थी। कहा था- सहयोगी को पीटा, फिर गोली मार दी बृज किशोर पांडे ने कहा कि मंगलवार सुबह शालिगराम गर्ग और अन्य लोग उन्हें तलाशते हुए कोंड़ा गांव स्थित उनके घर पहुंचे थे। उस समय वे दिल्ली में थे। जब वे नहीं मिले तो गांव में उनके सहयोगी मोतीलाल कुशवाहा से मारपीट की गई। उन्हें गोली मार दी गई। जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पहुंचे थे आरोपी पांडे ने कहा- खसरा नंबर 683 की जमीन मेरे पिता आशाराम पांडेय के नाम दर्ज है। 17 जून 2026 को बुवाई के लिए ट्रैक्टर से जुताई कराई गई थी। इसके बाद शालिगराम गर्ग, उनके भाई लोकेश गर्ग, अखिलेश गर्ग और अन्य लोग जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पहुंचे। उन्होंने रात में ट्रैक्टर से मिट्टी डालकर गड्ढे और टीले बनाए। जबरन बाउंड्री बनाना शुरू कर दिया। इस मामले में 14 अप्रैल 2026 को लिखित शिकायत और ऑनलाइन ई-एफआईआर नंबर 921318048260004 की गई थी, लेकिन प्रशासन ने न एफआईआर दर्ज की और न आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं कि जमीन पर कब्जा करके रहेंगे। प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पांडे ने आशंका जताई है कि यदि उनके या परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। एडवोकेट पांडे बोले- जबरन जमीन हड़पना चाह रहे एडवोकेट बृज किशोर पांडे ने दैनिक भास्कर को फोन पर बताया कि उनका गांव कोड़ा, धीरेंद्र शास्त्री के गांव गढ़ा से करीब 3 किलोमीटर दूर है। बागेश्वर धाम की ‘बागेश्वर जन सेवा समिति’ की गौशाला के पीछे उनके परिवार के पांच सदस्यों- आशाराम पांडे, शोभाराम पांडे, ममता पांडे, टीकाराम पांडे और रामबहादुर पांडे के नाम करीब 15 एकड़ जमीन दर्ज है। पांडे का कहना है कि उन्हें कई बार बागेश्वर धाम बुलाकर जमीन बेचने के लिए कहा गया, लेकिन परिवार ने इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें धमकियां मिलने लगीं। उनका यह भी दावा है कि कोड़ा गांव में गौशाला, कैंसर अस्पताल और अन्य निर्माण कार्यों के चलते आसपास की जमीनें हासिल करने की कोशिश की जा रही है। घायल बोला- शालिगराम ने घर पहुंचकर गोली मारी गोली लगने से घायल मोतीलाल कुशवाहा ने आरोप लगाया कि 14 जुलाई की दोपहर करीब एक बजे शालिगराम गर्ग अपने साथियों के साथ घर पहुंचा और जमीन विवाद को लेकर मारपीट की। इसके बाद चार राउंड फायरिंग की। एक गोली मोतीलाल के कान को छूते हुए निकल गई जबकि दूसरी गोली पसली में लगी। परिजन ने उन्हें छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर पसली में फंसी गोली निकाल दी। देर रात उन्हें ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हमला करने वालों ने भी वीडियो जारी कर लगाया आरोप वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से तुलसी मिश्रा ने इन आरोपों का खंडन किया। उनका कहना है कि वे गांव के रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान मोतीलाल कुशवाहा और उनके परिजन ने पुराने जमीन विवाद को लेकर उन पर हमला कर दिया, जिसमें उन्हें भी चोटें आईं। धीरेंद्र शास्त्री बोले- हमारा कोई संबंध नहीं मामला सामने आने के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान आया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से उनका अपने भाई शालिगराम गर्ग से कोई संबंध नहीं है। मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… युवक बोला- धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने पीटा, गोली मारी छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिगराम गर्ग पर एक युवक को गोली मारने का आरोप लगा है। गोली युवक के सीने में लगी और पसलियों में जा फंसी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकाली। पढ़ें पूरी खबर…

श्रीगंगानगर में डेरा विवाद, दीवाली नाथ पर कब्जे के आरोप:पूर्व सरपंच बोलीं- महंत ने हरे पेड़ कटवाए, दीवार तोड़ी; कार्रवाई नहीं हुई तो धरना देंगे

श्रीगंगानगर जिले के मुकलावा में स्थित शिव मंदिर डेरा बारुनाथ में संचालक दीवाली नाथ पर हरे पेड़ कटवाने और अवैध कब्जे करने के आरोप लगे हैं। महंतों व ग्रामीणों ने डेरे को दीवाली नाथ से मुक्त करवाने की मांग की है। पूर्व सरपंच शकुंतला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रायसिंहनगर एसडीएम पूनम चंद को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पूजा-अर्चना के लिए लगाए गए हरे पेड़ों को दीवाली नाथ ने कटवा दिया है। साथ ही डेरे की चारदीवारी भी तोड़ दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दीवाली नाथ ने डेरे पर अवैध कब्जा जमा रखा है। ऐसे में महंत जीतनाथ को कब्जा दिलाने की मांग की जा रही है।

मुकलावा की पूर्व सरपंच शकुंतला ने कहा- दो साल पहले जीतनाथ जी ने ही दिवाली नाथ को यहां बिठाया था। अब वही यहां कब्जा जमाए बैठे हैं। हमारे सामने दिवाली नाथ की कई गलतियां भी आई हैं। हमने एसडीएम को पूरी जानकारी दी है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अगर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं होती तो हम मजबूरन विरोध-प्रदर्शन और धरना करेंगे।

बीकानेर से लापता 10 साल का बच्चा पाली में मिला:CCTV और ट्रेन लोकेशन से 3 घंटे तलाश के बाद पुलिस ने सकुशल परिजनों को सौंपा

बीकानेर से एक 10 साल का बच्चा लापता हो गया। घर से कॉपी और किताब लेने की बात कहकर साथ में पानी की बोतल लेकर निकला था। काफी देर तक घर नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई और तलाश शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि लड़का बीकानेर से रवाना हुई तिरुवनंतपुरम नॉर्थ एक्सप्रेस में सवार होकर पाली रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात को उतर गया। सूचना मिलते ही अभय कमांड सेंटर की टीम सक्रिय हो गई। एप की मदद से ट्रेन की लोकेशन देखी टीम ने ऐप की मदद से ट्रेन की लोकेशन और पाली रेलवे स्टेशन पहुंचने का समय पता किया। इसके बाद रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित सुभाष सर्किल के CCTV कैमरे खंगाले गए। जिनमें बच्चा स्टेशन से बाहर निकलता दिखाई दिया। कुछ देर इधर-उधर घूमने के बाद वह दोबारा रेलवे स्टेशन के अंदर चला गया। पुलिस ने दोबारा ट्रेन और रेलवे गतिविधियों का मिलान किया तो पता चला कि उस समय स्टेशन से कोई अन्य ट्रेन रवाना नहीं हुई थी। इससे स्पष्ट हो गया कि बच्चा पाली में ही मौजूद है। लगातार ट्रैक करने के बाद बच्चे की लोकेशन मिली इसके बाद सीसीटीवी फुटेज की कड़ी जोड़ते हुए रेलवे स्टेशन, सुभाष सर्किल और सदर थाना बाईपास क्षेत्र के कैमरों के जरिए उसकी गतिविधियों को लगातार ट्रैक किया गया। आखिरकार बच्चे की लोकेशन सदर थाना क्षेत्र में मिली। वायरलेस संदेश के माध्यम से सदर थाना पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद बच्चे को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया। परिजनों को तत्काल सूचना देकर बुलाया गया और आवश्यक कानूनी एवं कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बच्चे को सौंपा गया। बच्चे का देख भावुक हुए परिजन अपने बच्चे को सकुशल वापस पाकर परिजन भावुक हो गए। उन्होंने राजस्थान पुलिस और अभय कमांड सेंटर की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी दक्षता और सतर्कता की सराहना की। अभय कमांड निगरानी टीम के हेड कांस्टेबल प्रेमप्रकाश, कांस्टेबल रामाराम चौधरी और कम्पनी के सहयोगी टीम ने करीब तीन घंटे तक सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए बच्चे को ढूंढा। अकेला देखा तो थाने ले गए पुलिसकर्मी लड़का रेलवे स्टेशन से रवाना होकर पैदल-पैदल शहीद उद्यान तक पहुंच गया। और गार्डन में बैठ गया। उधर से गुजर रहे एक पुलिसकर्मी की नजर उस पर पड़ी तो बच्चे को अकेला देख उसने उससे बात की। और फिर सदर थाने ले गया।

जेवर-नकदी के साथ भगवान के आभूषण भी ले उड़े चोर:दीवार फांदकर घर में घुसे, सीसीटीवी में दिखा आरोपी

उदयपुर जिले के फतहनगर कस्बे में चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और घर के मंदिर में रखी धार्मिक सामग्री तक चोरी कर ली। पूरी वारदात घर में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसमें चोरों को दीवार फांदकर घर में घुसते देखा गया। घटना 13 जुलाई की रात करीब 2 बजे जवाहर नगर कॉलोनी में पोस्ट ऑफिस के पीछे स्थित एक मकान की है। चोर घर में घुसकर अलमारी और पूजन स्थल में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर फरार हो गए। घटना 13 जुलाई रात की है। चोर फतहनगर के जवाहर नगर कॉलोनी स्थित पोस्ट ऑफिस के पीछे स्थित घर में घुसा। वहां से सोने-चांदी के आभूषण, धार्मिक पूजन सामग्री, नकदी और पुराने सिक्कों सहित लाखों रुपए का सामान चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान में चांदी की महादेव जलहरी (नाग सहित), ठाकुरजी की जलधारी, सोने की चेन और अंगूठी, चांदी की चेन व बिछुड़ियां, लक्ष्मी पूजन के चांदी के सिक्के, पुरानी चांदी की अंगूठियां, पीतल की गणेश प्रतिमाएं, ठाकुरजी की बांसुरी, एक और दो रुपए के पुराने व दुर्लभ सिक्के, करीब 4 हजार रुपए के सिक्के और करीब 2 हजार रुपए की नकदी शामिल है। पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है। देखिए वारदात के PHOTOS…