हजरत इमाम हुसैन की याद में निकाले ताजिए:सवाई माधोपुर मुहर्रम के जुलूस में देखने को मिले हैरतअंगेज करतब

सवाई माधोपुर में मुहर्रम के अवसर पर ताजिए निकाले गए। यहां जिला मुहर्रम कमेटी के बैनर तले शुक्रवार को हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत अली के बेटे हजरत इमाम हुसैन की याद में मुहर्रम पर ताजिए निकाले गए। इस दौरान जुलूस में अखाड़ेबाजों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। विभिन्न मोहल्लों से ताज़िए इमाम चौक पहुंचे। दस्तारबंदी के बाद शुरू हुआ जुलूस सवाई माधोपुर शहर में शुक्रवार को जोहार की नमाज के बाद ताजिए का जुलूस निकाला गया। ताजिए शहर के इमाम बाड़े से शुरू होकर शहर पुलिस चौकी के पास स्थित इमाम चौक पहुंचा। शाम 5 बजे दस्तारबंदी का कार्यक्रम हुआ। इस दौरान जिला मोर्हरम कमेटी की ओर से पांचों अखाड़ों की दस्तारबंदी की गई। इसके बाद पांचों अखाड़ों के पहलवानों ने जिला मुहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों की दस्तारबंदी की। इसके बाद जुलूस के ताजिए इमाम चौक से रवाना होकर शहर के सदर बजार होते हुए तिराहे पर पहुंचेंगे और मातमी धुन के साथ मुहर्रम का जुलुस ईदगाह के पास करबला में पहुंचेगा। जहां ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। इसके बाद फतिहा ख्वानी की जाएगी और अमन चैन की दुआ मांगी जाएगी। इस दौरान पांचों अखाड़ों के पहलवानों ने मार्ग में कई हैरत अंगैज करतब दिखाए। कार्यक्रम के दौरान मौके पर लोगों की बड़ी संख्या भीड़ मौजूद है और लोग पहलवानों के करतब देख रहे हैं। पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता रहा तैनात मुहर्रम के जुलूस को पर एतिहात के तौर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के माकूल प्रबंध किए गए। इस दौरान यहां कार्यवाहक सीओ सिटी जयप्रकाश अटल सहित कोतवाली, मानटाउन और सूरवाल थानाधिकारी मोर्चा संभाले हुए दिखाई दिए। इस दौरान यहां करीब 400 पुलिस, RAC, होम गार्ड के जवान तैनात किए गये हैं। अखाड़े में करतब दिखाए सवाई माधोपुर में जुलूस के दौरान अखाड़ेबाज हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए नजर आए। इस दौरान कलाकारों ने तलवारी, लाठीबाजी सहित कई तरह के हैरतअंगेज करतब दिखाए। जिसे देखकर लोग रोमांचित हो उठे।

मुहर्रम के जुलूस में फंसी एम्बुलेंस:समाज के लोगों ने रास्ता देकर निकाला, 250 पुलिसकर्मी किए गए तैनात

मुहर्रम के मौके पर शुक्रवार को भरतपुर शहर के मुख्य बाजारों से मातमी धुनों के बीच ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस में शहर के विभिन्न इलाकों से समाज के लोग ताजिए और अलम लेकर शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए शहर में करीब 250 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। जुलूस का समापन कर्बला पर होगा, जहां ताजियों को दफन किया जाएगा। इस दौरान मथुरा गेट पर जुलूस में फंसी एक एम्बुलेंस को लोगों और पुलिस ने मिलकर अस्पताल पहुंचाया। मातमी धुनों के बीच निकला जुलूस समाज के लोगों ने गुरुवार रात क़त्ल की रात मनाई थी। इसके बाद शुक्रवार को शहर में ताजियों और अलम का जुलूस निकाला गया। समाज के युवा मातमी धुनों और ढोल की थाप के बीच ताजिया और अलम लेकर जुलूस में शामिल हुए। जुलूस के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग ने अलग-अलग समय पर बिजली सप्लाई बंद रखी। जुलूस के साथ सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। कर्बला पर होगा जुलूस का समापन गर्मी को देखते हुए शहर में कई स्थानों पर ठंडे पानी, शरबत और ठंडाई की स्टॉल लगाई गईं। विभिन्न स्थानों पर जुलूस का स्वागत भी किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सादा वर्दी में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। शहर के पाई बाग, मछली मोहल्ला, गोपालगढ़, ईदगाह कॉलोनी सहित कई इलाकों से समाज के लोग ताजिए लेकर जुलूस में शामिल हुए। जुलूस का समापन कर्बला पर होगा, जहां ताजियों को दफन किया जाएगा। जुलूस में फंसी एम्बुलेंस को दिलाया रास्ता जब जुलूस मथुरा गेट पहुंचा, तब उसके पीछे एक एम्बुलेंस फंस गई। भीड़ अधिक होने के कारण एम्बुलेंस को आगे बढ़ने में परेशानी हो रही थी। इसके बाद जुलूस में शामिल लोगों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत रास्ता खाली कराया और एम्बुलेंस को सुरक्षित जनाना हॉस्पिटल तक पहुंचाया।

देवगढ़ में मुहर्रम पर नहीं निकला ताजियों का जुलूस:परंपरागत रूट की मांग को लेकर विरोध, प्रशासन बोला- 2025 में तय मार्ग पर दी अनुमति

राजसमंद के देवगढ़ कस्बे में इस साल भी मुहर्रम पर ताजियों का जुलूस नहीं निकाला गया। मुस्लिम समाज ने परंपरागत रूट की मांग को लेकर विरोध जताते हुए ताजिए बाहर नहीं निकालने का निर्णय लिया। समाज का कहना है कि प्रशासन की ओर से तय किए गए नए मार्ग पर सहमति नहीं बनने के कारण यह फैसला लिया गया। परंपरागत मार्ग से जुलूस निकालने की थी मांग मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्षों से ताजियों का जुलूस जिस परंपरागत मार्ग से निकाला जाता रहा है, इस बार भी उसी रूट से जुलूस निकालने की मांग की गई थी। हालांकि प्रशासन की ओर से इसके बजाय नया मार्ग प्रस्तावित किया गया। समाज के लोगों का कहना है कि इस संबंध में प्रशासन से कई बार बातचीत और आग्रह किया गया, लेकिन उनकी मांग पर सहमति नहीं बन सकी। विरोध स्वरूप नहीं निकाले ताजिए मुस्लिम समुदाय ने बताया कि परंपरागत रूट को लेकर समाधान नहीं निकलने के बाद समाज ने इस साल भी ताजियों का जुलूस नहीं निकालने का निर्णय लिया। समाज के लोगों ने भविष्य में इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने की मांग प्रशासन से की है। प्रशासन बोला- 2025 में तय मार्ग पर दी अनुमति देवगढ़ के उपखंड अधिकारी मोखम सिंह ने बताया कि कानून एवं शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025 में जो मार्ग निर्धारित किया गया था, उसी मार्ग पर ताजियों के जुलूस की अनुमति प्रदान की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से उसी निर्धारित रूट पर जुलूस निकालने की अनुमति दी गई थी।

दौसा में मां-बेटे की मौत, पति गंभीर घायल:करौली बॉर्डर पर उकाली घाटी में दर्दनाक हादसा, सरिए लेकर जा रहा ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटे

दौसा-करौली जिले की सीमा पर स्थित उकाली घाटी लांका में शुक्रवार दोपहर लोहे के सरियों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में मां और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे जिला अस्पताल से जयपुर रैफर किया गया है। पुलिस ने बताया कि लोहे के सरिये लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली घाटी में चढ़ रहा था कि ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। ऐसे में ट्रैक्टर में सवार एक परिवार भी हादसे का शिकार हो गया। ट्रैक्टर के कुचलने से मां और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर व एक अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही लांका चौकी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों और मृतकों को जिला अस्पताल पहुंचाया। चिरावंडा निवासी थे मृतक एएसआइ छोटेलाल ने बताया कि मृतकों की पहचान उषा देवी (30) पत्नी सोनू महावर एवं उनके 9 वर्षीय पुत्र सूरज, निवासी चिरावंडा, थाना गढ़मोरा करौली के रूप में हुई है। हादसे में घायल सोनू महावर (35) और रामेश्वर गुर्जर (65) को जिला अस्पताल लाया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद सोनू की गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर के एसएमएस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

गलती से कट्टे का ट्रिगर दबा, नदीम को लगी गोली:दोस्त को कट्‌टा देकर भेजा, खुद पहुंचा हॉस्पिटल, 18 घंटे पुलिस को किया गुमराह

गोली लगने से घायल हुए 21 साल के नदीम पर किसी ने गोली नहीं चलाई। नवलखा रोड पर भीड़ खड़े होने के दौरान गलती से देशी कट्‌टे का ट्रिगर दब गया। जिससे गोली उसकी जांघ में जाकर लग गई। उसके पास हथियार अवैध था। ऐसे में अपने दोस्त को कट्‌टा देकर भेज दिया और खुद इलाज के लिए हॉस्पिटल आ गया। पुलिस को गुमराह किया कि उस पर किसी ने गोली मारी है। लेकिन पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए शुक्रवार दूसरे दिन ही पूरा मामला खोल दिया तो आरोपी ने स्वीकार कर लिया। मामले में पुलिस ने उसके साथी फरदीन को भी गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से देशी कट्‌टा बरामद किया। 18 घंटे तक पुलिस को किया गुमराह
बता दे कि पाली शहर के इंद्रा कॉलोनी रहने वाले 21 साल के नदीम पुत्र शौकत अली को गुरुवार रात करीब दस बजे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां उसके जांघ में गोली लगी थी। डॉक्टरों ने एक्स-रे किया तो उसकी जांघ के अंदर की तरफ गोली धंसी हुई थी। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ सिटी मंगलेश चुंडावत, कोतवाल रविन्द्रसिंह खिंची मयजाप्ता मौके पर पहुंचे। जहां घायल ने बताया कि वह नवलखा रोड पर भीड़ में खड़ा था इस दौरान उसे किसी ने गोली लगी। किसने मारी पता नहीं। पुलिस को शुरू से ही शक था कोतवाल रवींद्र सिंह खींची ने जब आरोपी की पेंट देखी और तो पता चल गया था कि गोली बहुत नजदीक से चली है। लेकिन नदीम पुलिस को गुमराह करता रहा। आखिर पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पूरा मामला खोला। जिसमें नदीम के दोस्त इंद्रा कॉलोनी निवासी 19 साल के फरदीन पुत्र मोहम्मद इस्माइल को गिरफ्तार कर उससे देसी कट्टा बरामद किया। आरोपी गलती से नदीम को गोली लगने के बाद कट्टा लेकर मौके से फरार हो गया था। घायल नदीम पर चार केस घायल नदीम पर पहले से चार केस दर्ज है। इसलिए वह अपने साथ देसी कट्टा रखता था। ताकि हमला होने पर मुकाबला कर सके। अवैध रूप से हाथियार रखने के मामले में पुलिस नदीम को भी हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने पर गिरफ्तार करेगी।

नशे की लत छिपाने के बजाय इलाज कराएं:एसपी ने की अपील- युवाओं को बचाने के लिए परिवार और समाज आगे आए

अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को हनुमानगढ़ मेडिकल कॉलेज में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में युवाओं में तेजी से बढ़ रही मेडिकल ड्रग्स और ‘चिट्टे’ की लत पर गहरी चिंता जताई गई। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने कहा कि देश विरोधी ताकतें युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने परिवार, समाज और प्रशासन से मिलकर इस चुनौती का मुकाबला करने तथा नशे की गिरफ्त में आए लोगों का समय पर उपचार और काउंसलिंग कराने का आह्वान किया। नशे के खिलाफ मिलकर लड़ने का आह्वान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने कहा कि युवाओं को सही दिशा देने और नशे से दूर रखने की जिम्मेदारी परिवार और समाज दोनों की है। उन्होंने कहा कि अपराध और अवैध कमाई से जुड़े लोगों को आदर्श नहीं बनाना चाहिए। यदि परिवार का कोई सदस्य नशे की चपेट में आता दिखाई दे तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेकर उपचार शुरू करवाना चाहिए। एएनटीएफ की कार्रवाई का दिया उदाहरण एसपी मीना ने बताया कि राज्य सरकार ने नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन किया है। यह टास्क फोर्स पूरे प्रदेश में लगातार कार्रवाई कर रही है। पश्चिमी राजस्थान में नशा तस्करी से अवैध कमाई करने वाले कई तस्करों की संपत्तियां जब्त और ध्वस्त की जा चुकी हैं। नशे के दुष्प्रभाव और उपचार पर दी जानकारी कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिले में चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान, उपलब्ध उपचार सुविधाओं और जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी। मानसिक रोग विशेषज्ञों ने नशे की लत के कारण, उसके दुष्प्रभाव, काउंसलिंग और उपचार की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों से अपील की कि आसपास किसी भी नशा पीड़ित व्यक्ति की पहचान होने पर उसे उपचार और परामर्श के लिए प्रेरित करें। साथ ही युवाओं को खेल, शिक्षा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। नशामुक्त समाज बनाने का लिया संकल्प कार्यक्रम के अंत में एडीएम उम्मेदीलाल मीणा ने सभी मौजूद लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. कीर्ति शेखावत, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी सोलंकी, भाजपा नेता अमित सहू, डॉ. भारतभूषण शर्मा, आशीष पारीक, कृष्ण तायल सहित चिकित्सक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

ऐन केप प्रोजेक्ट में लापरवाही पर नाराज हुए निगम कमिश्नर:ठेकेदार का भुगतान रोका, कहा- घरों के बाहर से रैंप हटाकर ही लगाएं पेवर ब्लॉक

उदयपुर की सड़कों को बारिश में टूटने से बचाने के लिए ऐन केप प्रोजेक्ट का काम चल रहा है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह योजना खुद मुसीबत बन रही है। नगर निगम कमिश्नर अभिषेक खन्ना शुक्रवार को जब मौके पर काम को देखने निकले, तो वे काम की खराब क्वालिटी देखकर अफसरों और ठेकेदार पर जमकर भड़क गए। कमिश्नर खन्ना ने रामपुरा चौराहा, सीपीएस स्कूल, न्यू भूपालपुरा, 100 फीट रोड, सेक्टर-3 बीएसएनएल ऑफिस और एफसीआई गोदाम इलाके में पेवर ब्लॉक के काम को देखा। उन्होंने मौके पर ही लापरवाह एजेंसी का पेमेंट रोकने और गड़बड़ी वाले काम को दोबारा शुरू करने के सख्त आदेश दिए। उनके साथ सुपरिटेंडेंट इंजीनियर मनीष अरोड़ा और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अखिल गोयल भी मौजूद रहे। कमिश्नर खन्ना ने जब मौके पर जाकर काम देखा तो उन्हें भारी तकनीकी कमियां मिलीं। उन्होंने देखा कि पहले भी सख्त निर्देश देने के बाद भी कुछ जगहों पर पेवर ब्लॉक का ढलान नालियों की तरफ नहीं रखा गया था। इसका सीधा मतलब यह था कि बारिश आते ही सड़कों पर पानी जमा हो जाता। इस बड़ी लापरवाही को देखकर कमिश्नर ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने अधिकारियों को साफ कह दिया कि गड़बड़ी करने वाली ठेकेदार कंपनी का पेमेंट तुरंत प्रभाव से रोक दिया जाए। जहां भी काम खराब हुआ है, उसे दोबारा सही तरीके से कराया जाए।
दौरे के समय कमिश्नर ने सड़कों पर जलभराव की एक और बड़ी वजह पकड़ी। कई लोगों ने अपने घरों और दुकानों के बाहर पक्के रैंप बना रखे हैं। इसकी वजह से सड़क का ढलान बिगड़ रहा है और पानी रुक रहा है। कमिश्नर ने इंजीनियरों को सीधे निर्देश दिए कि इन सभी अस्थाई और अवैध रैंप को तुरंत हटाया जाए। इसके बाद ही वहां पेवर ब्लॉक लगाने का काम किया जाए। ऐसा करने से बारिश का पानी सीधा नाली में चला जाएगा और सड़क पर जलभराव की नौबत नहीं आएगी।
कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने अधिकारियों को सख्त लहजे में समझाया कि जब सड़क पर पानी भरता है, तो डामर उखड़ जाता है। इससे सड़कें बार-बार टूटती हैं। सड़क टूटने से जनता परेशान होती है और निगम पर भी बार-बार मरम्मत का भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने साफ कहा कि काम की क्वालिटी में कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इंजीनियरों को अब रोजाना मौके पर जाकर काम की मॉनिटरिंग करनी होगी, ताकि सारा काम तय नियमों के अनुसार समय पर पूरा हो सके।

झालावाड़ में श्रमिकों को कपड़े बांटे:भारत विकास परिषद ने बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया, इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में कीर्तन

भारत विकास परिषद, शाखा झालावाड़ ने शुक्रवार को सेवा एवं सामाजिक सरोकार की भावना के तहत वस्त्र बैंक के माध्यम से वस्त्रों का वितरण किया। इस दौरान जरूरतमंद परिवारों में उत्साह देखा गया। परिषद के पदाधिकारियों ने शहर के निकट स्थित ग्राम पटपड़िया में मनरेगा कार्य में लगे श्रमिकों और प्राइम रेजिडेंसी, झालावाड़ में निर्माणाधीन भवन पर कार्यरत श्रमिकों को आवश्यक वस्त्र वितरित किए। परिषद पदाधिकारियों ने बताया कि वस्त्र बैंक के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक उपयोगी कपड़े पहुंचाने का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को सहयोग प्रदान करने के साथ समाज में सेवा और संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा देना है। वस्त्र वितरण के दौरान श्रमिकों ने परिषद की इस पहल की सराहना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। वहीं, ग्राम पटपड़िया में बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय जाने और शिक्षा के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया। परिषद सदस्यों ने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने और उन्हें निरंतर स्कूल भेजने का आग्रह किया। इस सेवा कार्य में भारत विकास परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, शाखा अध्यक्ष डॉ. सीताराम पाटीदार, कोषाध्यक्ष बृजमोहन शर्मा, कार्यक्रम संयोजिका राजुल गोयल, संस्कार संयोजक सालिगराम दांगी, रक्तदान प्रभारी सुमंत शर्मा, गिरिराज पाटीदार, सीए कौशल अग्रवाल, महिला सहभागिता संयोजक सरिता शर्मा, मनोज तथा ग्राम पंचायत कोलाना के सरपंच चंदर स्वामी सहित परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने समाज के सक्षम लोगों से वस्त्र बैंक अभियान में अधिक से अधिक सहयोग करने की अपील की। इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में भजन-कीर्तन झालावाड़ में निर्जला एकादशी के अवसर पर इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला मंडल, झालावाड़ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला सदस्यों ने भाग लिया। उन्होंने भगवान विष्णु और बालाजी महाराज की आराधना की, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय भजनों से गूंज उठा। मंडल की अध्यक्ष मधु गुप्ता ने निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में यह सबसे महत्वपूर्ण और कठोर व्रतों में से एक है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखे जाने वाले इस व्रत में श्रद्धालु पूरे दिन जल ग्रहण किए बिना भगवान विष्णु की उपासना करते हैं। मान्यता है कि इस एक व्रत का पुण्य वर्षभर की 24 एकादशियों के व्रत के समान फलदायी होता है। कीर्तन के दौरान महिलाओं ने भगवान के मधुर भजनों का सामूहिक गायन किया। इस भक्तिपूर्ण आयोजन ने सभी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का समापन भगवान को भोग अर्पित करने और उपस्थित लोगों में प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर मंडल की अध्यक्ष मधु गुप्ता, सचिव खुशबू माहेश्वरी, कोषाध्यक्ष स्नेहा खंडेलवाल, राजदुलारी गोयल, निर्मला सोमानी, रानी झंवर, रुक्मणी गर्ग, नीलिमा अग्रवाल, ममता गुप्ता और विमला शर्मा सहित बालाजी महिला मंडल की कई सदस्याएं उपस्थित थीं। सभी सदस्यों ने ऐसे धार्मिक आयोजनों को आध्यात्मिक चेतना और आपसी सौहार्द बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के आयोजन निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।

जयपुर का शुक्रिया करने आएंगे फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली:अलग-अलग सिनेमाघरों में फिल्म देख रहे दर्शकों से मिलेंगे, देशभर में चर्चा बटोर रही फिल्म

बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली शनिवार को अपनी चर्चित फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को मिले शानदार समर्थन के लिए जयपुर पहुंचेंगे। वे अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को देखने पहुंचे दर्शकों से शहर के अलग-अलग सिनेमाघरों में मुलाकात करेंगे और फिल्म को लेकर उनकी प्रतिक्रियाएं जानेंगे। इस दौरान इम्तियाज अली शहर के विभिन्न आईनॉक्स मल्टीप्लेक्स में जाकर दर्शकों से बातचीत करेंगे और फिल्म को मिल रहे रिस्पॉन्स का भी जायजा लेंगे। देशभर में चर्चा का विषय बनी इस फिल्म को जयपुर से मिले खास प्यार के लिए निर्देशक का यह दौरा दर्शकों के साथ सीधे संवाद का अनूठा अवसर भी होगा। बॉलीवुड के चर्चित फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली ने ‘जब वी मेट’, ‘रॉकस्टार’, ‘हाईवे’, ‘तमाशा’ और ‘अमर सिंह चमकीला’ जैसी दिल को छू लेने वाली फिल्मों का निर्देशन किया है। इसके बाद से ही इम्तियाज अली चर्चाओं में आए थे। फिल्म रिलीज के बाद से ही दर्शकों के बीच अच्छी चर्चा में है। खासकर इसकी भावनात्मक कहानी, संगीत और कलाकारों के अभिनय को खूब सराहा जा रहा है। मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के चलते फिल्म ने दूसरे सप्ताह में भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी पकड़ बनाई हुई है। कई प्रमुख मल्टीप्लेक्स में पहुंचकर दर्शकों से सीधे रूबरू होंगे इम्तियाज जयपुर विजिट के दौरान इम्तियाज अली शहर के कई प्रमुख मल्टीप्लेक्स में पहुंचकर दर्शकों से सीधे रूबरू होंगे। उनका कार्यक्रम पिंक स्क्वायर मॉल स्थित आईनॉक्स, ज्वैल ऑफ इंडिया मॉल के सिनेपॉलिस, वर्ल्ड ट्रेड पार्क (डब्ल्यूटीपी) स्थित सिनेपॉलिस, जवाहर सर्किल स्थित मिराज सिनेमा और देर रात वैशाली नगर स्थित पीवीआर मॉल ऑफ जयपुर में रखा गया है। हर सिनेमाघर में वे फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ का शो देखने आए दर्शकों से बातचीत करेंगे, उनके अनुभव जानेंगे और फिल्म को मिल रहे रेस्पॉन्स का फीडबैक भी लेंगे। निर्देशक के इस इंटरैक्टिव दौरे को लेकर जयपुर के फिल्म प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। रिश्तों और जज्बातों की कहानी है ‘मैं वापस आऊंगा’ ‘मैं वापस आऊंगा’ एक पीरियड रोमांटिक ड्रामा है, जिसकी कहानी प्रेम, बिछड़ने, यादों और वापसी की भावनात्मक यात्रा के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म का निर्देशन इम्तियाज अली ने किया है, जो एक बार फिर अपने खास अंदाज की कहानी लेकर दर्शकों के सामने आए हैं। फिल्म में दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ शरवरी, वेदांग रैना और दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अहम किरदार निभा रहे हैं। इसके अलावा मनीष चौधरी, राजत कपूर, अंजना सुखानी, संजय सूरी सहित कई कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। इम्तियाज अली और नयनिका माहतानी ने लिखी फिल्म की कहानी फिल्म की कहानी इम्तियाज अली और नयनिका माहतानी ने लिखी है। सिनेमैटोग्राफी सिल्वेस्टर फोंसेका, एडिटिंग आरती बजाज, संगीत ए.आर. रहमान और गीत इरशाद कामिल ने दिए हैं। फिल्म का निर्माण अप्लॉज एंटरटेनमेंट और विंडो सीट फिल्म्स के बैनर तले किया गया है। संवेदनशील कहानियों के लिए पहचाने जाते हैं इम्तियाज अली इम्तियाज अली बॉलीवुड के उन फिल्मकारों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए रिश्तों, प्रेम और इंसानी भावनाओं को बेहद संवेदनशीलता से पर्दे पर उतारा है। जब वी मेट, रॉकस्टार, हाईवे, लव आज कल, तमाशा और चमकीला जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे अलग और प्रभावशाली निर्देशकों की कतार में खड़ा किया है। उनकी फिल्मों की खासियत गहरे भाव, खूबसूरत संगीत और यादगार किरदार माने जाते हैं।

जयपुर-दिल्ली हाईवे पर दूध लूटने की मची होड़:बाल्टी-बोतलों और पिकअप में ड्रम भरकर ले गए; ड्राइवर को झपकी आने पर पलटा टैंकर

जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर दूध से भरा टैंकर पलट गया। टैंकर पलटते ही उसके ढक्कन की सील टूट गई और लोगों में दूध लूटने की होड़ मच गई। कोई बाल्टी तो कोई बोतल लेकर पहुंचा। हाल ये हो गया कि पिकअप में रखे ड्रम में लोग दूध भरकर ले गए। हादसा कोटपूतली-बहरोड़ के दहमी गांव में शुक्रवार शाम करीब साढ़े 4 बजे हुआ। हादसे में टैंकर ड्राइवर गंभीर घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया। करीब दो घंटे बाद क्रेन की मदद से टैंकर को सीधा करवाया गया। पहले देखें घटना से जुडे़ PHOTOS… अब सिलेसिलेवार पढ़ें घटनाक्रम… 1. गुजरात से हरियाणा जा रहा था टैंकर बहरोड़ थाने के एएसआई ब्रजेश शर्मा ने बताया- शुक्रवार शाम को 30 हजार लीटर दूध से भरा टैंकर गुजरात के पालमपुर से हरियाणा के फरीदाबाद जा रहा था। इस दौरान NH-48 पर बहरोड़ के गांव दहमी गांव में ड्राइवर को झपकी आ गई। इससे टैंकर अनियंत्रित होकर सर्विस रोड की तरफ चला गया और नाले के पास पलट गया। 2. दूध बहने लगा, पहले ड्राइवर को हॉस्पिटल भेजा टैंकर के पलटते ही उसके ढक्कन पर लगी सील टूट गई और दूध बहने लगा। घटना के बाद आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे। सबसे पहले पुलिस और एंबुलेंस को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची एंबुलेंस से ड्राइवर श्यामलाल (48) निवासी बनारस, यूपी को बहरोड़ उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया। श्मामलाल के सिर और पैर में गंभीर चोट आई थी, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया। 3. बाल्टी, बोतल, कैन लेकर पहुंचे लोग टैंकर से लगातार दूध बहता देख लोग बाल्टी, बोतल और कैन लेकर मौके पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और बहते दूध को बाल्टियों में भरकर ले जाने लगे। कुछ लोगों ने बाल्टियां और ड्रम भरकर पिकअप में रख लिए।