'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट में हल:4 दिन से आ रहा गंदा पानी, 15 दिन से नहीं उठा मलबा, 3 साल से नाले की सफाई नहीं हुई

पर्यटन नगरी अजमेर में पेयजल, सफाई और बुनियादी जरूरतों से जुड़ी समस्याएं लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई हैं। कहीं चार दिन से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है तो कहीं 15 दिन से सड़क किनारे पड़ा मलबा नहीं उठाया गया, तो कहीं तीन साल से नाले की सफाई नहीं हुई। इन समस्याओं से परेशान नागरिक अब दैनिक भास्कर की पहल ‘भास्कर समाधान’ के जरिए अपनी शिकायतें सीधे जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं। फोटो और वीडियो के साथ की गई यूजर्स की पोस्ट पर कई मामलों में विभागों ने कार्रवाई कर राहत भी पहुंचाई है। अजमेर के अलग-अलग इलाकों से सामने आईं पोस्ट और उन पर हुई समाधान की पहल… 4 दिन से आ रहा पीने का गंदा पानी दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ पर कायड़ की अम्बिका कॉलोनी से देवांशु सिंह राजावत ने गंदे पानी की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि बीते चार दिन से कॉलोनी में पीने का पानी नहीं आ रहा है। चार दिन बाद सप्लाई आई भी तो गंदा बदबूदार पानी जिसे पीया ही नहीं जा सकता। जलदाय विभाग इसका समाधान करवाए। 15 दिन से नाली का मलबा नहीं उठा अजमेर पुलिस लाइंस के मीठा कुंआ की अनुपम नगर रोड से लक्ष्य पंवार ने मलबा न उठाने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि 10 जून को सफाईकर्मियों ने नालियों की सफाई कर मलबा–कचरा निकाला था। लेकिन 15 दिन बाद भी गली से मलबा नहीं उठाया गया है। आने–जाने वालों को बदबू से असुविधा हो रही है। घर तक जाने वाली पुलिया हुई जर्जर पंचशील कॉलोनी के ब्लॉक बी से प्रसून कपूर ने जर्जर पुलिया की हालत पोस्ट में बयां की है। उन्होंने बताया कि उनके एरिया के महर्षि दधीचि मार्ग पर उनकी कॉलोनी तक जाने वाली एकमात्र पुलिया जर्जर हालत में है। यह पुलिया जगह–जगह से टूट चुकी है। बीते 11 महीनों में हम अजमेर प्राधिकरण को कई बार लिख चुके हैं। 3 साल से नहीं हुई नाले की सफाई अजमेर के आदर्श नगर से कमल ने ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट किया है कि उनकी न्यू केसरी कॉलोनी में बने इरिगेशन विभाग के बरसाती नाले की बीते तीन–चार सालों से सफाई नहीं हुई है। नाले में पेड़–पौधे, कचरा और कीचड़ हाने से निकासी भी बंद पड़ी है। इससे मच्छर पनप रहे हैं। इस नाले की सफाई करवाई जाए। अब एक नजर उन समस्याओं के समाधान पर जो अधिकारियों की कोशिशों से संभव हुए… समस्या पोस्ट हुई और मिल गया हल अजमेर के तानाजी नगर, भजनगंज से महिपाल शर्मा ने खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्हाेंने लिखा था कि गली नंबर 10 के शिव मंदिर चौराहे की लाइट करीब 15 दिनों से बंद पड़ी है। इस पर एक्शन लेते हुए विभाग ने स्ट्रीट लाइट ठीक करवाकर समस्या का समाधान कर दिया है। रात–दिन जल रही लाइट हुई ठीक किराणीपुरा से सलामुद्दीन खान ने दो महीने से दिनरात जल रही स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्हाेंने बताया कि वार्ड 54 में नहर का कुंआ के पास लगी स्ट्रीट लाइट हमेशा जलती रहती है। खंभों के तार भी टूटे हुए हैं। इस पर नगर निगम ने समस्या का समाधन करवा दिया है। जेईएन दीपिका दाधीच बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ अजमेर के बालाजी नगर से एक शिकायतकर्ता ने दो महीने से दिनरात जल रही स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्हाेंने बताया कि यह स्ट्रीट लाइट हमेशा जलती रहती है। इसके साथ ही खंभों के तार भी टूटे हुए हैं। इसे प्राथमिकता से लेते हुए निगम की जेईएन दीपिका दाधीच ने समाधान करवा दिया है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 2.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्‌ढा 3.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 4.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 5‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप

सोगरिया-धनबाद विशेष एक्सप्रेस नवम्बर तक चलेगी:20 अतिरिक्त फेरे बढ़ाए, जेडआरयूसीसी की बैठक में कोरोना में बंद ट्रेनों की बहाली का मुद्दा उठा

यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए रेल प्रशासन ने गाड़ी संख्या 09821/09822 सोगरिया-धनबाद-सोगरिया साप्ताहिक विशेष एक्सप्रेस की संचालन अवधि नवम्बर 2026 तक बढ़ा दी है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09821 सोगरिया–धनबाद विशेष एक्सप्रेस, जिसका संचालन पहले 16 जुलाई 2026 तक निर्धारित था, अब 26 नवम्बर 2026 तक हर गुरुवार को संचालित की जाएगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09822 धनबाद–सोगरिया विशेष एक्सप्रेस, जिसका संचालन 18 जुलाई 2026 तक निर्धारित था, अब 28 नवम्बर 2026 तक हर शनिवार को चलेगी। रेल प्रशासन के अनुसार दोनों गाड़ियों के 20-20 अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे, जिससे राजस्थान और झारखंड के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रेन के मार्ग, ठहराव और समय-सारिणी में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है। यह विशेष ट्रेन कोटा मंडल के सोगरिया, बारां, सालपुरा और छबड़ा गुगोर स्टेशनों से होकर पूर्ववत संचालित होती रहेगी। जेडआरयूसीसी की बैठक में कोरोना काल में बंद ट्रेनों की बहाली का मुद्दा उठा पश्चिम-मध्य रेलवे उपयोगकर्ता सलाहकार समिति (जेडआरयूसीसी) की 22वीं बैठक गुरुवार को जबलपुर मुख्यालय में महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कोटा मंडल सहित पूरे जोन के 28 सदस्यों तथा सांसदों के चार प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान यात्रियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। कोटा के वरिष्ठ सदस्य आशीष मेहता ने कोरोना काल में बंद हुई मुंबई-फिरोजपुर जनता एक्सप्रेस, कोटा-जबलपुर ट्रेन की बहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इन ट्रेनों के बंद होने से बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में उदयपुर-आगरा वंदे भारत ट्रेन को बंद किए जाने के निर्णय पर भी सवाल उठाए गए। मेहता ने कहा कि ट्रेन को लगभग 80 प्रतिशत यात्री भार मिल रहा था, तो इसे बंद करना उचित नहीं है। उन्होंने कम किराए के साथ इस ट्रेन को पुनः शुरू करने की मांग की। इसके अलावा कोटा-दिल्ली के बीच ओवरनाइट ट्रेन, कोटा से मुंबई, पुणे और बेंगलुरु के लिए नई ट्रेनों के संचालन की मांग भी रखी गई। नई ट्रेनों और विस्तार की मांग बैठक में दौसा-गंगापुर सिटी के बीच ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, मथुरा-गंगापुर सिटी ट्रेन को पुनः शुरू करने, कोटा-देहरादून नंदा देवी एक्सप्रेस को झालावाड़ सिटी या राजगढ़ सिटी तक विस्तारित करने की मांग की गई।
इसके अलावा मथुरा-सवाई माधोपुर पैसेंजर को झालावाड़ सिटी तक बढ़ाने, कोटा-सिरसा एक्सप्रेस को इंदौर तक विस्तारित करने, उज्जैन-झालावाड़ सिटी के बीच मेमू सेवा और कोटा-नागदा-रतलाम के बीच नई इंटरसिटी ट्रेन शुरू करने के सुझाव भी दिए गए। साथ ही रामगंजमंडी-भोपाल रेल लाइन को प्रस्तावित कोटा-नीमच रेल लाइन से जोड़ने, जुल्मी स्टेशन पर मेगा कोचिंग एवं कंटेनर डिपो विकसित करने, वरिष्ठ नागरिकों एवं पत्रकारों को रेल किराए में रियायत बहाल करने तथा स्टेशनों पर प्रीपेड बूथ स्थापित करने की मांग भी दोहराई गई।

खेरकी गांव में शादी में खाने के बाद फूड पॉइजनिंग:8 की तबियत बिगड़ी, 2 उदयपुर रेफर, विभाग ने 46 लोगों की जांच की; CMHO बोले- स्थिति नियंत्रण में

सलूंबर जिले के परसाद क्षेत्र स्थित खेरकी गांव में एक विवाह समारोह के मंडप भोज के बाद 8 लोगों को फूड पॉइजनिंग हो गई। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद सभी को सीएचसी परसाद में भर्ती कराया गया, जहां से 2 को उदयपुर रेफर किया गया है। एहतियातन स्वास्थ्य विभाग ने गांव में 46 लोगों की जांच भी की। 24 जून को हुआ था मंडप भोज जानकारी के अनुसार खेरकी के भमात फला निवासी गोविंद मीणा के पुत्र संदीप मीणा के विवाह में 24 जून को मंडप भोज का आयोजन था। खाने के बाद पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायतें आने लगीं। इसके बाद 8 लोगों को तुरंत सीएचसी परसाद ले जाया गया। सीएचसी परसाद में भर्ती 8 मरीजों में से 6 की हालत में सुधार होने पर छुट्टी दे दी गई। किशन मीणा (18) और पुष्पा मीणा (45) की स्थिति को देखते हुए एहतियातन उदयपुर रेफर किया गया। 46 लोगों का घर-घर सर्वे इसके बाद चिकित्सा प्रभारी डॉ. महेंद्र डामोर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम विवाह स्थल पर पहुंची। टीम ने गांव में घर-घर सर्वे कर 46 लोगों की स्वास्थ्य जांच की और दवाइयां वितरित कीं। CMHO बोले- स्थिति नियंत्रण में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार ने बताया – फूड पॉइजनिंग की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। शुक्रवार को भी चिकित्सा दल गांव में मौजूद रहेगा। भोजन के कारणों की जांच की जा रही है।

सीकर में 'भास्कर समाधान' की गूंज:सीवर ओवरफ्लो दुरुस्त होने से मिली राहत, कचरे से अटी नाली हुई साफ, नगर परिषद के AEN अमित स्वामी बने आज 'स्टार ऑफिसर'

सीकर। शहर की नागरिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और जनता को राहत दिलाने में दैनिक भास्कर का ‘भास्कर समाधान’ लगातार अपनी सार्थकता साबित कर रहा है। हाल ही में शहर के कई कोनों से गंभीर समस्याएं सामने आईं, जिनमें नवलगढ़ रोड पर बीच सड़क पर खड़ा ट्रांसफॉर्मर और गंदी नालियां, तापड़िया बगीची सर्किल पर डायग्नोस्टिक सेंटर के जरिए खुले में फेंका जा रहा खतरनाक मेडिकल वेस्ट, और पिपराली रोड पर मिलन मैरिज गार्डन के सामने मासूम बच्चों के लिए साक्षात मौत का कुआं बना खुला सीवर चैंबर शामिल हैं। इसके अलावा, राधाकिशनपुरा में आरटीओ ऑफिस के पास विकास कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त हुई मुख्य पेयजल पाइपलाइन के ब्लॉक होने से लोग इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। इन तमाम विकट परिस्थितियों के बीच राहत की खबरें भी आईं, जहां जयपुर रोड पर बालाजी धर्मकांटा के पास ओवरफ्लो हो रहे सीवर चैंबर को शिकायत के बाद विभाग ने तुरंत दुरुस्त कर दिया। वहीं, तिलक नगर (रानी सती सर्किल) में महीनों से कचरे से चोक पड़ी नाली की समस्या को जब चंद्र प्रकाश सोनी ने उठाया, तो प्रशासन तुरंत हरकत में आया। नगर परिषद के सजग एईएन (AEN) अमित स्वामी ने तत्परता दिखाते हुए ऑन-स्पॉट सफाई टीम भेजी और नाली को पूरी तरह साफ करवाकर जनता को भयंकर बदबू और बीमारियों के खतरे से राहत दिलाई। अपनी इसी बेहतरीन कार्यप्रणाली और एक्शन के बदौलत अमित स्वामी आज के ‘स्टार ऑफिसर’ बने हैं। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) तिलक नगर में कचरे से अटी नाली साफ
तिलक नगर (रानी सती सर्किल) के रहने वाले चंद्र प्रकाश सोनी की शिकायत पर दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। चंद्र प्रकाश ने कुछ दिनों पहले मोहल्ले की बदहाली को उजागर करते हुए पोस्ट किया था कि उनके क्षेत्र की नाली पूरी तरह कचरे और गंदगी से अटी पड़ी है, जिससे गंदा पानी आगे नहीं निकल पा रहा था। लंबे समय से किसी भी सफाईकर्मी के न आने के कारण स्थानीय लोगों को भयंकर बदबू और मच्छरों के प्रकोप का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद नगर परिषद के AEN ने मामले पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सफाई कर्मचारियों की टीम को मौके पर भेजा। विभाग ने नाली में जमा सारे कचरे को निकालकर उसे पूरी तरह साफ करवा दिया है, जिससे अब गंदे पानी की निकासी सुचारू हो गई है। इस समाधान से तिलक नगर के निवासियों को बड़ी राहत मिली है, जिसके लिए उन्होंने ‘भास्कर समाधान’ की इस मुहिम और प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए धन्यवाद किया है।
अमित स्वामी बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
तिलक नगर के रहने वाले चंद्र प्रकाश सोनी के जरिए दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ पर उठाई गई गंदी नाली की समस्या का समाधान हो गया है। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए नगर परिषद के AEN अमित स्वामी ने बेहतरीन कार्यप्रणाली का परिचय दिया और मौके पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाकर जनता को बड़ी राहत दिलाई। उनके इस एक्शन और शानदार कार्य के चलते अमित स्वामी आज ‘स्टार ऑफिसर’ बने हैं। नाली पूरी तरह साफ होने और गंदे पानी की निकासी सुचारू होने पर क्षेत्रवासियों ने ‘भास्कर समाधान’ की इस मुहिम और ‘स्टार ऑफिसर’ अमित स्वामी के इस सराहनीय प्रयास की जमकर प्रशंसा की है।
जयपुर रोड पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या दूर
सीकर शहर के जयपुर रोड स्थित खिच्चड़ों का बास के निवासी आलम की सजगता और दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ की मुहिम रंग लाई है। दरअसल, आलम ने कुछ दिनों पहले क्षेत्र की एक गंभीर समस्या को पोस्ट करते हुए बताया था कि बालाजी धर्मकांटा के पास मुख्य सीवर का चैंबर बुरी तरह ब्लॉक हो चुका है, जिसके चलते सीवर का गंदा पानी और गंदगी सड़क पर बह रही थी। इस वजह से राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों का वहां से गुजरना तक दूभर हो गया था। समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के महज कुछ ही दिनों के अंदर संबंधित विभाग ने तुरंत एक्शन लिया। विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ ब्लॉक पड़े सीवर चैंबर को पूरी तरह साफ कर दुरुस्त किया, बल्कि सड़क पर फैली गंदगी से भी जनता को निजात दिलाया। समस्या का तुरंत समाधान होने पर सजग नागरिक आलम और क्षेत्र के बाकी लोगों ने दैनिक भास्कर की इस प्रभावी पहल और प्रशासन की कार्रवाई का आभार जताया है।
अभी भी कुछ इलाकों में कार्रवाई की जरूरत.. गंदी नालियों की सफाई और ट्रांसफॉर्मर की समस्या
सीकर के नवलगढ़ रोड स्थित जनता कॉलोनी के निवासी इन दिनों नागरिक समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासी पी.के. महाला ने दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ पर कॉलोनी की बदहाली को उजागर करते हुए बताया कि यहां की मुख्य सड़क के बिल्कुल बीचों-बीच एक बड़ा सा बिजली का ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है। बीच सड़क पर खड़ा यह ट्रांसफॉर्मर न सिर्फ हर वक्त हादसों को न्यौता दे रहा है, बल्कि इसके कारण कॉलोनी में भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। बड़े वाहनों को यहां से निकालने में काफी परेशानी आती है। पी.के. महाला ने कॉलोनी की गंदी नालियों की सफाई न होने का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया है। लंबे समय से नालियां साफ न होने के कारण सड़कों पर गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे उठती भयंकर बदबू ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है और इलाके में महामारी फैलने का खतरा लगातार मंडरा रहा है।
तापड़िया बगीची के पास मेडिकल वेस्ट का अंबार
सुभाष चौक की रहने वालीं रूपल ने सजग नागरिक का फर्ज निभाते हुए ‘भास्कर समाधान’ पर अपने क्षेत्र की एक बेहद गंभीर और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या को साझा किया है। रूपल का कहना है कि स्टेशन रोड स्थित तापड़िया बगीची सर्किल के पास संचालित एक डायग्नोस्टिक सेंटर के जरिए नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए खतरनाक मेडिकल वेस्ट (बायोमेडिकल कचरा) को खुले में फेंका जा रहा है। उन्होंने गहरी चिंता जताते हुए बताया कि इस तरह खुले में पड़े सिरिंज, पट्टियां और बाकी संक्रमित मेडिकल कचरे के कारण इलाके में गंभीर और जानलेवा बीमारियां फैलने का खतरा हर वक्त बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह घोर लापरवाही न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की सेहत के साथ भी सरेआम खिलवाड़ है।
RTO ऑफिस के पास सरकारी पाइपलाइन ब्लॉक
सीकर के राधाकिशनपुरा क्षेत्र के रहने वाले गिरधारी लाल ठक्कर ने प्रशासनिक अनदेखी के कारण जनता को हो रही पानी की भारी किल्लत को उजागर किया है। गिरधारी लाल ने बताया कि आरटीओ ऑफिस के पास स्थित कॉलोनी में सरकारी पेयजल लाइन के कनेक्शन तो हैं, लेकिन मुख्य लाइन में ब्लॉकेज (रूकावट) होने के कारण एक निश्चित पॉइंट के आगे पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है। इस तकनीकी कमी की वजह से क्षेत्र के कई घरों में लंबे समय से नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, क्षेत्र में अन्य विकास कार्यों के लिए जब दूसरी लाइनें डाली जा रही थीं, तब इस मुख्य पेयजल लाइन को भारी नुकसान पहुंचाया गया था, जिसके बाद से यह विकट समस्या खड़ी हुई है। इस रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी के मौसम में पानी न आना स्थानीय निवासियों के लिए किसी बड़ी आफत से कम नहीं है। पानी के लिए तरस रहे लोगों ने जलदाय विभाग से इस ब्लॉकेज को तुरंत दुरुस्त कर जलापूर्ति सुचारू करने की गुहार लगाई है।
खुला सीवर चैंबर दे रहा हादसों को न्यौता
सीकर के जाट कॉलोनी (पिपराली रोड) के रहने वाले इश्तियाक अहमद ने दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ के जरिए प्रशासन का ध्यान एक बेहद संवेदनशील और जानलेवा समस्या की ओर आकर्षित किया है। इश्तियाक अहमद ने बताया कि पिपराली रोड पर स्थित मिलन मैरिज गार्डन के ठीक सामने सीवर का एक बड़ा ढक्कन खुला पड़ा है। व्यस्त सड़क के किनारे इस तरह खुले पड़े चैंबर के कारण यहां हर वक्त कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। रात के अंधेरे में या किसी राहगीर की मामूली सी लापरवाही यहां किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने लिखा कि यह खुला चैंबर खासकर आसपास खेलने वाले और वहां से गुजरने वाले मासूम बच्चों के लिए मौत का कुआं बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि किसी मासूम के साथ अनहोनी होने से पहले इस खुले सीवर चैंबर को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त कर ढका जाए।
आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… 1.JEN हरिराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’:एक ही दिन में पानी की 3 समस्याओं का किया समाधान, ‘भास्कर समाधान’ बना प्रशासन और जनता के बीच का ब्रिज 2.सीकर में कहीं टूटी नई सड़क तो कहीं जलभराव:क्षेत्र में अंधेरे से लोग परेशान, कई समस्याओं का हुआ समाधान, नगर परिषद AEN सुरेंद्र गोदारा बने ‘स्टार ऑफिसर’ 3.रोशनगंज मोहल्ले में जर्जर मकान से खतरा:वैष्णव कॉलोनी में गंदी पड़ी नालियां; न्यू इंदिरा कॉलोनी में हुआ समाधान 4.बारिश से पहले नालियों की सफाई की मांग तेज:टूटी सड़कें, गड्ढे और खराब स्ट्रीट लाइट बनी परेशानी, सीकर शहर की अलग-अलग कॉलोनियों से उठी समस्याएं 5.सीकर में भास्कर समाधान का असर, शिकायतों पर लिया एक्शन:उठीं सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं; अमित शर्मा बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 6.भास्कर समाधान: बिजली की समस्या का हुआ समाधान:सड़क, सीवरेज और जलभराव की समस्याओं से लोग परेशान, कई समाधानों का अब भी इंतजार 7.भास्कर समाधान, सड़क की समस्या से मिली राहत:सीकर में जलापूर्ति, टूटी सड़क, पाइपलाइन लीकेज और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान 8.फतेहपुर रोड पर पानी की समस्या का हुआ समाधान:महीनों से बंद स्ट्रीट लाइट, सड़क पर गड्ढा और पाइपलाइन लीकेज से बढ़ी परेशानी 9.3 साल से सीवर कनेक्शन का इंतजार:’भास्कर समाधान’ पर सामने आई सीकर की जनता की परेशानी, खराब स्ट्रीट लाइट और फेल ड्रेनेज से बढ़ीं मुश्किलें 10.भास्कर समाधान: आवारा पशुओं, गड्ढे की समस्या से मिली राहत:बंद रोड लाइट, अधूरी सड़क और जलभराव से बढ़ी परेशानी, सुरेंद्र कुमार जाट बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’

उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:जनता की शिकायतों पर जागा प्रशासन; कहीं 11 दिन का अंधेरा दूर हुआ, तो कहीं कचरे और जाम से मुक्ति की गुहार

उदयपुर। आम जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और उनका सटीक निवारण कराने के संकल्प के साथ दैनिक भास्कर का ‘भास्कर समाधान’ लगातार शहरवासियों की मजबूत आवाज बना हुआ है। इस मुहिम के तहत जहां एक ओर शहर के जागरूक नागरिक अपनी मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन भी इन शिकायतों पर त्वरित एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इस बार ‘भास्कर समाधान’ पर उदयपुर के अलग-अलग कोनों से जनहित के गंभीर मुद्दे सामने आए हैं। हिरण मगरी के व्यस्त चौराहे पर खाली प्लॉट में फैले कचरे के ढेर और विश्वप्रसिद्ध पिछोला झील और दूधतलाई क्षेत्र में मानसून से पहले जमा गंदगी ने स्वच्छता के दावों पर सवाल खड़े किए हैं, तो वहीं रेलवे स्टेशन मार्ग पर रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से राहगीर बेहाल हैं। हालांकि, सकारात्मक पहलू यह है कि समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभागों ने तत्परता दिखाई है। बाड़ी रोड (देवाली) में पिछले कई दिनों से बंद पड़ी रोड लाइटों को शिकायत के बाद तुरंत दुरुस्त कर दिया गया है। वहीं, सेक्टर 9 (सी-ब्लॉक) में पिछले 11 दिनों से पसरे अंधेरे को नगर निगम की टीम ने दूर कर जनता को बड़ी राहत दी है। इस त्वरित समाधान में निगम के लाइनमैन जालम सिंह ने अहम भूमिका निभाई है। जिसके चलते उन्हें आज ‘पब्लिक का स्टार’ चुना गया है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) ‘भास्कर समाधान’ का बड़ा असर
उदयपुर के सेक्टर 9 स्थित सी-ब्लॉक से एक बार फिर ‘भास्कर समाधान’ की मुहिम का बड़ा और सकारात्मक असर देखने को मिला है। यहां के स्थानीय निवासी कुशल चौबीसा ने पिछले 11 दिनों से इलाके की रोड लाइटें खराब होने और गलियों में अंधेरा पसरे रहने की गंभीर समस्या को दैनिक भास्कर ऐप के ‘भास्कर समाधान’ प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से पोस्ट किया था। इस शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। निगम के लाइनमैन और तकनीकी टीम ने बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचकर तकनीकी खराबी को दूर किया और बंद पड़ी लाइटों को पूरी तरह दुरुस्त करवा दिया। पिछले 11 दिनों से अंधेरे और असुरक्षा का सामना कर रहे वार्ड वासियों ने अब राहत की सांस ली है। समस्या का त्वरित निवारण होने पर जागरूक नागरिक कुशल चौबीसा और सी-ब्लॉक के अन्य निवासियों ने नगर निगम की टीम और त्वरित कार्रवाई के लिए ‘भास्कर समाधान’ का आभार व्यक्त किया है।
जालम सिंह बने आज ‘पब्लिक के स्टार’
दैनिक भास्कर ऐप के ‘भास्कर समाधान’ पर जनता के जरिए उठाई गई समस्याओं पर त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई करते हुए जालम सिंह आज ‘पब्लिक के स्टार’ बनकर उभरे हैं। आम नागरिकों ने जब अपने क्षेत्र की खराब रोड लाइट की समस्या पोस्ट की तो जालम सिंह ने बिना किसी देरी के मामले को संज्ञान में लिया और मौके पर काम को पूरा करवाया। उनकी इस त्वरित कार्यशैली के कारण क्षेत्रवासियों को लंबे समय से हो रही परेशानी से तुरंत राहत मिल गई।
स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान
उदयपुर शहर के बाड़ी रोड स्थित देवाली क्षेत्र से स्थानीय निवासी संजय ने इलाके में पिछले कई दिनों से रोड लाइटें बंद होने की गंभीर समस्या को ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट किया था। इस शिकायत में बताया गया था कि कई दिनों से लगातार लाइटें बंद होने के कारण पूरी सड़क पर रात को अंधेरा छा जाता था, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को दुर्घटनाओं का डर सता रहा था। इस शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग ने मुस्तैदी दिखाई और कार्रवाई करते हुए बंद पड़ी सभी रोड लाइटों को पूरी तरह ठीक करवा दिया है। अब क्षेत्र में रात के समय अंधेरे की समस्या दूर हो गई है। समस्या का त्वरित और स्थाई समाधान होने पर संजय और देवाली क्षेत्र के अन्य निवासियों ने ‘भास्कर समाधान’ और संबंधित विभाग के इस त्वरित एक्शन का आभार व्यक्त किया है।
कुछ समस्या के समाधान की अभी भी आस… खाली प्लॉट बना कचरे का ‘डंपिंग ग्राउंड’
उदयपुर शहर के व्यस्त इलाकों में से एक, हिरण मगरी क्षेत्र के मेन चौराहे से स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने ‘भास्कर समाधान’ के जरिए एक गंभीर समस्या उठाई है। उन्होंने बताया कि इस मुख्य चौराहे के पास एक खाली प्लॉट में लंबे समय से भारी मात्रा में कचरा और गंदगी फैली हुई है, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में दुर्गंध और गंदगी का माहौल बना हुआ है। ‘डंपिंग ग्राउंड’ बन चुके इस प्लॉट के कारण मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आस-पास के रहवासियों और राहगीरों में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस ‘डंपिंग यार्ड’ के ठीक आस-पास खाने-पीने के कई ठेले और थड़ियां लगती हैं, जहां रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं। इस अत्यधिक गंदगी और बदबू के चलते न केवल इन छोटे दुकानदारों का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि यहां आने वाले ग्राहकों के स्वास्थ्य पर भी सीधा खतरा मंडरा रहा है।
समय रहते सफाई न हुई तो दूषित होगा झील का पानी
उदयपुर शहर की विश्वप्रसिद्ध और लाइफलाइन मानी जाने वाली पिछोला झील के आस-पास इन दिनों कचरे और गंदगी की एक बेहद चिंताजनक समस्या सामने आई है। स्थानीय निवासी विकास ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए बताया कि पिछोला के पास स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दूधतलाई और झील के किनारों पर लगातार भारी मात्रा में कचरा जमा हो रहा है। सबसे बड़ा संकट यह है कि मानसून बिल्कुल नजदीक है। ऐसे में अगर इस जमा कचरे को तुरंत नहीं हटाया गया, तो तेज बारिश के पानी के साथ यह सारा प्लास्टिक, सॉलिड वेस्ट और गंदगी बहकर सीधे पिछोला झील के मुख्य जलस्रोत में मिल जाएगी। इससे न केवल झील का पानी दूषित होगा, बल्कि पानी के जीवों पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगेगा। पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होने के कारण यहां रोजाना भारी फुटफॉल रहता है, लेकिन इस गंदगी से शहर की छवि पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम, यूआईटी और झील संरक्षण विभाग से मांग की है कि बारिश शुरू होने से पहले युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर इस पूरे इलाके की सघन सफाई करवाई जाए, ताकि धरोहर को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
वृंदावन नगर में रोड लाइटें बंद होने से पसरा अंधेरा
उदयपुर शहर के गणेशपुरा स्थित वृंदावन नगर क्षेत्र से महेश व्यास ने ‘भास्कर समाधान’ पर कॉलोनी की एक प्रमुख समस्या को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि इस पूरे क्षेत्र की गलियों में लंबे समय से रोड लाइट की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम ढलते ही चारों तरफ घना अंधेरा पसर जाता है। स्ट्रीट लाइटें न होने की वजह से स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को रात के समय आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की सक्रियता और दुर्घटनाओं का अंदेशा भी लगातार बना रहता है।
रेलवे स्टेशन के पास लग रहा है जाम
शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक, रेलवे स्टेशन रोड पर इन दिनों आम जनता को रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अख्तर खान ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए बताया कि स्टेशन के पास लगने वाला यह जाम अब एक स्थाई मुसीबत बन चुका है, जिसके चलते यहां से गुजरने वाले राहगीरों, यात्रियों और स्थानीय लोगों का समय बर्बाद हो रहा हैं। स्थिति इतनी बदतर हो जाती है कि कई बार ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों की ट्रेन छूटने का अंदेशा बना रहता है और पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस गंभीर और रोज-रोज की समस्या पर ट्रैफिक पुलिस या संबंधित प्रशासन के जरिए लंबे समय से कोई ठोस ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण के कारण लगातार बिगड़ते इन हालातों को देखते हुए नागरिकों ने मांग की है कि यहां तुरंत ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की स्थाई तैनाती की जाए और जाम के कारणों का स्थाई समाधान निकाला जाए ताकि लोगों को इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से निजात मिल सके।

आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.शोभागपुरा और मादड़ी मार्ग की खुली पोल:उदयपुर के मीरा नगर और हिरण मगरी में शिकायतों के बाद जागा विभाग, नाली दुरुस्त और गंदगी साफ 2.उदयपुर में बुनियादी सुविधाओं पर सवाल:पानी, सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं बनीं बड़ी चुनौती, एक क्लिक पर हो रहा समाधान 3.उदयपुर में प्रशासन से गुहार भी बेअसर:एयरपोर्ट रोड इलाके में सालों से अटका सड़क का काम, ड्रेनेज सिस्टम न होने से जनता परेशान 4.उदयपुर में ‘भास्कर समाधान’ का असर:कचरे और रोड लाइट की समस्या का हुआ समाधान, तो कहीं हाई-टेंशन तारों का खतरा अभी भी बरकरार 5.सुलझीं स्ट्रीट लाइट की गंभीर समस्याएं:उदयपुर में कई जगह बुनियादी सुविधाओं की कमी, खंडर क्वार्टर्स और खुले तारों से मंडराया बड़ा खतरा 6.उदयपुर में टूटी सड़कें, गंदे पानी की समस्या:पांच साल से अंधेरे में डूबी गली; वार्ड 44 के सुपरवाइजर कमल मूलचंद बने ‘पब्लिक के स्टार’ 7.उदयपुर में गंदगी और जलभराव से जनता परेशान:फतेहसागर झील के पास कचरा, रेलवे पुलिया के नीचे भरा पानी; हिरण मगरी में बंद रोड लाइटें सुधरी 8.भास्कर समाधान: पांच दिन से बंद रोड लाइट हुई ठीक:खुले बिजली तार, कचरा और सड़क सुरक्षा की समस्याओं से लोग परेशान; गिरीश मारीवाला बने ‘स्टार ऑफिसर’ 9.भास्कर समाधान का असर, लाइट की समस्या का हुआ समाधान:खुले ट्रांसफार्मर, बंद स्ट्रीट लाइट और नाले में अतिक्रमण से लोग परेशान 10.सेक्टर 11 में 33 KV लाइन का गड्ढा रिपेयर:कचरा साफ करवाकर मोहम्मद यासीन बने ‘पब्लिक के स्टार’, ‘भास्कर समाधान’ जनता ने उठाई आवाज

जयपुर के जयसिंहपुरा खोर में उफनता सीवर:जवाहर नगर में 10 साल से भरा कीचड़, लाल डूंगरी के पास जर्जर श्मशान घाट और गांधी नगर की टूटी सड़क बनी आफत

जयपुर की जनता की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने और उनका समाधान करवाने में दैनिक भास्कर का ‘भास्कर समाधान’ लगातार सबसे बड़ा सहारा साबित हो रहा है। हाल ही में शहर के अलग-अलग इलाकों से जन-समस्याएं सामने आईं, जिनमें जयसिंहपुरा खोर में कचरे के ढेरों के बीच सड़क पर बहता सीवर का पानी और गांधी नगर के गौतम नगर रोड पर पाइपलाइन डालने के बाद 1 साल से लावारिस छोड़ी गई बदहाल सड़क शामिल है। वहीं, जवाहर नगर सेक्टर-7 में ऑर्किड स्कूल के सामने पिछले 10 सालों से जमा बरसाती पानी अब जानलेवा दलदल और बीमारियों का केंद्र बन चुका है, तो दूसरी तरफ लाल डूंगरी मंदिर के पास श्मशान घाट का जर्जर टीन शेड जनप्रतिनिधियों की घोर उदासीनता बयां कर रहा है। इन विकट जन-समस्याओं के बीच ‘भास्कर समाधान’ के असर से राहत की सुखद तस्वीरें भी आईं। सीताबारी के सूर्या नगर में मुख्य पाइपलाइन का लीकेज दुरुस्त होने से सड़कों पर व्यर्थ बहता हजारों लीटर पानी और जनता की परेशानी रुक गई। इसी कड़ी में, ढेहर के बालाजी क्षेत्र से उठाई गई बंद स्ट्रीट लाइटों की शिकायत पर विभाग तुरंत एक्शन में आया। बिजली विभाग के एक्सईएन (XEN) रूपाराम ने ऑन-स्पॉट तकनीकी टीम भेजी और समाधान करवा दिया है। अपनी इसी शानदार कार्यप्रणाली के बदौलत XEN रूपाराम को आज का ‘स्टार ऑफिसर’ चुना गया है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) कचरे का ढेर और बहता सीवर
जयपुर के जयसिंहपुरा खोर इलाके के रहने वाले सुनील शर्मा ने दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ के माध्यम से प्रशासन की घोर लापरवाही और इलाके की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोला है। सुनील शर्मा ने नाराजगी जताते हुए लिखा कि जयसिंहपुरा खोर क्षेत्र में इन दिनों स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ चुकी है। पूरे इलाके में जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। साथ ही क्षेत्र की सीवर लाइन भी पूरी तरह चोक और बदहाल हो चुकी है, जिसके कारण सीवर का बदबूदार और दूषित पानी उफनकर मुख्य सड़कों पर बह रहा है। इस गंदगी और कचरे की वजह से स्थानीय निवासियों और राहगीरों का पैदल निकलना तक दूभर हो गया है, साथ ही वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कीचड़ और बीमारी के बीच रह रहे क्षेत्रवासी
जवाहर नगर (सेक्टर-7) के निवासी अमित माथुर ने ‘भास्कर समाधान’ पर सिस्टम की पोल खोल दी है। अमित माथुर ने लिखा है कि क्षेत्र के ऑर्किड स्कूल के ठीक सामने पिछले 10 सालों से बरसाती पानी के भराव की विकट समस्या बनी हुई है, लेकिन आज तक इसका कोई स्थाई समाधान नहीं किया गया। एक दशक से जमा हो रहे इस पानी के कारण पूरी सड़क अब गहरे दलदल और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। हालात इतने बदतर हैं कि स्कूल आने-जाने वाले मासूम बच्चों सहित अन्य वाहन चालक आए दिन इस कीचड़ में फिसलकर घायल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि लंबे समय से जमा इस सड़े हुए पानी में खतरनाक कीड़े-मकोड़े पनप रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में जानलेवा बीमारियों और संक्रमण का खतरा हर वक्त सिर पर मंडरा रहा है। क्षेत्रवासियों ने आक्रोश जताते हुए पूछा है कि प्रशासन आखिर किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम को तुरंत दुरुस्त कर इस 10 साल पुराने नरक से निजात दिलाने की मांग की है।
लाल डूंगरी मंदिर के पास श्मशान घाट बदहाल
जयपुर शहर के बीच में स्थित प्रसिद्ध लाल डूंगरी मंदिर के पास रहने वाले जागरूक नागरिक गुलशन ने दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ के माध्यम से व्यवस्था को झकझोरने वाली एक गंभीर समस्या उजागर की है। गुलशन ने बताया कि इलाके के श्मशान घाट की स्थिति इस वक्त बेहद दयनीय और जर्जर हो चुकी है। अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट के अंदर जो टीन शेड बने हुए हैं, वे पूरी तरह टूट चुके हैं और कभी भी भरभराकर गिरने की हालत में हैं, जिससे वहां आने वाले लोगों पर हर वक्त जान का खतरा मंडराता रहता है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि स्थानीय विधायक से लेकर नगर निगम के आला अधिकारियों तक को इस बदहाली से कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन सभी इस ओर से आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस श्मशान घाट को ठीक कराया जाए और जर्जर टीन शेड को तुरंत बदला जाए।
पाइपलाइन के नाम पर 1 साल पहले खोदी सड़क
गांधी नगर स्थित गौतम नगर रोड के रहने वाले जसपाल तंवर ने विकास के नाम पर किए जा रहे प्रशासनिक खिलवाड़ को उजागर किया है। जसपाल ने बताया कि करीब 1 साल पहले इलाके में पाइपलाइन डालने के उद्देश्य से मुख्य सड़कों को तोड़ दिया गया था, लेकिन पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद आज तक इस सड़क की सुध नहीं ली गई और इसे इसके हाल पर ही छोड़ दिया गया। पिछले एक साल से यह सड़क पूरी तरह मलबे और गड्ढों में तबदील हो चुकी है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों का घरों से निकलना दूभर हो गया है और आए दिन वाहन चालक इन गड्ढों के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। धूल के गुबार और बदहाली से जूझ रहे क्षेत्रवासियों ने आक्रोश जताते हुए मांग की है कि ठेकेदार और संबंधित विभाग की इस लापरवाही पर सख्त एक्शन लिया जाए और सड़क की मरम्मत का कार्य तुरंत शुरू करवाया जाए।
सूर्या नगर में पाइपलाइन का लीकेज दुरुस्त
जयपुर के सीताबारी स्थित सूर्या नगर के बाल कृष्ण शर्मा की सतर्कता और दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ की मुहिम एक बार फिर रंग लाई है। दरअसल, बाल कृष्ण शर्मा ने क्षेत्र की एक गंभीर समस्या को पोस्ट करते हुए बताया था कि मुख्य पेयजल पाइपलाइन में बड़ा लीकेज होने के कारण रोजाना हजारों लीटर साफ पानी सड़कों पर बहकर व्यर्थ हो रहा था, जिससे न सिर्फ सड़क खराब हो रही थी बल्कि कॉलोनी में पानी का प्रेशर भी कम हो गया था। इस समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम को मौके पर भेजा। विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए न सिर्फ पाइपलाइन के लीकेज को पूरी तरह दुरुस्त किया, बल्कि पानी की बर्बादी को भी रोक दिया। समस्या का सफल समाधान होने के बाद खुद बाल कृष्ण शर्मा ने दोबारा पोस्ट के माध्यम से समाधान होने की पुष्टि की और इस कार्रवाई के लिए ‘भास्कर समाधान’ और जलदाय विभाग का आभार जताया है।
ढेहर के बालाजी इलाके में चालू हुईं बंद स्ट्रीट लाइटें
जयपुर के ढेहर के बालाजी क्षेत्र की रहने वालीं अनीता की शिकायत पर दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ का बड़ा असर देखने को मिला है। अनीता ने अपने इलाके की समस्या को पोस्ट करते हुए बताया था कि उनकी गली की रोड लाइटें (स्ट्रीट लाइट्स) लंबे समय से खराब पड़ी हैं और काम नहीं कर रही हैं। लाइटें बंद होने की वजह से पूरी गली रात के वक्त घने अंधेरे में डूब जाती थी, जिससे स्थानीय निवासियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा था और असामाजिक तत्वों का डर भी बना हुआ था। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद बिजली विभाग के एक्सईएन (XEN) ने मामले पर तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर गली की सभी बंद पड़ी रोड लाइटों को तुरंत दुरुस्त करवाया।
रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
ढेहर के बालाजी क्षेत्र में रहने वालीं अनीता ने बंद रोड लाइट की समस्या पोस्ट की थी। जिसके बाद समस्या का त्वरित निस्तारण हो गया है। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए बिजली विभाग के XEN रूपाराम ने तत्परता दिखाई। उन्होंने मौके पर तकनीकी टीम को भेजकर गली की सभी बंद लाइटों को तुरंत ठीक करवाया है। जनता को अंधेरे की समस्या से निजात दिलाने वाले XEN रूपाराम को आज का ‘स्टार ऑफिसर’ बनायाा गया हैं।
पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जनसमस्याओं की सुनवाई से समाधान तक:जयपुर में ‘भास्कर समाधान’ बना जनता की आवाज, मनोज मुदगल को मिला ‘पब्लिक का स्टार’ का सम्मान 2.जयपुर में माविका चौराहे पर चमकी सड़कें:खातीपुरा में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा, सांगानेर की कॉलोनी में मुख्य रोड ऊंची और गलियां नीची होने से जलभराव 3.हनुमान वाटिका में 1 साल से टूटी रोड:मानसरोवर में बीच सड़क पर गैस पाइपलाइन का टैंक, पानी के संकट पर पार्षद शिव सोनी ने लिया एक्शन 4.कचरा, जलभराव और टूटी सड़कें बनी बड़ी समस्या:‘भास्कर समाधान’ पर उठी नागरिकों की आवाज, बनी पार्क और सांगानेर में हुआ समाधान 5.जयपुर में ‘भास्कर समाधान’ का असर:हरमाड़ा और विद्याधर नगर में चमकीं बंद पड़ी रोड लाइटें, शिकायत के महज 24 घंटे के अंदर जागा प्रशासन 6.जयपुर में कीचड़, धूल और अंधेरे से जनता परेशान:भास्कर समाधान से जनता को मिली राहत, शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन 7.जयपुर में एक क्लिक पर खुली प्रशासन की नींद:टूटी पाइप लाइन ठीक, सुधरी स्ट्रीट लाइट; शहर के कई इलाकों में अब भी हाल बेहाल 8.‘भास्कर समाधान’: बुनियादी समस्याओं का मिल रहा हल:सड़क, पानी और सीवरेज जयपुर की बड़ी समस्या, यूजर बोले दो महीने से न गड्‌ढा भरा, न सड़क, कॉलोनी में पीने का पानी नहीं 9.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से हो रहा समस्याओं का हल:जयपुर में कहीं 14 साल से सड़क बनने का इंतजार, तो कहीं चूहों ने पूरा पार्क खोखला कर दिया 10. जयपुर में विकास के दावों की खुली पोल:जनता ने नगर निगम पर लगाया अनदेखी का आरोप, हरमाड़ा और गोविंदपुरी में सीवर समस्या का हुआ समाधान

राजस्थान में 76 नई नगरपालिकाओं का गठन:15 साल का सबसे बड़ा विस्तार, 684 नए पद मंजूर, जयपुर-झुंझुनूं में सबसे ज्यादा 7-7 निकाय

राजस्थान में नगरीय विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 76 नई नगरपालिकाओं के गठन को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही राज्य में नगरीय निकायों की संख्या 309 से बढ़कर 385 हो गई है। नई नगरपालिकाओं के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्वायत्त शासन विभाग में 684 नए पद भी सृजित किए गए हैं। पिछले तीन सालों में विभाग में पहली बार भर्ती की मंजूरी मिली है, जबकि इतनी बड़ी संख्या में पदों का सृजन पिछले 15 सालों में पहली बार हुआ है। राज्य सरकार का यह फैसला बीजेपी सरकार के मौजूदा कार्यकाल में स्थानीय निकायों के विस्तार का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि तेजी से विकसित हो रहे कस्बों और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को मजबूत करने से नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में तेजी आएगी। नई नगरपालिकाओं में सबसे अधिक 7-7 निकाय जयपुर और झुंझुनूं जिलों में बनाए गए हैं। जयपुर जिले में वाटिका, जमवारामगढ़, फागी, दूदू, कानोता, खेजरोली और कालाडेरा को नगर पालिका का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा दौसा, अलवर और टोंक में चार-चार नई नगरपालिकाएं गठित की गई हैं। वहीं बालोतरा, बाड़मेर और अजमेर में तीन-तीन नई नगरपालिकाओं का गठन किया गया है। इसके अलावा अन्य कई जिलों में भी नए नगरीय निकाय बनाए गए हैं। नई नगरपालिकाओं के गठन के साथ सरकार ने इनके प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। इसी उद्देश्य से स्वायत्त शासन विभाग में 684 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इन पदों पर भर्ती होने से नई नगरपालिकाओं में प्रशासनिक कार्यों का संचालन सुचारु रूप से हो सकेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। राजस्थान में 76 नई नगरपालिकाओं के गठन के बाद प्रदेश में नगरीय निकायों की कुल संख्या 385 हो गई है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशासन, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। प्रदेश में गठित 76 नई नगर पालिकाओं में सबसे अधिक 7-7 नगर पालिकाएं जयपुर और झुंझुनूं जिलों में बनाई गई हैं। जयपुर जिले में वाटिका, जमवारामगढ़, फागी, दूदू, खेजरोली, कालाडेरा और कानोता, जबकि झुंझुनूं जिले में सिंघाना, डूंडलोद, जाखल, सुलताना, बुहाना, मलसीसर और मण्ड्रेला को नगर पालिका का दर्जा मिला है। दौसा जिले में रामगढ़-पचवारा, बसवा, लवाण और भाण्डारेज, अलवर में मुण्डावर, कठूमर, मालाखेड़ा और नौगांव, टोंक में दूनी, लाम्बाहरिसिंह, डिग्गी और पीपलू और बाड़मेर में जसोल, चौहटन, गुड़ामालानी और धोरीमन्ना नई नगर पालिकाएं बनाई गई हैं। वहीं झालावाड़ में मनोहर थाना, डग और खानपुर, जोधपुर में मथानिया, तिवरी और बाप, अजमेर में सावर, टांटोटी और पीसांगन और भीलवाड़ा में बनेड़ा, बीगोद और बिजौलिया को नगर पालिका बनाया गया है। इसके अलावा कोटपूतली-बहरोड़ जिले में नारायणपुर और मांढण, सीकर में पलसाना और धोद, सवाई माधोपुर में वजीरपुर और खण्डार, बूंदी में देई और हिण्डोली, ब्यावर में रायपुर और मसूदा, जालौर में आहोर और सायला, नागौर में मेडतारोड़ और रियाबड़ी, बीकानेर में लूणकरनसर और नापासर, बालोतरा में सिणधरी और समदड़ी, धौलपुर में मनिया और सेपऊ और करौली में सूरीठ और मण्डरायल को नगर पालिका का दर्जा दिया गया है। वहीं डीग में पहाड़ी, उदयपुर में वल्लभनगर, हनुमानगढ़ में गोलूवाला, राजसमंद में भीम, श्रीगंगानगर में घड़साना, डीडवाना-कुचामन में खाटू खुर्द, कोटा में सुकेत, बारां में सीसवाली, पाली में सोजत रोड, चूरू में साहवा, प्रतापगढ़ में अरनोद और सिरोही में मण्डार को नई नगर पालिका घोषित किया गया है। 76 नगर पालिकाओं के लिए 684 पद सृजित सरकार ने प्रदेश की 76 नवगठित नगर पालिकाओं में प्रशासनिक कामकाज शुरू करने के लिए 684 नए पदों के सृजन को प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी दे दी है। प्रत्येक नगर पालिका में एक-एक अधिशासी अधिकारी (चतुर्थ), सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता (सिविल), कनिष्ठ लेखाकार, ठोस कचरा प्रबंधक (स्वास्थ्य निरीक्षक), वरिष्ठ प्रारूपकार और वरिष्ठ सहायक का पद स्वीकृत किया गया है। वहीं दो-दो कनिष्ठ सहायकों के पद सृजित किए गए हैं। इस प्रकार सभी 76 नगर पालिकाओं के लिए कुल 684 पद स्वीकृत हुए हैं। सरकार ने इसके साथ ही पहले से गठित 6 नगर पालिकाओं में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, चौकीदार, सफाई जमादार और सफाई कर्मचारियों के कार्य आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराने की पूर्व स्वीकृति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है। इन छह निकायों के लिए पहले स्वीकृत 54 पदों से संबंधित व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है।

राजस्थान में 76 नई नगरपालिकाओं का गठन:15 साल का सबसे बड़ा विस्तार, 684 नए पद मंजूर; जयपुर-झुंझुनूं में सबसे ज्यादा 7-7 निकाय

राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे कस्बोंं और शहरी क्षेत्रों के लिए राज्य सरकार ने नगरीय विकास को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 76 नई नगरपालिकाओं के गठन को मंजूरी दे दी गई। साथ ही राज्य में नगरीय निकायों की संख्या 309 से बढ़कर 385 हो गई है। नई नगरपालिकाओं के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्वायत्त शासन विभाग में 684 नए पद भी बनाए गए हैं। पिछले तीन सालों में विभाग में पहली बार भर्ती की मंजूरी मिली है। जबकि इतनी बड़ी संख्या में पदों का सृजन पिछले 15 सालों में पहली बार हुआ है। नई नगरपालिकाओं में सबसे अधिक 7-7 निकाय जयपुर और झुंझुनूं जिलों में बनाए गए हैं। राज्य सरकार का यह फैसला भाजपा सरकार के मौजूदा कार्यकाल में स्थानीय निकायों के विस्तार का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में तेजी आएगी। जयपुर जिले में ये बनी नगर पालिकाएं जयपुर जिले में वाटिका, जमवारामगढ़, फागी, दूदू, कानोता, खेजरोली और कालाडेरा को नगर पालिका का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा दौसा, अलवर और टोंक में चार-चार नई नगरपालिकाएं गठित की गई हैं। वहीं बालोतरा, बाड़मेर और अजमेर में तीन-तीन नई नगरपालिकाओं का गठन किया गया है। इसके अलावा अन्य कई जिलों में भी नए नगरीय निकाय बनाए गए हैं। 684 नए पदों पर होगी भर्ती नई नगरपालिकाओं के गठन के साथ सरकार ने इनके प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। स्वायत्त शासन विभाग में 684 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इन पदों पर भर्ती होने से नई नगरपालिकाओं में प्रशासनिक कार्यों का संचालन सुचारू रूप से हो सकेगा। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। झुंझुनूं में ये बनी नगर पालिकाएं इन जिलोंं में भी बनीं 76 नगर पालिकाओं में ये पद किए स्वीकृत सरकार ने प्रदेश की 76 नवगठित नगर पालिकाओं में प्रशासनिक कामकाज के लिए 684 नए पदों के सृजन को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दी है। प्रत्येक नगर पालिका में एक-एक अधिशासी अधिकारी (चतुर्थ), सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता (सिविल), कनिष्ठ लेखाकार, ठोस कचरा प्रबंधक (स्वास्थ्य निरीक्षक), वरिष्ठ प्रारूपकार और वरिष्ठ सहायक का पद स्वीकृत किया गया है। वहीं दो-दो कनिष्ठ सहायकों के पद सृजित किए गए हैं। सरकार ने इसके साथ ही पहले से गठित 6 नगर पालिकाओं में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, चौकीदार, सफाई जमादार और सफाई कर्मचारियों के कार्य आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराने की पहले स्वीकृति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है। इन छह निकायों के लिए पहले स्वीकृत 54 पदों से संबंधित व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है।

मोहर्रम पर जयपुर में हाई अलर्ट:3 हजार पुलिसकर्मी तैनात, ट्रैफिक डायवर्जन और परकोटे में कई मार्गों पर वाहनों की एंट्री बंद

मोहर्रम के अवसर पर आज जयपुर शहर में निकलने वाले ताजिया जुलूसों को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू की है। परकोटा क्षेत्र में कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी, जबकि भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर भी रोक रहेगी। वहीं, पूरे शहर में करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। आमजन से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। संजय सर्किल, अजमेरी गेट, न्यू गेट, सांगानेरी गेट, घाट गेट, गलता गेट और रामगढ़ मोड़ से परकोटे में सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। अन्य क्षेत्रों से आने वाले यातायात को आवश्यकता अनुसार वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा। भारी वाहनों की एंट्री पर रहेगी रोक आज रोड नंबर-14 वीकेआई, कालवाड़ पुलिया, सिरसी पुलिया, 200 फीट अजमेर रोड, न्यू सांगानेर मोड़, गोपालपुरा मोड़, ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा, धोबीघाट, रामगढ़ मोड़, गलता गेट चौराहा और आमेर तिराहे सहित कई प्रमुख प्रवेश मार्गों से शहर में भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इन बाजारों में पार्किंग रहेगी प्रतिबंधित ताजिया जुलूस के दौरान चौड़ा रास्ता, बड़ी चौपड़, बापू बाजार, जौहरी बाजार, हवामहल बाजार, सुभाष चौक, माउंट रोड, रामगंज बाजार, घाट गेट बाजार, चार दरवाजा, चांदपोल बाजार, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार, गोपीनाथ मार्ग, इंदिरा बाजार, किशनपोल बाजार, खजाने वालों का रास्ता, एमआई रोड और एमडी रोड सहित कई प्रमुख बाजारों और मार्गों पर पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। कर्बला तक निकलेगा ताजिया जुलूस आज दोपहर बाद विभिन्न क्षेत्रों से ताजिए बड़ी चौपड़ पहुंचेंगे। यहां से जुलूस हवामहल बाजार, चांदी की टकसाल, सुभाष चौक, जोरावर सिंह गेट और रामगढ़ मोड़ होते हुए कर्बला जाएगा। इस दौरान दोपहर से देर रात तक परकोटे के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर वाहनों की एंट्री बंद रहेगी और ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा। 3 हजार पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर राजधानी जयपुर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। एडिशनल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर राजीव पचार ने बताया कि शहर के भीतर और बाहरी क्षेत्रों में करीब 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इंटेलिजेंस के जवान सादा वर्दी में मौजूद रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ERT) को भी तैनात किया गया है। लाइसेंसधारी ताजियों को ही जुलूस की अनुमति जिला प्रशासन और पुलिस ने शांति समिति तथा सीएलजी सदस्यों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल लाइसेंसधारी ताजियों को ही जुलूस के रूप में निकाला जाएगा। जुलूस के मार्ग पर बिजली, पानी और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई मोहर्रम के दौरान अभय कमांड सेंटर, शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों से हर गतिविधि की निगरानी की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस की साइबर सेल सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखेगी और अफवाह फैलाने या भ्रामक सूचनाओं के जरिए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन से अपील यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोहर्रम के दौरान जारी ट्रैफिक डायवर्जन का पालन करें, प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर न जाएं और भीड़भाड़ से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।

मृत्युभोज में घी के मालपुए नहीं बनवाने पर हुक्का-पानी बंद:43 परिवारों को दुकानों से राशन नहीं मिल रहा, कुएं से पानी नहीं दे रहे

आर्थिक तंगी की मार झेल रहे परिवार ने मृत्युभोज में ‘घी के मालपुए’ नहीं बनवाए। सादा खाना खिलाया। इससे समाज के लोग इतने नाराज हुए कि इनका हुक्का-पानी बंद करने का फरमान सुना दिया। इस गरीब परिवार का समर्थन करने वाले 42 अन्य परिवारों पर भी यही तुगलकी फरमान लागू किया गया। अब परिवारों को न दुकानदार राशन दे रहा है, न ही कुएं से पानी नहीं भरने दिया जा रहा है। पंचों की बंदिशें यहीं नहीं रुकीं। पीड़ित परिवारों के घरों में मेहमानों के आने और उनके किसी रिश्तेदारी में जाने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पंचों के फरमान की अनदेखी करने पर 11 हजार रुपए और पूरे समाज को सामूहिक भोजन (जीमण) का दंड भुगतना होगा। यह पूरा मामला सिरोही के बरलूट थाना इलाके के मंडवारिया गांव का है। पीड़ित परिवारों ने अब जिला कलेक्टर से शिकायत की है। अब सिलसिलेवार समझते हैं पूरा मामला… सादा भोजन नागवार गुजरा, पंचों ने समाज से बाहर किया पीड़ित परिवारों ने बताया कि गांव में 5 जून को सदाराम पुत्र बलवाजी का निधन हो गया था। 17 जून को हुए मृत्युभोज में परिवार की माली हालत ठीक न होने के कारण घी के मालपुआ नहीं बनाए जा सके। बेहद सादा भोजन कराया गया। इस बात से समाज के एक दर्जन से अधिक पंच इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने अगले ही दिन 18 जून को फरमान सुनाकर इस परिवार सहित कुल 43 समर्थक परिवारों को समाज से बाहर कर दिया। जीना हुआ दूभर, बच्चे भूखे सोने को मजबूर बहिष्कार की मार झेल रहे परिवारों का जीना मुश्किल हो गया है। गांव के दुकानदार उन्हें राशन का सामान नहीं दे रहे हैं। खेत मालिक उन्हें मजदूरी पर नहीं रख रहे हैं। हद तो यह है कि इन परिवारों को गांव के सार्वजनिक कुएं से पानी तक भरने नहीं दिया जा रहा है। राशन न मिलने के कारण घरों में बच्चे भूखे सो रहे हैं। थाने में सुनवाई नहीं, अब कलेक्टर से गुहार पीड़ितों ने 20 जून को बरलूट थाने में नामजद रिपोर्ट दी थी। आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे परेशान होकर गुरुवार को सभी 43 परिवारों के लोग सिरोही कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
उधर, बरलूट थाने के जांच अधिकारी रमेश कुमार ने कहा- परिवाद हमारे पास आया है। जांच चल रही है। यह मामला कोई पुरानी रंजिश का लग रहा है। शादी-ब्याह और रिश्तों पर भी पहरा पीड़ित गोपाल बताते हैं- मेरी बुआ की लड़की की 20 जून को शादी थी। पंचों के डर से मैं शादी में नहीं गया। फरमान है कि यदि कोई जाएगा तो उसे 11 हजार रुपए और पूरे समाज को सामूहिक भोजन (जिम) का दंड देना होगा।
अन्य पीड़ित भोगीलाल ने बताया- मेरे भाई दिनेश की 24 जून को शादी थी। ननिहाल वालों ने दंड और मालपुए की मांग के डर से पीले चावल (निमंत्रण) लेने से ही इनकार कर दिया। इसके चलते शादी में कोई शामिल नहीं हुआ। पीड़ितों की जुबानी…. तेजाराम ने कहा- पंचों ने कहा कि हमने सादा भोजन खिलाकर समाज की नाक कटा दी। अब गांव में हमसे कोई बात नहीं करता। कुएं से पानी नहीं लेने दे रहे। गोपाल ने कहा- पंचों के फरमान का ऐसा डर है कि मैं बुआ की लड़की की शादी तक में नहीं गया। भोगीलाल कहते हैं- मेरे भाई की शादी में कोई रिश्तेदार नहीं आया। ननिहाल वालों ने डर से पीले चावल (निमंत्रण) लेने से ही इनकार कर दिया। कमला देवी ने कहा- हमारी बहू-बेटियों से गांव में कोई बोलता तक नहीं। घी के मालपुआ नहीं बनाए तो क्या हम इंसान नहीं रहे? ये कैसा इंसाफ है? राजस्थान में ‘पंच-पटेलों’ के कुछ ऐसे फैसले, जिनके आगे तालिबानी सजा भी कम पड़ जाए… —— राजस्थान में तुगलकी फरमान की ये खबरें भी पढ़िए…