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कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री का भाई शालिगराम गिरफ्तार:जमीन विवाद में युवक को गोली मारने का आरोप; 4 आरोपियों में से दो पकड़े गए

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिगराम गर्ग और उसके एक साथी को छतरपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शालिगराम समेत 4 लोगों पर जमीन विवाद में मोतीलाल कुशवाहा नाम के युवक को गोली मारने का आरोप है। मामला राजनगर में गौशाला के पीछे की जमीन के विवाद से जुड़ा है। पुलिस ने शालिगराम और अंकित मिश्रा को बुधवार शाम को गिरफ्तार किया है जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं। घायल मोतीलाल कुशवाहा राजनगर थाना इलाके के कोड़ा गांव का रहने वाला है। उसे मंगलवार को गोली लगने के बाद गंभीर हालत में छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मोतीलाल ने पुलिस को बताया था- शालिगराम गर्ग मेरी जमीन छीनना चाहते हैं। वे सतीश सिंह घोष, तुलसी मिश्रा, अंकित मिश्रा, आशीष और दूसरे साथियों के साथ मंगलवार सुबह मेरे घर पहुंचे। मुझे घर से बाहर खींच लाए। सभी ने लाठी-डंडों से हमला किया। इसके बाद शालिगराम ने तीन-चार राउंड फायर किया। एक गोली मेरे सीने में लगी। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें शालिगराम और उसके साथी भागते दिख रहे हैं। घायल युवक के परिजन उनका पीछा कर रहे हैं। वीडियो के एक फ्रेम में शालिगराम के हाथ में हथियार दिख रहा है। वकील ने आरोप लगाते हुए जारी किया था वीडियो बुधवार सुबह स्थानीय वकील बृज किशोर पांडे ने फेसबुक पोस्ट और वीडियो जारी किया था। उन्होंने वीडियो में शालिगराम से जमीन विवाद होने की बात कही थी। दावा किया कि इसकी सूचना पहले ही राजनगर थाना प्रभारी को देकर घटना की आशंका जताई थी। कहा था- सहयोगी को पीटा, फिर गोली मार दी बृज किशोर पांडे ने कहा कि मंगलवार सुबह शालिगराम गर्ग और अन्य लोग उन्हें तलाशते हुए कोंड़ा गांव स्थित उनके घर पहुंचे थे। उस समय वे दिल्ली में थे। जब वे नहीं मिले तो गांव में उनके सहयोगी मोतीलाल कुशवाहा से मारपीट की गई। उन्हें गोली मार दी गई। जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पहुंचे थे आरोपी पांडे ने कहा- खसरा नंबर 683 की जमीन मेरे पिता आशाराम पांडेय के नाम दर्ज है। 17 जून 2026 को बुवाई के लिए ट्रैक्टर से जुताई कराई गई थी। इसके बाद शालिगराम गर्ग, उनके भाई लोकेश गर्ग, अखिलेश गर्ग और अन्य लोग जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पहुंचे। उन्होंने रात में ट्रैक्टर से मिट्टी डालकर गड्ढे और टीले बनाए। जबरन बाउंड्री बनाना शुरू कर दिया। इस मामले में 14 अप्रैल 2026 को लिखित शिकायत और ऑनलाइन ई-एफआईआर नंबर 921318048260004 की गई थी, लेकिन प्रशासन ने न एफआईआर दर्ज की और न आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं कि जमीन पर कब्जा करके रहेंगे। प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पांडे ने आशंका जताई है कि यदि उनके या परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। एडवोकेट पांडे बोले- जबरन जमीन हड़पना चाह रहे एडवोकेट बृज किशोर पांडे ने दैनिक भास्कर को फोन पर बताया कि उनका गांव कोड़ा, धीरेंद्र शास्त्री के गांव गढ़ा से करीब 3 किलोमीटर दूर है। बागेश्वर धाम की ‘बागेश्वर जन सेवा समिति’ की गौशाला के पीछे उनके परिवार के पांच सदस्यों- आशाराम पांडे, शोभाराम पांडे, ममता पांडे, टीकाराम पांडे और रामबहादुर पांडे के नाम करीब 15 एकड़ जमीन दर्ज है। पांडे का कहना है कि उन्हें कई बार बागेश्वर धाम बुलाकर जमीन बेचने के लिए कहा गया, लेकिन परिवार ने इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें धमकियां मिलने लगीं। उनका यह भी दावा है कि कोड़ा गांव में गौशाला, कैंसर अस्पताल और अन्य निर्माण कार्यों के चलते आसपास की जमीनें हासिल करने की कोशिश की जा रही है। घायल बोला- शालिगराम ने घर पहुंचकर गोली मारी गोली लगने से घायल मोतीलाल कुशवाहा ने आरोप लगाया कि 14 जुलाई की दोपहर करीब एक बजे शालिगराम गर्ग अपने साथियों के साथ घर पहुंचा और जमीन विवाद को लेकर मारपीट की। इसके बाद चार राउंड फायरिंग की। एक गोली मोतीलाल के कान को छूते हुए निकल गई जबकि दूसरी गोली पसली में लगी। परिजन ने उन्हें छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर पसली में फंसी गोली निकाल दी। देर रात उन्हें ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हमला करने वालों ने भी वीडियो जारी कर लगाया आरोप वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से तुलसी मिश्रा ने इन आरोपों का खंडन किया। उनका कहना है कि वे गांव के रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान मोतीलाल कुशवाहा और उनके परिजन ने पुराने जमीन विवाद को लेकर उन पर हमला कर दिया, जिसमें उन्हें भी चोटें आईं। धीरेंद्र शास्त्री बोले- हमारा कोई संबंध नहीं मामला सामने आने के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान आया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से उनका अपने भाई शालिगराम गर्ग से कोई संबंध नहीं है। मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… युवक बोला- धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने पीटा, गोली मारी छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिगराम गर्ग पर एक युवक को गोली मारने का आरोप लगा है। गोली युवक के सीने में लगी और पसलियों में जा फंसी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकाली। पढ़ें पूरी खबर…

श्रीगंगानगर में डेरा विवाद, दीवाली नाथ पर कब्जे के आरोप:पूर्व सरपंच बोलीं- महंत ने हरे पेड़ कटवाए, दीवार तोड़ी; कार्रवाई नहीं हुई तो धरना देंगे

श्रीगंगानगर जिले के मुकलावा में स्थित शिव मंदिर डेरा बारुनाथ में संचालक दीवाली नाथ पर हरे पेड़ कटवाने और अवैध कब्जे करने के आरोप लगे हैं। महंतों व ग्रामीणों ने डेरे को दीवाली नाथ से मुक्त करवाने की मांग की है। पूर्व सरपंच शकुंतला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रायसिंहनगर एसडीएम पूनम चंद को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पूजा-अर्चना के लिए लगाए गए हरे पेड़ों को दीवाली नाथ ने कटवा दिया है। साथ ही डेरे की चारदीवारी भी तोड़ दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दीवाली नाथ ने डेरे पर अवैध कब्जा जमा रखा है। ऐसे में महंत जीतनाथ को कब्जा दिलाने की मांग की जा रही है।

मुकलावा की पूर्व सरपंच शकुंतला ने कहा- दो साल पहले जीतनाथ जी ने ही दिवाली नाथ को यहां बिठाया था। अब वही यहां कब्जा जमाए बैठे हैं। हमारे सामने दिवाली नाथ की कई गलतियां भी आई हैं। हमने एसडीएम को पूरी जानकारी दी है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अगर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं होती तो हम मजबूरन विरोध-प्रदर्शन और धरना करेंगे।

बीकानेर से लापता 10 साल का बच्चा पाली में मिला:CCTV और ट्रेन लोकेशन से 3 घंटे तलाश के बाद पुलिस ने सकुशल परिजनों को सौंपा

बीकानेर से एक 10 साल का बच्चा लापता हो गया। घर से कॉपी और किताब लेने की बात कहकर साथ में पानी की बोतल लेकर निकला था। काफी देर तक घर नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई और तलाश शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि लड़का बीकानेर से रवाना हुई तिरुवनंतपुरम नॉर्थ एक्सप्रेस में सवार होकर पाली रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात को उतर गया। सूचना मिलते ही अभय कमांड सेंटर की टीम सक्रिय हो गई। एप की मदद से ट्रेन की लोकेशन देखी टीम ने ऐप की मदद से ट्रेन की लोकेशन और पाली रेलवे स्टेशन पहुंचने का समय पता किया। इसके बाद रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित सुभाष सर्किल के CCTV कैमरे खंगाले गए। जिनमें बच्चा स्टेशन से बाहर निकलता दिखाई दिया। कुछ देर इधर-उधर घूमने के बाद वह दोबारा रेलवे स्टेशन के अंदर चला गया। पुलिस ने दोबारा ट्रेन और रेलवे गतिविधियों का मिलान किया तो पता चला कि उस समय स्टेशन से कोई अन्य ट्रेन रवाना नहीं हुई थी। इससे स्पष्ट हो गया कि बच्चा पाली में ही मौजूद है। लगातार ट्रैक करने के बाद बच्चे की लोकेशन मिली इसके बाद सीसीटीवी फुटेज की कड़ी जोड़ते हुए रेलवे स्टेशन, सुभाष सर्किल और सदर थाना बाईपास क्षेत्र के कैमरों के जरिए उसकी गतिविधियों को लगातार ट्रैक किया गया। आखिरकार बच्चे की लोकेशन सदर थाना क्षेत्र में मिली। वायरलेस संदेश के माध्यम से सदर थाना पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद बच्चे को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया। परिजनों को तत्काल सूचना देकर बुलाया गया और आवश्यक कानूनी एवं कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बच्चे को सौंपा गया। बच्चे का देख भावुक हुए परिजन अपने बच्चे को सकुशल वापस पाकर परिजन भावुक हो गए। उन्होंने राजस्थान पुलिस और अभय कमांड सेंटर की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी दक्षता और सतर्कता की सराहना की। अभय कमांड निगरानी टीम के हेड कांस्टेबल प्रेमप्रकाश, कांस्टेबल रामाराम चौधरी और कम्पनी के सहयोगी टीम ने करीब तीन घंटे तक सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए बच्चे को ढूंढा। अकेला देखा तो थाने ले गए पुलिसकर्मी लड़का रेलवे स्टेशन से रवाना होकर पैदल-पैदल शहीद उद्यान तक पहुंच गया। और गार्डन में बैठ गया। उधर से गुजर रहे एक पुलिसकर्मी की नजर उस पर पड़ी तो बच्चे को अकेला देख उसने उससे बात की। और फिर सदर थाने ले गया।

जेवर-नकदी के साथ भगवान के आभूषण भी ले उड़े चोर:दीवार फांदकर घर में घुसे, सीसीटीवी में दिखा आरोपी

उदयपुर जिले के फतहनगर कस्बे में चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और घर के मंदिर में रखी धार्मिक सामग्री तक चोरी कर ली। पूरी वारदात घर में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसमें चोरों को दीवार फांदकर घर में घुसते देखा गया। घटना 13 जुलाई की रात करीब 2 बजे जवाहर नगर कॉलोनी में पोस्ट ऑफिस के पीछे स्थित एक मकान की है। चोर घर में घुसकर अलमारी और पूजन स्थल में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर फरार हो गए। घटना 13 जुलाई रात की है। चोर फतहनगर के जवाहर नगर कॉलोनी स्थित पोस्ट ऑफिस के पीछे स्थित घर में घुसा। वहां से सोने-चांदी के आभूषण, धार्मिक पूजन सामग्री, नकदी और पुराने सिक्कों सहित लाखों रुपए का सामान चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान में चांदी की महादेव जलहरी (नाग सहित), ठाकुरजी की जलधारी, सोने की चेन और अंगूठी, चांदी की चेन व बिछुड़ियां, लक्ष्मी पूजन के चांदी के सिक्के, पुरानी चांदी की अंगूठियां, पीतल की गणेश प्रतिमाएं, ठाकुरजी की बांसुरी, एक और दो रुपए के पुराने व दुर्लभ सिक्के, करीब 4 हजार रुपए के सिक्के और करीब 2 हजार रुपए की नकदी शामिल है। पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है। देखिए वारदात के PHOTOS…

वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस ने यूक्रेन को मिसाइल निर्माण की मंजूरी दी: यूक्रेन में ही बनेंगी क्रूज मिसाइल, इंटरसेप्टर और ग्लाइड बम

नेपाल की काठमांडू जिला अदालत ने फर्जी भूटानी शरणार्थी घोटाले में दो पूर्व केंद्रीय मंत्रियों समेत 16 लोगों को दोषी ठहराते हुए जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री टोप बहादुर रायमाझी को चार साल और पूर्व गृह मंत्री बालकृष्ण खांड को दो साल की जेल की सजा सुनाई। दोनों पर नेपाली नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भूटानी शरणार्थी बताकर अमेरिका में पुनर्वास दिलाने की साजिश रचने का आरोप था। रायमाझी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि खांड जमानत पर बाहर हैं। दोनों पहले अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर चुके हैं। उनके वकीलों ने कहा है कि फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी। अदालत ने गृह मंत्रालय के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और एक पूर्व भूटानी शरणार्थी नेता समेत 14 अन्य लोगों को भी दोषी ठहराते हुए चार साल तक की सजा सुनाई है। यह घोटाला 2023 में सामने आया था। नेपाल में 1990 के दशक की शुरुआत से नेपाली मूल के करीब 1.20 लाख लोग भूटान से विस्थापित होकर पहुंचे थे। बाद में पुनर्वास कार्यक्रम के तहत लगभग 1.13 लाख शरणार्थियों को अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में बसाया गया।
अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… फ्रांस ने यूक्रेन को मिसाइल निर्माण की मंजूरी दी: यूक्रेन में ही बनेंगी क्रूज मिसाइल, इंटरसेप्टर और ग्लाइड बम फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि यूक्रेन को उसकी अपनी जमीन पर मिसाइल और बम बनाने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। पेरिस में आयोजित ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस फैसले से यूक्रेन की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हथियारों का निर्माण तेजी से हो सकेगा। नए लाइसेंसिंग समझौतों के तहत यूक्रेन एस्टर-30 एयर डिफेंस इंटरसेप्टर, एएएसएम ग्लाइड बम और स्कैल्प -ईजी क्रूज मिसाइल का स्थानीय स्तर पर निर्माण करेगा। मैक्रों ने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में फ्रांस और इटली यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस बैटरियां और इंटरसेप्टर उपलब्ध कराएंगे। वहीं, 16 राफेल लड़ाकू विमान 2028-29 तक यूक्रेन को मिलने की उम्मीद है। ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ फ्रांस और ब्रिटेन की अगुआई वाला देशों का समूह है, जो यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर काम कर रहा है। रूस ने इस पहल का विरोध किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसे “युद्ध को आगे बढ़ाने वाले देशों का गठबंधन” बताया। वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने आरोप लगाया कि नाटो सदस्य देश यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य तकनीकों के परीक्षण केंद्र में बदल रहे हैं। बुल्गारिया ने यूक्रेन समर्थक गठबंधन से बनाई दूरी: PM बोले- युद्ध नहीं, कूटनीति से निकलेगा हल बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनका देश यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने वाले पश्चिमी देशों के गठबंधन का हिस्सा नहीं है। फ्रांस में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि मजबूत कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जाना चाहिए। रादेव ने कहा कि बुल्गारिया यूक्रेन को इस तरह की अतिरिक्त सैन्य सहायता नहीं देता क्योंकि इससे संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता तनाव कम करने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि बुल्गारिया यूक्रेन को अब तक 13 सैन्य सहायता पैकेज दे चुका है और उसके पास आगे भेजने के लिए अतिरिक्त सैन्य सामग्री नहीं बची है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया नाटो शिखर सम्मेलन में स्लोवाकिया, हंगरी और चेक गणराज्य सहित कुछ देशों ने अमेरिका के नेतृत्व वाले लगभग 70 अरब यूरो (करीब 80 अरब डॉलर) के नए सैन्य सहायता पैकेज में शामिल होने से इनकार कर दिया। चुनाव में वोटरों को लाखों डॉलर के चेक देना मस्क को पड़ सकता है भारी; आपराधिक जांच की सिफारिश
अमेरिका के विस्कॉन्सिन इलेक्शंस कमीशन ने प्रारंभिक तौर पर माना है कि अरबपति कारोबारी इलॉन मस्क ने 2025 के राज्य सुप्रीम कोर्ट चुनाव से पहले मतदाताओं को 10 लाख डॉलर के चेक देकर चुनावी रिश्वत संबंधी कानून का उल्लंघन किया हो सकता है। आयोग ने मामले को ब्राउन काउंटी के जिला अटॉर्नी के पास आपराधिक जांच के लिए भेज दिया है। अभियोजन पक्ष को अब 40 दिनों के भीतर तय करना होगा कि मस्क के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए या नहीं। आयोग ने पिछले सप्ताह मिली दो शिकायतों को 5-1 के बहुमत से आगे बढ़ाने का फैसला किया। प्रस्ताव में कहा गया कि मस्क ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मतदान करने वाले लोगों को 10 लाख डॉलर देने की पेशकश की, जिससे मतदाताओं को चुनाव में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जा सके। 2025 के विस्कॉन्सिन सुप्रीम कोर्ट चुनाव में मस्क ने रिपब्लिकन समर्थित उम्मीदवार ब्रैड शिमेल के समर्थन में कम से कम 2 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। हालांकि शिमेल को डेमोक्रेट समर्थित सुसान क्रॉफर्ड से 10 प्रतिशत अंकों के अंतर से हार मिली। यह चुनाव 10 करोड़ डॉलर से अधिक खर्च के साथ अमेरिकी इतिहास का सबसे महंगा न्यायिक चुनाव माना गया। मस्क के खिलाफ पहले से एक अलग दीवानी मुकदमा भी लंबित है, जिसमें उन पर वोट खरीदने, अवैध लॉटरी चलाने और चुनावी कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने रिपब्लिकन सीनेटर ने ट्रम्प के समर्थन में बिल पेश किया
अमेरिका में रिपब्लिकन सीनेटर जिम बैंक्स ने जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने के लिए नया विधेयक पेश किया है। प्रस्ताव में अवैध प्रवासियों को “आक्रमणकारी” बताते हुए उनके अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वत: नागरिकता देने की व्यवस्था खत्म करने की मांग की गई है। यह पहल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्त आव्रजन नीति को कानूनी आधार देने की दिशा में नया प्रयास मानी जा रही है। राष्ट्रपति पद पर लौटने के बाद ट्रम्प ने कार्यकारी आदेश जारी कर अवैध या अस्थायी रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों के यहां जन्म लेने वाले बच्चों की स्वत: नागरिकता समाप्त करने की कोशिश की थी। हालांकि, जून के अंत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को असंवैधानिक करार दिया था। जिम बैंक्स ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अमेरिकी संप्रभुता पर अभूतपूर्व हमला है और देश की सुरक्षा के लिए अवैध प्रवासियों द्वारा आव्रजन व्यवस्था के कथित दुरुपयोग को रोकना जरूरी है। इस मुद्दे पर अन्य रिपब्लिकन सांसद भी सक्रिय हैं। टेनेसी के प्रतिनिधि एंडी ओगल्स जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने के लिए अलग विधेयक पेश कर चुके हैं। वहीं, साउथ कैरोलिना के सीनेटर टिम स्कॉट ने “बर्थ टूरिज्म” पर रोक लगाने के लिए प्रस्ताव रखा है, ताकि विदेशी नागरिक केवल बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका न आ सकें।

चोरी की वारदात में शामिल मां बेटे सहित 3 गिरफ्तार:दिन में रेकी के बाद रात को चोरी करते थे, मां चोरी के गहने बेचने में मदद करती थी

भीलवाड़ा की भीमगंज थाना पुलिस ने चोरी और नकबजनी की वारदात का खुलासा करते हुए। मां-बेटे और एक युवक को गिरफ्तार किया है। इन्होंने पूछताछ में भीमगंज और मांडलगढ़ थाना क्षेत्र में चोरी की दो-दो वारदात करना कबूल किया है। दरसअल, 29 जून को बालमुकुंद छीपा ने एक रिपोर्ट दी थी। जिसमे उन्होंने बताया कि 26 जून को वो अपने परिवार के साथ उज्जैन यात्रा पर गए हुए थे। इस दौरान पड़ोसियों से पता चला कि 27 जून को की रात को 12:30 बजे के आसपास अज्ञात चोर चोरी कर घर में रखा कैश और सोने चांदी के जेवर चुरा ले गए। सीसीटीवी की मदद से आरोपियों को पकड़ा थानाधिकारी सुनील चौधरी ने बताया- रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एक टीम का गठन किया गया। इस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक किए बीटीएस और संदिग्ध नंबरों की सीडीआर निकाल कर उनका डिटेल इन्वेस्टिगेशन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा की फुटेज के आधार पर दिन और रात में बिना नंबरी बाइक पर मुंह पर कपड़ा बांधकर घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों को चेक किया। अजमेर डीएसटी की मदद से साहिल को पकड़ा इसके बाद पुलिस ने मोहसिन उर्फ टिंचू, मोहम्मद साहिल उर्फ टूटीया और उसकी मां सलमा बानो को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले मोहम्मद साहिल मुंबई भागने की फिराक में था पुलिस ने उसे अजमेर डीएसटी की सहायता से अजमेर से गिरफ्तार किया। दिन के समय में रेकी करते थे गिरफ्तार महिला सलमा बानो मोहम्मद साहिल की मां है और गहने बेचने में उसका सहयोग करती थी। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने बताया- ये लोग दिन के समय रेकी कर उन मकानों को अपना निशाना बना देते हैं। जिनके बाहर ताला लगा हुआ रहता था। गिरफ्तार आरोपी मोहसिन के खिलाफ भीलवाड़ा चित्तौड़गढ़ और मांडलगढ़ में 10 जबकि की मोहम्मद साहिल के खिलाफ कोतवाली में एक मामला दर्ज है। ये रहे टीम में शामिल आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी, आरपीएफ अजमेर थाना प्रभारी राजेंद्र चौधरी, एस आई राजकुमार मीणा, कांस्टेबल सीताराम , सुरेंद्र , हेड कांस्टेबल भंवरलाल , कांस्टेबल रामनिवास एएसआई सत्यनारायण, कांस्टेबल राधेश्याम, हेड कांस्टेबल उमराव ,मोतीराम कांस्टेबल, सौरभ, राजेश, भागचंद और पुरण शामिल रहे ।

जैसलमेर में उमस से राहत नहीं:सुबह चली ठंडी हवाएं, तेज धूप से बढ़ेगी बेचैनी; 4 दिन बारिश के आसार नहीं

जैसलमेर में मानसून की सुस्ती के बीच बुधवार को भी मौसम का मिला-जुला मिजाज बना हुआ है। सुबह ठंडी हवाएं चलने और आसमान में हल्के बादल छाए रहने से मौसम सुहावना रहा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ तेज धूप और उमस लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। मौसम विभाग के मुताबिक जिले में अगले चार दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। सुबह ठंडी हवाएं चलीं, दिन में बढ़ेगी उमस बुधवार सुबह जैसलमेर में ठंडी हवाएं चलीं और आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही बनी रही। इससे सुबह के समय मौसम राहतभरा रहा, लेकिन बारिश नहीं होने और हवा में नमी बनी रहने से दिन में उमस और बेचैनी बढ़ने के आसार हैं। अगले चार दिन बारिश के कोई संकेत नहीं मौसम विभाग के अनुसार जैसलमेर और आसपास के इलाकों में अगले चार दिनों तक मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा। बीच-बीच में हल्के बादल जरूर दिखाई देंगे, लेकिन बारिश की संभावना शून्य प्रतिशत है। ऐसे में लोगों को फिलहाल उमस से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। बारिश नहीं होने से किसान परेशान जुलाई का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन थार में अब तक अच्छी मानसूनी बारिश नहीं हुई है। जैसलमेर और सीमावर्ती क्षेत्रों की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर रहती है। जिन किसानों ने खरीफ की बुआई कर दी है, उनकी चिंता बढ़ने लगी है। आसमान में बादल तो आ रहे हैं, लेकिन बिना बरसे लौट जा रहे हैं। अगर अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खेतों में खड़ी फसलों पर संकट गहरा सकता है।

डूंगरपुर के डॉक्टर की अमेरिका से मेक्सिको जाते समय मौत:क्रूज पर हार्ट अटैक से तोड़ा दम, पत्नी के साथ घूमने गए थे

डूंगरपुर के आर्थोपेडिक डॉक्टर अनिल बनवीर की मंगलवार को अमेरिका से मेक्सिको के बीच क्रूज पर मौत हो गई। वे अपनी डॉक्टर पत्नी के साथ घूमने के लिए गए थे। क्रूज से दोनों अमेरिका से मेक्सिको जा रहे थे। अचानक हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। उन्होंने कईं सालों तक डूंगरपुर और सागवाड़ा के सरकारी अस्पताल में मरीजों की सेवाएं दी। रिटायरमेंट के बाद भी वे एक निजी अस्पताल में मरीजों को देखते थे। डॉ. बनवीर की मौत के बाद डूंगरपुर में शोक की लहर है। समुद्र के बीच क्रूज पर हुई मौत
डूंगरपुर के जाने माने आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. अनिल बनवीर (75) और उनकी पत्नी डॉ. निशा बनवीर दोनों ही 9 जुलाई से घूमने के लिए विदेश गए थे। मंगलवार को वे और उनकी पत्नी दोनों ही क्रूज से अमेरिका से मेक्सिको जा रहे थे। समुद्र के बीच में ही उनकी हृदय गति रुक गई। क्रूज पर डॉक्टरों ने जांच भी की, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थीं। रिटायरमेंट के बाद भी निजी अस्पताल में दे रहे थे सेवाएं
ये खबर डूंगरपुर आई तो चिकित्सा महकमे के साथ ही उनसे इलाज ले रहे मरीजों और लोगों में शोक की लहर छा गई। उन्होंने कई सालों तक डूंगरपुर जिला अस्पताल और फिर सागवाड़ा अस्पताल में मरीजों का इलाज किया। वे प्रमुख चिकित्सा अधिकारी भी रहे। 13 साल पहले रिटायरमेंट के बाद भी वे निजी अस्पताल में मरीजों को देख रहे थे। बेटा-बहू भी लंदन में है डॉक्टर
उनका बेटा डॉ. सौमित्र बनवीर और बहू डॉ. उपासना बनवीर भी लंदन में डॉक्टर है। जबकि बेटी शौकिता ठाकुर अपने पति कुणाल ठाकुर के साथ कनाडा में रहती है। बेटा और बेटी दोनों के ही विदेशों में होने से उनका अंतिम संस्कार कहा होगा ये अभी जानकारी नहीं मिल सकी है।
डूंगरपुर जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. कांतिलाल मेघवाल ने बताया कि उनकी मौत से चिकित्सा से जुड़े तमाम लोगों में शोक की लहर है। भारत विकास परिषद तिलक शाखा के अध्यक्ष मुकेश श्रीमाल ने भी डॉ. बनवीर के निधन पर शोक जताया है 20 हजार से ज्यादा ऑपरेशन किए थे
डॉ. बनवीर ने पोलियो करेक्शन के 20 हजार से ज्यादा ऑपरेशन किए थे। इस कारण कई दिव्यांग फिर चलने फिरने लगे थे। वे आर्थोपेडिक डॉक्टर होने के साथ ही समाजसेवा के कामों में भी जुड़े रहे। वे नारायण सेवा संस्थान, महावीर इंटरनेशनल जैसी स्वयंसेवी संस्थाओं से भी जुड़े थे। उन्होंने डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सागवाड़ा और कई जगहों पर पोलियो करेक्शन के करीब 20 हजार से ज्यादा ऑपरेशन भी किए। इससे जन्मजात चलने फिरने की परेशानी से जूझ रहे लोग फिर से चलने लगे।

जयपुर में रिमोट कंट्रोल वाले रथ पर निकलेंगे जगन्नाथ जी:उदयपुर में 95KG चांदी से सजा; अलवर में 196 साल पुराना भगवान का इंद्र विमान

राजस्थान में भगवान जगन्नाथ के रथयात्राओं की तैयारियां पूरी हो गई हैं। बड़े आयोजन जयपुर, उदयपुर और अलवर में होंगे। जयपुर में 16 जुलाई को तीन प्रमुख रथयात्राएं निकाली जाएंगी। इनमें, पहली रथयात्राया गोविंददेवजी मंदिर की 250 साल पुरानी पारंपरिक यात्रा है। दूसरी, श्री जगन्नाथ सेवक समिति की पुरी की तर्ज पर आयोजित भव्य रथयात्रा है। तीसरी, गुप्त वृंदावन धाम आधुनिक हाइड्रोलिक रथ पर निकलने वाली शोभायात्रा है। वहीं, उदयपुर में भगवान जगन्नाथ स्वामी चांदी के रजत रथ पर माता लक्ष्मी और दानीराय जी के साथ विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस रथ का कुल वजन 95 किलो है। अलवर शहर में 22 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। भगवान 196 साल पुराने इंद्र विमान पर विराजमान होकर विवाह करने निकलेंगे। रथयात्राओं के दौरान इन शहरों में ट्रैफिक भी डायवर्ट रहेगा। इस रिपोर्ट में पढ़िए- रथयात्राओं का आकर्षण और उनका विशेष रूट क्या रहेगा? 1. गोविंददेवजी मंदिर में 250 साल पुरानी परंपरा निभाई जाएगी जयपुर में 16 जुलाई को सुबह 6 बजे गोविंददेवजी मंदिर में रथयात्रा महोत्सव की शुरुआत होगी। करीब 250 साल पुराने तीन से चार फीट ऊंचे चांदी के रथ में विराजमान कर मंदिर परिसर की चार परिक्रमा कराई जाएगी। इसके बाद मंदिर की टीम भरतपुर जिले के कामां के लिए रवाना होगी, जहां शाम 4 बजे भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। कामां में काष्ठ से निर्मित भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा के साथ रथयात्रा निकलेगी। 2. जगन्नाथ सेवक समिति की रथ यात्रा गोविंददेवजी मंदिर से निकलेगी जयपुर में 16 जुलाई को ही शाम 5 बजे श्री जगन्नाथ सेवक समिति की ओर से रथयात्रा गोविंददेवजी मंदिर से रवाना होगी। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा दिव्य रथ पर सवार होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। समिति ने इस साल आयोजन के लिए करीब 30 लाख रुपए का बजट मंजूर किया है। 29 जून से शुरू हुए उत्सव, 27 जुलाई तक चलेंगे समिति के अनुसार रथयात्रा महोत्सव की शुरुआत स्नान पूर्णिमा से हो चुकी है। यह धार्मिक आयोजन 27 जुलाई तक जारी रहेगा। जयपुर में भगवान जगन्नाथ से जुड़े अधिकांश उत्सव पुरी की परंपरा के अनुसार मनाए जाते हैं। गोवर्धन मठ की परंपरा पर होगी कथा नौ दिवसीय महोत्सव के दौरान गोवर्धन मठ, पुरी की शंकराचार्य परंपरा से जुड़े संत शिवमणि त्रिपाठी महाराज श्रद्धालुओं को भगवान जगन्नाथ की महिमा, रथयात्रा के आध्यात्मिक महत्व और सनातन संस्कृति पर आधारित कथा सुनाएंगे। 3. गुप्त वृंदावन धाम निकालेगा हाइड्रोलिक रथयात्रा जयपुर के गुप्त वृंदावन धाम की ओर से भी 16 जुलाई की शाम 5.30 बजे भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा विशेष रिमोट आधारित हाइड्रोलिक रथ पर विराजमान होंगे। रथ को पुरी की परंपरा के अनुसार लाल और पीले वस्त्रों से सजाया गया है। रथ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बिजली के तारों से बचाने के लिए इसकी ऊंचाई जरूरत के अनुसार कम और ज्यादा की जा सकेगी। एक दिन पहले होगी मंदिर मार्जन सेवा धाम के अध्यक्ष अमितासना दास ने बताया कि भगवान कृष्ण के वृंदावनवासियों के प्रति प्रेम की स्मृति में यह रथयात्रा निकाली जाती है। मान्यता है कि रथ पर विराजमान भगवान के दर्शन और रथ खींचने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। 4. उदयपुर में चांदी के रथ पर सवार होंगे उदयपुर में 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा निकाली जाएगी। जो दोपहर 3 बजे शुरू होगी। इस बार भी रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ स्वामी चांदी के रथ पर माता लक्ष्मी और दानीराय जी के साथ विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस रथ का कुल वजन 95 किलो है। भगवान के स्वागत के लिए पूरे रथयात्रा मार्ग और श्रद्धालुओं के घरों की छतों पर 11 हजार ध्वजा-पताकाएं (झंडे) लगाई जाएंगी। रथयात्रा में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी। इसके साथ ही पांच अलग-अलग बैंड, भजन मंडलियां, ऊंट-घोड़े और शाही लवाजमा इस यात्रा की शोभा बढ़ाएंगे। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगलगीत गाते हुए शामिल होंगी, जबकि श्रद्धालु भक्त संगीत और जयघोष के बीच नृत्य करते हुए नजर आएंगे। 10 हजार श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी का इंतजाम रथयात्रा में शामिल होने वाले भक्तों के लिए बड़े पैमाने पर भोजन और प्रसादी की व्यवस्था की गई है। आसींद की हवेली पार्किंग में जगन्नाथ अन्न क्षेत्र मानव समिति की तरफ से करीब 10 हजार श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी (भोजन) का इंतजाम रहेगा। 5. अलवर में 196 साल पुराना है भगवान का विमान अलवर में 22 जुलाई को सुभाष चौक स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा निकाली जाएगी। मंदिर के महंत पंडित पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि रथयात्रा में श्रद्धालु भगवान के बाराती बनकर शामिल होंगे। यात्रा में हरियाणा का प्रसिद्ध बमरसिया नृत्य, पांच शंखवादक, 16 सदस्यीय घड़ियाल पार्टी, करतब दिखाते पट्टेबाज, ऊंट-घोड़े, बैंड, पुलिस बैंड, ताशा पार्टी, शहनाई वादन, प्याऊ तथा आकर्षक धार्मिक झांकियां शामिल रहेंगी। 196 साल पुराने इंद्र विमान पर विराजमान होकर जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा निकाली जाएगी। दुबई से आए कपड़े की पोशाक धारण करेंगे भगवान महंत ने बताया कि दुबई निवासी एक श्रद्धालु हर साल भगवान श्री जगन्नाथ के लिए विशेष पोशाक भेजते हैं। इस बार भी दुबई से कपड़ा भेजा गया है, जिससे जयपुर में भगवान की पोशाक तैयार की जा रही है। भगवान के लिए विदशों से इत्र भी भेजे गए हैं।

बिहारीजी मंदिर से 20 हजार रुपए चोरी:पीछे के रास्ते घुसे, दानपात्र तोड़कर चुरा ली नकदी

किशनगढ़बास कस्बे के ऐतिहासिक किले में स्थित प्राचीन बिहारीजी मंदिर से अज्ञात चोरों ने दानपात्र तोड़कर करीब 20 हजार रुपए नकद चुरा लिए। सोमवार शाम भजन-कीर्तन के दौरान चोरी का खुलासा हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पिछले रास्ते से घुसे चोर
मंदिर के महंत विनोद मिश्रा ने बताया कि चोर मंदिर के पिछले रास्ते से अंदर घुसे और दानपात्र को निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई को मंदिर परिसर में एक भंडारे का आयोजन हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया था। इसी कारण दानपात्र में अच्छी-खासी राशि जमा हो गई थी। मुड़े हुए पतरे पर पड़ी श्रद्धालु की नजर
सोमवार शाम पूजा-अर्चना के बाद महंत श्रद्धालुओं के साथ भजन-कीर्तन कर रहे थे। इसी दौरान श्रद्धालु नरेश की नजर दानपात्र पर पड़ी। उन्होंने देखा कि दानपात्र का लोहे का पतरा मुड़ा हुआ था। करीब से जांच करने पर दानपात्र से करीब 20 हजार रुपए नकद गायब मिले। चोरी की जानकारी मिलते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलने पर किशनगढ़बास थाने के सहायक उप निरीक्षक होशियार सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और मंदिर से जुड़े लोगों तथा आसपास के निवासियों से पूछताछ की। महंत विनोद मिश्रा की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
महंत विनोद मिश्रा ने बताया कि किले में स्थित बिहारीजी मंदिर एक ऐतिहासिक और प्राचीन स्थल है। इसका निर्माण किले के साथ तत्कालीन महाराजा द्वारा कराया गया था। यह मंदिर कस्बे और आसपास के क्षेत्रों के हजारों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। श्रद्धालुओं ने की जल्द गिरफ्तारी की मांग
चोरी की घटना की जानकारी मिलते ही राकेश नरूका, अनिल राठौड़, संदीप वलेचा (राजा), मदन पाटनिया, विजय बत्रा, मोहन और नरेश डिंपल सहित कई श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा की और पुलिस से जल्द से जल्द मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।