हाईकोर्ट ने जैसलमेर दरगाह मामले में सरकार से मांगा जवाब:ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ लगी थी याचिका, अब 29 जून को होगी अगली सुनवाई

राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर जिले के रामगढ़ स्थित पीर मोहम्मद शाह जिलानी दरगाह को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। दरगाह के ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं। सरकार ने जवाब पेश करने के लिए हाईकोर्ट से समय मांगा है। अवकाशकालीन पीठ के न्यायाधीश जस्टिस बलजिंदरसिंह संधू ने मामले की अगली सुनवाई 29 जून को निर्धारित की है। पीठ ने याचिकाकर्ता को नोटिस का जवाब देने की स्वतंत्रता भी प्रदान की है। या​चिका में कहा-200 साल पुरानी दरगाह याचिका में बताया गया है कि यह दरगाह करीब 200 साल पुरानी है और लंबे समय से धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रही है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और हर साल आयोजित होने वाले उर्स कार्यक्रम को भी स्थानीय प्रशासन अनुमति देता रहा है। याचिकाकर्ता ने यह भी जानकारी दी कि दरगाह के पास स्थित कब्रिस्तान को देखते हुए ग्राम पंचायत ने 2021 में तीन बीघा भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया था, जो अब तक पेंडिंग है। सरकार ने जवाब के लिए समय मांगा दरगाह समिति का आरोप है कि जून 2026 में सीमा क्षेत्रों में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई के बाद जारी किया गया। यह नोटिस सुप्रीम कोर्ट द्वारा संरचनाओं के ध्वस्तीकरण संबंधी निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए न्यायालय से समय मांगा।

बांसवाड़ा में जुल्फिकार का जुलूस-निकला, मुकामी ताजियों को दी सलामी:अकीदतमंदों ने चांदी के ताजिए चढ़ाए, हैरतअंगेज करतब दिखाए

बांसवाड़ा में मोहर्रम के अवसर पर गुरुवार रात 9वीं के मौके पर शहर में पारंपरिक जुल्फिकार का जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। नमाज-ए-इशा के बाद पृथ्वीगंज मस्जिद में सिंधीवाड़ा पंच की ओर से जुल्फिकार बांधने की रस्म अदा की गई। रस्म पूरी होने के बाद अकीदतमंदों ने मन्नतें पूरी होने पर जुल्फिकार पर चांदी से बने विभिन्न प्रतीक चढ़ाए। जुलूस में युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए, जबकि ढोल-ताशों की गूंज के बीच मातम करते हुए अकीदतमंद शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे। जुल्फिकार पर चढ़ाए चांदी के ताजिए जुल्फिकार बांधने की रस्म गोरी परिवार और सिंधीवाड़ा पंच के सदस्यों की ओर से कराई गई। इसके बाद जुल्फिकार पर चांदी के ताजिए, नींबू, हाथ, जुबान, आंखें और गुलाब के फूलों के सेहरे चढ़ाए गए। सबसे पहले पृथ्वीगंज मस्जिद स्थित मुकामी ताजिए को सलामी दी गई, जिसके बाद अकीदतमंदों ने उसकी परिक्रमा की। शहर के प्रमुख मार्गों से निकला जुलूस जुल्फिकार का जुलूस पृथ्वीगंज मस्जिद से तेलीवाड़ा, कस्टम चौराहा, पुराना बस स्टैंड, गांधी मूर्ति और पीपली चौक होते हुए जामा मस्जिद पहुंचा, जहां मुकामी ताजिए को सलामी दी गई। इसके बाद कंधारवाड़ी, मकरानीवाड़ा और गोरख इमली पहुंचकर भी मुकामी ताजियों को सलामी अर्पित की गई। देर रात पृथ्वीगंज, गोरख इमली, कंधारवाड़ी और मकरानीवाड़ा के मुकामी एवं मन्नती ताजियों का मुकाम उठाया गया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर पुनः अपने-अपने स्थानों पर पहुंचे। युवाओं ने दिखाए करतब, मस्जिदों में हुई इबादत जुलूस के दौरान मुस्लिम समाज के युवाओं ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। वहीं शहर में कई स्थानों पर सबीलें लगाकर शर्बत और पानी का वितरण किया गया। रात में मस्जिदों में कलाम-ए-पाक की तिलावत, नमाज और हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर तकरीर हुई। गुरुवार को समाज के लोगों ने 9वीं का रोजा रखा और शाम को मगरिब की अजान के साथ रोजा इफ्तार किया। मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं चांदी के प्रतीक सिंधीवाड़ा पंच के रईस भाई ने बताया कि अकीदतमंद हर वर्ष मन्नत पूरी होने पर जुल्फिकार पर चांदी के नींबू, हाथ, पैर, ताजिए, मकान, गाड़ी, लड़का, लड़की और बच्चों के झूले जैसे प्रतीक चढ़ाते हैं। दसवीं के दिन इन चांदी के प्रतीकों को उतार लिया जाता है और अगले वर्ष कम हदिए में संबंधित श्रद्धालुओं को वापस दे दिया जाता है। हुसैनी चौक निवासी सादिक खान ने मन्नत पूरी होने पर चांदी से बना लड़का चढ़ाया, जबकि राजतालाब निवासी इकबाल खान ने चांदी से बनी आंखें अर्पित कीं। खास बात यह है कि वर्षों से हिंदू समाज के लोग भी अपनी मन्नत पूरी होने पर चांदी के नींबू सहित अन्य प्रतीक चढ़ाते आ रहे हैं, जो शहर में सर्वधर्म समभाव की मिसाल माना जाता है।

खेती में पानी का संकट बढ़ा तो शुरू की नर्सरी:सालाना 20 लाख रुपए की कमाई, ताऊ से काम सीखकर बनाई पहचान

सरकारी बागवान रहे ताऊ से पेड़-पौधों और गार्डनिंग का हुनर सीखा। कम जमीन और पानी के संकट के कारण खेती के बजाय नर्सरी का रास्ता चुना। करीब 10 साल पहले दो बीघा जमीन से शुरू की गई नर्सरी आज 30 से ज्यादा वैरायटी के पौधों तक पहुंच गई है। अब सालभर में एक लाख से ज्यादा पौधे बेचकर नर्सरी और गार्डन डेवलपमेंट के काम से 20 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। खुद ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाए, लेकिन बेटे को एग्रीकल्चर के क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। किसान का मानना है कि आने वाला समय खेती और इससे जुड़े व्यवसायों का है, जिसमें युवाओं के लिए बेहतर अवसर हैं। म्हारे देस की खेती में आज बात नागौर के किसान की… नागौर के रियांबड़ी के किसान घनश्याम माली (45) ने परंपरागत खेती से अलग रास्ता चुनकर अपनी पहचान बनाई है। घनश्याम 8वीं तक पढ़े हैं, लेकिन खेती और पौधों के क्षेत्र में वर्षों का अनुभव उन्हें सफल उद्यमी बना चुका है। उनके पिता रतनालाल (70) किसान हैं। घनश्याम का एक भाई है। घनश्याम के एक बेटा और चार बेटियां हैं, जिनमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटे लक्की ने एग्रीकल्चर सब्जेक्ट से 12वीं पास की है और अब एग्रीकल्चर में बीएससी कर रहा है। घनश्याम का मानना है कि आने वाला समय कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों का है, इसलिए वे अपने बच्चों को भी इसी क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। अजमेर में ताऊ से सीखा बागवानी का काम घनश्याम माली के ताऊ सत्यनारायण अजमेर नगर परिषद में बागवान के पद पर कार्यरत थे। बचपन से ही पेड़-पौधों के बीच पले-बढ़े घनश्याम कुछ नया करना चाहते थे। इलाके में पानी की कमी के कारण खेती लगातार मुश्किल होती जा रही थी। ऐसे में वे साल 2006 में अजमेर चले गए और ताऊ के साथ रहकर बागवानी का काम सीखना शुरू किया। वहां सात साल तक उन्होंने घास लगाने, पौधों की देखभाल, गार्डन डिजाइनिंग, पेड़ों की कटिंग-छंटाई और रखरखाव जैसे काम सीखे। गार्डन डेवलप करने से शुरुआत, फिर शुरू की अपनी नर्सरी घनश्याम ने विभिन्न शहरों में गार्डन डेवलपमेंट का काम किया। इसका उन्हें 20 साल का अनुभव है। अनुभव बढ़ने के बाद करीब 10 साल पहले उन्होंने अपनी नर्सरी शुरू की। आज उनकी दो बीघा में फैली नर्सरी में 30 से ज्यादा किस्मों के फलदार, फूलदार, सजावटी और छायादार पौधे तैयार किए जाते हैं। वे कई पौधे खुद बीज और ग्राफ्टिंग तकनीक से तैयार करते हैं, जबकि कुछ विशेष किस्मों के पौधे उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पुणे (महाराष्ट्र) से मंगवाते हैं। सालभर में 1 लाख से ज्यादा पौधे बेचते हैं घनश्याम माली के अनुसार, नर्सरी से हर साल एक लाख से ज्यादा पौधे बिकते हैं। वे केवल पौधे ही नहीं बेचते, बल्कि घर, फार्म हाउस, होटल, स्कूल और सरकारी परिसरों के लिए गार्डन डेवलपमेंट का काम भी करते हैं। इसके लिए क्षेत्रफल और डिजाइन के अनुसार अलग-अलग कमाई होती है। नागौर के अलावा अजमेर, पाली, सीकर, कुचामन, बीकानेर और आसपास के कई जिलों में वे गार्डन तैयार कर चुके हैं। छोटा पौधा, बड़ी कमाई का फॉर्मूला घनश्याम बताते हैं कि नर्सरी का व्यवसाय कम जमीन में अधिक आय देने वाला काम है। उदाहरण के तौर पर पांच फीट का पौधा करीब 50 रुपए में बिक जाता है। यदि एक साथ 1000 पौधे भी बिक जाएं तो अच्छी आय हो जाती है। उनके अनुसार, फसलों की खेती में मौसम, कीट और रोगों का जोखिम बना रहता है, जबकि नर्सरी व्यवसाय में सही देखभाल के साथ नुकसान की आशंका कम रहती है। नौकरी से बेहतर है हुनर को कारोबार बनाना घनश्याम का मानना है कि जिस काम की जानकारी हो, उसे नौकरी की बजाय व्यवसाय के रूप में किया जाए तो ज्यादा सफलता मिल सकती है। वे कहते हैं कि शुरुआत से खेती और पौधों के बीच रहने के कारण यह काम उन्हें सहज लगा। इसी अनुभव को उन्होंने रोजगार में बदला और आज सालाना करीब 20 लाख रुपए तक की आय कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवा यदि आधुनिक खेती, नर्सरी और बागवानी को अपनाएं तो कम जमीन में भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इनपुट सहयोग : विशनाराम सैनी, रियांबड़ी, नागौर — खेती-किसानी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… जीएसटी अधिकारी कर रहे ऑर्गेनिक खेती, 10 लाख की कमाई:घर की छत पर उगाई सब्जियां; डार्क जोन में बनवाया 70 लाख लीटर क्षमता का तालाब बाजार में मिलने वाली ज्यादातर सब्जियां केमिकल खाद से उगाई जा रही हैं। ऐसे में आपकी थाली में शुद्ध खाना अब जरूरत भी है और चुनौती भी। पूरी खबर पढ़िए

LPG टैंकर टोल से टकराया, धमाके के बाद आग लगी:कौशांबी में ड्राइवर जिंदा जला, सिर्फ हडि्डयां बचीं; 16 बाइकें और 2 कारें जलकर राख

यूपी के कौशांबी में शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे एक LPG टैंकर बेकाबू होकर टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के बाद तेज धमाका हुआ और टैंकर में आग लग गई। हादसे में टैंकर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। उसका शव पूरी तरह जल गया और कंकाल का कुछ हिस्सा ही बरामद हो सका। वहीं, पांच टोल कर्मचारी भी झुलस गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक टैंकर पूरी तरह जल चुका था। टोल प्लाजा के यार्ड में खड़ी 16 बाइकें और दो कारें भी आग की चपेट में आकर जल गईं। आग बुझने के बाद जब टीम टैंकर के अंदर पहुंची तो चालक की हड्डियां मिलीं। इससे पहले सूचना मिली थी कि चालक टैंकर से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल हो गया है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। आग की ऊंची लपटों को देखकर टोल प्लाजा के दोनों ओर बसों और कारों की लंबी कतारें लग गईं। करीब 2 किलोमीटर दूर से धुएं का गुबार और आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। यह हादसा जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा पर हुआ। हादसे की तस्वीरें देखिए- अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए- टोल प्लाजा के यार्ड में खड़ी 16 बाइकें और 2 कारें जलीं टोल कर्मचारी संजय निर्मल ने बताया- हादसे से 10 मिनट हल्की-फुल्की बारिश हुई थी। पता नहीं अचानक क्या हुआ कि पूरी गाड़ी एकदम धड़ाम से गिर गई। उसके बाद गैस लीक होने लगी। अचानक आग भड़क गई। आग प्लाजा सटे यार्ड और टॉयलेट तक फैल गई। यार्ड में खड़ी 16 से ज्यादा बाइकें और 2 कारें जलकर राख हो गईं। यार्ड में टोल कर्मचारी अपनी गाड़ियां पार्क करते हैं। इस दौरान पास में बने टॉयलेट में बैठे सुपरवाइजर आलोक पांडे भी बुरी तरह झुलस गए हैं। एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया- कोखराज टोल प्लाजा के पास आग की सूचना मिलते ही तुरंत जिले की सभी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और सिविल पुलिस बल को मौके पर रवाना किया गया। सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक रुकवाया गया। उसके बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। ट्रैफिक को अब धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है। ———————- ये खबर भी पढ़िए-
यूपी में 48 घंटे में आएगा मानसून:32 शहरों में बारिश का अलर्ट, 38 जिलों में हीटवेव चलेगी, पारा 44°C पार यूपी में मानसून अगले 24 से 48 घंटों के अंदर एंट्री कर सकता है। मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि प्रदेश में मानसून के लिए अनुकूल मौसमी सिस्टम तैयार हो गया है। मानसून 1-2 दिनों में यानी 28 जून तक बिहार बॉर्डर से गोरखपुर-महराजगंज के रास्ते प्रदेश में एंट्री कर सकता है। 29 जून तक लखनऊ पहुंच सकता है। 1-2 जुलाई तक पूरे यूपी में छा सकता है। पूरी खबर पढ़िए

खैरथल कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर की मेरिट लिस्ट जारी:29 जून तक करवाना होगा डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन, दूसरी वेटिंग लिस्ट भी जारी

खैरथल काॅलेज में बी.ए. फर्स्ट ईयर के पहले सेमेस्टर में एडमिशन के लिए दूसरी मेरिट लिस्ट और वेटिंग लिस्ट जारी कर दी गई है। इन सूचियों में शामिल, जिन छात्रों ने अभी तक डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन और शुल्क जमा नहीं करवाया है, उन्हें 29 जून तक अपने दस्तावेज जमा करवाकर ई-मित्र पर शुल्क जमा करवाना होगा। शुल्क जमा करवा चुके विद्यार्थियों के लिए प्रवेश की दूसरी लिस्ट 30 जून को जारी की जाएगी। कक्षाएं 1 जुलाई से शुरू होंगी।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर केजरीवाल बोले- महापाप हुआ:संजय राउत ने पूछा- उद्धव की दान की चांदी की ईंट कहां गई; 8 आरोपी गिरफ्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर मचे बवाल के बीच दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को रामलला के दर्शन किए। कहा- जिन्होंने महापाप किया, उन्हें कड़ी सजा मिले। FIR दिखावा है। बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच, मामले में शिवसेना उद्धव गुट की एंट्री हो गई है। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने ‘X’ पर पूछा- राम मंदिर के लिए उद्धव ने 1 करोड़ रुपए और 4 किलो चांदी की ईंट दान की थी। इतने सालों बाद भी ट्रस्ट की ओर से रसीद नहीं मिली है। आखिर ईंट कहां गई? अब जवाबदेही तय करने का समय आ गया है! इससे पहले, मामले में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया गया। पुलिस आज सभी को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगेगी। दरअसल, गुरुवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ पहली FIR दर्ज की गई। हालांकि, FIR में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं। चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई। SIT ने 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। राम मंदिर से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

मोहर्रम आज, ट्रैफिक व्यवस्था में रहेगा बदलाव:जुलूस मार्ग पर वाहन पार्क नहीं करने की अपील, घंटाघर, जगदीश चौक एरिया में रहेगी भीड़

उदयपुर में मुस्लिम समुदाय की ओर से शुक्रवार को मोहर्रम पर्व पर ताजियों के जुलूस निकाले जाएंगे। इसे लेकर घंटाघर, जगदीश चौक, गणगौर घाट पर बड़ी संख्या में समुदाय के ​लोग एकत्रित होने की संभावना है। जिसके मद्देनजर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि दोपहर 12 बजे से जुलूस समाप्ति तक लोगों से अपील है कि वे जुलूस मार्ग पर अपने वाहनों की पार्किंग नहीं करें और ट्रैफिक पुलिस का पूरा सहयोग करें। ट्रेफिक टायवर्जन हाथीपोल से चांदपोल की तरफ जाने वाले चार पहिया वाहन झरिया मार्ग टी प्वाइंट शिक्षा भवन, काला किवाड़, आयुर्वेदिक चौराहा की तरफ से जा सकेंगे। एंबुलेंस, फायरब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं पर ये व्यवस्था लागू नहीं है। नो पार्किंग में खड़े वाहनों को ट्रेफिक पुलिस द्वारा क्रेन से लिफ्ट कर लिया जाएगा।

अजमेर में महिला की चेन तोड़ी, रोते हुए थाने पहुंची:पति के साथ गई था बाजार, बाइस से आए दो बदमाश तोड़कर फरार

अजमेर के गांधी भवन के सामने बाइक सवार दो युवक महिला के गले से चेन तोड़ कर ले गए। महिला अपने पति के साथ कबाड़ी बाजार से अपने घर जा रही थी। इसी दौरान पीछे से आए बाइक सवारों ने झपट्टा मारकर चेन खींच ली और तेजी से कचहरी रोड़ की ओर भाग गए। महिला बिलखते हुए क्लॉक टावर थाने पहुंची, यहां से पुलिस मौके पर पहुंची। एसएचओ भीखाराम काला ने मौका मुआयना किया और दो पुलिसकर्मियों को आरोपियों की तलाश में भी रवाना किया। थाना क्षेत्र कोतवाली होने से पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने कोतवाली थाने भेजा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एमडीएस यूनिवर्सिटी के पास रहने वाली सजना (60) पत्नी मदन सिंह ने बताया कि वह पति के साथ बाजार आई थी। कबाड़ी बाजार से निकल कर गांधी भवन के सामने रेलवे स्टेशन के गेट के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से बाइक पर सवार दो बदमाश आए और ढाई तोला वजनी चेन तोड़ कर ले गए। इस दौरान सामने से आ रही एक अन्य महिला बाइक की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। कुछ लोगों ने आरोपियों का पीछा भी किया लेकिन हाथ नहीं आए। आरोपियों की पहचान के प्रयास महिला और उसका पति क्लॉक टावर थाने पहुंचे और घटना की जानकारी दी। इस दौरान महिला फूट फूट कर रो रही थी। पुलिसकर्मी महिला के पति को लेकर आरोपियों की तलाश में निकल गए। इधर एसएचओ महिला को लेकर मौके पर पहुंचे और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकालने के निर्देश पुलिसकर्मियों को दिए। हालांकि घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की थी। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस ऐसे में एसएचओ ने महिला सजना के पति मदन को अभय कमांड सेंटर और वहां से कोतवाली थाने में जाकर शिकायत करने के लिए कहा। कोतवाली थाना एसएचओ अनिल देव ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

आमज माताजी से पाती आने के बाद सजा मेला:निर्जला एकादशी पर गोराजी कालाजी मंदिर में चढ़ाई ध्वजा

राजसमंद में निर्जला एकादशी के अवसर पर शहर के प्रसिद्ध गोराजी कालाजी मंदिर में आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। वार्षिक मेले के चलते मंदिर परिसर आकर्षक विद्युत सजावट से जगमगा उठा और पूरे दिन भक्तों की आवाजाही बनी रही। विशेष श्रृंगार के बाद हुई पूजा-अर्चना, जयकारों के बीच चढ़ी ध्वजा निर्जला एकादशी पर मंदिर की ओर से वर्ष में एक बार आयोजित होने वाला पारंपरिक मेला देर रात तक चला। मंदिर के पुजारियों ने गोराजी कालाजी का विशेष श्रृंगार कर विधिवत पूजा-अर्चना की और भोग अर्पित किया। दोपहर में मंदिर शिखर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ध्वजा चढ़ाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ध्वजारोहण के दौरान पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। मेले में खिलौनों से लेकर खान-पान तक की दुकानों पर रही रौनक मंदिर के बाहर कलालवाटी में लगे मेले में आसपास के दर्जनों गांवों से श्रद्धालु पहुंचे। मेले में बच्चों के खिलौने, कपड़े, घरेलू सामान, मनिहारी सामग्री और खान-पान की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही। बच्चों ने झूलों का आनंद लिया, जबकि महिलाओं ने खरीदारी कर मेले की रौनक बढ़ाई। आमज माताजी से पाती आने के बाद निभाई जाती है परंपरा मंदिर पुजारियों ने बताया कि रिछेड़ स्थित आमज माताजी मंदिर से पाती आने के बाद ही निर्जला एकादशी के मेले की परंपरा निभाई जाती है। इसी क्रम में दोपहर में ध्वजा चढ़ाने के साथ मंदिर परिसर में भोजन प्रसादी का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। मांगलिक कार्यों से पहले भेरू पूजन की है परंपरा गोराजी कालाजी मंदिर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और क्षेत्र में इसकी विशेष मान्यता है। 12 खेड़ा क्षेत्र के सर्वसमाज के लोग घरों में होने वाले मांगलिक और विवाह आयोजनों से पहले मंदिर पहुंचकर भेरू पूजन करते हैं। इसके बाद ही शुभ कार्यों की शुरुआत करने की परंपरा आज भी निभाई जाती है।

वीडियो बनाने से टोकने पर पड़ोसी ने लाठी से पीटा:विरोध करने और कारण पूछने पर किया हमला, आसपास के लोगों ने किया बचाव

भीलवाड़ा शहर के विजय सिंह पथिक नगर क्षेत्र में घर के बाहर वीडियो बनाने को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर लाठियों से हमला कर दिया। घटना में घायल हुए पीड़ित को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरी मारपीट की घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पीड़ित ने सुभाष नगर थाने में रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घर और बालकनी की ओर बना रहा था वीडियो घटना गुरुवार दोपहर सुभाष नगर थाना क्षेत्र की है। पीड़ित गोपाल माली ने बताया कि वह दोपहर में भोजन के लिए घर पहुंचा था। इसी दौरान उसने देखा कि पड़ोस में रहने वाला अंकुर उसके घर और बालकनी की ओर वीडियो बना रहा था। उस समय बालकनी में परिवार के सदस्य मौजूद थे। गोपाल ने वीडियो बनाने का कारण पूछा और इसका विरोध किया। विरोध करने पर गाली-गलौज, फिर लाठियों से हमला पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर अंकुर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। कुछ ही देर में उसके परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि अंकुर, उसकी पत्नी और आयुष ने मिलकर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसे चोटें आईं। गोपाल ने बताया कि वह पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। हाल ही में उसकी आंखों का इलाज हुआ है और अन्य उपचार भी चल रहे हैं। ऐसे में इस मारपीट से उसे शारीरिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। सीसीटीवी फुटेज आया सामने, पुलिस जांच में जुटी मारपीट की घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में एक पक्ष दूसरे पक्ष पर लाठी से हमला करता दिखाई दे रहा है, जबकि परिवार के अन्य लोग बीच-बचाव करते नजर आ रहे हैं। पीड़ित की शिकायत पर सुभाष नगर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना को लेकर दूसरे पक्ष ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।