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बाइक ने 4 साल के बच्चे को कुचला, मौत:फैक्ट्री में चादर ओढ़कर लेटा था, ऊपर से निकली बाइक; 3 बहनों का इकलौता भाई था

अलवर शहर में आज सुबह दूध सप्लाई करने आए बाइक सवार ने चार साल के बच्चे को कुचल दिया। हादसा उद्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित कामधेनू मिनरल्स फैक्ट्री का है। बच्चा खेलते-खेलते थकने पर चादर ओढ़कर ले गया था। इस दौरान बाइक उसके ऊपर से गुजर गई। बच्चे को गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चादर ओढकर लेटा था बच्चा पुलिस के मुताबिक-कामधेनू मिनरल्स फैक्ट्री परिसर में चार साल का मनजीत चादर ओढ़कर लेटा था। इस दौरान दूध की सप्लाई देने एक बाइक सवार आया। उसने बच्चे के ऊपर बाइक को चढ़ा दिया। बच्चे को ईएसआई हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर अलवर जिला हॉस्पिटल लेकर आए लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बच्चे के माता-पिता बिहार के नवादा निवासी मिथिलेश चौहान अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ इस फैक्ट्री में मजदूरी करते है। पिता एक दिन पहले गए थे गांव परिजनों ने बताया कि बच्चे का पिता मिथिलेश गुरुवार को ही किसी जरूरी काम से बिहार स्थित अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हुए थे। इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। हॉस्पिटल परिसर में मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

नवजात बच्चे को जंगल में फेंका, काट रही थीं चींटियां:रोने की आवाज सुनकर लोगों ने बचाया, शरीर पर चोट के निशान

जन्म के कुछ घंटे बाद ही बच्चे को जंगल में एक खंडहर में फेंक दिया। उसके चेहरे और हाथों पर चींटियां काट रही थीं। रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद ANM नवजात को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई। मामला बीकानेर के रणजीतपुरा गांव में शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे का है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे का वजन करीब ढाई किलो है। वह पूरी तरह स्वस्थ है। नर्सिंग स्टाफ उसकी देखभाल कर रहा है। पहले देखें…ये दो तस्वीरें अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा घटनाक्रम… 1. चींटियों के काटने से रो रहा था बच्चा रणजीतपुरा की ANM मधु श्रीवास्तव ने बताया- आज सुबह रास्ते से गुजर रहे लोगों ने झाड़ियों के बीच खंडहर से बच्चे के रोने की आवाज सुनी। वे तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और पूछा कि क्या अस्पताल में किसी महिला की डिलीवरी हुई है। जब उन्हें बताया गया कि यहां कोई डिलीवरी नहीं हुई है, तो उन्होंने खंडहर में नवजात के पड़े होने की सूचना दी। मैं कपड़ा लेकर मौके पर पहुंची। नवजात को सुरक्षित उठाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाई। यहां बच्चे को साफ किया गया। उसकी पूरी जांच की गई और दूध भी पिलाया गया। फिलहाल बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। 2. शरीर पर चोट के निशान प्राथमिक जांच में नवजात सुरक्षित और स्वस्थ मिला। हालांकि उसके शरीर पर हल्की चोट के निशान थे। चेहरे, हाथों समेत कई जगह चींटियां चढ़ी हुई थीं। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि जन्म के तुरंत बाद ही अज्ञात लोग बच्चे को खंडहर में छोड़कर चले गए थे। 3. परिजनों का नहीं चला पता घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। बच्चे की देखभाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में की जा रही है। रणजीतपुरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। नवजात के परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आसपास के क्षेत्र से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि बच्चे को खंडहर में छोड़ने वाले लोगों तक पहुंचा जा सके। … नवजात को फेंकने की ये खबरें भी पढ़ें … 1. मुंह में पत्थर ठूंसकर बच्चे को जंगल में फेंका, VIDEO:रोने की आवाज नहीं आए, इसलिए फेवीक्विक लगाया; जलाने के भी निशान मिले भीलवाड़ा में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। 15 दिन के मासूम को जंगल में फेंक दिया। रोने की आवाज न आए, इसलिए उसके मुंह में पत्थर ठूंसकर फेवीक्विक से चिपका दिया। पूरी खबर पढ़िए 2. नवजात बच्ची को 80 फीट गहरे कुएं में फेंक गए:अस्पताल के कपड़े में लिपटी थी, युवक ने जान जोखिम में डालकर बाहर निकाला 80 फीट गहरे कुएं से नवजात बच्ची मिली है। अपनी जान जोखिम में डालकर एक युवक रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और बच्ची को सकुशल बाहर निकाल लाया। पूरी खबर पढ़िए

जयपुर में ब्ल्यूसीस कैफे पर पुलिस का छापा:7 हुक्के, चिलम और फ्लेवर बरामद, आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया

राजधानी जयपुर में अवैध हुक्का बार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार देर रात ब्ल्यूसीस कैफ़े पर छापा मारा। पुलिस ने कैफ़े की आड़ में संचालित किए जा रहे हुक्का बार का भंडाफोड़ किया है। 7 हुक्के, चिलम जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 7 हुक्के, चिलम और विभिन्न प्रकार के हुक्का फ्लेवर बरामद किए हैं। साथ ही आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा के निर्देश पर की गई। कार्रवाई को संबंधित थाना प्रभारी एसएचओ नरेन्द्र सिंह भड़ाना के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। कैफे संचालक के खिलाफ केस दर्ज पुलिस मामले की जांच कर रही है और कैफे संचालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कैफ़े में अवैध रूप से हुक्का बार का संचालन कब से किया जा रहा था और इसमें कौन-कौन शामिल है।

जयपुर के आरयूएचएस हॉस्पिटल में हुई दुर्लभ सर्जरी:डॉक्टर्स ने पिता और पुत्र की आंखों की रोशनी बचाई; झुकी पलकों से ढकी रहती थी आंखें

राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (आरयूएचएस) के नेत्र रोग विभाग ने एक दुर्लभ सर्जरी कर पिता और पुत्र की आंखों की रोशनी बचाने में सफलता हासिल की है। दोनों प्टोसिस (Ptosis) नामक बीमारी से पीड़ित थे, जिसके कारण उनकी ऊपरी पलकें इतनी झुक गई थीं कि उन्हें सामान्य रूप से देखने में भी परेशानी हो रही थी। चिकित्सकों ने दोनों की एक साथ सर्जरी कर उनकी दृष्टि और सामान्य जीवन लौटाने का सफल प्रयास किया। आरयूएचएस के नेत्र रोग विभाग की सह आचार्य डॉ. माया हाड़ा ने बताया कि करौली निवासी नारायण (29) अपने आठ वर्षीय बेटे को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए थे। बच्चे की ऊपरी पलक इतनी झुकी हुई थी कि उसकी आंख लगभग ढकी रहती थी और उसे साफ दिखाई नहीं देता था। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि पिता भी उसी बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी पलकें भी असामान्य रूप से झुकी हुई हैं। जांच में सामने आया दुर्लभ मामला डॉक्टरों की टीम ने बताया कि पिता और पुत्र दोनों में एक साथ जन्मजात प्टोसिस का होना बेहद दुर्लभ मामला है। विस्तृत जांच और काउंसलिंग के बाद चिकित्सकों ने दोनों की एक साथ सर्जरी करने का निर्णय लिया। गुरुवार को सफल ऑपरेशन के बाद दोनों मरीज स्वस्थ हैं और उनकी आंखों की कार्यक्षमता में सुधार हुआ है। डॉ. माया हाड़ा ने बताया कि प्टोसिस केवल सौंदर्य संबंधी समस्या नहीं है। यदि बच्चे की पलक लंबे समय तक आंख को ढके रहती है तो आंख का विकास प्रभावित हो सकता है और स्थायी रूप से दृष्टि कमजोर होने या आलसी आंख (Amblyopia) जैसी समस्या का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ऐसे मामलों में समय रहते सर्जरी कराना बेहद आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि कई अभिभावक इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय पर उपचार से बच्चे की रोशनी पूरी तरह सुरक्षित रखी जा सकती है। विशेषज्ञ टीम ने किया सफल ऑपरेशन यह जटिल सर्जरी नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीशा दुलानी के निर्देशन में की गई। ऑपरेशन टीम में डॉ. माया हाड़ा के साथ एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. वरुण और डॉ. साधना शामिल रहे। विशेषज्ञ टीम ने आधुनिक तकनीक की मदद से दोनों मरीजों की पलकों की सफल रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की। आरयूएचएस के प्रिंसिपल डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने बताया कि अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में पिछले एक महीने के दौरान ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं, अनुभवी विशेषज्ञों और बेहतर उपचार व्यवस्था के कारण प्रदेशभर से मरीज आरयूएचएस का रुख कर रहे हैं।

आंध्र प्रदेश में कोरोना के 12 मामले, 4 मौत:जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पुणे भेजे गए सैंपल, स्वास्थ्य विभाग ने दी जानकारी

आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच कोरोना संक्रमण के 12 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 4 मरीजों की मौत भी हुई है। राज्य सरकार ने वायरस के वैरिएंट का पता लगाने के लिए 5 सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे भेजे हैं। स्वास्थ्य सचिव और कमिश्नर वीरा पांडियन के मुताबिक, जिन 4 मरीजों की मौत हुई, वे पहले से ही गंभीर बीमारियों जैसे हाइपरटेंशन, डायबिटीज और किडनी की समस्या से जूझ रहे थे। राज्य में अब तक कुल 339 कोरोना मामले सामने आए हैं, जिनमें से 12 आंध्र प्रदेश के हैं। आंकड़ों के अनुसार, कडपा में 8, गुंटूर में 2, विशाखापत्तनम और काकीनाडा में 1-1 मामला दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये मामले अलग-अलग इलाकों से हैं और कहीं भी क्लस्टर नहीं बना है। फिलहाल 3 मरीज होम आइसोलेशन में हैं और 2 अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 3 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। विशाखापत्तनम के KGH अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ. वाणी ने बताया कि वहां एक मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई है। लक्षण दिखने पर डॉक्टर ने उसे टेस्ट की सलाह दी थी। निजी लैब में पुष्टि के बाद KGH अस्पताल में भी दोबारा जांच की गई, जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आई। स्वास्थ्य सचिव वीरा पांडियन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि राज्यभर के अस्पतालों और स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। देशभर में 1 जुलाई से अब तक 339 कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं। पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी सावधानी बरती जा रही
कोराना के नए मामलों को देखते हुए आंध्र प्रदेश के पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी सावधानी बरती जा रही है। तुमकुरु जिले की डिप्टी कमिश्नर शुभा कल्याण ने कहा, “आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के मामले सामने आए हैं। हमारे तुमकुरु जिले की कुछ तहसीलें, जैसे पावागड़ा, आंध्र प्रदेश की सीमा से लगी हुई हैं। इसलिए एहतियात के तौर पर हमने सावधानी संबंधी उपाय लागू करने का फैसला किया है।” सेहत से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मानसून में बढ़ते फूड पॉइजनिंग के केस:ये 7 लक्षण इग्नोर न करें, बचाव के लिए 12 सावधानियां, बता रहे हैं डॉक्टर बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है। इससे खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया और वायरस जल्दी पनपते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में फूड पॉइजनिंग, डायरिया और हैजा के मामले बढ़ जाते हैं। हालांकि कुछ बुनियादी सावधानियां अपनाकर इन बीमारियों के रिस्क से बचा जा सकता है। पढ़ें पूरी खबर…

आंध्र प्रदेश में कोरोना के 12 मामले, 4 मौत:जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पुणे भेजे गए सैंपल, पड़ोसी राज्य कर्नाटक अलर्ट पर

आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच कोरोना संक्रमण के 12 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 4 मरीजों की मौत भी हुई है। राज्य सरकार ने वायरस के वैरिएंट का पता लगाने के लिए 5 सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे भेजे हैं। उधर पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी सावधानियां बढ़ा दी गई हैं। आंध्र प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव और कमिश्नर वीरा पांडियन के मुताबिक, जिन 4 मरीजों की मौत हुई, वे पहले से ही गंभीर बीमारियों जैसे हाइपरटेंशन, डायबिटीज और किडनी की समस्या से जूझ रहे थे। राज्य में अब तक कुल 339 कोरोना मामले सामने आए हैं, जिनमें से 12 आंध्र प्रदेश के हैं। आंकड़ों के अनुसार, कडपा में 8, गुंटूर में 2, विशाखापत्तनम और काकीनाडा में 1-1 मामला दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये मामले अलग-अलग इलाकों से हैं और कहीं भी क्लस्टर नहीं बना है। फिलहाल 3 मरीज होम आइसोलेशन में हैं और 2 अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 3 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। विशाखापत्तनम के KGH अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ. वाणी ने बताया कि वहां एक मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई है। लक्षण दिखने पर डॉक्टर ने उसे टेस्ट की सलाह दी थी। निजी लैब में पुष्टि के बाद KGH अस्पताल में भी दोबारा जांच की गई, जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आई। प्रशासन की अपील- घबराएं नहीं आंध्र प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव वीरा पांडियन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि राज्यभर के अस्पतालों और स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। देशभर में 1 जुलाई से अब तक 339 कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं। पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी सावधानी बरती जा रही कोराना के नए मामलों को देखते हुए आंध्र प्रदेश के पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी सावधानी बरती जा रही है। तुमकुरु जिले की डिप्टी कमिश्नर शुभा कल्याण ने कहा, “आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के मामले सामने आए हैं। हमारे तुमकुरु जिले की कुछ तहसीलें, जैसे पावागड़ा, आंध्र प्रदेश की सीमा से लगी हुई हैं। इसलिए एहतियात के तौर पर हमने सावधानी संबंधी उपाय लागू करने का फैसला किया है।” कोरोना के अब तक हजारों वैरिएंट आ चुके अब तक कोरोना वायरस के हजारों वैरिएंट सामने आ चुके हैं। इनमें से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कुछ प्रमुख वैरिएंट को विशेष श्रेणी में रखा है, जिनमें अल्फा (Alpha), बीटा (Beta), गामा (Gamma), डेल्टा (Delta) और ओमिक्रॉन (Omicron) शामिल हैं। ओमिक्रॉन के भी समय-समय पर कई सब-वैरिएंट, जैसे JN.1, XFG और NB.1.8.1, सामने आए हैं। ————————- सेहत से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मानसून में बढ़ते फूड पॉइजनिंग के केस:ये 7 लक्षण इग्नोर न करें, बचाव के लिए 12 सावधानियां, बता रहे हैं डॉक्टर बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है। इससे खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया और वायरस जल्दी पनपते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में फूड पॉइजनिंग, डायरिया और हैजा के मामले बढ़ जाते हैं। हालांकि कुछ बुनियादी सावधानियां अपनाकर इन बीमारियों के रिस्क से बचा जा सकता है। पढ़ें पूरी खबर…

रिश्वत के आरोपों के बाद मोठपुर थानाधिकारी सस्पेंड:कॉन्स्टेबल को किया लाइन हाजिर, एसपी ने जारी किए आदेश

बारां एसपी ने रिश्वत मांगने के आरोपों के बाद मोठपुर थानाधिकारी देवकरण चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि कॉन्स्टेबल कुलदीप को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। एसपी के आदेश के अनुसार उप निरीक्षक देवकरण चौधरी के खिलाफ पुलिस थाना मोठपुर के मामले में गंभीर अनियमितता, लापरवाही और दोषपूर्ण अनुसंधान के आरोप हैं। उन पर मामले की जांच में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है।
इस आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संचित पुलिस लाइन बारां रहेगा। सूत्रों के अनुसार, यह मामला थानाक्षेत्र में काम कर रही एक कंपनी के पाइप चोरी की घटना से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। युवती के बयान पक्ष में करवाने के बदले में मांगे थे 50 हजार
गौरतलब है कि एसीबी ने हाल ही में देवकरण चौधरी और कॉन्स्टेबल कुलदीप के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया था। आरोप है कि परिवादी के बेटे को पुलिस कार्रवाई में राहत दिलाने और भगाकर ले गई युवती के बयान परिवादी के पक्ष में करवाने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। गोपनीय सत्यापन के दौरान कॉन्स्टेबल कुलदीप द्वारा 20 हजार रुपए लेने की पुष्टि हुई थी। ट्रैप की भनक लगने पर शेष राशि नहीं ली गई।
सत्यापन में रिश्वत मांगने और राशि लेने की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में कॉन्स्टेबल कुलदीप को पुलिस लाइन हाजिर किया गया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान में 5 ठिकानों पर ईडी के छापे:महादेव ट्रेडिंग केस में रेड, वित्तीय लेन-देन को लेकर खंगाले रिकार्ड

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान सहित कई राज्यों में शुक्रवार सुबह बड़ी छापेमारी की। राजस्थान में श्रीगंगानर सहित 5 ठिकानों पर ईडी ने रेड डाली। छापे की कार्रवाई महादेव ट्रेडिंग केस में PMLA के तहत की जा रही है। ईडी टीमों की ओर से वित्तीय लेन-देन और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे है ईडी सूत्रों के मुताबिक, महादेव ट्रेडिंग मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच को लेकर राजस्थान, दिल्ली और बिहार सहित कई राज्यों में एक साथ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। ईडी की यह कार्रवाई महादेव ट्रेडिंग मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है। राजस्थान में जयपुर और श्रीगंगानगर सहित पांच ठिकानों पर ईडी की टीमों ने महादेवी ट्रेडिंग केस को लेकर छापेमारी की। ईडी की कार्रवाई में श्रीगंगानगर में कारोबारी अशोक चांडक से जड़े 4 ठिकानों व जयपुर के वैशाल नगर में 1 ठिकाने पर सर्च किया गया। इसके साथ ही अशोक चांडक के रिश्तेदारों और उनसे जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर भी सर्च किया गया है। ईडी टीमें छापेमारी में मिले डॉक्यूमेंट, डिजिटल रिकॉर्ड, निवेश और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। ईडी की ओर से छापेमारी की कार्रवाई जारी है, जांच पूरी होने के बाद मामले में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई गई है।

पाली में मेडिकल स्टोर पर छापा:10 हजार की दवाएं सील; बिना पर्ची बेचने का आरोप

पाली शहर के सोसायटी नगर स्थित आयुष मेडिकल एंड जनरल स्टोर पर औषधि नियंत्रण विभाग ने औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान यहां एनडीपीएस और शेड्यूल H-1 श्रेणी की दवाओं का अवैध भंडारण मिला। विभाग ने करीब 10 हजार रुपए कीमत की दवाएं जब्त कर सील कर दीं और उनके सैंपल जांच के लिए भेज दिए। मामले की जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खरीद के बिल नहीं दिखा सका संचालक औषधि नियंत्रक भरत गोस्वामी ने बताया कि औषधि नियंत्रण अधिकारी माधव सिंह और दिनेश कुमार सुथार ने निरीक्षण के दौरान जब इन दवाओं के खरीद बिल मांगे तो फर्म संचालक कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। जांच में यह भी सामने आया कि एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं का विक्रय फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में, बिना डॉक्टर की पर्ची और बिना बिल जारी किए किया जा रहा था। नशे में दुरुपयोग की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई विभाग के अनुसार, क्षेत्र में इन दवाओं के नशे के रूप में दुरुपयोग की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर मेडिकल स्टोर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। कार्रवाई के दौरान करीब 10 हजार रुपए की एनडीपीएस घटक युक्त दवाओं को सील किया गया और संदेह के आधार पर उनके नमूने जांच के लिए लिए गए। जांच के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई भरत गोस्वामी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि औषधि नियंत्रक, जयपुर और जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिले में एनडीपीएस घटक युक्त दवाओं के दुरुपयोग और अवैध बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। दोषी पाए जाने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल स्टोर संचालकों से विभाग की अपील सहायक औषधि नियंत्रक ने जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील की कि वे एनडीपीएस श्रेणी की दवाएं केवल वैध बिल से खरीदें और डॉक्टर के विधिवत प्रिस्क्रिप्शन पर बिल सहित ही बेचें, ताकि इन दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

झालावाड़ में 16 दिन में 2100 चालान काटे:21 लाख का जुर्माना लगाया, अभियान में हेलमेट के लिए जागरूक भी किया

झालावाड़ में सड़क हादसों में कमी लाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस ने 16 दिवसीय विशेष हेलमेट अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जिलेभर में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई।
अभियान के अंतिम दिन शाम तक ट्रैफिक पुलिस ने लगभग 2100 चालान बनाए, जिन पर कुल 21 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। एसपी अमित कुमार के निर्देश पर यह अभियान पूरे जिले में चलाया गया। इस दौरान वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक भी किया गया।
जागरूकता के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वाले दुपहिया सवारों के खिलाफ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चालान किए गए। ऑनलाइन चालानों की सूचना मोबाइल संदेश के जरिए भेजी गई है, जबकि ऑफलाइन चालानों की अधिकांश राशि मौके पर ही जमा करा ली गई। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है उद्देश्य
ट्रैफिक पुलिस प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना यातायात नियमों का उल्लंघन है, जिसके लिए प्रति चालान 1000 रुपए का जुर्माना निर्धारित है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाएं और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें।