राजस्थान में 76 नई नगरपालिकाओं का गठन:15 साल का सबसे बड़ा विस्तार, 684 नए पद मंजूर, जयपुर-झुंझुनूं में सबसे ज्यादा 7-7 निकाय

राजस्थान में नगरीय विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 76 नई नगरपालिकाओं के गठन को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही राज्य में नगरीय निकायों की संख्या 309 से बढ़कर 385 हो गई है। नई नगरपालिकाओं के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्वायत्त शासन विभाग में 684 नए पद भी सृजित किए गए हैं। पिछले तीन सालों में विभाग में पहली बार भर्ती की मंजूरी मिली है, जबकि इतनी बड़ी संख्या में पदों का सृजन पिछले 15 सालों में पहली बार हुआ है। राज्य सरकार का यह फैसला बीजेपी सरकार के मौजूदा कार्यकाल में स्थानीय निकायों के विस्तार का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि तेजी से विकसित हो रहे कस्बों और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को मजबूत करने से नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में तेजी आएगी। नई नगरपालिकाओं में सबसे अधिक 7-7 निकाय जयपुर और झुंझुनूं जिलों में बनाए गए हैं। जयपुर जिले में वाटिका, जमवारामगढ़, फागी, दूदू, कानोता, खेजरोली और कालाडेरा को नगर पालिका का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा दौसा, अलवर और टोंक में चार-चार नई नगरपालिकाएं गठित की गई हैं। वहीं बालोतरा, बाड़मेर और अजमेर में तीन-तीन नई नगरपालिकाओं का गठन किया गया है। इसके अलावा अन्य कई जिलों में भी नए नगरीय निकाय बनाए गए हैं। नई नगरपालिकाओं के गठन के साथ सरकार ने इनके प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। इसी उद्देश्य से स्वायत्त शासन विभाग में 684 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इन पदों पर भर्ती होने से नई नगरपालिकाओं में प्रशासनिक कार्यों का संचालन सुचारु रूप से हो सकेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। राजस्थान में 76 नई नगरपालिकाओं के गठन के बाद प्रदेश में नगरीय निकायों की कुल संख्या 385 हो गई है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशासन, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। प्रदेश में गठित 76 नई नगर पालिकाओं में सबसे अधिक 7-7 नगर पालिकाएं जयपुर और झुंझुनूं जिलों में बनाई गई हैं। जयपुर जिले में वाटिका, जमवारामगढ़, फागी, दूदू, खेजरोली, कालाडेरा और कानोता, जबकि झुंझुनूं जिले में सिंघाना, डूंडलोद, जाखल, सुलताना, बुहाना, मलसीसर और मण्ड्रेला को नगर पालिका का दर्जा मिला है। दौसा जिले में रामगढ़-पचवारा, बसवा, लवाण और भाण्डारेज, अलवर में मुण्डावर, कठूमर, मालाखेड़ा और नौगांव, टोंक में दूनी, लाम्बाहरिसिंह, डिग्गी और पीपलू और बाड़मेर में जसोल, चौहटन, गुड़ामालानी और धोरीमन्ना नई नगर पालिकाएं बनाई गई हैं। वहीं झालावाड़ में मनोहर थाना, डग और खानपुर, जोधपुर में मथानिया, तिवरी और बाप, अजमेर में सावर, टांटोटी और पीसांगन और भीलवाड़ा में बनेड़ा, बीगोद और बिजौलिया को नगर पालिका बनाया गया है। इसके अलावा कोटपूतली-बहरोड़ जिले में नारायणपुर और मांढण, सीकर में पलसाना और धोद, सवाई माधोपुर में वजीरपुर और खण्डार, बूंदी में देई और हिण्डोली, ब्यावर में रायपुर और मसूदा, जालौर में आहोर और सायला, नागौर में मेडतारोड़ और रियाबड़ी, बीकानेर में लूणकरनसर और नापासर, बालोतरा में सिणधरी और समदड़ी, धौलपुर में मनिया और सेपऊ और करौली में सूरीठ और मण्डरायल को नगर पालिका का दर्जा दिया गया है। वहीं डीग में पहाड़ी, उदयपुर में वल्लभनगर, हनुमानगढ़ में गोलूवाला, राजसमंद में भीम, श्रीगंगानगर में घड़साना, डीडवाना-कुचामन में खाटू खुर्द, कोटा में सुकेत, बारां में सीसवाली, पाली में सोजत रोड, चूरू में साहवा, प्रतापगढ़ में अरनोद और सिरोही में मण्डार को नई नगर पालिका घोषित किया गया है। 76 नगर पालिकाओं के लिए 684 पद सृजित सरकार ने प्रदेश की 76 नवगठित नगर पालिकाओं में प्रशासनिक कामकाज शुरू करने के लिए 684 नए पदों के सृजन को प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी दे दी है। प्रत्येक नगर पालिका में एक-एक अधिशासी अधिकारी (चतुर्थ), सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता (सिविल), कनिष्ठ लेखाकार, ठोस कचरा प्रबंधक (स्वास्थ्य निरीक्षक), वरिष्ठ प्रारूपकार और वरिष्ठ सहायक का पद स्वीकृत किया गया है। वहीं दो-दो कनिष्ठ सहायकों के पद सृजित किए गए हैं। इस प्रकार सभी 76 नगर पालिकाओं के लिए कुल 684 पद स्वीकृत हुए हैं। सरकार ने इसके साथ ही पहले से गठित 6 नगर पालिकाओं में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, चौकीदार, सफाई जमादार और सफाई कर्मचारियों के कार्य आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराने की पूर्व स्वीकृति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है। इन छह निकायों के लिए पहले स्वीकृत 54 पदों से संबंधित व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *