राजस्थान को निर्यात का नया हब बनाने की तैयारी:जयपुर में खुलेगा एग्जिम इंडिया बैंक का पहला क्षेत्रीय कार्यालय, राजस्थान के आयात-निर्यात को बढ़ाने पर फोकस

राजस्थान को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भारत सरकार के निर्यात-आयात बैंक (EXIM Bank) ने बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। बैंक जल्द ही जयपुर में अपना पहला क्षेत्रीय कार्यालय शुरू करेगा, जिससे प्रदेश के निर्यातकों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और उद्योगों को वित्तीय सेवाएं, निर्यात ऋण, व्यापार परामर्श और वैश्विक बाजारों से जुड़ी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। जयपुर के होटल हिल्टन मे आयोजित प्रेस वार्ता में बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर तरुण शर्मा ने कहा कि राजस्थान में निर्यात के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और राज्य को हाई-वैल्यू तथा टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों की मदद से देश के अग्रणी निर्यात केंद्रों में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में राजस्थान का वस्तु निर्यात 11.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिससे राज्य देश का 10वां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजस्थान का निर्यात मुख्य रूप से सोना-आभूषण, धातु और संसाधन आधारित उत्पादों पर निर्भर है। ऐसे में निर्यात को नई दिशा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स, सोलर उपकरण, एडवांस टेक्सटाइल्स और इंजीनियरिंग उत्पादों जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। पांच जिलों तक सीमित है अधिकांश निर्यात तरुण शर्मा ने बताया कि राजस्थान के कुल निर्यात का लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा केवल पांच जिलों से आता है। ऐसे में अन्य जिलों की निर्यात क्षमता विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी, नीमराना और अलवर जैसे औद्योगिक क्लस्टर, राज्य में उपलब्ध औषधीय पौधों की संपदा और नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन राजस्थान को वैश्विक निर्यात हब बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका राजस्थान का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, लेकिन वहां अभी भी ज्वेलरी, ग्रेनाइट, सीमेंट और प्लाईवुड जैसे उत्पादों का दबदबा है। वैश्विक मांग के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और फार्मा उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने की दिशा में कार्य करने की जरूरत है। टेक्सटाइल, ऑटो और सोलर सेक्टर पर रहेगा विशेष फोकस बैंक ने राजस्थान के लिए ऑटो एवं ऑटो कंपोनेंट्स, हर्बल फार्मा, सोलर ऊर्जा उपकरण, टेक्सटाइल, हस्तशिल्प और एमएसएमई सेक्टर को भविष्य के प्रमुख निर्यात क्षेत्र बताया। बैंक पहले से ही भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा की टेक्सटाइल इकाइयों, बीकानेर की महिला हस्तशिल्प संस्थाओं और विभिन्न व्यापार सहायता कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों निर्यात लेनदेन को सहयोग प्रदान कर रहा है। इसके अलावा जयपुर, उदयपुर और फलोदी में कारीगरों के कौशल विकास और जिला स्तर पर निर्यात बढ़ाने के लिए भी कई परियोजनाओं का समर्थन किया जा रहा है। जयपुर कार्यालय से उद्योगों को मिलेगा सीधा लाभ तरुण शर्मा ने बताया कि जयपुर में क्षेत्रीय कार्यालय शुरू होने के बाद प्रदेश के उद्यमियों को निर्यात वित्त, परियोजना ऋण, अंतरराष्ट्रीय व्यापार परामर्श, विदेशी खरीदारों से संपर्क और वैश्विक बाजारों तक पहुंच जैसी सुविधाएं यहीं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे उद्योगों को अन्य राज्यों के कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, हैंडीक्राफ्ट, प्राकृतिक पत्थर, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग और इंजीनियरिंग गुड्स के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही वित्तीय सहयोग और बाजार उपलब्ध कराकर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। प्रेस वार्ता के दौरान तरुण शर्मा ने अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में कच्चे तेल की कीमतों, समुद्री माल ढुलाई (फ्रेट), बीमा प्रीमियम और सप्लाई चेन पर असर पड़ता है, जिससे वैश्विक व्यापार की लागत बढ़ जाती है। हालांकि उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और भारतीय उद्योगों ने वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता दिखाई है। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियां चुनौतियों के साथ-साथ भारतीय कंपनियों के लिए नए व्यापारिक अवसर भी लेकर आ रही हैं।

ऑटो रिक्शा खंभे से टकराया, एक युवक की मौत:शिवगंज-देवली मार्ग पर हादसा, पुलिस जांच में जुटी

सिरोही के शिवगंज-देवली मार्ग पर गुरुवार देर शाम एक सवारी ऑटो रिक्शा बेकाबू होकर बिजली के खंभे से टकरा गया। हादसे में ऑटो के आगे बैठा खिंदारा (बाली) निवासी विक्रम मीणा (पुत्र सुनीलाल मीणा) गंभीर रूप से घायल हो गया।उसे शिवगंज के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। तेज रफ्तार में हुआ हादसा थानाधिकारी बाबूलाल राणा ने बताया कि गुरुवार देर शाम तेज रफ्तार सवारी ऑटो के बेकाबू होकर बिजली के खंभे से टकराने की सूचना मिली थी। इसके बाद एएसआई प्रेम सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शिवगंज से देवली जा रहा था ऑटो प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सवारी ऑटो शिवगंज से यात्रियों को लेकर देवली की ओर जा रहा था। इसी दौरान ड्राइवर वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिससे ऑटो सड़क किनारे बिजली के खंभे से जा टकराया। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित दुर्घटना में ऑटो के आगे बैठे विक्रम मीणा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल शिवगंज के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अन्य यात्री चले गए, जांच में जुटी पुलिस हादसे के बाद ऑटो में सवार अन्य यात्री वाहन छोड़कर अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।

डिजिटल प्रहरी प्रशिक्षण में युवाओं को साइबर सुरक्षा सिखाई:फर्जी ऐप, वॉयस क्लोनिंग और डिजिटल अरेस्ट से बचने की दी जानकारी

राजसमंद जिले के भीम उपखंड में चल रहे सात दिवसीय डिजिटल प्रहरी प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। राजसमंद पुलिस और कॅरियर संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना और साइबर ठगी से बचाव के लिए तैयार करना रहा। साइबर अपराध के नए तरीकों की दी जानकारी पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में साइबर पुलिस थाना राजसमंद के प्रोग्रामर खैरुल वसीम ने प्रतिभागियों को संचार साथी ऐप, साइबर अपराधों के नए तरीकों और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, वॉयस क्लोनिंग, डिजिटल अरेस्ट और नकली मोबाइल ऐप के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने की सलाह खैरुल वसीम ने युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि आसान लोन, इनाम या आकर्षक ऑफर के नाम पर भेजी जाने वाली एपीके फाइल को कभी डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऐसी फाइलों के जरिए साइबर अपराधी मोबाइल की बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड, फोटो और अन्य निजी डेटा तक पहुंच बना सकते हैं। केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से डाउनलोड करें ऐप प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को सलाह दी गई कि मोबाइल ऐप केवल गूगल प्ले स्टोर या आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन पर जोर प्रशिक्षण में युवाओं को मजबूत पासवर्ड बनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा नहीं करने के बारे में भी जानकारी दी गई। चैहान ज्ञान केंद्र के प्रबंधक प्रवीण सिंह चैहान ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए तैयार करना है।

सीकरी बिजलीघर में शॉर्ट सर्किट से ट्रांसफार्मर में लगी आग:कर्मचारियों ने समर्सिबल से पानी डालकर बुझाई, गुलपाड़ा फीडर बंद

डीग जिले के सीकरी बिजलीघर में शुक्रवार दोपहर एक ट्रांसफार्मर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें और धुआं उठने लगा, जिससे बिजलीघर परिसर में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप फैल गया। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग तेजी से फैली। कर्मचारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल समर्सिबल पंप चालू कर ट्रांसफार्मर पर पानी डालना शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझ जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। आग लगने के बाद एहतियात के तौर पर गुलपाड़ा फीडर की विद्युत आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई। इससे इस फीडर से जुड़े दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। भीषण गर्मी के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसफार्मर को काफी नुकसान पहुंचा है। इसकी मरम्मत और तकनीकी जांच का कार्य जारी है, और शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट और भीषण गर्मी के कारण बढ़ा विद्युत लोड माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारण का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल पाएगा। विभाग की टीम मौके पर नुकसान का आकलन कर रही है और वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास कर रही है। गुलपाड़ा फीडर से जुड़े गांवों के लोगों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से पेयजल आपूर्ति, घरेलू और कृषि कार्य प्रभावित होंगे। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलकर या वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।

उड़ीसा से बारां तक 7 किलो गांजे की खेप:तीन तस्कर गिरफ्तार, नेटवर्क और खरीदारों की तलाश में जुटी पुलिस

बारां की सदर थाना पुलिस ने ढोटी-बराना रोड पर कार्रवाई करते हुए 7 किलो 835 ग्राम अवैध गांजे के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे गांजा उड़ीसा से लाकर बारां क्षेत्र में बेचने वाले थे। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तस्करी के पूरे नेटवर्क और स्थानीय खरीदारों की तलाश शुरू कर दी है। गश्त के दौरान तीन संदिग्ध दबोचे पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. कमल कुमार के सुपरविजन और वृत्ताधिकारी रोहिताश्व देवन्दा के निर्देशन में सदर थाना प्रभारी नवल किशोर मीना की टीम ढोटी-बराना रोड पर गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान गोरधनपुरा रोड के पास बैग लेकर जा रहे तीन संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोककर तलाशी ली तो बैग से 7 किलो 835 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला मौके से ढोटी निवासी जोधराज (36), सोनू (25) और भकरावदा निवासी बबलू (20) को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों के खिलाफ सदर थाना में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में उड़ीसा कनेक्शन आया सामने प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा उड़ीसा से लाए थे और इसे बारां क्षेत्र में बेचने की तैयारी थी। मामले की जांच किशनगंज थाना प्रभारी रमेशचंद मेरोठा को सौंपी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा किन लोगों के लिए लाया गया था और इस तस्करी नेटवर्क में अन्य कौन-कौन शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका इस कार्रवाई को सदर थाना प्रभारी नवल किशोर मीना के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में हेड कांस्टेबल कौशल किशोर, महेंद्र सिंह तथा कांस्टेबल राजूलाल और सुमेर सिंह शामिल रहे।

सरपंच प्रतिनिधि ने कहा- पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी:कलेक्टर के पास जाओ, राष्ट्रपति के पास चले जाओ; काम नहीं होगा

ग्रामीण सेवा शिविर में सरपंच प्रतिनिधि ने कहा- ‘पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी। कलेक्टर के पास जाओ, राष्ट्रपति के पास चले जाओ, राष्ट्रपति से ऊपर कोई अधिकारी हो तो उसके पास भी चले जाओ, आपका काम नहीं होगा।’ ग्रामीणों और सरपंच प्रतिनिधि के बीच हुई बहस का ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहा है। मामला बूंदी जिले की चड़ी ग्राम पंचायत में एक दिन पहले आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का है, जिसमें तहसीलदार के सामने यह पूरा मामला घटित हुआ। अब सिलसिलेवार समझते हैं पूरा मामला… बूंदी जिले की चड़ी ग्राम पंचायत में 25 जून को ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजित किया गया था। इसमें सरपंच दीपक मीणा की जगह उसके पिता महावीर मीणा सरपंच प्रतिनिधि के रूम में शामिल हुए।ग्रामीण कन्हैया लाल मीणा और विनोद गौतम ने बताया कि सरपंच ने एक परिचित के घर तक तो सड़क बना दी गई है, लेकिन पूरी बस्ती अभी भी कीचड़ और गड्ढों से जूझ रही है। बारिश के मौसम में यहां हालात और भी खराब हो जाते हैं। ग्रामीण सरपंच प्रतिनिधि महावीर मीणा से पूछते हैं- “क्या हमारे गांव वालों की नहीं चलेगी?” इस पर महावीर मीणा जवाब देते हैं, “पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी।” इस पर ग्रामीणों ने कहा- सेक्रेटरी को कह सकते हैं तो सरपंच प्रतिनिधि ने कहा- सेक्रेटरी को कोई काम नहीं करा सकता वह तो नौकर है, मालिक तो सरपंच होता है। वही करा सकता है। ग्रामीणों शिकायत की कि उनके कई आवेदन के बावजूद कोई काम नहीं हुआ। अधिकारियों के पास मेरी शिकायत करोगे, तब तक काम नहीं होगा महावीर मीणा ने ग्रामीणों से कहा, “जब तक अधिकारियों के पास मेरी शिकायत करोगे, तब तक आपका काम नहीं होगा। पहले पंचायत में लिखकर दो। ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले भी कई बार लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद सरपंच प्रतिनिधि ने कहा, “कलेक्टर के पास चले जाओ, राष्ट्रपति के पास चले जाओ, राष्ट्रपति से ऊपर कोई अधिकारी हो तो उसके पास भी चले जाओ, आपका काम नहीं होगा। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है।” इस दौरान केशोरायपाटन तहसीलदार रवि शर्मा भी बगल में ही बैठे थे। ग्रामीणों ने जांच कराने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि पंचायत में पूरी मनमानी चल रही है। परेशान ग्रामीणों ने अब तहसीलदार से मिलकर मामले की जांच कराने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। उन्होंने तहसीलदार को बताया कि उनके गली-मोहल्ले में पिछले 40 वर्षों से सड़क नहीं बनी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। अगर जांच में गड़बड़ी मिले तो दोषियों पर कार्रवाई की जाए और बस्ती में तुरंत सड़क बनाई जाए।

कचरा फैलाने से रोका तो सफाई निरीक्षक को मारा थप्पड़,VIDEO:नगर परिषद के गेट पर फेंका वेस्ट, ऑटो टिपर ड्राइवरों का आरोप-काम से निकालने की धमकी दी

खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी नगर परिषद के सफाई निरीक्षक दिनेश मीणा के साथ एक युवक ने हाथापाई कर दी। इस दौरान कॉलर पकड़कर धक्का मुक्की भी की गई। घटना शुक्रवार दोपहर एक बजे की है। ऑटो टिपर ड्राइवरों का आरोप है कि एक्सचेंज डंपिग यार्ड में ग्रामीण उन्हें कचरा नहीं डालने दे रहे हैं। मगर अधिकारी उन्हें जबरदस्ती वहां भेज रहे हैं। यहां तक कि काम से निकालने की धमकी दे रहे हैं। इसके विरोध में ऑटो टिपर ड्राइवर नगर परिषद में कचरा डालने के लिए इकठ्ठा हुए थे। इस पर मुख्य सफाई निरीक्षक दिनेश मीणा ने ऑफिस का मुख्य गेट बंद कर दिया। जिसे खुलवाने को लेकर विवाद हो गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें एक युवक सफाई निरीक्षक के सिर पर थप्पड़ मारता है। इसके बाद उनकी कॉलर पकड़कर गर्दन पकड़ लेता है। आसपास के लोगों ने दोनों को अलग किया। यहां देखें घटना से जुड़ी तस्वीरें…. आरोप- कचरा डालने गए टिपर ड्राइवरों को गांव वालों ने धमकाया बाबा मोहनराम कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष देवेंद्र विधूड़ी ने बताया- नगर परिषद की ओर से रामपुर मुंडाणा में एक्चेंज डंपिग यार्ड बनाया गया है। ऑटो टिपर ड्राइवर 24 जून को कचरा लेकर डंपिंग यार्ड पहुंचे तो वहां ग्रामीणों ने उन्हें कचरा डालने से मना कर दिया। इस पर टिपर ड्राइवरों ने वापस आकर मुख्य सफाई निरीक्षक से शिकायत की थी। इस पर सफाई निरीक्षक ने अगले दिन मौके पर आने के लिए कहा। गुरुवार को जब सफाई निरीक्षक मौके पर पहुंचे तो उनके सामने ही गांव कुछ महिलाएं लाठियां लेकर आ गईं। इस दौरान भी टिपर ड्राइवरों को कचरा नहीं डालने दिया गया। साथ ही हाथपाई भी की गई। ऑटो टिपर ड्राइवर का आरोप-काम से निकालने की धमकी दी शुक्रवार को सुबह जब ऑटो टिपर ड्राइवरों को कचरा डालने के लिए एक्चेंज डंपिंग यार्ड भेजा गया तो फिर से गांव वालों ने धमकाकर उन्हें वापस भगा दिया। शिकायत लेकर जब ऑटो टिपर ड्राइवर नगर परिषद पहुंचे तो उन्हें काम से निकालने की धमकी दी गई। इस पर नाराज ऑटो टिपर ड्राइवर नगर परिषद में घुसने की कोशिश करने लगे। इस पर सफाई निरीक्षक ने गेट बंद कर दिया। जिससे विवाद बढ़ गया। सफाई निरीक्षक बोले-लापरवाही से काम कर रहे ड्राइवरों को समझाया था मामले को लेकर सफाई निरीक्षक दिनेश मीणा ने कहा- कुछ ऑटो टिपर ड्राइवर लापरवाही से काम कर रहे थे। सुबह उन्हें समझाया गया था। दोपहर करीब 1 बजे स्थानीय युवक देवेंद्र बिधूड़ी के नेतृत्व में 8-10 ऑटो टिपर ड्राइवर और अन्य युवक परिसर पहुंचे। उन्होंने मुख्य गेट पर ताला लगाने की कोशिश की। जब मैने ने उन्हें रोका, तो उन पर लात-घूंसे और थप्पड़ों से हमला किया गया। अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मुझे बचाया। भिवाड़ी नगर परिषद के गेट पर फैलाया कचरा विवाद के बाद दो ऑटो टिपर का कचरा मुख्य गेट के सामने फैला दिया। बाकी ऑटो टिपर को मौके पर खड़ा दिया। साथ ही उनकी चाबी भी साथ ले गए। जिससे आने जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया। घटना की सूचना के बाद भिवाड़ी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। मगर तब तक ऑटो टिपर ड्राइवर और बाकी लोग मौके से निकल चुके थे। भिवाड़ी थाना अधिकारी सचिन शर्मा ने बताया-नगर परिषद के संबंधित अधिकारी से बात हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला कलेक्टर बोले-आरोपियों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश ने घटना का संज्ञान लेते हुए कहा-नगर परिषद कर्मचारी के साथ मारपीट का मामला संज्ञान में आया है। सभी आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामला दर्ज करवाया जाएगा। … यह खबर भी पढ़ें बदमाशों ने गेस्ट हाउस में घुसकर कर्मचारियों को पीटा,VIDEO:लाठी-सरियों से किया हमला, जान से मारने की धमकी दी; 3 गिरफ्तार सीकर के खाटूश्यामजी में बदमाशों ने गेस्ट हाउस में घुसकर तोड़फोड़ की और कर्मचारियों को पीटा। कर्मचारी पहले मारपीट करने वाले लोगों के गेस्ट हाउस पर काम करते थे। (पढ़ें पूरी खबर)

12वीं क्लास की छात्रा ने घर में किया सुसाइड:कमरे में फंदे से लटकी मिली; मां-पिता रिश्तेदारी में गए थे

भरतपुर में 12वीं क्लास की छात्रा ने घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। घर में मौजूद बड़े भाई-बहन ने उसे कमरे से बाहर बुलाया, लेकिन काफी देर तक गेट नहीं खुला तो पड़ोस में रहने वाले चाचा को सूचना दी। मौके पर पहुंचे चाचा गेट तोड़कर कमरे में घुसे तो नाबालिग फंदे पर लटकी मिली। उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे हुई। भाई, बहन के साथ घर पर थी नाबालिग पुलिस ने बताया- 17 साल की नाबालिग शुक्रवार को अपने बड़े भाई- बहन के साथ घर पर ही थी। माता-पिता रिश्तेदारी में एक कार्यक्रम में गए हुए थे। इस दौरान नाबालिग ने सुबह कमरे में जाकर पंखे से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। नाबालिग के भाई और बहन ने उसका कमरा खुलवाने की कोशिश की तो कमरा भीतर से बंद मिला। बच्चों ने पड़ोस में रहने वाले चाचा को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंचे चाचा ने गेट तोड़ा तो कमरे में नाबालिग फंदे से लटक रही थी। उन्होंने माता- पिता को जानकारी दी और उसे उतारकर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद लड़की को मृत घोषित कर दिया। घर पर अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे परिजन
इसके बाद परिजन हॉस्पिटल से नाबालिग के शव को घर ले आए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। हालांकि, हॉस्पिटल से मिली सूचना पर पुलिस मृतका के घर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हॉस्पिटल ले आई। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। सीओ नीरज भारद्वाज ने बताया- परिवार ने नाबालिग के सुसाइड की मर्ग दर्ज करवाई है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतका के पिता दुकानदार और मां गृहिणी है, जो घटना के समय रिश्तेदार के किसी कार्यक्रम में गए हुए थे। मृतका 12वीं क्लास की छात्रा थी।

850Km दूर वैष्णो देवी तक दंडवत यात्रा कर रहे बाबा:कहा- समय तय नहीं किया; 22 साल से बैठे नहीं, खड़े रहकर करते हैं सभी काम

सीकर जिले की दांतारामगढ़ तहसील में बाय गांव के संत खड़ेश्वर बाबा (75) पिछले 22 साल से खड़े हैं। संत शंकर दास महाराज अब बाय गांव से करीब 850 किलोमीटर कनक दंडवत (जमीन पर लेटते हुए) करते हुए वैष्णो देवी के लिए रवाना हुए हैं। निर्जला एकादशी पर 25 जून को खड़ेश्वर बाबा ने यह यात्रा शुरू की। बाबा के साथ कुछ ग्रामीण भी चल रहे हैं। वे बाबा के लिए सड़क पर गद्दे रखते जा रहे हैं। इन पर लेटकर संत खड़ेश्वर बाबा आगे बढ़ रहे हैं। खड़ेश्वर बाबा की इस कठिन साधना और इच्छाशक्ति को लोग अचरज से देख रहे हैं। खड़ेश्वर बाबा ने इस दंडवत यात्रा पर निकलने से पहले बाय गांव स्थित आश्रम में मां दुर्गा की आराधना और अनुष्ठान किया। बता दें कि 22 साल से खड़े रहकर जीवन बिता रहे संत शंकर दास महाराज को लोग खड़ेश्वर बाबा के नाम से जानते हैं। सोते समय भी वे विशेष सहारे के जरिए खड़े-खड़े ही आराम करते हैं। नारियल लेकर हुए रवाना, वैष्णो मां को करेंगे अर्पित खड़ेश्वर बाबा अपने साथ लाल कपड़े में बंधा हुआ एक नारियल लेकर निकले हैं। वे दंडवत करते हुए नारियल को ले जा रहे हैं। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे इस नारियल को कटरा स्थित वैष्णो माता के मुख्य मंदिर में अर्पित करेंगे। खड़ेश्वर बाबा ने बताया- इस यात्रा को पूरा करने की कोई तय समय सीमा नहीं है। पूरी यात्रा में सनातन का प्रचार करते हुए और भजन करते हुए रास्ते में आने वाले मंदिरों के दर्शन करेंगे। खाटूश्यामजी के दर्शन कर रास्ते के मंदिरों में करेंगे पूजा खड़ेश्वर बाबा की यह कनक दंडवत यात्रा खाटूश्यामजी कस्बे से होकर गुजरेगी। खाटू मंदिर में दर्शन के बाद बाबा आगे के सफर पर निकलेंगे। बाबा राजस्थान से हरियाणा और फिर पंजाब होते हुए जम्मू-कश्मीर की सीमा में प्रवेश करेंगे। इस दौरान रास्ते में आने वाले सभी प्रमुख सिद्धपीठों और मंदिरों में बाबा दर्शन-पूजन करेंगे। इसके अलावा भजन संध्याओं के माध्यम से लोगों को सनातन धर्म के प्रति जागरूक करेंगे। गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग संत शंकर दास महाराज उर्फ खड़ेश्वर बाबा ने बताया- मानव कल्याण और विश्व शांति के उद्देश्य से ये यात्रा कर रहा हूं। इस यात्रा के साथ खड़ेश्वर बाबा ने गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा मिलने की मांग करते हुए सनातन धर्म का जनजागरण और विश्व कल्याण का संकल्प लिया है। 22 साल से कर रहे अनोखी तपस्या बाबा की उम्र करीब 75 वर्ष है। बाबा करीब 22 वर्षों से अनोखी और दुर्लभ तपस्या कर रहे हैं। इन 22 सालों में बाबा कभी बैठे या लेटे नहीं। वे 24 घंटे लगातार खड़े रहकर ही साधना, पूजा-पाठ और दैनिक दिनचर्या पूरी करते हैं। निरंतर खड़े रहने के इसी कठोर संकल्प के कारण श्रद्धालुओं ने उन्हें ‘खड़ेश्वर बाबा’ का नाम दिया है।

अलवर में 13 फीट का ताजिया सुपुर्द-ए-खाक किया:हजारों श्रद्धालुओं ने ढोल की थाप पर किया मातम; 700 पुलिसकर्मी तैनात रहे

अलवर में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय ने मातमी ताजिया जुलूस निकाला। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे रोड नंबर-2 स्थित जामा मस्जिद से 13 फीट का बड़ा और 10 फीट का छोटा ताजिया रवाना हुआ, जो शाम 7 बजे कर्बला मैदान पहुँचा, जहाँ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। ताजिया कमेटी के अध्यक्ष खुर्शीद खान ने बताया कि हजारों अकीदतमंद गमगीन माहौल में ‘या हुसैन’ की सदाओं के साथ जुलूस में शामिल हुए। जुलूस के साथ ‘पैक’ भी चले, जिनमें शामिल युवक मातम करते हुए और ‘या हुसैन’ के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। ढोल की थाप पर मातम किया जा रहा था, वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु ताजियों के नीचे से भी गुज़रे। अब देखिए, जुलूस से जुड़ी 4 PHOTOS… एएसपी डॉ. दीपक कुमार ने बताया- जिलेभर में करीब 700 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें लगभग 300 पुलिसकर्मी शहर में और 30 ट्रैफिक पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं। जुलूस के दौरान काशीराम चौराहा, भगत सिंह चौराहा से जेल चौराहा तक ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।