कर्नाटक में MP के 5 मजदूरों समेत 7 की मौत:ग्रेनाइट खदान में चट्टान गिरी, सिर फूटा, हाथ-पैर टूटे; टुकड़ों में बंट गया ट्रैक्टर

कर्नाटक के बेंगलुरु के मदापट्टना स्थित ग्रेनाइट खदान में गुरुवार को 40 फीट की ऊंचाई से चट्टान गिरने से मध्य प्रदेश के अनूपपुर के रहने वाले 5 मजदूरों समेत 7 की मौत हो गई, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में एक मजदूर छत्तीसगढ़ और एक कर्नाटक के यादगीर जिले का निवासी था। पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मृतकों और घायलों को मलबे से बाहर निकाला। चट्टान की चपेट में आने से कई मजदूरों के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। न्यूज एजेंसी PTI ने सेंट्रल रेंज के डीआईजी एस. गिरीश से बातचीत के आधार पर MP के मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। हादसे के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने दुख जताते हुए जांच के निर्देश दिए। खदान मालिक ने मृतकों के परिजन को 10-10 लाख और घायलों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई। मंत्री प्रहलाद बोले- जानकारी जुटाई जा रही वहीं, मध्य प्रदेश के श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया- हादसे की जानकारी मांगी गई है। श्रम विभाग के अधिकारी कर्नाटक प्रशासन के संपर्क में हैं । मध्य प्रदेश के श्रम विभाग के प्रमुख सचिव रघुराज एमआर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- कर्नाटक में हुई एक घटना के बारे में जानकारी मिली है। मृतकों में मध्य प्रदेश के मजदूरों के शामिल होने की आशंका है। मध्य प्रदेश के श्रम आयुक्त कर्नाटक के अपने समकक्ष के संपर्क में हैं। आवश्यक समन्वय कर रहे हैं। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… चट्टान गिरने से 5 मजदूर घायल, 4 सुरक्षित बच निकले डीआईजी एस. गिरीश ने बताया कि खदान में ऊपर और नीचे दो क्रेशर संचालित हो रहे थे। हादसे के समय करीब 16 मजदूर काम कर रहे थे। ऊपरी हिस्से में ड्रिलिंग के दौरान विशाल ग्रेनाइट चट्टान फिसलकर नीचे गिरी, जिससे मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में 5 मजदूर घायल हुए, जबकि 4 सुरक्षित बच निकले। लोडिंग वाहन और ट्रैक्टर कई टुकड़ों में बंटा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चट्टान गिरने से लोडिंग वाहन और ट्रैक्टर कई टुकड़ों में बंट गया। राहत दल ने घंटों की मशक्कत के बाद मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला। अस्पताल और खदान परिसर में परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था। कर्ज चुकाने गया था मजदूर यादगीर के एक मृतक मजदूर के परिजन ने बताया कि परिवार बेटियों की शादी के बाद हुए कर्ज को चुकाने के लिए बेंगलुरु में मजदूरी कर रहा था। इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद परिजन ने मुआवजे और पुनर्वास की मांग की है। सरकार ने जांच के दिए निर्देश मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट में हादसे की वजह ब्लास्टिंग नहीं, बल्कि चट्टान खिसकना या मिट्टी धंसना सामने आई है। वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा। भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए नए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे ने प्रथम दृष्टया लापरवाही की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि खान एवं भूविज्ञान और गृह विभाग संयुक्त जांच कर रहे हैं। दोषियों पर कार्रवाई होगी। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने खदान की अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी की गई केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने राज्य में सक्रिय खनन लॉबी पर मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने घायलों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अनूपपुर के थे हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर कर्नाटक के ग्रेनाइट खदान हादसे में जान गंवाने वाले पांचों मजदूर मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के निवासी थे। जैतहरी थाना प्रभारी के मुताबिक मृतकों में भुवनेश्वर सिंह गौंड, राजपाल सिंह (35), रामअवतार सिंह (31) और राजेश प्रसाद चौधरी (28) शामिल हैं, जबकि एक अन्य मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है। तीन मजदूर घायल हुए हैं, जिनकी पहचान गुलाब सिंह (27), राजपाल सिंह (30) और छोटू लाल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मृतकों में एक ग्राम सिंघोरा, एक ग्राम सेमरवार और एक ग्राम चोलना का रहने वाला था। अनूपपुर एसपी विक्रांत मुराब ने बताया कि सभी पीड़ितों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

कपड़े-बर्तन बेचने के बहाने रेकी करते, रात में चोरी:राजस्थान समेत कई राज्यों में था नेटवर्क, 20 तोला सोना और कार बरामद

श्रीगंगानगर पुलिस ने चार महीने की मशक्कत के बाद दीवार फांदकर घरों में चोरी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। पदमपुर थाना पुलिस ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में सक्रिय गैंग के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के 20 तोला सोने के जेवरात और वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद की है। पदमपुर थाना प्रभारी सुमन जयपाल ने बताया – 18 फरवरी की रात पदमपुर निवासी अमित छाबड़ा के घर में चोरी हुई थी। रात 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच बदमाश दीवार फांदकर घर में घुसे और कमरे का ताला व संदूक काटकर करीब 22-23 तोला सोने के जेवरात और दो लाख रुपए नकद चोरी कर ले गए। इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। 500 CCTV और 50 टोल प्लाजा के कैमरों से मिला सुराग मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने एएसपी रायसिंहनगर रामेश्वर लाल और श्रीकरणपुर सीओ पुष्पेंद्र सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम ने लगातार चार महीने तक जांच की। करीब 500 सीसीटीवी फुटेज, 50 टोल नाकों के कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। इसके बाद राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में छापेमारी कर गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चरल उर्फ दलेर (60) निवासी गोकुलपुर, तरनतारन (पंजाब), शंभू उर्फ जावर (35) निवासी मुरादपुरा, तरनतारन (पंजाब), कालीराम उर्फ बरंटू (52) निवासी रामामंडी, जालंधर (पंजाब) और अजय उर्फ अक्षय (25) निवासी फिरोजपुर (पंजाब) के रूप में हुई है। दिन में रेकी, रात में नंगे पैर घरों में घुसकर करते थे चोरी पूछताछ में खुलासा हुआ कि गैंग के सदस्य गांवों में कपड़े और बर्तन बेचने के बहाने घूमते थे। इसी दौरान वे घरों की रेकी कर आसान निशाने चुनते थे। रात में नंगे पैर घरों में घुसकर चोरी करते और वारदात के बाद अपनी झुग्गी-झोपड़ी हटाकर दूसरे इलाके में शिफ्ट हो जाते थे, जिससे पुलिस के लिए उनका सुराग लगाना मुश्किल हो जाता था। चारों पर पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुख्य आरोपी चरल उर्फ दलेर पर 7, शंभू उर्फ जावर पर 7, कालीराम उर्फ बरंटू पर 5 और अजय उर्फ अक्षय पर 6 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से अन्य राज्यों में की गई चोरी की वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है।

इंडियन नेवी ने समुद्री लुटेरों का हमला किया नाकाम:अदन की खाड़ी में INS त्रिकंड के मार्कोस कमांडों को देखते ही भाग निकले लुटेरे

भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS त्रिकंड ने बुधवार रात अदन की खाड़ी में एक व्यापारी जहाज पर समुद्री लुटेरों के हमले की कोशिश नाकाम कर दी। जहाज MV Golden Arsenal पर एक भारतीय चालक दल का सदस्य भी मौजूद था और यह भारत के लिए महत्वपूर्ण कार्गो लेकर आ रहा था। नौसेना के पहुंचते ही समुद्री लुटेरे मौके से फरार हो गए। इसके बाद मार्कोस कमांडो ने जहाज पर चढ़कर उसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया। समुद्री लुटेरों ने जहाज पर चढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद चालक दल के सदस्यों ने संचार माध्यम के जरिए अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही मिशन पर तैनात INS त्रिकंड मौके पर पहुंचा। युद्धपोत को आते देख लुटेरे भाग निकले। सुरक्षित कमरे में छिपकर क्रू मेंबर्स ने नेवी को दी सूचना अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही समुद्री डाकुओं ने जहाज पर कब्जा करने की कोशिश की, क्रू मेंबर्स ने खुद को एक सुरक्षित कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने तुरंत रेडियो कम्युनिकेशन चैनल के जरिए भारतीय नौसेना को इस हमले की जानकारी दी और मदद मांगी। सूचना मिलते ही मिशन पर तैनात INS त्रिकंड मौके पर पहुंचा। युद्धपोत को आते देख लुटेरे भाग निकले। इसके बाद भारतीय नौसेना के मार्कोस कमांडो ने जहाज पर चढ़कर तलाशी ली और पूरे पोत को सुरक्षित किया। घटना में किसी तरह के नुकसान या हताहत होने की जानकारी नहीं दी गई है। भारत के लिए बेहद जरूरी कार्गो लदा हुआ था सूत्रों के मुताबिक, जिस जहाज पर डाकुओं ने हमला किया था, उसका नाम MV गोल्डन आर्सेनल है। इस कमर्शियल जहाज पर भारत के लिए बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण सामान (कार्गो) लदा हुआ था। सबसे खास बात यह है कि इस जहाज के क्रू में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। चालक दल के किसी भी सदस्य के घायल होने या जहाज को कोई नुकसान पहुंचने की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है। INS त्रिकंड ने दो महीने में समुद्री लुटेरों की तीसरी कोशिश नाकाम की इससे पहले 19 जून को भी INS त्रिकंड ने पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज MV Fareeda 5 से मिले संकट संदेश पर तत्काल कार्रवाई की थी। भारतीय नौसेना के मुताबिक, समय पर हस्तक्षेप कर संभावित समुद्री डकैती के खतरे को टाल दिया गया और जहाज की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। भारतीय नौसेना ने तब कहा था कि क्षेत्र में एक ‘प्राथमिक सुरक्षा साझेदार और प्रथम प्रतिक्रिया बल’ के रूप में वह व्यापारी जहाजों की सुरक्षा, समुद्री डकैती से मुकाबला और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले 27 मई को भी भारतीय नौसेना के आईएनएस कोलकाता ने पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज MV Mashallah 1 के पास संदिग्ध समुद्री डकैती की कोशिश को विफल किया था। हेलीकॉप्टर और बोर्डिंग टीम की मदद से जांच कर खतरे को टाल दिया गया था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… जिंदा मिसाइल के साथ भारत पहुंचा ऑयल टैंकर:ओमान तट के पास हमला हुआ; 2000km सफर कर कोच्चि आया इंडियन नेवी ने संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह से कोच्चि आए एक ऑयल टैंकर से जिंदा मिसाइल को सुरक्षित निकालकर बड़ा समुद्री हादसा टाल दिया है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 26 मई को ओमान तट के पास MT ओलम्पिक ऑयल टैंकर पर हमला हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…

पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर,10 बड़ी खबरें:₹1 करोड़ का सोना पकड़ा; निहंग ने मेकअप आर्टिस्ट धमकाया; पूर्व CM चन्नी बगावत के मूड़ में; PM मोदी का दौरा

नमस्कार, पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर कांग्रेस में बदलाव के बाद नाराजगी से जुड़ी रही। इससे पूर्व CM चरणजीत चन्नी, सांसद सुखजिंदर रंधावा और चंडीगढ़ सांसद मनीष तिवारी नाराज दिखे। इससे पार्टी में 2027 के चुनाव से पहले बगावत की संभावना बन गई है। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… सबसे पहले आज की टॉप 5 खबरें 1. एयरपोर्ट पर ₹1 करोड़ का सोना पकड़ा, जूतों में छुपाया था अमृतसर एयरपोर्ट पर 1 करोड़ का सोना पकड़ा गया है। इसके साथ महिला समेत 3 यात्रियों को गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों पेस्ट और कड़े-चेन में छुपाकर सोना ला रहे थे। एक पैसेंजर ने जूते में सोने का पिस्ट छिपा रखा था। कस्टम विभाग और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की टीमों ने ये कार्रवाई की। कस्टम अधिकारी के मुताबिक बरामद सोने को जब्त कर लिया गया है। सोने के साथ पकड़े गए यात्रियों पर सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिसया गया है। विभाग ने ये पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि इन मामलों के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय गोल्ड तस्करी गिरोह तो सक्रिय नहीं है। अफसरों के मुताबिक UAE के शारजाह-दुबई जैसे शहरों में सोना भारत के मुकाबले सस्ता होता है। भारत में आने पर ऊंची इंपोर्ट ड्यूटी लगने से तस्करों को बड़ा मुनाफा मिलता है। इसी कीमत के अंतर का फायदा उठाने के लिए वे यात्रियों के जरिए पंजाब समेत भारत में अवैध रूप से सोना पहुंचाते हैं (पढ़ें पूरी खबर) 2. कांग्रेस में बगावत के आसार, चन्नी ने मीटिंग बुलाई, रंधावा ने चुप्पी साधी, मनीष तिवारी भी नाराज पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले किए बदलाव को लेकर कांग्रेस में बगावत के आसार बन गए हैं। पूर्व CM चरणजीत चन्नी और सांसद सुखजिंदर रंधावा अमरिंदर राजा वड़िंग के प्रधान पद में बदलाव न होने से नाराज हैं। यही वजह है कि दोनों नेताओं ने अभी तक हाईकमान से पद मिलने के बाद धन्यवाद तक नहीं कहा। यहां तक कि सोशल मीडिया पोस्ट तक नहीं डाली। चन्नी ने तो घर में समर्थकों की मीटिंग बुला ली है। कांग्रेस सोर्सेज के मुताबिक पार्टी के करीब 10-15 बड़े नेता नई टीम बनने के बाद ज्यादा नाराज हैं। वह ठीक उसी तरह वड़िंग के खिलाफ कैंपेन चला सकते हैं जैसे कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने के लिए 2021 में नवजोत सिद्धू ने चलाई थी। इस नाखुशी की बड़ी वजह कांग्रेस का ट्रेंड है, जिसमें पंजाब में CM चेहरा न होने पर ज्यादातर प्रधान पद वाले नेता को ही बहुमत मिलने पर मुख्यमंत्री बनाया जाता है। (पढ़ें पूरी खबर) 3. अगले 6 दिन भारी बारिश का अलर्ट, मेयर रात 2 बजे पंपिंग स्टेशन पहुंची
पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की एंट्री होते ही गर्मी से राहत मिली है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज (2 जुलाई) से अगले 6 दिन पूरे राज्य में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। बुधवार को पंजाब के अधिकतम तापमान में 3.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ का तापमान 5.8 डिग्री की गिरावट के बाद 29.7 डिग्री सेल्सियस रहा। लुधियाना में मानसून ने बुधवार रात 1 बजे दस्तक दी। इसके साथ ही तेज बारिश होने लगी। इसका पता चलते ही मेयर इंद्रजीत कौर रात 2 बजे जलभराव का जायजा लेने पहुंच गईं। उन्होंने 2 पंपिंग स्टेशन और जीटी रोड पुली पर बुड्‌ढा दरिया का फ्लो चेक किया। उन्होंने कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दी है कि पंपिंग स्टेशन 24 घंटे चलाए जाएं, ताकि शहर में वाटर लॉगिंग न हो (पढ़ें पूरी खबर) 4. निहंग ने पंजाबी मेकअप आर्टिस्ट को धमकाया, बोला- लड़के गे बन रहे पंजाब के चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मधू सूदन उर्फ मेड संधू एक नए विवाद से फिर सुर्खियों में हैं। इस बार विवाद की वजह सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक ऑडियो-वीडियो क्लिप है, जिसमें निहंग जत्थेदार मनप्रीत सिंह खालसा और मेड संधू के बीच मोबाइल फोन पर हुई बातचीत सुनाई दे रही है। इस दौरान निहंग ने मेड संधू की सोशल मीडिया गतिविधियों, पहनावे और पुरानी रीलों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें चेतावनी दी, जबकि मेड संधू ने खुद में बदलाव का दावा करते हुए कहा कि उनकी पुरानी वीडियो को दोबारा शेयर कर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। वायरल बातचीत के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। निहंग ने आर्टिस्ट मेड संधू को गे जैसे पहनावे से दूरी बनाने को कहते हैं। वो कहते हैं कि कई युवा उन्हें फॉलो करते हैं। इससे वो भी गे बनने की चाह रखने लगते हैं। इसकी पूरी रिकॉर्डिंग सामने आई है (पढ़ें पूरी खबर) 5. एक हफ्ते सियासी कार्यक्रमों से दूर रहेंगे CM भगवंत मान
सीएम भगवंत मान एक हफ्ते तक राजनीतिक व सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहेंगे। वह गुरूवार को बेंगलुरु में विपश्यना के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान वे निजी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में रहकर प्राकृतिक उपचार, योग, ध्यान और विशेष आहार योजना के जरिए स्वास्थ्य लाभ लेंगे। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा। जरूरत के अनुसार उपचार और डाइट प्लान में बदलाव किया जा सकता है। दरअसल, मुख्यमंत्री पिछले काफी समय से लगातार राजनीतिक कार्यक्रमों, प्रशासनिक बैठकों और सरकारी गतिविधियों में व्यस्त रहे। लगातार यात्राओं और व्यस्त दिनचर्या के चलते उन्हें थकान की शिकायत हुई थी। चिकित्सकों की सलाह पर उन्होंने एक सप्ताह का स्वास्थ्य कार्यक्रम तय किया है (पढ़ें पूरी खबर) 6. नाबालिग की कृपाण मारकर हत्या
तरनतारन में मोमोज खा रहे एक नाबालिग लड़के की कृपाण मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, उसे बचाने आए उसके छोटे भाई को भी घायल कर दिया। भाई को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से भाग गए। बताया जा रहा है कि हमलावर भी इन्हीं किशोरों के क्लासमेट हैं। दोनों पक्षों के बीच किसी पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद हमलावरों ने आत्मघाती हमला किया। पुलिस ने मृतक किशोर के पिता के बयान पर तीन हमलावरों को नामजद किया है। उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर इनकी गिरफ्तारी के लिए छापे मारे जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। (पढ़ें पूरी खबर) 7. अगस्त में PM नरेंद्र मोदी का दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगस्त में पंजाब दौरे पर आएंगे। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री इस दौरान एक बड़े रेलवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे और राज्य को कई अन्य विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। हालांकि, दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इससे पहले 1 फरवरी को पीएम जालंधर में स्थित डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे थे। यहां उन्होंने माथा टेका और संत निरंजन दास से मुलाकात की थी। यह दौरा 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले दोआबा क्षेत्र में दलित वोटर्स को साधने के लिए भाजपा की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा माना गया था। अब विदेश से खबर… 8. USA में पंजाबी बच्चों को जन्म लेते ही नागरिकता मिलेगी अमेरिका में हर साल पैदा होने वाले 8 हजार बच्चों को जन्म लेते ही USA की नागरिकता मिलेगी। यह राहत अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने दी है। जिन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का वह फैसला रद्द कर दिया है, जिसमें ट्रम्प ने जन्म के वक्त नागरिकता न देने की बात कही थी। यह फैसला देते हुए अमेरिकी जज जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला हर बच्चा संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिक है। इस फैसले से अवैध रूप से रहे पंजाबी समुदाय के साथ सभी NRI पंजाबियों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के इस फैसले से अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर रह रहे पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में जन्मे बच्चों को अब पूर्ण नागरिकता का अधिकार मिल गया है। हर साल पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में करीब 8 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार, 2016 से 2024 तक एशियन मूल की माता-पिता की संख्या 66 हजार के करीब है। यहां सालाना 8 हजार के करीब भारतीय मूल के बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें ज्यादा संख्या पंजाबी समुदाय के बच्चों की है (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके 9. ‘मैं आपका दामाद बोल रहा हूं’..कह ₹8.25 लाख ठगे
जालंधर में एक शातिर ठग ने दामाद बनकर बुजुर्ग महिला को ठग लिया। उसने महिला के दामाद की हूबहू आवाज निकाली। जिसमें उसने कहा कि मां जी, मैं आपका दामाद ही बोल रहा हूं। इसके बाद बहाने से बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारियां ले लीं। फिर ट्रांजैक्शन लिंक के जरिए धीरे-धीरे 8.25 लाख रुपए निकाल लिए। महिला पूनम ने बताया कि उनके पति का निधन हो चुका है। बेटी की शादी हो चुकी है। वह घर पर अकेली रहती है। 8 मई को उसके फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। सामने वाला हूबहू उसके दामाद की आवाज में बात कर रहा था। इसी वजह से उसे पहले शक नहीं हुआ। मगर, जब उसने फोन काटा और स्क्रीन देखी तो उसमें अकाउंट से रुपए निकलने के कई मैसेज आए हुए थे। इससे उसे समझ आया कि दामाद बने ठग ने बात करते-करते ही उससे ठगी कर ली। जिसके बाद उसने अपने दामाद को फोन किया तो ठगी की बात कन्फर्म हो गई। फिर उसने पुलिस को शिकायत दी (पढ़ें पूरी खबर) कल क्या खास होगा? 10. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी की समर्थकों से मीटिंग
-पंजाब कांग्रेस का प्रधान न बनाए जाने से नाराज
-जालंधर से सांसद, प्रधान पद के लिए फाइनल माने जा रहे थे।
-अमरिंदर राजा वड़िंग को 2027 चुनाव के लिए प्रधान बनाने के पक्ष में नहीं। (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)

डकैत जगन गुर्जर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा:पकड़ कर दो बार दबाया गया गला, बचने के लिए संघर्ष तक नहीं किया

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर को पकड़ कर गला दबाया गया था। उसने बचने के लिए संघर्ष नहीं किया था। यह खुलासा गुरुवार को आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किया गया है। 5 सदस्यों की मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में बताया गया है कि जगन की मौत गला घोंटने से हुई है। मेडिकल बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने कहा- हत्या का तरीका किसी प्रशिक्षित या बेहद शातिर व्यक्ति की ओर इशारा करता है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक- जगन की गर्दन पर करीब 29 सेंटीमीटर लंबा गहरा दबाव का निशान मिला है। यह निशान गर्दन के आगे से दोनों तरफ तक फैला हुआ है। इतना ही नहीं गर्दन के बाएं हिस्से पर मुख्य निशान से नीचे एक और अलग चोट है। मेडिकल बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने बताया- गर्दन पर मिले दोनों निशानों का पैटर्न सामान्य नहीं है। इससे अंदेशा है कि पहले एक तरफ से गला दबाया गया। इसके बाद दूसरी तरफ से फिर ज्यादा ताकत लगाकर गले को दबाया गया, ताकि मौत कन्फर्म हो सके। वहीं रिपोर्ट में जगन के शरीर पर संघर्ष के ज्यादा निशान नहीं मिले हैं। अंदर भी चोट मिली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों को बाहरी चोटों के साथ गर्दन के अंदर भी गंभीर चोटें मिली हैं। त्वचा के नीचे खून जमा हुआ था। गर्दन की मांसपेशियों में ब्लीडिंग मिली। थायरॉयड के आसपास की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त थीं और जीभ के निचले हिस्से तक खून जमा हुआ था। मेडिकल विशेषज्ञों ने कहा- ऐसी चोटें तभी आती हैं, जब गर्दन पर काफी देर तक लगातार दबाव बनाया जाए। रिपोर्ट में दम घुटने से मौत के लगभग सभी मेडिकल संकेत दर्ज किए गए हैं। आंखों की नसों सहित शरीर के कई अंगों में ब्लीडिंग, फेफड़ों-अन्य अंगों का काम बंद करना और नाखूनों का नीला पड़ना इसकी पुष्टि करते हैं कि मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई। मेडिकल रिपोर्ट में जगन के पेट में खाना भी मिला पूरी वारदात को केवल गला कसकर अंजाम दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के दौरान पेट में करीब 300 ग्राम आधा पचा हुआ भोजन मिला है। इससे जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि खाना खाने के कितनी देर बाद हत्या हुई। वहीं फॉरेंसिक जांच के लिए छोटी आंत, लीवर और दोनों किडनी सहित अन्य नमूने सुरक्षित रखकर पुलिस को सौंप दिए गए हैं। जगन ने कोई संघर्ष नहीं किया रिपोर्ट में शरीर पर संघर्ष के ज्यादा निशान नहीं मिले हैं। इससे जांच अधिकारी इस संभावना पर भी काम कर रहे हैं कि वारदात अचानक हुई या फिर पहले जगन को किसी तरह काबू में कर लिया गया था। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जांच में जुटी मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम राय में स्पष्ट लिखा है कि जगन गुर्जर की मौत जीवित अवस्था में गला घोंटने से हुई। दम घुटने के कारण जगन की जान गई। रिपोर्ट में सभी चोटों को मौत से पहले लगी हुई बताया गया है। अब यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जेल के भीतर हुई इस हाई-प्रोफाइल हत्या की जांच का सबसे अहम वैज्ञानिक साक्ष्य बन गई है। जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रदेश की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल के अंदर इतनी सुनियोजित हत्या कैसे हुई। मेडिकल रिपोर्ट ने जहां हत्या की पुष्टि कर दी है। वहीं गर्दन पर मिले निशान और अंदरूनी चोटें, इस वारदात को सामान्य जेल हिंसा नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ अंजाम दी गई हत्या की ओर इशारा कर रही हैं। पुलिस अब इसी एंगल से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार- डकैत जगन गुर्जर डायबिटिक पेशेंट था। जिस दिन उसकी मौत हुई, उसे दिन उसकी शुगर हाई थी। पुलिस ने कहा- सीसीटीवी फुटेज की कर रहे जांच सिविल लाइंस थाना पुलिस की ओर से जगन हत्याकांड में दर्ज मुकदमे में जांच जारी है। जांच अधिकारी शंभू सिंह ने बताया- हाई सिक्योरिटी जेल के दो जेल प्रहरी के पहले बयान लिए थे, उन बयानों को वापस कोर्ट में BNS की धारा 183 के तहत लिए गए।
बंदी विष्णु को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करने के लिए प्रार्थना पत्र भी कोर्ट में गुरुवार को लगाया है। साथ ही जेल में लगे हुए सीसीटीवी फुटेज वारदात वाले दिन और उससे पहले के प्राप्त किए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी मिल गई है, जिस पर अनुसंधान जारी है। जगन गुर्जर हत्याकांड की हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड की रिपोर्ट हाईकोर्ट ने तलब की है। कोर्ट ने जेल में घटना से जुड़े कैमरों में क्या रिकॉर्ड हुआ, क्या नहीं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्या किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। इन तमाम बिंदुओं पर कोर्ट ने सरकार और जेल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश जेल में व्यवस्थाओं के सुधार से जुड़े स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में सुनवाई करते हुए दिए। पूरी खबर पढ़ें… 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार 1 जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ।
जगन गुर्जर की हत्या से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया

तहसीलदार से महिला बोली- आपने पैसे खाए:अधिकारी ने कहा- फालतू बकवास मत करो; आपको विरोध करने का अधिकार, गलत बोलने का नहीं

बाड़मेर शहर के रामा चौक इलाके में गुरुवार को डिस्कॉम की टीम ट्रांसफार्मर लगाने पहुंची तो स्थानीय लोग विरोध में उतर गए। महिलाएं कुर्सियां लेकर मौके पर बैठ गईं। जानकारी मिलने पर तहसीलदार हुकमीचंद और कोतवाली थानाधिकारी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे। लोगों ने अधिकारी के सामने सवाल उठाया कि जब यहां बिजली की कोई समस्या नहीं है तो ट्रांसफार्मर क्यों लगाया जा रहा है। अधिकारी लोगों से बात कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला ने तहसीलदार पर पैसे खाने का आरोप लगा दिया। महिला ने कहा- उन्होंने पैसे दिए और आपने खा लिए, इसलिए वहां ट्रांसफार्मर नहीं लगा रहो। इस पर तहसीलदार ने कहा- आप साथ थीं क्या? ऐसे कैसे कह रहे हो कि पैसे खा लिए। फालतू बकवास मत करो। महिलाओं ने ट्रांसफार्मर लगाने का विरोध किया
दरअसल, गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे डिस्कॉम की टीम ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पोल और मशीन लेकर रामा चौक इलाके में पहुंची थी। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय महिलाएं और लोग विरोध में उतर आए। लोगों ने कहा- पहले भैरव साड़ी स्टोर के पास ट्रांसफार्मर लगाने की योजना थी, इसे वहीं लगाया जाए। महिलाएं कुर्सियां लेकर मौके पर बैठ गईं। सूचना मिलने पर तहसीलदार हुकमीचंद और कोतवाली थानाधिकारी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे। महिला ने तहसीलदार पर लगाया रुपए खाने का आरोप
स्थानीय लोगों ने कहा- हमारे इलाके में बिजली की कोई समस्या नहीं है, इसलिए यहां ट्रांसफार्मर लगाने की जरूरत नहीं है। इलाके में रहने वाली लीला देवी ने कहा- घर के आगे डीपी लगाने से 20 साल पहले भी हादसा हुआ था। पहले डीपी करमु जी की गली में लग रही थी, लेकिन वहां लोगों ने विरोध किया तो अब इधर लगा रहे हैं। हम यहां पर नहीं लगने देंगे। पुलिस-प्रशासन की समझाइश के दौरान महिलाओं ने भला-बुरा कहना शुरू कर दिया। इसी दौरान एक महिला ने तहसीलदार पर पैसे खाने का आरोप लगा दिया। इस पर तहसीलदार नाराज हो गए और कहा- फालतू की बकवास मत करो। अब पढ़िए तहसीलदार और महिला के बीच बातचीत के अंश… महिला: उन्होंने पैसे दिए और आपने खा लिए, इसलिए वहां ट्रांसफार्मर नहीं लगा रहे। अंदर ही अंदर पैसे खा लिए। तहसीलदार: आप साथ थीं क्या? सोच-समझकर बोलो। गलत बात बोलने की जरूरत नहीं है। ऐसे कैसे कह रहे हो कि पैसे खा लिए। फालतू बकवास मत करो। महिला: फालतू बकवास आप करते हो। तहसीलदार: गलत कैसे बोल रहे हो कि पैसे खा लिए। आप महिला हो, तरीके से बोलो। गलत बात मत करो। अन्य लोग: आप भी सौतेला व्यवहार मत करो। तहसीलदार: आपको विरोध करने का अधिकार है, लेकिन किसी को गलत बोलने का अधिकार नहीं है। डीपी लगाने के विरोध में उतरे लोग, उनको समझाया
कोतवाली सीआई मनोज कुमार ने बताया- बिजली व्यवस्था सुचारू करने के लिए डिस्कॉम डीपी लगाना चाहता है। स्थानीय लोगों का विरोध है कि यहां डीपी नहीं लगाई जाए। पुलिस और प्रशासन ने लोगों को समझाया कि बिजली व्यवस्था को ठीक करने के लिए डीपी लगाई जा रही है। इसका विरोध नहीं करना चाहिए।

मॉडल ने ताश के पत्तों से बना आउटफिट पहना:कोई बनी आईफा ट्रॉफी, मां की ज्वैलरी से बनी ड्रेस; मिस राजस्थान फिनाले वीक में अनोखे लुक

मिस राजस्थान 2026 के फिनाले वीक में टॉप-28 फाइनलिस्ट मॉडल्स ने रैंप वॉक किया। इस दौरान सभी मॉडल्स अपनी अनोखी और रचनात्मक ड्रेसेस को लेकर काफी सुर्खियों में रहीं। रैंप वॉक के दौरान किसी मॉडल ने ताश के पत्तों से बना अनोखा आउटफिट पहना, तो किसी ने खुद को आईफा अवॉर्ड ट्रॉफी के रूप में खूबसूरती से प्रस्तुत किया। मॉडल ने हाथ में तलवार लेकर बेहद साहसी और अनोखे अंदाज में रैंप वॉक किया। इसके अलावा, तितली की थीम पर बनी बेहद आकर्षक ड्रेस भी एक मॉडल ने पहनी। वहीं, एक अन्य मॉडल ने सिंड्रेला थीम पर स्वयं तैयार किया हुआ आउटफिट पहना। राजस्थानी संस्कृति को दर्शाते हुए पारंपरिक बंधेज प्रिंट के साथ हाथ से बने मिट्टी के चाय के कुल्हड़ों को भी एक मॉडल ने अपने आउटफिट का हिस्सा बनाया। मिस राजस्थान 2026 के फिनाले वीक का आयोजन बुधवार रात को जामडोली स्थित ‘हैवा हैवन रिसॉर्ट’ में किया गया। फिनाले जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम मे 4 जुलाई को होगा। आयोजक योगेश मिश्रा और निमिषा मिश्रा ने बताया- इस राउंड का उद्देश्य प्रतिभागियों की रचनात्मक क्षमता, डिजाइन सेंस, स्टाइलिंग और कॉन्सेप्ट प्रेजेंटेशन को परखना था। हर मॉडल ने अपने व्यक्तित्व के अनुरूप अलग पहचान बनाने की कोशिश की। इसमें एक मॉडल ने अपनी मां की ज्वैलरी को कपड़े पर लगाकर पूरी तरह से ‘ज्वैलरी ड्रेस’ बनाई और रैंप वॉक किया, वहीं कुछ मॉडल्स बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्रियों की तरह तैयार होकर रैंप पर उतरीं। टैग-1: आराध्या मदान
90 के दशक की बॉलीवुड ग्लैमर को जिया आराध्या मदान ने टैग-2: नेहा हंसराजानी
हरे रंग में शक्ति और सौम्यता का संदेश टैग-3: पलक शर्मा
गॉथिक विंटेज स्टाइल में दिखीं टैग-4: शुभांगी शर्मा
अखबार की सुर्खियों से बना फैशन टैग-5: आस्था भूटानी
ब्लैंक कैनवास बनी आस्था भूटानी टैग-6: जाह्नवी कुमावत
ओल्ड हॉलीवुड की झलक लेकर आईं जाह्नवी कुमावत टैग-7: आशा जांगिड़
बार्बी बनी आशा जांगिड़ टैग-8: श्रुति कुमारी
ओल्ड हॉलीवुड एस्थेटिक्स से प्रेरित टैग-8: लक्षिता गोदारा
‘हॉरर और वैम्पायर’ लुक पेश किया टैग-10: निहारिका राठौड़
फूलों से सजी प्रकृति की खूबसूरती बनी निहारिका राठौड़ की पहचान टैग-11: मेघना चौधरी
ताश के पत्तों से सफलता की कहानी सुनाती दिखीं मेघना चौधरी टैग-12: प्राची हिंदूजा
सभी प्रतिभागियों को आईफा अवॉर्ड मानती हैं प्राची हिंदूजा टैग-13: कुसुम सोनी टैग-14: शगुन राठौड़
ड्रेस पर डिजाइन हुई ज्वैलरी, मां का मिला साथ टैग-15: दिव्यांशी जांगिड़
सिंड्रेला बनी दिव्यांशी जांगिड़ टैग-16: श्रुति नायक
करीना कपूर के आइकॉनिक लुक से प्रेरित श्रुति नायक टैग-17: श्रीजा गुप्ता
मरमेड वाइब्स के साथ मंच पर उतरीं श्रीजा गुप्ता टैग-18: वंशिका नूनिया
आधुनिक महिला की सोच को दर्शाया टैग-19: निहारिका माथुर
दादी के लहंगे को नया जीवन देने वाली निहारिका माथुर टैग-20: कोमल वर्मा
तितली बन उड़ने का सपना लेकर आईं कोमल वर्मा टैग-21: सुहानी जैन
कैटरीना कैफ की झलक बनी सुहानी जैन टैग-22: अक्षिता सिंह तंवर
‘द डेविल वियर्स प्राडा’ से प्रेरित अक्षिता सिंह तंवर टैग-23: अनुष्का माथुर
राजस्थान की बंधेज और कुल्हड़ चाय का अनोखा संगम टैग-24: वर्षा शर्मा
हॉलीवुड ग्लैमर लेकर आईं वर्षा शर्मा टैग-25: खुशी धिनवा
बचपन की प्रेरणा बनी खुशी धिनवा की पहचान टैग-26: ज्योति चौधरी
सेल्फ लव का संदेश लेकर आईं ज्योति चौधरी टैग-27: अनमोल शेखावत
ऑरेंज और ब्लैक से व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति टैग-28: प्रज्ञा चौधरी
लैटिना स्टाइल में दिखा जुनून

बेनीवाल बोले-कांग्रेस राज के बेइमान IAS, सीएम के इर्द-गिर्द लगे:कहा- बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही कांग्रेस; अब मैं कभी एनडीए में नहीं जाऊंगा

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा- कांग्रेस सरकार के बेईमान आईएएस अधिकारी मुख्यमंत्री के इर्द-गिर्द लगे हैं। बेनीवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा- राजस्थान में कांग्रेस बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही है। हनुमान बेनीवाल गुरुवार को जोधपुर पहुंचे थे। यहां से वे बाड़मेर के लिए रवाना हुए। जोधपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा- मैं कभी एनडीए में नहीं जाऊंगा। वहीं बेनीवाल ने जगन गुर्जर हत्या मामले का उल्लेख करते हुए सीबीआई जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा- निष्पक्ष जांच होने पर कई जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। बोले- कांग्रेस नेता मंत्रियों को टारगेट करते हैं हनुमान बेनीवाल ने कहा- बीजेपी जिस तरह से दूसरी पार्टियों में तोड़फोड़ कर रही है। इनका क्या मकसद है, ये ही जानें। राजस्थान का नेतृत्व ऐसे के हाथ में है, जिसे राजनीति का क, ख, ग नहीं पता। पहली बार विधायक बने और सीएम बना दिए गए। उन्हें पता ही नहीं दिन में क्या करना है, दोपहर में क्या करना है, शाम को बयान बदल देते हैं। कांग्रेस ​भाजपा से मिलकर काम कर रही है। कांग्रेस के बयान सीएम को टारगेट नहीं होकर, उनके मंत्रियों को टारगेट कर रहे हैं। ये लुका-छिपी का गेम चल रहा है। सीएम ने भी कहा था- कांग्रेस के लोग आधी रात को मिलने या अंधेरे में मिलने आते हैं। बीजेपी जिन मुद्दों को लेकर राजस्थान में आई। सीबीआई को एक भी जांच नहीं सौंपी। बेनीवाल ने कहा- राजस्थान में क्राइम बढ़ा। सीएम के आने के बाद अग्निदेव नाराज हो गए। लोकतंत्र राजस्थान में खत्म है। सारा काम दिल्ली से हो रहा है। ब्यूरोक्रेट सीएम को चला रहे हैं। कहा- जोधपुर पूर्व सीएम का इलाका, पर कांग्रेस नजर नहीं आ रही बेनीवाल ने कहा- जहां मैं बैठा हूं, यह पूर्व सीएम का इलाका है। यहां कांग्रेस नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस के लोग बीजेपी पर आरोप लगाते हैं, लेकिन सड़क पर नजर नहीं आते। रिफाइनरी पर बेनीवाल बोले- ये राजनीति की भेंट चढ़ गई। यह परियोजना वर्षों पहले शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से देरी होने से राजस्थान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। डकैत जगन गुर्जर की हत्या को लेकर सीबीआई जांच की मांग बेनीवाल ने कहा- राजस्थान में कानून-व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस प्रदेश में मिलीभगत से काम कर रही है और वास्तविक विपक्ष की भूमिका केवल आरएलपी निभा रही है। उन्होंने एसआई भर्ती, रीट परीक्षा, पेपर लीक और आरपीएससी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए कहा- इन मामलों की सीबीआई जांच नहीं कराने से भाजपा और कांग्रेस की मिलीभगत सामने आती है।

गहलोत बोले- राजस्थान में सरकारी भुगतान तंत्र ठप:ऐसा वित्तीय कुप्रबंधन कभी नहीं देखा; न पेंशन मिल रही न इलाज, सीएम तुरंत दखल दें

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सरकारी भुगतान तंत्र के पूरी तरह ठप होने का दावा करते हुए सीएम भजनलाल शर्मा को लैटर लिखा है। गहलोत ने लैटर में गंभीर वित्तीय संकट का हवाला देते हुए सरकारी कर्मचारियों को होने वाली परेशानियों और वेंडर्स का भुगतान नहीं होने पर सवाल उठाए। गहलोत ने लैटर में लिखा- राजस्थान में सरकारी भुगतान तंत्र जिस तरह ठप पड़ चुका है, उसे लेकर मैं गहरी चिंता के साथ यह लिख रहा हूं। यह किसी एक विभाग या किसी एक योजना की समस्या नहीं है। कर्मचारी, पेंशनभोगी, दुर्घटना पीड़ित परिवार, अस्पताल, दवा विक्रेता और छोटे ठेकेदार, लगभग हर वर्ग आज अपने वाजिब भुगतान के लिए भटक रहा है। प्रदेश के इतिहास में वित्तीय कुप्रबंधन का ऐसा स्वरूप पहले कभी नहीं देखा गया। गहलोत ने कहा- मुख्यमंत्री को समय रहते इसमें हस्तक्षेप कर लोगों को राहत दिलानी चाहिए। आरजीएचएस योजना में अस्पतालों-मेडिकल स्टोरों का भुगतान अटका गहलोत ने लिखा- आरजीएचएस योजना के तहत निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और दवा विक्रेताओं का करोड़ों रुपए का भुगतान महीनों से अटका है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि राज्य मानवाधिकार आयोग को इसे मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए स्वतः संज्ञान लेना पड़ा। कई अस्पतालों ने योजना से जुड़ी सेवाएं सीमित करने या एमओयू समाप्त करने तक की चेतावनी दे डाली। नतीजा यह है कि कैशलेस इलाज का दावा करने वाली योजना में भी कर्मचारियों और पेंशनरों को पहले अपनी जेब से पैसे जमा करवाने पड़ रहे हैं। इस भरोसे पर कि सरकार से भुगतान आने पर बाद में वापसी होगी। ऐसे मामलों में राज्य सरकार को लिखित गारंटी देकर अस्पतालों को पुनर्भुगतान के लिए पाबंद करना चाहिए। एक्सीडेंट में मौत पर पांच लाख की सहायता भी नहीं मिल रही गहलोत ने लिखा- मुख्यमंत्री चिरंजीवी, आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के तहत भी रुपए नहीं मिल रहे हैं। इसके तहत दुर्घटना में मौत होने पर पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए की सहायता राशि मिलनी होती है। यह जानकारी मिल रही है कि सैकड़ों मामलों में दावे स्वीकृत होने के बावजूद पीड़ित परिवारों को भुगतान नहीं मिल पाया है। जिस परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खोया हो, उसे स्वीकृति के बाद भी महीनों राशि के लिए इंतजार करना पड़े, यह राज्य सरकार की असंवेदनहीनता को दिखाता है। रिटायरमेंट के बाद कई महीनों तक कर्मचारियों को नहीं मिल रहे रुपए गहलोत ने लिखा- राज्य के रिटायर्ड कर्मचारियों की हालत भी उतनी ही चिंताजनक है। जीपीएफ, ग्रुप बीमा, ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश (पीएल) जैसी रकम, जो कर्मचारी का हक है। रिटायरमेंट के बाद कई महीनों तक जारी नहीं हो रहा। साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी प्रदेश के कई जिलों में कई महीनों से लंबित चल रही है। इससे बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनभोगी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ट्रेजरी से पास हो चुके बिलों का भुगतान नहीं हो रहा गहलोत ने लिखा- ट्रेजरी से पास हो चुके बिलों के भुगतान पर भी कई महीनों से संकट बना हुआ है। इसका सीधा असर सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं पर पड़ रहा है। हालत यह हो गई है कि छोटे-छोटे ठेकेदारों को अपने वाजिब भुगतान के लिए अखबारों में विज्ञापन देकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना पड़ रहा है। हजारों श्रमिकों और छोटे उद्यमियों की आजीविका इसी भुगतान संकट के कारण खतरे में है। भुगतान संकट प्रशासनिक लापरवाही नहीं गहलोत ने लिखा- भुगतान का यह संकट केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका और सम्मान से जुड़ा प्रश्न है। जिस राज्य को अपने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और सेवा प्रदाताओं के भरोसे पर खड़ा होना चाहिए, वहां आज यह भरोसा ही डगमगा रहा है। आम आदमी, सरकारी कार्मिक, पेंशनभोगी, ठेकेदार समेत समाज का हर वर्ग आज परेशान है। इस विषय की गंभीरता को समझते हुए समय रहते निर्णय लेना जरूरी है, ताकि प्रदेश के लाखों परिवारों को इस अनावश्यक संकट से राहत मिल सके।

जहां बस जली वहां से 3KM-दूर ट्रॉमा-सेंटर ताले में बंद:3 साल से उद्घाटन ही नहीं हो पाया, हादसे में 8 लोगों की हुई थी मौत

दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बुधवार को हुए हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई थी। जिस जगह हादसा हुआ वहां से 3 किमी दूर NHAI का डेवलप किया ट्रॉमा सेंटर है। इसके चलते एम्बुलेंस समय पर आ गई थी, लेकिन ये ट्रॉमा सेंटर ताले में बंद है। 2023 में बने इस ट्रॉमा सेंटर का अब तक उद्घाटन नहीं हो पाया है। यहां पर एंबुलेंस के अलावा कोई सुविधा विकसित ही नहीं की गई है। इसके कारण कोलवा थाना क्षेत्र में हुए हादसे के बाद घायलों को 25 किलोमीटर दूर दौसा जिला हॉस्पिटल ले जाना पड़ा। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी जब भी इस एक्सप्रेस-वे पर हादसा होता है तो घायलों को दौसा जिला हॉस्पिटल ही ले जाना पड़ता है। घटना के अगले दिन भास्कर टीम रेस्ट एरिया में पहुंची जहां ट्रॉमा सेंटर की बिल्डिंग तो तैयार है, लेकिन हॉस्पिटल अब तक संचालित नहीं हो रहा है। वहीं NHAI के अधिकारियों का कहना है- ट्रॉमा सेंटर शुरू करने का मामला अभी पाइपलाइन में है। स्वीकृति मिलते ही शुरू कर देंगे। ट्रॉमा सेंटर पर लगा है ताला जिला मुख्यालय से करीब 22 किमी दूर गुरुवार सुबह साढ़े नौ बजे भास्कर टीम धनावड़ रेस्ट एरिया पहुंची। यहां हाईवे के दोनों तरफ बने ट्रॉमा सेंटर पर एक तरफ के गेट पर ताला लगा था। दूसरे तरफ ट्रॉमा सेंटर का ताला खुला तो था लेकिन अंदर कोई सुविधा नहीं थी। बाहर खड़ी थी सिर्फ एक एम्बुलेंस। एंबुलेंस चालक घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाते हैं ट्रॉमा सेंटर पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया- कैंपस तो बनाया हुआ है, लेकिन अस्पताल शुरू नहीं हुआ है। एक्सीडेंट में घायलों को जिला अस्पताल ही पहुंचाते हैं। टीम ने रेस्ट एरिया को लीज पर संचालित कर रहे इंडियन ऑयल के बिजनेस मैनेजर मुकेश बैरवा से बात की। मुकेश बैरवा ने कहा- NHAI ने फ्यूचर एरिया के नाम से रिजर्व जगहों को फिलहाल डेवलप नहीं किया है। होटल-ढाबे और पेट्रोल पंप तो हैं लेकिन चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है। मुकेश बैरवा ने कहा- NHAI ने फ्यूचर एरिया के नाम से रिजर्व जगहों को फिलहाल डेवलप नहीं किया गया है। होटल-ढाबे और पेट्रोल पंप तो हैं लेकिन चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है। अधिकारी बोले- मामला पाइपलाइन में ट्रॉमा सेंटर के संचालन के लिए 3 साल बाद भी टेंडर प्रक्रिया नहीं हो सकी है। दौसा में NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गजेंद्र सिंह ने बताया- रेस्ट एरिया में बने ट्रॉमा सेंटर शुरू करने के लिए मुख्यालय द्वारा पॉलिसी बनाई जा रही है। फिलहाल अभी पूरा मामला पाइपलाइन में है, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद ट्रॉमा सेंटर संचालन संबंधी गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। तीन साल बाद भी नहीं शुरू हुआ ट्रॉमा सेंटर 2023 में पीएम नरेंद्र मोदी ने इसी परिसर से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था। उस समय यह कहा गया था कि रेस्ट एरिया में ट्रॉमा सेंटर बनाया गया है। जहां पर 24 घंटे डॉक्टर ड्यूटी देंगे। सफर के दौरान किसी की तबीयत खराब हो जाती है तो उसे ट्रॉमा सेंटर लाया जा सकेगा। यहां पर मेल-फीमेल वार्ड अलग से बनाए गए हैं। यहां आईसीयू वार्ड, ऑपरेशन थिएटर भी बनाया गया है। जहां मरीजों का ऑपरेशन भी किया जा सकेगा। एम्बुलेंस भी NHAI की ओर लगाई गई है। हाईवे पर हादसा होता है तो एम्बुलेंस से तुरंत ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को लाया जा सकेगा, लेकिन तीन साल बाद भी चिकित्सा के नाम पर सिर्फ एक एंबुलेंस है। बस ट्रेलर की भिड़ंत में 8 लोगों की हुई थी मौत बुधवार को ऋषिकेश से इंदौर जा रही, हंस ट्रेवल्स की बस दौसा के कोलवा थाना इलाके से निकल रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर पहुंची थी। रात 2:28 बजे पर ड्राइवर को झपकी आई और बस आगे चल रहे ट्रेलर से भिड़ गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों वाहन एक्सप्रेसवे के बीच में बने डिवाडर पर चढ़ गए थे। कुछ ही मिनटों में बस और ट्रेलर में आग लग गई। दोनों वाहन बुरी तरह जल गए थे। अंदर रखा सामान भी जल गया। हादसे में 6 जिंदा जल गए और 2 की मौत चोट आने से हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की तस्वीरें… हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 4 दावों में फेल एक्सप्रेसवे पर जयपुर-दिल्ली का सफर:जगह-जगह ढाबे खुले, गड्ढे भी; 120 की रफ्तार वाली गाड़ियों से जानवरों की मौतें एक साल पहले 2 जुलाई 2025 को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने जयपुर-दौसा-बांदीकुई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे शुरू किया था। (पढ़ें पूरी खबर) राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। (पूरी खबर पढ़िए)