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फतहसागर झील किनारे चाकू लहराकर रील बनाने वाला युवक गिरफ्तार:बोला- सोशल मीडिया पर खुद को फेमस करना था

सोशल मीडिया पर खुद को फेमस करने के लिए चाकू लहराकर रील बनाने युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। युवक ने उदयपुर के टूरिस्ट स्पॉट फतहसागर झील किनारे हवा में चाकू लहराकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर रील अपलोड की थी। इसके बाद वो पुलिस के निशाने पर आ गया था। अंबामाता थाना पुलिस ने उससे चाकू भी बरामद कर लिया है। पकड़ा गया तो मांगने लगा माफी थानाधिकारी दलपत सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर चाकू लहराकर टूरिस्ट और लोगों में डर का माहौल बनाने वाले युवक राकेश कुमार (22) पुत्र नकाराम निवासी अमरपुरा झाड़ोल को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में बताया कि उसने धारदार चाकू खुद का रुतबा कायम करने और सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए खरीदा था। युवक ने अपनी गलती कबूल करते हुए माफी मांगी और आगे से ऐसा वीडियो नहीं बनाने की बात कही है। हथियार के साथ रील बनाना कानून का उल्लंघन चाकू लहराकर रील बनाना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि देश-विदेश से आने वाले टूरिस्ट के बीच गलत संदेश जाता है। थानाधिकारी ने बताया कि भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक एवं टूरिस्ट प्लेस पर चाकू लहराकर रील बनाना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि देश-विदेश से आने वाले टूरिस्ट के बीच गलत संदेश जाता है। पुलिस ने बताया कि इस तरह वीडियो बनाने वालों खिलाफ पुलिस साइबर टीम पूरी निगरानी रखे हुए है। अगर कोई हथियारों के साथ ऐसी रील बनाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

बच्चों से भरी स्कूल बस को डंपर ने मारी टक्कर:मची चीख-पुकार, ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला

डीग जिले के कामा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। बोलखेड़ा गांव के पास पहाड़ी मार्ग पर एक ओवरलोड डंपर ने बच्चों से भरी स्कूल बस को पीछे से टक्कर मार दी। इस घटना में बस में सवार बच्चे सुरक्षित रहे, जिसका श्रेय बस ड्राइवर की सूझबूझ को दिया जा रहा है। बस में कामां संस्कार स्कूल के छात्र-छात्राएं सवार थे। टक्कर के बाद बच्चों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन ड्राइवर ने तुरंत बस को नियंत्रित कर सुरक्षित स्थान पर रोका और बच्चों को शांत कराया। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीण और राहगीर जमा हो गए। ओवरलोड डंपर को किया जब्त
सूचना मिलने पर कामां थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारु कराया और ओवरलोड डंपर को जब्त कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई है। कामा थाना पुलिस के अनुसार, स्कूल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस डंपर ड्राइवर और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। ओवरलोड वाहनों को लेकर लोगों में आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों ने पहाड़ी मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इससे स्कूली वाहनों और अन्य यात्रियों की सुरक्षा को खतरा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इन मार्गों पर नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

बंगाल के मुर्शिदाबाद में ट्रेन की स्कूल वैन से टक्कर:3 की मौत; कई गंभीर रूप से घायल, इलाज जारी

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन ने एक पूल कार (स्कूली गाड़ी) को टक्कर मार दी। अधिकारियों के मुताबिक, टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई है, जिनमें दो स्कूली छात्र शामिल हैं। गाड़ी रेलवे ट्रैक को पार करने की कोशिश कर रही थी। टक्कर में गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। हादसे में गंभीर रूप से घायल तीन छात्रों और वैन के ड्राइवर को इलाज के लिए मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया है। अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों में से कुछ की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। टक्कर के बाद की 3 तस्वरीें… पुलिस बोली- पैसेंजर ट्रेन से टक्कर हुई एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, जब एक्सप्रेस ट्रेन गुजरी तब रेलवे क्रॉसिंग बंद थी। लेकिन उसके तुरंत बाद गेट को खोल दिया गया, जबकि वहां से एक पैसेंजर ट्रेन भी गुजरने वाली थी। स्कूल वैन के ड्राइवर ने गेट खुला देखकर गाड़ी को पटरियों के पार ले जाने की कोशिश की। इसी दौरान एक साइकिल सवार भी पटरी पार करने लगा। तभी तेज रफ्तार में आ रही निमतिया-कटवा लोकल ट्रेन ने स्कूल वैन को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और बच्चे अंदर ही फंस गए। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में टीचर-इंजीनियर समेत 10 की मौत:ट्रक ने मैजिक को टक्कर मारी, कई लोग सीट के बीच में ही फंस गए लखीमपुर खीरी में 18 मई सुबह 7.30 बजे मैजिक वाहन और ट्रक की टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई। ये सभी मैजिक वाहन में सवार थे। 9 लोगों की मौके पर ही मौत हुई, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतकों में सरकारी टीचर और इंजीनियर भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…

पड़ोसी युवक ने नाबालिग से की अश्लील हरकत:पिता के साथ मिलकर मारपीट करने का भी आरोप; धमकी दी

अजमेर में एक नाबालिग से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पिता की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार- पीड़िता के पिता ने एसपी को दिए परिवाद में बताया कि वह और उनकी पत्नी मजदूरी करते हैं। दिन के समय उनकी नाबालिग बेटी घर पर अकेली रहती है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला युवक उसे अकेला पाकर लंबे समय से अश्लील इशारे करता था और उसके साथ छेड़छाड़ करता था। कई बार अश्लील हरकत की गई। परिवाद के मुताबिक- 12 जुलाई को बेटी घर के काम से बाहर निकली थी। इस दौरान आरोपी ने उसे पकड़ लिया और गलत हरकत की। आरोपी ने छेड़छाड़ का वीडियो होने का दावा करते हुए उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी दी और अपनी बात मानने का दबाव बनाया। बच्ची किसी तरह आरोपी के चंगुल से निकलकर घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद जब आरोपी का विरोध किया तो उसने अपने पिता के साथ मिलकर मारपीट की। मारपीट के दौरान भी आरोपी ने नाबालिग के साथ अश्लील हरकत की, जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। परिवाद में आरोप लगाया कि पहले शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला एसपी के समक्ष पहुंचा। पुलिस ने एसपी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

25 दिन से दहशत फैला रहे दो लेपर्ड पकड़े:रणथंभौर टाइगर रिजर्व की टीम ने फलोदी टोडरा से किया रेस्क्यू

सवाई माधोपुर जिले के फलोदी टोडरा क्षेत्र में पिछले करीब 25 दिनों से दहशत का कारण बने दो लेपर्ड को रणथंभौर टाइगर रिजर्व की टीम ने गुरुवार देर रात सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर पकड़ लिया। दोनों लेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद जंगल में छोड़ दिया गया। लेपर्ड की लगातार गतिविधियों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल था और लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया था। 25 दिन से ग्रामीणों में था डर का माहौल फलोदी टोडरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लेपर्ड लगातार आबादी के आसपास दिखाई दे रहे थे। करीब 25 दिनों से उनकी मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में दहशत थी। लोग शाम होते ही घरों से निकलने से बच रहे थे। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर वन विभाग से लेपर्ड को जल्द पकड़ने की मांग भी की थी। कैमरा ट्रैप और ट्रैकिंग से मिली सफलता रणथंभौर टाइगर रिजर्व प्रथम के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने दिन-रात क्षेत्र में निगरानी रखी। कैमरा ट्रैप, ट्रैकिंग और स्थानीय लोगों के सहयोग से लेपर्ड की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। इसके बाद पूरी सावधानी और वैज्ञानिक तरीके से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। रेस्क्यू अभियान में टीम ने निभाई अहम भूमिका रेस्क्यू अभियान के दौरान सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) अजय और नाका प्रभारी सुमन ने अपनी टीम के साथ लगातार निगरानी रखी और अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुरुवार देर रात दोनों लेपर्ड को सुरक्षित पकड़कर क्षेत्र से हटाया गया और बाद में जंगल में छोड़ दिया गया। दोनों लेपर्ड के रेस्क्यू के बाद फलोदी टोडरा क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीव दिखाई दे तो खुद कोई जोखिम न उठाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते सुरक्षित कार्रवाई की जा सके।

राममंदिर चढ़ावा चोरी- टिन्नू-मनीष यादव 39 घंटे रिमांड पर रहेंगे:पुलिस को कोर्ट से मंजूरी; मंदिर परिसर में 10 दिन का प्रायश्चित अनुष्ठान शुरू

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ ‘टिन्नू’ और उसके भतीजे मनीष यादव की पुलिस को रिमांड मिल गई है। शुक्रवार दोपहर फैजाबाद कोर्ट ने 39 घंटे की रिमांड मंजूर की। हालांकि, पुलिस ने 7 दिन की रिमांड मांगी थी। टिन्नू पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी रहा है। वह मंदिर के दानपात्रों की देखरेख करता था, जबकि मनीष चढ़ावे की गिनती का काम करता था। पुलिस ने टिन्नू के घर से 1 लाख रुपए और मनीष के घर से 2 लाख रुपए बरामद किए थे। इधर, चढ़ावा चोरी के बाद ट्रस्ट ने प्रायश्चित अनुष्ठान शुरू कराया है। शुक्रवार सुबह 11 बजे से राम मंदिर परिसर में भगवान से क्षमा-याचना के लिए विशेष पूजा-पाठ शुरू हुआ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से 18 पुजारी और 5 आचार्य वेद मंत्रों का उच्चारण, रुद्राभिषेक और हवन कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट का मानना है कि चोरी की घटना व्यवस्था में चूक की वजह से हुई। इससे देश-विदेश के श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुईं। इसलिए ट्रस्ट ने वैदिक परंपराओं के तहत प्रायश्चित शुरू कराया है। यह विशेष अनुष्ठान 10 दिन चलेगा। पुजारी दिन में दो बार विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ और हवन करेंगे। इस बीच, गोपाल राव अयोध्या छोड़कर चले गए हैं। सूत्रों के अनुसार, RSS ने उनका कार्यक्षेत्र बदल दिया है। हालांकि, उन्हें कहां भेजा गया है, इसका पता नहीं चल पाया है। गोपाल राव मंदिर निर्माण के प्रभारी थे। 6 जुलाई को मंदिर निर्माण समिति की बैठक के बाद उन्हें हटा दिया गया था। राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लाग से गुजर जाइए…

NEET रिजल्ट-10 लाख स्टूडेंट 213 नंबर भी नहीं ला पाए:कटऑफ में 69 नंबर की बढ़ोतरी; आयुष की 4th रैंक, बोले-मोबाइल पर यूट्यूब वीडियो देखना पसंद

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। 11.21 लाख स्टूडेंट मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। 10 लाख स्टूडेंट 213 नंबर (कटऑफ) भी नहीं ला पाए। इस बार कटऑफ में 69 नंबर की बढ़ोतरी हुई है। राजस्थान के 2 स्टूडेंट टॉप-10 में शामिल हैं। उपलक्ष्य गोयल ने 714 नंबर के साथ तीसरी और गौरव सिंह ने 712 नंबर के साथ 9वीं रैंक हासिल की है। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। बिहार के आयुष बालोटिया ने 710 नंबर के साथ चौथी रैंक हासिल की है। आयुष ने कोटा में रहकर कोचिंग की थी। वहीं आर्यन कोटा कोचिंग से डिस्टेंस लर्निंग से जुड़े थे, तो पांशुल ने कोटा कोचिंग के दिल्ली सेंटर पर रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट के रूप में दो साल पढ़ाई की है। आयुष ने बताया कि खुद को रिलेक्स करने के लिए मोबाइल चलाता था। मुझे यूटयूब वीडियो देखना पंसद है। गौरव ने कहा- स्मार्टफोन यूज करता था, लेकिन उसका मिसयूज नहीं करता था। कटऑफ में 69 नंबर की बढ़ोतरी एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया- इस बार पेपर टफ रहा। इसके बाद भी स्टूडेंट्स का प्रदर्शन शानदार रहा है। हालांकि इस बार कोई भी स्टूडेंट 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर सका है। इस बार हाइएस्ट स्कोर 715 रहा। वहीं क्वालिफाइंग कटऑफ में 69 नंबर की बढ़ोतरी हुई है। साल 2024 कटऑफ 162, 2025 में 144 और 2026 में 213 नंबर रही है। रिलेक्स होने के लिए यूटयूब वीडियो देखता था आयुष नवादा (बिहार) के वरीसालीगंज गांव के रहने वाले आयुष बालोटिया की चौथी रैंक आई है। आयुष ने कोटा में रहकर नीट की तैयारी की है। पिता सुनील कुमार का बिजनेस है। आयुष के 10वीं में 96.2% और 12वीं में 93.8 प्रतिशत नंबर आए थे। आयुष के परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। आयुष ने बताया कि बचपन से ही मेरा सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करने का था। नियमित पढ़ाई, नीट की गहन तैयारी, लगातार रिवीजन और रेगुलर टेस्ट मेरी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहे। हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण करना और उन्हें सुधारना बेहद जरूरी है। मैं 6 से 7 घंटे सेल्फ स्टडी करता थे। सुबह के समय पढ़ाई को ज्यादा समय दिया है। साथ ही खुद को रिलेक्स करने के लिए मोबाइल भी चलाता था। मोबाइल पर यूटयूब शॉट्‌र्स (वीडियो) देखना पंसद है। आयुष ने बताया कि जब नीट रद्द हुआ, उस समय स्कोर 695 बन रहा था। इस बार नंबर और बढ़ गए। पेपर रद्द हुआ तो टेंशन नहीं थी, क्योंकि तैयारी पूरी थी। जैसा टीचर ने गाइड किया, वैसा ही किया अलवर के रहने वाले गौरव सिंह ने नौवीं रैंक हासिल की है। गौरव के पिता राजेश कुमार आर्मी में हैं। कोटा में रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट गौरव ने बताया कि मां सीमा देवी मेरे और बहन के साथ कोटा में रहकर हमारी पढ़ाई का पूरा ध्यान रखती थीं। उन्होंने हर परिस्थिति में हमारा हौसला बढ़ाया। नीट की तैयारी के दौरान मैंने डेली क्लास अटेंड की। एनसीईआरटी की बुक्स को कई बार पढ़ा। कंटीन्यू रिवीजन किया और टेस्ट को पूरी गंभीरता से दिया। स्मार्टफोन यूज करता था, लेकिन उसका मिसयूज नहीं करता था। क्लासरूम के अलावा 7-8 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। टीचर्स ने जो बताया, जो गाइड किया मैंने वैसे ही किया। पूरी रात पढ़ाई करता था, दोपहर में क्लास लेता था कोटा के रहने वाले कार्तिक ने ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल की है। कार्तिक ने बताया कि मैं रात को पढ़ाई को प्राथमिकता देता था। सेल्फ स्टडी के लिए रात को 9:30-10 बजे से सुबह चार से पांच बजे पढ़ता था। दोपहर में कोचिंग के बाद शाम को पावर नेप (ब्रेक) लेता और फिर रात को पढ़ाई का वही शेडयूल रहता है। मेरे पिता इंजीनियर हैं। उन्होंने भी कोटा में ही इंजीनियरिंग की तैयारी और पढ़ाई की थी। खुद को रिलेक्स करने के लिए फुटबॉल खेलते थे। पेपर लीक के कारण दोबारा हुई थी NEET पेपर लीक के आरोपों के कारण 3 मई को हुई NEET-UG 2026 रद्द हो गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई। परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में आयोजित की गई थी। परीक्षा 13 भाषाओं में हुई, जिसमें देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विदेशों के स्टूडेंट्स ने भी हिस्सा लिया। इस साल परीक्षा देश और विदेश के 551 शहरों में बने 5,440 परीक्षा केंद्रों पर कराई गई। राजस्थान के 25 शहरों में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था। 577 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था। 2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। स्टूडेंट्स को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें। … नीट रिजल्ट की यह खबर भी पढ़ें… NEET-UG का रिजल्ट जारी, टॉप-10 में राजस्थान के 2 स्टूडेंट:उपलक्ष्य की तीसरी और गौरव की 9वीं रैंक; चौथे नंबर पर रहे आयुष कोटा में पढ़े

थानेदार बोला-’तुम्हारा बेटा मेरे पास, 50 हजार दो, ले जाओ’:मां गिड़गिड़ाई- ज्वेलरी गिरवी रख 20 हजार ही मिले, धमकाया- श..श..यहां कैमरे हैं

थानेदार ने थाने में वर्दी की धौंस दिखाकर ऐसे रिश्वत ली, जैसे किडनैपर वसूली करता है। प्रेम संबंध के मामले में दोनों पक्षों में समझौता हो जाने के बावजूद युवक को 4 दिन थाने में बंद रखा और छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपए मांगे। विधवा मां को गहने गिरवी रखने पड़े। मामला बारां जिले के मोठपुर थाने का है। पीड़िता ने ACB को शिकायत दी, लेकिन थानेदार देवकरण जाल में नहीं फंसा। पीड़िता थानेदार के चैंबर में गई और रिश्वत देने लगी तो थानेदार ने मुंह पर अंगुली रखकर चुप रहने का इशारा किया और बोला- श…श…श…यहां कैमरे लगे हैं। थानेदार और कॉन्स्टेबल ने रिश्वत लेने के लिए पीड़ित से जो भी कहा, वे सारी आपसी बातें वॉयस रिकॉर्डर में रिकॉर्ड हो गईं। 5 महीने बाद ACB मोठपुर थाने के थानेदार देवकरण, कॉन्स्टेबल कुलदीप के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पढ़िए रिपोर्ट… राजीनामे के बाद बेटे को छुड़ाने गई थी थाने पीड़ित का बेटा और समाज की एक युवती एक दूसरे को पसंद करते थे। युवती चौथी बार अपना घर छोड़कर उसके बेटे के पास आ गई थी। इससे पहले तीन बार युवती को समझाकर उसके परिजनों के पास भेज दिया था। युवती के परिजनों ने पीड़ित के बेटे के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने उसके बेटे को पकड़ लिया। बाद में दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया था। राजीनामे के बाद पीड़ित 22 फरवरी को 4 दिन से बारां के मोठपुर थाने में बंद अपने बेटे को छुड़ाने के लिए पहुंची। वहां थानेदार देवकरण ने बेटे को छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपए मांगे। पीड़ित थाने से लौटी और एक परिचित को घटना के बारे में बताया। पीड़ित की बहन इस परिचित के यहां मजदूरी करती है। परिचित के कहने पर पीड़ित ने 23 फरवरी को ACB में संपर्क किया। पीड़ित ने ACB को पूरा घटनाक्रम बताया। उसने बताया- एक दिन पहले अपने बेटे को छोड़ने की गुहार को लेकर मोठपुर थाने गई थी। थाना इंचार्ज देवकरण ने पूरे दिन थाने पर बैठाए रखा। देर शाम को बेटे से मिलवाया। इसके बाद थानेदार ने अपने चैंबर में बुलवाया… कैमरे से डरा थानेदार…बोला – मैं मदद कर रहा हूं पूरी घटना बताने के बाद ACB ने थानेदार को रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप करने की तैयारी शुरू कर दी। पीड़ित ने बताया कि वह बहुत गरीब और कम पढ़ी-लिखी है। वह हमेशा एक परिचित को थाने लेकर जाती है। ACB ने उस परिचित को ट्रैप का पूरा प्लान समझाया। अगले दिन 24 फरवरी को पीड़ित और उसका परिचित थाने पहुंचे। वहां पहुंचने से पहले उन्होंने रिकॉर्डर ऑन कर दिया था। रिकॉर्डर में सारी बातचीत रिकॉर्ड हो गई… (थानेदार ने मुंह पर अंगुली रखी और चुप रहने का इशारा किया) (इसके बाद थानेदार ने रिश्वत लेने के लिए इशारा किया। कॉन्स्टेबल कुलदीप को अपने चैंबर में बुलाया और फिर सभी को बाहर भेज दिया।) बेटे को कोर्ट ले जाते समय थानेदार-कॉन्स्टेबल से मिली, लेकिन हुआ शक ACB टीम ने रिकॉर्डर देकर रिश्वत की बात करने के लिए कहा था, ताकि रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि हो सके, लेकिन पीड़ित ने थानेदार और कॉन्स्टेबल से बातचीत के बाद रिश्वत के पैसे दे दिए। ऐसे में ACB को पहले से तैयारी का मौका नहीं मिला और ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी। थाने से लौटकर पीड़ित ने ACB टीम को सारी बात बता दी। ACB ने रिकॉर्डर के जरिए थाने में हुई बातचीत को सुना तो पीड़ित की बताई बात सही निकली और रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। पीड़ित ने ACB को कहा कि कल (25 फरवरी) रिश्वत के बाकी पैसे लेकर आने को कहा है। जब वे लेंगे, तो उससे पहले आपको बता देंगे, जिससे आप रंगे हाथों पकड़ सकें। फिर ACB ने रिकॉर्डर को अपने पास सुरक्षित रख लिया। अगले दिन बेटे को कोर्ट में ले जाते समय पीड़िता थानेदार और कॉन्स्टेबल मिली तो दोनों ने ही रिश्वत के बचे रुपयों को लेकर कोई बात नहीं की। ACB एएसपी विजय स्वर्णकार ने बताया कि थानेदार को ट्रैप को लेकर शक हो गया था। पीड़ित ने दूसरा शिकायती पत्र सौंपा इसके बाद पीड़ित ने 13 मार्च को फिर ACB को संपर्क किया और कार्रवाई के लिए दूसरा शिकायती पत्र सौंपा। शिकायती पत्र में लिखा कि पुलिस ने 50 हजार मांगे थे, हमने 20 हजार दिए और बाकी बाद में देने को कहा था। बाद में वे 20 हजार लेकर ही संतुष्ट हो गए और बकाया रकम देने के लिए ही नहीं कहा। इस कारण ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी, लेकिन रिश्वत की सारी बातें रिकॉर्डर में रिकॉर्ड हुई है। इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की। ACB ने वापस वाइस रिकॉर्डर के मेमोरी कार्ड को निकलवाया। ACB ने रिकॉर्ड हुई बातचीत को विश्वास के दो व्यक्तियों को सुनाया। उन्होंने थानेदार और कॉन्स्टेबल की ही आवाज होने की पुष्टि भी की। इसके बाद 14 जुलाई को मामले की FIR दर्ज कर ली गई है। …. ये खबर भी पढ़िए… ‘काले-धन’ के लिए रिश्वतखोर GM ने खुलवाए 34 अकाउंट,42 एफडी:इनमें 1.70 करोड़ जमा, 75 लाख का आधा किलो सोना, नोट गिनने की मशीन भी रिश्वत की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए बैंकों का सहारा लेने का एक अनोखा मामला सामने आया है। एक अधिकारी ने अपने नाम के 34 बैंक खातों और 42 एफडी (फिक्स डिपॉजिट) में करीब 1.70 करोड़ रुपए जोड़ लिए। पूरी खबर पढ़िए…

सरकार मानसून सत्र में 7 बिल ला सकती है:वंदे मातरम के अपमान और विदेशी चंदे पर सख्ती की तैयारी; सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा

20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र के लिए सरकार ने एजेंडा तय कर लिया है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, लोकसभा में 7 बिल पेश किए जाएंगे। इन सात बिलों में वंदे मातरम के अपमान और विदेशी चंदा कानून में संशोधन शामिल है। वहीं, 13 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में कांग्रेस समेत विपक्षी दल NEET-UG पेपर लीक, अन्य भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, अयोध्या राम मंदिर दान विवाद, E20 ईंधन और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेंगे जज, इनकम टैक्स में होगा बदलाव, 7 बिल के बारे में जानें… 1. FCRA कानून में होंगे बड़े बदलाव 2. वंदे मातरम को मिलेगी कानूनी सुरक्षा 3. हायर एजुकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव 4. इनकम टैक्स कानून में भी संशोधन 5. सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेंगे जज 6. जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नियम होंगे सख्त 7. MSME के लिए भुगतान व्यवस्था होगी मजबूत ————————————– ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस का पीएम को लेटर, कहा- सर्वदलीय बैठक बुलाएं, मानसून सत्र में चढ़ावा चोरी का मामला उठाएगी कांग्रेस मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का मुद्दा उठाएगी। इसके अलावा, सरकार के संशोधन बिलों का विरोध करेगी। कांग्रेस की संसदीय दल की बैठक में यह फैसला लिया गया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक यानी परिसीमन से जुड़े बिल को लेकर पीएम मोदी को पत्र लिखा। पूरी खबर पढ़ें…

भाजपा नेता के श्रीगंगानगर-जयपुर के ठिकानों पर ED की छापेमारी:विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी थे, भाई और पत्नी नगर परिषद चेयरमैन रहे

श्रीगंगानगर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भाजपा नेता और शराब कारोबारी अशोक चांडक के घर, ऑफिस, ट्रस्ट समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई कार्रवाई में श्रीगंगानगर के साथ जयपुर में रिश्तेदारों के घरों पर भी कारोबार से जुड़े डॉक्यूमेंट्स की भी जांच की जा रही है। चांडक ने साल 2018 में कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। उनकी पत्नी और भाई भी श्रीगंगानगर नगर परिषद की चेयरमैन रहे हैं। घर, ऑफिस और ट्रस्ट समेत कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई सूत्रों के अनुसार, ED की कई टीमों ने एक साथ रेड की है। टीम ने अशोक चांडक के शिवा वाइन, चंद्रकला चैरिटेबल ट्रस्ट के परिसर और अन्य कई ठिकानों पर छापा मारा है। अधिकारियों की टीम घर और ऑफिस में कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। जयपुर के वैशाली नगर में रिश्तेदारों के घर भी खंगाले जा रहे दस्तावेज ED की टीम ने जयपुर के वैशाली नगर में अशोक चांडक के रिश्तेदारों के घरों पर भी छापेमारी की है। वहां भी कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि अलग-अलग टीमें एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई में जुटी हुई हैं। अब देखिए- ED की कार्रवाई की 2 PHOTO मनी लॉन्ड्रिंग या आर्थिक अनियमितताओं से जुड़ा मामला होने की चर्चा फिलहाल ED की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। छापेमारी अभी जारी है और टीमें विभिन्न स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग या आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामले में की जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।