श्रम विभाग के नए आदेश:फंसा नाइट बाजार; 10 कर्मचारियों का पंजीकरण, तभी मिलेगी मंजूरी

श्रम विभाग के नए आदेश उदयपुर सहित प्रदेश में शुरू होने वाले नाइट बाजारों को लेकर पेंच फंसा दिया है। अब नाइट बाजार में पंजीकृत दुकानों और वाणिज्यिक संस्थानों को अनुमति तभी मिलेगी, जब वहां 10 कर्मचारियों का पंजीकरण हो। जबकि कई रेस्टोरेंट और दुकानों में केवल 4 से 5 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। ऐसे में उन्हें अनुमति कैसे मिलेगी? दूसरी ओर, श्रम विभाग ने छोटे व्यापारियों के लिए 20 अगस्त 2025 को एक आदेश जारी किया था, जिसमें 10 कर्मचारियों तक वाले दुकानों और वाणिज्यिक संस्थानों को पंजीयन से छूट देने का प्रावधान किया गया था। इस तरह दो आदेशों के बीच सरकार की यह योजना एक बार फिर उलझ गई है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1958 के तहत पंजीकृत दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कार्य समय संबंधी कुछ प्रावधानों से छूट प्रदान की है। श्रम विभाग की ओर से 19 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार यह छूट तत्काल प्रभाव से लागू होगी। साथ ही, 15 अप्रैल 2024 की पूर्व अधिसूचना को निरस्त कर दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन रोटेशन के आधार पर सवेतन अवकाश देना होगा। किसी भी कर्मचारी से रोज 10 घंटे तथा सप्ताह में 48 घंटे से अधिक कार्य नहीं लिया जा सकेगा। अतिरिक्त कार्य लेने की स्थिति में उसका अलग से रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। छोटे व्यापारियो के लिए होनी चाहिए अलग से व्यवस्था
नाइट बाजार के आदेश में एक गफलत है। पहले आदेश निकाला था कि जिन दुकानों, वाणिज्यिक संस्थानों में 10 कर्मचारी हैं, उन्हें रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। अब संस्थान खोलने के लिए 10 से ज्यादा कर्मचारी होने पर ही अनुमति मिलेगी। नए आदेश के तहत छोटे व्यापारियों को फायदा नहीं मिलेगा। इनका भी पंजीकरण होना चाहिए। अलग से कोई व्यवस्था हो। इसके लिए श्रम विभाग के अधिकारियों को इस मामले में ज्ञापन सौंप चुके हैं।

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