डोटासरा ने किरोड़ीलाल के पैर पकड़े!:DG साहब ने क्यों लिखा- डांट पड़ी; ये क्या… पिस्ता के भाव में मूंगफली मिल रही

नमस्कार किरोड़ीलालजी और डोटासराजी का झगड़ा ऑडियो-वीडियो सबूत तक पहुंच गया है। एसीबी के डीजीपी साहब ने पोस्ट क्या डाली, हंगामा हो गया और पुष्कर वाला ‘पिस्ता’ चाहिए क्या? राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. किसने पकड़े, किसके पैर? राजनीति में कोई न कोई किसी न किसी के पैर पकड़ता है। वक्त देख माई-बाप बनाना पड़ता है। इसमें कुछ गलत नहीं। लेकिन ‘पैर पकड़ने’ को लेकर राजस्थान में भयंकर आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है। चीफ साहब ने चिल्ला-चिल्लाकर कहा कि जब गहलोत सत्ता में थे, तब किरोड़ी लाल जी ने अशोक गहलोत जी के पैर पकड़े थे। कहा था कि मुकदमे छुड़वा दो। चीफ साहब का बयान आने के बाद खोजकर्ताओं ने 2019 का किरोड़ीजी का ट्वीट भी निकाल लिया। जिसमें उन्होंने गहलोत से मुलाकात का जिक्र किया था। बात बढ़ती देख दूसरे पक्ष के खोजकर्ता भी एक्टिव हुए और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का ऑडियो निकाल लाए। जिसमें बेनीवाल कह रहे हैं- डोटासरा को भी देखा है मैंने। पेपरलीक के मामले में किरोड़ीलाल के घर जाकर उनके पैर पकड़ लिए थे। आरोप-प्रत्यारोप में किरोड़ी बाबा ऐसे उलझे कि 160 किलोमीटर दूर गंगापुर पहुंचने में 20 दिन लगा दिए। पहुंचते ही पानी का मसला भी हल। 2. ACB के DG की पोस्ट राजस्थान में ACB जोरदार काम कर रही है। हवा में भ्रष्टाचार सूंघ लेती है। कई को लपेट लिया। लेकिन उस समय खुद घिर गई जब भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे कृषि मंत्रीजी एसीबी के मुख्यालय पहुंच गए। बोले- FIR की कॉपी लीक कैसे हुई। इसमें डॉक्टर और मंत्री का जिक्र है। अगर ये मैं हूं तो गिरफ्तार करो। नहीं तो मामला क्लियर करो। जनता में भ्रम पैदा हो रहा है। इस घटना के बाद अब एसीबी के डीजी साहब की एक पोस्ट की अचानक चर्चा हो गई। पोस्ट में उन्होंने लिखा- डांट पड़ी, एक कान से सुनी, दूसरे कान से निकाल दी। पूछने पर बताया कि बच्चों-युवाओं के लिए यह प्रेरक सलाह है। बच्चों को प्रेरक सलाह देने की टाइमिंग गड़बड़ हो गई। बाकी मामला ज्यादा बढ़ जाए तो फरवरी वाली पोस्ट दोबारा डाली जा सकती है। फरवरी में साहब ने पोस्ट में लिखा था- किसी ने मेरे प्रोफाइल से मिलता-जुलता फेसबुक अकाउंट बना लिया है। जो कि मेरा नहीं है। 3. चलते-चलते..

बड़े-बूढे़ कह गए हैं- नकल में भी अक्ल की जरूरत होती है। बड़े-बड़े ठग अक्सर घुमंतू होते हैं। पीतल को सोना बताकर बेचते हैं और वारदात करके चंपत। लेकिन अजमेर के पुष्कर में तो एक व्यापारी बाकायदा दुकान सजाकर लोगों को ठग रहा था। आटे में नमक जितनी गड़बड़ तो दुकानदार की भी चल जाती है। लेकिन ये भाई मूंगफली को हरा रंगकर पिस्ता के भाव बेच रहा था। 200 ग्राम मूंगफली एक तीर्थयात्री को 520 रुपए की बेच दी। यह अक्ल तो लगाता कि खाने की चीज है, खाते ही पकड़ा जाएगा। तीर्थयात्री ने लोगों को इकट्‌ठा कर लिया। सभी दुकान पर पहुंच गए। वीडियो बनाया। धमकाया। दुकानदार पर कोई असर नहीं। बल्कि अकड़ने लगा। पैसे लौटाते हुए बोला- असली माल कहां मिलता है आजकल। एक बुजुर्ग को इस बात पर गुस्सा आया। बोले- तो क्या असली के भाव नकली बेचोगे? इनपुट सहयोग- राघवेंद्र गुर्जर (दौसा), महेंद्र सैनी (जयपुर), अभिषेक शर्मा (पुष्कर, अजमेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

रामगढ़ में ट्रक-पिकअप में टक्कर, 8 लोगों की मौत:गाड़ी में फंसी लाश, सड़क पर बिखरे बैंड-बाजे; ताशा पार्टी से जुड़े थे सभी

झारखंड के रामगढ़ जिले में गुरुवार देर रात हुए सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। एक्सीडेंट रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी-बरलौंग के पास रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (एनएच-23) पर हुआ। कोयला लदे एक ट्रक ने पिकअप को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पिकअप के परखच्चे उड़ गए। उसमें सवार सभी लोग बैंड-ताशा पार्टी से जुड़े थे, उनके सामान बैंड-बाजे सड़क पर बिखर गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा, जबकि ट्रक को मौके पर छोड़ ड्राइवर भाग निकला। घटनास्थल पर सात लोगों की मौत हुई। वहीं, गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को रांची रेफर किया गया, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दुर्घटना से जुड़ीं तस्वीरें.. पिकअप में 8 लोग सवार थे मृतक सभी लोग बैंड-ताशा पार्टी से जुड़े हैं। जानकारी के अनुसार, पिकअप में 8 लोग सवार थे, जो रामगढ़ से मारगामरचा आए थे। यहां से उन्हें फिर बलसगरा जाना था और अपने कुछ अन्य साथियों को लेकर बिहार में एक कार्यक्रम शामिल होना था। इसी दौरान, सामने से आ रहे तेज रफ्तार कोयला लदे ट्रक ने ओवरटेक करने के प्रयास में सवारी वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही 7 लोगों की मौत हो गई। एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। लोग एक-दूसरे पर चढ़ गए थेः चश्मदीद
हादसे को सबसे पहले स्थानीय तबरेज आलम ने देखा। वो मुहर्रम जुलूस देखकर अपने घर लौट रहे थे। तबरेज ने बताया, रात में अचानक जोरदार आवाज आई। पीछे मुड़कर देखा तो ट्रक ने पिकअप को जोरदार टक्कर मारी थी। मैं भागता हुआ मौके पर पहुंचा तो दिखा कि सवारी गाड़ी में बैठे ताशा पार्टी के सदस्य बुरी तरह से घायल थे। कुछ लहुलूहान हालत में पानी मांग रहे थे। आठ लोग गाड़ी में बुरी तरह से फंसे हुए थे। एक के ऊपर एक लोग चढ़ गए थे। उनके बैंड-ड्रम सड़क पर बिखर गए थे। इसके बाद स्थानीय ग्रामीण भी भागते हुए मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने ही पुलिस को घटना की सूचना दी। सभी के सहयोग से बारी-बारी से बॉडी को बाहर निकाला गया। तब तक पुलिस भी पहुंच गई। पहले तो ग्रामीणों ने लाश को वहां से उठने नहीं दिया, हंगामा करने लगे फिर प्रशासन के समझाने पर बाद डेड बॉडी उठाई गई। सात की मौके पर ही हुई मौत हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, रजरप्पा थाना पुलिस और अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। सभी को तत्काल रामगढ़ सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने सात लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया गया। उसकी भी इलाज के क्रम में मौत हो गई। मृतकों की पहचान रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग किया जाम रामगढ़ सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना में कुल आठ लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से सात की मौत हो चुकी थी। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए रखा गया है। इधर, घटना से नाराज ग्रामीणों ने रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है, जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लोगों को शांत कराने का प्रयास कर रहा है।

शहादत की रात पाली में गूंजा 'या हुसैन':अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब दिखाए, आज शहर में निकलेगा ताजिया का जुलूस

पाली में मोहर्रम की शहादत की रात गुरुवार को पाली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाई गई। शहर के भैरूघाट, पिंजारों का बास और केरिया दरवाजा क्षेत्र में पूरी रात धार्मिक आयोजन और अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में लोग देर रात तक कार्यक्रमों में शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान सीओ सिटी ऊषा यादव के नेतृत्व में भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। शुक्रवार को शहर में ताजिया का जुलूस निकाला जाएगा। लौटनी की रस्म के साथ इबादत में गुजरी रात मुस्लिम समाज के प्रवक्ता शकील अहमद नागौरी ने बताया कि शहादत की रात हजरत इमाम हुसैन की कर्बला में दी गई कुर्बानी को याद करने का दिन होता है। इस अवसर पर लौटनी की रस्म अदा की गई। फूल-मालाएं और नोटों के सेहरे चढ़ाए गए तथा चूरमा, मिठाई सहित शिरणी वितरित की गई। मुस्लिम समाज के सदर हकीम भाई और हसन भाटी ने बताया कि समाज के लोगों ने रोजा रखकर कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। शहर की मस्जिदों में नमाज अदा की गई, तिलावत-ए-कुरआन हुई, जंगनामा पढ़ा गया और तकरीर व बयान के माध्यम से ईसाले सवाब किया गया। जगह-जगह शरबत, छबील, खीर, हलीम और पुलाव का वितरण भी किया गया। पारंपरिक मार्गों से निकले मोहर्रम, देर रात तक चला आयोजन केरिया दरवाजा से हाजी मोहम्मद उमर लोहार के नेतृत्व में पीठ का मोहर्रम निकला, जो बादशाह का झंडा, जूना हवाला और नाड़ी मोहल्ला होते हुए मिलाद चौक पहुंचा। रुई कटला से मोहम्मद शाहिद पीनू के नेतृत्व में चूड़ीगरों का मोहर्रम प्यारा चौक और रंगणिया मोहल्ला होते हुए अपने मुकाम पहुंचा। पलटन का मोहर्रम मोहम्मद इल्यास कुरैशी के नेतृत्व में जंगीवाड़ा चौक से निकला, जबकि खरादियों का मोहर्रम मोहम्मद इकबाल खेरादी के नेतृत्व में कादरिया चौक से पारंपरिक मार्गों से होकर वापस अपने स्थान पहुंचा। जूनी पाली का मोहर्रम मोहम्मद सलीम पिंजारा के नेतृत्व में जेसी ब्रदर्स भैरूघाट से सोमनाथ लोहारों की हथाई और प्यारा चौक होते हुए वापस अपने मुकाम पहुंचा। अखाड़ों के युवाओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब शहर के सभी अखाड़ों में उस्तादों के नेतृत्व में युवाओं ने ढांड पट्टा, बाजी, आग की बन्नतियां, शमशीर और ढाल के साथ रोमांचक करतबों का प्रदर्शन किया। करतबों के दौरान ‘अली का लश्कर या इमाम हुसैन’, ‘अली की हैदरी, या अली’ और ‘शाबाश तुम्हारे उस्ताद को’ जैसे जोशीले नारों से माहौल गूंज उठा। मोहर्रम कमेटी ने संभाली व्यवस्थाएं मोहर्रम के आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए शहर अखाड़ा कमेटी के सरपरस्त सलीम मिस्कीन, अध्यक्ष इंसाफ सोलंकी, सचिव हाजी इंसाफ मोयल, फैयाज बुखारी, फारूक रंगीला और नजीर सिंधी सहित मोहर्रम कमेटी के सदस्यों ने सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यवस्थाएं संभालीं। पहचान के लिए विशेष बैज पहनकर स्वयंसेवक पूरी रात जुलूस और आयोजनों के संचालन में जुटे रहे।

रणथंभौर नेशनल पार्क में युवक का शव मिला:पेड़ पर फंदे से लटका था, मोबाइल से हुई पहचान; बिहार का रहने वाला था

सवाई माधोपुर में रणथंभौर नेशनल पार्क के झूमर बावड़ी वन क्षेत्र में गुरुवार शाम एक युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। वनकर्मियों ने शव देखकर तत्काल कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। घटना की जानकारी युवक के परिजनों को भी दे दी गई है। मोबाइल से हुई पहचान, नालंदा (बिहार) का था युवक कोतवाली थानाधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया कि मृतक की पहचान दीनबंधु पासवान पुत्र विजय पासवान निवासी नालंदा (बिहार) के रूप में हुई है। युवक की जेब से मिले मोबाइल के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क कर घटना की सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार युवक ने काली टी-शर्ट और जींस पहन रखी थी। उसके हाथ में कलावा और कड़ा था, गले में रुद्राक्ष युक्त तुलसी की माला थी। चेहरे पर हल्की दाढ़ी-मूंछ थी, जबकि वह नंगे पैर था और उसने जूते-चप्पल नहीं पहन रखे थे। वन क्षेत्र में कैसे पहुंचा, पुलिस कर रही जांच पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि युवक झूमर बावड़ी वन क्षेत्र तक कैसे पहुंचा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार झूमर बावड़ी गेट पर हमेशा वनकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि युवक दीवार फांदकर जंगल में दाखिल हुआ होगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

13 बार मानसून लेट, 7 बार ज्यादा बारिश:3 बार वक्त से पहले आया तो 25% तक कम बरसा, राजस्थान का 30 साल का एनालिसिस

राजस्थान में मानसून की धीमी रफ्तार और देरी चर्चा में है। पिछली बार मानसून 7 दिन जल्दी पहुंच गया था। बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। इस बार इतनी ही दिन देरी से यहां पहुंचने की आशंका है। आशंका यह भी है कि देरी से आया मानसून उतना नहीं बरसेगा, जितना समय पर या समय से पहले आने पर बरसता है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के अगले सप्ताह राजस्थान पहुंचने की उम्मीद है। 10 फीसदी तक कम बारिश की भी आशंका जताई है। इस बीच भास्कर ने 1996 से लेकर 2025 तक यानी 30 साल के डेटा का एनालिसिस किया। इसमें सामने आया कि 30 साल में केवल 2 बार तय समय पर मानसूनी बादल राजस्थान से टकराए हैं। 15 बार मानसून समय से पहले और 13 बार देरी से आया है। इतना ही नहीं, 7 बार देरी से आया मानसून भी जमकर बरसा। 3 बार समय से पहले मानसून आया। इस दौरान जरूर 25% तक कम बारिश हुई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 3 बार सबसे ज्यादा लेट, एक बार तोड़ डाला रिकॉर्ड मौसम विभाग में पिछले 30 साल के दौरान मानसून आने के अनुमानों की तारीख हमेशा बदलती रही है। अमूमन यह 20 से 25 जून के बीच की रही है। वहीं सामान्य बारिश अलग-अलग वर्षों में 415 से 435.6 मिलीमीटर (MM) तक मानी जाती रही है। इस एनालिसिस में मानसून आने की सामान्य तारीख को 25 जून मानकर जल्दी या देरी के दिन तय किए गए हैं। साल 2012 में मानसून सबसे ज्यादा 8 दिन लेट आया, लेकिन अगस्त में हुई बारिश ने सबकी चिंता दूर कर दी। 2012 में सामान्य से 11 फीसदी अधिक बारिश हुई। साल 2019 में 7 दिन देरी से मानसून राजस्थान पहुंचा, लेकिन बरसात में कोई कमी नहीं रही। 2019 में तीन दशकों में पहली बार बारिश का आंकड़ा 550 MM से पार पहुंच गया। खास बात यह रही कि मानसून ने पहले ही दिन राजस्थान के आधे से ज्यादा हिस्से को कवर कर लिया। साल 2014 में मानसून में 7 दिन की देरी दर्ज की गई। तब बरसात लगभग सामान्य जैसी ही रही। आंकड़े बताते हैं कि देरी से (जुलाई में) दस्तक देने वाले मानसून ने पिछले 30 सालों में अब तक कभी बारिश के आंकड़े माइनस में नहीं पहुंचाए। 10 बार 5 दिन तक की देरी से एंट्री मानसून 10 बार 5 दिन तक की देरी से राजस्थान में दाखिल हुआ। इन 10 अलग-अलग सालों में 5 बार सामान्य से अधिक और इतनी ही बार सामान्य से कम बरसात हुई। इनमें साल 2006 सबसे चौंकाने वाला रहा। मानसून 2 दिन की देरी से पहुंचा। अगस्त 2006 के आखिरी हफ्ते में बाड़मेर में पूरे साल के औसत से 5 गुना अधिक बारिश हो गई, बाढ़ आ गई। वहीं, 2002 और 2009 में मानसून 4-4 दिन देरी से था और दोनों बार सूखा पड़ा। 2022 में मानसून 5 दिन की देरी से था, लेकिन 596 MM बरसात ने राजस्थान को तर कर दिया। इस दौरान पूर्वी राजस्थान में करीब 781 MM बारिश दर्ज हुई। साल 2010 में मानसून एक दिन देरी से था, लेकिन बारिश करीब 540 एमएम दर्ज की गई। आमतौर पर पूर्वी राजस्थान में अधिक बरसात होती है, लेकिन उस दौरान पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में लगभग 27 फीसदी बरसात अधिक हुई। 2 बार तय समय पर आया और दोनों बार कर गया तर 30 साल में 2 बार ही मानसून तय समय पर राजस्थान पहुंचा। खास बात यह रही कि दोनों ही बार सामान्य से ज्यादा बारिश हुई। 2024 में करीब 679 MM बरसात हुई थी। 2023 में भी सामान्य से 15% ज्यादा बारिश हुई। 4 बार सबसे जल्दी, तोड़ा 108 साल का रिकॉर्ड राजस्थान में 30 साल में 4 बार सबसे जल्दी मानसून पहुंचा। बरसात चारों बार औसत से अधिक रही। 2001 में मानसून 12 दिन पहले राजस्थान पहुंच गया। हालांकि सबसे जल्दी मानसून आने के बावजूद कोई रिकॉर्ड नहीं टूटा। बरसात 11 फीसदी अधिक दर्ज हुई। रिकॉर्ड पिछले साल यानी 2025 के मानसून ने तोड़े थे। मानसून 7 दिन पहले राजस्थान पहुंचा और 64 फीसदी अधिक बरसा। 108 साल का रिकॉर्ड टूट गया। 2021 में भी मानसून 7 दिन पहले पहुंचा था और बरसात 17 फीसदी अधिक रही। जल्दी आने पर भी 2 बार सूखे जैसे हालात मानसून के 1 से 4 दिन पहले आने की बात करें तो पिछले 30 सालों में 11 बार ऐसा हुआ। 1999 में मानसून एक दिन पहले आया, लेकिन 25 फीसदी कम बरसा। 2004 में 3 दिन पहले आया और 22 फीसदी कम बरसात हुई। इन दोनों ही सालों में राजस्थान को सूखे के हालातों का सामना करना पड़ा। इधर, 2011 में भी एक दिन पहले मानसून आया और 11 फीसदी कम बरसा, लेकिन तब हालात सामान्य रहे। 1996, 2011 और 2016 में मानसून 2 से 3 दिन पहले आया। इन सालों में बरसात का आंकड़ा 500 MM से ज्यादा रहा। सबसे ज्यादा 2011 में 41 फीसदी अधिक 590 MM से भी ज्यादा बरसात हुई। —— यह खबर भी पढ़िए… राजस्थान के 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जयपुर में 30 मिनट की बरसात में सड़कें लबालब, कोटा-जोधपुर में भी बदला मौसम राजस्थान में गुरुवार (25 जून) को प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी रहा। जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर संभाग के कुछ एरिया में दोपहर बाद आंधी चली, फिर बारिश हुई। जयपुर में गुरुवार को 2 इंच बरसात से सड़कें लबालब हो गईं। नागौर, भीलवाड़ा, जोधपुर, कोटा के भी कुछ इलाकों में 20 से 35MM तक बरसात हुई। पढ़ें पूरी खबर…

जसदेर तालाब के आगोर की जमीन पर अतिक्रमण का मामला:20 में से सिर्फ 8 बीघा जमीन से हटाए कब्जे,दूसरे दिन कार्रवाई नहीं

शहर के बाड़मेर ग्रामीण ग्राम पंचायत क्षेत्र के जसदेर तालाब के आगोर में प्रशासनिक लापरवाही के कारण सरकारी जमीन पर दुबारा अतिक्रमण शुरू हो गया है। खसरा संख्या 2546/1211 की 20 बीघा आगोर भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने पहुंचा दस्ता महज 8 बीघा जमीन खाली कराकर लौट गया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमी महिला ने हाथों में पेट्रोल की बोतलें लेकर टीम का कड़ा विरोध किया। मौके पर काफी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद इस उग्र विरोध के आगे अतिक्रमण दस्ता बेअसर साबित हुआ। टीम ने विरोध बढ़ता देख कार्रवाई को बीच में ही रोक दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को आश्वासन दिया था कि वे गुरुवार को दुबारा आकर बची हुई जमीन से अतिक्रमण हटाएंगे। लेकिन गुरुवार देर शाम तक न तो कोई अधिकारी पहुंचा और न ही अतिक्रमण दस्ता। 72 भूमिहीन परिवार कतार में, जमीन आवंटित नहीं की अतिक्रमियों ने मौके पर दुबारा कब्जा करना शुरू कर दिया है। एक तरफ दबंगों द्वारा आगोर की जमीन पर कब्जे किए जा रहे हैं, बाड़मेर ग्रामीण ग्राम पंचायत के 72 भूमिहीन परिवार पुनर्वास के इंतजार में हैं। सरपंच ने परिवारों को बसाने के लिए प्रशासन से 10 बीघा जमीन आवंटित करने की मांग की थी। इन 72 परिवारों की फाइलें तैयार है, लेकिन लंबे समय से दफ्तरों में धूल फांक रही हैं।

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा:1048 का 15 रुट के लिए चयन, यात्रा कार्यक्रम सितंबर से

गुरुवार को कलेक्ट्रेट में देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना की ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई। इस मौके पर 1048 यात्रियों का चयन रेल से यात्रा के लिए हुआ। इसके अलावा 128 का सिलेक्शन हवाई यात्रा के लिए किया गया। इसके अलावा 1176 की प्रतीक्षा सूची भी जारी की गई है। योजना में जिले से 2446 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें 15 रेल और एक हवाई मार्ग यात्रा शामिल है। सबसे अधिक वरीयता लोगों ने रामेश्वरम और तिरुपति बालाजी रूट को दी है। सहायक आयुक्त देवस्थान मुकेश कुमार मीणा ने बताया कि चयनित सभी वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा की सूचना व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। साथ ही यात्रा से संबंधित पूरी जानकारी देवस्थान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगी। जिला परिषद की सीईओ मृदुल सिंह, एसी देवस्थान मुकेश कुमार मीणा सहित पर्यटन विभाग आदि के अधिकारी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत 56 हजार वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। इस योजना में 50 हजार को रेल मार्ग से तथा 6 हजार वरिष्ठ नागरिकों को हवाई मार्ग से विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। सबसे अधिक चाह रामेश्वर और तिरुपति की वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना में पहली यात्रा सितंबर माह में जाने की संभावना है। चूंकि यात्रियों ने प्रथम वरीयता रामेश्वरम को दी है। इसलिए रामेश्वरम-मदुरै रूट पर ट्रेन भेजी जाएगी। अधिकांश यात्रियों को दीपावली से पहले यात्रा कराने का प्लान है।

विकसित पंचायत की कहानी:कभी अरंडी की झाड़ियां थीं पहचान, अब बगीचों से महकता है गांव नगला अंडडुआ, यहां के अमरूद-बेर की कई राज्यों में होते हैं निर्यात

बयाना पंचायत समिति की सीदपुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाला नगला अंडडुआ गांव कभी अरंडी के पेड़ों की बहुतायत के कारण अपनी पहचान रखता था। इसका नाम भी इसी के कारण नगला अंडडुआ पड़ा। यह गांव गंभीर नदी के किनारे बसा हुआ है, ऐसे में रेतीली मिट्टी अरंडी के लिए उपयुक्त थी, लेकिन समय बदला, किसानों की सोच बदली और अब यही गांव बागवानी की बदौलत पूरे क्षेत्र में “बगीचों के गांव” के रूप में जाना जाता है। करीब 5 हजार आबादी और लगभग 70 प्रतिशत साक्षरता वाले इस गांव में आज करीब 800 बीघा भूमि पर बागवानी की जा रही है। गांव के खेतों में नींबू, बेर, अमरूद, करौंदा, चीकू, मौसमी और मिर्च की फसलें लहलहा रही हैं। यहां उत्पादित अमरूद और बेर की मांग स्थानीय बाजारों के साथ-साथ दिल्ली, मथुरा और आगरा की मंडियों तक है। बागवानी को बढ़ावा देने में लुपिन संस्था की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था ने गांव को बागवानी गांव घोषित कर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया। सरकारी संरक्षण की दरकार गांव के किसान बताते हैं कि बागवानी में किसानों के रुझान को देखते हुए इसे अब सरकारी मदद और संरक्षण की जरूरत है। सरकारी स्तर पर बागवानी के लिए किसानों को प्रोत्साहित और आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना चाहिए। इसके साथियों उन्हें बागवानी की नई तकनीक से भी अपडेट करना चाहिए। ग्राम पंचायत का लेखा जोखा गांव बना प्रेरणा सीदपुर ग्राम पंचायत के सरपंच उदयराम कहते हैं, “नगला अंडडुआ आज क्षेत्र के लिए प्रेरणा बना हुआ है। यहां के किसानों ने मेहनत और नवाचार से गांव की तस्वीर बदली है। पंचायत भी सिंचाई, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि बागवानी को बढ़ावा मिल सके।

राजस्थान के 27 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट:30 मिनट की बरसात में जयपुर की सड़कें आधा फीट डूबीं, कोटा-जोधपुर में भी बदला मौसम

राजस्थान में गुरुवार (25 जून) को प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी रहा। जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर संभाग के कुछ एरिया में दोपहर बाद आंधी चली, फिर बारिश हुई। जयपुर में गुरुवार को 30 मिनट में 2 इंच बरसात हुई। इससे सड़कें लबालब हो गईं। नागौर, भीलवाड़ा, जोधपुर, कोटा के भी कुछ इलाकों में 20 से 35MM तक बरसात हुई। मौसम विभाग ने 26 जून (आज) को भी 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने और आगामी 4-5 दिन में मानसून के प्रवेश करने की संभावना है। राजस्थान में मौसम की तस्वीर… ये शहर सबसे गर्म रहे फलोदी, श्रीगंगानगर में 41 डिग्री तापमान दर्ज बारिश से पहले गुरुवार को कुछ शहरों में गर्मी तेज रही। फलोदी, श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस फलोदी में दर्ज हुआ। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41, जैसलमेर में 40.8, बाड़मेर में 40.5, बीकानेर में 39.3, चूरू में 39.8, जोधपुर में 39.2, पिलानी (झुंझुनूं) में 39.4, करौली में 39, दौसा में 38.8 और पाली में 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कहां, कितनी बारिश हुई पिछले 24 घंटे के दौरान नागौर के सांजू में 25MM, डेगाना में 35, खींवसर में 13, सवाई माधोपुर के बामनवास में 10, बीकानेर के छतरगढ़ में 14, धौलपुर के बसेड़ी में 5, कोटा के चेचट में 17, कानावास में 4, राजसमंद के रेलमगरा में 5, भीलवाड़ा के सहाड़ा में 22, जोधपुर के भोपालगढ़ में 20MM बरसात दर्ज हुई। राजस्थान के बड़े शहरों में मौसम का हाल जयपुर : राजधानी में गुरुवार सुबह से दोपहर तक मौसम ड्राय रहा और तेज उमस रही। दोपहर करीब 3 बजे के बाद बादल छाए और तेज हवा चली। इसके साथ ही बारिश शुरू हो गई। जयपुर कलेक्ट्रेट, चारदीवारी (परकोटा) के आसपास करीब 50MM (2 इंच) पानी बरसा। इन एरिया में सड़कों पर आधा फीट तक पानी बहता नजर आया, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। शहर के अलावा सांगानेर एरिया में 33MM, जेएलएन मार्ग में 11.4, फागी में 15, जालसू में 12, कालवाड़ में 4 और आमेर एरिया में 2MM बारिश हुई। सीकर : गुरुवार को दिन में धूप निकलने से तापमान में बढ़ाेतरी हुई, लेकिन शाम होते-होते धूल भरी हवा चलने लगी। शाम को काले बादल छाए। 26 जून तक सीकर समेत शेखावाटी इलाके में आंधी-बारिश का अनुमान है। सीकर के फतेहपुर में कृषि अनुसंधान केंद्र पर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र पर गुरुवार दिन का अधिकतम तापमान 38.0 और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री दर्ज किया गया। कोटा : कोटा में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। बादल छाने लगे और हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। दिन का अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उदयपुर : उदयपुर शहर में गुरुवार को मौसम सामान्य रहा, लेकिन दिनभर उमस ने लोगों को परेशान किया। धूप के बीच हवा में नमी बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस था। इसके मुकाबले आज पारे में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 0.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री कम रहा। इसके बावजूद उमस के कारण गर्मी का असर बरकरार रहा। अलवर : अलवर में गुरुवार सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर में कुछ समय के लिए धूप भी निकली। बादलों और धूप के बीच लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। दिन का अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हुई। जोधपुर : जोधपुर शहर में गुरुवार सुबह से ही हल्के बादल छाए रहे। दोपहर बाद धूप निकली। दिनभर उसम और गर्मी ने लोगों को परेशान किया। मौसम विभाग ने बादल छाए रहने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। अजमेर : अजमेर में गुरुवार को अधिकतम तापमान 35.2 और न्यूनतम तापमान 25.5 रहा। शहर में सुबह से ही धूप खिली रही। उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। ——– यह खबर भी पढ़िए… 13 बार मानसून लेट, 7 बार ज्यादा बारिश, 3 बार वक्त से पहले आया तो 25% तक कम बरसा, राजस्थान का 30 साल का एनालिसिस राजस्थान में मानसून की धीमी रफ्तार और देरी चर्चा में है। पिछली बार मानसून 7 दिन जल्दी पहुंच गया था। बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। इस बार इतनी ही दिन देरी से यहां पहुंचने की आशंका है। इस बीच भास्कर ने 1996 से लेकर 2025 तक यानी 30 साल के डेटा का एनालिसिस किया। पढ़ें पूरी खबर…

हार्ट मरीजों को मिलेगा अलग उपचार केंद्र:हार्ट मरीजों को मिलेगा अलग उपचार केंद्र, मेडिकल आईसीयू पर घटेगा दबाव, गंभीर हृदय रोगियों की होगी विशेष निगरानी

आरबीएम अस्पताल में कार्डियक आईसीयू अलग से खोला जाएगा, जहां हार्ट मरीजों को अलग से उपचार केन्द्र मिलेगा। इससे मेडिकल आईसीयू पर दबाव घटेगा और गंभीर हृदय रोगियों की विशेष निगरानी में इलाज हो सकेगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अस्पताल की सी ब्लाक की नई बिल्डिंग में हृदय रोगियों के लिए फस्ट फ्लोर पर हृदय रोग विभाग है। जहां रूम नंबर 117 में कार्डियोलॉजी ओपीडी है, उसके पास रूम नंबर 116 में 2डी ईको की और रूम नंबर 118 में टीएमटी की जांच तथा रूम 119 में ईसीजी की जांच की सुविधा है। इसके सामने होल्टर जांच शुरू की गई है। आईसीयू में मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं गंभीर हृदय रोगियों की 24 घंटे विशेष निगरानी हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और अनियमित धड़कन वाले मरीजों का उपचार लगातार ईसीजी, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर की मॉनिटरिंग कार्डियोलॉजिस्ट व प्रशिक्षित स्टाफ की निगरानी में इलाज आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सकीय हस्तक्षेप की सुविधा कैथ लैब शुरू होने के बाद हृदय संबंधी उन्नत उपचार की बेहतर व्यवस्था कार्डियक आईसीयू से मरीजों को होंगे ये फायदे – हार्ट मरीजों को मेडिकल आईसीयू पर निर्भरता काफी हद तक कम होगी।
– गंभीर हृदय रोगियों को अलग और विशेषज्ञ उपचार मिलेगा।
– मेडिकल आईसीयू पर मरीजों का दबाव कम होगा।
– इलाज के दौरान संक्रमण और जटिलताओं के जोखिम में कमी आएगी।
– मरीजों की निगरानी और उपचार की गुणवत्ता बेहतर होगी।
– कैथ लैब शुरू होने पर एक ही स्थान पर समग्र हृदय उपचार उपलब्ध होगा। कार्डियक आईसीयू जल्दी ही शुरू किया जा रहा है, जिसके शुरू होने से गंभीर हृदय रोगियों को विशेषज्ञ निगरानी और बेहतर उपचार सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध होगा और मेडिकल आईसीयू पर भी दबाव कम होगा। आगामी समय में कैथ लैब शुरू होने से हृदय रोग उपचार सेवाएं और मजबूत होंगी। – डॉ. विवेक भारद्वाज, प्रिंसिपल, एसजेपी मेडिकल कॉलेज, भरतपुर रूम नंबर 144 में का​र्डियक आईसीयू 7 बैड का शुरू करने जा रहे हैं, जिसे जल्दी ही शुरू किया जाएगा। इसके पास ही रूम 145 में 10 बैड का वार्ड होगा, जबकि 139 से 143 तक कैथ लैब का एरिया होगा और उसे मशीन आने के बाद शुरू किया जाएगा। -डॉ नगेंद्र भदौरिया, पीएमओ