नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ईआरसीपी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की योजनाओं के नाम तक पसंद नहीं हैं। उन्होंने प्रसूताओं को कथित रूप से पानी के इंजेक्शन लगाए जाने के मामले को “मर्डर” बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक लौटा पानी तक नहीं ला पाए, सिर्फ थोथे गाल बजा रहे हैं। दोनों नेताओं ने सरकार की कार्यशैली और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पीएम नरेंद्र मोदी के बाड़मेर रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम में आम सभा कैंसिल होने को लेकर कहा कि राजस्थान के लोग उन्हें कतई नहीं सुनना चाहते हैं। पहले भी जितनी बार पीएम मोदी आएं हैं तो बड़ी मुश्किल से भीड़ जुटती थी। खाली कुर्सियों की जब फोटो आती है, तो सरकार की बड़ी बेइज्जती होती है। इसको ध्यान में रखते हुए इन्होंने आम सभा नहीं रखी, ये बीजेपी की इंटरनल रिपोर्ट है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सोमवार को सीकर जिले के सांगलपती आश्रम में दर्शन करने जा रहे थे। इस दौरान उनका रामू का बास तिराहे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला के नेतृत्व में स्वागत किया गया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे। आमसभाओं की जिम्मेदारी भी कलेक्टर्स को दे देती हैं सरकार जूली ने कहा कि ये सरकार आमसभाओं की जिम्मेदारी भी कलेक्टर्स को दे देती हैं। आजकल तो कलश यात्रा निकालने की जिम्मेदारी भी कलेक्टर्स को दी जाती है। कांग्रेस की रिफाइनरी को कांग्रेस ने 39 हजार करोड़ से बनाकर तैयार किया था, उसे इन्होंने 90 हजार करोड़ का करके प्रदेश की जनता की खून-पसीने की कमाई को ऐसे ही खर्च कर दिया। पहले जब पीएम मोदी रिफाइनरी उद्घाटन के लिए आने वाले थे, तब आग लग गई थी, उस आग की रिपोर्ट आजतक सामने नहीं आई। आग के कारण सामने नहीं आए कि घटिया सामान लगा था या किसी की लापरवाही रही। ये लोग सारे राज फाइलों में दफन कर रहे हैं तो ये गड़बड़झाला सामने आना चाहिए। रिफाइनरी राजस्थान का भविष्य है। भाजपा ने इसे हमेशा अटकाने का काम किया है। इसका 90 पर्सेंट काम कांग्रेस ने पूरा कर दिया था तो ये किस बात की वाहवाही ले रहे हैं? जूली ने चिकित्सा मंत्री पर हमला बोला जूली ने कहा- चिकित्सा मंत्री की लेंग्वेज सब जानते हैं। जब प्रदेश में प्रसूताओं को पानी के इंजेक्शन लग रहे हैं और प्रसूताओं के साथ उनके बच्चों की मौत हो रही है, किडनी फेल हो रही है। इन्होंने आज तक किसी को अंदर नहीं ठोका ? ये तो मर्डर है। जूली ने कहा कि आज लोग सरकारी हॉस्पिटल में जाने से डरने लग गए, कहीं गलत ब्लड चढ़ा देते हैं, कहीं ऑक्सीजन नहीं मिलती है, कहीं 108-104 खराब है, कहीं डॉक्टर नहीं हैं। प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था का मजाक बना रखा है। कांग्रेस के समय में राइट टू हैल्थ मॉडल के तहत चिरंजीवी योजना, निशुल्क दवा, निशुल्क जांच और RGHS योजनाओं की आज हालत खराब है। सारा सिस्टम फेल कर दिया। शिक्षा मंत्री ने पिछले पौने 3 साल में शिक्षा के लिए कुछ नहीं बोला मदन दिलावर के डोटासरा पर बयानों को लेकर टीकाराम जूली ने कहा कि पूरी कांग्रेस डोटासरा के साथ है। शिक्षा मंत्री ने पिछले पौने 3 साल में शिक्षा के लिए कुछ नहीं बोला। बच्चाें को स्कॉलरशिप नहीं मिल रही, स्कूल की छत गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई। भाजपा सरकार ने 4000 स्कूल के 45000 कमरे जर्जर घोषित किए थे, उनमें से एक स्कूल नहीं बना पाए। किताबें, साइकिलें, स्कूटी भी समय पर नहीं आ रही है। शिक्षा विभाग में डेढ़ लाख से ज्यादा पद खाली हैं। टीकाराम जूली ने दोहराया कि दिलावर को शिक्षा का ‘श’ भी पता नहीं है, पूरे दिन बकवास करते रहते हैं। इनको राजस्थान की जनता जवाब देगी। पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों की शुरूआत की थी। भाजपा तो कांग्रेस के कामों को ही आगे बढ़ाकर दिखा दे। ईआरसीपी का नाम बदला फिर एक बूंद पानी नहीं आया शेखावाटी में पानी पहुंचाने को लेकर जूली ने कहा कि शेखावाटी में कांग्रेस ने ही पानी पहुंचाया। फरवरी 2024 में सीएम भजनलाल शर्मा ने शेखावाटी में कहा कि यमुना का पानी लेकर आऊंगा और अलवर में कहा कि ईआरसीपी का पानी लाऊंगा। दोनों जगह एक बूंद पानी नहीं आया। पिछले साल पीएम मोदी को राम जलसेतु योजना के लिए बुलाया, क्योंकि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का दिया हुआ नाम ईआरसीपी इन्हें पसंद नहीं था। पहले उसका नाम पीकेसी और फिर राम जलसेतु कर दिया, लेकिन फिर भी एक बूंद पानी नहीं आया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पीएम मोदी ने अजमेर और जयपुर में 2 बार घोषणा कर दी कि ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना बनऊंगा, लेकिन एक साल से नहीं बनाई और एक रुपया भी नहीं दिया। लेकिन सच ये है कि राजस्थान की सरकार ने हरियाणा सरकार के आगे घुटने टेक दिए। सिर्फ 4 महीने का समझौता किया और वो भी बाढ़-ओवरफ्लो वाले पानी का समझौता किया है। यमुना का पानी पहले हरियाणा को मिलेगा, फिर बचेगा तो यहां आएगा। किरोड़ी मीणा पकड़ते है और भजनलाल शर्मा उन्हें छोड़ देते हैं- जूली किरोड़ी की छापेमारी पर जूली ने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा बताएं कि जो छापे मारे उसमें कितने लोगों को सजा हुई ? ये छापे किस चीज के लग रहे थे जब कोई पकड़ा ही नहीं जा रहा। ये हो सकता है कि किरोड़ीलाल मीणा पकड़ते हैं और भजनलाल शर्मा उन्हें छोड़ देते हैं। अब बड़ा मामला ये है कि जो ढाई करोड़ रुपए जब्त हुए हैं, वो कहां से और कैसे आए ? खुद मंत्री किरोड़ी लाल एसीबी ऑफिस पहुंच गए, आज 10 दिन से मामले की कोई चर्चा ही नहीं है। सरकार को एसीबी की रिपोर्ट क्लियर करनी चाहिए। ये लोग जनता को गुमराह कर रहे हैं। जब पैसे लेने वाले लोगों को पकड़ लिया तो जांच रिपोर्ट सामने आनी चाहिए। हरियाणा- राजस्थान के बीच यमुना जल समझौते पर बोले डोटासरा वहीं पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को हुए हरियाणा व राजस्थान के बीच यमुना जल समझौते पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यमुना जल समझौता शेखावाटी और राजस्थान का अधिकार है कोई खैरात नहीं है। राजस्थान के मुख्यमंत्री और हरियाणा सरकार यमुना जल समझौते को इस तरह से प्रचार कर रही है कि यह नहीं होते तो यमुना का जल शेखावाटी के लोगों को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि 1994 का समझौता पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के समय किया गया समझौता है। कुछ समय के समझौते में 13000 क्यूसेक पानी हरियाणा को मिलना था और 581 एमसीएम पानी राजस्थान को मिलना था। उन्होंने कहा कि हमको यमुना जल का पानी उतना मिलेगा, लेकिन 1994 के समझौते में यथार्थ नहीं था कि बारिश के चार महीने के समय ही यह पानी राजस्थान को मिलेगा। इसके साथ यह सच भी नहीं था कि हरियाणा को पहले 2400 क्यूसेक पानी मिलेगा और उसके बाद राजस्थान को पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी गहलोत और वसुंधरा राजे की सरकार के समय भी लगातार लगातार प्रयास जारी रहे। इसके साथ पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय डीपीआर तैयार कर कर भी भेजी गई थी, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने कुछ डीपीआर को आगे बढ़ने का काम नहीं किया। डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री समझौते के नाम पर झूठे गाल बजाई और अपने आप को भागीरथ बताने का काम कर रहे हैं। डोटासरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि समझौते के नाम पर राजस्थान को हरियाणा के सामने सरेंडर करने का काम राजस्थान सरकार ने किया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री ने डीपीआर बनाने का कहा था, लेकिन करीब ढाई साल लगा दिए और आज तक वह डीपीआर नहीं बन पाई। इसके साथ बजट में भी राजस्थान सरकार ने 33 000 करोड़ रुपए लगाकर राजस्थान में यमुना जल लाने का वादा किया था, लेकिन आज तक 1 रुपया भी केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार ने नहीं दिया। यमुना का पानी चार महीने में बारिश के समय ओवरफ्लो होगा डोटासरा ने यमुना जल समझौते पर सवाल उठाते हुए कहा कि यमुना का पानी चार महीने में बारिश के समय ओवरफ्लो होगा, इसके साथ ही हरियाणा अपना पूरा पानी ले लेगा। इसके बाद यमुना का पानी शेखावाटी और राजस्थान को मिलेगा, यह पानी भी कब मिलेगा इसका भी अभी तक कोई अता-पता नहीं है। डोटासरा ने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार लोगों को भ्रमित करने का काम कर रही है जो एक तरह से राजस्थान की जनता का अपमान है। उन्होंने हरियाणा सरकार की ओर से ट्वीट किए गए बयान पर भी बोलते हुए कहा कि हरियाणा सरकार कह रही है कि पानी देना हमारा धर्म है। डोटासरा ने हरियाणा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि यह इस तरह से ट्वीट कर रहे हैं जिस तरह से हमें खैरात में यमुना का पानी मिल रहा है। डोटासरा ने कहा कि जो 12 महीने तक यमुना का पानी मिलना था, वह सिर्फ 4 महीने ही मिलेगा और वह भी यमुना का पूरा पानी राजस्थान को नहीं मिलेगा। डोटासरा ने कहा कि हरियाणा ने अपनी भी ज्यादा लिया और 4 महीने की शर्त भी इसमें लगा दी। डोटासरा ने मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि मुख्यमंत्री यह स्पष्ट करें कि जो एमओए हुआ है उसमें हरियाणा सरकार की एक समझौते में शामिल नहीं शर्त को भी माना है, जिसमें हरियाणा से राजस्थान में जो पानी आएगा। उसमें से भी चार-पांच जगह हरियाणा यमुना का पानी लगा तो ऐसे में राजस्थान के पास क्या बचेगा? उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सिंचाई के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले लोग, जो पीने का पानी का हमारा अधिकार है वह पानी भी पूरा नहीं दे रहे हैं। भाजपा की झूठ बोलने की पुरानी आदत उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह भाजपा की पुरानी आदत है कि लोगों को भ्रमित करो झूठ बोलों और इतना जोर से बोलो की लोग झूठ को भी सच मानने लग जाए। इन सबके नाम पर भाजपा वोटों की फसल काटने का काम कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक बूंद भी यमुना का पानी अपने इस कार्यकाल में राजस्थान में दे देंगे तो जैसा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था, वैसे मैं भी कह रहा हूं कि हम खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का स्वागत करेंगे और धन्यवाद देंगे। लेकिन यह कागज जमा कर राजस्थान के हितों को हरियाणा के सामने गिरवी रखा गया है और अपमानजनक समझौता किया गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री को कोई भी धन्यवाद देने वाला नहीं है। राजेंद्र राठौड़ पर डोटासरा ने साधा निशाना डोटासरा ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस तरह से ढोल बजा रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस को अब समझौते के बाद एयरपोर्ट पर आकर मुख्यमंत्री का स्वागत करना चाहिए, लेकिन मैं उनसे पूछ रहा हूं कि वह आखिर समझौते से क्या ले आए, एक लौटा पानी भी नहीं ला पाए। राजस्थान के हितों के साथ समझौता किया है और हरियाणा के सामने राजस्थान सरकार सुरेंद्र हो गई और समझौते के बाद भी बारिश के समय ओवरफ्लो होने वाला 4 महीने तक ही पानी राजस्थान को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह यमुना का पानी भी आज की तारीख में आने वाला नहीं है, क्योंकि ₹1 का बजट इन्होंने दिया नहीं है, अब देखना है कि ढाई साल और राजस्थान सरकार के बचे हैं, ढाई साल में पानी तो छोड़ दीजिए एक पाइप भी राजस्थान में लगने वाली नहीं है। यह मैं पूरे दावे के साथ कह सकता हूं। केवल इवेंट बाजी जानती है डबल इंजन की सरकार डोटासरा ने कहा कि इस समझौते में कोई दम नहीं है यह पूरी तरीके से फेल है, डबल इंजन की सरकार केवल इवेंट बाजी जानती है। उन्होंने कहा कि कभी अमित शाह आएंगे, कभी मोदी जी आएंगे और कभी किसी मंत्री को बुलाएंगे और कभी किसी मुख्यमंत्री को बुलाएंगे और कभी होर्डिंग व बोर्ड लगाएंगे। इसके साथ ही अखबारों में बड़े बड़े विज्ञापन देंगे लेकिन यमुना का पानी राजस्थान के शेखावाटी को यह नहीं देंगे।