इंडिगो की अहमदाबाद-मुंबई फ्लाइट की सूरत में इमरजेंसी लैंडिंग:उड़ान के दौरान 3 साल का बच्चा बेहोश हुआ, समय पर इलाज मिलने से बची जान

अहमदाबाद से मुंबई जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-7018 में सोमवार शाम 3 साल का बच्चा बेहोश हो गया। उसकी हालत बिगड़ने पर पायलट ने मेडिकल इमरजेंसी घोषित की। फ्लाइट की सूरत एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। बच्चे को सूरत के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बच्चे की पहचान सौरभ के रूप में हुई है। फ्लाइट में मौजूद दो डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक इलाज देने की कोशिश की, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क कर सूरत एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति मांगी। लैंडिंग से पहले एयरपोर्ट पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीम तैयार थी मेडिकल इमरजेंसी की सूचना मिलते ही सूरत एयरपोर्ट को अलर्ट कर दिया गया। CISF, एयरपोर्ट की मेडिकल टीम और इंडिगो की ग्राउंड टीम ने पहले से तैयारी कर ली। विमान के उतरते ही डॉक्टर अंदर पहुंचे। बच्चे को प्राथमिक इलाज देने के बाद एम्बुलेंस से प्राइवेट हॉस्पिटल भेज दिया गया। बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन और इंडिगो ने जरूरी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद फ्लाइट मुंबई के लिए रवाना हो गई। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, इस इमरजेंसी लैंडिंग का दूसरी उड़ानों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। फ्लाइट में तबीयत बिगड़ने पर इन बातों का ध्यान रखें… फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग की पिछली दो घटनाएं… 15 जून: जयपुर में इंडिगो की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग दिल्ली से मुंबई जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट में एक पैसेंजर की तबीयत बिगड़ गई। पैसेंजर की स्थिति को देखते हुए पायलट ने तुरंत मेडिकल इमरजेंसी घोषित की और जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराने का फैसला लिया। दरअसल, इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-322 दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान एक पैसेंजर की तबीयत खराब हो गई। विमान में मौजूद क्रू मेंबर्स ने प्राथमिक स्तर पर पैसेंजर को सहायता उपलब्ध कराई, लेकिन स्वास्थ्य स्थिति में सुधार नहीं होने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क कर नजदीकी एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुमति मांगी गई। पूरी खबर पढ़ें… 12 मई: एअर इंडिया की बेंगलुरु-दिल्ली फ्लाइट की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग एअर इंडिया की बेंगलुरु से दिल्ली जा रही फ्लाइट AI2802 की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है। फ्लाइट जब हवा में थी तब कॉकपिट क्रू को एक इंजन में आग लगने का अलर्ट मिला। इसके बाद विमान को रात करीब 9.30 बजे दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान में करीब 171 पैसेंजर थे। सभी पैसेंजर और क्रू सुरक्षित हैं। फ्लाइट को टो करके ले जाया गया। परी खबर पढ़ें… —————- ये खबर भी पढ़ें… इंडिगो फ्लाइट का इंजन फेल, दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग:वाइब्रेशन के बाद एक इंजन बंद हुआ, दूसरे से उतारा; 160 पैसेंजर सवार थे विशाखापट्टनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 579 की दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंजन बंद होने की वजह से इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। फ्लाइट में 160 यात्री सवार थे। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए एयरपोर्ट के रनवे 28 पर ‘फुल इमरजेंसी’ लागू की गई थी। रनवे के चारों ओर दमकल की गाड़ियां और एंबुलेंस मौजूद थीं, जिस बोइंग 737 विमान (TC-CON) के इंजन में खराबी आई, वह तुर्की की कोरेनडन एयरलाइन्स से लीज पर लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

एडीएम ने बताया- कैसे बनती हैं सरकारी योजनाएं:अधिकारियों को बोले- सही आंकड़े बेहतर फैसले लेने में मदद करते हैं; प्रशासनिक डेटा के महत्व को समझाया

कोटपूतली में सोमवार को 20वां जिला स्तरीय सांख्यिकी दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम महान सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशांत चन्द्र महालनोबिस की जयंती पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण ने की। सही आंकड़े बेहतर फैसले लेने में करते हैं मदद कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण ने कहा कि सांख्यिकी सिर्फ आंकड़ों को इकट्ठा करने का काम नहीं है, बल्कि इन आंकड़ों का सही विश्लेषण करके बेहतर फैसले लेने और अच्छी योजनाएं बनाने में भी इसकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि सरकार जनसंख्या, गरीबी, बेरोजगारी जैसे आंकड़ों के आधार पर लोगों के लिए योजनाएं बनाती है। इससे अस्पताल, स्कूल और सड़क जैसी सुविधाओं की बेहतर योजना तैयार की जा सकती है। अधिकारियों ने प्रशासनिक डेटा के महत्व को समझाया आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उप निदेशक बाबूलाल बैरवा ने इस वर्ष की थीम और प्रशासनिक आंकड़ों के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पंच गौरव कार्यक्रम, सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) और विभाग की विभिन्न गतिविधियों की भी जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों का सही उपयोग विकास कार्यों को और बेहतर बना सकता है। मुख्य आयोजना अधिकारी मेघा भट्ट ने बताया कि सांख्यिकी दिवस का उद्देश्य लोगों और सरकारी विभागों में सांख्यिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम का संचालन सहायक सांख्यिकी अधिकारी विशंभर दयाल गुर्जर ने किया। उन्होंने प्रो. प्रशांत चन्द्र महालनोबिस के जीवन और उनके योगदान के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

कोटा में बिजली गिरने से किसान की मौत, पत्नी बेहोश:खेत से लौट रहे थे दंपती; घर से 600 मीटर दूर हादसा

कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गईं। जबकि पत्नी अचेत(बेहोश) होकर गिर गई। घटना बोरिना गांव में सोमवार शाम 5 बजे की है। बिजली गिरने से मौके पर 2 फीट का गड्ढा हो गया। किसान की दाहिनी जांघ झुलस गई। पता लगने पर स्थानीय लोग पति और पत्नी को लेकर सांगोद हॉस्पिटल पहुंचे। ड्यूटी डॉक्टर ने चेक कर बोरिना निवासी बेनीराम मेहता (47) को मृत घोषित किया। स्थानीय निवासी महेंद्र ने बताया कि बेनीराम मेहता गांव में किराए से खेत ले रखा है। खेत में धान लगा रखा है। बेनीराम दोपहर साढ़े 3 बजे पत्नी सुमित्रा के साथ घर से 600 मीटर दूर खेत पर गए थे। शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम खराब हो गया। बारिश से बचने के लिए दोनों खेत से घर लौटने लगे। रास्ते में खेत की मेड़ पार करते समय अचानक बेनीराम पर आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली गिरते ही वह मौके पर ही नीचे गिर पड़े। तेज गर्जना और बिजली की आवाज से उनके पीछे चल रही पत्नी सुमित्रा घबराकर अचेत हो गईं। उसी दौरान बिजली की लाइन का काम कर रहे मजदूर वहां से गुजर रहे थे। उनकी पति पत्नी पर नजर पड़ी। उन्होंने ग्रामीणों को बुलाया। दोनों को सांगोद हॉस्पिटल पहुंचाया। हॉस्पिटल में इलाज के बाद सुमित्रा को होश आ गया। बेनीराम की जान नहीं बचाई जा सकी। बेनीराम के दो बेटे है, जिनकी उम्र क्रमश: 20 और 17 साल हैं।

जांच में झूठे-निकले रेप के आरोप, कोर्ट ने लगाया जुर्माना:एसपी बोलीं- झूठी शिकायत देने वालों पर पुलिस करेगी सख्त कार्रवाई

उदयपुर की पॉक्सो कोर्ट-2 ने रेप के झूठे प्रकरण दर्ज कराने वाले 4 शिकायकर्ताओं के खिलाफ 1-1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। उदयपुर शहर की सूरजपोल थाना पुलिस ने रेप के झूठे केस दर्ज कराने वाली महिलाओं-प्रार्थियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोर्ट में इस्तगासा पेश किया था, जिसमें बताया कि प्रार्थिया ने झूठे प्रकरण दर्ज करवाकर आरोपी पक्ष को परेशान करने का काम किया। पुलिस और कोर्ट का समय बर्बाद कराने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का निवेदन किया था। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चारों शिकायतकर्ताओं पर एक-एक हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। उदयपुर एसपी डॉ अमृता दुहन ने बताया कि भविष्य में भी लगातार झूठे प्ररकण दर्ज करवाने वालों ​के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सख्त सजा दिलवाई जाएगी। पढ़िए- 4 मामले, जो जांच में झूठे निकले

पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर लिमिट 1 जुलाई से हटेगी:कॉमर्शियल बायर्स रीटेल पंपों से फ्यूल खरीद सकेंगे, एक दिन में 200 लीटर लिमिट थी

सरकार ने पेट्रोल-डीजल की खरीद पर लगाई गईं सभी इमरजेंसी पाबंदियों को 1 जुलाई से हटाने का फैसला किया है। नए आदेश के बाद अब पेट्रोल पंपों पर एक गाड़ी में एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल भरने की सीमा खत्म हो जाएगी, यानी अब आप अपनी गाड़ी में जितना चाहें उतना डीजल भरवा सकेंगे। इसके साथ ही फैक्ट्रियों और कमर्शियल खरीदारों पर लगी रोक भी हटा दी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 11 जून को पेट्रोल-डीजल की किल्लत की वजह से ये पाबंदियां लगाई थीं, जिन्हें सप्लाई सुधरने के बाद 29 जून के नए आदेश के जरिए वापस ले लिया गया है। पिछले 18 दिन से बड़े उपभोक्ता सिर्फ बल्क सेल पॉइंट्स से ही ईंधन खरीद रहे थे। इस पूरे फैसले को आसान सवाल-जवाब में समझिए… सवाल 1: पेट्रोल-डीजल को लेकर नया फैसला क्या है? जवाब: सरकार ने 1 जुलाई से कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल (औद्योगिक) ग्राहकों पर पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए लगी पाबंदियां पूरी तरह से हटा ली हैं। अब ये ग्राहक रीटेल पेट्रोल पंपों से सामान्य रूप से फ्यूल खरीद सकेंगे। इसके अलावा आम गाड़ियों या ट्रकों के लिए एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल खरीदने की लिमिट को भी खत्म कर दिया गया है। सवाल 2: पाबंदियां हटाने का फैसला क्यों लिया गया? जवाब: मंत्रालय ने देश में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की मौजूदा सप्लाई स्थिति की समीक्षा की है। सरकार का कहना है कि अब देश में ईंधन की सप्लाई व्यवस्था में सुधार हो गया है। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए इन पाबंदियों की जरूरत नहीं है। सवाल 3: ये प्रतिबंध क्यों लगाए गए थे? जवाब: अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण ग्लोबल लेवल पर एनर्जी मार्केट्स और कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई थी। इस वजह से देश के कुछ हिस्सों में ईंधन की भारी किल्लत का खतरा पैदा हो गया था। ब्लैक मार्केटिंग, जमाखोरी और डीजल के गलत डायवर्जन को रोकने के लिए सरकार ने 11 जून को यह आपातकालीन कदम उठाया था, जिसे 90 दिन तक लागू रहना था। सवाल 4: पिछले आदेश में कॉमर्शियल बायर्स के लिए क्या नियम थे? जवाब: 11 जून के जारी आदेश के मुताबिक, फैक्ट्रियों, इंडस्ट्रियल यूनिट्स और टेलीकॉम टावरों जैसे बड़े (कॉमर्शियल) खरीदारों के रीटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर रोक लगा दी गई थी। उन्हें अपने खुद के कंज्यूमर पंपों से बाजार भाव पर तेल मंगाना अनिवार्य था। इसके साथ ही रिटेल पेट्रोल पंपों पर किसी भी एक ग्राहक या गाड़ी के लिए एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल की सीमा तय कर दी गई थी। सवाल 5: पेट्रोल पंपों पर कॉमर्शियल खरीदारों की भीड़ क्यों बढ़ने लगी थी? जवाब: दरअसल, रीटेल पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले तेल और थोक में मिलने वाले तेल की कीमतों में बड़ा अंतर आ गया था। उदाहरण के लिए, दिल्ली में पेट्रोल पंप पर डीजल ₹95.20 प्रति लीटर था, जबकि थोक खरीदारों के लिए यह ₹134.50 प्रति लीटर पड़ रहा था। लगभग ₹39 प्रति लीटर के इस बड़े अंतर के कारण टेलीकॉम टावर कंपनियां, फैक्ट्रियां और बस-ट्रक ऑपरेटर थोक के बजाय सीधे पेट्रोल पंपों से तेल खरीदने लगे, जिससे पेट्रोल पंपों पर मांग अचानक असामान्य रूप से बढ़ गई थी। सवाल 6: कीमतों में इतना बड़ा अंतर क्यों आया था? जवाब: फरवरी के आखिर में शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम काफी बढ़ गए थे। सरकारी तेल कंपनियों ने आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए रीटेल कीमतों को नहीं बढ़ाया और उन्हें स्थिर रखा। हालांकि, नियमों के मुताबिक टेलीकॉम और भारी उद्योगों जैसे थोक खरीदारों के लिए मार्केट रेट लागू रहे, जो लागत के हिसाब से बहुत ज्यादा थे। इसी वजह से दोनों रेट्स में अंतर आ गया। सवाल 7: खाड़ी देशों से तेल की सप्लाई में अब क्या सुधार हुआ है? जवाब: सरकार के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के बाद खाड़ी देशों के उत्पादकों से कच्चे तेल और ईंधन की सप्लाई बेहतर हुई है। इस क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ से जहाजों की आवाजाही और ऑयल शिपमेंट्स अब फिर से सामान्य हो गए हैं, जिससे घरेलू स्तर पर स्टॉक मजबूत हुआ है। सवाल 8: सरकार ने आदेश वापस लेने के लिए किस नियम का इस्तेमाल किया है? जवाब: पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने अपने विशेष नियमों और अधिकारों (ऑर्डर 2026) का इस्तेमाल करते हुए 12 जून वाले पुराने आदेश को रद्द कर दिया है। सरकार का यह नया फैसला 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। सवाल 9: इस फैसले से किस तरह के बिजनेस को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी? जवाब: इस फैसले का सबसे सकारात्मक असर ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर पड़ेगा। ट्रकिंग कंपनियों और राज्य परिवहन की बसों को अब डीजल के लिए लंबी लाइनों या 200 लीटर की डेली लिमिट से जूझना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लिए भी ईंधन की उपलब्धता आसान हो जाएगी। ———— ये खबर भी पढ़ें… कॉमर्शियल LPG से लिमिट हटी, अब 100% सप्लाई होगी: केंद्र सरकार का फैसला, इंडस्ट्रीज के लिए बल्क सप्लाई पर लगी रोक भी हटी केंद्र सरकार ने राज्यों को एक बार फिर LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकार ने आज यानी 25 जून को कॉमर्शियल LPG सिलेंडर सप्लाई पर लगी सभी सेक्टर-वाइज पाबंदियां हटा दी हैं। गैस संकट को देखते हुए सरकार ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडर सप्लाई में कटौती की थी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि इसके अलावा, गैस संकट की शुरुआत में इंडस्ट्रीज को रोकी गई बल्क LPG की सप्लाई में भी ढील दी गई है। इसे संकट से पहले की खपत के स्तर का 50% कर दिया गया है। यह बहाली LPG सप्लाई की स्थिति में हाल ही में हुए सुधार के बाद की गई है। पूरी खबर पढ़ें…

बहन पर टिप्पणियां करता था जगन, इसलिए मार डाला:मुस्कुराते हुए सेल से बाहर निकला हत्यारा विष्णु; मर्डर से पहले साथ बैठकर खाना खाया

प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सोमवार को उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई, जब जेल के अंदर बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की उसी की सेल में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। मर्डर उसी सेल में बंद भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने किया है। हत्या से पहले विष्णु और जगन ने साथ बैठकर खाना खाया था। इसके बाद सेल में साथ में लूडो भी खेला था। इसी दौरान विष्णु ने मौका पाकर तौलिए से गला घोंटकर जगन को मार डाला। प्रारंभिक पूछताछ में विष्णु ने बताया- जगन गुर्जर मेरी बहन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था। इसलिए मैंने उसे मारने का प्लान कर लिया था। मुझे सिर्फ सही मौके का इंतजार था। शक न हो, इसलिए मैं जगन के साथ सामान्य व्यवहार करता रहा। उधर, घटना सामने आते ही जेल प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस जेल की सुरक्षा अभेद्य मानी जाती है, वहां एक बंदी ने दूसरे बंदी की हत्या कर दी और किसी को भनक तक नहीं लगी। वार्ड नंबर-2, ब्लॉक-4, सेल नंबर-5… यहीं हुआ कत्ल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वार्ड नंबर-2 के ब्लॉक नंबर-4 की सेल नंबर-5 में डकैत जगन गुर्जर और कुलदीप जघीना हत्याकांड का आरोपी विष्णु एक साथ बंद थे। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे जब रोजाना की तरह सेल खोली गई तो ब्लॉक के अन्य बंदी बाहर निकलने लगे। इसी दौरान विष्णु भी मुस्कुराते हुए सेल से बाहर निकला, जबकि जगन अपनी जगह लेटा था। शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ। कुछ बंदियों ने आवाज लगाई, “जग्गू दादा… आज अभी तक उठे नहीं, बाहर क्यों नहीं आए?” लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। तभी विष्णु ने जोर से कहा- “कोई पास मत जाना… मैंने इसे मार दिया है।” उसकी बात सुनते ही जेल में अफरा-तफरी मच गई। बंदियों ने तुरंत जेल स्टाफ को सूचना दी। कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो जगन गुर्जर बेसुध पड़ा मिला। सीनियर अधिकारियों और डॉक्टरों को बुलाया गया। जांच के बाद डॉक्टर ने जगन को मृत घोषित कर दिया। मोबाइल जैमर बना सूचना देने में बाधा
सूत्रों के अनुसार, जेल परिसर में लगे हाई पावर मोबाइल जैमर के कारण अधिकारियों से तत्काल संपर्क नहीं हो सका। कई कर्मचारियों को जेल परिसर से करीब 200 से 300 मीटर दूर जाकर फोन करना पड़ा, तब जाकर अधिकारियों तक सूचना पहुंची। बताया जा रहा है कि सुबह से ही नेटवर्क की समस्या बनी हुई थी, जिससे इंटरनेट सेवा भी प्रभावित थी। हत्या से पहले साथ खाना खाया, सेल साफ की और लूडो भी खेला
प्रारंभिक जांच में जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया। सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे दोनों बंदियों ने साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद दोनों ने मिलकर अपनी सेल की सफाई की। विष्णु पानी लेकर आया तो जगन झाड़ू लगाता रहा, फिर जगन पानी लाया और विष्णु ने सफाई की। दोनों के बीच किसी तरह के विवाद के कोई संकेत नहीं मिले। इसके बाद पैर की तकलीफ के चलते जगन गुर्जर इंजेक्शन लगवाने गया। कुछ देर बाद लौटकर आया तो दोनों ने सेल के अंदर बैठकर लूडो खेलना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद किसी भी व्यक्ति को यह अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में जगन की हत्या हो जाएगी। दवा लेने का बहाना…पीछे से तौलिए से दबा दिया गला
सूत्रों के अनुसार, लूडो खेलते समय विष्णु ने कहा- मुझे दवा लेनी है। वह जगन के पीछे टंगी थैली के पास गया। इसी दौरान उसने वहां रखा तौलिया उठाया और पीछे से अचानक जगन का गला कस दिया। जब तक जगन संभल पाता, उसकी सांसें थम चुकी थीं। हत्या के बाद विष्णु ने वारदात में इस्तेमाल किया गया तौलिया ऊपर चल रहे पंखे पर फेंक दिया और शव से कुछ दूरी पर जाकर आराम से लेट गया। दोपहर 3 बजे सेल खुलने तक किसी को हत्या की भनक तक नहीं लगी। पूछताछ में बोला- बहन पर टिप्पणी करता था, इसलिए मार डाला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसने प्रारंभिक पूछताछ में अधिकारियों से कहा- जगन गुर्जर लगातार मेरा मजाक उड़ाता था। वह कहता था कि “तू क्या डॉन बनेगा, डकैत का नाम हमने कमाया है, तेरे से कुछ नहीं होगा।” इसके साथ ही जगन मेरी बहन को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था। इन बातों से मैं लंबे समय से आहत था और मन ही मन जगन को मारने का फैसला कर लिया था। मुझे सिर्फ सही मौके का इंतजार था। जगन का भाई भी हाई सिक्योरिटी जेल में बंद
सूत्रों के अनुसार, जगन गुर्जर का सगा भाई पप्पू गुर्जर भी इसी हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है। वह वार्ड नंबर-2 के ब्लॉक नंबर-1 की सेल नंबर-6 में रखा गया था। घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर उसका वार्ड और ब्लॉक बदल दिया गया। दोनों भाइयों को कभी-कभार ही मिलने दिया जाता था, क्योंकि कई बार उनके बीच भी विवाद हो जाता था। 92 गैंगस्टर, 4 वार्ड और 24 सेल वाली जेल
जानकारी के अनुसार, अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में चार वार्ड है। प्रत्येक वार्ड में अलग-अलग ब्लॉक बनाए गए हैं और हर ब्लॉक में 6 सेल हैं। इस तरह कुल 24 सेल हैं। प्रत्येक सेल में अधिकतम तीन बंदियों को रखा जाता है। वर्तमान में यहां करीब 92 गैंगस्टर और कुख्यात अपराधी बंद है। वार्ड नंबर-2 के इसी ब्लॉक में जघीना हत्याकांड के कई आरोपी भी बंद बताए जा रहे हैं। हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा सवालों के घेरे में
तीन-स्तरीय सुरक्षा, चौबीसों घंटे निगरानी और हाई सिक्योरिटी व्यवस्था के बावजूद जेल के अंदर एक बंदी ने दूसरे बंदी की हत्या कर दी। ये घटना जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आखिर हत्या की साजिश कब बनी, वारदात के दौरान किसी को भनक क्यों नहीं लगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, अब इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। जगन गुर्जर के मर्डर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें 1. 15-18 कैदियों के सामने डकैत जगन गुर्जर का मर्डर:नाश्ते के समय विवाद हुआ, 11 बजे एक बैरक में डाल दिया; आरोपी बोला-परेशान करता था अजमेर हाईसिक्योरिटी जेल में बंद डकैत जगन गुर्जर की भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने हत्या कर दी। हार्डकोर बंदी विष्णु सिंह और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। विष्णु ने तौलिए से गला दबाकर हत्या कर दी। पढ़ें पूरी खबर 2. अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा, साथ में लूडो खेला था अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। पढ़ें पूरी खबर

जूली बोले-भजनलाल को वसुंधरा की योजनाओं के नाम पसंद नहीं:डोटासरा बोले- एक लौटा पानी लाए नहीं, थोथे गाल बजा रहे

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ईआरसीपी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की योजनाओं के नाम तक पसंद नहीं हैं। उन्होंने प्रसूताओं को कथित रूप से पानी के इंजेक्शन लगाए जाने के मामले को “मर्डर” बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक लौटा पानी तक नहीं ला पाए, सिर्फ थोथे गाल बजा रहे हैं। दोनों नेताओं ने सरकार की कार्यशैली और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पीएम नरेंद्र मोदी के बाड़मेर रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम में आम सभा कैंसिल होने को लेकर कहा कि राजस्थान के लोग उन्हें कतई नहीं सुनना चाहते हैं। पहले भी जितनी बार पीएम मोदी आएं हैं तो बड़ी मुश्किल से भीड़ जुटती थी। खाली कुर्सियों की जब फोटो आती है, तो सरकार की बड़ी बेइज्जती होती है। इसको ध्यान में रखते हुए इन्होंने आम सभा नहीं रखी, ये बीजेपी की इंटरनल रिपोर्ट है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सोमवार को सीकर जिले के सांगलपती आश्रम में दर्शन करने जा रहे थे। इस दौरान उनका रामू का बास तिराहे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला के नेतृत्व में स्वागत किया गया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे। आमसभाओं की जिम्मेदारी भी कलेक्टर्स को दे देती हैं सरकार जूली ने कहा कि ये सरकार आमसभाओं की जिम्मेदारी भी कलेक्टर्स को दे देती हैं। आजकल तो कलश यात्रा निकालने की जिम्मेदारी भी कलेक्टर्स को दी जाती है। कांग्रेस की रिफाइनरी को कांग्रेस ने 39 हजार करोड़ से बनाकर तैयार किया था, उसे इन्होंने 90 हजार करोड़ का करके प्रदेश की जनता की खून-पसीने की कमाई को ऐसे ही खर्च कर दिया। पहले जब पीएम मोदी रिफाइनरी उद्घाटन के लिए आने वाले थे, तब आग लग गई थी, उस आग की रिपोर्ट आजतक सामने नहीं आई। आग के कारण सामने नहीं आए कि घटिया सामान लगा था या किसी की लापरवाही रही। ये लोग सारे राज फाइलों में दफन कर रहे हैं तो ये गड़बड़झाला सामने आना चाहिए। रिफाइनरी राजस्थान का भविष्य है। भाजपा ने इसे हमेशा अटकाने का काम किया है। इसका 90 पर्सेंट काम कांग्रेस ने पूरा कर दिया था तो ये किस बात की वाहवाही ले रहे हैं? जूली ने चिकित्सा मंत्री पर हमला बोला जूली ने कहा- चिकित्सा मंत्री की लेंग्वेज सब जानते हैं। जब प्रदेश में प्रसूताओं को पानी के इंजेक्शन लग रहे हैं और प्रसूताओं के साथ उनके बच्चों की मौत हो रही है, किडनी फेल हो रही है। इन्होंने आज तक किसी को अंदर नहीं ठोका ? ये तो मर्डर है। जूली ने कहा कि आज लोग सरकारी हॉस्पिटल में जाने से डरने लग गए, कहीं गलत ब्लड चढ़ा देते हैं, कहीं ऑक्सीजन नहीं मिलती है, कहीं 108-104 खराब है, कहीं डॉक्टर नहीं हैं। प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था का मजाक बना रखा है। कांग्रेस के समय में राइट टू हैल्थ मॉडल के तहत चिरंजीवी योजना, निशुल्क दवा, निशुल्क जांच और RGHS योजनाओं की आज हालत खराब है। सारा सिस्टम फेल कर दिया। शिक्षा मंत्री ने पिछले पौने 3 साल में शिक्षा के लिए कुछ नहीं बोला मदन दिलावर के डोटासरा पर बयानों को लेकर टीकाराम जूली ने कहा कि पूरी कांग्रेस डोटासरा के साथ है। शिक्षा मंत्री ने पिछले पौने 3 साल में शिक्षा के लिए कुछ नहीं बोला। बच्चाें को स्कॉलरशिप नहीं मिल रही, स्कूल की छत गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई। भाजपा सरकार ने 4000 स्कूल के 45000 कमरे जर्जर घोषित किए थे, उनमें से एक स्कूल नहीं बना पाए। किताबें, साइकिलें, स्कूटी भी समय पर नहीं आ रही है। शिक्षा विभाग में डेढ़ लाख से ज्यादा पद खाली हैं। टीकाराम जूली ने दोहराया कि दिलावर को शिक्षा का ‘श’ भी पता नहीं है, पूरे दिन बकवास करते रहते हैं। इनको राजस्थान की जनता जवाब देगी। पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों की शुरूआत की थी। भाजपा तो कांग्रेस के कामों को ही आगे बढ़ाकर दिखा दे। ईआरसीपी का नाम बदला फिर एक बूंद पानी नहीं आया शेखावाटी में पानी पहुंचाने को लेकर जूली ने कहा कि शेखावाटी में कांग्रेस ने ही पानी पहुंचाया। फरवरी 2024 में सीएम भजनलाल शर्मा ने शेखावाटी में कहा कि यमुना का पानी लेकर आऊंगा और अलवर में कहा कि ईआरसीपी का पानी लाऊंगा। दोनों जगह एक बूंद पानी नहीं आया। पिछले साल पीएम मोदी को राम जलसेतु योजना के लिए बुलाया, क्योंकि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का दिया हुआ नाम ईआरसीपी इन्हें पसंद नहीं था। पहले उसका नाम पीकेसी और फिर राम जलसेतु कर दिया, लेकिन फिर भी एक बूंद पानी नहीं आया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पीएम मोदी ने अजमेर और जयपुर में 2 बार घोषणा कर दी कि ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना बनऊंगा, लेकिन एक साल से नहीं बनाई और एक रुपया भी नहीं दिया। लेकिन सच ये है कि राजस्थान की सरकार ने हरियाणा सरकार के आगे घुटने टेक दिए। सिर्फ 4 महीने का समझौता किया और वो भी बाढ़-ओवरफ्लो वाले पानी का समझौता किया है। यमुना का पानी पहले हरियाणा को मिलेगा, फिर बचेगा तो यहां आएगा। किरोड़ी मीणा पकड़ते है और भजनलाल शर्मा उन्हें छोड़ देते हैं- जूली किरोड़ी की छापेमारी पर जूली ने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा बताएं कि जो छापे मारे उसमें कितने लोगों को सजा हुई ? ये छापे किस चीज के लग रहे थे जब कोई पकड़ा ही नहीं जा रहा। ये हो सकता है कि किरोड़ीलाल मीणा पकड़ते हैं और भजनलाल शर्मा उन्हें छोड़ देते हैं। अब बड़ा मामला ये है कि जो ढाई करोड़ रुपए जब्त हुए हैं, वो कहां से और कैसे आए ? खुद मंत्री किरोड़ी लाल एसीबी ऑफिस पहुंच गए, आज 10 दिन से मामले की कोई चर्चा ही नहीं है। सरकार को एसीबी की रिपोर्ट क्लियर करनी चाहिए। ये लोग जनता को गुमराह कर रहे हैं। जब पैसे लेने वाले लोगों को पकड़ लिया तो जांच रिपोर्ट सामने आनी चाहिए। हरियाणा- राजस्थान के बीच यमुना जल समझौते पर बोले डोटासरा वहीं पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को हुए हरियाणा व राजस्थान के बीच यमुना जल समझौते पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यमुना जल समझौता शेखावाटी और राजस्थान का अधिकार है कोई खैरात नहीं है। राजस्थान के मुख्यमंत्री और हरियाणा सरकार यमुना जल समझौते को इस तरह से प्रचार कर रही है कि यह नहीं होते तो यमुना का जल शेखावाटी के लोगों को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि 1994 का समझौता पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के समय किया गया समझौता है। कुछ समय के समझौते में 13000 क्यूसेक पानी हरियाणा को मिलना था और 581 एमसीएम पानी राजस्थान को मिलना था। उन्होंने कहा कि हमको यमुना जल का पानी उतना मिलेगा, लेकिन 1994 के समझौते में यथार्थ नहीं था कि बारिश के चार महीने के समय ही यह पानी राजस्थान को मिलेगा। इसके साथ यह सच भी नहीं था कि हरियाणा को पहले 2400 क्यूसेक पानी मिलेगा और उसके बाद राजस्थान को पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी गहलोत और वसुंधरा राजे की सरकार के समय भी लगातार लगातार प्रयास जारी रहे। इसके साथ पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय डीपीआर तैयार कर कर भी भेजी गई थी, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने कुछ डीपीआर को आगे बढ़ने का काम नहीं किया। डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री समझौते के नाम पर झूठे गाल बजाई और अपने आप को भागीरथ बताने का काम कर रहे हैं। डोटासरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि समझौते के नाम पर राजस्थान को हरियाणा के सामने सरेंडर करने का काम राजस्थान सरकार ने किया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री ने डीपीआर बनाने का कहा था, लेकिन करीब ढाई साल लगा दिए और आज तक वह डीपीआर नहीं बन पाई। इसके साथ बजट में भी राजस्थान सरकार ने 33 000 करोड़ रुपए लगाकर राजस्थान में यमुना जल लाने का वादा किया था, लेकिन आज तक 1 रुपया भी केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार ने नहीं दिया। यमुना का पानी चार महीने में बारिश के समय ओवरफ्लो होगा डोटासरा ने यमुना जल समझौते पर सवाल उठाते हुए कहा कि यमुना का पानी चार महीने में बारिश के समय ओवरफ्लो होगा, इसके साथ ही हरियाणा अपना पूरा पानी ले लेगा। इसके बाद यमुना का पानी शेखावाटी और राजस्थान को मिलेगा, यह पानी भी कब मिलेगा इसका भी अभी तक कोई अता-पता नहीं है। डोटासरा ने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार लोगों को भ्रमित करने का काम कर रही है जो एक तरह से राजस्थान की जनता का अपमान है। उन्होंने हरियाणा सरकार की ओर से ट्वीट किए गए बयान पर भी बोलते हुए कहा कि हरियाणा सरकार कह रही है कि पानी देना हमारा धर्म है। डोटासरा ने हरियाणा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि यह इस तरह से ट्वीट कर रहे हैं जिस तरह से हमें खैरात में यमुना का पानी मिल रहा है। डोटासरा ने कहा कि जो 12 महीने तक यमुना का पानी मिलना था, वह सिर्फ 4 महीने ही मिलेगा और वह भी यमुना का पूरा पानी राजस्थान को नहीं मिलेगा। डोटासरा ने कहा कि हरियाणा ने अपनी भी ज्यादा लिया और 4 महीने की शर्त भी इसमें लगा दी। डोटासरा ने मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि मुख्यमंत्री यह स्पष्ट करें कि जो एमओए हुआ है उसमें हरियाणा सरकार की एक समझौते में शामिल नहीं शर्त को भी माना है, जिसमें हरियाणा से राजस्थान में जो पानी आएगा। उसमें से भी चार-पांच जगह हरियाणा यमुना का पानी लगा तो ऐसे में राजस्थान के पास क्या बचेगा? उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सिंचाई के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले लोग, जो पीने का पानी का हमारा अधिकार है वह पानी भी पूरा नहीं दे रहे हैं। भाजपा की झूठ बोलने की पुरानी आदत उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह भाजपा की पुरानी आदत है कि लोगों को भ्रमित करो झूठ बोलों और इतना जोर से बोलो की लोग झूठ को भी सच मानने लग जाए। इन सबके नाम पर भाजपा वोटों की फसल काटने का काम कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक बूंद भी यमुना का पानी अपने इस कार्यकाल में राजस्थान में दे देंगे तो जैसा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था, वैसे मैं भी कह रहा हूं कि हम खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का स्वागत करेंगे और धन्यवाद देंगे। लेकिन यह कागज जमा कर राजस्थान के हितों को हरियाणा के सामने गिरवी रखा गया है और अपमानजनक समझौता किया गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री को कोई भी धन्यवाद देने वाला नहीं है। राजेंद्र राठौड़ पर डोटासरा ने साधा निशाना डोटासरा ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस तरह से ढोल बजा रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस को अब समझौते के बाद एयरपोर्ट पर आकर मुख्यमंत्री का स्वागत करना चाहिए, लेकिन मैं उनसे पूछ रहा हूं कि वह आखिर समझौते से क्या ले आए, एक लौटा पानी भी नहीं ला पाए। राजस्थान के हितों के साथ समझौता किया है और हरियाणा के सामने राजस्थान सरकार सुरेंद्र हो गई और समझौते के बाद भी बारिश के समय ओवरफ्लो होने वाला 4 महीने तक ही पानी राजस्थान को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह यमुना का पानी भी आज की तारीख में आने वाला नहीं है, क्योंकि ₹1 का बजट इन्होंने दिया नहीं है, अब देखना है कि ढाई साल और राजस्थान सरकार के बचे हैं, ढाई साल में पानी तो छोड़ दीजिए एक पाइप भी राजस्थान में लगने वाली नहीं है। यह मैं पूरे दावे के साथ कह सकता हूं। केवल इवेंट बाजी जानती है डबल इंजन की सरकार डोटासरा ने कहा कि इस समझौते में कोई दम नहीं है यह पूरी तरीके से फेल है, डबल इंजन की सरकार केवल इवेंट बाजी जानती है। उन्होंने कहा कि कभी अमित शाह आएंगे, कभी मोदी जी आएंगे और कभी किसी मंत्री को बुलाएंगे और कभी किसी मुख्यमंत्री को बुलाएंगे और कभी होर्डिंग व बोर्ड लगाएंगे। इसके साथ ही अखबारों में बड़े बड़े विज्ञापन देंगे लेकिन यमुना का पानी राजस्थान के शेखावाटी को यह नहीं देंगे।

16 साल से फरार हत्या-लूट का आरोपी नूंह से काबू:राजस्थान पुलिस को सौंपा, पहचान छिपाकर पुलिस से बच रहा था

नूंह जिले में पुलिस ने हत्या, लूट और चोरी सहित कई गंभीर मामलों में पिछले 16 वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पुनहाना थाना क्षेत्र के सिकरावा गांव निवासी हाकम पुत्र अब्दुल हामिद के रूप में हुई है। वह राजस्थान के जयपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों में वांछित था और कोर्ट द्वारा उद्घोषित अपराधी (पीओ) घोषित किया जा चुका था। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी हाकम को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए राजस्थान के शाहपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। अब राजस्थान पुलिस उससे पुराने मामलों के संबंध में पूछताछ करेगी और उसे न्यायालय में पेश करेगी। जयपुर में हत्या और लूट मामले में वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हाकम के खिलाफ वर्ष 2010 में शाहपुर थाना क्षेत्र में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद, वर्ष 2011 में उस पर लूट और एक व्यक्ति को बंधक बनाने का आरोप लगा। इन मामलों में वह लगातार फरार चल रहा था। शाहपुर थाने में उसके खिलाफ लूट और आर्म्स एक्ट के तहत भी एक अन्य मुकदमा दर्ज है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2015 में हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सिटी बल्लभगढ़ थाना में चोरी के एक मामले में भी उसका नाम सामने आया था। पहचान छिपाकर कानून से बचने की कोशिश करता रहा बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर कानून से बचने की कोशिश कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से वर्षों से लंबित मामलों की सुनवाई और जांच प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। संबंधित एजेंसियां अब आरोपी से पूछताछ कर उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य मामलों की भी जांच कर सकती हैं।

बेकाबू ट्रेलर ने बाइक-सवार को कुचला, साथी गंभीर घायल:सड़क पर फैला खून; सीसीटीवी से फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिस

जयपुर में अजमेर-दिल्ली हाईवे स्थित बढ़ारना पुलिया पर सोमवार की शाम ट्रेलर ने बाइक सवार एक लड़के को कुचल दिया। हादसे में लड़के की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दौरान सड़क पर खून ही खून फैल गया। हादसे के बाद ट्रेलर ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार हो गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश कर रही है। विश्वकर्मा थाने के हेड कॉन्स्टेबल राजवीर सिंह ने बताया- सोमवार शाम करीब 6:50 बजे बढ़ारना पुलिया पर सड़क हादसे की सूचना मिली। हादसे में दौलतपुरा गांव निवासी इलियास (17) पुत्र इस्माइल की मौत हो गई। जबकि उसका साथी हरीश (14) पुत्र पूरणमल, निवासी पोखरियावाला ढाणी, दौलतपुरा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज जारी है। शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों मोटरसाइकिल से रोड नंबर-14, दिल्ली हाईवे की ओर जा रहे थे। बढ़ारना पुलिया के पास सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप को ओवरटेक करते समय पीछे से तेज रफ्तार में आए ट्रेलर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही इलियास सड़क पर गिर गया और ट्रेलर उसके ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हरीश गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद ट्रेलर ड्राइवर गाड़ी सहित मौके से फरार हो गया। सूचना पर विश्वकर्मा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कांवटिया अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी ड्राइवर की तलाश में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।

108 पवित्र कलशों से भगवान श्री जगन्नाथ का दिव्य स्नान:अब अनवसरा काल में करेंगे विश्राम; मंदिर शिखर पर चढ़ाया ध्वज

प्रतापनगर (घरौंदा) स्थित श्री राधारमण खाटूश्याम मंदिर परिसर के श्री जगन्नाथ मंदिर में आज भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु, श्री बलभद्र जी एवं माता सुभद्रा जी का पावन स्नान यात्रा महोत्सव वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा का 108 पवित्र कलशों के दिव्य जल, चंदन, औषधीय द्रव्यों तथा विभिन्न तीर्थों के पवित्र जल से महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिव्य स्नान के उपरांत भगवान को ज्वर हो जाता है, जिसके कारण वे अनवसरा (विश्राम काल) में चले जाते हैं। इस अवधि में भगवान भक्तों को दर्शन नहीं देते तथा आयुर्वेदिक उपचार के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ करते हैं। ध्वज की पूजा-अर्चना कर मंदिर शिखर पर फहराया इस अवसर पर श्री जगन्नाथ दर्शन चैरिटेबल ट्रस्ट, पुरी के कोर कमेटी सदस्य श्री ओमप्रकाश राजपुरोहित द्वारा श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी से लाया गया भगवान का पवित्र ध्वज, जिसे ‘पतित पावन बाना’ कहा जाता है, की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और उसे श्री जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर विधिवत फहराया गया। श्री जगन्नाथ सेवक समिति के मुख्य सेवक श्री देबज्योति राय ने बताया कि परंपरा के अनुसार 30 जून से 15 जुलाई 2026 तक श्री जगन्नाथ मंदिर भक्तों के दर्शनार्थ बंद रहेगा। इसके पश्चात 15 जुलाई को भगवान नेत्रोत्सव दर्शन के माध्यम से पुनः भक्तों को दर्शन देंगे। वहीं 16 जुलाई 2026 को सायं 5:00 बजे भगवान श्री जगन्नाथ अपने बड़े भाई श्री बलभद्र एवं बहन माता सुभद्रा के साथ भव्य रथ पर आरूढ़ होकर श्री गोविन्द देवजी मंदिर परिसर से चतुर्थ जयपुर श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे। भगवान को अर्पित करेंगे आयुर्वेदिक काढ़ा इस वर्ष भगवान के स्वास्थ्य लाभ हेतु आरोहण आयुर्वेद के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य डॉ. के. वी. नरसिम्हा राजू को विशेष रूप से नियुक्त किया गया है। वे भगवान के लिए पारंपरिक आयुर्वेदिक काढ़ा तैयार करेंगे, जिसे प्रतिदिन भगवान को अर्पित किया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इसी उपचार के पश्चात भगवान पूर्णतः स्वस्थ होकर पुनः अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। स्नान यात्रा महोत्सव में ओमप्रकाश राजपुरोहित, श्री एम.एम. पालीवाल, अधीर कुमार बाग, श्री बिनोद राय, अभिनव सेन, श्रीमती ज्योति सागर राय, मनोज तोमर, लक्ष्मणजी और श्रीमती संगीता बाग सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु, समाजसेवी एवं भक्तगण उपस्थित रहे तथा भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया। अंत में श्री जगन्नाथ सेवक समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से 16 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली भव्य जयपुर श्री जगन्नाथ रथ यात्रा में सपरिवार सम्मिलित होकर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु के दिव्य दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया।