एडीएम ने बताया- कैसे बनती हैं सरकारी योजनाएं:अधिकारियों को बोले- सही आंकड़े बेहतर फैसले लेने में मदद करते हैं; प्रशासनिक डेटा के महत्व को समझाया
कोटपूतली में सोमवार को 20वां जिला स्तरीय सांख्यिकी दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम महान सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशांत चन्द्र महालनोबिस की जयंती पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण ने की। सही आंकड़े बेहतर फैसले लेने में करते हैं मदद कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण ने कहा कि सांख्यिकी सिर्फ आंकड़ों को इकट्ठा करने का काम नहीं है, बल्कि इन आंकड़ों का सही विश्लेषण करके बेहतर फैसले लेने और अच्छी योजनाएं बनाने में भी इसकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि सरकार जनसंख्या, गरीबी, बेरोजगारी जैसे आंकड़ों के आधार पर लोगों के लिए योजनाएं बनाती है। इससे अस्पताल, स्कूल और सड़क जैसी सुविधाओं की बेहतर योजना तैयार की जा सकती है। अधिकारियों ने प्रशासनिक डेटा के महत्व को समझाया आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उप निदेशक बाबूलाल बैरवा ने इस वर्ष की थीम और प्रशासनिक आंकड़ों के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पंच गौरव कार्यक्रम, सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) और विभाग की विभिन्न गतिविधियों की भी जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों का सही उपयोग विकास कार्यों को और बेहतर बना सकता है। मुख्य आयोजना अधिकारी मेघा भट्ट ने बताया कि सांख्यिकी दिवस का उद्देश्य लोगों और सरकारी विभागों में सांख्यिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम का संचालन सहायक सांख्यिकी अधिकारी विशंभर दयाल गुर्जर ने किया। उन्होंने प्रो. प्रशांत चन्द्र महालनोबिस के जीवन और उनके योगदान के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

