30 मिनट में बन गया जन्म प्रमाण पत्र:शहरी सेवा शिविरों में लोगों ने उठाया फायदा

डीडवाना-कुचामन जिले में लाडनूं नगरपालिका परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर में कई नागरिकों को मौके पर ही प्रमाण-पत्र जारी किए गए।
अशोक चंद और उम्मेद चौहान ने जन्म पंजीयन के लिए आवेदन किया, जिसके बाद अधिकारियों ने मात्र 30 मिनट के भीतर उनके जन्म प्रमाण-पत्र जारी कर दिए। इसी शिविर में जाहिर खान को भी विवाह प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया। इन त्वरित सेवाओं से लाभार्थियों को सरकारी कार्यों के लिए लगने वाले समय और परेशानी से राहत मिली है। सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से मिली राहत
तत्काल राहत मिलने पर लाभार्थियों ने राज्य सरकार और शिविर में कार्यरत अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इतनी कम समयावधि में प्रमाण-पत्र मिलना उनके लिए एक सुखद अनुभव रहा, जबकि पहले ऐसे कार्यों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लाभार्थियों ने इस पहल को नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी बताया। उनका कहना था कि शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को समय के साथ-साथ अनावश्यक परेशानियों से भी राहत मिल रही है।

सरकारी-अस्पताल में गार्ड ने मरीज के परिजन की कॉलर पकड़ी:वार्ड से बाहर निकाल दिया, हंगामे के बीच सुपरवाइजर कमरे में सोता रहा

अलवर के जिला अस्पताल में गुरुवार देर रात हंगामा हो गया। इस दौरान अस्पताल के गार्ड्स ने मरीजों के अटेंडेंट्स के साथ बदसलूकी की। एक युवक की कॉलर पकड़ी और गले की चेन खींच ली। जबरन वार्ड से बाहर धकेल दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में जमकर तीखी नोकझोंक और ड्रामा हुआ। इतने हंगामे के बावजूद पूरी व्यवस्था संभालने वाले नाइट सुपरवाइजर रमेश चंद कमरे की कुंदी बंद कर गहरी नींद में सोते रहे। बाद में ड्यूटी डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर सुपरवाइजर को जगाया। मामला शांत कराया। कॉलर पकड़ी और धक्का देकर बाहर निकाला’ जाड़ला (कठूमर) निवासी सोनू ने बताया- मेरी मां की आंतों में इन्फेक्शन होने के कारण उन्हें तीन दिन पहले हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मैं वार्ड में अपनी मां के पास बैठा था, तभी गार्ड्स आए और अटेंडेंट्स को बाहर निकालने लगे। मेरे विरोध करने पर गार्ड्स ने कॉलर पकड़ ली। खींचते हुए वार्ड से बाहर कर दिया, इससे हंगामा बढ़ गया। अजरका निवासी सतेंद्र कुमार ने बताया- मेरी पत्नी ब्रेन हेमरेज की शिकार है और अस्पताल में भर्ती हैं। वार्ड में पत्नी को ड्रिप (बोतल) चढ़ रही थी। मैं पास ही रखी टेबल पर बैठा था। इसी दौरान दो गार्ड्स आए और बदतमीजी करते हुए धक्का देकर वार्ड से बाहर निकाल दिया। नाइट सुपर सोते रहे, ड्यूटी डॉक्टर ने संभाला मोर्चा हंगामे के दौरान जब अस्पताल प्रशासन की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब नाइट सुपरवाइजर रमेश चंद जाट अपने कमरे का गेट बंद कर सोते रहे। शोर-शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे ड्यूटी डॉक्टर ने पहले तो सो रहे नाइट सुपर के कमरे का दरवाजा पीटकर उन्हें जगाया। इसके बाद डॉक्टर ने सूझबूझ दिखाते हुए गार्ड्स और पीड़ित परिजनों से समझाइश की और मामले को शांत कराया। पीएमओ बोले- मामले की जांच करवाएंगे प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा से बात की गई तो मामला संज्ञान में आया। उन्होंने पूरी घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा- मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जैसलमेर-फलोदी बॉर्डर पर मैन टू मैन सर्वे:एसपी बोले- एजेंसियों का सहयोग करें; बाहरी मजदूर और फेरीवालों के डॉक्युमेंट्स जाचेंगे

भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा को अभेद्य बनाने और अवैध घुसपैठ पर लगाम कसने के लिए प्रशासन और खुफिया एजेंसियों ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत अब तक का सबसे बड़ा मैन-टू-मैन सर्वे शुरू किया है। इस अभियान के तहत बॉर्डर से 50 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले हर एक नागरिक का गहनता से घर-घर जाकर वेरिफिकेशन किया जाएगा। जिसकी शुरुआत पिछले शनिवार को फलोदी के 15 किमी क्षेत्र से हो चुकी है। इस संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे बाहरी मजदूरों और फेरीवालों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जैसलमेर के एसपी अभिषेक शिवहरे ने स्पष्ट किया है कि बॉर्डर से सटे इलाकों में सुरक्षा को चाक-चौबंद रखना और इस तरह की जांच करना एक निरंतर चलने वाली सामान्य प्रक्रिया है, जिसके तहत हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। फलोदी से हुई शुरुआत, 50 किमी तक बढ़ेगा दायरा बॉर्डर से सटे 15 किलोमीटर के दायरे में बसे लोगों के सर्वे का काम फलोदी जिले में गत शनिवार 20 जून से शुरू हो चुका है। फिलहाल शुरुआती चरण में 15 किमी के दायरे को ही रखा गया है, लेकिन इसके पूरा होते ही जैसलमेर सहित पूरे सरहदी बेल्ट में 50 किमी तक बसे गांवों व ढाणियों में यह काम तेज किया जाएगा। बॉर्डर के इस पूरे क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है, जहां राजस्व, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। ऑपरेशन क्लीन अभियान सीमावर्ती जिले जैसलमेर और फलोदी में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी तरह कमर कस ली है। जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन’ के पहले चरण में संदिग्ध भवनों, होटलों और नए निर्माणों के व्यापक सर्वे के बाद अब प्रशासन ने सबसे बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। इसके तहत भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे 50 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले हर एक नागरिक की गहनता से जांच की जाएगी और उनकी विस्तृत सूचियां तैयार की जाएंगी। बिना पुलिस वेरिफिकेशन मजदूर रखने पर होगी कार्रवाई पिछले कुछ समय में जैसलमेर के सीमावर्ती इलाकों में बाहरी मजदूरों, फेरीवालों और संदिग्ध रूप से रह रहे लोगों की आवाजाही तेजी से बढ़ी है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है जो बिना किसी वैध दस्तावेज के इस प्रतिबंधित क्षेत्र में रह रहे हैं। बिना वैध पहचान पत्र के पाए जाने या पहचान छुपाने वाले व्यक्ति को तुरंत हिरासत में लिया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय निवासियों और नियोक्ताओं को पाबंद किया गया है कि वे अपने घरों, खेतों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किसी भी बाहरी व्यक्ति या मजदूर को रखने से पहले उसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने में अनिवार्य रूप से दें। ऐसा न करने वाले मकान मालिकों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसियों का सपोर्ट करे आमजन सरहद पर बढ़ती इस प्रशासनिक हलचल और सुरक्षा घेरे को लेकर जैसलमेर के एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि बॉर्डर से सटे इलाकों में सुरक्षा और नागरिक सत्यापन एक निरंतर प्रक्रिया है, जो नियमित रूप से चलती रहती है। इसका उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाना है। आमजन को भी सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करना चाहिए।

जोधपुर में सूखा बीतेगा जून, 29 तक छाए रहेंगे बादल:अगले 6 दिन बारिश का कोई अलर्ट नहीं, एक डिग्री तक गिरा तापमान

जोधपुर में लगातार गर्मी का असर बना हुआ है। हालांकि गुरुवार सुबह बादल छाए रहे और ठंडी हवा का दौर चला। लेकिन, कुछ देर बाद दोबारा मौसम बदला और धूप निकली। इधर, लगातार चल रही ठंडी हवा से तापमान भी 1 डिग्री गिरकर 40 से 39 डिग्री तक पहुंच गया। इधर, मौसम विभाग के अनुसार जून महीना भी इस बार सूखा बीतने वाला है। सुबह छाए बादल, ठंडी हवा चली गुरुवार को भी सुबह अचानक मौसम बदला। बादल छाए रहे और ठंडी हवा का दौर चला। ऐसे में तापमान में भी हल्की गिरावट देखी गई। लेकिन, शहर में गर्मी का असर इसके बाद भी बना हुआ है। जानें-अगले 6 दिन कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अुसार आने वाले 6 दिनों में आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। अगले पांच दिन यानी 29 जून तक बादल छाए रहेंगे। वहीं 30 जून को आसमान साफ रहेगा। तापमान भी 40 डिग्री तक रहने की उम्मीद है। ऐसे में साफ है कि जून महीना भी इस बार सूखा बीतने वाला है।

स्थाई लोक अदालत ने हाउसिंग-बोर्ड पर लगाया 42हजार का जुर्माना:सफल बोलीदाता को 2 महीने में दुकानों का पट्टा देने के निर्देश, बोली के बाद हाउसिंग बोर्ड ने नीलामी कर दी थी रद्द

जयपुर महानगर प्रथम की स्थाई लोक अदालत ने नीलामी में सफल बोलीदाता के पक्ष में दुकानों की सेल डीड (विक्रय पत्र) निष्पादित नहीं करने पर हाउसिंग बोर्ड पर 42 हजार रुपए का जुर्माना लगाया हैं। साथ ही हाउसिंग बोर्ड को 2 महीने में दोनों दुकानों को परिवादी के नाम ट्रांसफर करने का निर्देश भी दिया है। यह आदेश अध्यक्ष मनोज कुमार सहारिया और सदस्य बलदेवराज बेनीवाल की बैंच ने अलवर निवासी प्रवीण कुमार शर्मा के परिवाद को निस्तारित करते हुए दिए। परिवाद में कहा गया था कि हाउसिंग बोर्ड ने जयपुर के मानसरोवर में दो कॉमर्शियल दुकानों की नीलामी की सूचना 7 जनवरी 2025 जारी की थी। तय समय पर परिवादी नीलामी प्रक्रिया में शामिल हुआ, उसने बेस प्राइस से ज्यादा की बोली लगाई, नीलामी में उसके अलावा कोई ओर बोलीदाता नहीं होने से उसके पक्ष में बोली स्वीकार हुई। नीलामी की शर्तों की पालना में परिवादी ने पोस्ट इवेन्ट राशि 11.79 लाख रुपए जमा भी करवा दिए। लेकिन उसके पक्ष में दुकानों की सेल डीड नहीं करवाई गई। परिवादी को करीब 5 महीने बाद 20 मई 2025 को सूचना दी गई कि नीलामी में एक मात्र बोलीदाता होने के चलते नीलामी को ही रद्द कर दिया गया है। बोर्ड को रेवेन्यू का नुकसान से बचाया
जवाब में हाउसिंग बोर्ड की ओर से कहा गया कि नीलामी प्रक्रिया में एक ही बोलीदाता होने से प्रतिस्पर्धा नहीं हो सकी। ऐसे में हाउसिंग बोर्ड के 28 जनवरी 2014 के आदेश के बिंदू संख्या-13 में नीलामी समिति को मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए नियमानुसार नीलामी को निरस्त किया गया। इसमें हाउसिंग बोर्ड ने कोई गैर कानूनी और नियम विरूद्ध कार्य नहीं किया हैं, बल्कि बोर्ड को राजस्व हानि से बचाने के लिए नियमानुसार नीलामी को निरस्त किया हैं। नीलामी निरस्त करना अवैध-मनमाना
आदेश में स्थाई लोक अदालत ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की 16 सितंबर 2019 की अधिसूचना में स्पष्ट प्रावधान है कि एकल बोलीदाता होने के आधार पर नीलामी निरस्त नहीं की जाएगी। वहीं बोर्ड के 13 और 17 जनवरी 2025 के आदेश भी इस अधिसूचना की पुष्टि करते हैं। ऐसे में बोर्ड का यह फैसला अपने ही आदेशों व अधिसूचना के विरूद्ध हैं। बोर्ड ने 28 जनवरी 2014 के आदेशों के तहत नीलामी रद्द की। जबकि उसके बाद की अधिसूचना और आदेश इसके खिलाफ हैं। ऐसे में पहले के आदेश को बाद के आदेशों पर वरीयता नहीं दी जा सकती हैं। इसलिए हाउसिंग बोर्ड का नीलामी को निरस्त करना अवैध, अनुचित और मनमाना कृत्य हैं।

स्कूल हॉल में फंदे पर लटका मिला युवक:रिकॉर्ड रूम में लगी आग, डीवीआर जला; धुंआ उठता देख किया फायर बिग्रेड को कॉल

पाली शहर के टैगोर नगर स्थित एक निजी स्कूल में गुरुवार सुबह स्कूल परिसर से धुआं उठता दिखाई दिया। पड़ोसियों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची ब्रिगेड टीम ने रिकॉर्ड रूम में लगी आग बुझाई, लेकिन इसी दौरान स्कूल के हॉल में एक युवक फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने शव को बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाकर जांच शुरू कर दी है। धुआं उठता देख लोगों ने बुलाया फायर ब्रिगेड जानकारी के अनुसार, स्कूल से धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने फायर ब्रिगेड और डिस्कॉम को सूचना दी। जिसके बाद एहतियात के तौर पर स्कूल की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। सूचना मिलते ही दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। जांच करने पर पता चला कि स्कूल के रिकॉर्ड रूम में आग लगी हुई है। इसके बाद टीम ने तुरंत आग बुझाने का काम शुरू किया और कुछ देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। लेकिन तब तक रिकॉर्ड रूम में रखा सामान और वहां लगा डीवीआर जल चुका था। आग बुझाने के दौरान जब दमकलकर्मी स्कूल के हॉल की तरफ पहुंचे, तो उनकी नजर हॉल में लगी लोहे की रैली पर पड़ी। वहां एक युवक फंदे से लटका हुआ मिला। युवक को इस हालत में देखकर दमकलकर्मियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर कोतवाली थाने के एएसआई जगदीश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान टैगोर नगर स्थित सरस्वती स्कूल के पास रहने वाले राघवेन्द्र (30) पुत्र एसएन शर्मा के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया और मामले की जांच शुरू कर दी। रात को स्कूल में रुकने की कही थी बात प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राघवेंद्र पहले इसी स्कूल में शिक्षक था। बाद में उसे ऑफिस कार्य में लगाया गया था। वह पिछले छह-सात साल से स्कूल में काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, बुधवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच राघवेंद्र दोबारा स्कूल पहुंचा था। उसने स्कूल स्टाफ से कहा था कि वह रात में स्कूल में ही रुकेगा और वहीं सोएगा। गुरुवार सुबह जब पत्नी ने कई बार फोन किया तो राघवेंद्र ने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद पत्नी स्कूल पहुंची। वहां पहुंचने पर उसने स्कूल परिसर से धुआं उठता देखा और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। 4 बहनों का इकलौता भाई, पिता का पहले हो चुका निधन राघवेंद्र 4 बहनों का इकलौता भाई था। उसके दो छोटे बच्चे हैं। परिवार टैगोर नगर क्षेत्र में ही रहता है। परिजनों के अनुसार, राघवेंद्र के पिता बैंक से रिटायर थे और उनका पहले ही निधन हो चुका है। घटना की सूचना मिलने पर मृतक की मां और पत्नी मौके पर पहुंचीं। बेटे और पति का शव देखकर दोनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। पुलिस कई पहलुओं से कर रही जांच पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि राघवेंद्र ने फंदा क्यों लगाया। साथ ही रिकॉर्ड रूम में आग कैसे लगी, यह हादसा था या किसी ने जानबूझकर आग लगाई, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

भागवत कथा के दौरान लाठी-डंडों से हमला, VIDEO:धारदार हथियारों से वार किए, ढाई साल की बच्ची समेत 16 लोग घायल हुए

अलवर जिले में श्रीश्री 1008 महाराज हरचंददास आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रद्धालुओं पर हमले का मामला सामने आया है। कथा सुन रहे लोगों पर लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से वार किए। घटना में 16 लोग घायल हुए हैं। घटना बुधवार शाम करीब साढ़े 5 बजे लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के तिलकपुर गांव की है। लक्ष्मणगढ़ थाना एसएचओ नेकी राम ने बताया कि तिलकपुर गांव के श्रीश्री 1008 महाराज हरचंददास आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। काफी लोग कथा सुन रहे थे। इस दौरान 12-14 लोग लाठी-डंडे लेकर पहुंचे। उन्होंने आते ही कथा सुन रहे लोगों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। लाठी-डंडों के हमले में 16 लोग घायल हुए हैं। जिनका लक्ष्मणगढ़ के अस्पताल में इलाज कराया गया। वहीं पीड़ित पक्ष ने पुलिस को काडू पुत्र भिक्कन, रोहिताश पुत्र भिक्कन, राजेश पुत्र भिदरमल, योगेश पुत्र गुजरमल, रविता पत्नी गुजरमल, ममता, रेशम बाई पत्नी गुजरमल, कमली देवी, रामपति, जगदीश मुंशी, देवी सिंह मुंशी, लक्की पुत्र हुकम गुर्जर, सतीश पुत्र धारा के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित पक्ष ने रिपोर्ट में मारपीट, जातिसूचक शब्दों से अपमानित, गाली-गलौज और धार्मिक आयोजन आयोजन में बाधा पहुंचाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं आरोप लगाया कि आरोप है कि कथा स्थल पर लगे माइक, मंडप और मंदिर के सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया है। पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है। देखें घटना से जुड़ी PHOTOS… घटना के वीडियो भी सामने आए धार्मिक आयोजन में हमले के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें 12-14 महिला-पुरुष लाठी-डंडों के साथ कथा स्थल पर मौजूद लोगों पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में पथराव भी नजर आ रहा है। घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। हमले में विनोद कुमार पुत्र पांचाराम, बीरबल पुत्र गोवर्धन को ज्यादा चोट आई है। वहीं नरेश, रोहिता, रमेश, सीताराम, जयसिंह, रामकिशन, मनोहर, मधु (ढाई साल की बच्ची), मिथलेश, रंजिता, हरिसिंह, मनीषा तथा अन्य श्रद्धालु शामिल घायल हुए हैं। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है और वायरल वीडियो सहित सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।

जैसलमेर रेलखंड पर ब्लॉक, आज चार ट्रेनें रहेंगी प्रभावित:दो ट्रेनें री-शड्यूल और दो मार्ग में रेगुलेट होंगी, साढ़े चार घंटे की देरी से खुलेगी जैसलमेर-लालगढ़

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के राईका बाग-जैसलमेर रेलखंड पर गुरुवार को होने वाले तकनीकी कार्य के कारण चार प्रमुख रेलसेवाएं प्रभावित रहेंगी। फलौदी-मारवाड़ बीठड़ी स्टेशनों के बीच ट्रैक और सिग्नलिंग से जुड़े जरूरी कार्य के लिए 25 जून को विशेष ब्लॉक लिया जा रहा है। इसके चलते दो ट्रेनों को रीशड्यूल किया गया है, जबकि दो अन्य ट्रेनों को रास्ते में रोककर संचालित किया जाएगा। इससे जैसलमेर से आने-जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फलौदी-मारवाड़ बीठड़ी के बीच होगा तकनीकी कार्य उत्तर पश्चिम रेलवे, जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि राईका बाग-जैसलमेर रेलखंड पर फलौदी-मारवाड़ बीठड़ी स्टेशनों के बीच ट्रैक और सिग्नलिंग से जुड़े जरूरी तकनीकी कार्य किए जाएंगे। इसके लिए रेलवे प्रशासन ने गुरुवार को ट्रैफिक ब्लॉक लिया है। ब्लॉक के कारण इस रूट पर चलने वाली चार प्रमुख ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा। जैसलमेर-लालगढ़ ट्रेन साढ़े चार घंटे देरी से चलेगी रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 14703 जैसलमेर-लालगढ़ रेलसेवा गुरुवार को अपने निर्धारित समय पर रवाना नहीं होगी। इस ट्रेन को करीब 4 घंटे 30 मिनट की देरी से रीशड्यूल किया गया है। वहीं गाड़ी संख्या 74844 भगत की कोठी-जैसलमेर रेलसेवा भी अपने निर्धारित समय से 2 घंटे देरी से रवाना होगी। इसके कारण यह ट्रेन जैसलमेर स्टेशन पर भी तय समय से देर से पहुंचेगी। दो एक्सप्रेस ट्रेनों को रास्ते में रोका जाएगा गाड़ी संख्या 20491 जैसलमेर-साबरमती रेलसेवा को जैसलमेर से मारवाड़ बीठड़ी खंड के बीच विभिन्न स्टेशनों पर करीब 30 मिनट तक रोककर चलाया जाएगा। इसी तरह गाड़ी संख्या 20486 साबरमती-जैसलमेर रेलसेवा को जोधपुर से फलौदी खंड के बीच करीब 1 घंटे तक नियंत्रित गति से संचालित किया जाएगा। इसके चलते यह ट्रेन भी जैसलमेर स्टेशन पर देरी से पहुंचेगी। यात्रियों और पर्यटकों को हो सकती है परेशानी रेलवे प्रशासन का कहना है कि तकनीकी कार्य यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। हालांकि ट्रेनों के समय में बदलाव के कारण जैसलमेर से यात्रा करने वाले स्थानीय यात्रियों और स्वर्ण नगरी आने वाले पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों से स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का अपडेट जांचने की अपील की है।

ऑपरेशन में लापरवाही, हॉस्पिटल-डॉक्टर पर 20 लाख का जुर्माना:पेट दर्द के बाद कराया था भर्ती, 1 लाख मानसिक पीड़ा के देने होंगे

जालोर उपभोक्ता आयोग ने भीनमाल के एक निजी हॉस्पिटल और संबंधित डॉक्टर को चिकित्सा लापरवाही का दोषी मानते हुए मृतका के पति को 20 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने हॉस्पिटल, डॉक्टर और बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से 45 दिनों के भीतर राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने मामले में सेवा में कमी और मेडिकल नेग्लिजेंस मानते हुए यह फैसला सुनाया। पेट दर्द के बाद कराया था भर्ती कलापुरा निवासी दूजाराम ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी पत्नी लीलूदेवी को पेट दर्द की शिकायत होने पर 14 अगस्त 2023 को भीनमाल स्थित नाहर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टर ने आंतों में सूजन होने की बात कही और महिला का ऑपरेशन किया। दूसरी सर्जरी के बाद बिगड़ती गई हालत शिकायत के अनुसार ऑपरेशन के कुछ दिन बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके चलते 21 अगस्त को महिला की दोबारा सर्जरी करनी पड़ी। परिजनों ने आरोप लगाया कि दूसरी सर्जरी के बाद महिला के शरीर में संक्रमण फैल गया और उसकी आंतें पेट से बाहर आने लगीं। महिला को करीब 10 दिन तक आईसीयू में रखा गया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। उदयपुर और अहमदाबाद में भी चला इलाज महिला की गंभीर हालत को देखते हुए परिजन उसे आगे के इलाज के लिए पहले उदयपुर और बाद में अहमदाबाद लेकर गए। इलाज के दौरान 17 सितंबर 2023 को महिला की मौत हो गई। आयोग ने माना मेडिकल नेग्लिजेंस उपभोक्ता आयोग ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध डाक्यूमेंट्स, उपचार संबंधी अभिलेखों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया। सुनवाई के बाद आयोग ने माना कि हॉस्पिटल और डॉक्टर की ओर से चिकित्सा सेवा में गंभीर लापरवाही बरती गई। आयोग ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सेवा में कमी और मेडिकल नेग्लिजेंस माना। 1 लाख मानसिक पीड़ा के लिए देने के आदेश आयोग ने हॉस्पिटल, संबंधित डॉक्टर और बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से मृतका के पति को 20 लाख रुपए क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया है। इसके अलावा 1 लाख रुपए मानसिक पीड़ा के लिए और 10 हजार रुपए वाद व्यय के रूप में देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आयोग ने उपभोक्ता कल्याण कोष में 1.50 लाख रुपए जमा कराने के भी निर्देश दिए हैं।

उदयपुर के फतहपुरा एरिया में बीती देर नहीं आई बिजली:डेढ़ घंटे तक लाइट नहीं आने पर लोगों ने किया हंगामा, शिकायत केन्द्र पहुंचे तो ताला लगा मिला

उदयपुर के फतहपुरा एरिया में बीती देर रात बिजली गुल होने से क्षेत्रवासियों ने जोरदार हंगामा किया। गुस्साए लोग फतहपुरा चौराहा स्थित बिजली विभाग के शिकायत केन्द्र पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला। इससे लोग और आक्रोशित हो गए। इसके बाद क्षेत्रवासी मधुबन स्थित एईएन आफिस पहुंचे तो वहां भी गार्ड के अलावा कोई नहीं मिला। क्षेत्रवासी लोकेश शर्मा ने बताया कि रात 11 बजे बिजली बंद हुई। हम शिकायत केन्द्र पर पहुंचे तो शिकायत लिखने वाला कोई नहीं था। इसके बाद एईएन और जेईएन को फोन लगाए गए लेकिन उन्होंने अटेंड नहीं किए। भीषण गर्मी में नींद के समय खासकर बच्चे और बुजुर्ग परेशान होते रहे लेकिन विभाग में सुनने वाला कोई था। बिजली रात करीब 12:30 बजे आई, तब लोगों ने राहत की सांस ली। बिजली गुल होने पर कोई सुनने वाला नहीं: वशिष्ट क्षेत्रवासी और जल संसाधन विभाग में सहायक अभियंता सौरभ वशिष्ट ने बताया कि बिना घोषणा के बिजली ​बंद करना बिजली विभाग की हरकतों में आ गया है। इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। रोजाना कभी भी कटौती कर दी जाती है। बिजली गुल होने पर सुनने वाला कोई नहीं क्षेत्रवासी रामकिशन पालीवाल ने बताया कि अगर हमने बिजली का बिल समय पर नहीं भरा तो ये तुरंत कनेक्शन काटने आ जाते हैं और सबके सामने इज्जत उतारते हैं। अब इनकी इज्जत कौन उतारेगा। बिजली बंद होने पर इनके अधिकारी-कर्मचारी फोन नहीं उठाते और हम गमी में परेशान होते हैं।