बिजली का तार बाइक में उलझा, चाचा-भतीजा समेत 3-जिंदा जले:आसपास के लोगों ने मिट्‌टी डालकर आग बुझाई, परिजनों ने शव उठाने से किया इनकार

करौली जिले में हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से चाचा-भतीजे समेत तीन लोग जिंदा जल गए। तार टूटकर सड़कर पर गिर गया, बाइक में उलझते ही आग लग गई। बाइक सवारों को जलते देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मिट्‌टी डालकर आग बुझाई। तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। आक्रोशित परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। घटना टोडाभीम थाना क्षेत्र की भोपर नदी के पास सोमवार शाम 4 बजे की है। कच्चे रास्ते पर टूटकर गिरा था बिजली का तार टोडाभीम डीएसपी मुरारी लाल मीणा ने बताया- शाम 4:15 बजे बालघाट थाना क्षेत्र के आखाड़ा गांव निवासी रामबाबू (45), विष्णु (22) और चौबे जाटव (44) हिंडौन से मजदूरी कर बाइक से गांव की ओर जा रहे थे। भोपर नदी के पास कच्चे रास्ते पर 11 केवी का तार टूटकर गिरा हुआ था। मजदूरी कर घर लौट रहे थे तीनों कच्चे रास्ते पर निकलने के दौरान तार बाइक से उलझ गया। जिससे तीनों करंट की चपेट में आ गए और बाइक में आग लग गई। तीनों जिंदा जल गए। मौके पर मौजूद लोगों ने मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक तीनों की मौत हो गई थी। चौबे जाटव रिश्ते में विष्णु का चाचा लगता था। रामबाबू उनका पड़ोसी था। तीनों लोग हर रोज मजदूरी करने के लिए हिंडौन जाते थे। शाम को तीनों मजदूरी कर घर लौट रहे थे। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने फेसबुक पर पोस्ट कर घटना को लेकर दुख जताया। पूर्व सीएम परिजनों को सांत्वना देने के साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवााई की मांग रखीं। वहीं मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी घटना को लेकर संवेदना जताई है। … यह खबर भी पढ़ें तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बस पलटी,3 की मौत:सड़क पर बिखरे शव, 6 लोग घायल; सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे-48 पर तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी बस को टक्कर मार दी। टक्कर से बस सड़क किनारे गड्‌ढे में पलट गई। बस में सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। (पढ़ें पूरी खबर)

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा, साथ में लूडो खेला था

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़- डकैत जगन गुर्जर मार्च 2026 से हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। विष्णु 3 साल से बंद था। दोनों ने सुबह 11 बजे बैरक की सफाई की थी। साथ में लूडो खेला था। दोपहर 11 से 3 बजे के बीच सेल बंद होने के समय ड्यूटी स्टाफ राउंड पर आया था। बैरक में डकैत जगन गुर्जर की बॉडी पड़ी थी और उसका साथी अंदर था। विष्णु से पूछा तो बोला- मैंने मार डाला। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया- एफएसएल टीम ने मौके से सबूत जुटाए। शुरुआती जांच में छोटे-मोटे झगड़े को लेकर यह हत्या हुई है। गैंगवार जैसी कोई बात नहीं है। मामले में जांच जारी है। वहीं सूत्रों के अनुसार- सुबह करीब 10 बजे जगन और विषणु के बीच नाश्ते के समय विवाद हुआ था। 11 बजे दोनों को बैरक में चले गए थे। 3 बजे जब बैरक खुली तो हत्या का पता चला। प्रारंभिक पूछताछ में विष्णु ने बताया- जगन गुर्जर उसे अलग-अलग बात पर ताने देकर परेशान करता था। जेल सूत्रों के मुताबिक जगन गुर्जर को दिन के वक्त बैरक में रखा जाता था, वहीं रात में स्पेशल सेल में भेज दिया जाता था। 3 तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम… जगन गुर्जर से जुड़े 4 बड़े घटनाक्रम… 1. 32 साल पहले अपराध की दुनिया में आया था डकैत जगन गुर्जर करीब 32 साल पहले 1994 में अपराध की दुनिया में आया था। उसका ऐसा खौफ था कि डर से कई गांवों में शादियां तक होनी बंद हो गई थीं। उसके खुद के गांव में 10 साल तक कोई शादी नहीं हुई थी। उसकी दहशत से न सिर्फ गांव वाले बल्कि उसके पिता भी गांव छोड़कर चले गए थे। जगन गुर्जर ने अपने जीजा के हत्यारों को भी जान से मार डाला था। चौतरफा बीहड़ों से घिरे धौलपुर के डांग क्षेत्र में उसने अपना ठिकाना बनाया था। 2. महिलाओं को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया था जगन पर 2019 में महिलाओं से मारपीट और दुर्व्यवहार करने के भी आरोप लगे थे। धौलपुर जिले के करनपुर-सायका पुरा गांव में दो महिलाओं से मारपीट कर उन्हें निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया था। एक पुलिसकर्मी की हत्या का भी आरोप लगा था।
3. वसुंधरा राजे का धौलपुर महल उड़ाने की धमकी दी थी साल 2008 में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का धौलपुर महल उड़ाने की धमकी देकर देशभर में चर्चा में आया था। तब पुलिस ने उस पर 11 लाख रुपए का इनाम रखा था और वह चंबल का सबसे बड़ा डकैत बन गया था। 4. बेटी की शादी में जुर्म की दुनिया छोड़ने की खाई थी कसम करीब 15 साल पहले जगन गुर्जर ने अपनी बेटी की शादी की थी। तब उसने जुर्म की दुनिया छोड़ने की कमस खाई थी। वह आत्मसमर्पण (सरेंडर) भी कर चुका था, लेकिन उसने हर बार जमानत पर बाहर आकर जुर्म की राह पकड़ ली थी। अब जानिए अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के बारे में… ये खबर भी पढ़ें… 15-18 कैदियों के सामने जगन गुर्जर का मर्डर:सुबह नाश्ते के समय दोनों में विवाद हुआ, 11 बजे एक बैरक में डाल दिया पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

यूपी के कासगंज में ट्रेनी विमान हाईवे पर क्रैश:50 फीट की ऊंचाई पर हवा में डगमगाया, बिजली के तारों में उलझकर नीचे गिरा

यूपी के कासगंज में सोमवार दोपहर 3:30 बजे एक ट्रेनी विमान क्रैश हो गया। विमान उड़ा रही 27 साल की महिला ट्रेनी पायलट घायल हो गईं। हादसा पुलिस लाइन के पीछे 6-लेन हाईवे के पास हुआ। जिस वक्त विमान हवा में डगमगाया, वो करीब 50 फीट ऊपर था। संतुलन बिगड़ने के बाद विमान हाईटेंशन तारों में उलझकर नीचे गिरा। दुर्घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। करीब 3:40 बजे सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। इलाके की घेराबंदी की गई। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। अलीगढ़ से ट्रेनिंग सेंटर के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। घायल पायलट को अपने साथ अलीगढ़ ले गए। अलीगढ़ की हवाई पट्‌टी से भरी थी उड़ान अलीगढ़ में चेतक एविएशन कंपनी है, जो DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) से मान्यता प्राप्त फ्लाइंग ट्रेनिंग अकादमी है। यहां पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए सेसना 172 और सेसना 152 जैसे विमान इस्तेमाल किए जाते हैं। मुंबई की रहने वाली पायलट कायनात पुत्री कादरखान ट्रेनिंग ले रही थीं। सोमवार दोपहर कायनात ने अलीगढ़ में धनीपुर हवाई पट्‌टी से सेसना 152 विमान से उड़ान भरी थी। विमान में वो अकेली थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान आसमान में मंडरा रहा था। अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और बिजली के तारों से टकराकर बरेली-मथुरा हाईवे किनारे गिर गया। बिजली विभाग के जेई पंकज कुमार ने बताया- हाईवे के पास 11 मीटर का पोल है, जो जमीन से 33 फुट ऊंचा है। जिस पर 33 हजार किलो वोल्ट करंट के तार थे। हाईवे निर्माण के दौरान लाइन में करंट बंद कर रखा था। हादसे में विमान क्षतिग्रस्त हो गया। पायलट को विमान से बाहर निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल पायलट का हाल जाना। घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए… हाईवे पर गिरने से टला बड़ा हादसा प्रशासन का कहना है कि एयरक्राफ्ट हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। राहत की बात यह रही कि विमान निर्माणाधीन सिक्स-लेन हाईवे पर गिरा, जिससे आसपास मौजूद लोगों और गुजर रहे वाहनों को कोई नुकसान नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस, प्रशासन और संबंधित विमानन एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं। क्रैश देखने के लिए उमड़ी भीड़ हादसे के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। दुर्घटनाग्रस्त एयरक्राफ्ट को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। घटना की सूचना विमानन अधिकारियों को भी दे दी गई है। पायलट के रेस्क्यू की 3 तस्वीरें देखिए… हादसे के बाद युवक मौके पर पहुंचा, पायलट को बाहर लाया तकनीकी खराबी समेत सभी पहलुओं की जांच फिलहाल दुर्घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी समेत सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर ट्रेनी एयरक्राफ्ट किस वजह से क्रैश हुआ। मेंटेनेंस मैनेजर हादसा स्थल पहुंचे हादसे की खबर पाकर चेतक एविएशन कंपनी के मेंटेनेंस मैनेजर केजे धीमन मौके पर पहुंचे। दैनिक भास्कर से उन्होंने बताया कि हादसा कैसे और क्यों हुआ, अभी कुछ नहीं कह सकते हैं। विमान ने अलीगढ़ से उड़ान भरी थी। पायलट भी ठीक है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
प्रत्यक्षदर्शी रंजित सिंह ने बताया- विमान ने गांव के ऊपर दो-तीन चक्कर लगाया। हमें लगा कि अधिकारी यहां सर्वे कर रहे होंगे। इसके बाद घूमते हुए सीधे नीचे आ गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर अमित ने बताया- घायल पायलट बहुत घबराई हुई थी। उसे मामूली चोट थी। गले पर छोटा कट का निशान था। उनके साथ वाले उन्हें अलीगढ़ ले गए। 4 दिन पहले कानपुर में भी हुआ था हादसा विमान के पंखे की चपेट में आई पायलट, नाइट फ्लाइंग ट्रेनिंग के दौरान हादसा; ट्रेनर हटाया गया कानपुर एयरपोर्ट पर नाइट फ्लाइंग ट्रेनिंग के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई। 26 जून (शुक्रवार) की रात ट्विन इंजन विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई। लेकिन, इंजन बंद होने से पहले ही ट्रेनी पायलट विमान से नीचे उतर गई। इस वजह से वह घूम रहे प्रोपेलर (पंखे) की चपेट में आ गई। हादसे में उसकी पीठ पर गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज चल रहा है। घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही फ्लाइट इंस्ट्रक्टर को ट्रेनिंग ड्यूटी से हटा दिया है। पढ़ें पूरी खबर… ************************** यह खबर भी पढ़ें नोएडा में AC ब्लास्ट से 21वें फ्लोर पर भीषण आग, खिड़कियों से लपटें उठीं, 3 फ्लैट तक फैली; घबराते हुए भागे लोग नोएडा की एक बिल्डिंग में सोमवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे भीषण आग लग गई। 21वें फ्लोर के एक फ्लैट में एसी ब्लास्ट के बाद लगी आग से अफरातफरी मच गई। आग देखकर फ्लोर के लोग भी चिल्लाते हुए नीचे भागे। नीचे के फ्लैटों में रहने वाले लोग चिल्लाने लगे, “फ्लोर खाली करो।” पूरी खबर पढ़ें

अब खराब विजिबिलिटी में भी प्लेन सुरक्षित उतरेंगे:सैटेलाइट सिग्नल से भारत में पहली बार कॉमर्शियल जेट की लैंडिंग, स्वदेशी गगन सिस्टम का सफल ट्रायल

अब खराब विजिबिलिटी में भी प्लेन सुरक्षित लैंड कर सकेंगे। क्योंकि, भारत में पहली बार किसी बड़े कॉमर्शियल जेट को ग्राउंड से रेडियो सिग्नल भेजे बिना सीधे सैटेलाइट सिग्नल्स की मदद से सुरक्षित उतारने का सफल ट्रायल कर लिया गया है। विमानन नियामक DGCA की देखरेख में 27 जून को इंडिगो एयरलाइंस के एयरबस A320 विमान ने स्वदेशी ‘गगन’ नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल कर यह ऐतिहासिक लैंडिंग की। हालांकि इंडिगो ने 2022 में छोटे ATR विमानों पर इसका परीक्षण किया था, लेकिन बड़े कॉमर्शियल जेट के साथ देश में यह पहला सफल ट्रायल है। 5 सवाल-जवाबों में वह सबकुछ जो आपको जानना जरूरी है… सवाल: क्या है स्वदेशी गगन सिस्टम? जवाब: गगन का पूरा नाम ‘जीपीएस एडेड जियो ऑगमेंटेड नेविगेशन (GAGAN) है। यह भारत का अपना सैटेलाइट-बेस्ड ऑगमेंटेशन सिस्टम (SBAS) है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और भारतीय विमानन प्राधिकरण (AAI) ने मिलकर तैयार किया है। गगन, भारत के नाविक या अमेरिका के GPS की तरह कोई स्वतंत्र नेविगेशन सिस्टम नहीं है, जो सीधे लोकेशन बताता हो। बल्कि, यह पहले से मौजूद GPS सिग्नल्स की कमियों और गलतियों को ठीक करके उन्हें विमानों के लिए और ज्यादा सटीक व भरोसेमंद बनाता है। ग्राफिक्स से समझें सवाल: सैटेलाइट लैंडिंग पारंपरिक सिस्टम से कैसे अलग है? जवाब: आमतौर पर बड़े और प्रमुख एयरपोर्ट्स पर विमानों को उतारने के लिए इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) का इस्तेमाल किया जाता है। इसके तहत रनवे के आसपास महंगे ग्राउंड-बेस्ड उपकरण और रेडियो बीम लगाए जाते हैं, जो पायलट को रनवे का सटीक रास्ता बताते हैं। इसके उलट, 27 जून को हुए टेस्ट में सैटेलाइट-बेस्ड लैंडिंग सिस्टम (SLS) का इस्तेमाल किया गया। इस तकनीक में जमीन पर लगे भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होती, बल्कि आसमान में मौजूद सैटेलाइट्स सीधे प्लेन को गाइड करते हैं। सवाल: यह तकनीक छोटे एयरपोर्ट्स के लिए गेम चेंजर क्यों हो सकती है? जवाब: भारत के कई छोटे और सेकेंडरी शहरों के एयरपोर्ट्स पर ILS सिस्टम नहीं लगा है। इसका कारण इसकी भारी-भरकम इंस्टॉलेशन कॉस्ट और हर महीने रखरखाव पर होने वाला बड़ा खर्च है। सैटेलाइट गाइडेड सिस्टम आने से अब इन छोटे एयरपोर्ट्स पर भी खराब मौसम या कम विजिबिलिटी के दौरान विमानों की सटीक और सुरक्षित लैंडिंग कराई जा सकेगी। विमान बनाने वाली दिग्गज कंपनी ‘एयरबस’ के मुताबिक, यह तकनीक पायलटों को खराब मौसम में भी बिना किसी अतिरिक्त एयरपोर्ट इक्विपमेंट के स्थिर और सीधी अप्रोच बनाने में मदद करती है। मुख्य सिस्टम के फेल होने या मेंटेनेंस के वक्त यह एक बेहतरीन बैकअप की तरह भी काम करेगा। सवाल: स्मार्टफोन वाला GPS प्लेन क्यों नहीं उतार सकता? जवाब: हमारे स्मार्टफोन में जो GPS होता है, वह कुछ मीटर तक की सटीकता देता है, जो सड़क पर रास्ता ढूंढने के लिए तो ठीक है लेकिन बादलों के बीच से आ रहे तेज रफ्तार कमर्शियल विमान को सुरक्षित रनवे पर उतारने के लिए काफी नहीं है। जब GPS सिग्नल्स अंतरिक्ष से जमीन की तरफ आते हैं, तो वायुमंडल की ऊपरी परत (आयनोस्फीयर) के कारण उनमें थोड़ी देरी और गड़बड़ी आ जाती है। भारत के ऊपर यह गड़बड़ी और तेजी से बदलती है क्योंकि हमारा देश इक्वेटोरियल आयनाइजेशन एनोमली के ठीक नीचे आता है। विमानों को सटीक लैंडिंग के लिए न सिर्फ एकदम सटीक डेटा चाहिए होता है, बल्कि इस बात की गारंटी भी चाहिए होती है कि जो डेटा मिल रहा है, वह 100% सही है। सवाल: कब से यह सुविधा मिलेगी जवाब: इंडिगो अब इस सैटेलाइट-बेस्ड तकनीक को अपने पूरे बेड़े में तेजी से लागू कर रहा है। भारतीय विमानन प्राधिकरण (AAI) ने देश के कई एयरपोर्ट्स पर पहले ही 23 सैटेलाइट गाइडेड अप्रोच प्रोसीजर पब्लिश कर दिए हैं और उम्मीद है कि इस साल के अंत तक यह संख्या 40 के पार चली जाएगी। इसरो के मुताबिक, गगन सिस्टम के दो मुख्य लक्ष्य हैं- पहला, नागरिक उड्डयन को बेहद सुरक्षित और सटीक बनाना और दूसरा, विमानों को सीधे और छोटे रूट्स पर उड़ाकर एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर करना है, जिससे ईंधन की बचत हो सके। यह सिस्टम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया गया है, जिससे विदेशी सीमाओं को पार करते समय भी विमान बिना किसी रुकावट के नेविगेट कर सकेंगे। कमर्शियल जेट की यह पहली सफल लैंडिंग भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन नेटवर्क को अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… सऊदी अरब में हेलिकॉप्टर क्रैश, 14 लोगों की मौत:मरने वाले सभी सऊदी के नागरिक, हेलिकॉप्टर दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का था सऊदी अरब के रास तनुरा में रविवार को दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में हेलिकॉप्टर सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक, हेलिकॉप्टर में सवार सभी लोग सऊदी अरब के ही नागरिक थे। हालांकि, क्रैश की वजह की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया, युवक ने सुसाइड किया:पठानकोट में जहर खाकर घर पहुंचा, ‘पड़ोसी मुझे जान से मार देंगे’ कह जमीन पर गिरा

पठानकोट में एक युवक ने पड़ोसियों की धमकियों से तंग आकर सुसाइड कर लिया। रविवार शाम को युवक जहर निगलकर घर पहुंचा था। वहां उसने परिजन को बताया कि पड़ोसी रास्ते में रोककर उसे जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। इसके बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने एक महिला और एक वकील समेत 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस का कहना है कि मृतक के खिलाफ पड़ोस की महिला ने घर में घुसकर छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था। उसके बाद से ही युवक को महिला के परिजन परेशान कर रहे थे। इसी के चलते युवक ने जान दी है। मामले की जांच की जा रही है। मृतक की मां ने बताई सुसाइड की वजह वह मामला जानिए, जिसकी वजह से युवक डिप्रेशन में था… युवक महिला के कमरे में घुसा, अश्लील हरकत की गांधी मोहल्ला की रहने वाली निशा (40) ने पुलिस को बताया था कि 4 जून 2026 की रात को वह अपनी मां ज्ञानो देवी के साथ कमरे में सो रही थी। रात करीब साढ़े 11 बजे उनका पड़ोसी लखन रोशनदान के रास्ते दरवाजे की कुंडी खोलकर जबरन उसके कमरे में घुस आया और बेड पर आकर अश्लील हरकतें करने लगा। जब महिला की आंख खुली और उसने शोर मचाया, तो आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया। शोर सुनकर जब पीड़िता की बुजुर्ग मां उसे बचाने उठी, तो आरोपी ने उन्हें भी धक्का दे दिया। 112 पर कॉल की, पुलिस के जाते ही दोबारा हमला पीड़िता ने बताया कि किसी तरह खुद को बचाकर उसने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल की। पुलिस को आते देख आरोपी लखन मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस कर्मचारियों के वापस जाते ही आरोपी लखन अपने पिता राजकुमार, मां बिंदु, रिश्तेदार सुरिंदर कुमार और पूजा के साथ हाथों में डंडे लेकर जबरन महिला के घर में घुस गया। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे, पीड़िता के कपड़े फाड़े पीड़िता का आरोप है कि इन सभी ने मिलकर कमरे का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर घुसकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। लखन ने डंडे से महिला की दाईं बाजू और दाएं कंधे पर वार किए। इसी बीच आरोपी बिंदु और पूजा ने महिला को दबोच लिया, जिससे उसके गले और छाती पर खरोंचें आईं और उसके कपड़े फट गए। जब महिला की मां बीच-बचाव करने आई, तो आरोपियों ने उन पर भी डंडे से हमला कर दिया। शोर मचने पर आरोपी जान से मारने की धमकियां देते हुए वहां से भाग निकले। मेडिकल रिपोर्ट में 6 चोटों की पुष्टि अगले दिन 5 जून 2026 को पीड़िता ने खुद सिविल अस्पताल पठानकोट पहुंचकर अपना इलाज और मेडिकल करवाया। डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, महिला के शरीर पर ब्लंट हथियार (डंडे) से मारी गई कुल 6 चोटों के निशान पाए गए हैं।

CBSE का फैसला, तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा नहीं होगी:थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर नई गाइडलाइन जारी की, 9वीं में पढ़ रहे स्टूडेंट्स को भी एक बार की छूट

CBSE ने सोमवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की।बोर्ड ने साफ किया है कि मौजूदा 10वीं के स्टूडेंट्स पर थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू नहीं होगी। वहीं, अभी 7वीं, 8वीं और 9वीं में पढ़ रहे स्टूडेंट्स को 10वीं में पहुंचने पर तीसरी भाषा का बोर्ड एग्जाम नहीं देना होगा। CBSE की अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम सिंह ने बताया कि 2026-27 में पहले से 9वीं में पढ़ रहे स्टूडेंट्स को एक बार की छूट भी दी है। ऐसे छात्र दो विदेशी (गैर-भारतीय) भाषाएं पढ़ना जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें तीसरी भाषा के रूप में एक भारतीय भाषा जोड़नी होगी। इस तीसरी भाषा का मूल्यांकन स्कूल करेगा और 10वीं बोर्ड परीक्षा में इसका पेपर नहीं होगा। इससे पहले बोर्ड ने कहा था कि विदेशी भाषा तभी चुनी जा सकेगी, जब स्टूडेंट्स दो भारतीय भाषाएं पढ़ें या उसे चौथी अतिरिक्त भाषा के रूप में लें।
6वीं के नए बैच से बदलेगा नियम CBSE ने कहा कि 2026-27 में 6वीं में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स और उसके बाद के सभी बैचों के लिए तीन भाषाएं अनिवार्य होंगी। इनमें दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी होगा। यही स्टूडेंट्स जब 10वीं में पहुंचेंगे, तब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा भी देंगे। बोर्ड ने यह भी कहा कि जो स्टूडेंट्स किसी दूसरे राज्य में पढ़ाई के लिए जाएंगे, वे मिडिल स्टेज से लेकर 9वीं तक अपनी मौजूदा तीसरी भाषा (R3) जारी रख सकेंगे। विदेश में स्थित स्कूलों और भारत लौटने वाले विदेशी स्टूडेंट्स को तीसरी भाषा के रूप में भारतीय भाषा पढ़ने से छूट दी गई है। दिव्यांग स्टूडेंट्स को पहसे से तय नियम के अनुसार राहत मिलेगी। CBSE ने स्कूलों से कहा है कि वे जरूरत के मुताबिक मौजूदा शिक्षकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, सहोदया क्लस्टर और हाइब्रिड टीचिंग जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। बोर्ड और NCERT कक्षा के अनुसार पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध कराएंगे। कक्षा 6 के लिए तीसरी भाषा की किताबें 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में तैयार हैं। पहले घोषित किए गए थे ये बदलाव अप्रैल में CBSE ने 2026-27 सत्र से कक्षा 6 से तीन-भाषा फार्मूला चरणबद्ध तरीके से लागू करने और 9वीं में गणित व विज्ञान के लिए दो-स्तरीय व्यवस्था (स्टैंडर्ड और एडवांस्ड) लागू करने का ऐलान किया था। सभी छात्र 80 अंकों की समान परीक्षा देंगे, जबकि अधिक दक्षता चाहने वाले छात्र अतिरिक्त एडवांस्ड पेपर दे सकेंगे। इस व्यवस्था के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा 2028 में होगी। बोर्ड ने 15 मई को यह भी स्पष्ट किया था कि विदेशी भाषा केवल तीसरी भाषा के रूप में पढ़ी जा सकती है, बशर्ते छात्र दो भारतीय भाषाएं पढ़ रहे हों, या फिर उसे अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में लिया जा सकता है। CBSE तीसरी भाषा के लिए 19 भाषाओं की किताबें तैयार कर रहा CBSE और NCERT कक्षा VI R3 के लिए 19 भाषाओं में किताबें तैयार कर रहे हैं। इनमें असमिया, बंगाली, गुजराती, मराठी, तमिल और तेलुगु जैसी भाषाएं शामिल हैं। 34 साल बाद नई शिक्षा नीति 2020 लाई गई नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को भारत सरकार ने 29 जुलाई, 2020 को मंजूरी दी थी। यह 34 साल बाद भारत की शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। इससे पिछली नीति 1986 में बनाई गई थी, जिसे 1992 में अपडेट किया गया था। इसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालना है, ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान मिले और वे स्किल सीखें। नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए केंद्र ने 2030 तक का लक्ष्य रखा है। शिक्षा संविधान में समवर्ती सूची का विषय है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों का अधिकार होता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि राज्य सरकारें इसे पूरी तरह अप्लाई करें। टकराव होने पर दोनों पक्षों को आम सहमति से विवाद सुलझाने का सुझाव दिया गया है। ———————————- ये खबर भी पढ़ें: CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पेरेंट्स:9वीं क्लास में लागू किए जाने का विरोध, जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच करेगी सुनवाई
CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। पूरी खबर पढ़ें…

भतीजों ने ताई को ट्रैक्टर से कुचला:खेत जोतने को लेकर हुई मारपीट, दो साल से चल रहा विवाद

फलोदी जिले में जमीन विवाद में भतीजों ने ताई को ट्रैक्टर से कुचल दिया। भतीजे सुबह ट्रैक्टर लेकर खेत जोतने पहुंचे। इस पर ताऊ -ताई और उनके बच्चों से आरोपी पक्ष से मारपीट हो गई। इसी दौरान भतीजों ने ताई को ट्रैक्टर से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को परिजन हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। मारपीट में आरोपी पक्ष की लड़की भी घायल हुई है। घटना बाप थाना क्षेत्र के राणेरी गांव की सोमवार सुबह 7 बजे की है। सूचना पर फलोदी एडीशनल एसपी ब्रजराज सिंह चारण, डीएसपी अचल सिंह देवडा, बाप थानाधिकारी रमेश ढाका मौके पर पहुंचे। जोधपुर से एफएसएल टीम भी दोपहर करीब एक बजे पहुंची और सबूत जुटाए। मृतका शांति विश्नोई (60) के बेटे ने 6 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। ग्राफिक्स में समझिए पूरा घटनाक्रम 2 साल से जमीन को लेकर चल रहा विवाद बाप थानाधिकारी रमेश ढाका ने बताया- दो भाई सावराराम और मगनाराम के बीच दो साल से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। सोमवार सुबह सावराराम और उसके बेटे खेत जोतने के लिए ट्रैक्टर लेकर पहुंचे थे। मगनाराम ने उनको खेत जोतने से रोका, इसी बीच झगड़ा बढ़ गया और सावराराम के बेटों ने मगनाराम की पत्नी शांति विश्नोई (60) पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। घटना में शांति गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे फलोदी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया। मारपीट में सावराराम की बेटी समता घायल हो गई। जिसे भी फलोदी जिला अस्पताल से जोधपुर रेफर किया गया है। 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया मृतका के बेटे सुभाष ने बाप थाने में 6 लोगों के खिलाफ हत्या का नामजद मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में सावराराम की पत्नी सोमारी, बेटे रमेश, श्यामलाल और विकास के अलावा दो अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने बताया कि करीब एक साल पहले भी बुआई को लेकर विवाद हुआ था, लेकिन तब गांव के लोगों ने इसे सुलझाने का प्रयास किया था, लेकिन दोनों भाई नहीं माने।

नवजात को प्लास्टिक में लपेटकर सड़क किनारे फेंका:रोने की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने उठाया, एक घंटे पहले हुआ जन्म

झालावाड़ जिले में सड़क किनारे नवजात मिला। मासूम किसी को दिखाई न दे इसलिए उसे प्लास्टिक से ढक दिया था। चरवाहे ने मासूम के रोने की आवाज सुनी। देखा तो आसपास कोई नजर नहीं आ रहा था। धीरे-धीरे सड़क किनारे पड़े प्लास्टिक के पास गया। प्लास्टिक हटाकर देखा तो अंदर लहूलुहान हालत में नवजात पड़ा हुआ था। इसके बाद एक राहगीर को बताया। फिर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मामला मनोहरथाना क्षेत्र के डाक बंगला के पास टनटोकरी बालाजी रोड का सोमवार दोहपर 1 बजे का है। थाना प्रभारी महेंद्र यादव ने बताया- नवजात मिलने की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। लोगों ने नवजात को स्थानीय CHC में भर्ती करा दिया था। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बच्चे के माता-पिता की तलाश की जा रही है। तस्वीरों में देखिए पूरा मामला… लहूलुहान हालत में मिला शिशु नगर पालिका के वार्ड 18 निवासी हेमराज नायक ने बताया- सोमवार दोपहर एक बजे बाइक से टन टोकरी बालाजी रोड स्थित अपने खेत से मनोहरथाना आ रहा था। डाक बंगले के पास गाय चरा रहे मांगीलाल ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी। मांगीलाल ने मुझे रोक करके बताया कि प्लास्टिक के नीचे बच्चा है। उसके साथ मौके पर पहुंचा तो देखा कि रोड किनारे काली प्लास्टिक के नीचे लहूलुहान हालत में एक नवजात रो रहा था। फौरन नवजात को कपड़े लपेटकर गोद में लिया। एंबुलेंस की मदद से मासूम को मनोहरथाना सीएचसी में भर्ती कराया। डॉक्टर बोले-घर पर हुआ बच्चे का जन्म सीएचसी के डॉक्टर पंकज चौधरी ने बताया-बच्चे का जन्म करीब एक घंटे पहले का लग रहा है। जिस तरह से उसकी नाल काटी गई है, उससे लग रहा है कि बच्चे का जन्म घर पर ही हुआ होगा। फिलहाल बच्चे की हालत खतरे से बाहर है। शिशु के हाथ-पैर पर हल्की चोट है। बेहतर इलाज और देखभाल के लिए उसे झालावाड़ के पालना गृह में भेजा जाएगा। परिजनों की तलाश में जुटी पुलिस थाना प्रभारी महेंद्र यादव ने बताया- पुलिस मामले की जांच कर रही है। नवजात को सड़क किनारे किसने फेंका, इसकी जांच की जा रही है। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। … यह खबर भी पढ़ें नवजात बच्ची को 80 फीट गहरे कुएं में फेंक गए:अस्पताल के कपड़े में लिपटी थी, युवक ने जान जोखिम में डालकर बाहर निकाला 80 फीट गहरे कुएं से नवजात बच्ची मिली है। अपनी जान जोखिम में डालकर एक युवक रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और बच्ची को सकुशल बाहर निकाल लाया। आशंका जताई जा रही है कि बच्ची को मारने की नीयत से फेंका गया था। यह मामला खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा कस्बे के वार्ड नंबर-13 का है। (पढ़ें पूरी खबर) सुजानगढ़ में सड़क किनारे मिला नवजात:रोने की आवाज सुनकर पहुंचा था अस्पताल का हेल्थ मैनेजर, कंबल में लिपटा मिला चूरू जिले के सुजानगढ़ में गोपालपुरा रोड स्थित मेगा हाईवे पर एक नवजात बच्चा कंबल में लिपटा हुआ मिला। सुबह साढ़े 6 बजे हेल्थ मैनेजर ओमप्रकाश से सूचना मिलते ही सामाजिक संस्था ‘हारे का सहारा’ के कार्यकर्ता श्याम स्वर्णकार तुरंत मौके पर पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर)

जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा सेंटर पर छात्रों ने की तोड़फोड़:5.50 लाख लेकर नकल कराने की थी तैयारी, कॉलेज संचालक समेत 4 गिरफ्तार

जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा के एक सेंटर पर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। सेंटर पर होने वाले पेपर को रद्द कर दिया गया है। प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर नकल करवाकर झुंझुनूं के एक कॉलेज के 45 छात्रों को परीक्षा पास करवानी थी। इसके एवज में कुल 5.50 लाख रुपए का सौदा तय हुआ था। परीक्षा से पहले सोमवार को जयपुर पुलिस ने नकल गिरोह में शामिल 2 कॉलेजों के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कॉलेज के संचालक, HOD और लेक्चरर शामिल हैं। नकल का मामला सामने आते ही वहां मौजूद अन्य छात्र भड़क गए। नाराज छात्रों ने कॉलेज परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी की और हंगामा व तोड़फोड़ किया। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों ने कुर्सियां फेंक दीं और परीक्षा को तुरंत रद्द करने की मांग पर अड़ गए। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों को शांत कराया। इसके बाद, राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल ने गड़बड़ी और अव्यवस्था को देखते हुए इस परीक्षा केंद्र (प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज) की परीक्षाओं को आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। हंगामे से जुड़ी 2 PHOTOS.. कॉलेज के संचालक, HOD और लेक्चरर गिरफ्तार डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- मामले में खोराबीसल थाना पुलिस ने दोनों कॉलेजों से जुड़े 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में झुंझुनूं के मुकुंदगढ़ स्थित एस. करण कॉलेज के HOD कृष्ण कुमार, लेक्चरर शंकर लाल जाट (27), जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालक रामकृष्ण मंडीवाल व उनके भतीजे देव कृष्ण शामिल हैं। एक ही कमरे में बैठाकर नकल कराने का था प्लान पुलिस पूछताछ में सामने आया कि झुंझुनूं के एस. करण कॉलेज के इन सभी फर्स्ट ईयर के 45 छात्रों के बैक आई थी। इन्हें पास करवाने के एवज में जयपुर के परीक्षा केंद्र के संचालक से 5.50 लाख रुपए में सौदा तय किया था। साजिश के तहत इन सभी छात्रों को परीक्षा केंद्र के एक ही कमरे में बैठाया जाना था, जहां परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात इनविजिलेटर (वीक्षक) के जरिए उन्हें पेपर पढ़ाया जाना था। पुलिस कंट्रोल रूम को मिली सूचना 27 जून को पुलिस कंट्रोल रूम को कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में पैसे लेकर पेपर लीक कराने की सूचना मिली। इसके बाद एक्टिव हुई DST टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। डीएसटी टीम ने प्रताप नगर से कृष्ण कुमार सैनी और शंकर लाल जाट को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके बैग से दो डायरियां मिलीं, जिनमें परीक्षा देने वाले छात्रों के नाम और उनसे ली गई रकम का पूरा हिसाब-किताब दर्ज था।
इनविजिलेटर सेट करने के लिए दिए थे 3.27 लाख रुपए पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल की वॉट्सऐप चैट खंगाली, तो उसमें ‘शंकर बाजिया सर’ के नाम से चैट मिली। इसमें परीक्षा देने वाले छात्रों के एडमिट कार्ड की पीडीएफ फाइलें शेयर की गई थीं, जिन पर परीक्षा केंद्र का नाम प्रभा देवी मेमोरियल कॉलेज लिखा था। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने 45 छात्रों से कुल 5.50 लाख रुपए लिए थे, जिसमें से 27 जून को ही 3.27 लाख रुपए रामकृष्ण मंडीवाल के जरिए कॉलेज के संस्थापक देवकृष्ण मंडीवाल को दिए गए थे, ताकि परीक्षा कक्ष में मनपसंद इनविजिलेटर (वीक्षक) लगाकर नकल कराई जा सके।

शेखावाटी को मिलेगा यमुना का पानी,32-साल बाद शुरू होगा काम:295 किमी लंबी पाइपलाइन डाली जाएगी, चूरू में बनेगा डैम; 33 हजार करोड़ से ज्यादा होगा खर्च

शेखावाटी के तीन जिलों (सीकर, चूरू और झुंझुनूं) तक यमुना का पानी लाने का रास्ता साफ हो गया है। नई दिल्ली में सोमवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MOA) हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील, सीएम भजनलाल शर्मा और हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने एमओए पर हस्ताक्षर किए। एमओए के बाद अब यमुना का पानी राजस्थान लाने के लिए काम आगे बढ़ेगा। कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा। शेखावाटी के तीन जिलों के गांवों और शहरों में यमुना का पानी पाइपलाइन के जरिए लाया जाएगा। यह पानी पीने के काम आएगा। इसके लिए 295 किमी लंबी पाइपलाइन डाली जाएगी और चूरू में डैम बनेगा। सीएम भजनलाल बोले- दशकों का इंतजार खत्म होगा एमओए पर साइन के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- आज ऐतिहासिक दिन है, दशकों का इंतजार खत्म हो रहा है। शेखावाटी के तीन जिलों को यमुना का पानी पहुंचाने के लिए एमओए एक ऐतिहासिक कदम है। हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा- हरियाणा इस प्रोजेक्ट के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। पाइपलाइन के जरिए लाया जाएगा पानी हरियाणा से पाइपलाइन के जरिए पानी लाया जाएगा। इस पाइपलाइन का 95 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा में आएगा। जल संसाधन विभाग अब जमीन अधिग्रहण का काम हाथ में लेगा। जमीन अधिगग्रहण का काम हरियाणा और राजस्थान सरकार मिलकार पूरा करेंगे। पाइपलाइन के लिए जिन लोगों से जमीन ली जाएगी, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। 32 साल बाद अब काम आगे बढ़ेगा यमुना का पानी शेखावाटी के तीन जिलों तक पहुंचाने के लिए साल 1994 में राजस्थान और ह​रियाणा के बीच यमुना जल समझौता हो चुका था। जो कागजों तक ही रहा और इस पर सहमति नहीं बन पाने से काम आगे नहीं बढ़ सका। 2001 में भी हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से राजस्थान को पानी मिलना तय हुआ था, लेकिन इस पर काम आगे नहीं बढ़ा। साल 2024 में यमुना जल समझौते पर काम फिर शुरू हुआ। फरवरी 2024 में एमओयू,अब एमओए शेखावाट तक यमुना का पानी पहुंचाने के लिए 17 फरवरी 2024 को केंद्र, राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हुआ। इसके बाद डीपीआर पर काम शुरू हुआ। डीपीआर बनने के बाद अब एमओए हुआ है। एमओए के बाद अब प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ेगा। चूरू के ​हंसियावास में बनेगा बड़ा वाटर रिजर्वेयर राजस्थान के हिस्से का पानी हथिनीकुंड बैराज से लगभग 295.5 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड पाइपलाइन से चूरू जिले के हंसियावास तक पहुंचाया जाएगा। हंसियावास में बड़ा वाटर रिजर्वेयर बनाया जाएगा, जहां यमुना का पानी स्टोर कर 3 जिलों में भेजा जाएगा। यमुना के पानी के प्रोजेक्ट में अंडरग्राउंड पाइपलाइनें, पानी स्टोरेज के लिए डैम और वाटर मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के राजस्थान हरियाणा यमुना वाटर एसपीवी का गठन किया जाएगा। कब-कब, क्या-क्या हुआ… राजेंद्र राठौड़ बोले- 1971 क्यूसेक पानी मिलेगा पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने समझौते को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया- यमुना जल समझौता के तहत 1971 क्यूसेक पानी मिलेगा। सालभर का औसतन प्रवाह 577 मिलियन क्यूबिक मीटर रहेगा। यह पानी हथिनीकुंड बैराज से निकलकर 295 किमी दूर चूरू के हासियावास में बनने वाले डैम में पहुंचेगा। राजेंद्र राठौड़ ने कहा- पाइपलाइन कहां-कहां से गुजरेगी, इस पर दोनों राज्यों के बीच सैद्धांतिक सहमति हो गई है। भैरोंसिंह शेखावत के समय जब फैसला हुआ था, तब 1119 एमसीएम पानी प्रतिवर्ष के लिए आवंटित हुआ था। पांच राज्यों की सहमति से अपर यमुना बोर्ड बना, लेकिन नतीजा नहीं निकला था।