झुंझुनूं में यमुना जल समझौते से उत्सव का माहौल:32 साल का इंतजार खत्म; कांग्रेस प्रवक्ता बोले-MOU का ड्राफ्ट सार्वजनिक करें

राजस्थान के शेखावाटी (झुंझुनूं, सीकर, चूरू) के लोगों के 3 दशक का इंतजार सोमवार (29 जून) को खत्म हो गया। नई दिल्ली में राजस्थान-हरियाणा के बीच यमुना जल समझौता हुआ। यमुना का पानी अब सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जल्द ही पाइपलाइनों के जरिए शेखावाटी तक पहुंचेगा। 32 साल से चली आ रही राजनीतिक खींचतान सोमवार को ‘संवाद से समाधान’ के जरिए एक सुखद अंजाम तक पहुंची। झुंझुनूं के लिए क्यों खास है यह समझौता ​1994 में राजस्थान को यमुना का पानी आवंटित तो हुआ लेकिन उसे लाने का रास्ता नहीं बन सका। झुंझुनूं जैसे जिलों में भूजल स्तर पाताल में चला गया था। लोग बूंद-बूंद के लिए तरस रहे थे। झुंझुनूं की ‘किस्मत’ कैसे बदलेगी ​यह परियोजना झुंझुनूं के लिए एक ‘जल क्रांति’ की तरह है। ​3.6 मीटर से अधिक व्यास वाली भूमिगत पाइपलाइनों के जरिए हथिनीकुंड बैराज से पानी झुंझुनूं तक पहुंचेगा। यह पानी पीने के काम भी आएगा और स्थानीय तालाबों को भरकर भूजल स्तर को ऊपर उठाने में मदद करेगा। सीमित मात्रा में ही सही, लेकिन मॉनसून के अतिरिक्त पानी से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। जिससे आर्थिक खुशहाली आएगी। जल संकट के कारण रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर माहौल बनेगा। ​क्या है 34,000 करोड़ का यह ‘मेगा प्लान’ ​लगभग 34,000 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में हथिनीकुंड बैराज से लगभग 577 MCM पानी लाया जाएगा। यह पानी हरियाणा के रास्तों से होते हुए चूरू के हांस्यावास में प्रवेश करेगा और वहां से झुंझुनूं व सीकर तक फैलेगा। पाइपलाइन पूरी तरह भूमिगत होगी ताकि पानी का वाष्पीकरण न हो और बर्बादी रुके। ​विशेषज्ञों की मानें तो 2028 तक इस परियोजना के पूर्ण होने का लक्ष्य रखा गया है। भले ही निर्माण में कुछ वक्त लगे, लेकिन झुंझुनूं के लोगों के लिए आज का दिन एक उत्सव जैसा है। MOU के ड्राफ्ट की कॉपी सार्वजनिक करें सरकार कांग्रेस के राज्य प्रवक्ता यशवर्धन सिंह शेखावत ने कहा- यमुना जल समझौते के MOU को लेकर मेरा एक प्रश्न है। इस MOU के ड्राफ्ट की कॉपी CM भजन लाल शर्मा जनता के सामने लाएं। विपक्ष के सामने लाएं ताकि हम देख सकें कि इस MOA में लिखा क्या गया है। पिछली बार जब 17 फरवरी, 2024 को MOU किया गया था, वह भी लोकसभा चुनाव तक दबाकर रखा गया था ताकि जनता को सच्चाई नहीं पता लग जाए। उसमें यह लिखवा दिया गया था कि हरियाणा पहले अपने हिस्से का 24,000 क्यूसेक पानी काम में लेगा और उसके बाद राजस्थान को बचा हुआ पानी देगा। क्या कहीं इस MOA में भी यही बातें तो नहीं लिख दी गई हैं? इसलिए किसी भी विषय पर चर्चा से पहले उसका ड्राफ्ट पब्लिक में आना चाहिए ताकि हम उसका आकलन कर सकें और आकलन करके उसके मेरिट और डीमेरिट सबके सामने बता सकें।

इलाज के दौरान महिला की मौत, अस्पताल में हंगामा:शीशे तोड़े, कर्मचारियों से धक्कामुक्की; परिवार बोला- मौत के बाद हंस रहा था स्टाफ

जोधपुर में इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। आक्रोशित परिजनों ने गुस्से में अस्पताल के गेट का शीशा भी तोड़ दिया और वे हॉस्पिटल स्टाफ से धक्कामुक्की करने लगे। सूचना मिलने पर जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो उसने कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद आक्रोशित परिजनों को शांत करवाया। यह मामला लिंक रोड स्थित कमला नेहरू अस्पताल का है। परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद अस्पताल का स्टाफ किसी बात को लेकर हंस रहा था। हमारे परिवार में मौत हो गई है और अस्पताल का स्टाफ संवेदनहीनता दिखाते हुए हंस रहा था। पुलिस ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। अब देखिए, घटना से जुड़ी PHOTOS… परिवार का आरोप- गलत खून चढ़ाने की वजह से जान गई देवनगर थानाधिकारी सोमकरण ने बताया- प्रतापनगर की रहने वाली नजमा (40) को 21 जून को डिलीवरी के लिए अस्पताल लेकर आए थे। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद महिला को गलत खून चढ़ा दिया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर उसे मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां 26 जून को उसे भर्ती कराया गया था। सोमवार (28 जून) की सुबह इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि कमला नेहरू अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही और गलत खून चढ़ाने की वजह से ही नजमा की जान गई है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। रिएक्शन होना एक हादसा है, इलाज में कोई कोताही नहीं बरती दूसरी ओर, कमला नेहरू अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. राम गोयल ने कहा- महिला का अस्पताल में बेहतर से बेहतर इलाज किया गया था। महिला के शरीर में खून की कमी थी और उसे शुगर (मधुमेह) की भी समस्या थी। डॉ. गोयल के अनुसार, महिला को पहले 2 यूनिट खून चढ़ाया गया था, जिसके बाद एक यूनिट और खून चढ़ाया गया। इसी दौरान अचानक ब्लड रिएक्शन हो गया। यह एक तरह का अनपेक्षित हादसा है, इसमें अस्पताल प्रशासन की ओर से लापरवाही जैसी कोई बात नहीं है।

कार में सो रहे रेजिडेंट-डॉक्टर की दम घुटने से मौत:पेट्रोल खत्म होने पर बंद हुआ AC; शीशा तोड़कर निकाला शव

जयपुर में कार के अंदर रेजिडेंट डॉक्टर का शव मिला है। डॉक्टर शराब के नशे में कार का AC चलाकर सो रहे थे। पेट्रोल खत्म होने के कारण कार बंद हो गई, जिससे एसी भी बंद हो गया। लॉक कार के अंदर गर्मी होने के कारण दम घुटने से डॉक्टर की मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस कार का शीशा तोड़कर शव बाहर निकाला। मामला आदर्श नगर थाना क्षेत्र में बर्फखाना के पास का सोमवार दोपहर 3 बजे का है। डॉक्टर की पहचान उदयपुरवाटी (झुंझुनूं) निवासी संदीप कुमार शर्मा (37) पुत्र ओमप्रकाश शर्मा के रूप में हुई। वर्तमान में SMS मेडिकल कॉलेज के स्किन डिपार्टमेंट में फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट थे। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। आदर्श नगर थाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए SMS हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। बर्फखाना के पास लॉक कार में मिला शव आदर्श नगर थानाधिकारी (SHO) मनीष गुप्ता ने बताया- दोपहर करीब 3 बजे राहगीरों से सूचना मिली कि बर्फखाना के पास सड़क किनारे खड़ी कार में एक युवक बेसुध पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार को खोलने का प्रयास किया और ड्राइवर सीट पर बैठे युवक को काफी आवाज लगाई। कोई हलचल न होने पर कार का शीशा तोड़कर गेट खोला, लेकिन तब तक डॉक्टर संदीप की मौत हो चुकी थी। मनीष गुप्ता ने बताया- कार की तलाशी में शराब की बोतल मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (FSL) टीम ने सबूत जुटाए। इसके बाद शव को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने के लिए एसएमएस हॉस्पिटल की मोर्चरी भिजवाया गया। स्थानीय लोगों से पूछताछ में सामने आया कि यह कार पिछले करीब 5 घंटे से उसी जगह पर लावारिस हालत में खड़ी थी, लेकिन किसी ने अंदर ध्यान नहीं दिया । नशे में AC चलाकर सोए, पेट्रोल खत्म होने पर दम घुटने से थमी सांसें पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि डॉक्टर संदीप ने अत्यधिक शराब का सेवन कर रखा था। वह शराब के नशे में सड़क किनारे कार खड़ी कर एसी (AC) चलाकर सो गए। कुछ घंटे बाद कार का पेट्रोल खत्म हो गया, जिससे इंजन और एसी दोनों बंद हो गए। भीषण गर्मी से लॉक कार के अंदर दम घुटने (सफोकेशन) के कारण उनकी मौत हो गई। …………………………………….1 यह खबर भी पढ़िए… कार में बंद हुईं 2 बहनों की मौत:आधे घंटे पहले ही पिता खेलते हुए छोड़कर गए थे, दम घुटने से बेहोश हो गई थीं अलवर शहर में खेलते-खेलते 2 बहनें कार में बैठ गईं और अंदर बंद हो गई। गेट नहीं खुलने के कारण दोनों बच्चियों का दम घुट गया। कुछ देर बाद परिजनों ने तलाश की तो कार में बेहोशी की हालत में मिली। पढ़ें पूरी खबर

अलवर में पुलिस चौकी के पास फायरिंग:कार सवार बदमाशों ने दूसरी गाड़ी पर गोली चलाई, पुलिस तलाश में जुटी

अलवर के राजगढ़-मालाखेड़ा मेगा हाईवे पर स्थित कोठीनारायणपुर पुलिस चौकी से महज 100 मीटर दूर फायरिंग की घटना सामने आई है। पुलिस चौकी के इतने पास हुई फायरिंग के बाद इलाके में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो कार आगे-पीछे आ रही थी। इसी दौरान पीछे वाली कार में सवार बदमाशों ने आगे चल रही कार पर फायरिंग कर दी। गोली चलने के बाद दोनों कारें तेज रफ्तार से मौके से फरार हो गईं। दोनों गाड़ियों में कौन सवार था, इसकी जांच जारी है। घटना की सूचना मिलते ही राजगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया। कोठीनारायणपुर चौकी के हेड कॉन्स्टेबल रमेश चंद ने बताया कि मौके से एक कारतूस का खाली खोखा बरामद हुआ है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। आरोपियों की तलाश में जुटी है। थानाधिकारी राजेश मीणा ने बताया- फायरिंग की घटना हुई है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गोली किसने चलाई। किसे निशाना बनाया गया। जिस कार पर फायरिंग होने की आशंका है, उसका ड्राइवर या कोई पीड़ित अब तक थाने नहीं पहुंचा है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। (इनपुट;हेमंत गुप्ता)

विदेश से MBBS करने वाले 3 डॉक्टर गिरफ्तार:25 लाख देकर बनवाए फर्जी FMGE सर्टिफिकेट, राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करा की इंटर्नशिप

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने फर्जी FMGE (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन) सर्टिफिकेट मामले में विदेश से MBBS करने वाले तीन और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 25 लाख रुपए तक खर्च कर फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करवाए और उनके आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराकर मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप भी की। मामला एसओजी थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 08/2026 से जुड़ा है, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में जांच चल रही है। फिलहाल एसओजी की टीम आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है। गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर्स के नाम नवदीप तंबोलिया (27), निवासी उम्मेदगढ़, बागीदौरा, जिला बांसवाड़ा, चिराग साहू (28), निवासी छोटी सादड़ी, जिला प्रतापगढ़ और आफरीदी खान (25), निवासी मंडावर, जिला दौसा है। तीनों आरोपियों को 28 और 29 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया। कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में की इंटर्नशिप ADG (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- जांच में खुलासा हुआ कि विदेश से MBBS करने के बाद FMGE स्क्रीनिंग परीक्षा पास नहीं कर पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए फर्जी सर्टिफिकेट तैयार किए गए। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराया गया और कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप भी की गई। तीनों आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने क्रमशः किर्गिस्तान और कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने के बाद फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र बनवाए और इसके जरिए मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप की। जांच के अनुसार, फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए 23.5 लाख से 25 लाख रुपए तक की रकम चुकाई गई। इस रैकेट का मुख्य सरगना भानाराम माली और उसके सहयोगी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोप है कि गिरोह प्रत्येक अभ्यर्थी से 20 से 30 लाख रुपए लेकर फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करता था। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 4 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एसओजी पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी हुई है। नवदीप तंबोलिया ने वर्ष 2022 में किर्गिस्तान से किया था एमबीबीएस पूछताछ में सामने आया कि नवदीप तंबोलिया ने वर्ष 2022 में किर्गिस्तान से एमबीबीएस किया था। भारत लौटने के बाद उसने कई बार एफएमजीई परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद अपने गांव के पड़ोसी निशांत टेलर के माध्यम से पहले से गिरफ्तार आरोपी शुभम गुर्जर से संपर्क किया। करीब 25 लाख रुपए देकर फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट बनवाया। इसके आधार पर उसने राजकीय मेडिकल कॉलेज दौसा में इंटर्नशिप भी कर ली। शुभम गुर्जर पहले से न्यायिक हिरासत में है। चिराग साहू ने वर्ष 2023 में कजाकिस्तान से किया था एमबीबीएस चिराग साहू ने वर्ष 2023 में कजाकिस्तान से एमबीबीएस किया। कई प्रयासों के बावजूद एफएमजीई परीक्षा पास नहीं कर पाया। इसके बाद कजाकिस्तान में साथ पढ़ने वाले विकास यादव के जरिए 23.50 लाख रुपए में फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट बनवाया और राजकीय पैसिफिक मेडिकल कॉलेज, उदयपुर में इंटर्नशिप की। विकास यादव को एसओजी 26 मार्च 2026 को ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह न्यायिक हिरासत में है। आफरीदी खान ने वर्ष 2022 में कजाकिस्तान से किया था एमबीबीएस आफरीदी खान ने वर्ष 2022 में कजाकिस्तान से एमबीबीएस किया था। भारत लौटने के बाद कई बार एफएमजीई परीक्षा में असफल रहा। इसके बाद उसने अपने सीनियर शुभम गुर्जर के माध्यम से 25 लाख रुपए देकर फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट बनवाया और राजकीय मेडिकल कॉलेज अलवर में इंटर्नशिप पूरी की। पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड था भानाराम माली ADG (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- एसओजी की जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड भानाराम माली था। वह अपने सहयोगियों शुभम गुर्जर और इंद्रराज गुर्जर के साथ मिलकर फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट तैयार करवाता था। इसके बाद राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीयन कराने की व्यवस्था भी यही गिरोह करता था। इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 20 से 30 लाख रुपए वसूले जाते थे। इस मामले में पहले ही फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर इंटर्नशिप करने वाले 17 डॉक्टर, राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हसन, मुख्य आरोपी भानाराम माली और एक दलाल सहित कुल 25 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके थे। अब तीन और डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 28 हो गई है। —————- मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… विदेश से MBBS करके आए 3 डॉक्टर गिरफ्तार:तीनों ने 74 लाख रुपए में बनवाए थे फर्जी सर्टिफिकेट; RMC में करवा लिया रजिस्ट्रेशन राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने विदेश (कजाकिस्तान) से MBBS करने वाले तीन डॉक्टर को शनिवार को गिरफ्तार किया। आरोप है कि तीनों डॉक्टर ने कुल 74 लाख रुपए देकर फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट (FMG) का फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया। (पूरी खबर पढ़ें…) 5 लाख लेकर फर्जी प्रमाण-पत्र को वेरिफाई करने वाला गिरफ्तार:सरकारी कर्मचारी ने विदेश से MBBS करने वाले स्टूडेंट्स के फर्जी रजिस्ट्रेशन किए विदेश से MBBS करने वालों को नौकरी नहीं मिलेगी:प्राइवेट प्रैक्टिस भी नहीं कर पाएंगे, राजस्थान मेडिकल काउंसिल ने रजिस्ट्रेशन अटकाया

राजस्थान दिनभर, 10 बड़ी खबरें:एक्सीडेंट के बाद सड़क पर बिखरी लाशें; जहरीला सांप लेकर हॉस्पिटल पहुंचा युवक; कॉन्स्टेबल को कार ने उड़ाया

नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर अजमेर से है। यहां हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा… पहले टॉप 5 खबरें
1. जयपुर में रिसॉर्ट की दीवार गिरी, तीन की मौत
जयपुर के चंदवाजी इलाके में निर्माणाधीन रिसॉर्ट की दीवार गिरने से वहां काम कर रही 2 महिलाओं सहित 3 मजदूरों की मौत हो गई। 12 से ज्यादा घायल हो गए। एक शव क्षत विक्षत हो गया, जिसे पोटली में लेकर गए। एक महिला ने बताया कि मैं पानी पीने आई, इसलिए जान बच गई। पूरी खबर पढ़ें 2. डकैत जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या
कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या कर दी गई है। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की हत्या की है। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। पूरी खबर पढ़ें 3. शेखावाटी को मिलेगा यमुना का पानी, दिल्ली में हुआ एग्रीमेंट
शेखावाटी के तीन जिलों सीकर, चूरू और झुंझुनूं तक पाइपलाइन से यमुना का पानी लाने का रास्ता साफ हो गया है। नई दिल्ली में सोमवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट हो गया है। पूरी खबर पढ़ें 4. तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बस पलटी, 3 की मौत
जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी बस को टक्कर मार दी। टक्कर से बस गड्ढे में पलट गई। हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। शव सड़क पर बिखर गए। बस सवार सभी लोग सांवलिया सेठ मंदिर में दर्शन कर जयपुर लौट रहे थे। पूरी खबर पढ़ें 5. नवजात को प्लास्टिक में लपेटकर सड़क किनारे फेंका
झालावाड़ जिले के मनोहरथाना क्षेत्र में नवजात बच्चे को प्लास्टिक में लपेटकर सड़क किनारे फेंक दिया। चरवाहे ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी। देखा तो आसपास कोई नजर नहीं आ रहा था। धीरे-धीरे सड़क किनारे पड़े प्लास्टिक के पास गया तो लहूलुहान हालत में बच्चा पड़ा था। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें
6. रॉन्ग साइड से आई कार ने कॉन्स्टेबल को उड़ाया, मौत
झुंझुनूं में सड़क किनारे बाइक लेकर पैदल जा रहे चूरू के एक कॉन्स्टेबल को रॉन्ग साइड से आई बेकाबू कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कॉन्स्टेबल उछलकर कार के शीशे पर जा गिरे। गंभीर रूप से घायल कॉन्स्टेबल को हॉस्पिटल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें 7. पैरामेडिकल परीक्षा में नकल की साजिश नाकाम
जयपुर पुलिस ने पैरामेडिकल परीक्षा में नकल करवाकर 45 छात्रों को पास करवाने की साजिश को नाकाम कर दिया। पुलिस ने नकल गिरोह में शामिल 2 कॉलेजों के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कॉलेज के संचालक, HOD और लेक्चरर शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें 8. जमीन के विवाद में ताई को ट्रैक्टर से कुचला
फलोदी जिले के राणेरी गांव में जमीन विवाद में भतीजों ने ताई को ट्रैक्टर से कुचल दिया। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मारपीट में आरोपी पक्ष की लड़की भी घायल हुई है। विवाद खेत जोतने को लेकर हुआ था। मृतका के बेटे ने 6 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है
9. जहरीला सांप लेकर हॉस्पिटल पहुंचा युवक
भरतपुर के बयाना इलाके में युवक के पैर में कॉमन करैत सांप ने डस लिया। उसने बिना समय गंवाए सांप को पकड़ा और बोतल में डालकर हॉस्पिटल पहुंच गया। बोतल में सांप देख हॉस्पिटल का स्टाफ सहम गया। हालांकि उन्होंने सांप को देखकर युवक का इलाज शुरू किया। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास
10. लेक्चरर भर्ती के लिए आवेदन की लास्ट डेट कल
RPSC की ओर से माध्यमिक शिक्षा विभाग में लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर निकाली गई भर्ती के लिए आवेदन की लास्ट डेट कल (30 जून) है। परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में अलग से जारी की जाएगी।

मंत्री के आदेश के बाद भी नहीं खुली सील:UIT सचिव ने कहा – जुर्माना जमा कराना होगा, कुछ आवेदन आए, उनकी सील हटवाएंगे

24 जून को अलवर शहर में कोचिंग सील की गई थीं। 25 जून को वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने आदेश दिया था कि चानक की गई इस कार्रवाई से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसलिए कोचिंग संचालकों से एक शपथ पत्र (Affidavit) लेकर तुरंत सील हटाई जाए। लेकिन मंत्री के आदेशों को IAS अधिकारी यूआईटी सचिव स्नेहल धायगुड़े ने नहीं माना। यूआईटी की ओर सील कोचिंग अभी नहीं खुल सकी हैं। वहीं, निगम के कमिश्रनर ने अगले दिन ही कोचिंग से सील हटा दी थी। कोचिंग संचालकों का कहना है कि मंत्री के आदेश पर यूआईटी में शपथ पत्र भी दिया। इसके बावजूद यूआईटी के अधिकारियों ने कोचिंग की सील हटाने से इंकार कर दिया। नगर निगम के कमिश्रन सोहन सिंह नरूका ने कोचिंग की सील अगले दिन 25 जून को ही हटा दी थी। यूआईटी सचिव स्नेहल का कहना है कि बिना अनुमति के चल रहे कोचिंग संचालकों से 500 रुपए प्रति वर्गमीटर से जुर्माना जमा करने को कहा है। जिनके पास अनुमति है, लेकिन नियमों का उल्लंघन है तो 300 रुपए प्रति वर्गमीटर से राशि जमा करानी होगी। इसके बाद 45 दिन में अन्य शर्तों को पूरा करना होगा। इस शर्त पर अनुमति दी जा सकती है। सोमवार को कुछ आवेदन आए हैं। मंगलवार को उनकी सील हटवाएंगे। मंत्री का आदेश: ‘शपथ पत्र दो और सील हटाओ’ बता दें कि बीते 24 जून को प्रशासन ने नियमों की अनदेखी का हवाला देकर 17 कोचिंग और लाइब्रेरी को सील कर दिया था। इसके अगले ही दिन (25 जून को) वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि अचानक की गई इस कार्रवाई से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसलिए कोचिंग संचालकों से एक शपथ पत्र (Affidavit) लेकर तुरंत सील हटाई जाए और उन्हें नियमों की पूर्ति के लिए एक महीने का समय दिया जाए। निगम ने मानी बात, सचिव अपनी जिद पर मंत्री के इस आदेश के बाद अलवर नगर निगम कमिश्नर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपने क्षेत्र की चार कोचिंग की सील हटा दी। लेकिन दूसरी तरफ, यूआईटी सचिव ने मंत्री के आदेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया। यूआईटी की ओर से सील की गई करीब 7 कोचिंग्स पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कोचिंग के हजारों अभ्यर्थी परेशान कोचिंग संचालक केपी यादव व मौसम खान ने बताया कि सील न हटाए जाने के कारण शहर के कई बड़े कोचिंग संस्थानों के कमरों में ताले लटके हैं। जिससे कई हजार युवा परेशान हैं। शहर में राजस्थान इंस्टीट्यूट,केपी कैंपस, आधार इंस्टीट्यूट, सार्थक इंस्टीट्यूट, आर्यभट्ट इंस्टीट्यूट, जीनियस एकेडमी, एमकेडी नर्सिंग कोचिंग पर सील लगी हुई है।

15-18 कैदियों के सामने डकैत जगन गुर्जर का मर्डर:नाश्ते के समय विवाद हुआ, 11 बजे एक बैरक में डाल दिया; आरोपी बोला-परेशान करता था

अजमेर हाईसिक्योरिटी जेल में बंद डकैत जगन गुर्जर की भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने हत्या कर दी। हार्डकोर बंदी विष्णु सिंह और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। विष्णु ने तौलिए से गला दबाकर हत्या कर दी। दोपहर करीब 3 बजे जब बैरक खोली तो विष्णु भागता हुआ नम्बरदारों के पास पहुंचा और बोला- मैंने जगन गुर्जर को मार दिया है। इसके बाद जेल अधिकारी मौके पर पहुंचे तो बैरक में जगन की लाश को पड़ी थी। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे दोनों के बीच नाश्ते के समय विवाद हुआ था। 11 बजे दोनों को एक ही बैरक में डाल दिया गया। 3 बजे जब बैरक खुली तो हत्या का पता चला। प्रारंभिक पूछताछ में विष्णु ने बताया- जगन गुर्जर उसे अलग-अलग बात पर ताने देकर परेशान करता था। 11 से 3 बजे तक क्या हुआ कैदियों को पता है जगन गुर्जर और विष्णु सिंह जिस बैरक में बंद थे, उसमें 15 से 18 अन्य कैदी भी बंद थे। इस घटना के दौरान किसी ने कोई शोर नहीं किया। दोनों के बीच बचाव नहीं किया। डीजी जेल अशोक राठौड़ ने बताया- विष्णु सिंह पिछले 3 साल से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। वहीं डकैत जगन गुर्जर को 3 महीने पहले जयपुर जेल से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया था। अजमेर पुलिस विष्णु को जेल से गिरफ्तार कर आगे की जांच करेगी। काफी समय से था विवाद
जेल में बंद अन्य कैदियों से हुई पूछताछ में सामने आया है कि जगन गुर्जन और विष्णु का पहले कोई विवाद होगा, इस कारण से दोनों में बनती नहीं थी। विष्णु उम्र में कम है, इसलिए वह जगन गुर्जर की बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता था। कुछ समय से दोनों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई थी। बात हाथापाई तक पहुंच रही थी। जगन गुर्जर के परिवार को दी जानकारी धौलपुर के डकैत जगन गुर्जर की हत्या की जानकारी उसके परिवार को दे दी गई है। जयपुर हाई सिक्योरिटी जेल के सुपरिटेंडेंट की ओर से परिवार को सूचित किया जा चुका है। परिवार के आने के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा। FSL की टीम ने मौके से सबूत के रूप में वारदात में उपयोग लिया गया तौलिया रिकवर कर लिया है। ये खबर भी पढ़ें अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा, एक ही बैरक में बंद थे अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। दोपहर 11 से 3 बजे के बीच सेल बंद होने के समय ड्यूटी स्टाफ राउंड पर आया था तो जगन गुर्जर की बॉडी पड़ी थी। पूरी खबर पढ़ें

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को परम विशिष्ट सेवा मेडल:राष्ट्रपति मुर्मू ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ उत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित डिफेंस इन्वेस्टिचर सेरेमनी 2026 (फेज-2) में सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों को विशिष्ट सैन्य सम्मान प्रदान किए। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), सेना प्रमुख-नामित लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) और मेजर जनरल मनदीप सिंह को सेना मेडल से सम्मानित किया गया। व्हाइट टाइगर आर्मर्ड डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल मनदीप सिंह को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया। इससे पहले पहले चरण में 51 वीरता पुरस्कार दिए गए इससे पहले 8 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डिफेंस इन्वेस्टिचर सेरेमनी 2026 के पहले चरण में सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के जवानों और अधिकारियों को कुल 51 वीरता पुरस्कार दिए थे। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इनमें सात कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र शामिल थे। इनमें दो कीर्ति चक्र, तीन वीर चक्र और एक शौर्य चक्र मरणोपरांत प्रदान किए गए। ये सम्मान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में असाधारण साहस, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा दिखाने वाले जवानों को दिए गए। मरणोपरांत भी दिए गए सम्मान राष्ट्रपति ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को मरणोपरांत भी सम्मानित किया। इनमें महार रेजिमेंट के सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर और आर्मी सर्विस कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) दिया गया। जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के राइफलमैन सुनील कुमार और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के दो कर्मियों को वीर चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। वहीं, 4 राष्ट्रीय राइफल्स के लांस दफादार बलदेव चंद को शौर्य चक्र (मरणोपरांत) प्रदान किया गया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ये सभी वीरता पुरस्कार गंभीर खतरे के बीच अदम्य साहस, बहादुरी और निस्वार्थ सेवा के लिए दिए गए। मेडल सेरेमनी की 5 तस्वीरें:
इन्हें मिला अति विशिष्ट सेवा मेडल —————–
ये खबर भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को वीर चक्र:3 आतंकी ढेर करने वाले कर्नल को शौर्य चक्र मिला, राष्ट्रपति ने सम्मानित किया राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह में 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र प्रदान किए। सम्मान पाने वालों में ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा भी रहे, जिन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया। पढ़ें पूरी खबर…

हिमाचल के सेना के जवान का ​ड्यूटी के वक्त निधन:पीटी से लौटते वक्त हार्ट-अटैक, माता-पिता, पत्नी व दो बेटे पीछे छूटे, अंतिम संस्कार कल

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के मलांगड़ मियां गांव निवासी सेना के जवान विशम्बर सिंह (36) का सोमवार को ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। वह भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह विशम्बर सिंह अपनी यूनिट में पीटी में शामिल हुए थे। ड्रिल पूरी होने के बाद जब वह साइकिल से यूनिट लौट रहे थे, तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद साथी जवानों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अपने पीछे माता-पिता पत्नी और दो बेटे छोड़ गए विशम्बर सिंह अपने पीछे माता-पिता, पत्नी सोनिया देवी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनके पिता रसीला राम भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। बेटे के निधन की खबर मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता शीला देवी और पत्नी सोनिया देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लिए यह दूसरा बड़ा सदमा है। करीब पांच वर्ष पहले विशम्बर सिंह के छोटे भाई का भी निधन हो चुका है, जो भारतीय सेना में ही सेवाएं दे रहे थे। कल सुबह पार्थिव देह पैतृक गांव लाई जाएगी परिजनों के अनुसार, जवान विशम्बर सिंह का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह देहरादून से उनके पैतृक गांव मलांगड़ मियां लाया जाएगा। यहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सीएम, डिप्टी सीएम व सांसद ने जताया शोक जवान के निधन पर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, सांसद अनुराग ठाकुर, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा और पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई है।