सलूम्बर में मुहर्रम पर निकाला ताजिए का जुलूस:रावली पोल पर सलामी रस्म, सेरिंग तालाब में किए ठंडे

सलूम्बर में मुहर्रम की दसवीं यौमे आशूरा शुक्रवार को मनाई गई। इस अवसर पर शहर में इमामबाड़ों और धार्मिक स्थलों पर मजलिसों का आयोजन किया गया। करबला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सेरिंग तालाब में किया ठंडा
शहर के बाहर और अंदर से ताजियों के जुलूस पारंपरिक मार्गों से निकाले गए। अन्दर का शहर का ताजिया मदरसा चौक स्थित अंजुमन से बोहरवाड़ी, आजाद मोहल्ला, होली चौक होते हुए रावली पोल पहुंचा। बाहर का शहर का ताजिया गांधी चौक, होली चौक और आजाद मोहल्ला से होते हुए रावली पोल पहुंचा। रावली पोल पर दोनों ताजियों की पारंपरिक सलामी की रस्म अदा की गई। इसके बाद ताजियों को सेरिंग तालाब में ठंडा किया गया। जुलूस के दौरान “या हुसैन” की सदाएं गूंजती रहीं। रास्तेभर विभिन्न सामाजिक संगठनों और युवाओं ने छबील लगाकर राहगीरों और अकीदतमंदों को ठंडा पानी, शरबत और अन्य पेय पदार्थ वितरित किए। समाज के लोगों के अनुसार, करबला में तीन दिन तक पानी बंद किए जाने की घटना की याद में छबील लगाना सेवा, इंसानियत और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। शहर के सदर मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि मुहर्रम हजरत इमाम हुसैन और हजरत अब्बास की कुर्बानी, वफादारी और इंसानियत के संदेश को याद करने का अवसर है। अंदर शहर के सदर अताउल्लाह खान ने कहा कि यौमे आशूरा सत्य, न्याय और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुहर्रम के संदेश को सत्य, इंसाफ, सब्र और कुर्बानी का बताया। डीएसपी हेरम्भ जोशी के निर्देशन में पूरे जुलूस मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। यातायात व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी गई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। प्रशासन की सतर्कता और समाज के सहयोग से यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

फीस रिफंड नहीं की तो कॉलेज पर लगा जुर्माना:घर से 25 किमी दूर था कॉलेज, छात्र ने वापस मांगी थी फीस; अभी देनी होगी पूरी फीस

जयपुर महानगर द्वितीय की स्थायी लोक अदालत ने बियानी लॉ कॉलेज पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए परिवादी छात्र को उसकी पूरी फीस दो महीने में लौटाने के निर्देश दिए हैं। अध्यक्ष अनिता शर्मा और सदस्य कल्याण सहाय अग्रवाल की बेंच ने यह आदेश परिवादी छात्र माधव खंडेलवाल के परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए दिए। परिवाद में छात्र ने कहा था कि उसने 1 अगस्त 2024 को बियानी लॉ कॉलेज में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने के लिए 10 हजार रुपए और 6 अगस्त 2024 को द्वितीय सेमेस्टर की 15 हजार रुपए की फीस जमा कराई थी। एडमिशन के बाद छात्र को पता चला कि कॉलेज विद्याधर नगर में न होकर कालवाड़ में स्थित है, जो उसके घर से 25 किलोमीटर दूर है। छात्र ने 20 नवंबर 2024 को फीस वापसी के लिए आवेदन किया, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया और न ही लीगल नोटिस का कोई जवाब दिया।
दो महीने में फीस लौटाने के निर्देश जवाब में कॉलेज प्रशासन की ओर से कहा गया कि एडमिशन के समय ही हमने छात्र को बता दिया था कि फीस किसी भी हाल में रिफंड नहीं की जाएगी। छात्र ने स्वेच्छा से बीच में पढ़ाई छोड़ी है, जिससे कॉलेज को भविष्य की पूरी फीस का नुकसान हुआ है। छात्र के अधिवक्ता प्रमोद कुमार खंडेलवाल ने कहा कि यूजीसी (UGC) की फीस रिफंड पॉलिसी 2024-25 के तहत प्रवेश की अंतिम तिथि से पहले अगर कोई छात्र रिफंड के लिए आवेदन करता है, तो कॉलेज को उसकी पूरी फीस लौटानी होगी। प्रार्थी ने प्रवेश की अंतिम तिथि 5 दिसंबर 2024 से 15 दिन पहले ही फीस रिफंड के लिए आवेदन कर दिया था। कॉलेज पर पांच हजार रुपए का जुर्माना दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद स्थायी लोक अदालत ने कॉलेज प्रबंधन को निर्देश दिए कि वह छात्र की फीस दो महीने में लौटाए। फीस तय समय पर नहीं लौटाने पर कॉलेज को परिवाद दायर करने की तिथि से प्रार्थी को 7 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। इसके साथ ही कॉलेज प्रबंधन छात्र को परिवाद व्यय और मानसिक संताप की क्षतिपूर्ति के रूप में पांच हजार रुपए भी अदा करेगा।

टोंक समेत प्रदेश की 69140 स्कूलों को मिलेंगे 220.062 करोड़-रुपए:वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकारी स्कूलों को कार्यों के लिए तीन चरणों में मिलेगी राशि

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से टोंक समेत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को नामांकन के अनुसार पूरे सत्र में होने वाले कार्यों के लिए बजट दिया गया है। शिक्षा परिषद ने कंपोजिट स्कूल अनुदान सत्र 2026-27 दिशा-निर्देश गुरुवार को जारी किए है। इसमे सरकारी प्राइमरी और माध्यमिक 69140 स्कूलों के लिए सरकार 220 करोड़ 6 लाख 20 हजार रुपए की कंपोजिट स्कूल ग्रांट राशि देगी। इसमें राज्य के प्रारंभिक शिक्षा के 49 हजार 985 स्कूलों को 108 करोड़ 81 लाख 20 हजार रुपए और माध्यमिक शिक्षा के 19 हजार 155 स्कूलों को 111 करोड़ 25 लाख रुपए मिलेंगे। यह राशि सत्र 2026-27 के लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से दी जाएगी। इसमें टोंक के प्राइमरी शिक्षा में 1118 स्कूलों को 1 करोड़ 98 लाख 90 हजार रुपए और माध्यमिक शिक्षा में 384 स्कूलों को 2 करोड़ 14 लाख 10 हजार रुपए मिलेंगे। यह राशि स्कूल प्रबंधन स्कूल के विभिन्न कार्यों पर खर्चे करती है। विद्यालय में आवश्यकता के अनुसार राशि खर्च होगी शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से टोंक समेत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को नामांकन के अनुसार पूरे सत्र में होने वाले कार्यों के लिए बजट दिया है। शिक्षा परिषद ने कंपोजिट स्कूल अनुदान सत्र 2026-27 दिशा-निर्देश गुरुवार को जारी किए है। जिसमें समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक,माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की सामान्य शैक्षिक, सह-शैक्षिक, भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति एवं पुराने उपकरणों के प्रतिस्थापन तथा विद्यालय स्वच्छता एक्शन प्लान के लिए कंपोजिट स्कूल ग्रांट दिए जाने का प्रावधान है। विद्यार्थी हित में विद्यालय की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए इस राशि का उपयोग किया जा सकेगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य को बढ़ावा देना उद्देश्य इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य को बढ़ावा देने के लिए पाठ्य सहगामी क्रियाओं का विकास करना एवं विद्यालयों की दैनिक, भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना है। यह अनुदान डाइस डाटा 2024-25 के अनुसार पीएमश्री विद्यालयों को छोड़ते हुए राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को दी जाती है। जो कि शिक्षा विभाग,पंचायती राज विभाग, केजीबीवी, संस्कृत शिक्षा के विद्यालयों, द्वारा संचालित विद्यालयों समाज कल्याण विभाग के अधीन आते हैं, को जारी की जानी है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से सत्र 2026-27 में राज्य के प्रारंभिक शिक्षा के 49 हजार 985 स्कूलों को 10881.200 तो माध्यमिक शिक्षा के 19 हजार 155 स्कूलों को मिलेंगे 11125.000 लाख रुपए की राशि दी जाएगी जिसका भुगतान जुलाई से सितम्बर तक 40 एवं अक्टूबर से दिसंबर तक 30 एवं जनवरी से फरवरी माह तक 30 प्रतिशत राशि स्कूलों को जारी की जाएगी। इन कार्यों पर खर्च करनी होगी स्कूलों को राशि ग्रांट का उपयोग दरी-पट्टी, बिजली बिल, पेयजल व्यवस्था,परीक्षा संबंधी स्टेशनरी, चॉक-डस्टर, खेल सामग्री, समाचार पत्र, छात्र उपयोग में अन्य आवर्ती खर्च, झाडू,मटका, मग, श्याम पट्ट एवं रंग रोगन,प्रयोगशाला रखरखाव और इंटरनेट संबंधी कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा, स्कूल भवन की मामूली मरम्मत और अग्निशमन यंत्रों में गैस भरवाने जैसे कार्यों के लिए भी यह राशि उपयोगी होगी। साथ ही, बीमार छात्रों को अस्पताल ले जाने का किराया भी इसी मद से दिया जा सकेगा। स्वच्छता पर 10 प्रतिशत खर्च अनिवार्य: शिक्षा परिषद ने साफ किया है कि राज्य के सभी स्कूलों को कुल ग्रांट का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। इसमें शौचालय की सफाई, फिनाइल,टॉयलेट क्लीनर, साबुन, सैनिटाइजर और कचरा पात्र जैसी वस्तुओं पर खर्च करना अनिवार्य है। बालिकाओं के लिए डिस्पेंसर और इन्सीनरेटर के रखरखाव को भी प्राथमिकता दी गई है। वहीं इस राशि से छात्र या स्टाफ या ऑफिस के लिए फर्नीचर,जलपान,उत्सव आयोजन या फोटोग्राफी पर खर्च नहीं कर सकेंगे। यदि बजट का दुरुपयोग पाया गया, तो संस्था प्रधान के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर राशि की वसूली की जाएगी। नामांकन के अनुसार स्कूलों को ग्रांट राशि मिलेगी नामांकन के अनुसार स्कूलों को ग्रांट राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। जिसमे 1-30 10000 (स्वच्छता पर 1 हजार), 31-100 25000 (स्वच्छता पर 2500 रुपए), 101-250 50000 (स्वच्छता पर 5000 रुपए), 251-1000 75000 (स्वच्छता पर 7500 रुपए), 1000 से अधिक 100000 (स्वच्छता पर 10 हजार रुपए) दी जाएगी। प्रारंभिक शिक्षा के स्कूलों को मिलेगी ये राशि प्रारंभिक शिक्षा के स्कूलों को 1 से 30 नामांकन वाले 589 स्कूलों को प्रति स्कूल 10 हजार रुपए, 31 से 100 नामांकन वाले 442 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए, 101 से 250 नामांकन वाले 87 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए, 251 से 1000 नामांकन वाले 00 है। 1118 स्कूलों को 198.9000 लाख रुपए मिलेंगे सत्र 2026-27 में टोंक जिले में नामांकन के माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों को 1 से 30 नामांकन वाले 01 स्कूल को प्रति स्कूल 10 हजार रुपए, 31 से 100 नामांकन वाले 39 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए, 101 से 250 नामांकन वाले 217 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए, 250 से 1000 नामांकन वाले 125 स्कूलों को प्रति स्कूल 75 हजार रुपए, 1000 से अधिक नामांकन वाली 2 स्कूलों को एक एक लाख रुपए राशि मिलेगी।

मुहर्रम पर पहलवान ने कीलों पर लेटकर पत्थर तुड़वाया:सीकर में ताजियों को पहनाई नोटों की माला,मातमी धुन के बीच निकला जुलूस

सीकर में मुहर्रम के मौके पर अकीदत और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। दोपहर से लेकर शाम तक जाट बाजार और मोचीवाड़ा एरिया से मुहर्रम का जुलूस निकला। जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला मैदान पहुंचा। मातमी धुनों के बीच निकले ताजिया जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। इस दौरान एक पहलवान ने कीलों पर लेटकर सीने पर पत्थर तुड़वाने का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पहले देखिए, मुहर्रम से जुड़ी PHOTO’S मुहर्रम पर्व पर 7 ताजिए जाट बाजार एरिया से और 6 ताजिए मोचीवाड़ा एरिया से निकले। मोचीवाड़ा एरिया से निकलने वाले ताजियों को परंपरा के मुताबिक नोटों की माला पहनाई गई। जुलूस के दौरान सीकर के जाट बाजार में पप्पू पहलवान ने कीलों पर लेटकर अपनी छाती पर रखकर करीब 50 किलो का पत्थर तुड़वाया। इस करतब को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी। जुलूस के दौरान जाट बाजार में कई बार युवाओं के बीच नोकझोंक हुई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें समझाया। आज जुलूस के दौरान सीकर में ड्रोन कैमरे से हर मूवमेंट की निगरानी रखी गई।

फलोदी में मातमी धुनों के बीच निकले ताज़िए:अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन की शहादत को किया याद, व्यवस्था संभालने के लिए सुरक्षा जवान रहे तैनात

फलोदी में मुहर्रम के अवसर पर बुधवार शाम पारंपरिक श्रद्धा और अनुशासन के साथ ताज़ियों का जुलूस निकाला गया। अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। किले के पीछे से शुरू हुआ जुलूस ताज़िया जुलूस की शुरुआत किले के पीछे स्थित क्षेत्र से हुई, जहां शहर के विभिन्न मोहल्लों से तैयार किए गए ताज़िए एकत्रित हुए। इसके बाद लोहार एवं कुरेशी, चूडीगर, नयारिया और फकीर समाज की ओर से निकाले गए ताज़िए निर्धारित मार्गों से होकर आगे बढ़े। जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ अन्य समुदायों के नागरिकों ने भी भागीदारी निभाई। मातमी धुनों के बीच गूंजती रहीं ‘हुसैन’ की सदाएं जुलूस के दौरान मातमी धुनों और ‘हुसैन’ की सदाओं के बीच अकीदतमंदों ने अपनी श्रद्धा व्यक्त की। मार्ग में कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने शर्बत एवं पेयजल की व्यवस्था कर जुलूस का स्वागत किया। ताज़ियों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की छतों और मार्ग के किनारे मौजूद रहे। वहीं किले के आसपास मुहर्रम के अवसर पर लगी अस्थायी दुकानों पर लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन ने किए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम मुहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 35 पुलिसकर्मियों और होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे जुलूस के दौरान व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

राजस्थान में कल से सफाई व्यवस्था ठप:सफाई कर्मी सामूहिक अवकाश पर, कामों का करेंगे बहिष्कार, जयपुर समेत सभी निकाय प्रभावित

राजस्थान में सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है। सफाई कर्मियों की भर्ती समेत कई मांगों को लेकर राजस्थान के सफाई कर्मचारियों ने शनिवार से सामूहिक अवकाश पर जाने और सफाई व्यवस्था ठप करने का ऐलान किया है। आंदोलन के तहत जयपुर समेत प्रदेश के सभी नगर निकायों में कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। सफाई कर्मचारी संगठनों और संघर्ष समिति ने शुक्रवार को हुई आमसभा में यह फैसला लिया। इसके तहत सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं के वार्डों में कर्मचारी अपनी-अपनी हाजरी गाहों(उपस्थिति केंद्रों) पर एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिसके विरोध में यह प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जा रहा है। इससे कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। प्रदेशभर में सफाई कार्य बंद कर जताया जाएगा विरोध संघर्ष समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने बताया कि भर्ती से जुड़ी मांगों पर सरकार की ओर से कोई सकारात्मक फैसला नहीं होने के कारण आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का फैसला किया गया है। पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन और भूख हड़ताल करने के बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया। ऐसे में अब प्रदेशभर में सफाई कार्य बंद कर विरोध जताया जाएगा। संघर्ष समिति के अनुसार, शनिवार सुबह 8 बजे समिति के सदस्य जयपुर की छोटी चौपड़ पर एकत्र होंगे। इसके बाद विभिन्न वार्डों में जाकर कर्मचारियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील करेंगे। साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाले हूपर चालकों, हेल्परों और सेकेंडरी कलेक्शन से जुड़े कर्मचारियों से भी हड़ताल का समर्थन करने का आग्रह किया गया है। सफाई कर्मचारियों से एकजुट रहने की अपील नंदकिशोर ने इसे कर्मचारियों के भविष्य की लड़ाई बताते हुए सभी सफाई कर्मचारियों से एकजुट रहने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि इस बार मांगें नहीं मानी गई तो भविष्य में सफाई कर्मचारियों के अधिकार और रोजगार पर असर पड़ेगा। इधर, वाल्मीकि समाज की ओर से भी प्रदेशभर के समाज के लोगों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से आंदोलन के समर्थन की सार्वजनिक अपील जारी की गई है। अपील में कहा गया है कि समाज की आर्थिक स्थिति और बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए सभी लोग इस राज्यव्यापी आंदोलन में सहयोग करें। सफाई कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में भर्ती में परंपरागत सफाई कार्य से जुड़े लोगों को प्राथमिकता देना, पूर्व भर्ती से जुड़े न्यायालयीन मामलों के पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देना, वर्तमान में सफाई कार्य कर रहे कर्मचारियों को प्राथमिकता देना, भर्ती को यूनियन के साथ हुए समझौते के अनुसार पूरा करना, ठेका प्रथा समाप्त कर आउटसोर्सिंग बंद करना तथा निकाय कोष से भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में तीन गुना लॉटरी प्रणाली लागू करने और चयनित कर्मचारियों को दो वर्ष की सेवा के बाद स्थाई करने की मांग भी उठाई गई है।

वन विभाग के तीन कार्मिक सस्पेंड:अवैध खनन के मामले में कार्रवाई, विजिलेंस टीम ने डिकॉय ऑपरेशन किया था

दौसा डीएफओ ने वन विभाग के तीन कार्मिकों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई अरावली क्षेत्र में हो रहे अवैध पत्थर खनन के मामले में की गई है। जयपुर वन विभाग की विजिलेंस टीम ने एक डिकॉय ऑपरेशन किया था। इस ऑपरेशन में इन तीनों कार्मिकों की अवैध खनन में संलिप्तता पाई गई। उनकी लापरवाही के कारण क्षेत्र में लगातार अवैध खनन हो रहा था, जिसके बाद विभाग ने यह कदम उठाया। दौसा डीएफओ हरिकिशन सारस्वत ने बताया कि निलंबित किए गए कार्मिकों में वनपाल गिरधारी लाल मीणा, रामजीलाल मीणा और सहायक वनपाल सोहनलाल बैरवा शामिल हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध खनन के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

टैलेंट के मंच पर चमकीं मिस राजस्थान की फाइनलिस्ट:किसी ने डांस तो किसी ने पेंटिंग से जीता दिल, पूरे कॉन्फिडेंस के साथ स्टेज को बनाया दोस्त

रैंप पर खूबसूरती का जलवा बिखेरने से पहले राजस्थान की 28 प्रतिभाशाली युवतियों ने अपने हुनर से सभी को प्रभावित किया। फ्यूजन ग्रुप की ओर से आयोजित मिस राजस्थान 2026 के टैलेंट राउंड में मॉडल्स ने यह साबित कर दिया कि मिस राजस्थान केवल ग्लैमर का मंच नहीं, बल्कि प्रतिभा, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का भी उत्सव है। सीकर रोड स्थित आर. चंद्रा पैलेस में आयोजित इस रंगारंग कार्यक्रम में टॉप-28 फाइनलिस्ट ने अपनी-अपनी कला का ऐसा प्रदर्शन किया कि निर्णायकों के साथ मौजूद दर्शक भी मंत्रमुग्ध हो गए। किसी ने शास्त्रीय और वेस्टर्न डांस की मनमोहक प्रस्तुति दी, किसी ने मधुर गायन से समां बांधा। हर प्रतिभागी अपने हुनर के साथ मंच पर उतरी कई प्रतिभागियों ने अभिनय के जरिए भावनाओं को मंच पर जीवंत कर दिया, तो किसी ने अपनी पेंटिंग और रचनात्मक कला से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हर प्रतिभागी अपने हुनर के साथ मंच पर उतरी और पूरे आत्मविश्वास के साथ खुद को साबित करने का प्रयास करती नजर आई। कार्यक्रम के दौरान भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिले। कई प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के लिए उनके माता-पिता और परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। मंच पर बेटियों का प्रदर्शन देखकर अभिभावकों के चेहरे पर गर्व साफ दिखाई दे रहा था। पूरे सभागार में तालियों की गूंज और प्रतिभागियों का आत्मविश्वास इस आयोजन को यादगार बना गया। पहले देखिए, इवेंट के फोटोज
अब ग्रैंड फिनाले की ओर बढ़ रही टॉप-28 फाइनलिस्ट आयोजक योगेश मिश्रा और निमिषा मिश्रा ने बताया कि मिस राजस्थान देश का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित, भारत सरकार से पंजीकृत ब्यूटी पेजेंट है। यहां से हर वर्ष कई प्रतिभागी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित होकर राजस्थान का नाम रोशन करती है। इस वर्ष प्रदेशभर से लगभग 6500 प्रतिभागियों ने आवेदन किया था, जिनमें से चयनित टॉप-28 फाइनलिस्ट अब ग्रैंड फिनाले की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि फिनाले वीक के तहत 26 और 27 जून को आर. चंद्रा पैलेस, 28 जून से 1 जुलाई तक हैवा हेवन (जामडोली) और 2 से 4 जुलाई तक होटल पार्क ओशन में ग्रूमिंग, ट्रेनिंग, फोटोशूट, सब-टाइटल प्रतियोगिताएं और विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी। इसके बाद 4 जुलाई की शाम बी.एम. बिड़ला ऑडिटोरियम में ग्रैंड फिनाले होगा। फिनाले में जयपुर की प्रसिद्ध डिजाइनर माधुरी चेतवानी (ड्रेसजीला) का रॉयल कलेक्शन, जेकेजे फैशन का ब्राइडल कलेक्शन, शिव ज्वेलर्स की पारंपरिक राजस्थानी ज्वेलरी और परम्परा द ज्वैल्स की डायमंड ज्वेलरी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। टैलेंट राउंड का जजमेंट मिस राजस्थान की डायरेक्टर एकता जैन, जीएम नवल शेखावत, आलोक शर्मा, संदीप जैन, रविंद्र सिंह, वासु जैन, डॉ. ऋतु अग्रवाल, डॉ. विवेक रूंगटा, मंजीत सिंह और हुकुम सिंह ने किया। प्रतिभागियों से किसी प्रकार का नहीं लिया जाता शुल्क कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुकेश सैनी ने कहा कि आज के दौर में इतनी विविध प्रतिभाओं को एक मंच पर देखना बेहद सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि मिस राजस्थान का सबसे सराहनीय पहलू यह है कि इसमें प्रतिभागियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता और उन्हें एक महीने तक प्रोफेशनल ग्रूमिंग एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

ग्रेजुएशन के बाद नौकरी नहीं लगी तो बना तस्कर:ढाबे की आड़ में शुरू किया ड्रग्स का धंधा, ट्रक ड्राइवर ने दिया था आइडिया

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की टीम ने एक साल से फरार चल रहे तस्कर को नेतड़ा टोल (जोधपुर) से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुनील (26) ग्रेजुएट है। जब उसे नौकरी नहीं मिली, तो उसने हाईवे पर ढाबा खोला और फिर यहीं से तस्करी का पूरा नेटवर्क शुरू कर दिया। आरोपी सुनील ढाबे की आड़ में तस्करी का काम करता था। जब उसके एक साथी को हनुमानगढ़ पुलिस ने पकड़ा, तो वह फरार हो गया था। सुनील पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। जब टीम ने उसे नेतड़ा टोल से पकड़ा और पूछा कि क्या उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज है, तो वह नाटक करने लगा और बोला- ‘मुझे याद नहीं।’ रिश्तेदार के यहां परिवार के साथ जा रहा था आरोपी एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया – सुनील का एक साथी पंजाब में अवैध मादक पदार्थों की खेप पहुंचाने जा रहा था। इसी दौरान हनुमानगढ़ पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने सुनील का नाम उगल दिया। इसके बाद जब पुलिस टीम सुनील के ढाबे पर पहुंची, तो वह पहले ही फरार हो चुका था। उसे भनक लग गई थी कि पुलिस उसका पीछा कर रही है, जिसके बाद वह ढाबा बंद कर फरार चल रहा था। आईजी विकास कुमार ने बताया- इसी बीच टीम को सूचना मिली कि सुनील अपने गांव आया हुआ है और परिवार के साथ किसी कार्यक्रम में शामिल होने जोधपुर जा रहा है। इस पर पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की। सुनील काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में अपने परिवार के साथ निकला था। एक टीम उसके गांव से ही उसका पीछा कर रही थी, जबकि दूसरी टीम नेतड़ा टोल पर तैनात थी। जैसे ही सुनील की गाड़ी नेतड़ा टोल पर पहुंची, वहां दोनों टीमों ने उसे घेर लिया और गाड़ी से नीचे उतारकर दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
ट्रक ड्राइवर के आइडिया पर शुरू किया अवैध काम एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया- सुनील जोधपुर जिले के खेड़ापा थाने के झाझड़ों की ढाणी, कजनाऊ पालड़ी का रहने वाला है। बीए ग्रेजुएट होने के बाद वह नौकरी की तलाश करने लगा। जब उसे नौकरी नहीं मिली, तो उसने जोधपुर-नागौर हाईवे पर ‘हरि ओम होटल’ खोला, लेकिन वह ढंग से नहीं चल पा रहा था। इसी होटल पर पंजाब का एक ट्रक ड्राइवर उससे मिला। खाना खाने के दौरान उसने सुनील को बातों ही बातों में ड्रग्स बेचने की सलाह दी। इसी ट्रक ड्राइवर की बातों में आकर उसने होटल की आड़ में तस्करी शुरू कर दी।
तस्करी के बाद होटल पर लगने लगी ड्राइवरों की लाइन, पंजाब तक सप्लाई करने लगा विकास कुमार ने बताया- सुनील की होटल पर लाइन लगने लगी। यहीं पर एक ट्रक ड्राइवर ने सुनील का कॉन्टैक्ट मौगा, पंजाब के तस्कर से करवा दिया। सुनील ने इस काम में होटल पर काम करने वाले लोगों को भी साथ में शामिल कर लिया। वह होटल पर काम करने वाले लोगों को रुपए का लालच देकर अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई पंजाब तस्करों को पहुंचाने लगा। इसी बीच उसका साथी हनुमानगढ़ में पकड़ा गया। जब उससे पूछताछ हुई तो उसने सुनील के बारे में बताया। एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया- टीम ने लगातार पांचवें दिन इनामी तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन के नाम मदशम्बूक रखा गया है। यह प्रदेश के टॉप मोस्ट ड्रग सप्लायर में शामिल है।

मुहर्रम पर ताजिया जुलूस में उमड़ी अकीदत:गूंजे या हुसैन के नारे, पलटन, धोलीबावड़ी और अलीपुरा के ताजिए रहे आकर्षण का केंद्र

उदयपुर में हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और करबला के शहीदों की याद में शुक्रवार को मुहर्रम पर मुस्लिम समाज ने ताजियों का जुलूस निकाला। दोपहर को करीब 2 बजे ताजियों का जुलूस शुरू हो गया था। पहले गली-मोहल्लों से छोटे तालियों का जुलूस निकाला गया। जो हरवेन जी का खुर्रा, हाथीपोल, मोती चोहट्टा, घंटाघर, गणेशघाटी, तीज का चौक, चोखला बाजार, भड़भूजा घाटी, बड़ा बाजार, जगदीश चौक होकर लालघाट पहुंचे। इसके बाद देर शाम बड़े ताजियों का जुलूस शुरू हो गया। इसमें प्रमुख आकर्षण का केन्द्र बड़ी पलटन, धोलीबावड़ी और अलीपुरा के ताजिये रहे। बड़ी संख्या में समुदाय के लोग परिवार सहित शामिल होने पहुंचे। इस अवसर पर ताजिये को रंग-बिरंगी रोशनी से सुंदर सजाया गया। रास्तेभर समुदाय के युवा या हुसैन के नारे लगाते रहे। जो लोग जुलूस में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने मस्जिदों में इबादत की। जुलूस के दौरान लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम किया और नोहे पढ़े।