फीस रिफंड नहीं की तो कॉलेज पर लगा जुर्माना:घर से 25 किमी दूर था कॉलेज, छात्र ने वापस मांगी थी फीस; अभी देनी होगी पूरी फीस
जयपुर महानगर द्वितीय की स्थायी लोक अदालत ने बियानी लॉ कॉलेज पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए परिवादी छात्र को उसकी पूरी फीस दो महीने में लौटाने के निर्देश दिए हैं। अध्यक्ष अनिता शर्मा और सदस्य कल्याण सहाय अग्रवाल की बेंच ने यह आदेश परिवादी छात्र माधव खंडेलवाल के परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए दिए। परिवाद में छात्र ने कहा था कि उसने 1 अगस्त 2024 को बियानी लॉ कॉलेज में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने के लिए 10 हजार रुपए और 6 अगस्त 2024 को द्वितीय सेमेस्टर की 15 हजार रुपए की फीस जमा कराई थी। एडमिशन के बाद छात्र को पता चला कि कॉलेज विद्याधर नगर में न होकर कालवाड़ में स्थित है, जो उसके घर से 25 किलोमीटर दूर है। छात्र ने 20 नवंबर 2024 को फीस वापसी के लिए आवेदन किया, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया और न ही लीगल नोटिस का कोई जवाब दिया।
दो महीने में फीस लौटाने के निर्देश जवाब में कॉलेज प्रशासन की ओर से कहा गया कि एडमिशन के समय ही हमने छात्र को बता दिया था कि फीस किसी भी हाल में रिफंड नहीं की जाएगी। छात्र ने स्वेच्छा से बीच में पढ़ाई छोड़ी है, जिससे कॉलेज को भविष्य की पूरी फीस का नुकसान हुआ है। छात्र के अधिवक्ता प्रमोद कुमार खंडेलवाल ने कहा कि यूजीसी (UGC) की फीस रिफंड पॉलिसी 2024-25 के तहत प्रवेश की अंतिम तिथि से पहले अगर कोई छात्र रिफंड के लिए आवेदन करता है, तो कॉलेज को उसकी पूरी फीस लौटानी होगी। प्रार्थी ने प्रवेश की अंतिम तिथि 5 दिसंबर 2024 से 15 दिन पहले ही फीस रिफंड के लिए आवेदन कर दिया था। कॉलेज पर पांच हजार रुपए का जुर्माना दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद स्थायी लोक अदालत ने कॉलेज प्रबंधन को निर्देश दिए कि वह छात्र की फीस दो महीने में लौटाए। फीस तय समय पर नहीं लौटाने पर कॉलेज को परिवाद दायर करने की तिथि से प्रार्थी को 7 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। इसके साथ ही कॉलेज प्रबंधन छात्र को परिवाद व्यय और मानसिक संताप की क्षतिपूर्ति के रूप में पांच हजार रुपए भी अदा करेगा।

