रेगिस्तानी इलाके में पहली बार दिखा घड़ियाल; VIDEO:इंदिरा गांधी नहर में पंजाब से बहकर आने का अनुमान; आसपास के गांवों के लोग डरे

जैसलमेर जिले के नाचना इलाके में इंदिरा गांधी नहर में पहली बार करीब 5 फीट लंबा घड़ियाल दिखाई दिया। ग्रामीणों ने नहर में घड़ियाल को तैरते देखा तो उसका वीडियो बना लिया। घड़ियाल पानी के तेज बहाव के साथ बहता हुआ पोकरण लिफ्ट तक पहुंच गया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेगिस्तानी इलाके में घड़ियाल दिखाई देने का यह पहला मामला है। उनका अनुमान है कि यह पंजाब के हरीके बैराज से बहकर यहां पहुंचा है। नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण अभी तक रेस्क्यू नहीं किया जा सका है। पहले देखिए, रेगिस्तान में घड़ियाल की तस्वीरें… ग्रामीणों ने घड़ियाल देखा तो वीडियो बनाया
ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार शाम को अवाय गांव के देवाराम और कालूराम इंदिरा गांधी नहर के पास से गुजर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नहर के पानी में एक अजीब जीव को तैरते देखा। दोनों ने तुरंत मोबाइल निकाला और उसके फोटो-वीडियो बना लिए। इन लोगों ने जब यह वीडियो गांव में दूसरे लोगों को दिखाया तो बड़ी संख्या में लोग नहर के पास पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि यह जीव पिछले कुछ दिनों से रोज शाम को नहर में दिखाई दे रहा है। अब यह अवाय गांव से आगे बढ़कर करीब आधा किलोमीटर दूर पोकरण लिफ्ट के पास नजर आया है। मगरमच्छ प्रजाति का जीव, लेकिन इंसानों पर हमला नहीं करता
वन्यजीव एक्सपर्ट और उप वन संरक्षक कुमार शुभम के अनुसार, घड़ियाल मगरमच्छ प्रजाति का ही हिस्सा है। हालांकि, इसका मुंह काफी पतला और लंबा होता है, इसलिए यह आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करता। यह मुख्य रूप से मछलियां खाता है। बहते पानी में रेस्क्यू मुश्किल, छोटी जगह आते ही पकड़ेंगे
डीएफओ (वन विभाग, IGNP स्टेज-2) देवेंद्र सिंह ने बताया- रेगिस्तान में पहली बार घड़ियाल दिखाई देने का मामला सामने आया है। अनुमान है कि घड़ियाल पंजाब के हरीके बैराज से छोड़े गए पानी के साथ बहकर इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के इस हिस्से तक पहुंचा है। पहले भी नहर बंदी के दौरान इसके दिखाई देने की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि फिलहाल मुख्य नहर में पानी का बहाव बहुत तेज है, ऐसे में बहते पानी के बीच घड़ियाल का रेस्क्यू करना तकनीकी रूप से काफी मुश्किल है। हमारी टीम लगातार वन्यजीव विशेषज्ञों के संपर्क में है। जैसे ही घड़ियाल किसी छोटी डिग्गी, कम पानी वाले हिस्से या सुरक्षित स्थान पर रुकेगा, तुरंत रेस्क्यू कर लिया जाएगा। ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है। ये खबरें भी पढ़ें अंडों से निकलते घड़ियाल के बच्चों का रोमांच:नेस्टिंग पॉइंट्स पर 40 दिन तक नजर रखी तब बना अद्भुत VIDEO अंडों से निकलते घड़ियाल के बच्चे, लाइव VIDEO:मां के कुकू कॉल पर बाहर निकलना शुरू कर देते हैं

राजस्थान के 307 बांध पूरी तरह खाली:44% पानी ही बचा, सिर्फ 5 फुल; उदयपुर जोन में पिछले साल से बेहतर हालात

राजस्थान में मानसून के इंतजार के बीच राज्य बांधों को लेकर जल संसाधन विभाग की ताजा रिपोर्ट सामने आई है। इसके अनुसार राज्य के बड़े, मध्यम और छोटे बांधों में अभी कुल क्षमता का 44.22 प्रतिशत पानी बचा है। राहत की बात यह है कि साल 2024 के मुकाबले 2025 और 2026 में करीब 15 फीसदी ज्यादा पानी एकत्र है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार पानी करीब 2 फीसदी कम है। उदयपुर जिले और संभाग के लिहाज से इस बार थोड़ी राहत है। यहां पानी की स्थिति पिछले साल के मुकाबले अधिक है। मेवाड़-वागड़ के मुख्य बांधों में इस समय जलस्तर बेहतर होने से मानसून से पहले शहर में पानी का बड़ा संकट टला है। उदयपुर के स्थानीय निवासी और सैलानियों के लिए अच्छी बात यह है कि यहां की मुख्य झीलों का जलस्तर अभी भी आधे से अधिक बना हुआ है। क्या मानसून तक नहीं होगा जल संकट? उदयपुर शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली मुख्य झीलों फतेहसागर और पिछोला में अभी भी 65 फीसदी से ज्यादा पानी है। जलदाय विभाग के अनुसार, झीलों में मौजूद यह पानी मानसून के आने और झीलों के दोबारा छलकने तक पूरे उदयपुर शहर की वाटर सप्लाई के लिए पर्याप्त है। शहर को पानी सप्लाई करने वाले मानसी वाकल बांध में भी 60 प्रतिशत से ज्यादा का स्टॉक है। इसका सीधा मतलब यह है कि मानसून में थोड़ी देरी होने पर भी उदयपुर शहर के लोगों को फिलहाल पानी की कटौती या किसी बड़े जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। सैलानियों के लिए भी राहत की बात है कि जून के इस आखिरी हफ्ते में भी झीलों का नजारा सूखा नहीं, बल्कि पानी से लबालब दिख रहा है। राजस्थान के 307 बांध पूरी तरह खाली, रोज सूख रहा पानी जल संसाधन विभाग की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार- राजस्थान के कुल 693 बांधों की निगरानी की जा रही है। इनमें से 307 बांध पूरी तरह से सूख चुके हैं, यानी इनमें बिल्कुल पानी नहीं है। वहीं, केवल 5 बांध ही ऐसे हैं, जो पूरी तरह से लबालब भरे हुए हैं। बाकी बचे 381 बांधों में थोड़ा-बहुत पानी है, जिन्हें आंशिक रूप से भरा हुआ माना गया है। बिना बारिश और तेज गर्मी के कारण पिछले 24 घंटों में ही राज्य के बांधों में कुल 11.88 एमसीएम पानी की कमी आई है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के 23 सबसे बड़े और प्रमुख बांधों में अभी 56.09 प्रतिशत पानी मौजूद है। दूसरी तरफ, 263 मध्यम दर्जे के बांधों में 26.27 प्रतिशत पानी बचा है। सबसे चिंताजनक हालत 407 छोटे बांधों की है, जिनमें उनकी कुल क्षमता का महज 13.50 फीसदी पानी ही बचा हुआ है। अगर अलग-अलग इलाकों यानी जोन के हिसाब से देखें तो कोटा जोन के बांधों में सबसे ज्यादा 54.93 प्रतिशत पानी है, जबकि जोधपुर जोन के बांधों में सबसे कम 18.68 प्रतिशत पानी बचा है। उदयपुर संभाग (जोन) के अन्य जिलों में पानी की स्थिति

बांसवाड़ा में महिला का मुंह खा गया कुत्ता:होंठ से गाल तक मांस कटा, 40 टांके आए; खाना खाकर घर के बाहर बैठीं थी

बांसवाड़ा में खाना खाकर घर के बाहर बैठी एक महिला पर कुत्ते ने हमला कर दिया। महिला के हाथ और चेहरे को बुरी तरह नोचा। महिला के होंठ से गाल तक का मांस कटकर निकल गया। गंभीर रूप से घायल महिला के चेहरे और हाथ पर 40 टांके लगाने पड़े। ग्रामीणों के अनुसार, यही कुत्ता गांव के दो अन्य लोगों पर भी हमला कर चुका है, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है। घटना सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार की शाम को हुई। खाना खाकर घर के बाहर बैठी थी, तभी कुत्ते ने हमला किया
जानकारी के अनुसार, बडवेल निवासी हीरा (50) पत्नी मकना गुरुवार शाम करीब 7 बजे खाना खाने के बाद अपने घर के बाहर बैठी थी। इसी दौरान अचानक एक कुत्ता वहां आ गया और हमला कर दिया। महिला जब तक कुछ समझ पाती, तब तक कुत्ते ने उनके हाथ और गाल पर बुरी तरह काट लिया। लोगों ने कुत्ते को भगाया, अस्पताल में आए 40 टांके
महिला की चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद कुत्ते को वहां से भगाया गया। इसके बाद गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत सज्जनगढ़ के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। कुत्ते के हमले में महिला के हाथ और गाल पर 40 टांके आए हैं। एक दिन में तीन लोगों को बनाया शिकार, गांव में दहशत
108 एम्बुलेंस के पायलट पंकज कुमार जाटव ने बताया- इस कुत्ते ने हीरा देवी के अलावा गांव के 2 अन्य लोगों को भी काटकर घायल कर दिया। एक ही दिन में तीन लोगों पर हुए हमले के बाद बडवेल गांव में दहशत का माहौल है। घायल महिला का फिलहाल अस्पतााल में इलाज जारी है। — कुत्ते के हमले की ये खबर भी पढ़ें… कुत्ते ने 2-घंटे में 36 को काटा,लोगों ने घेरकर मारा:घर के बाहर खेल रही बच्ची का गाल नोंचा; बुजुर्ग का अंगूठा चबा डाला बांसवाड़ा के गढ़ी में बुधवार को कुत्ते ने 2 घंटे में 36 लोगों को काट दिया। एक बच्ची का गाल नोंच लिया। बुजुर्ग का अंगूठा पर काट लिया। लोगों ने घेरकर कुत्ते को मार डाला। पूरी खबर पढ़िए जर्मन शेफर्ड डॉग ने 4 साल की बच्ची को नोंचा:सिर पर हमला कर लहूलुहान कर डाला, पड़ोसी ने तड़पती बच्ची को देख गेट बंद कर लिया जयपुर में जर्मन शेफर्ड डॉग ने एक 4 साल की बच्ची पर हमला कर दिया। सिर नोंचकर लहूलुहान कर डाला। घायल बच्ची का एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज करवाया गया। पूरी खबर पढ़िए

स्कूल से शुरू हुई प्रेम कहानी का हॉस्पिटल में अंत:पति बोला-पत्नी और बच्चे को खोकर अकेला रह गया; सिजेरियन के बाद हुई थी मौत

‘मैं सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर) से बड़ी उम्मीद के साथ बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में पत्नी को लेकर आया था। पत्नी की सिजेरियन डिलीवरी के दो दिन बाद ही बच्चे की मौत हो गई। पत्नी की किडनी फेल हो गई थी। वह एक महीने तक हॉस्पिटल में तड़पती रही और आखिर में उसने दम तोड़ दिया। मैं कुछ नहीं कर सका। पत्नी और बच्चे, दोनों को खोकर खाली हाथ लौट गया। स्कूल के दिनों में प्रेम हुआ था। घरवालों की मर्जी के खिलाफ लव मैरिज की थी। साथ जीने का सपना भी पूरा नहीं हो सका।’ यह दर्द है सूरतगढ़ के रहने वाले कमल नायक का, जिनकी पत्नी प्रीति (20) की पीबीएम हॉस्पिटल में सिजेरियन के बाद किडनी फेल होने से 19 जून को मौत हो गई थी। कमल ने कहा- मेरे लिए सबसे बड़ा नुकसान पत्नी और बच्चे को खोना है। पहले समझिए… पूरा मामला बीकानेर के PBM हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल्योर का पहला मामला 18 मई को सामने आया था। लेकिन हॉस्पिटल प्रशासन ने इसकी जानकारी 6 जून को दी थी। सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक-एक कर 6 महिलाओं की किडनी फेल हो गई थी। हालात इतने बिगड़ गए थे कि प्रसूताओं की कई बार डायलिसिस की गई। सभी को ICU में शिफ्ट किया गया। इनमें तारा देवी (27) और राहिला (19) को छुट्टी दे दी गई। इमरती (20) पोस्ट कोविड आईसीयू में भर्ती है। कमला का मेडिसिन आईसीयू में इलाज जारी है। प्रीति निवासी सूरतगढ़ की 19 जून और शारदा नायक (26) ने 21 जून को दम तोड़ दिया था। अब पढ़िए, प्रीति के पति कमल नायक की जुबानी… जांच करवाने हॉस्पिटल लेकर आया था कमल नायक ने बताया- पत्नी प्रीति 6 महीने की प्रेग्नेंट थी। ब्लड प्रेशर (BP) गड़बड़ होने पर सूरतगढ़ के हॉस्पिटल लेकर गया था। रेफर करने पर 15 मई को इलाज के लिए बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल लेकर आया था। जांच के दौरान डॉक्टरों ने गर्भ में पल रहे बच्चे की हालत गंभीर बताई। मुझे कहा गया कि मां और बच्चे में से किसी एक की जान को खतरा है, इसलिए ऑपरेशन करना पड़ेगा। 16 मई को ऑपरेशन किया गया। डिलीवरी के बाद मां और बच्चा, दोनों सुरक्षित थे। पत्नी को लेबर रूम में शिफ्ट किया गया था। सिजेरियन के 2 दिन बाद बच्चे की मौत कमल के अनुसार, 17 मई को डॉक्टरों ने प्रीति की तबीयत ज्यादा बिगड़ने की जानकारी दी। इसके अगले दिन 18 मई को नवजात बच्चे की मौत हो गई। प्रीति की ब्लीडिंग बंद नहीं हो रही थी। इलाज के दौरान खून और यूरिन (पेशाब) आना भी बंद हो गया था। इसके बाद बिना रेफर किए ही जयपुर या जोधपुर ले जाने की बात कही गई। फोन पर बात करवाने के बाद अस्पताल में दोबारा इलाज शुरू किया गया। बाद में सांस लेने में दिक्कत होने पर प्रीति के गले में पाइप डाल दिया गया। उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने किडनी और लिवर प्रभावित होने की जानकारी दी। इलाज के दौरान प्रीति करीब एक महीने तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही। आखिरकार 19 जून को उसकी मौत हो गई। कमल ने कहा- मैंने पत्नी और बच्चे को बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन दोनों को नहीं बचा सका। अब मैं अकेला रह गया हूं। पत्नी छोड़कर चली गई और बच्चा भी नहीं रहा। स्कूल की दोस्ती प्यार में बदली, फिर लव मैरिज की कमल ने बताया- मैं और प्रीति सूरतगढ़ में एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इस दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। बालिग होने के बाद दोनों ने अगस्त 2025 में इंटरकास्ट लव मैरिज कर ली। परिवार की नाराजगी के बावजूद दोनों ने साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया था, लेकिन अब यह सपना अधूरा रह गया। कमल सूरतगढ़ में सैलून पर काम करते हैं। उन्होंने कहा- अब तक मुझे कोई आर्थिक सहायता या सरकारी मदद नहीं मिली है। हॉस्पिटल में जान गंवाने वाली शारदा नायक के परिवार ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान सूरतगढ़ से बीकानेर पहुंचा था। पीबीएम हॉस्पिटल से कलेक्ट्रेट तक निकाले गए प्रदर्शन में शामिल हुआ था। न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाई थी। … मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… बीकानेर में प्रसूता के पति ने खुद पर पेट्रोल छिड़का:बोले- मां-बाप को पुलिस ले गई; पत्नी के शव के पोस्टमॉर्टम के लिए दबाव बना रहे बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी; अब तक 2 की जान गई बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी, 20 दिन से वेंटिलेटर पर थी चिकित्सा-मंत्री बोले- ‘पैदल नाचती हुई आईं थी या बीमार होकर’:कहा- 1000 में से 2 की डेथ हो जाती है, दुरुस्त लोगों को आप नहीं देख रहे सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी, 6 महिलाओं की किडनी फेल:बीकानेर के PBM अस्पताल में लापरवाही, एक मरीज वेंटिलेटर पर; अधीक्षक बोले- जांच कमेटी बनाई बाजार से मंगवाकर लगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन:प्रसूताओं की किडनी फेल होती रही, हॉस्पिटल प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, 7 दिन बाद बनाई कमेटी प्रसूताओं की किडनी फेल मामले में डॉक्टर्स को क्लीन चिट!:जांच टीम ने इलाज में लापरवाही नहीं मानी; ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का रिकॉर्ड लिया कांग्रेस-पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की, पूर्व सभापति ने उतारा शर्ट:सर्किट हाउस के गेट पर चिपकाया ज्ञापन, चूड़ियां रखीं

‘भास्कर समाधान’ से प्रशासन तक पहुंच रही समस्याएं:2 महीने से बंद स्ट्रीट लाइट, सालभर से बिजली कनेक्शन का इंतजार; सफाई और सड़कें भी बनीं सिरदर्द

जोधपुर में कहीं दो महीने से स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है, तो कहीं किसी को एक साल बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं मिल सका है। पूरे जोधपुर में विभिन्न वार्डों में खुदी सड़कें लोगों का सिरदर्द बढ़ा रही हैं। जोधपुर से ऐसी ही समस्याएं लोग दैनिक भास्कर की पहल ‘भास्कर समाधान’ पर फोटो-वीडियो के साथ पोस्ट कर रहे हैं। पोस्ट से जिम्मेदारों तक विकास की जमीनी हकीकत भी पहुंच रही है। कई मामलों में अधिकारियों ने पहल करते हुए समाधान भी करवाए हैं। जोधपुर से आईं कुछ ऐसी ही समस्याओं और उनके समाधानों पर एक नजर… 2 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब जोधपुर के कबीर नगर से नवदीप शर्मा ने दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ पर स्ट्रीट लाइट की समस्या भेजी है। उन्होंने संक्षिप्त में बताया कि दो महीने से उनके क्षेत्र बुद्धि भील बस्ती, श्री मोहनदास मार्ग पर बिजली पोल की लाइट खराब है जिसे ठीक नहीं किया जा रहा है। 1 साल बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं जोधपुर से ‘भास्कर समाधान’ पर पंडितान नगर, नांदड़ी से पृथ्वी सिंह ने बिजली विभाग से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरे एक साल से ऊपर हो गया है। डिमांड राशि भी भर चुका हूं लेकिन कनेक्शन नहीं किया जा रहा है। 15 दिन से नहीं हुई टैक्सी स्टैंड पर सफाई ‘भास्कर समाधान’ पर प्रताप नगर से राजा कुरैशी ने बताया कि उनके एरिया में बीते 15 दिनों से सफाई नहीं हो रही है। पोस्ट में राजा ने लिख ने कि बिस्मिल्लाह डेयरी के पास बने टैक्सी स्टैंड पर बहुत गंदगी है। सफाई प्रभारी और हैल्थ इंस्पेक्टर को कई बार कह चुके लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। आकाशवाणी केन्द्र के पास डस्टबिन गायब महामंदिर एरिया की रेडियो कॉलोनी से कमलेश ने कचरा नियमित न उठने और कचरा पात्र न होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि पावटा–सी में आकशवाणी केन्द्र के पास गली में रखा बड़ा डस्टबिन गायब है। लोग खुले में कचरा डाल रहे हैं। रोज सफाई न होने से गंदगी भी फैल रही है। आइए अब एक नजर उन समाधानों पर भी डालें, जो विभागीय अधिकारियों ने करवाए हैं.. पोस्ट से मिला हल, उठ गया कचरा विजय चौक के चतुर्भुज गहलोत मार्ग से राजवीर सिंह ने कचरा न उठाने की शिकायत पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि पांच दिन से कचरा सड़क किनारे पड़ा सड़ रहा है। इस पर वार्ड जमादार सलाउद्दीन भाटी ने साफ–सफाई करवाकर समाधान कर दिया है। अब लोगों को काफी सुविधा है। पोस्ट के बाद हो गई साफ–सफाई सूरसागर से अंकित सोलंकी ने क्षेत्र में गंदगी की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि नियमित सफाई न होने से कचरा यहां–वहां बिखर जाता है। इस पर वार्ड के सफाई प्रभारी ने समस्या का निपटारा करते हुए सफाई करवा दी और लोगों को भी खुले में कचरा न डालने की अपील की। राजकुमार बने ‘पब्लिक के स्टार’ जोधपुर की श्रीराम कॉलोनी, पुरानी भाखरी का बास, सूरसागर से अंकित सोलंकी ने क्षेत्र में गंदगी की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि नियमित सफाई न होने से कचरा यहां–वहां बिखर जाता है। इस पर वार्ड संख्या 5 के सफाई प्रभारी राजकुमार ने समाधान करवा दिया। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 2.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 4.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 5.अजमेर में ‘भास्कर समाधान’ पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 6.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 7.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर

‘भास्कर समाधान’ पर समस्याओं का हो रहा हल:कोटा में रोड के बीच गड्‌ढा, खराब रोड लाइट, अतिक्रमण से जाम की समस्या, घरों में घुस रहा नाले का पानी

कोटा में सड़क, बिजली, सफाई, जलनिकासी और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं कई वार्डों में लोगों की रोजमर्रा की परेशानी बनी हुई हैं। कहीं सड़क के बीच गड्ढा हादसों का कारण बन रहा है तो कहीं नाले का पानी घरों तक पहुंच रहा है। ऐसे मुद्दों को लेकर लोग दैनिक भास्कर की पहल ‘भास्कर समाधान’ पर लगातार पोस्ट कर जिम्मेदारों से सवाल पूछ रहे हैं। विभागों के चक्कर लगाकर थक चुके लोगों के लिए ‘भास्कर समाधान’ जिम्मेदार अधिकारियों तक सीधे पहुंचने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। कई मामलों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने समाधान की दिशा में कदम भी उठाए हैं। रोड के बीच गड्‌ढा, गिर रहे लोग दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ पर तलवंडी से कृष्ण कुमावत ने समस्या पोस्ट की है। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि अमर पंजाबी के सामने वाली गली में बीते एक साल से रोड के बीच एक गड्‌ढा बना हुआ है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक इसमें फंसकर गिर रहे हैं। रात को और ज्यादा परेशानी होती है। आंधी में गिरी रोड लाइट, लगाई नहीं कोटा शहर के नयागांव से कपिल शर्मा ने रोड लाइट की समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की है। उन्होंने फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि बीते दिनों आई आंधी में घर के सामने लगे पोल की लाइट टूटकर नीचे गिर गई। लेकिन विभाग ने अब तक दूसरी लाइट नहीं लगाई है। इससे पूरी गली में अंधेरा रहता है। अतिक्रमण से सर्किल से चौराहे तक जाम महावीर नगर विस्तार योजना से संजय कुमार ने संतोषी माता सर्किल से केशवपुरा चौराहे तक ट्रैफिक जाम की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि इस रोड पर सड़क किनारे इतना ज्यादा अतिक्रमण है कि अगर शाम को एक कार भी थोड़ी देर रुक जाए तो लंबा जाम लग जाता है। नाली जाम, घरों में घुस रहा पानी कोटा के रंगबाड़ी से आदी ने लालबाई माता जी के चौक से नालियों की समस्या भेजी है। उन्होंने बताया कि चौक में कई दिनों से मुख्य सीवर लाइन के जाम होने से पूरे चौक में गंदा पानी भर रहा है। थोड़ी सी बरसात होते ही स्थिति और खराब हो जाती है। पानी वापस आसपास के घरों में घुस रहा है। इस समस्या का तुरंत समाधान करवाएं। अब एक नजर उन समस्याओं के समाधान पर जो अधिकारियों की कोशिशों से संभव हुए… रोड के बीच था गड्‌ढा, हुआ पैच वर्क कोटा से अभय सिंह चारण ने बारां रोड, मानपुरा चौराहे के बीच करीब एक फुट गहरे और चार फुट चौड़े गड्‌ढे की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि इसकी वजह से चौपहिया और दोपहिया वाहन चालक काफी परेशान होते हैं। इस पर एक्शन लेते हुए संबंधित विभाग ने गड्‌ढे का पैचवर्क कर समाधान करवा दिया है। डेढ़ महीने से बंद लाइट हुई चालू अमन कॉलोनी से एक यूजर ने बताया कि उनकी गली में जामा मस्जिद रोड पर डेढ़ महीने से स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है। अंधेरे में वाहनचालकों और राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है। इस पर एक्शन लेते हुए स्थानीय जन प्रतिनिधी ने समस्या का समाधान करवा दिया है। तबस्सुम मिर्जा बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ कोटा के विज्ञान नगर की अमन कॉलोनी से अब्दुल कादिर ने नूरी जामा मस्जिद रोड पर बंद पड़ी लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि बीते डेढ़ महीने से यह लाइट बंद है और इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। इस पर कार्रवाई करते हुए स्थानीय पार्षद तबस्सुम मिर्जा ने लाइट सही करवाकर समाधान कर दिया। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: पोस्ट होते ही मिल रहा हल:सफाई, पानी और सड़क हैं पब्लिक की सबसे बड़ी समस्या, खुले नाले से संक्रमण का डर 2.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 3.जयपुर में ‘भास्कर समाधान’ से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 4.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’

'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट में हल:4 दिन से आ रहा गंदा पानी, 15 दिन से नहीं उठा मलबा, 3 साल से नाले की सफाई नहीं हुई

पर्यटन नगरी अजमेर में पेयजल, सफाई और बुनियादी जरूरतों से जुड़ी समस्याएं लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई हैं। कहीं चार दिन से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है तो कहीं 15 दिन से सड़क किनारे पड़ा मलबा नहीं उठाया गया, तो कहीं तीन साल से नाले की सफाई नहीं हुई। इन समस्याओं से परेशान नागरिक अब दैनिक भास्कर की पहल ‘भास्कर समाधान’ के जरिए अपनी शिकायतें सीधे जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं। फोटो और वीडियो के साथ की गई यूजर्स की पोस्ट पर कई मामलों में विभागों ने कार्रवाई कर राहत भी पहुंचाई है। अजमेर के अलग-अलग इलाकों से सामने आईं पोस्ट और उन पर हुई समाधान की पहल… 4 दिन से आ रहा पीने का गंदा पानी दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ पर कायड़ की अम्बिका कॉलोनी से देवांशु सिंह राजावत ने गंदे पानी की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि बीते चार दिन से कॉलोनी में पीने का पानी नहीं आ रहा है। चार दिन बाद सप्लाई आई भी तो गंदा बदबूदार पानी जिसे पीया ही नहीं जा सकता। जलदाय विभाग इसका समाधान करवाए। 15 दिन से नाली का मलबा नहीं उठा अजमेर पुलिस लाइंस के मीठा कुंआ की अनुपम नगर रोड से लक्ष्य पंवार ने मलबा न उठाने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि 10 जून को सफाईकर्मियों ने नालियों की सफाई कर मलबा–कचरा निकाला था। लेकिन 15 दिन बाद भी गली से मलबा नहीं उठाया गया है। आने–जाने वालों को बदबू से असुविधा हो रही है। घर तक जाने वाली पुलिया हुई जर्जर पंचशील कॉलोनी के ब्लॉक बी से प्रसून कपूर ने जर्जर पुलिया की हालत पोस्ट में बयां की है। उन्होंने बताया कि उनके एरिया के महर्षि दधीचि मार्ग पर उनकी कॉलोनी तक जाने वाली एकमात्र पुलिया जर्जर हालत में है। यह पुलिया जगह–जगह से टूट चुकी है। बीते 11 महीनों में हम अजमेर प्राधिकरण को कई बार लिख चुके हैं। 3 साल से नहीं हुई नाले की सफाई अजमेर के आदर्श नगर से कमल ने ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट किया है कि उनकी न्यू केसरी कॉलोनी में बने इरिगेशन विभाग के बरसाती नाले की बीते तीन–चार सालों से सफाई नहीं हुई है। नाले में पेड़–पौधे, कचरा और कीचड़ हाने से निकासी भी बंद पड़ी है। इससे मच्छर पनप रहे हैं। इस नाले की सफाई करवाई जाए। अब एक नजर उन समस्याओं के समाधान पर जो अधिकारियों की कोशिशों से संभव हुए… समस्या पोस्ट हुई और मिल गया हल अजमेर के तानाजी नगर, भजनगंज से महिपाल शर्मा ने खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्हाेंने लिखा था कि गली नंबर 10 के शिव मंदिर चौराहे की लाइट करीब 15 दिनों से बंद पड़ी है। इस पर एक्शन लेते हुए विभाग ने स्ट्रीट लाइट ठीक करवाकर समस्या का समाधान कर दिया है। रात–दिन जल रही लाइट हुई ठीक किराणीपुरा से सलामुद्दीन खान ने दो महीने से दिनरात जल रही स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्हाेंने बताया कि वार्ड 54 में नहर का कुंआ के पास लगी स्ट्रीट लाइट हमेशा जलती रहती है। खंभों के तार भी टूटे हुए हैं। इस पर नगर निगम ने समस्या का समाधन करवा दिया है। जेईएन दीपिका दाधीच बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ अजमेर के बालाजी नगर से एक शिकायतकर्ता ने दो महीने से दिनरात जल रही स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्हाेंने बताया कि यह स्ट्रीट लाइट हमेशा जलती रहती है। इसके साथ ही खंभों के तार भी टूटे हुए हैं। इसे प्राथमिकता से लेते हुए निगम की जेईएन दीपिका दाधीच ने समाधान करवा दिया है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 2.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्‌ढा 3.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 4.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 5‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप

सोगरिया-धनबाद विशेष एक्सप्रेस नवम्बर तक चलेगी:20 अतिरिक्त फेरे बढ़ाए, जेडआरयूसीसी की बैठक में कोरोना में बंद ट्रेनों की बहाली का मुद्दा उठा

यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए रेल प्रशासन ने गाड़ी संख्या 09821/09822 सोगरिया-धनबाद-सोगरिया साप्ताहिक विशेष एक्सप्रेस की संचालन अवधि नवम्बर 2026 तक बढ़ा दी है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09821 सोगरिया–धनबाद विशेष एक्सप्रेस, जिसका संचालन पहले 16 जुलाई 2026 तक निर्धारित था, अब 26 नवम्बर 2026 तक हर गुरुवार को संचालित की जाएगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09822 धनबाद–सोगरिया विशेष एक्सप्रेस, जिसका संचालन 18 जुलाई 2026 तक निर्धारित था, अब 28 नवम्बर 2026 तक हर शनिवार को चलेगी। रेल प्रशासन के अनुसार दोनों गाड़ियों के 20-20 अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे, जिससे राजस्थान और झारखंड के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रेन के मार्ग, ठहराव और समय-सारिणी में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है। यह विशेष ट्रेन कोटा मंडल के सोगरिया, बारां, सालपुरा और छबड़ा गुगोर स्टेशनों से होकर पूर्ववत संचालित होती रहेगी। जेडआरयूसीसी की बैठक में कोरोना काल में बंद ट्रेनों की बहाली का मुद्दा उठा पश्चिम-मध्य रेलवे उपयोगकर्ता सलाहकार समिति (जेडआरयूसीसी) की 22वीं बैठक गुरुवार को जबलपुर मुख्यालय में महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कोटा मंडल सहित पूरे जोन के 28 सदस्यों तथा सांसदों के चार प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान यात्रियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। कोटा के वरिष्ठ सदस्य आशीष मेहता ने कोरोना काल में बंद हुई मुंबई-फिरोजपुर जनता एक्सप्रेस, कोटा-जबलपुर ट्रेन की बहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इन ट्रेनों के बंद होने से बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में उदयपुर-आगरा वंदे भारत ट्रेन को बंद किए जाने के निर्णय पर भी सवाल उठाए गए। मेहता ने कहा कि ट्रेन को लगभग 80 प्रतिशत यात्री भार मिल रहा था, तो इसे बंद करना उचित नहीं है। उन्होंने कम किराए के साथ इस ट्रेन को पुनः शुरू करने की मांग की। इसके अलावा कोटा-दिल्ली के बीच ओवरनाइट ट्रेन, कोटा से मुंबई, पुणे और बेंगलुरु के लिए नई ट्रेनों के संचालन की मांग भी रखी गई। नई ट्रेनों और विस्तार की मांग बैठक में दौसा-गंगापुर सिटी के बीच ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, मथुरा-गंगापुर सिटी ट्रेन को पुनः शुरू करने, कोटा-देहरादून नंदा देवी एक्सप्रेस को झालावाड़ सिटी या राजगढ़ सिटी तक विस्तारित करने की मांग की गई।
इसके अलावा मथुरा-सवाई माधोपुर पैसेंजर को झालावाड़ सिटी तक बढ़ाने, कोटा-सिरसा एक्सप्रेस को इंदौर तक विस्तारित करने, उज्जैन-झालावाड़ सिटी के बीच मेमू सेवा और कोटा-नागदा-रतलाम के बीच नई इंटरसिटी ट्रेन शुरू करने के सुझाव भी दिए गए। साथ ही रामगंजमंडी-भोपाल रेल लाइन को प्रस्तावित कोटा-नीमच रेल लाइन से जोड़ने, जुल्मी स्टेशन पर मेगा कोचिंग एवं कंटेनर डिपो विकसित करने, वरिष्ठ नागरिकों एवं पत्रकारों को रेल किराए में रियायत बहाल करने तथा स्टेशनों पर प्रीपेड बूथ स्थापित करने की मांग भी दोहराई गई।

खेरकी गांव में शादी में खाने के बाद फूड पॉइजनिंग:8 की तबियत बिगड़ी, 2 उदयपुर रेफर, विभाग ने 46 लोगों की जांच की; CMHO बोले- स्थिति नियंत्रण में

सलूंबर जिले के परसाद क्षेत्र स्थित खेरकी गांव में एक विवाह समारोह के मंडप भोज के बाद 8 लोगों को फूड पॉइजनिंग हो गई। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद सभी को सीएचसी परसाद में भर्ती कराया गया, जहां से 2 को उदयपुर रेफर किया गया है। एहतियातन स्वास्थ्य विभाग ने गांव में 46 लोगों की जांच भी की। 24 जून को हुआ था मंडप भोज जानकारी के अनुसार खेरकी के भमात फला निवासी गोविंद मीणा के पुत्र संदीप मीणा के विवाह में 24 जून को मंडप भोज का आयोजन था। खाने के बाद पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायतें आने लगीं। इसके बाद 8 लोगों को तुरंत सीएचसी परसाद ले जाया गया। सीएचसी परसाद में भर्ती 8 मरीजों में से 6 की हालत में सुधार होने पर छुट्टी दे दी गई। किशन मीणा (18) और पुष्पा मीणा (45) की स्थिति को देखते हुए एहतियातन उदयपुर रेफर किया गया। 46 लोगों का घर-घर सर्वे इसके बाद चिकित्सा प्रभारी डॉ. महेंद्र डामोर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम विवाह स्थल पर पहुंची। टीम ने गांव में घर-घर सर्वे कर 46 लोगों की स्वास्थ्य जांच की और दवाइयां वितरित कीं। CMHO बोले- स्थिति नियंत्रण में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार ने बताया – फूड पॉइजनिंग की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। शुक्रवार को भी चिकित्सा दल गांव में मौजूद रहेगा। भोजन के कारणों की जांच की जा रही है।

सीकर में 'भास्कर समाधान' की गूंज:सीवर ओवरफ्लो दुरुस्त होने से मिली राहत, कचरे से अटी नाली हुई साफ, नगर परिषद के AEN अमित स्वामी बने आज 'स्टार ऑफिसर'

सीकर। शहर की नागरिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और जनता को राहत दिलाने में दैनिक भास्कर का ‘भास्कर समाधान’ लगातार अपनी सार्थकता साबित कर रहा है। हाल ही में शहर के कई कोनों से गंभीर समस्याएं सामने आईं, जिनमें नवलगढ़ रोड पर बीच सड़क पर खड़ा ट्रांसफॉर्मर और गंदी नालियां, तापड़िया बगीची सर्किल पर डायग्नोस्टिक सेंटर के जरिए खुले में फेंका जा रहा खतरनाक मेडिकल वेस्ट, और पिपराली रोड पर मिलन मैरिज गार्डन के सामने मासूम बच्चों के लिए साक्षात मौत का कुआं बना खुला सीवर चैंबर शामिल हैं। इसके अलावा, राधाकिशनपुरा में आरटीओ ऑफिस के पास विकास कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त हुई मुख्य पेयजल पाइपलाइन के ब्लॉक होने से लोग इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। इन तमाम विकट परिस्थितियों के बीच राहत की खबरें भी आईं, जहां जयपुर रोड पर बालाजी धर्मकांटा के पास ओवरफ्लो हो रहे सीवर चैंबर को शिकायत के बाद विभाग ने तुरंत दुरुस्त कर दिया। वहीं, तिलक नगर (रानी सती सर्किल) में महीनों से कचरे से चोक पड़ी नाली की समस्या को जब चंद्र प्रकाश सोनी ने उठाया, तो प्रशासन तुरंत हरकत में आया। नगर परिषद के सजग एईएन (AEN) अमित स्वामी ने तत्परता दिखाते हुए ऑन-स्पॉट सफाई टीम भेजी और नाली को पूरी तरह साफ करवाकर जनता को भयंकर बदबू और बीमारियों के खतरे से राहत दिलाई। अपनी इसी बेहतरीन कार्यप्रणाली और एक्शन के बदौलत अमित स्वामी आज के ‘स्टार ऑफिसर’ बने हैं। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) तिलक नगर में कचरे से अटी नाली साफ
तिलक नगर (रानी सती सर्किल) के रहने वाले चंद्र प्रकाश सोनी की शिकायत पर दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। चंद्र प्रकाश ने कुछ दिनों पहले मोहल्ले की बदहाली को उजागर करते हुए पोस्ट किया था कि उनके क्षेत्र की नाली पूरी तरह कचरे और गंदगी से अटी पड़ी है, जिससे गंदा पानी आगे नहीं निकल पा रहा था। लंबे समय से किसी भी सफाईकर्मी के न आने के कारण स्थानीय लोगों को भयंकर बदबू और मच्छरों के प्रकोप का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद नगर परिषद के AEN ने मामले पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सफाई कर्मचारियों की टीम को मौके पर भेजा। विभाग ने नाली में जमा सारे कचरे को निकालकर उसे पूरी तरह साफ करवा दिया है, जिससे अब गंदे पानी की निकासी सुचारू हो गई है। इस समाधान से तिलक नगर के निवासियों को बड़ी राहत मिली है, जिसके लिए उन्होंने ‘भास्कर समाधान’ की इस मुहिम और प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए धन्यवाद किया है।
अमित स्वामी बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
तिलक नगर के रहने वाले चंद्र प्रकाश सोनी के जरिए दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ पर उठाई गई गंदी नाली की समस्या का समाधान हो गया है। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए नगर परिषद के AEN अमित स्वामी ने बेहतरीन कार्यप्रणाली का परिचय दिया और मौके पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाकर जनता को बड़ी राहत दिलाई। उनके इस एक्शन और शानदार कार्य के चलते अमित स्वामी आज ‘स्टार ऑफिसर’ बने हैं। नाली पूरी तरह साफ होने और गंदे पानी की निकासी सुचारू होने पर क्षेत्रवासियों ने ‘भास्कर समाधान’ की इस मुहिम और ‘स्टार ऑफिसर’ अमित स्वामी के इस सराहनीय प्रयास की जमकर प्रशंसा की है।
जयपुर रोड पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या दूर
सीकर शहर के जयपुर रोड स्थित खिच्चड़ों का बास के निवासी आलम की सजगता और दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ की मुहिम रंग लाई है। दरअसल, आलम ने कुछ दिनों पहले क्षेत्र की एक गंभीर समस्या को पोस्ट करते हुए बताया था कि बालाजी धर्मकांटा के पास मुख्य सीवर का चैंबर बुरी तरह ब्लॉक हो चुका है, जिसके चलते सीवर का गंदा पानी और गंदगी सड़क पर बह रही थी। इस वजह से राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों का वहां से गुजरना तक दूभर हो गया था। समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के महज कुछ ही दिनों के अंदर संबंधित विभाग ने तुरंत एक्शन लिया। विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ ब्लॉक पड़े सीवर चैंबर को पूरी तरह साफ कर दुरुस्त किया, बल्कि सड़क पर फैली गंदगी से भी जनता को निजात दिलाया। समस्या का तुरंत समाधान होने पर सजग नागरिक आलम और क्षेत्र के बाकी लोगों ने दैनिक भास्कर की इस प्रभावी पहल और प्रशासन की कार्रवाई का आभार जताया है।
अभी भी कुछ इलाकों में कार्रवाई की जरूरत.. गंदी नालियों की सफाई और ट्रांसफॉर्मर की समस्या
सीकर के नवलगढ़ रोड स्थित जनता कॉलोनी के निवासी इन दिनों नागरिक समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासी पी.के. महाला ने दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ पर कॉलोनी की बदहाली को उजागर करते हुए बताया कि यहां की मुख्य सड़क के बिल्कुल बीचों-बीच एक बड़ा सा बिजली का ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है। बीच सड़क पर खड़ा यह ट्रांसफॉर्मर न सिर्फ हर वक्त हादसों को न्यौता दे रहा है, बल्कि इसके कारण कॉलोनी में भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। बड़े वाहनों को यहां से निकालने में काफी परेशानी आती है। पी.के. महाला ने कॉलोनी की गंदी नालियों की सफाई न होने का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया है। लंबे समय से नालियां साफ न होने के कारण सड़कों पर गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे उठती भयंकर बदबू ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है और इलाके में महामारी फैलने का खतरा लगातार मंडरा रहा है।
तापड़िया बगीची के पास मेडिकल वेस्ट का अंबार
सुभाष चौक की रहने वालीं रूपल ने सजग नागरिक का फर्ज निभाते हुए ‘भास्कर समाधान’ पर अपने क्षेत्र की एक बेहद गंभीर और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या को साझा किया है। रूपल का कहना है कि स्टेशन रोड स्थित तापड़िया बगीची सर्किल के पास संचालित एक डायग्नोस्टिक सेंटर के जरिए नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए खतरनाक मेडिकल वेस्ट (बायोमेडिकल कचरा) को खुले में फेंका जा रहा है। उन्होंने गहरी चिंता जताते हुए बताया कि इस तरह खुले में पड़े सिरिंज, पट्टियां और बाकी संक्रमित मेडिकल कचरे के कारण इलाके में गंभीर और जानलेवा बीमारियां फैलने का खतरा हर वक्त बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह घोर लापरवाही न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की सेहत के साथ भी सरेआम खिलवाड़ है।
RTO ऑफिस के पास सरकारी पाइपलाइन ब्लॉक
सीकर के राधाकिशनपुरा क्षेत्र के रहने वाले गिरधारी लाल ठक्कर ने प्रशासनिक अनदेखी के कारण जनता को हो रही पानी की भारी किल्लत को उजागर किया है। गिरधारी लाल ने बताया कि आरटीओ ऑफिस के पास स्थित कॉलोनी में सरकारी पेयजल लाइन के कनेक्शन तो हैं, लेकिन मुख्य लाइन में ब्लॉकेज (रूकावट) होने के कारण एक निश्चित पॉइंट के आगे पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है। इस तकनीकी कमी की वजह से क्षेत्र के कई घरों में लंबे समय से नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, क्षेत्र में अन्य विकास कार्यों के लिए जब दूसरी लाइनें डाली जा रही थीं, तब इस मुख्य पेयजल लाइन को भारी नुकसान पहुंचाया गया था, जिसके बाद से यह विकट समस्या खड़ी हुई है। इस रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी के मौसम में पानी न आना स्थानीय निवासियों के लिए किसी बड़ी आफत से कम नहीं है। पानी के लिए तरस रहे लोगों ने जलदाय विभाग से इस ब्लॉकेज को तुरंत दुरुस्त कर जलापूर्ति सुचारू करने की गुहार लगाई है।
खुला सीवर चैंबर दे रहा हादसों को न्यौता
सीकर के जाट कॉलोनी (पिपराली रोड) के रहने वाले इश्तियाक अहमद ने दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ के जरिए प्रशासन का ध्यान एक बेहद संवेदनशील और जानलेवा समस्या की ओर आकर्षित किया है। इश्तियाक अहमद ने बताया कि पिपराली रोड पर स्थित मिलन मैरिज गार्डन के ठीक सामने सीवर का एक बड़ा ढक्कन खुला पड़ा है। व्यस्त सड़क के किनारे इस तरह खुले पड़े चैंबर के कारण यहां हर वक्त कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। रात के अंधेरे में या किसी राहगीर की मामूली सी लापरवाही यहां किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने लिखा कि यह खुला चैंबर खासकर आसपास खेलने वाले और वहां से गुजरने वाले मासूम बच्चों के लिए मौत का कुआं बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि किसी मासूम के साथ अनहोनी होने से पहले इस खुले सीवर चैंबर को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त कर ढका जाए।
आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… 1.JEN हरिराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’:एक ही दिन में पानी की 3 समस्याओं का किया समाधान, ‘भास्कर समाधान’ बना प्रशासन और जनता के बीच का ब्रिज 2.सीकर में कहीं टूटी नई सड़क तो कहीं जलभराव:क्षेत्र में अंधेरे से लोग परेशान, कई समस्याओं का हुआ समाधान, नगर परिषद AEN सुरेंद्र गोदारा बने ‘स्टार ऑफिसर’ 3.रोशनगंज मोहल्ले में जर्जर मकान से खतरा:वैष्णव कॉलोनी में गंदी पड़ी नालियां; न्यू इंदिरा कॉलोनी में हुआ समाधान 4.बारिश से पहले नालियों की सफाई की मांग तेज:टूटी सड़कें, गड्ढे और खराब स्ट्रीट लाइट बनी परेशानी, सीकर शहर की अलग-अलग कॉलोनियों से उठी समस्याएं 5.सीकर में भास्कर समाधान का असर, शिकायतों पर लिया एक्शन:उठीं सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं; अमित शर्मा बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 6.भास्कर समाधान: बिजली की समस्या का हुआ समाधान:सड़क, सीवरेज और जलभराव की समस्याओं से लोग परेशान, कई समाधानों का अब भी इंतजार 7.भास्कर समाधान, सड़क की समस्या से मिली राहत:सीकर में जलापूर्ति, टूटी सड़क, पाइपलाइन लीकेज और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान 8.फतेहपुर रोड पर पानी की समस्या का हुआ समाधान:महीनों से बंद स्ट्रीट लाइट, सड़क पर गड्ढा और पाइपलाइन लीकेज से बढ़ी परेशानी 9.3 साल से सीवर कनेक्शन का इंतजार:’भास्कर समाधान’ पर सामने आई सीकर की जनता की परेशानी, खराब स्ट्रीट लाइट और फेल ड्रेनेज से बढ़ीं मुश्किलें 10.भास्कर समाधान: आवारा पशुओं, गड्ढे की समस्या से मिली राहत:बंद रोड लाइट, अधूरी सड़क और जलभराव से बढ़ी परेशानी, सुरेंद्र कुमार जाट बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’