सोशल मीडिया पर लाइव के बाद युवक लापता:सुसाइड करने की दी थी चेतावनी; IGNP में ढूंढ रही पुलिस, छह जनों पर गंभीर आरोप

बीकानेर के छत्तरगढ़ थाना क्षेत्र में एक युवक के सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो प्रसारित करने के बाद रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। युवक ने लाइव के दौरान कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए और आत्महत्या करने की चेतावनी दी। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। ऐसे में पुलिस अब उसे इंदिरा गांधी नहर के पास ढूंढ रही है, जहां उसके कपड़े और कार बरामद हुए हैं। जानकारी के अनुसार 465 आरडी निवासी गौरव सोनी ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर छह लोगों के नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए। वीडियो वायरल होने के कुछ समय बाद युवक का मोबाइल बंद हो गया और वह लापता हो गया। नहर किनारे मिली कार और सामान घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने तलाश शुरू की। जांच के दौरान माईलेटी के पास तथा IGNP नहर की आरडी 399 के निकट गौरव सोनी की कार, कपड़े और अन्य निजी सामान नहर किनारे मिले। इसके बाद युवक के नहर में गिरने या कूदने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और SDRF जुटी तलाश में सूचना मिलते ही छत्तरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर सर्च अभियान शुरू किया। बाद में बीकानेर से SDRF टीम को भी बुलाया गया। टीम नहर और आसपास के क्षेत्र में लगातार तलाश कर रही है। 465 हेड चौकी प्रभारी जेठाराम मेघवाल पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर मौजूद हैं और अभियान की निगरानी कर रहे हैं। हर पहलू से जांच खाजूवाला वृत्ताधिकारी आकांक्षा चौधरी ने बताया कि छत्तरगढ़ पुलिस युवक की तलाश में जुटी हुई है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। नहर में सर्च अभियान चल रहा है और फिलहाल युवक का कोई सुराग नहीं मिला है। वीडियो बना जांच का आधार पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है। वीडियो में लगाए गए आरोपों और युवक के लापता होने के बीच किसी संबंध की संभावना को भी खंगाला जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक गौरव सोनी का कोई पता नहीं चल पाया था और पुलिस व SDRF की टीम लगातार सर्च अभियान में जुटी हुई थी।

मछुआरों ने समुद्र से देखा वेनेजुएला का भूकंप, VIDEO:बेसबॉल मैच छोड़कर भागे प्लेयर, रोते-बिलखते लोगों से भर गई सड़कें

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप ने कुछ ही सेकेंड में लोगों की जिंदगी तहस-नहस कर दी। तेज झटकों से घबराए लोग घरों, दफ्तरों और ऊंची इमारतों से बाहर निकल आए। कई शहरी इलाके मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। सड़कें रोते-बिलखते लोगों से भर गईं। इसके बाद शुरू हुई मलबे से लोगों को निकालने की जद्दोजहद। प्रभावित इलाकों में आपातकालीन टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। आफ्टरशॉक की आशंका के कारण आम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। VIDEO में देखें भूकंप के बाद का मंजर…

खाद वितरण की नई व्यवस्था लागू:किसानों को जमीन के आधार पर टोकन से मिलेगा उर्वरक

अनुदानित उर्वरकों के विक्रय और वितरण की नई व्यवस्था लागू की गई है। यह प्रणाली पायलट आधार पर राजसमंद और सिरोही जिलों में शुरू हो चुकी है, जिसे जल्द ही अन्य सभी जिलों में भी लागू किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत, किसानों को अपनी फार्मर आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद एक टोकन जनरेट होगा, जिसे उर्वरक विक्रेता को प्रस्तुत करने पर खाद मिलेगी। ऑनलाइन आवेदन करते समय किसान को अपनी उपलब्ध जमीन, बोई जाने वाली फसलें, उर्वरक का नाम, कंपनी का नाम, पसंदीदा विक्रेता और खाद की मात्रा बतानी होगी। जारी किया गया टोकन 48 घंटे के लिए वैध होगा। इस प्रणाली से किसान के पास उपलब्ध जमीन और बोई जाने वाली फसलों के आधार पर उर्वरकों की सटीक मात्रा का निर्धारण हो सकेगा। कालाबाजारी-अवैध भंडारण पर अंकुश लगेगा यह नई प्रणाली उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और यूरिया के गैर-कृषि कार्यों में उपयोग पर अंकुश लगाने में सहायक होगी। इससे किसानों को अपनी मांग के अनुसार, निर्धारित दर पर और अपने आसपास के क्षेत्र से ही आसानी से उर्वरक उपलब्ध हो सकेंगे। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक किसान की पहचान फार्मर रजिस्ट्री से स्वतः सत्यापित हो पाएगी। भारत सरकार प्रति वर्ष अनुदानित रासायनिक उर्वरकों पर लाखों-करोड़ों रुपये का अनुदान देती है, जिसका दुरुपयोग रुकने से यह राशि आम जनता के लिए अन्य विकास कार्यों में उपयोग की जा सकेगी। इस योजना के तहत किसान अपने स्मार्टफोन से घर बैठे ही खाद की बुकिंग कर सकेंगे, जिससे उन्हें बाहर चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, वे कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

कोर्ट में पैरवी करने वाले वकील पर जानलेवा हमला:अपहरण की कोशिश और लूटपाट की, थाने में मामला दर्ज

जिले के चिरांना गांव में एक वकील को बदमाशों ने अपना निशाना बनाया है। कोर्ट में मुकदमों की पैरवी करने से रंजिश रखते हुए बदमाशों ने पहले वकील के साथ मारपीट की, फिर पिस्तौल की नोक पर अपहरण करने का प्रयास किया और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। ​यह है पूरा मामला ​पीड़ित अधिवक्ता बजरंग लाल सैनी ने गोठड़ा पुलिस थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया है कि वे सीकर और नवलगढ़ की अदालतों में वकालत का कार्य करते हैं। गत 24 जून 2026 की रात करीब 8:35 बजे जब वे अपनी दुकान का चैनल गेट बंद कर रहे थे, तभी एक सफेद कैंपर गाड़ी (नंबर RJ37 GA 3407) और एक सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल (नंबर 3348) वहां आकर रुकीं। ​बदमाशों ने की मारपीट और अपहरण की कोशिश ​प्राथमिकी के अनुसार, गाड़ी और बाइक से कृष्ण स्वामी, चेतन शर्मा, विक्रम गुर्जर, महेंद्र गुर्जर, बबलू गुर्जर, अनिल गुर्जर समेत 6-7 अन्य बदमाश उतरे। बातचीत के बहाने बदमाश उन्हें कॉम्प्लेक्स के अंदर ले गए और वहां कृष्ण स्वामी व महेंद्र गुर्जर ने उनकी कनपटी पर देसी कट्टे जैसी बंदूक तान दी। बदमाशों ने वकील की जमकर पिटाई की, जिससे उनके नाक, चेहरे, गर्दन, हाथ और पीठ पर चोटें आईं। ​बदमाशों ने वकील को जबरन कैंपर गाड़ी में डालकर अपहरण करने का प्रयास किया और उनसे एटीएम कार्ड का पासवर्ड पूछने लगे। शोर मचाने पर आसपास के दुकानदार और परिजन दौड़कर आए, जिसके बाद बदमाश जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। ​कीमती सामान लूटा ​आरोप है कि बदमाशों ने मारपीट के दौरान वकील के गले से सोने की चेन, हाथ की अंगूठी, जेब में रखे 7,200 रुपये और उनके कीमती दस्तावेज, जिसमें पैन कार्ड और एटीएम कार्ड शामिल थे, लूट लिए। ​मुकदमों की पैरवी बनी रंजिश की वजह ​पीड़ित अधिवक्ता का कहना है कि वे अदालतों में पीड़ित परिवादियों की ओर से पैरवी करते हैं, इसी रंजिश के चलते इन लोगों ने उन पर हमला किया है।

निर्जला एकादशी पर नगर निगम का अमृत सेवा अभियान:225 से ज्यादा स्टॉल लगे, 5 लाख लोगों को मिली राहत; स्वच्छता का भी दिया संदेश

निर्जला एकादशी के मौके पर नगर निगम जयपुर ने शहरभर में अमृत सेवा अभियान चलाकर जनसेवा और स्वच्छता का अनूठा संदेश दिया। अभियान के तहत जयपुर के अलग – अलग क्षेत्रों में 225 से अधिक अमृत सेवा स्टॉल लगाए गए, जहां भीषण गर्मी से राहत देने के लिए आमजन, राहगीरों और जरूरतमंदों को शरबत, छाछ, लस्सी, आइसक्रीम सहित अलग – अलग शीतल पेय पदार्थों का वितरण किया गया। नगर निगम के अनुसार इस अभियान से 5 लाख से ज्यादा लोगों को लाभ मिला। अभियान का शुभारंभ नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने नगर निगम मुख्यालय से किया। इस दौरान उन्होंने खुद लोगों को छाछ, लस्सी और शरबत वितरित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की भावना को नगर निगम ने इस अभियान के माध्यम से धरातल पर उतारा है। कार्यक्रम में वी. सरवन कुमार, संदेश नायक, ओम कसेरा और अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र कुमार बंसल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों ने भी अभियान में भागीदारी निभाई। मालवीय नगर जोन में विधायक कालीचरण सराफ ने स्टॉल का उद्घाटन किया, जबकि सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा और हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने भी सेवा शिविरों का शुभारंभ कर लोगों को शीतल पेय वितरित किए। सेवा के साथ स्वच्छता का भी संदेश नगर निगम ने इस अभियान को केवल पेयजल और शीतल पेय वितरण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे स्वच्छता ही सेवा अभियान से भी जोड़ा। सभी स्टॉल संचालकों को स्वच्छता बनाए रखने और कचरे के अलग – अलग करने के निर्देश दिए गए थे। हर स्टॉल पर गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखे गए। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद कहीं भी कचरे का अंबार देखने को नहीं मिला। सफाई कर्मचारी पूरे दिन अलर्ट मोड पर रहे और जहां भी कचरा दिखाई दिया, उसे तुरंत साफ किया गया। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने भी शहर के विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने मोती डूंगरी, बड़ी चौपड़, गोविंद देवजी मंदिर, रेलवे स्टेशन, चौमूं पुलिया, 200 फीट बाईपास और वैशाली नगर सहित कई क्षेत्रों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और शहर को स्वच्छ रखने की अपील की। कच्ची बस्तियों तक पहुंची अमृत सेवा अभियान के तहत शहर की पांच कच्ची बस्तियों में भी विशेष अमृत सेवा स्टॉल लगाए गए। किशनपोल जोन क्षेत्र में सिंधी पंचायती स्कूल के पास, जवाहर नगर कच्ची बस्ती, इंद्रा नगर कच्ची बस्ती, जगतपुरा क्षेत्र और मालवीय नगर जोन के कठपुतली नगर सहित विभिन्न स्थानों पर लोगों को शीतल पेय उपलब्ध कराए गए। इन क्षेत्रों के लोगों ने नगर निगम की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी के बीच इस तरह की व्यवस्था से बड़ी राहत मिली है। कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी स्टॉल लगाकर अभियान में सहयोग किया।

सड़कों पर उतरे टीचर, कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन:थर्ड ग्रेड शिक्षकों के ट्रांसफर से रोक हटाने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों से रोक हटाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को राजस्थान शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिलेभर के शिक्षकों ने चेतावनी रैली निकाली। टोंक में शिक्षक मुख्य बाजार से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और यहां प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं झंडे, बैनर और मांगों से जुड़ी तख्तियां लेकर रैली में शामिल हुए। जिलेभर से आए शिक्षक पहले डाक बंगले पर एकत्रित हुए, जहां सभा आयोजित की गई। सभा में शिक्षकों ने अपनी समस्याएं रखते हुए सरकार से जल्द समाधान की मांग की। टीईटी और पे-प्रोटेक्शन मुद्दे पर जताया विरोध सभा को संबोधित करते हुए संगठन संरक्षक ज्ञान सिंह ने राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को टीईटी और पे-प्रोटेक्शन जैसे मुद्दों पर परेशान किया जा रहा है। शिक्षक वर्ग अब अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार है। जिलाध्यक्ष प्रकाश चौधरी ने कहा कि शिक्षकों की न्यायोचित मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। सभा को तहसील अध्यक्ष शिशुपाल चौधरी, कैलाश शर्मा, भंवर भारी, शिवराज गुर्जर, प्रमोद चौधरी, देवकिशन गुर्जर, मोहनलाल बैरवा, श्रीराम जाट, रामकल्याण चौधरी और ओमप्रकाश सैनी सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। नारों के साथ बाजार से निकली रैली सभा के बाद जिलाध्यक्ष प्रकाश चौधरी और जिला मंत्री रामप्रसाद धाकड़ के नेतृत्व में रैली डाक बंगले से रवाना हुई। शिक्षकों के नारों से बाजार गूंज उठा। शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। जिला मंत्री रामप्रसाद धाकड़ ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण हजारों शिक्षक सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों में बढ़ते असंतोष का संकेत है। 15 मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन रैली के बाद शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें वर्ष 2012 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने, थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों से रोक हटाने, स्थानांतरण और पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने, स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने और पे-प्रोटेक्शन के नाम पर हो रही वसूली रोकने की मांग की गई। इसके अलावा ग्रीष्मकालीन अवकाश पूर्ववत रखने, ट्रांसपोर्ट वाउचर का बकाया भुगतान जारी करने, विद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ व आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, सफाई कर्मियों की नियुक्ति, लंबित डीपीसी पूरी करने, नवक्रमोन्नत विद्यालयों में पद सृजित करने, पीटीआई के स्थायीकरण, आरजीएचएस योजना जारी रखने, संविदा भर्ती पर रोक और ओपीएस में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने सहित 15 मांगें रखी गईं। मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी शिक्षक संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संघ ने इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होने की बात कही। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश सदस्य कमलेश शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष भंवरलाल जाट, जिला संरक्षण लादूलाल चौधरी सहित शिक्षक संघ के पदाधिकारी और सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।

भर्ती की मांग को लेकर खून से लिखा ज्ञापन:भूख हड़ताल और झाड़ू डाउन की चेतावनी, सफाई कामगारों ने दिया अल्टीमेटम

चूरू में लंबे समय से लंबित सफाई कर्मचारी भर्ती-2023 को लेकर सफाई कामगार समुदाय का आक्रोश गुरुवार को खुलकर सामने आया। निवर्तमान मनोनीत पार्षद एवं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (अनुसूचित जाति विभाग) के प्रदेश सचिव अशोक पंवार के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को खून से लिखा ज्ञापन सौंपकर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग उठाई गई। भर्ती शुरू करने और नियुक्तियां देने की मांग ज्ञापन में सफाई कर्मचारी भर्ती-2023 को जल्द शुरू करने के साथ भर्ती में शत-प्रतिशत परंपरागत सफाई कामगार समाज के लोगों को नियुक्ति देने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने न्यायालय में लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण कर पात्र अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द सफाई कर्मचारी पद पर नियुक्त करने की भी मांग उठाई। 2018 में नियुक्त कर्मचारियों को मूल पदों पर लगाने की मांग अशोक पंवार ने कहा कि वर्ष 2018 में नियुक्त सफाई कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर कार्य करवाया जाए। उन्होंने बताया कि वाल्मीकि समाज लंबे समय से स्वायत्त शासन विभाग में सफाई कार्य करता आ रहा है, लेकिन रोजगार के अवसरों में समाज के लोगों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है। जयपुर में भूख हड़ताल जारी, प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी पंवार ने बताया कि भर्ती संबंधी मांगों को लेकर जयपुर में पहले से ही भूख हड़ताल चल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं करती और मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी एवं सफाई कामगार समाज भूख हड़ताल और ‘झाड़ू डाउन’ आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। कई समाजजन रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान राहुल पंवार, किशन हटवाल, राकेश पंवार, प्रीत चांवरिया, अभिषेक पंवार, आकाश चंदेलिया, सोनू वाल्मीकि, संदीप कांगड़ा, नंदू चांवरिया, किशन पंवार, कृष पंवार, शनि धवल, अरुण हटवाल, मनीष चांवरिया, सौरव चंदेलिया और अंकित सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।

1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा:नॉर्मल कैटेगरी पासपोर्ट ₹2,500 और तत्काल ₹5,000 में बनेगा, खोने या डैमेज होने पर ₹8,500 तक फीस

भारत में पासपोर्ट बनवाना 1 जुलाई से महंगा हो जाएगा। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट नियमों में बदलाव करते हुए अलग-अलग कैटेगरीज की फीस बढ़ाई है। मंत्रालय ने पासपोर्ट रूल्स, 1980 में संशोधन के बाद नई दरों को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। ये बढ़ोतरी 14 साल बाद की गई है। इससे पहले 2012 में फीस में बदलाव हुआ था। सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब आवेदकों को नॉर्मल कैटेगरी में पासपोर्ट बनवाने के लिए 1,000 रुपए ज्यादा देने होंगे। 36 पन्नों के नॉर्मल कैटेगरी पासपोर्ट की फीस 1,500 से बढ़कर 2,500 रुपए हो गई है। तत्काल सेवा या कैटेगरी की फीस जो पहले 3,500 रुपए थी, अब 5,000 रुपए कर दी गई है। तत्काल प्रोसेसिंग के लिए 6,000 रुपए देने होंगे इसके अलावा, जो लोग ज्यादा यात्रा करते हैं और 60 पन्नों का पासपोर्ट बुकलेट चाहते हैं, उन्हें नॉर्मल कैटेगरी में 3,500 रुपए और तत्काल प्रोसेसिंग के लिए 6,000 रुपए का भुगतान करना होगा। नॉर्मल कैटेगरी में पासपोर्ट बनवाने की फीस ₹2,500 हुई पासपोर्ट खोने या डैमेज होने पर लगेगा सबसे बड़ा चार्ज, नई दरें तय इस बदलाव में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पासपोर्ट खो जाने या खराब (डैमेज) होने पर उसके रिप्लेसमेंट चार्ज में की गई है। अगर आपका 36 पन्नों का पासपोर्ट खो जाता है, तो नॉर्मल प्रोसेसिंग के तहत उसे दोबारा बनवाने के लिए 5,000 रुपए देने होंगे, जबकि तत्काल में यह खर्च 7,500 तक पहुंच जाएगा। इसी तरह, 60 पन्नों वाले रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए नॉर्मल कैटेगरी में 6,000 रुपए और तत्काल के लिए 8,500 रुपए की फीस तय की गई है। माइनर यानी बच्चों के रिप्लेसमेंट के लिए भी अलग नियम नाबालिग आवेदकों के मामले में भी यदि 36 पन्नों का पासपोर्ट खो जाता है या डैमेज हो जाता है, तो उसे बदलवाने के लिए नॉर्मल कैटेगरी में 4,250 रुपए खर्च करने होंगे। वहीं, अगर कोई पेरेंट्स अपने बच्चे का खोया हुआ पासपोर्ट तत्काल सर्विस के जरिए जल्द से जल्द बनवाना चाहते हैं, तो उन्हें 6,750 रुपए की फीस चुकानी होगी। पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं, पहले जैसे ही रहेंगे नियम फीस बढ़ाने के साथ ही सरकार ने नियमों में वैलिडिटी की स्थिति को भी स्पष्ट किया है। वयस्क आवेदकों के लिए जारी किए गए पासपोर्ट की वैधता पहले की तरह ही अधिकतम 10 साल तक रहेगी। वहीं, नाबालिगों को जारी किए जाने वाले पासपोर्ट की वैलिडिटी 5 साल या उनके 18 साल की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) मान्य रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

जयपुर के SMS हॉस्पिटल में सांस नली का दुर्लभ ऑपरेशन:सिकुड़े 7 छल्लों को हटाकर नली वापस जोड़ी; प्रदेश में ऐसा पहला ऑपरेशन

जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में एक युवती की सांस की नली का दुर्लभ ऑपरेशन किया गया। डॉक्टरों का दावा है कि इस तरह का प्रदेश में ये पहला ऑपरेशन है। इस ऑपरेशन में युवती की सांस नली के 7 छल्ले (जो सिकुड़ गए थे) हटाए गए और वापस सांस नली को जोड़ा गया। डॉक्टरों का कहना है कि भारत में अक्सर सांस नली के 3 या 4 ही छल्ले हटाने के ऑपरेशन होने के बारे में सुनते है, लेकिन 7 छल्ले हटाने का मामला बहुत दुर्लभ है। सीटीवीएस डिपार्टमेंट के सीनियर प्रोफेसर डॉ. संजीव देवगढ़ा की यूनिट की टीम ने इस ऑपरेशन को किया। ऑपरेशन के बाद युवती ठीक है और उसे हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी है। डॉक्टर संजीव देवगढ़ा ने बताया- अजमेर की रहने वाली 29 साल की सुप्यार देवी का जनवरी 2024 में एक्सीडेंट हो गया था, जिसका अजमेर के हॉस्पिटल में सिर का ऑपरेशन किया गया। इस ऑपरेशन के बाद युवती करीब एक माह कोमा में चली गई। कोमा में जाने के बाद डॉक्टरों ने मरीज के गले में ट्रेकियोस्टोमी (गले में छेद करके सांस लेने के लिए ट्यूब डाली गई) की गई, ताकि कोमा में रहने के दौरान मरीज को सांस लेने में तकलीफ न हो। कोमा से बाहर आने के बाद लगातार सांस लेने में तकलीफ करीब एक माह बाद जब युवती कोमा से बाहर आई, तो उसके गले में डाली गई टयूब को बाहर निकाला। इस टयूब के बाहर आने के बाद भी युवती को सांस लेने में तकलीफ रहने लगी। उसे कई दूसरे हॉस्पिटल में दिखाया और इलाज करवाया, लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। इसके बाद वह जब पिछले महीने मई में SMS हॉस्पिटल पहुंची। यहां जब युवती की सीटी स्कैन और वर्चुअल ब्रोंकोस्कोपी जांच करवाई तो पता चला मुख्य श्वासनली में गंभीर ट्रेकीयल स्टेनोसिस है। इस बीमारी में सांस नली में बने छल्ले सुकड़ जाते है, जिससे सांस लेने में तकलीफ आती है। ऑपरेशन करके 7 छल्ले हटाए, फिर जोड़ी नली डॉक्टर देवगढ़ा ने बताया- 29 मई को भर्ती करने के बाद युवती का 4 जून को ऑपरेशन किया गया। इस ऑपरेशन में डॉ. अनुला सिसोदिया, डॉ. ध्रुव शर्मा, डॉ. के. के. मावर, डॉ. उत्सव नंदवाना, डॉ. मोहित सिंघल, डॉ. स्वप्निल पंचाल के अलावा एनेस्थीसिया टीम से डॉ. प्रतिभा राठौर, डॉ. अंशुल गुप्ता और डॉ. दीपिका गहलोत का सहयोग रहा। करीब साढ़े चार घंटे चली इस सर्जरी में युवती की सांस नली में मौजूद 7 छल्ले जो सिकुड़ गए थे उनको काटकर हटाया और सांस नली को वापस सफलतापूर्वक जोड़ा गया। ऑपरेशन के दौरान के मरीज को 4 यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। साथ ही सांस और ब्लड सर्कुलेशन बनाए रखने के लिए मरीज को हार्ट-लंग मशीन पर रखा गया। ऑपरेशन की सबसे बड़ी चुनौती यह ऑपरेशन इसलिए भी बहुत जटिल था, क्योंकि सांस नली को ऑपरेशन के दौरान हटाते समय आसपास स्थित महत्वपूर्ण नसों और ब्लड आर्टरी (वाहिनियों) को बचाना। ऐसी स्थिति में अगर कोई नस या आर्टरी कट जाए तो मरीज को बोलने, निगलने या सांस लेने में स्थायी कठिनाई हो सकती है तथा फेफड़ों तक रक्त पहुंचाने वाली मुख्य धमनियों को नुकसान होने पर जान का भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।

मोहर्रम पर प्रशासन अलर्ट, शांति व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम:अफवाहों से दूर रहने, भ्रामक सामग्री साझा न करने के निर्देश

मोहर्रम (ताजिया) पर्व के मद्देनजर ब्यावर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कमल राम मीना ने जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी उपखंड अधिकारियों, पुलिस और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती तथा ताजिया जुलूसों के दौरान यातायात, पेयजल, स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। 25 जून की रात से 26 जून तक रहेगा पर्व प्रशासन के अनुसार मोहर्रम (ताजिया) पर्व 25 जून की रात्रि से 26 जून की रात्रि तक मनाया जाएगा। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ताजियों के जुलूस निकाले जाएंगे। पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। शांति समितियों की बैठकों पर जोर जिला कलेक्टर ने सभी उपखंड मजिस्ट्रेटों को जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक उपखंड में शांति समिति की बैठकें आयोजित कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने को कहा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात पुलिस विभाग को संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने तथा असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। थाना अधिकारियों को सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
यातायात और नागरिक सुविधाओं के विशेष इंतजाम मोहर्रम जुलूसों के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे। संबंधित विभागों को जुलूस मार्गों पर साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल, स्वास्थ्य और बिजली सेवाओं पर फोकस जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को दवाइयों, चिकित्सा दलों एवं एम्बुलेंस की उपलब्धता बनाए रखने तथा विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। अफवाहों से बचने और भाईचारा बनाए रखने की अपील जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने जिलेवासियों से मोहर्रम पर्व आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांति के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से दूर रहने, सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री साझा नहीं करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को देने का आग्रह किया। शांतिपूर्ण आयोजन का जताया विश्वास जिला कलेक्टर ने विश्वास व्यक्त किया कि सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द की अपनी समृद्ध परंपरा के अनुरूप ब्यावर जिले में मोहर्रम पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होगा।