US-ईरान डील से भारत को बड़ी राहत, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकले 11 भारतीय जहाज, क्रूड और गैस की सप्लाई बहाल!

अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पाबंदियां हट गई हैं, जिससे भारत आने वाले तेल, गैस और खाद से लदे 11 जहाजों का रास्ता साफ हो गया है।

Coffee Par Kurukshetra: अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच कहां तक पहुंची? देखें पूरी चर्चा

राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। पूरी चर्चा “कॉफी पर कुरुक्षेत्र” में देखें-

उदयनिधि का तमिलनाडु CM पर पत्नी को लेकर तंज:विपक्ष के नेता ने कहा- चेंगलपट्टू कोर्ट में पति की तलाश कर रही पत्नी

तमिलनाडु की राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणियों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष के नेता उधयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर अप्रत्यक्ष रूप से व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि चेंगलपट्टू कोर्ट में एक पत्नी अपने पति को खोज रही है। स्टालिन ने यह टिप्पणी तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय के संबोधन की शैली पर निशाना साधते हुए की। उन्होंने कहा कि पूरे तमिलनाडु को चेंगलपट्टू कोर्ट में पति को खोज रही पत्नी की कहानी पता है और मुख्यमंत्री को अब अभिनेता की छवि छोड़कर मुख्यमंत्री की भूमिका में व्यवहार करना चाहिए। हालांकि स्टालिन ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी को मुख्यमंत्री विजय और उनकी अलग रह रही पत्नी संगीता सोर्नालिंगम से जोड़कर देखा जा रहा है। संगीता ने पिछले वर्ष दिसंबर में तलाक की याचिका दायर की थी, जिस पर चेंगलपट्टू फैमिली वेलफेयर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। पार्टी को केवल अभिनेता की पार्टी कहकर खारिज करना गलत: विजय इससे पहले CM विजय ने विधानसभा में अपने फिल्मी करियर को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि कुछ लोग कहते हैं कि वह सीधे फिल्म सेट से मुख्यमंत्री बन गए, लेकिन यह सिर्फ एक “रील” है। विजय ने अपने संबोधन में कहा कि अधिकांश लोग पहले राजनीतिक दल बनाते हैं और बाद में जनता के बीच जाते हैं, जबकि उन्होंने पहले जनता के बीच जाकर समर्थन हासिल किया और उसके बाद पार्टी बनाई। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी को केवल अभिनेता की पार्टी कहकर खारिज करना गलत है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने 2026 का विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के अकेले लड़ा था। भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर DMK व्यक्तिगत हमले करती है: TVK स्टालिन की टिप्पणी के बाद TVK ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएमके पर हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि जब भी विजय डीएमके पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं, तब जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत हमले किए जाते हैं। TVK ने कहा कि विपक्ष के पास आरोपों का जवाब नहीं है और वह केवल सत्ता से चिपके रहने की राजनीति कर रहा है। पार्टी ने इसे निम्नस्तरीय राजनीतिक हमला बताते हुए कहा कि जनता ऐसे बयानों को समझती है। तमिलनाडु में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में डीएमके सरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा था। इसके बाद से राज्य की राजनीति में TVK और डीएमके के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज होते जा रहे हैं। विजय ने साधा डीएमके पर निशाना आज विधानसभा में बोलते हुए अभिनेता से नेता बने विजय ने डीएमके पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पार्टी फंड इकट्ठा करने के नाम पर कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए जनता के पैसे को वापस लाएगी। अपना भाषण जारी रखते हुए विजय ने कहा कि पिछली डीएमके सरकार के उलट टीवीके कभी भी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं होगी और न ही किसी को सरकारी खजाने को “लूटने” देगी। उनकी तीखी टिप्पणियों पर विपक्ष की तरफ से तुरंत और कड़ा विरोध हुआ। उदयनिधि ने ‘पॉइंट ऑफ ऑर्डर’ उठाते हुए विरोध जताया और कहा कि मुख्यमंत्री को ऐसी बात तभी कहनी चाहिए, जब उनके पास सबूत हों। ———————- विजय और उनकी पत्नी संगीता के तलाक से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सीएम विजय और संगीता के तलाक मामले की सुनवाई टली: दोनों खुद कोर्ट में नहीं पहुंचे, अगली सुनवाई 7 अगस्त को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पूर्व एक्टर विजय तथा उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक मामले की सुनवाई सोमवार को चेंगलपट्टू जिले के महिला कोर्ट में हुई, लेकिन दोनों पक्ष अदालत में पेश नहीं हुए। कोर्ट ने पहले व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था। पूरी खबर पढ़ें…

लुधियाना में नवविवाहित दंपती ने सुसाइड किया:4 महीने पहले लव मैरिज की थी, पति ने जहर खाया, पत्नी सदमा नहीं सह सकी

लुधियाना में नवविवाहित दंपती ने सल्फास निगलकर सुसाइड कर लिया। परिवार ने भाभी पर ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सूत्रों के मुताबिक युवक और भाभी का पहले रिलेशन था। वह उसे अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांग रही थी। सदर थाना पुलिस ने आरोपी भाभी पर केस दर्ज कर लिया है। अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आरोप है कि लगातार दबाव और तनाव के कारण युवक ने यह कदम उठाया। पति की मौत की खबर मिलने के बाद पत्नी भी सदमे में आ गई और उसने भी सल्फास निगल ली। दोनों की अस्पताल में मौत हो गई। खन्ना के गांव बूथगढ़ का रहने वाला 31 वर्षीय गुरकरमदीप सिंह पेशे से आर्किटेक्ट था। उसने करीब चार महीने पहले 23 वर्षीय जैसमीन नागरा से लव मैरिज की थी। भाभी पर ब्लैकमेल करने का आरोप
मृतक की मां सिंदरपाल कौर के अनुसार गांव की नवजोत कौर उर्फ दीप, जो रिश्तेदारी में गुरकरमदीप की भाभी लगती है, शादी के बाद भी उनसे संपर्क में थी। नवजोत कौर पैसे मांगकर गुरकरमदीप को ब्लैकमेल कर रही थी और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी। गुरकरमदीप पिछले कुछ समय से तनाव में थे। जिसके चलते रविवार की रात शाम उसने घर में रखीं सल्फास को गोलियां निगल लीं। उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पति की मौत के बाद पत्नी ने खाया जहर
पति की मौत की खबर सुनकर जैसमीन टूट गई। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह लगातार रो रही थी। सोमवार को उसने बाथरूम में जाकर उसने भी सल्फास की गोलियां निगल लीं। परिवार उसे तुरंत खन्ना के सरकारी अस्पताल में ले आया। लेकिन यहां हालत को गंभीर देखते हुए उसे पटियाला रेफर कर दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे
पटियाला में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसके शव को खन्ना अस्पताल में लाया गया। यहां मंगलवार को दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार किया। जांच अधिकारी चरणजीत सिंह ने कहा कि मृतक की मां के बयान के आधार पर नवजोत कौर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।

अधिकारी के बैंक लॉकर में मिला नोटों का बंडल, सिर्फ 1 में मिला ₹1.50 करोड़ कैश, 2 और लॉकर खुलने अभी बचे हैं

ACB अधिकारियों ने शालीबंडा के केनरा बैंक में लॉकर में रखे कैश की जांच की। एक लॉकर से ₹1.50 करोड़ कैश बरामद हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि दो और लॉकर खोलेंगे।

कर्णप्रयाग और नगरासू मामले में हो रही निष्पक्ष कार्रवाई, CM धामी ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का किया आह्वान

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने अफवाहों से बचने की बात कही।

Rajat Sharma's Blog | लखनऊ में आग का तांडव: युवाओं की मौत के गुनहगार कौन?

लखनऊ में युवाओं की मौत से उनके परिजनों के बीच मातम पसरा है। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं, जिसमें एक सवाल ये भी है कि अगर परमिशन नहीं थी, फायर डिपार्टमेंट का क्लीयरेंस नहीं था, तो गेमिंग-कोडिंग का ये सेंटर कैसे चल रहा था?

NEET Re-Exam: सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़, बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मियों के साथ मिलकर रचा था पूरा खेल; अब तक 30 गिरफ्तार

पकड़े गए सॉल्वर गैंग को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। यह गैंग बॉयोमेट्रिक सेवा देने वाली कंपनी के कर्मचारियों के साथ मिलकर अपनी हरकतों के अंजाम दे रहा था।

ताश के पत्तों की तरह गिर गया पुल, ऊपर से गुजर रहा था डंपर; हादसे का CCTV फुटेज आया सामने

किन्नौर में मंगलवार की सुबह एक पुल अचानक से गिर गया। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।

भरत तिवारी एनकाउंटर में बैकफुट पर सरकार:SDPO-SHO और पुलिसकर्मियों पर 7वें दिन हत्या की FIR, मां ने कहा था- बेटे को घेर कर गोली मारी

भोजपुर के भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के 7वें दिन बड़ी कार्रवाई हुई है। भरत की मां के आवेदन पर SDPO, SHO और अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या की FIR की गई है। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ BNS की धारा 103(1)/3(8) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जिम्मेदारी आरा सर्किल इंस्पेक्टर संजीव कुमार को दी गई है। भरत तिवारी की मां ने जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा और तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर सरेंडर करने के बाद गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया था। 17 जून को भोजपुर पुलिस ने भरत को उस वक्त गोली मारी थी, जब उसने फेसबुक लाइव आकर सरेंडर कर दिया था। यह इस केस में अब तक चौथी FIR है। अब तक सम्राट सरकार पुलिसवालों पर हत्या की FIR करने से बच रही थी। दैनिक भास्कर ने लगातार भरत एनकाउंटर में पुलिस की दी गई थ्योरी और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को एक्सपोज किया था। इसका असर है कि अब हत्या की FIR हुई है। अब जानिए, भरत तिवारी की मां आशा देवी की ओर से दिए गए आवेदन में क्या-क्या लिखा है? भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में उसकी मां आशा देवी की ओर से 18 जून को भोजपुर के SP राज को मुठभेड़ में शामिल कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया था। एसपी राज को दिए गए आवेदन में आशा देवी ने लिखा था कि 17 जून को सुबह 8 बजे शाहपुर थाना अध्यक्ष के साथ अन्य पुलिसकर्मी, जगदीशपुर SDPO के नेतृत्व में एक टीम मेरे घर आई। टीम ने भरत तिवारी से कहा कि जहां जवइनियां गांव के बाढ़ विस्थापित रह रहे हैं, वहां हम लोगों के साथ चलो और बताओ कि वहां उन लोगों की क्या समस्या है, उनकी क्या मांग है। आवेदन में आशा देवी ने यह भी कहा था कि जवइनियां गांव के बाढ़ प्रभावितों के पास पहुंचने पर फेसबुक पर लाइव हुआ और अपनी मांगों को बताने के बाद हथियार जमीन पर फेंककर खुद को सरेंडर कर दिया था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मेरे बेटे को घेर लिया। फिर जगदीशपुर के एसडीपीओ के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने भरत को 5 गोलियां मारकर घायल कर दिया। इसके बाद भरत को लेकर चले गए। घटना के बाद मेरे पति और भरत के पिता काशीनाथ तिवारी को दिनभर शाहपुर थाने में बंद रखा गया। शाम को हम लोगों को सूचना दी गई कि आपके बेटे की मौत हो गई है। एनकाउंटर में शामिल जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थाना के एसएचओ और अन्य सहयोगी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि मेरे बेटे को न्याय मिल सके। भास्कर की खबर के बाद कैसे बैकफुट पर आ गई सरकार 17 जून को एनकाउंटर हुआ। पुलिस ने दावा किया कि भरत ने 10-12 राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में मारा गया। 18 जून भास्कर डिजिटल ने एनकाउंटर पर सवाल उठाए और लापरवाह जिम्मेदार चेहरों को उजागर किया।
19 जून को भास्कर डिजिटल ने पुलिस की 5 झूठी थ्योरी बताई। भास्कर की दोनों खबरों के बाद 20 जून को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच के आदेश दिए और 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया। इसके बाद भास्कर डिजिटल ने घटना की आंखोंदेखी रिपोर्ट को प्रकाशित किया। 23 जून की सुबह भास्कर डिजिटल ने पुलिस की पहली FIR की गलत थ्योरी को भी उजागर किया। मां के आवेदन का स्टेटस भी बताया कि अब तक पुलिस ने FIR नहीं की है। इस रिपोर्ट के बाद 23 जून की दोपहर होते-होते सरकार ने पुलिसकर्मियों पर हत्या की FIR दर्ज करवा दी। भोजपुर एनकाउंटर- 10-12 राउंड गोलियां चलाईं, सिर्फ 2 खोखे मिले:पिस्टल पुलिस के नजदीक, भरत ने कैसे उठाया? जानिए पुलिस ने FIR में कैसी कहानी गढ़ी भरत तिवारी एनकाउंटर-‘हमारे सामने 3 गोली मारी, 5 कैसे निकली?’:हथियार फेंकने के बाद पुलिस ने दौड़कर पकड़ा, दूर ले जाकर दागी बुलेट; गांववालों की आंखों-देखी भरत तिवारी की मौत के जिम्मेदार 4 चेहरे:पुलिस ने सम्राट को गलत जानकारी दी, मेंटल केस बताकर गोली मारी, क्या ये फेक एनकाउंटर है? सबसे पहले एनकाउंटर से जुड़ी तीन तस्वीरें देखिए अब जानिए, भरत तिवारी एनकाउंटर में 3 FIR कब दर्ज की गईं, FIR में क्या लिखा गया है? पहली FIR (17 जून) पहली FIR में भरत भूषण तिवारी के साथ उसके पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को भी आरोपी बनाया गया था। यह मामला तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के बयान पर दर्ज किया गया, जबकि इसकी जांच की जिम्मेदारी ASI बबीता देवी को सौंपी गई। FIR के अनुसार, कांड संख्या 759/26 के तहत पुलिस टीम 16 जून की सुबह करीब 4:40 बजे भरत तिवारी की गिरफ्तारी के लिए बिलौटी गांव स्थित उसके घर पहुंची। पुलिस का दावा है कि सुबह लगभग 5:10 बजे दरवाजा खुलवाने पर भरत तिवारी पुलिस को देखते ही आक्रामक हो गया और पिस्टल तान दी। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा बंद कर दिया। आरोप है कि भरत घर की छत पर चढ़ गया और वहां से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने सुरक्षित पोजीशन लेकर अपना बचाव किया। FIR में यह भी कहा गया है कि पूछताछ के दौरान भरत के पिता और भाई ने उसके पास हथियार होने की जानकारी पुलिस से छिपाई। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी मजबूत की और आगे की रणनीति के लिए थाने लौट गई। दूसरी FIR (17 जून- दोपहर 12:20 बजे) दूसरी FIR तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के बयान पर दर्ज की गई। इसमें भरत भूषण तिवारी को आरोपी बताते हुए कहा कि मुठभेड़ में घायल होने के बाद PMCH में इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले की जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर संतोष कुमार को सौंपी गई। FIR के अनुसार, दोपहर में पुलिस और STF की टीम दोबारा बिलौटी गांव में छापेमारी के लिए पहुंची। पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी हथियार लहराते हुए बधार (खेतों) की ओर भागा। छेर नदी के पास कच्ची सड़क पर पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उसने कथित तौर पर पुलिस की सरकारी गाड़ी के बोनट पर गोली चला दी। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार ने एक राउंड फायरिंग की। इसके बाद भरत ने सरेंडर करने का नाटक किया, लेकिन दोबारा पिस्टल उठाकर पुलिस पर दो राउंड फायर कर दिए। FIR में कहा गया कि आत्मरक्षा में STF के जवान अक्षय कुमार ने अपनी सरकारी पिस्टल से कमर के नीचे चार राउंड फायर किए, जिससे भरत के पैरों में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटनास्थल की जांच के दौरान FSL टीम ने 7.65 बोर की एक लोडेड पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद किए। पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान भरत ने 10 से 12 राउंड, जबकि पुलिस टीम ने कुल पांच राउंड फायरिंग की। तीसरी FIR (18 जून- सुबह 08:40 बजे) भरत तिवारी की मौत के बाद शव रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने और पुलिस पर पथराव के मामले में सब-इंस्पेक्टर सच्चिदानंद यादव के बयान पर FIR दर्ज की गई। इसमें सरोज त्रिपाठी, मुखिया बलिराम यादव, राकेश यादव, अंजनी तिवारी समेत 13 नामजद और 50 से 60 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। मामले की जांच ASI बबीता देवी को सौंपी गई। यह कार्रवाई एसआई मो. अलीमुद्दीन खान के आदेश पर की गई। FIR के अनुसार, 17 जून की रात PMCH में इलाज के दौरान भरत तिवारी की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया। अगले दिन 18 जून की सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने बिलौटी मोड़ के पास NH-922 पर टेंट के नीचे शव रखकर दोनों लेन पर आवागमन रोक दिया। पुलिस का कहना है कि जब सब-इंस्पेक्टर सच्चिदानंद यादव पुलिस बल के साथ लोगों को समझाने पहुंचे, तो भीड़ ने धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और पथराव किया, जिससे पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। FIR के अनुसार, करीब पांच घंटे तक हाईवे जाम रहा। बाद में वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद जाम समाप्त कराया गया। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई है। अब भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की कहानी जानिए भरत भूषण तिवारी की ओर से बुधवार सुबह फेसबुक लाइव वीडियो में दिख रहा था कि वो सुनसान इलाके में खड़ा है। उसके सामने पुलिस और एसटीएफ की टीम खड़ी है। भरत के दोनों ओर बुलेट प्रूफ जैकेट पहने भोजपुर पुलिस के जवान हथियार लेकर खड़े हैं। खुद भरत इस बात का जिक्र करता है। वो खुद को निर्दोष बताते हुए कहता है कि मैं कोई मुजरिम नहीं हूं, इसके बावजूद एसटीएफ के साथ भोजपुर पुलिस टीम मुझे पकड़ने आई है। वीडियो के आखिर में भरत भूषण पुलिस की ओर हथियार फेंकता है और खुद को सरेंडर कर फेसबुक लाइव बंद कर देता है। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उसने दोबारा पिस्टल उठाकर फायरिंग की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में गोली मारी गई।