पिंजरापोल गोशाला:4 गायों की करंट से मौत, जांच में पता चला नई बिल्डिंग में जा रही ​केबल पानी में पड़ी थी, उसी से दौड़ा करंट

सांगानेर स्थित पिंजरापोल गोशाला में गुरुवार देर रात करंट लगने से चार गायों की मौत हो गई। घटना बारिश के बाद सुरभि भवन के पास बने बाड़े में हुई। शुक्रवार सुबह गोसेवक मौके पर पहुंचे तो चारों गायें मृत पड़ी थीं। आवारा कुत्ते शवों को नोच रहे थे।
गोशाला संचालकों का कहना था कि यहां पर ट्रांसफार्मर में करंट लगने से गायों की मौत हुई है। हमने कई बार यहां पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए कह चुके, लेकिन बिजली निगम सुनवाई नहीं कर रहा था। इससे यह हादसा हो गया। वहीं डिस्कॉम की तकनीकी जांच में तस्वीर अलग सामने आई। सूचना मिलने पर बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद गायों को हटाकर ट्रांसफार्मर और उसके चारों ओर लगी जाली की जांच की गई, लेकिन वहां करंट नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने मीटर से गोशाला परिसर में निर्माणाधीन नई बिल्डिंग तक जा रही बिजली लाइन की जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर बिजली के तार खुले मिले और उनमें करंट दौड़ता मिला। मीटर के पास भी तार खुले थे तथा उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बॉक्स तक नहीं लगाया गया था। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना था कि पानी में केबल पड़ी थी और उसी से कंरट दौड़ रहा था। इससे ही यह हादसा हुआ है। गोसेवकों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद गोसेवकों और स्थानीय लोगों ने कहा कि गोशाला परिसर में बिजली सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। सनातन सेना संगठन के प्रमुख अशोक पाठक ने गौशाला प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जाली में करंट नहीं शुरुआती जांच में ट्रांसफार्मर से करंट लगना सामने नहीं आया। ट्रांसफार्मर और उसकी जाली में करंट नहीं मिला। जांच के दौरान गोशाला परिसर में कई जगह खुले बिजली तार मिले, जिनमें करंट दौड़ रहा था। -राजीव अग्रवाल, एक्सईएन, सांगानेर बिजली निगम जिम्मेदार यह दुर्घटना है। ट्रांसफार्मर कई वर्षों से लगा हुआ है। हमने तारबंदी कराई थी। बिजली निगम की जिम्मेदारी है। हमारी कोई गलती नहीं है। -शुभरतन चितलांगिया, मंत्री, पिंजरापोल गोशाला, सांगानेर

आरएसएएचसी की बड़ी चूक:बिना फिजिकल वेरिफिकेशन बना परीक्षा केन्द्र, 1500 क्षमता वाले कॉलेज में 2600 छात्रों को बैठाया

राजस्थान स्टेट एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल (आरएसएएचसी) की परीक्षा व्यवस्था में बड़ी खामी सामने आई है। कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज का फिजिकल वेरिफिकेशन किए बिना केवल चेकलिस्ट के आधार पर परीक्षा केन्द्र की अनुमति दे दी गई। इसका खामियाजा 29 जून को आयोजित पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स की परीक्षा में सामने आया, जहां अव्यवस्था मिलने पर परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इससे 2600 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि करीब 1500 परीक्षार्थियों की क्षमता वाले परीक्षा केन्द्र पर 2600 छात्रों को बैठाया गया। व्यवस्था कम पड़ने पर परीक्षार्थियों को टेंट में बैठाकर परीक्षा करानी पड़ी। बाद में गड़बड़ियां सामने आने पर परीक्षा निरस्त कर दी गई। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विरेन्द्र कुमार शर्मा ने स्वीकार किया कि समय कम होने के कारण फिजिकल निरीक्षण नहीं कराया गया और केवल चेकलिस्ट के आधार पर केन्द्र को स्वीकृति दी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी परीक्षा केन्द्र की क्षमता, आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का भौतिक सत्यापन किए बिना अनुमति देना गंभीर प्रशासनिक चूक है। क्या है मामला; कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में 29 जून को डिप्लोमा इन कैथ लैब टेक्नोलॉजी (डीसीएलटी), डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्नोलॉजी (डीडीटी) और डिप्लोमा इन ईसीजी टेक्नोलॉजी (डीईसीजीटी) के प्रथम वर्ष एवं रिमांडेड छात्रों की सैद्धांतिक परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा के दौरान अव्यवस्था मिलने पर इसे रद्द करना पड़ा। जयपुर में इस दिन कुल 11 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। ये हैं बड़ी खामियां
1. पिछले 10 साल से सिर्फ जयपुर ही परीक्षा केन्द्र
काउंसिल पिछले दस वर्षों से पैरामेडिकल कोर्स की सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षाएं केवल जयपुर में आयोजित करा रही है। इससे जोधपुर, कोटा, उदयपुर, बाड़मेर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, बीकानेर, चूरू और अलवर सहित अन्य जिलों के छात्रों पर यात्रा, ठहरने और भोजन का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। मौजूदा समय में गायत्री राठौड़ के पास चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा विभाग, दोनों के सचिव का दायित्व है। ऐसे में जिला या संभाग स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाने और एसओपी जारी करने की मांग उठ रही है। 2. परीक्षा केन्द्रों और परीक्षकों को नाममात्र का मानदेय
परीक्षा केन्द्रों को प्रति छात्र करीब 12 रुपए और परीक्षकों को 250 रुपए मानदेय दिया जाता है, जिसे विशेषज्ञ अपर्याप्त मानते हैं। 3. काउंसिल का अपना भवन नहीं
आरएसएएचसी वर्षों से किराए के भवन में संचालित हो रही है और अब तक उसका अपना भवन नहीं बन पाया है। हमने कालवाड़ रोड स्थित सेंटर का फिजिकल वेरिफिकेशन कराने की बजाय चेकलिस्ट के आधार पर परीक्षा केन्द्र की अनुमति दी थी। सरकार को जिला या संभाग स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाने के लिए भी पत्र लिखा है, ताकि प्रदेश के बाहर के छात्रों को अपने गृह जिले या संभाग में परीक्षा देने की सुविधा मिल सके। -डॉ. वीरेन्द्र कुमार शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, आरएसएएचसी

खानपुर: ब्लॉक स्तरीय निष्पादन बैठक में शिक्षा गुणवत्ता व सुरक्षा पर जोर ​दिया

खानपुर| सीबीईओ कार्यालय में ब्लॉक स्तरीय निष्पादन बैठक हुई। अध्यक्षता सीबीईओ नाथूलाल वर्मा ने की। बैठक में ब्लॉक की शैक्षणिक रैंकिंग, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधार और जनाधार ऑथेंटिकेशन, तथा स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। प्रधानाचार्य दिलीप कारपेंटर ने ब्लॉक रैंकिंग से जुड़ी स्थिति बताई और शैक्षणिक प्रगति व सुधार के बिंदु रखे। प्रधानाचार्य बालचंद नागर ने आधार और जनाधार ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया और उपयोगिता की जानकारी दी। एसीबीओ सियाराम नागर ने जर्जर भवनों और छतों की स्थिति, नालियों की सफाई, स्कूल परिसर और बाहर जलभराव की समस्या पर रिपोर्ट रखी। उन्होंने छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। नाथूलाल वर्मा ने शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को समय पर स्कूल पहुंचने, विद्यार्थियों और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने, और सुरक्षा मानकों का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने ब्लॉक खानपुर की जिले में रैंकिंग सुधारने के लिए सामूहिक प्रयास करने को कहा। बैठक में 38 पीईईओ और 47 प्रधानाचार्य शामिल हुए। मंच पर शिवचरण जाटव, प्रधानाचार्य खंडी और महेंद्र पाटोदिया, प्रधानाचार्य सूमर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश धाकड़, प्रधानाचार्य करनवास ने किया।

जयपुर में XUV ने युवक को रौंदा, मौत:दूसरी गाड़ी से कार टकराई; युवकों के मारपीट से बचने के लिए भागते समय हादसा

जयपुर में गुरुवार रात XUV गाड़ी के रौंदने से एक युवक की मौत हो गई। घर लौटते समय उसकी कार दूसरी गाड़ी से टच हो गई थी। गाड़ी सवार के मारपीट करने से बचकर भागने पर वह XUV की चपेट में आ गया। नारायण विहार थाना पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए शव को जयपुरिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। SHO (नारायण विहार) गुंजन सोनी ने बताया- हादसे में मानसरोवर के मांग्यावास निवासी अतुल मंडल (24) की मौत हो गई। वह कम्प्यूटर से डिजाइनिंग का काम करता था। परिजनों की ओर से दर्ज शिकायत में बताया- पिछले कुछ दिनों पहले ही अतुल ने नारायण विहार में रेस्टोरेंट खोला था। गुरुवार रात करीब 11 बजे वह अपनी ब्रेजा गाड़ी से घर लौटने के लिए निकला था। कार बैक लेते समय दूसरी गाड़ी से टच होने पर हुआ था विवाद वंदे मातरम रोड पर नारायण पेट्रोल पंप के पास अतुल की कार बैक लेते समय पीछे वाली कार से टच हो गई। इस बात पर गुस्साए कार सवारों ने पीछा कर उसे रुकवाया। कार से नीचे उतारकर अतुल के साथ मारपीट करने लगे। इससे बचने के लिए अतुल भागकर रोड क्रॉस करने लगा। इसी दौरान आई XUV गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। रोड पर गिरने के बाद XUV उसके ऊपर से निकल गई। हादसे के बाद झगड़ा करने वाले कार सवार और रौंदने वाली XUV गाड़ी दोनों मौके से फरार हो गए। एक्सीडेंट की सूचना पर पहुंची नारायण विहार थाना पुलिस ने गंभीर हालत में उसे जयपुरिया हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टर्स ने चेक करने के बाद अतुल को मृत घोषित कर दिया।

जाट महापंचायत विवाद पर 30 दिन में फैसला करना होगा:हाईकोर्ट ने कहा- एक महीने में कारण सहित आदेश जारी करेंगे; जोधपुर कलेक्टर को दिए निर्देश

राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रस्तावित जाट महापंचायत और तेजा गायन कार्यक्रम को लेकर चल रहे विवाद में जोधपुर कलेक्टर को निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को सभी पक्षों की सुनवाई कर 30 दिनों में कारण सहित आदेश जारी करने को कहा है। यह मामला महाराजा सूरजमल संगठन (भारत) द्वारा दायर एक याचिका से जुड़ा है। याचिका में बताया गया था कि पीपाड़ क्षेत्र में प्रस्तावित जाट महापंचायत और तेजा गायन कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने आवेदन को रद्द कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ता हनुमान राम सिरोही ने राजस्थान हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने कहा- अंतिम फैसला जिला प्रशासन को ही लेना होगा जस्टिस समीर जैन की बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यह मामला कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निर्णय से संबंधित है। इस पर अंतिम फैसला जिला प्रशासन को ही लेना होगा। हाईकोर्ट ने कहा- याचिकाकर्ता को जिला कलेक्टर के समक्ष नया प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता होगी। यदि किसी अन्य पक्ष को इस कार्यक्रम पर आपत्ति है तो उसे भी व्यक्तिगत रूप से या अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद जिला कलेक्टर प्रशासनिक आवश्यकताओं, कानून-व्यवस्था की स्थिति और सरकारी नीति को ध्यान में रखते हुए 30 दिनों में एक ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ (कारण सहित आदेश) पारित करेंगे। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके इस आदेश का मामले के गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और कलेक्टर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र व निष्पक्ष निर्णय लेने के लिए अधिकृत होंगे।

डबल इंजन सरकार से आर्थिक विकास:पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के औद्योगिक विकास में नया अध्याय

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सूरज सोनी ने कहा कि बालोतरा के पचपदरा में स्थापित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी परियोजना राजस्थान के औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उनका कहना है कि लंबे समय तक राजनीतिक अनिर्णय और प्रशासनिक सुस्ती के कारण अटकी रही यह परियोजना अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और केंद्र-राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वय से निर्णायक चरण में पहुंच गई है। सोनी ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी का सपना वर्षों पुराना था, लेकिन शुरुआती दौर में परियोजना वित्तीय अस्पष्टता और अन्य कारणों से अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी। बाद में एचपीसीएल के साथ संयुक्त उद्यम के रूप में एचआरआरएल का गठन किया गया और परियोजना को पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2018 में किए गए शिलान्यास के बाद इसे राष्ट्रीय महत्व की परियोजना का स्वरूप मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई, जिससे लागत और समय दोनों बढ़े। दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पदभार संभालने के बाद परियोजना की नियमित समीक्षा और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से कार्य में तेजी आई। उनके अनुसार अब रिफाइनरी संचालन के अंतिम चरण में है और जल्द ही इसका पूर्ण संचालन शुरू होगा। सोनी ने कहा कि रिफाइनरी के आसपास विकसित किए जा रहे पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र से डाउनस्ट्रीम उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा हजारों प्रत्यक्ष और लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और बाड़मेर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल तेल शोधन इकाई नहीं, बल्कि राजस्थान के औद्योगिक भविष्य और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

ससुर के घर से दामाद ने चुराए थे 13 लाख:कर्जा चुकाने के लिए की थी वारदात; पुलिस ने किया गिरफ्तार

टोंक जिले के बरौनी थाना क्षेत्र में घर से करीब 14 लाख रुपए की चोरी के मामले में पुलिस ने आरोपी दामाद को गिरफ्तार किया है। दामाद ने ही खुद का कर्जा चुकाने के लिए चोरी की वारदात की थी। घटना बरौनी थाना क्षेत्र के सोहेला गांव में सोमवार की रात को हुई थी। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी के 13 लाख 58 हजार 500 रुपए कैश भी बरामद कर लिया है। साथ ही चोरी के काम में ली गई अल्टो कार भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, कैश की रकम आरोपी की साली की थी। उसे यह बड़ी राशि जमीन बेचने के बदले मिली थे, सुरक्षित रखने के लिए उसने अपने पिता सोहेला निवासी भैरु लाल बैरवा के घर पर इस रकम को रखा था। पिता ने इन रुपयों को अनाज की कोठी में छुपाकर रख रखा था। वह भी इन रुपयों से कुछ दिन में अन्य जगह जमीन खरीदने वाले थे, लेकिन इसकी भनक लगते ही उसके जीजा सुरतपुरा लूहारा निवासी श्योराज बैरवा ने मौका पाकर सोमवार रात को रुपए चुरा लिए। घरवालों को इसका पता मंगलवार की सुबह लगा, जब परिजनों के उठने के बाद अनाज की कोठी की कुंदी टूटी हुई थी। फिर अनाज में हाथ डालकर देखा तो रुपए नहीं मिले। उसके बाद भैरूलाल और उसका पुत्र नंदलाल बरौनी थाना पहुंचे, जहां नंदलाल बैरवा ने रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया था कि सोमवार रात 12 बजे एक बच्चे की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसे हॉस्पिटल लेकर गए थे, जबकि अन्य लोग एक जागरण के कार्यक्रम में गए हुए थे। ऐसे में घर पर सिर्फ दादा ही थे और दवा लेने के कारण गहरी नींद आ गई थी, इसी दौरान यह वारदात हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी रोशन मीना ने टोंक डीएसपी मृत्युजंय मिश्रा के सुपरविजन में डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी और बरौनी थाना प्रभारी नारायण लाल गुर्जर के नेतृत्व में इस चोरी का पता लगाने के लिए टीम गठित की। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच शुरू की। दूसरे दिन बुधवार को 24 घंटे में ही पुलिस टीम ने आरोपी सुरतपुरा लूहारा निवासी श्योराज (30) पुत्र स्व. रामदयाल बैरवा को डिटेन कर पूछताछ की, जिसमें आरोपी के जुर्म स्वीकार करने पर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लग्जरी लाइफ जीने का शौकीन
आरोपी निवाई सदर थाना क्षेत्र में एक फैक्ट्री में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है और लग्जरी लाइफ जीने के कारण उस पर लाखों रुपए का कर्जा हो गया था। उसे चुकाने के लिए अपने ससुराल में रखे उसकी साली के इन रुपयों को चुराकर अपने गांव चला गया था।

जयपुर में ज्वेलर्स से 35 लाख की लूट:कार से आए नकाबपोश बदमाशों ने किया हमला; सिर-नाक में गंभीर चोट, हाथों में फ्रैक्चर

जयपुर में एक ज्वेलर्स से 35 लाख के गहने-कैश बदमाशों ने लूट लिए। यह वारदात खोरा बीसल क्षेत्र के नांगल लाड़ी ग्रिड पर शुक्रवार रात करीब 8:15 बजे हुई। कार से आए नकाबपोश चार-पांच बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। रेकी के बाद हमला कर ज्वेलर्स से गहने-कैश से भरा बैग छीन ले गए। खोरा बीसल थाना पुलिस ने लूट की सूचना पर नाकाबंदी करवाई, लेकिन बदमाशों को कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने बताया- लूट की वारदात खोरा बीसल के नांगल लाड़ी गांव निवासी शंकर लाल शर्मा (45) के साथ हुई। घर से करीब 2.5 किलोमीटर दूर नागल लाड़ी ग्रिड पर उनकी ज्वेलरी शॉप है। रोज की तरह रात करीब 8 बजे शॉप बंद कर वह ज्वेलरी बैग में भरकर बाइक से घर लौट रहे थे। शॉप से करीब 800 मीटर दूर पहुंचते ही पीछे से सफेद कलर की अल्टो कार उनके आगे रुकी। कार सवार नकाबपोश चार-पांच बदमाशों ने ज्वेलर पर हमला कर दिया। बदमाशों ने शंकर लाल को लहूलुहान कर नीचे गिरा दिया। इसके बाद शंकर लाल का गहने-कैश से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। राहगीरों ने जैसे-तैसे संभालकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सूचना पर नाकाबंदी करवाई, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा। रेकी के बाद वारदात शंकर लाल के भतीजे किशन शर्मा ने बताया- बदमाशों के हमले में चाचा शंकर लाल के सिर और नाक फट गए। डॉक्टर ने दोनों हाथों में फ्रैक्चर होना है। हॉस्पिटल में एडमिट करवाकर उनका इलाज चल रहा है। लूट गए बैग में करीब 35 लाख के सोने-चांदी के गहने और 1.50 लाख रुपए रखे थे। रोज की तरफ दुकान से बाइक लेकर घर आने के लिए निकले थे। रेकी के बाद बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया है।

ढूंढाड़ी कलम की विरासत से रूबरू होंगे युवा:जयपुर में तीन दिवसीय निःशुल्क पारंपरिक चित्रकला कार्यशाला की 24 जुलाई से होगी शुरुआत

भारतीय पारंपरिक चित्रकला की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और विलुप्त होती कला शैलियों के संरक्षण के उद्देश्य से जयपुर में तीन दिवसीय भारतीय पारंपरिक चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। वैशाली नगर की नेमी सागर कॉलोनी स्थित रंगरीत स्टूडियो में 24 से 26 जुलाई तक आयोजित होने वाली यह कार्यशाला पूरी तरह निःशुल्क होगी। कार्यशाला प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसमें प्रतिभागियों को राजस्थान की पारंपरिक ढूंढाड़ी कलम (जयपुर शैली) के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण का लघुचित्र बनाना सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पारंपरिक चित्रकला की बारीकियों से रूबरू कराया जाएगा, जिसमें रेखांकन, प्राकृतिक एवं पारंपरिक रंगों का प्रयोग, सूक्ष्म ब्रश तकनीक, अलंकरण और जयपुर शैली की विशिष्ट चित्रांकन विधियों का व्यावहारिक अभ्यास शामिल रहेगा। कार्यशाला का नेतृत्व राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ चित्रकार एवं कला गुरु रामू रामदेव करेंगे। उनके साथ उनकी कला परंपरा की सातवीं पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रहे युवा कलाकार राधिका रामदेव, यामिनी रामदेव और प्रतीक रामदेव भी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देंगे। आयोजकों के अनुसार यह कार्यशाला केवल चित्रकला सीखने का माध्यम नहीं होगी, बल्कि भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा और सात पीढ़ियों से चली आ रही पारिवारिक कला विरासत को समझने और अनुभव करने का भी दुर्लभ अवसर प्रदान करेगी। विलुप्त होती कला को मिलेगा नया मंच आयोजकों का कहना है कि आधुनिक समय में पारंपरिक भारतीय चित्रकलाएं धीरे-धीरे सीमित होती जा रही हैं। ऐसे में इस तरह की कार्यशालाओं का उद्देश्य युवाओं को अपनी सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत से जोड़ना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन प्राचीन कला शैलियों को सीखकर उन्हें आगे बढ़ा सकें। ढूंढाड़ी कलम, जिसे जयपुर शैली के नाम से भी जाना जाता है, अपनी सूक्ष्म रेखाओं, आकर्षक रंग संयोजन और धार्मिक व सांस्कृतिक विषयों के जीवंत चित्रण के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध रही है। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को इस पारंपरिक शैली की तकनीकी बारीकियां सीखने का अवसर मिलेगा।

जोधपुर में 20 साल की युवती ने किया सुसाइड:फार्मेसी का पेपर बिगड़ा तो डिप्रेशन में आई; जहर खाकर दी जान

जोधपुर शहर में एक 20 साल की युवती ने जहर खाकर जान दे दी। यह मामला शुक्रवार को शहर के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि सदर कोतवाली एरिया में रहने वाली युवती एग्जाम खराब होने की वजह से डिप्रेशन में थी। फार्मेसी का पेपर बिगड़ा तो खाया जहर एएसआई अमर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को युवती के जहर खाने की सूचना मिली थी। इसके बाद परिजन उसे हॉस्पिटल लेकर गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि फार्मेसी की परीक्षा का पेपर खराब हो गया था। इसके बाद से वह डिप्रेशन में थी और इसी वजह से उसने जहर खा लिया।