ब्रेकिंग न्यूज़
अमायरा बिल्डिंग से कूदी, क्लास टीचर देखने तक नहीं गई:स्कूल ने 10 दिन तक छुपाए रखा बैग, जो सीसीटीवी फुटेज मिले उनसे आवाज गायब

जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल के चर्चित अमायरा डेथ केस में 8 महीने बाद पुलिस ने चार्जशीट पेश की है। इसमें कई अहम खुलासे हुए हैं। 1 नवंबर 2025 को हुई इस घटना से एक दिन पहले भी अमायरा बुलिंग से परेशान थी और 3 बार क्लास टीचर के पास शिकायत लेकर गई थी। अगले दिन फिर वह 5 बार अपनी शिकायत लेकर गई। लेकिन टीचर ने अनसुना कर दिया। अमायरा के चौथी मंजिल से नीचे कूदने की सूचना मिलने के बाद भी क्लास टीचर वहीं बैठी रही। वहीं स्कूल ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में अमायरा की मौत के पीछे सबसे बड़ा कारण क्लास टीचर की ‘ड्यूटी ऑफ केयर’ में लापरवाही को बताया है। मामले में क्लास टीचर, स्कूल संस्थापक और प्रिंसिपल को आरोपी बनाया गया है। हालांकि परिजनों का आरोप है कि 8 महीने जांच के बाद भी पुलिस ने कमजोर धाराएं लगाई हैं। भास्कर ने इस मामले में दाखिल चार्जशीट का एनालिसिस किया। साथ ही मामले की जांच कर रही पुलिस अफसर से भी बात की। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए- अमायरा केस में स्कूल ने कहां-कहां लापरवाही बरती… 1. घटना से एक दिन पहले भी बुलिंग की शिकार हुई थी अमायरा जांच टीम ने अमायरा के क्लासरूम के CCTV फुटेज जब्त किए थे। बारीकी से जांच में सामने आया कि अमायरा को आसपास के बच्चे बार-बार परेशान कर रहे हैं। अमायरा बार-बार उनकी शिकायत लेकर क्लास टीचर पुनिता शर्मा के पास जा रही है। एडिशनल डीसीपी जिज्ञासा पूनिया (जांच अधिकारी) ने बताया कि उन्होंने घटना से कुछ दिन पहले के भी सीसीटीवी खंगाले थे। उस दौरान सामने आया कि अमायरा 31 अक्टूबर को भी बुलिंग का शिकार हुई थी। तब भी वह 3 बार शिकायत लेकर क्लास टीचर के पास गई थी। इसके अगले दिन फिर से वह 5 बार शिकायत लेकर गई। यहां चौंकाने वाली बात ये भी सामने आई है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की गाइडलाइन के अनुसार सीसीटीवी कैमरे वॉयस रिकॉर्डिंग के साथ होने चाहिए। लेकिन स्कूल में जो फुटेज पुलिस को मिले, वो सब बिना वॉयस के थे। यही कारण है कि घटनाक्रम से जुड़ी एक भी आवाज रिकॉर्ड नहीं हो पाई। 2. ‘ड्यूटी ऑफ केयर’ में चूक से गई अमायरा की जान 1 नवंबर को घटना वाले सीसीटीवी फुटेज में अमायरा 5 बार क्लास टीचर के पास जाती दिखाई देती है। उसके व्यवहार से बच्चों द्वारा परेशान करने पर मानसिक तनाव के संकेत स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। लेकिन क्लास टीचर पुनिता शर्मा उसे अनसुना कर देती है। इससे अमायरा की परेशानी और बढ़ जाती है और वह यह एक्शन (सुसाइड) कर बैठती है। पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा है कि अमायरा की मौत मामले में सबसे अहम पहलू ‘ड्यूटी ऑफ केयर’ (Duty of Care) बना। क्लास टीचर के पास बच्ची की स्थिति देखने और उसमें हस्तक्षेप करने का पर्याप्त अवसर था। इसकी जिम्मेदारी भी उसी की थी। लेकिन बच्ची की बात को नजरअंदाज किया गया। इसलिए यह मामला शिक्षक की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी निभाने में चूक का भी है। क्या है ‘ड्यूटी ऑफ केयर’? ‘ड्यूटी ऑफ केयर’ का मतलब है कि किसी बच्चे की जिम्मेदारी जिस व्यक्ति के पास है, वह उसकी सुरक्षा, मानसिक स्थिति और तत्काल जरूरतों का ध्यान रखे। स्कूल के दौरान यह जिम्मेदारी संबंधित टीचर पर भी होती है। पुलिस जांच में इसी जिम्मेदारी के कथित उल्लंघन को इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू माना गया है। 3. सूचना के बाद भी टीचर क्लास मे बैठी रही, तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी जांच अधिकारी ने चार्जशीट में बताया- उनकी जांच में सामने आया है कि अमायरा के छत से गिरने की बात एक अन्य छात्रा ने क्लास टीचर को दे दी थी। इसके बावजूद क्लास टीचर पुनिता शर्मा ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस व्यवहार को पुलिस ने गंभीर संवेदनहीनता बताया है। जानकारी मिलने के बाद भी टीचर क्लास में ही रुकी रही। इससे जाहिर है उसे बच्ची के गिरने का कोई दुख नहीं था। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने क्लास टीचर पुनिता शर्मा को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) की धारा 75 में आरोपी बनाया है। जांच अधिकारियों ने चार्जशीट में अपने निष्कर्ष में लिखा है कि घटना के समय बच्ची कानूनी रूप से क्लास टीचर की देखरेख और संरक्षण में थी। इसलिए उसके मानसिक संकट के संकेतों को नजरअंदाज करना इस मामले का महत्वपूर्ण आधार बना। 4. स्कूल में सबूत मिटाने की कोशिश पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 238 लगाई गई है। यह धारा तब लगाई जाती है जब क्राइम सीन के साथ कोई छेड़छाड़ हुई हो या सबूत मिटाने की कोशिश की गई हो। जांच अधिकारियों ने माना है कि घटना के बाद सबूत मिटाने की भी कोशिश की गई। चौथी मंजिल से कूदने के बाद जिस स्पॉट पर अमायरा गिरी, वहां से खून के धब्बों को साफ कर दिया गया था। एडिशनल डीसीपी जिज्ञासा पूनिया ने बताया कि स्कूल प्रशासन ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही मौके से ब्लड और अन्य चीजों को साफ कर दिया था। यहां तक कि स्पॉट को पानी से धो दिया था। इसके अलावा बच्ची का बैग करीब 10 दिन तक स्कूल मैनेजमेंट की कस्टडी में रहा था। हमें वो बैग नहीं दिया गया था। स्कूल में कई जगह मिली लापरवाही एडिशनल डीसीपी जिज्ञासा पूनिया ने बताया- अमायरा प्रकरण में कई जगह जिम्मेदारों ने लापरवाही की। ओवरऑल सुपरवाइजरी नेग्लीजेंसी है। सीबीएसई से कई एडवाइजरी हैं जिनका उल्लंघन हुआ है। अमायरा के पिता विजय मीणा ने भी आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने घटना से जुड़े सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की। घटना के करीब एक घंटे बाद सूचना दी थी। जब हम अस्पताल पहुंचे तो वहां से स्कूल के टीचर भाग गए थे। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और शिक्षा विभाग की टीमों को स्कूल प्रशासन ने कई घंटों तक अंदर प्रवेश नहीं दिया था। पिता का आरोप- स्कूल संस्थापक, प्रिंसिपल को बचाने की कोशिश पिता विजय मीणा ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने 8 माह बाद कोर्ट में चालान पेश किया। इस दौरान 3 जांच अधिकारी बदले गए। पहला जांच अधिकारी लखन खटाना (सीआई मानसरोवर थाना) था। इसके बाद प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कांकड़े को लगाया। फिर आरपीएस जिज्ञासा पूनिया को जांच दी गई। जांच अधिकारियों ने क्लास टीचर पर BNS की धारा 106, 238 के साथ-साथ जस्टिस जुवेनाइल एक्ट की धारा-75 लगाई है। लेकिन स्कूल संस्थापक सौरभ मोदी और प्रिंसिपल इंदू दूबे को केवल धारा 106 और 238 में नामजद किया है। विजय मीणा ने चार्जशीट पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमायरा के क्लासरूम के CCTV फुटेज में उसकी मानसिक पीड़ा साफ दिख रही है। इसके बावजूद भी उसे किसी भी प्रकार का प्रोटेक्शन या काउंसलिंग नहीं दी गई। क्लास टीचर के खिलाफ और भी गंभीर धाराओं में केस चलना चाहिए। हैरानी इस बात की है कि जस्टिस जुवेनाइल एक्ट में आरोपी होने के बावजूद अभी तक क्लास टीचर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस ने स्कूल संस्थापक और प्रिंसिपल पर भी जेजे एक्ट-75 क्यों नहीं लगाया। क्योंकि स्कूल परिसर में चाइल्ड सेफ्टी, सुपरविजन, प्रोटेक्शन और वैलबीइंग की जिम्मेदारी स्कूल मैनेजमेंट और प्रिंसिपल की भी होती है। पुलिस की इस लापरवाही के खिलाफ हम आगे वह हाईकोर्ट तक जाएंगे। चार्जशीट में बताई पूरी घटना कैसे हुई? जयपुर के मानसरोवर इलाके में स्थित नीरजा मोदी स्कूल में एक नवंबर 2025 को चौथी क्लास की स्टूडेंट अमायरा ने स्कूल परिसर में आत्महत्या कर ली थी। घायल स्टूडेंट को स्कूल के पास ही एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में लंबी जांच के बाद 1 जुलाई 2026 को पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया था। चार्जशीट में घटना से जुड़े कई पहलुओं को रखा गया है। घटना से पहले की परिस्थितियां, स्कूल प्रशासन ने किस समय क्या कदम उठाए और घटना के बाद किस तरह की कार्रवाई की, घटना के दौरान किसकी क्या भूमिका रही और किन परिस्थितियों में कथित लापरवाही बरती गई। इन्हीं तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ आरोप तय करते हुए अदालत में चालान पेश किया है। इस मामले में 10 जुलाई को कोर्ट में सुनवाई होनी थी, जो टल गई। इसके बाद 15 जुलाई को आरोपी पक्ष के वकील के नहीं पहुंचने पर फिर सुनवाई टल गई। अभी तक इस केस में एक भी सुनवाई नहीं हुई है। अब आगे क्या होगा? … अमायरा केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… नीरजा-मोदी स्कूल में अमायरा की मौत से पहले का VIDEO:कई बार टीचर के पास गई थी; परिवार बोला-बेटी मदद मांगती रही, किसी ने नहीं सुनी
अमायरा मौत मामला,परिवार बोला-बच्ची को आत्महत्या के लिए मजबूर किया:पुलिस ने हमें ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, चार्जशीट पर परिजनों ने उठाए सवाल अपशब्दों से नाराज होकर 4th मंजिल से कूदी थी छात्रा:नीरजा मोदी स्कूल टीचर ने जांच कमेटी के सामने किया खुलासा, मैडम ने रेलिंग से नीचे देखा था नीरजा मोदी स्कूल में 4th फ्लोर से कूदी छात्रा,मौत, VIDEO:पसलियां टूटी; स्कूल प्रबंधन ने सबूत मिटाए, पिता ने FIR दर्ज कराई

राजस्थान में 3 दिन तेज बारिश की चेतावनी:अब तक 25 फीसदी कम बरसात; जानें- फिर कब से एक्टिव होगा मानसून

राजस्थान में मानसून का असर एक बार फिर दिखाई दे सकता है। पहले पूर्वी और बाद में पश्चिमी राजस्थान में बारिश होने की संभावना है। मौसम केंद्र जयपुर ने रविवार को प्रदेश के 15 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश दौसा के बसवा में 32 एमएम (मिलीमीटर) दर्ज की गई है। अलवर, धौलपुर, बूंदी और कोटा के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में इस सीजन में अब तक सामान्य से 25 फीसदी कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के अधिकांश हिस्सो में कमजोर मानसूनी परिस्थितियां आगामी दो-तीन दिन तक जारी रह सकती हैं। हालांकि कोटा, भरतपुर, जयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में 20-21 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। अब तक बारिश की स्थिति गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स पश्चिमी राजस्थान में भी होगी बारिश: मौसम विभाग के अनुसार 22 से 28 जुलाई के दौरान जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान केवल श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के कुछ हिस्सों में ही हल्की बारिश हुई है। श्रीगंगानगर में पारा 42.5 डिग्री: राजस्थान में सबसे गर्म इलाका अभी भी श्रीगंगानगर ही बना हुआ है। पिछले 10 में से 9 दिन श्रीगंगानगर ही प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा है। शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 42.5, जबकि न्यूनतम 31.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में पारा 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के मौसम से जुड़ी PHOTO ये शहर सबसे ज्यादा गर्म आगे कैसा रहेगा मौसम राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम जयपुर: राजधानी में इन दिनों गर्मी और उमस है। यहां शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री ज्यादा यानी 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ज्यादा 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन और रात दोनों ही समय तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री ऊपर चल रहा है। कोटा: शनिवार को उमस रही। यहां अधिकतम तापमान 37.3 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, कोटा में अगले 2 दिन मौसम ड्राई रहने का अनुमान है। 21 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में तेजी आने से लोगों को राहत मिल सकती है। उदयपुर: लेक सिटी में बादलों की बेरुखी के कारण बारिश का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। शनिवार को भी दिनभर मौसम ड्राई रहा। मौसम केंद्र के अनुसार, शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 34.8 और न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार को अधिकतम तापमान 34.9 और न्यूनतम 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। अलवर: शनिवार सुबह आसमान में बादलों की आवाजाही रही, लेकिन दोपहर होते ही तीखी धूप ने लोगों को परेशान कर दिया। अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। 20 जुलाई से जिले में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अजमेर: जिले में शनिवार को दिनभर तेज धूप के कारण लोग गर्मी से परेशान रहे। शनिवार को अधिकतम तापमान 36.5 और न्यूनतम 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दो से तीन दिन में अजमेर संभाग में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। जोधपुर: बीते 24 घंटे में शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक यानी 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2.5 डिग्री ज्यादा 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, जोधपुर में आगामी तीन दिनों तक मौसम ड्राई रहने का अनुमान है। सीकर: जिले में शनिवार को दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन बारिश न होने के कारण लोग उमस और गर्मी से परेशान रहे। जिले का अधिकतम तापमान 37.5 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में नमी होने और धूप-छांव के खेल के कारण उमस का असर बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, सीकर जिले में आगामी दिनों में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से अच्छी बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिससे लोगों को इस गर्मी से राहत मिलेगी।

48 घंटे में ही पकड़ा गया ट्रैक्टर चोर:चोरी करने के बाद जंगल में छुपाया, नाबालिग से रेप का आरोपी भी गिरफ्तार

सीकर की जीणमाता थाना पुलिस ने ट्रैक्टर चोरी के आरोपी को 48 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी हुए ट्रैक्टर को जंगल से बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जीणमाता थाना SHO राकेश कुमार मीणा ने बताया कि 17 जुलाई को ठेहट गांव निवासी श्रवण कुमार ने मुकदमा दर्ज करवाया कि उनकी रूपगढ़ गांव में ब्लॉक फैक्ट्री है। जहां उन्होंने 16 जुलाई की रात को ट्रैक्टर खड़ा कर दिया था। इसके बाद वह काम के लिए दांतारामगढ़ चले गए थे। वापस आकर देखा तो ट्रैक्टर नहीं मिला। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले आरोपी रणजीत छबरवाल (26) निवासी ठेहट को लोसल में दबिश देकर पकड़ा। जिसने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने ट्रैक्टर को पास ही एक जंगल में छिपाया है। ऐसे में आरोपी की निशानदेही पर ट्रैक्टर भी बरामद कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछता जारी है। नाबालिग से रेप का आरोपी गिरफ्तार सीकर पुलिस ने नाबालिग लड़की से रेप के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। 2023 में जब नाबालिग लड़की की उम्र करीब 15 साल की तब आरोपी उसे अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया था। इसके बाद आरोपी ने नाबालिग लड़की के साथ रेप किया। इस मामले में आरोपी गिरफ्तार होने के बाद जेल गया। जमानत मिलने के बाद एक बार फिर वह नाबालिग लड़की को अपने साथ लेकर चला गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ जारी है।

टोंक जिले में 210 बिजली चोरी के मामले पकड़े:46 लाख 43 हजार 228 रुपए का किया जुर्माना, टीमों को देखकर चोर भागे

टोंक में शनिवार शाम को एक बार फिर बड़े स्तर पर बिजली निगम की एक दर्जन से ज्यादा टीमों ने बिजली चोरी करने वालों की धरपकड़ की है। 210 बिजली चोरी के मामले पकड़े हैं। कार्रवाई बिजली निगम के एसई शेरसिंह मीना के निर्देशन में जिलेभर में की गई। दरअसल, विभाग की ओर से बिजली चोरी पकड़ने का विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत जिले के सभी उप-खण्डों के अधिकारियों ने मिलकर यह कार्रवाई की है। इस दौरान 46 लाख 43 हजार 228 रुपए का जुर्माना भी किया है। जांच टीमों को देखकर कई बिजली चोर मौके से फरार हो गए। इसके बावजूद बिजली निगम के कर्मचारियों ने उनका कनेक्शन काटकर बिजली केबल भी जब्त कर ली। बिजली निगम के एसई शेर सिंह मीणा ने बताया कि शनिवार शाम को जिलेभर में उपखंड के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर अपने वन क्षेत्र में बिजली चोरी करने के मामले पकड़े है। इस तरह जिले भर में 210 लोगों के घरों में अवैध रूप से बिजली का उपभोग करते पकड़ा है। इस पर मौके पर ही उनके खिलाफ जुर्माना और कनेक्शन करने की गई है।उन्होंने बताया कि आगे भी इस तरह की बिजली चोरों पर कार्रवाई की जाएगी।

मरीज के पेट से निकाला 48 सेमी का कैंसर ट्यूमर:8 घंटे चली जटिल सर्जरी, किडनी और आंत का हिस्सा भी हटाना पड़ा

जयपुर के सीनियर ऑन्कोसर्जन डॉ. आनंद मोहन और उनकी टीम ने एक अत्यंत जटिल एवं दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों ने मरीज के पेट से 48 सेंटीमीटर (सेमी) आकार के सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर (कैंसर) को पूरी तरह से बाहर निकाल दिया है। इसे राजस्थान में अब तक हुए सबसे बड़े ‘रेट्रोपेरिटोनियल सार्कोमा’ (कैंसर) ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है। ऑपरेशन के दौरान कैंसरग्रस्त ऊतकों (टिश्यूज) को पूरी तरह से निकाल दिया गया, जो इस तरह के कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी सफलता मानी जाती है। जांच में सामने आया किडनी के पीछे छिपा विशाल ट्यूमर डॉ. आनंद मोहन ने बताया कि मरीज पिछले दो महीनों से पेट में लगातार बढ़ रही गांठ और दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा था। जब मरीज की गहन जांच की गई, तो पता चला कि उसकी किडनी के पीछे 48 सेमी का एक विशाल ट्यूमर था। इस ट्यूमर ने पेट के भीतर कई महत्वपूर्ण अंगों और मुख्य रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) पर भारी दबाव बना रखा था। राहत की बात यह थी कि कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैला था। 8 घंटे चली जटिल सर्जरी, किडनी और आंत का हिस्सा भी हटाना पड़ा डॉक्टरों ने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था और लगभग आठ घंटे तक चला। ट्यूमर को सुरक्षित और एक साथ (En-bloc) बाहर निकालने के लिए डॉक्टरों को मरीज की दाईं किडनी और बड़ी आंत के एक हिस्से को भी हटाना पड़ा। इसके बाद आंत को दोबारा जोड़ने के साथ-साथ पेट की अन्य आंतरिक संरचनाओं का बहुत ही सावधानीपूर्वक पुनर्निर्माण (Reconstruction) किया गया। सर्जरी के दौरान थीं कई बड़ी चुनौतियां डॉ. आनंद मोहन के अनुसार, ट्यूमर के विशाल आकार के कारण यह सर्जरी करना तलवार की धार पर चलने जैसा था। ट्यूमर ने शरीर की मुख्य रक्त वाहिकाओं को इस कदर दबा रखा था कि पेट के अंदरूनी अंगों की सामान्य बनावट ही बदल गई थी। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान किसी भी नस या अंग को मामूली सी क्षति पहुंचने पर मरीज की जान को खतरा हो सकता था। लेकिन मेडिकल टीम ने सटीक योजना, उन्नत तकनीक और निरंतर मॉनिटरिंग के बल पर इस बेहद जोखिम भरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के 8वें दिन मरीज को मिली अस्पताल से छुट्टी
सफल सर्जरी के बाद मरीज को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया। अलग-अलग विशेषज्ञों की टीम द्वारा की गई सतत देखभाल से मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। ऑपरेशन के आठवें दिन मरीज को पूरी तरह से स्वस्थ और स्थिर अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ है, सामान्य जीवन जी रहा है और अपने इस नए जीवन के लिए डॉक्टरों का आभार जता रहा है। क्या है रेट्रोपेरिटोनियल सार्कोमा? यह एक प्रकार का अत्यंत दुर्लभ ‘सॉफ्ट टिश्यू कैंसर’ (Soft Tissue Cancer) है, जो पेट के पिछले हिस्से (रेट्रोपेरिटोनियल क्षेत्र) में विकसित होता है। चूंकि यह पेट के गहरे हिस्से में होता है, इसलिए यह धीरे-धीरे बढ़कर अन्य अंगों और मुख्य रक्त वाहिकाओं को अपनी चपेट में ले लेता है। इसके सफल उपचार के लिए बेहद उच्च स्तरीय और जटिल सर्जरी की आवश्यकता होती है।

मंत्री मदन दिलावर कल आएंगे जोधपुर:मारुति सुजुकी 18 प्रशिक्षार्थियों को दिए लेटर ऑफ इंटेंट, पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से मोटर मैकेनिक व्हीकल (MMV) एवं मैकेनिक डीजल ट्रेड के 18 प्रशिक्षार्थियों का चयन कर उन्हें लेटर ऑफ इंटेंट (Letter of Intent) जारी किए। बैंक ऑफ बड़ौदा के 119वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से एम्स जोधपुर के सहयोग से पाल लिंक रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 51 कर्मचारियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। वहीं जिला प्रभारी मंत्री मदन दिलावर और जोगाराम कल जिले में विभिन्न इलाकों के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें लाइव ब्लॉग में..

कोटा में दोस्त को मारकर डैम में फेंका था शव:लड़की से बातचीत को लेकर चल रहा था विवाद, पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 6 को पकड़ा

कोटा: कोटा के रानपुर थाना क्षेत्र में 15 साल के किशोर प्रिंस की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। आलनिया डैम से बरामद प्रिंस के शव का मामला आखिरकार हत्या का निकला। पुलिस ने इस ‘ब्लाइंड मर्डर केस’ की गुत्थी सुलझाते हुए 6 आरोपियों को पकड़ा है। इनमें पांच नाबालिग और एक बालिग आरोपी आकाश शामिल है। डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि प्रिंस 8 जुलाई की सुबह अपने छह दोस्तों के साथ घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा काफी तलाश किए जाने के बाद 9 जुलाई को उसका शव आलनिया डैम से बरामद हुआ था। शव पर चोट के निशान होने और नाक से खून बहने के कारण परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। लड़की से बातचीत के विवाद में रची हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि एक लड़की से बातचीत करने को लेकर प्रिंस और मुख्य आरोपी आकाश के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से साजिश रची। वे प्रिंस को बहला-फुसलाकर अपने साथ आलनिया डैम ले गए। वहां पहले प्रिंस के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और फिर उसे डैम के गहरे पानी में धक्का दे दिया, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई। गुमराह करते रहे आरोपी, तकनीकी साक्ष्यों से खुली पोल डीएसपी के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में सभी आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग-अलग बयान देते रहे। लेकिन पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों (कॉल डिटेल्स व लोकेशन) और कड़ाई से पूछताछ का सहारा लिया, तो आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने पांचों नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी आकाश को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।

बीमार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पर भड़के सांसद हनुमान बेनीवाल:सुरक्षा जवान लौटाया, अमित शाह और CM को लिखा लेटर, बोले- मेरे खिलाफ हो रहा षड्यंत्र

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को हटा दिया है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि नागौर में पुलिस व्यवस्था संभाल रहे अधिकारी लगातार गंभीर बीमारियों से पीड़ित पुलिसकर्मियों को उनकी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कर रहे हैं। इससे न केवल मेरी सुरक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि यह मेरी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित कोशिश भी है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
बेनीवाल के लेटर में लिखी 4 बातें… 1. ‘छवि खराब करने के लिए जानबूझकर बीमार जवानों को ड्यूटी पर भेजा जा रहा’
सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को लिखे लेटर में नागौर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बेनीवाल ने लेटर में लिखा- यह केवल मेरी व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। बिना पुलिस अधीक्षक (एसपी) वाले नागौर जिले में पुलिस व्यवस्था संभाल रहे अधिकारी और रिजर्व पुलिस लाइन के जिम्मेदार कार्मिक जानबूझकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित पुलिसकर्मियों को मेरी सुरक्षा में तैनात कर रहे हैं। इसके पीछे एक बड़ा षड्यंत्र है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या पुलिसकर्मी की तबीयत बिगड़ने की स्थिति में मुझे ही जिम्मेदार ठहराया जा सके और मेरी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। 2. न्यूरो और हार्ट के मरीजों को लगाया सुरक्षा में, खुद लेकर गए अस्पताल’
बेनीवाल ने अपने लेटर में हाल ही में हुए 3 गंभीर मामलों का विशेष रूप से उल्लेख किया है। बेनीवाल ने लेटर में लिखा- 11 जुलाई को मेरी सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल सुनील विश्नोई (जो न्यूरोलॉजी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे) जयपुर में अचानक अस्वस्थ हो गए, जिन्हें मैं स्वयं देर रात सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल लेकर गए। इसके बाद, 15 जुलाई को कांस्टेबल बलबीर गुर्जर की जयपुर से लौटते समय तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें नागौर से एम्स (AIIMS) जोधपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके हार्ट संबंधी पुरानी बीमारी से पीड़ित होने की आशंका जताई। वहीं, शनिवार को मेरी सुरक्षा में भेजे गए तीसरे कांस्टेबल सीताराम भी पूरी तरह अस्वस्थ थे। बेनीवाल ने कहा- मैं किसी भी बीमार पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य को जोखिम में नहीं डालना चाहते, इसलिए उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात जवान को तत्काल प्रभाव से वापस रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया है। 3. ‘इंटेलिजेंस इनपुट के बावजूद बिना बताए क्यों हटाई अतिरिक्त सुरक्षा?’
सांसद ने लेटर में अपनी सुरक्षा में की गई कटौती पर भी तीखे सवाल उठाए हैं। लेटर में लिखा- पूर्व में राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस शाखा से मिले सुरक्षा संबंधी इनपुट के आधार पर मुझे पुलिस एस्कॉर्ट और हथियारबंद कमांडो उपलब्ध कराए गए थे। लेकिन बाद में बिना किसी पूर्व सूचना या कारण बताए इस अतिरिक्त सुरक्षा को अचानक हटा लिया गया। बेनीवाल ने सरकार से सवाल पूछा – यदि उस समय मेरी सुरक्षा को लेकर खतरे के गंभीर इनपुट थे, तो वर्तमान में उन इनपुट की क्या स्थिति है? क्या सरकार उन्हें इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी देगी या उनकी सुरक्षा को लेकर जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है? 4. डीजीपी को फोन करने पर भी नहीं हुआ सुधार बेनीवाल ने दावा किया कि पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा में बरती जा रही लापरवाही की जानकारी फोन पर राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG – इंटेलिजेंस) को भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद जिला स्तर पर कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। नागौर में तैनात कुछ पुलिस अधिकारी निष्पक्ष प्रशासनिक दायित्व निभाने के बजाय राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहे हैं। मेरी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बेनीवाल ने केंद्र और राज्य सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा करने की मांग की है।

सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाने पर भड़के स्टूडेंट्स:SFI ने गृह मंत्री का पुतला जलाया, बोले-स्टूडेंट्स के साथ भी कर रहे बदसलूकी

दिल्ली में चल रहे धरने से आज सुबह सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाने पर शनिवार को सीकर में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया(SFI) ने आक्रोश जताया। जिन्होंने शाम को देश के गृह मंत्री अमित शाह के पुतले की ढाका भवन से लेकर कल्याण सर्किल तक शवयात्रा निकाली। इसके बाद कल्याण सर्किल पर पुतला दहन किया गया। पुलिस ने वांगचुक को जबरन उठाया स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के विजेंद्र ढाका ने बताया कि कई दिनों से दिल्ली में सोनम वांगचुक NTA को भंग करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। जिन्हें आज सुबह दिल्ली पुलिस के द्वारा जबरन उठाकर डिटेन किया गया। इतना ही नहीं वहां मौजूद अन्य स्टूडेंट्स के साथ भी बदसलूकी गई। 20 जुलाई को स्टूडेंट्स करेंगे दिल्ली कूच उन्होंने कहा कि इसके विरोध में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा गृहमंत्री अमित शाह का पुतला जलाया गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे रहे और अब सरकार बदसलूकी करने पर उतर आई है। लेकिन हम किसी भी हाल में पीछे हटने वाले नहीं है। 20 जुलाई को दिल्ली में होने वाले संसद मार्च में सीकर से भी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स मौजूद रहेंगे। जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते तब तक हमारा यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

121-फीट लंबे रस्से से भक्तों ने खींचा जगन्नाथ का रथ:'हरे रामा, हरे कृष्णा' की गूंज रही, शहरवासियों ने बरसाए फूल

इस्कॉन की ओर से पाली में शनिवार शाम को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। शहर के अग्रसेन भवन से रवाना हुई रथयात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अमरनाथ नगर, बापूनगर विस्तार स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे रास्ते जोश से लबरेज़ कृष्ण भक्त भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। रास्ते में जगह-जगह रथयात्रा के स्वागत में रंगोलियाँ बनाई गईं। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में भक्तों को खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। 121 फीट लंबे रस्से से भक्तों ने खींचा रथ शहर के अग्रसेन भवन से रवाना होकर रथयात्रा पानी दरवाजा, सर्राफा बाजार, धान मंडी, सोमनाथ मंदिर, सूरजपोल, नहर चौराहा और शिवाजी सर्कल से होते हुए बांगड़ कॉलेज ग्राउंड पहुंचकर संपन्न हुई। 15 फीट ऊंचे रथ पर भगवान जगन्नाथ की तस्वीर रखी गई थी। रास्ते में दर्शन के लिए लोगों की कतारें नजर आईं। 121 फीट लंबे रस्से से महिला और पुरुष भक्त पूरे रास्ते रथ को खींचते हुए ले जाते नजर आए। महिलाओं ने रास्ते में जगह-जगह सजाई रंगोली रथयात्रा के स्वागत में यात्रा मार्ग पर जगह-जगह महिलाओं ने मनमोहक रंगोलियां बनाई। रास्ते में कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया गया। श्री जगन्नाथ जी के रथ को दिल्ली से विशेष पुष्प मंगवाकर सजाया गया। इसमें पाली, जोधपुर, मुंबई, बीकानेर और जयपुर से आए वैष्णव मंडलों ने मधुर हरिनाम संकीर्तन किया। अब देखिए- रथयात्रा की तस्वीरें