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उदयपुर में कॉन्स्टेबल ने किया सुसाइड:साथी पुलिसकर्मी कमरे पर पहुंचे तो शव फंदे से लटका था, 2 महीने पहले हुई थी शादी

उदयपुर जिले में कॉन्स्टेबल ने सुसाइड कर लिया। कॉन्स्टेबल ने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए छुट्‌टी मांगी थी। इसके बाद रविवार को दिनभर थाने के जवानों ने कॉन्स्टेबल कॉल किया। कॉल रिसीव नहीं हुई तो थाने से जाब्ता कॉन्स्टेबल के कमरे पर पहुंचा। कमरा अंदर से बंद था। पुलिसकर्मियों ने खिड़की से झांककर देखा तो कॉन्स्टेबल मनोज का शव फंदे से लटक हुआ था। मामला जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर ओगणा थाना क्षेत्र का है। नयागांव क्षेत्र के सरेरा गांव निवासी कॉन्स्टेबल मनोज कुमार मीणा (28) ने ओगणा के मुख्य बाजार में किराए से रूम ले रखा था। कॉन्स्टेबल मनोज ओगणा थाने में 5 साल से तैनात थे। करीब 2 महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। मनोज की पत्नी गांव में रहती है। वे कमरे पर अकेले रहते थे। सुसाइड के कारणों का पता नहीं लगा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। तबीयत ठीक नहीं होने का कहकर मांगा था रेस्ट एएसआई नारायण लाल ने बताया- कॉन्स्टेबल मनोज ने शनिवार को कहा था कि तबीयत ठीक नहीं है। थाने से उन्हें नाइट में रेस्ट दिया गया था। इसके बाद रविवार सुबह 7 बजे हमारे एक जवान ने तबीयत पूछने के लिए कॉल किया था। साथ ही ड्यूटी लगाने के लिए पूछा था। तब भी कॉन्स्टेबल मनोज ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। थाने के जवानों ने देखा तो फंदे से लटके मिले थाने के स्टाफ ने दोपहर में मनोज को कई बार कॉल लगाए, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। फिर दो जवान उनके घर गए तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। दो जवान वापस थाने आ गए। इसके बाद फिर शाम 6 बजे सीआई सहित पूरा जाब्ता कॉन्स्टेबल मनोज के कमरे पर पहुंचे। खिड़की से झांककर देखा तो मनोज का शव फंदे पर लटका हुआ था। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया और शव को उतरवाकर झाड़ोल हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट कराया। मनोज कुमार की ड्यूटी करीब एक सप्ताह से उदयपुर शहर में लगी थी। वे दो दिन पहले ही वापस थाने पर लौटे थे। यहां उनकी ड्यूटी टीचर भर्ती एग्जाम और रथयात्रा में लगी थी।

डोटासरा बोले- ढाई साल पहले 16 लाख फॉलोअर्स,आज भी उतने:कहा- मुझे ढाई साल पहले ही ब्लॉक कर दिया था; आगे जेल में भी डालेंगे

सीकर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- ढाई साल पहले मेरे 16 लाख फॉलोअर्स थे और आज भी उतने ही है। एक भी नहीं बढ़ा, ऐसा नहीं हो सकता। पांच कम हो सकते हैं या ज्यादा हो सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुझे ढाई साल पहले ही ब्लॉक कर दिया था। सीकर में रविवार को कांग्रेस पार्टी ने “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान डोटासरा ने यह कहा। डोटासरा ने कहा- ऐसा देश के हर उस नौजवान, मीडिया के साथ होगा, जो इनके खिलाफ लिखेगा। अभी केवल रीच कम कर रहे हैं, आगे जेलों में भी डालेंगे और मुकदमे भी लगाएंगे। इसी को अघोषित आपातकाल कहते हैं। इसी को लोकतंत्र खत्म करने की बात कहते हैं। सीकर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और NTA भंग करने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया। मशाल जुलूस तमन्ना परिसर से शुरू होकर उद्योग नगर पुलिस थाने के सामने पहुंचा। इस कार्यक्रम में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित बड़ी संख्या में युवा और पार्टी के लोग मौजूद रहे। लोकतंत्र और संविधान बचाने के हित में आंदोलन गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- कांग्रेस पार्टी हर उस आंदोलन का हिस्सा है, जो स्टूडेंट के हित में है और देश हित में है। लोकतंत्र और संविधान को बचाने के हित में है। विपक्ष का मतलब यही होता है कि सरकार की गलत नीतियों का विरोध करे। डोटासरा ने कहा- जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक धरना दे रहे थे तो कहां दिक्कत आ रही थी। दिल्ली के पुराने कमिश्नर ने सोनम वांगचुक को धरने से हटाने के लिए सरकार को मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि यह असंवैधानिक काम मैं नहीं करूंगा। ऐसे में उन्हें रात को हटाया गया और उनकी जगह दूसरा कमिश्नर आया। इसके बाद सोनम वांगचुक को धरने से हटकर हॉस्पिटल में एडमिट करवा दिया गया। डोटासरा बोले- क्या सरकार वांगचुक से बातचीत नहीं कर सकती थी। जब हमारी सरकार थी तो पांच-पांच मंत्री आंदोलनकारी से मिलने के लिए जाते थे। तब जवाबदेही भी होती थी, लेकिन यहां पर वह भी नहीं है। लगातार पेपरलीक हुए, यूनिवर्सिटी में पेपर के साथ आंसरशीट दी जा रही है। सरकार केवल यही चाहती है कि लोगों को दबाकर सत्ता पर काबिज हो। राहुल गांधी के कार्यक्रम को नहीं दी परमिशन विनोद जाखड़ ने कहा- राजस्थान में धांधली से भर्ती परीक्षा होती हैं और फिर वह कोर्ट में अटक जाती हैं। देश में जहां भी भाजपा सरकार है, वहां स्टूडेंट्स सड़कों पर हैं। विनोद जाखड़ ने कहा- जब देहरादून में राहुल गांधी स्टूडेंट्स से बात करने के लिए जाने वाले थे, तब उनके कार्यक्रम को रोकने के लिए बड़े ग्राउंड की परमिशन नहीं दी। उन्हें पता था कि 6 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन दो दिन में हो चुके हैं। जिस दिन राहुल गांधी का प्रोग्राम था, उसी दिन वहां एक सेलिब्रिटी को बुलाकर सरकारी खर्च पर नाच-गाना करवाया गया।

बाड़मेर में बिना लाइसेंस चल रहा क्लिनिक सीज:पहले भी दिए गए थे नोटिस; सीएमएचओ बोले- रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है

बाड़मेर स्वास्थ्य विभाग ने रामसर ब्लॉक में चल रहे अवैध क्लिनिक को सीज कर दिया है। क्लिनिक का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था। सीएमएचओ की ओर से डेंटल डॉक्टर को पहले भी नोटिस दिए जा चुके थे। ऐसे में बीसीएमओ ने रविवार को सीज करने की कार्रवाई की। दरअसल, रामसर ब्लॉक में सहयोग हॉस्पिटल डेंटल क्लिनिक काफी लंबे समय से संचालित हो रहा था। राहुल डेंटल डॉक्टर हैं। स्वास्थ्य विभाग की पहले की जांच में क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया। इसके बाद विभाग ने कई बार मौखिक रूप से पंजीकरण करवाने के लिए कहा। सीएमएचओ की ओर से भी नोटिस जारी किए गए थे। कुछ दिन पहले सीएमएचओ ने दो दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने पर बीसीएमओ की टीम मौके पर पहुंची। सीएमएचओ डॉ. विष्णुराम विश्नोई ने बताया कि क्लिनिक या अस्पताल चलाने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है। यदि किसी के पास पंजीकरण नहीं है, तो वह अवैध रूप से क्लिनिक चला रहा है। रामसर ब्लॉक में बिना लाइसेंस संचालित क्लिनिक को सीज कर दिया गया है।

बाड़मेर में 7 साल की बच्ची के साथ रेप:पड़ोसी ने झाड़ियों में ले जाकर की दरिंदगी, आरोपी गिरफ्तार

बाड़मेर में 7 साल की बच्ची के साथ रेप करने का मामला सामने आया है। पड़ोसी बहला-फुसलाकर मासूम को झाड़ियों में ले गया, जहां उसके साथ दरिंदगी की। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है। घटना रविवार की दोपहर करीब साढ़े 3 बजे हुई। पुलिस के अनुसार- रविवार को 7 साल की नाबालिग घर के पास खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले युवक(30) बच्ची को बहला-फुसलाकर झाड़ियों में ले गया और उसके साथ रेप किया। इसके बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। दर्द से कराहते हुए मासूम घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई। परिजन मासूम को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से रिपोर्ट ली। टीम ने घटना स्थल का भी मौका मुआयना किया और बच्ची के घर जाकर पूरी जानकारी ली। एएसपी नितेश आर्य ने बताया- आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी का गठन किया गया है। मासूम का मेडिकल करवाया जा रहा है। मामले की जांच कर रहे हैं।

नंदवान में मिली जली हुई बॉडी:पुलिस ने मॉर्च्युरी में रखवाया शव; मौत के कारणों का पता लगा रही पुलिस

जोधपुर के विवेक विहार थाना क्षेत्र के नंदवान में एक व्यक्ति की आधी जली हुई बॉडी मिली। इससे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बॉडी को अपने कब्जे में लेकर जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल पहुंचाया। यहां बॉडी की शिनाख्त हो गई। परिजनों की ओर से रिपोर्ट देने पर पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह वारदात रविवार शाम करीब 4 बजे हुई। बॉडी की शिनाख्त तेजाराम (48) पुत्र रावत राम जाट निवासी गोदारा की ढाणी नंदवान के तौर पर हुई है। विवेक विहार थाना अधिकारी बलवंत राम ने बताया- नंदवान गांव में शाम 4 बजे एक व्यक्ति की आधी जली हुई हालत में बॉडी मिलने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची। बॉडी को अपने कब्जे में लेकर मथुरादास माथुर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि तेजाराम का मानसिक संतुलन पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं था। हालांकि पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है।

उम्मेद हॉस्पिटल में भर्ती दो प्रसूताओं की स्थिति में सुधार:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की बिगड़ गई थी तबीयत; एक मरीज वेंटिलेटर पर

जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई थी। वहीं पिछले दो दिन में 5 प्रसूताओं की ​तबीयत बिगड़ी है। इन सभी का इलाज उम्मेद हॉस्पिटल में चल रहा है। इनमें से 2 मरीज की स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। डॉ. एस.एन. मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने प्रसूताओं के स्वास्थ्य को लेकर बुलेटिन जारी किया है। इसमें बताया कि कॉलेज से सम्बद्ध उम्मेद अस्पताल 24 घंटों में आईसीयू में भर्ती 5 मरीजों में से 2 मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें एचडीयू में शिफ्ट किया गया है। वर्तमान में आईसीयू में भर्ती 3 मरीजों में से 1 अभी वेंटीलेटर पर है। वहीं अन्य 2 मरीजों का स्वास्थ्य स्थिर है। इस अस्पताल में किसी प्रसूता की मृत्यु नहीं हुई है। एक प्रसूता की स्थिति गंभीर प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- महात्मा गांधी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती तीन मरीज, जिसमें से एक मरीज में मिसमैच ब्लड ट्रांस्फ्यूजन किया गया था, उसका डायलिसिस चल रहा है। वह स्थिर अवस्था में है। सामू नामक दूसरी मरीज का इलाज भी जारी है। 24 जून को सामू की गर्भाशय और पेशाब की थैली फटने पर वह अस्पताल में आई थी। सामू अभी वेंटीलेटर पर है और डायलिसिस भी हो रहा है। उसकी स्थिति गंभीर है। इसके अलावा तीसरी मरीज अत्यधिक ब्लड लॉस के कारण किडनी पर असर होने के कारण उम्मेद अस्पताल से 18 जुलाई को शिफ्ट किया गया था, उसका इलाज चल रहा है। इस मरीज का भी डायलिसिस किया गया है। मरीज हालत स्थिर है। जोधा ने बताया- सभी मरीजों का इलाज वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में किया जा रहा है। मरीजों के परिजनों को समय-समय पर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी जा रही है। किसी भी मरीज की पिछले 24 घंटे में मृत्यु नहीं हुई है।

मुख्य हथियार सप्लायर अनिल कुमार उर्फ डूंगर गिरफ्तार:यूपी से खरीदकर राजस्थान के कई जिलों में करता था सप्लाई

खैरथल-तिजारा जिले की मुण्डावर थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के मुख्य सप्लायर अनिल कुमार उर्फ डूंगर (22) को गिरफ्तार किया है। अनिल कुमार भरतपुर के हिंगोटा, थाना खेड़ली मोड़ का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी उत्तर प्रदेश से हथियार खरीदकर राजस्थान के भरतपुर, अलवर और जयपुर सहित कई जिलों में उनकी आपूर्ति करता था। अनिल कुमार उर्फ डूंगर के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न थानों में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह और किशनगढ़बास वृत्ताधिकारी लालसिंह यादव के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी मोहर सिंह के नेतृत्व में की गई। यह गिरफ्तारी 24 मई 2026 को तिनकीरूड़ी बस स्टैंड पर हुई एक पिछली कार्रवाई से जुड़ी है। उस दौरान मुखबिर की सूचना पर एक स्विफ्ट कार (RJ-02-CJ-7222) से लोकेश प्रजापत निवासी मातौर को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से दो अवैध 12 बोर देशी कट्टे और कार जब्त की गई थी। जांच में सामने आया था कि लोकेश प्रजापत गैंग रंजिश के चलते गैंगवार की तैयारी में भारी मात्रा में हथियार और कारतूस जुटा रहा था। इस मामले में पुलिस पहले ही गैंग सदस्य मनोज कुमार उर्फ मन्नू निवासी खुदनपुरी, अलवर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अनिल कुमार उर्फ डूंगर की गिरफ्तारी के साथ इस प्रकरण में अब तक कुल तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अनिल कुमार से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी लंबे समय से उत्तर प्रदेश से हथियार लाकर राजस्थान के विभिन्न जिलों में उनकी आपूर्ति कर रहा था। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी मोहर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक रतनलाल, कांस्टेबल फूल सिंह और कांस्टेबल प्रेम कुमार शामिल थे।

झुंझुनूं एसपी बोले-हर संदिग्ध गतिविधि की पुलिस को सूचना दें:जिलेभर में हुई सीएलजी की बैठकें; नशामुक्ति और महिला सुरक्षा पर हुई चर्चा

पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से रविवार को झुंझुनूं जिले के सभी पुलिस थानों में कम्युनिटी लायजन ग्रुप (CLG) की बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर कानून-व्यवस्था, यातायात, साइबर अपराध, नशामुक्ति और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। जिला मुख्यालय स्थित कोतवाली थाना परिसर में हुई बैठक की अध्यक्षता एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने की। बैठक में शहर के प्रबुद्ध नागरिक, व्यापारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और सीएलजी सदस्य मौजूद रहे। एसपी बोले- पुलिस और जनता में बातचीत जरूरी
एसपी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद और सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान बेहद आवश्यक है। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने, बढ़ते साइबर ठगी के मामलों के प्रति लोगों को जागरूक रहने, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने और महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इस दौरान एसपी ने उपस्थित लोगों की समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही उनके शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएलजी सदस्य समाज और पुलिस के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं, जिनके सहयोग से अपराधों की रोकथाम और शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है। उधर, जिले के अन्य सभी पुलिस थानों में भी संबंधित वृत्त अधिकारियों और थाना प्रभारियों की अध्यक्षता में सीएलजी बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में स्थानीय समस्याओं पर चर्चा की गई और लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई। बैठक के अंत में एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने सभी सीएलजी सदस्यों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग और विश्वास के बिना अपराधमुक्त वातावरण की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की ताकि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

हाईकोर्ट से शिक्षिका को राहत, वेतन रिकवरी पर लगाई रोक:विभाग ने रिटायरमेंट से पहले वार्षिक वेतन वृद्धि निरस्त करके 12 साल की रिकवरी निकाली थी

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने रिटायरमेंट से ठीक पहले शिक्षिका के खिलाफ निकाली गई वेतन रिकवरी पर रोक लगा दी। जस्टिस आनंद शर्मा की अदालत ने यह आदेश शिक्षिका दलजीत कौर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया था कि साल 1993 में शिक्षिका पद पर नियुक्ति हुई थी। करीब 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद उसे साल 2013 में नियमित करते हुए वेतन फिक्सेशन किया गया था। अब वह रिटायर होने वाली है तो शिक्षा विभाग ने उसके फिक्सेशन को गलत मानते हुए 12 साल की वार्षिक वेतन वृद्धि रद्द करते हुए उसके खिलाफ रिकवरी निकाल दी। जबकि उसका फिक्सेशन नियमों के तहत ही किया गया था। उसे सुनवाई का मौका दिए बिना उसके खिलाफ रिकवरी के आदेश निकाल दिए गए। सरकार ने आदेश वापस लिया, रिकवरी निकाली याचिकाकर्ता के अधिवक्ता नगेंद्र शर्मा ने बताया- साल 2002 में सरकार ने आदेश निकाला था कि जिस शिक्षक को सेवा में 10 साल हो गए हैं, उसे प्रशिक्षित मानकर उसे नियमित करते हुए उसके वेतन का फिक्सेशन किया जाए। इसके कारण याचिकाकर्ता को साल 2013 में नियमित करते हुए फिक्सेशन का लाभ दिया गया। बाद में सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया। ऐसे में अब जब शिक्षका रिटायर होने वाली है तो विभाग ने साल 2013 से अब तक उन्हें मिली वार्षिक वेतन वृद्धियों को रद्द कर दिया। उन्हें दिए गए वेतन की रिकवरी निकाल दी। इसे हमने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत ने हमारे पक्ष को जानने के बाद शिक्षिका को अंतरिम राहत देते हुए वेतन रिकवरी आदेश पर रोक लगा दी।

बस मालिक ने खुद पर डाला डीजल,आग लगाने की कोशिश:कहा- जुर्माना देने को तैयार, अफसरों ने नहीं सुनी; जयपुर में सिंधीकैंप पर RTO की कार्रवाई

जयपुर में आरटीओ की कार्रवाई से नाराज बस मालिक ने खुद पर डीजल डाल लिया। इसके बाद माचिस लेकर आग लगाने की कोशिश भी की। यह घटना सिंधीकैंप बस स्टैंड के सामने रविवार शाम करीब 5 बजे हुई। स्लीपर बसों के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के लिए आरटीओ सिंधीकैंप बस अड्‌डे के बाहर पहुंचे थे। यहां ग्वालियर रूट की एक बस को आरटीओ की उड़नदस्ता टीम ने नियमों का हवाला देते हुए जब्त करने के लिए कहा तो मालिक हाकिम सिंह चौधरी ने पहले चालान जमा करने के लिए कहा। हाकिम सिंह ने कहा- मैंने अफसरों से कहा कि मुझे सवारी लेकर जाना है और अगर कोई कमी है तो चालान कर दें, लेकिन बस जब्त नहीं करें। मैंने अधिकारियों से हाथ जोड़कर और पैर पकड़कर भी गुहार लगाई, लेकिन मेरी बात नहीं सुनी। इसके बाद बस से डीजल निकालते हुए खुद पर डाल लिया। फिर आग लगाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों ने हाकिम सिंह को रोक लिया। घटना के बाद धौलपुर निवासी हाकिम सिंह चौधरी से भास्कर टीम ने बात की। हाकिम सिंह रोते हुए बोले- मेरी उम्र 61 साल है। मैं हार्ट का मरीज हूं। हर महीने दवाइयों पर 18 से 20 हजार रुपए खर्च होते हैं। इसी वजह से मैं अपनी ही बस में कंडक्टर का काम करता हूं, ताकि किसी दूसरे कर्मचारी की तनख्वाह न देनी पड़े। पहले देखें विवाद की PHOTOS बस मालिक बोला- मकान गिरवी, अपनी बस में बनता हूं कंडक्टर हाकिम सिंह चौधरी ने बताया- मैं अपनी बस लेकर सिंधी कैंप पहुंचा था। इसी दौरान आरटीओ उड़नदस्ता टीम ने बस की जांच की। इसके बाद नियमों का हवाला देते हुए बस जब्त करने के लिए कहा। हाकिम ने बताया- मेरा मकान गिरवी रखा है। मुझ पर करीब 25 लाख रुपए का कर्ज है। मेरे पास दो बसें हैं। दोनों बसें फाइनेंस पर हैं, जिनकी हर महीने किस्त चुकानी पड़ती है। अगर बसें नहीं चलेंगी तो किस्त, दवाइयों और घर का खर्च कैसे चलेगा। ‘कल 12 हजार की रसीद कटवाई, आज भी 15 हजार देने को तैयार था’ हाकिम सिंह ने बताया- मैं 30 साल से जयपुर-आगरा और जयपुर-ग्वालियर रूट पर बस चला रहा हूं। उन्होंने बताया- मैं राजस्थान सरकार को 50 हजार रुपए टैक्स देता हूं। उसकी रसीदें भी मेरे पास हैं। उन्होंने कहा- एक दिन पहले ही 18 जुलाई को मैंने 12 हजार रुपए की रसीद कटवाई थी। आज भी मैं 15 हजार रुपए तक की रसीद कटवाने को तैयार था, लेकिन अधिकारियों ने मेरी बात नहीं सुनी। उन्होंने बताया- आरटीओ इंस्पेक्टर ने आते ही कहा- 1.20 लाख रुपए जुर्माना जमा कराओ, नहीं तो बस सीज कर देंगे। हाकिम ने बताया- मैंने अफसरों से कहा कि मेरी गाड़ी बंद कर देंगे तो मेरी दवा कैसे आएगी, घर कैसे चलेगा। इससे अच्छा तो मैं खुद को खत्म कर लूं। इसी परेशानी में मैंने खुद पर डीजल डाल लिया। बस में कोई बड़ी कमी नहीं है हाकिम सिंह ने कहा- मेरी बस सभी जरूरी मानकों के अनुसार चल रही है। यदि कोई छोटी-मोटी कमी है तो उसे भी तुरंत ठीक कराने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा- बस में ऐसी कोई बड़ी खामी नहीं थी, जिसके कारण उसे जब्त किया जाए। पहले कंडक्टर था, मेहनत से खरीदी बस हाकिम सिंह ने बताया- मैंने करियर की शुरुआत कंडक्टर के रूप में की थी। कई साल मेहनत करने के बाद पैसे जोड़कर पहली बस खरीदी। अब उम्र बढ़ने और बीमारी के बावजूद मैं खुद बस में कंडक्टर का काम करता हूं, ताकि परिवार और कर्ज की जिम्मेदारियां पूरी कर सकें। उन्होंने बताया- मेरे दो बेटे हैं, जो प्राइवेट नौकरी करते हैं। अपने-अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में बस ही मेरी आय का मुख्य साधन है। आरटीओ की कार्रवाई को लेकर उठे सवाल स्लीपर बसों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर पहले भी बस ऑपरेटर विरोध जता चुके हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं घटना के बाद सिंधीकैंप बस स्टैंड के बाहर वनस्थली मार्ग पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और आरटीओ अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। आरटीओ बोले- कार्रवाई से बचने के लिए मालिक ने यह किया जयपुर आरटीओ प्रथम चंपालाल जीणगर ने बताया- हाईकोर्ट के आदेश की पालना के लिए आरटीओ की फ्लाइंग ड्यूटी पर थी। इसी दौरान UP नंबर की बस सिंधीकैंप पर रुकी, जो बस बॉडी कोड के अनुरूप नहीं थी। इसे लेकर ही आरटीओ इंस्पेक्टर जयंत ने जुर्माना लगाने की बात कही। इस पर बस कंडक्टर-मैनेजर ने आग लगाने की कोशिश की। यह पूरा मामला कार्रवाई से बचने के लिए है।