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भागलपुर में मिला कोरोना संक्रमित मरीज:10 दिनों से फीवर, टेस्ट कराने पर निकला कोविड; आंध्र में भी मिला था केस

भागलपुर में कोविड-19 से संक्रमित एक मरीज मिला है। पिछले 10 दिनों से बुखार से पीड़ित 65 साल के बुजुर्ग की RT-PCR जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमित मरीज मूल रूप से बांका जिले का रहने वाला है। अभी भागलपुर के लालूचक इलाके में रहता है। परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग पिछले 10 दिनों से सर्दी, खांसी और तेज बुखार से पीड़ित थे। उनका तापमान 104 डिग्री तक बना हुआ था और दवा लेने के बावजूद बुखार नहीं उतर रहा था। इसके बाद उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां RT-PCR जांच कराने पर उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इसके बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया। फिलहाल मरीज को अस्पताल के डी-ब्लॉक स्थित ICU में कोविड प्रोटोकॉल के तहत भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मरीज की स्थिति स्थिर है। उन्हें फिलहाल ऑक्सीजन या वेंटिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता नहीं पड़ी है। बेटी बोली- तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके बाद RT-PCR टेस्ट कराया गया मरीज की बेटी ने बताया, “मेरे पिता को पिछले कई दिनों से सर्दी, खांसी और तेज बुखार था। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के चार-पांच दिन बाद भी उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद RT-PCR जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।” उन्होंने बताया कि कोरोना पॉजिटिव आने के बाद निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया। यहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। दुबारा कराया जाएगा RT-PCR टेस्ट जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि निजी अस्पताल से एक कोरोना संक्रमित मरीज को रेफर कर भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में मरीज का दोबारा RT-PCR टेस्ट कराया जाएगा। फिलहाल मरीज को ऑक्सीजन या वेंटिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता नहीं है। डॉ. चौधरी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घबराने या दहशत फैलाने की जरूरत नहीं है। कोरोना संक्रमण के कुछ मामले समय-समय पर सामने आ सकते हैं। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है। 10 दिन पहले आंध्र प्रदेश में कोविड मरीज की हुई थी मौत आंध्र प्रदेश के कडप्पा में 10 दिन पहले 46 साल के व्यक्ति की कोविड-19 से मौत हो गई। उसे पिछले महीने वेल्लोर के CMC अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसका कोविड टेस्ट पॉजिटिव आया था। 4 दिन इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। हेल्थ ऑफिसर ने बताया था कि मरीज के फेफड़े खराब हो गए थे। मरीज को कंटेनमेंट जोन में रखा गया था। उसके संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग भी की जा रही है। इलाके में सैनिटाइजेशन भी शुरू कर दिया गया है। भारत में कोरोना से 47 लाख मौतों का अनुमान भारत में कोविड से आधिकारिक तौर पर 2022 के अंत तक करीब 5.3 लाख मौतें दर्ज की गईं थीं। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अनुमान लगाया कि महामारी से भारत में लगभग 47 लाख मौतें हुईं। वहीं दुनियाभर में 2022 के अंत तक करीब 66–67 लाख आधिकारिक मौतें दर्ज की गई थीं।

एएनएम संघ ने किया शासन सचिव के बयान का विरोध:प्रसूता मृत्यु प्रकरण में एएनएम को दोषी ठहराने पर जताई आपत्ति

डीग में एलएचवी/एएनएम संघ ने प्रसूता मृत्यु प्रकरण पर प्रमुख शासन सचिव के बयान का कड़ा विरोध किया है। संघ की जिला अध्यक्ष ममता भारद्वाज ने एक संयुक्त बयान में कहा कि स्वास्थ्य विभाग में किसी भी अप्रिय घटना के बाद बिना निष्पक्ष जांच के फील्ड में कार्यरत एएनएम को दोषी ठहराना अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि एएनएम स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं। जिला अध्यक्ष भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि एएनएम न तो प्रयोगशाला तकनीशियन होती हैं और न ही विशेषज्ञ चिकित्सक, जो प्रत्येक प्रसूता की गहन चिकित्सकीय जांच कर सकें। इसके बावजूद, हर घटना के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना उनके सम्मान और मनोबल को ठेस पहुंचाता है। आंदोलन की दी चेतावनी
संघ ने मांग की है कि किसी भी घटना में निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच पूरी होने से पहले किसी भी एएनएम को दोषी न ठहराया जाए। उन्होंने प्रमुख शासन सचिव द्वारा दिए गए बयानों को तत्काल वापस लेने और भविष्य में ऐसे बयान देने से बचने की भी अपील की।
एलएचवी/एएनएम संघ राजस्थान ने चेतावनी दी है कि यदि एएनएम के सम्मान और हितों की अनदेखी जारी रहती है, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

ऋषभदेव में उपाध्याय शुभमसागरजी का मंगल प्रवेश:धर्मसभा में बोले- जिनवाणी दर्पण की तरह, इससे आत्मा को देखें

उदयपुर जिले के ऋषभदेव में रविवार को प्राकृतज्ञान केसरी आचार्य सुनीलसागर महाराज के शिष्य उपाध्याय शुभमसागरजी महाराज और कवि मुनि सक्षमसागर महाराज का नगर में मंगल प्रवेश हुआ। संतों के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग उमड़े। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा की, पैर धोए और अर्घ्य अर्पित कर संतों की अगवानी की। मुनि संघ का विहार अशोक मार्बल कंपनी से शुरू होकर नेशनल हाईवे-48 के रास्ते घाटी दरवाजा पहुंचा। यहां समाज के लोगों ने विधि-विधान से मुनि संघ का स्वागत किया। महिला मंडल की सदस्यों ने सिर पर कलश रखकर मंगल नृत्य किया। जैसे ही मुनि संघ ने कस्बे में प्रवेश किया, बैंड-बाजों की धुन और जय-जय गुरुदेव के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इसके बाद घाटी दरवाजा से शोभायात्रा शुरू हुई। यह यात्रा ऋषभदेव चौराहा रोड, पुलिस चौकी, कीकाभाई धर्मशाला रोड, हॉस्पिटल रोड, पाटूना चौक, नेहरू बाजार, सदर बाजार और जौहरी बाजार होते हुए ऋषभ चौक स्थित ऋषभदेव निज मंदिर पहुंची। यहां मुनि श्री ने भगवान आदिनाथ के दर्शन और वंदना की। इसके बाद शोभायात्रा कांच के मंदिर पहुंची, जहां एक विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया। सबसे आगे सफेद घोड़े चल रहे थे इस शोभायात्रा में सबसे आगे सफेद घोड़े चल रहे थे, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रहे। महिलाएं पारंपरिक पोशाक में और पुरुष सफेद कपड़ों में शामिल हुए। युवा रंग-बिरंगे कपड़ों में भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। संतों के स्वागत के लिए पूरे कस्बे को दुल्हन की तरह सजाया गया था। अलग-अलग सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए थे। जैसे हम कांच में अपना चेहरा देखते हैं कांच के मंदिर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए उपाध्याय शुभमसागर महाराज ने कहा कि जिनवाणी एक दर्पण यानी कांच की तरह है। चातुर्मास का यह समय खुद के भीतर झांकने और आत्मचिंतन करने का सबसे अच्छा अवसर है। जैसे हम कांच में अपना चेहरा देखते हैं, वैसे ही जिनवाणी के जरिए हमें अपनी आत्मा को देखना चाहिए। हमें यह समझना होगा कि हमारी आत्मा किन बंधनों में जकड़ी हुई है और उन बंधनों से मुक्त होने का सही रास्ता क्या है। उन्होंने सभी को धर्म, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की सीख दी। इस मौके पर पुलक मंच परिवार, तरुण क्रांति मंच, आदिनाथ एकता मंच, अखिल भारतीय युवा परिषद, वसु निधि क्लब, नव मंडल, दिगम्बर जैन हुमड़ समाज, दिगम्बर जैन नागदा समाज, दिगम्बर जैन तीर्थ रक्षा समिति, दिगम्बर जैन विद्यालय, एम-24 पाठशाला और महावीर जिनालय समिति सहित कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। इस धार्मिक महोत्सव में ऋषभदेव के अलावा अहमदाबाद, उदयपुर, खेरवाड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

जयपुर में 20 फीट गहरे गड्ढे में अचानक ढही मिट्टी:2 मजदूर दबे, सीवरेज लाइन का डाल रहे थे चेंबर

जयपुर में 20 फीट गहरे गड्ढे में रविवार शाम 2 मजदूर दबने से घायल हो गए। नई सीवरेज लाइन का चेंबर डालने के दौरान नीचे उतरकर काम करते समय मिट्टी ढहने से हादसा हुआ। करणी विहार थाना पुलिस ने साथी मजदूरों की मदद से तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मिट्टी में दबे दोनों मजदूरों को बाहर निकाला। पुलिस ने प्राथमिक उपचार के लिए घायल दोनों मजदूरों को SMS हॉस्पिटल में एडमिट करवाया है। चेंबर डालने के लिए नीचे उतरे थे मजदूर SHO (करणी विहार) हवा सिंह ने बताया- मीणावाला में अलंकार मोड़ के पास शाम करीब 5 बजे हादसा हुआ। नई डाली जा रही सीवरेज लाइन पर मजदूर काम कर रहे थे। सीवरेज लाइन का चेंबर डालने के लिए 20 फीट नीचे 2 मजदूर उतरकर गड्‌ढे में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी ढहने से दोनों मजदूर दब गए। वहां मौजूद अन्य साथी मजदूरों ने तुरंत पुलिस को सूचना देकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। महज 5 मिनट में सुरक्षित निकाला बाहर करीब 5 मिनट की मशक्कत के बाद मिट्टी में दबे दोनों मजदूरों को निकाल लिया गया। पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाले गए दोनों मजदूरों को मामूली घायल होने पर SMS हॉस्पिटल में एडमिट करवाया। पुलिस का कहना है कि समय रहते दोनों मजदूरों को बाहर निकाल लेने के चलते उनकी जान बच गई। हादसे में किसी के हताहत होने की बात से इनकार किया है।

1000 करोड़ के फ्रॉड केस में बिजनेसमैन गोयनका गिरफ्तार:MP के भाजपा विधायक के परिवार की कंपनियों पर कब्जे का आरोप, 10 दिन की रिमांड

छत्तीसगढ़ के रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका को कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गोयनका पर कटनी के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनियों में करीब 1000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। कंपनियों पर कब्जा करने की कोशिश का भी आरोप है। गिरफ्तारी के बाद कोलकाता पुलिस ने रविवार को गोयनका को कोलकाता की अदालत में पेश किया। कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस वित्तीय गड़बड़ियों, कंपनियों के नियंत्रण में कथित बदलाव और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी। जांच कई अहम खुलासे हो सकते हैं। ऐसे शुरू हुआ पूरा मामला भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनी यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का मुख्यालय कोलकाता में है। मूल रूप से अनूपपुर जिले के कोतमा और वर्तमान में रायपुर निवासी महेंद्र गोयनका इसी कंपनी में प्रबंधन के अहम पद पर कार्यरत था। आरोप है कि उसने अपनी पत्नी और सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों एवं हस्ताक्षरों के जरिए कंपनी के दो डायरेक्टर्स को हटवाकर उनकी जगह चार अन्य लोगों को डायरेक्टर बनवा दिया। इसके बाद कंपनी के नियंत्रण पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की। उस पर कंपनी के वित्तीय लेनदेन में अनियमितता और कंपनी का माल कथित तौर पर छल-कपट से बेचकर गबन करने के भी आरोप हैं। कोलकाता में दर्ज हुई थी एफआईआर इन आरोपों के आधार पर 2024 में कोलकाता में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120-बी, 467, 468 और 471 समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी मामले में कोलकाता पुलिस ने महेंद्र गोयनका को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों पर कटनी में भी दर्ज हैं दो मामले कंपनी से हटाए गए कटनी निवासी डायरेक्टर्स ने कटनी कोतवाली और माधवनगर थाने में भी जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज कराए थे। माधवनगर थाने में दर्ज मामलों में महेंद्र गोयनका के अलावा रायपुर निवासी हिमांशु श्रीवास्तव, सन्मति जैन और सुनील अग्रवाल समेत अन्य सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम बेल हो चुकी हैं खारिज जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं लोअर कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक खारिज हो चुकी हैं। इसके बावजूद कुछ आरोपी पिछले करीब डेढ़-दो साल से फरार बताए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है। NCLT ने भी की थीं सख्त टिप्पणियां 9 मई 2025 को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की मुंबई पीठ ने एक आदेश में महेंद्र गोयनका और उनकी पत्नी मीनू गोयनका से जुड़े वित्तीय लेनदेन पर गंभीर टिप्पणियां की थीं। इसके अलावा गोयनका की एक अन्य कंपनी निसर्ग इस्पात से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले भी सामने आए हैं। अब कोलकाता पुलिस रिमांड के दौरान पूरे कथित वित्तीय नेटवर्क और लेनदेन की जांच कर रही है। महेंद्र गोयनका कौन हैं? महेंद्र गोयनका मूल रूप से मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा के रहने वाले हैं और वर्तमान में रायपुर (छत्तीसगढ़) में कारोबार करते हैं। वे पहले यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में प्रबंधन के अहम पद पर कार्यरत थे। बाद में कंपनी के प्रबंधन और वित्तीय लेनदेन को लेकर विवाद सामने आए। उन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कंपनी के नियंत्रण में बदलाव, वित्तीय अनियमितताओं और करीब 1000 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी के आरोप हैं। भाजपा विधायक की प्रोफाइल ——————-
यह खबर भी पढ़ें महेंद्र गोयनका केस से अलग हुए जस्टिस पारदीवाला; सुप्रीम कोर्ट में थी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रहे खनन कारोबारी महेंद्र गोयनका के चर्चित मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। इस केस की सुनवाई कर रहे जस्टिस जेबी पारदीवाला ने खुद को मामले से अलग कर लिया है। अब नई बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। यह पूरा विवाद कंपनी के पैसों की हेराफेरी, चेक बाउंस और दिवालिया प्रक्रिया (IBC) से जुड़ा है। पढ़ें पूरी खबर

कोटा में प्रहलाद गुंजल ने बुलाई बैठक,दोनों जिलाध्यक्ष-विधायक रहे गायब:आंदोलन को लेकर हुई चर्चा; सरकार पर तंज कसते हुए बोले- शासन चला रहे या साइकिल-रिक्शा

कोटा में कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को एक बार फिर पुख्ता कर दिया है। कोटा में कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल की ओर से रविवार को बुलाई गई बैठक में शहर-ग्रामीण जिलाध्यक्ष, कांग्रेस विधायक सहित अन्य नेता नहीं पहुंचे। प्रहलाद गुंजल ने महाराजा अग्रसेन धर्मशाला में यह बैठक बुलाई थी। बैठक में शहर में आने वाले समय में किए जाने वाले आंदोलन को लेकर चर्चा की गई। मीटिंग को जिला कांग्रेस की ओर से आयोजित बताया गया और प्रहलाद गुंजल को मुख्य वक्ता के तौर पर बताया। लेकिन मीटिंग में कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम और देहात जिलाध्यक्ष भानुप्रताप मौजूद नहीं थे। बैठक में प्रहलाद गुंजल ने तंज कसते हुए कहा- आप शासन चला रहे हैं या साइकिल-रिक्शा-ठेला चला रहे हैं? इन वरिष्ठ नेताओं ने बनाई बैठक से दूरी कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल की टीम की ओर से इसे जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक बताकर कार्यकर्ताओं को मैसेज भेजे गए थे। हालांकि बैठक में जिला कांग्रेस कमेटी, शहर और देहात के दोनों अध्यक्ष नहीं थे। इसके अलावा पीपल्दा विधायक चेतन पटेल और लाडपुरा पंचायत समिति प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू भी बैठक में नहीं पहुंचे। हालांकि बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और कोटा प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज, पूर्व शहर अध्यक्ष रविंद्र त्यागी, अमीन पठान समेत अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। लोग परेशान, सरकार नहीं दे रही ध्यान कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने बताया- कोटा में सरकार के खिलाफ आगामी दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। गुंजल ने कहा- पूरा हाड़ौती क्षेत्र परेशान है। यहां का अन्नदाता खेत की मेड़ पर बैठा-बैठा रो रहा है। किसान ने सरकार से उम्मीद करके धान की फसल बोई थी, लेकिन फसल सूखती नजर आ रही है। गुंजल ने बिजली कटौती और खाद की कालाबाजारी पर भी प्रशासन को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में बोरिंग से खेती हो रही है, वहां 8 से 10 घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। इसके अलावा उन्होंने खाद की किल्लत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 1300-1400 रुपए का खाद का कट्टा किसानों को मिल नहीं रहा है।उन्हें चोर दरवाजे से ऊंचे दामों पर खरीदने को मजबूर किया जा रहा है।

डीग पुलिस का एक्शन: 4 मामलों में 12 आरोपी गिरफ्तार:साइबर अपराधी से लेकर केबल चोर गिरोह तक दबोचा, जारी रहेगा अभियान

डीग पुलिस ने वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग मामलों में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में करीब पांच साल से फरार साइबर अपराधी, नाबालिग को ब्लैकमेल कर वसूली करने वाले आरोपी, जेवरात चोरी का आरोपी और किसानों की कृषि मोटरों से केबल चोरी करने वाले संगठित गिरोह का खुलासा शामिल है। एसपी के निर्देश पर चला अभियान डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देश पर जिलेभर में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत विभिन्न थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पांच साल से फरार साइबर अपराधी गिरफ्तार कैथवाड़ा थाना पुलिस ने साइबर अपराध के एक मामले में करीब पांच वर्षों से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस मामले में कानून से संघर्षरत एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस उनके बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और अपराध से अर्जित संपत्ति की भी जांच कर रही है। नाबालिग को ब्लैकमेल कर वसूले रुपए और सोना सीकरी थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक नाबालिग लड़की के अश्लील फोटो-वीडियो बनाने, उसे ब्लैकमेल करने और रुपए व सोना वसूलने के मामले में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है। जेवरात चोरी का आरोपी दबोचा जनूथर थाना पुलिस ने घर में चोरी के मामले में फरार आरोपी निक्की (19) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से चोरी किए गए कुंडल और चांदी की पायल बरामद की गई है। मामले की आगे जांच जारी है। कृषि मोटरों की केबल चुराने वाला गिरोह बेनकाब कामा थाना पुलिस ने किसानों की कृषि मोटरों से विद्युत केबल चोरी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान चोरी का माल खरीदने वालों की पहचान होने पर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की जांच कर रही है। अभियान रहेगा जारी पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने कहा कि जिले में वांछित और फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही हैं।

भरतपुर में 'घना बचाओ, पांचना का पानी लाओ' अभियान:पक्षी विशेषज्ञ धरने पर बैठे, बोले- पानी की कमी के कारण कछुए और मछलियां मर रहीं

केवलादेव घना पक्षी विहार में पांचना बांध के पानी की मांग को लेकर आज धरना दिया गया। धरने में पर्यावरणविद्, नेचर गाइड, पर्यटन व्यवसायी और रिक्शा यूनियन के सदस्य मौजूद रहे। सभी संगठनों का कहना है कि घना पक्षी विहार को नियमित रूप से पांचना बांध का पानी मिलना चाहिए। केवलादेव में पानी की कमी के कारण जीव-जंतुओं को पानी के लिए भटकना पड़ता है। पानी नहीं होने के कारण घना पक्षी विहार का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। पक्षी विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि केवलादेव घना पक्षी विहार में पानी लाने के लिए ‘घना बचाओ, पांचना का पानी लाओ’ संघर्ष समिति का गठन किया गया है। समिति में मॉर्निंग वॉकर्स संघ, नेचर गाइड एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन, रिक्शा यूनियन, व्यापारिक संगठनों और आसपास के गांवों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जो इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। गुरुग्राम कैनाल का पानी दूषित
केवलादेव घना पक्षी विहार के लिए पांचना बांध का प्राकृतिक पानी ही सबसे उपयुक्त है। हाल ही में गुरुग्राम कैनाल से छोड़ा गया पानी दूषित था, जिससे उद्यान की जैव विविधता और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हुआ है। घना पक्षी विहार में पानी की कमी के चलते कछुए और मछलियां मर रही हैं। प्रवासी पक्षी भी यहां अधिक समय तक नहीं रुक पा रहे हैं। पांचना का पानी पक्षियों के लिए जरूरी
उन्होंने बताया कि हाल ही में आए गुलाबी फ्लेमिंगो का दल भी मात्र दो दिन रुककर लौट गया। पांचना के प्राकृतिक पानी में मिलने वाले छोटे जलीय जीव और वनस्पतियां ही प्रवासी पक्षियों के भोजन और प्रजनन के लिए आवश्यक हैं। घना पक्षी विहार केवल वन्यजीवों का आश्रय स्थल नहीं, बल्कि हजारों लोगों की आजीविका का भी साधन है। उन्होंने बताया कि गाइड, रिक्शा चालक, होटल व्यवसायी, टैक्सी संचालक और पर्यटन से जुड़े अनेक लोगों की रोजी-रोटी इस उद्यान पर निर्भर है। यदि समय रहते पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो पर्यटन प्रभावित होगा और केवलादेव को विश्व धरोहर का दर्जा भी खतरे में पड़ सकता है।

एयर गन लहराकर रील बनाना पड़ा महंगा:लोगों में भय का माहौल पैदा करने के आरोप में युवक गिरफ्तार

झालावाड़ जिले के पनवाड़ में एयर गन लहराते हुए रील बनाकर पोस्ट करना एक युवक को महंगा पड़ा। पनवाड़ थाना पुलिस ने आमजन में भय का माहौल पैदा करने के आरोप में युवक को शांति भंग के तहत गिरफ्तार किया है। एसपी अमित कुमार ने बताया कि एसपी कार्यालय की साइबर सेल को एक युवक द्वारा एयर गन लहराते हुए बनाए गए वीडियो के तेजी से शेयर होने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर पनवाड़ थाना प्रभारी को मामले की जांच के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान वायरल वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान पनवाड़ निवासी आदिल अली (18) पुत्र बाबू खां के रूप में हुई। पूछताछ में आदिल अली ने स्वीकार किया कि उसने ही यह रील बनाकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड की थी। पुलिस ने वीडियो में इस्तेमाल किए गए हथियार की जांच की, जिसमें वह एक एयर गन निकली।

तेज-रफ्तार कार ने सवारियों से भरे टेम्पो को मारी टक्कर:3 ​​महिला समेत 7 लोग गंभीर घायल, कार जब्त

जालोर में एक कार की टक्कर से सवारियों से भरा टेम्पों पलट गया। जिससे 7 लोग गंभीर घायल हो गए। सभी का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसा बीशनगढ़ रोड़ पर शाम 4.30 बजे हुआ। एम्बुलेंस की सहायता से सभी को जालोर के सामान्य चिकित्सालय पहुंचाया। जहां सभी का इलाज जारी हैं। तेज रफ्तार कार ने टेम्पो को मारी टक्कर दरअसल, जिले के पहाड़पुरा से बिशनगढ़ जा रहे सवारियों से भरे एक टेम्पो को पीछे से तेज रफ्तार आ रही एक कार ने जोरदार टक्कर मार दी। जिससे टेम्पो सड़क किनारे पलट गया। जिसमें 3 ​​महिला समेत करीब 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एम्बुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे पायलट पूरण सिंह और इएमटी दिनेश ने एम्बुलेंस की सहायता से सभी को जालोर के सामान्य चिकित्सालय पहुंचाया। जहां सभी का इलाज जारी हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने टेम्पो समेत कार को जब्त कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे में ये घायल हुए इस हादसे में धमेन्द्र(15 ) पुत्र हितेश, अक्षिता पुत्री (10) हितेश कुमार, लक्ष्मण (23) पुत्र चेलाराम, पवनी (40) पत्नी हितेश, रामुदेवी (32), ममता कुमारी (4), लालाराम और वासन गांव निवासी सोनाराम (55) पुत्र रूपाराम सरगरा गंभीर रूप से घायल हुए हैं।