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झुंझुनूं में उपभोक्ता आयोग ने एक दिन में निपटाए 35-मामलें:33 उपभोक्ताओं को कल मिलेंगे चेक, बीमा कंपनी ने भी जमा करवाई क्लेम राशि

झुंझुनूं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने एक दिन में 35 मामलों(परिवाद) का निस्तारण किया। ​इस दौरान बीमा कंपनी ने भी आयोग के निर्णय का सम्मान करते 33 उपभोक्ताओं की अवॉर्ड राशि (क्लेम) रिकॉर्ड आयोग ऑफिस में जमा करवा दी है। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील वकीलों की मौजूदगी 33 उपभोक्ताओं को अवार्ड राशि के चेक सौंपेंगे, जो लंबे समय से अपने क्लेम का इंतजार कर रहे थे। अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए एक ही दिन में 35 मामलों में फैसले लिखवाकर सुना दिए। ​बीमा कंपनी ने भी क्लेम जमा करवाया
​कानूनी मामलों में फैसलों के बाद उनकी पालना में लंबा समय लग जाता है, लेकिन आयोग की कार्यप्रणाली को देखते हुए बीमा कंपनी ने हाथोंहाथ फैसले लिए। आयोग के निर्णय का सम्मान करते हुए कंपनी ने 33 परिवादों से संबंधित क्लेम राशि आयोग में जमा करवा दी।

पाली में मधुमक्खियों के डंक से बुजुर्ग घायल:ट्रेन से गिरने से यात्री का पैर कटा; दोनों का बांगड़ हॉस्पिटल में इलाज जारी

पाली में रविवार को दो अलग-अलग हादसों में एक बुजुर्ग और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया, जहां उनका इलाज किया। पहली घटना बांगड़ हॉस्पिटल परिसर की है। ट्रोमा वार्ड के पास बनी चाय की केबिन के बाहर पेड़ के नीचे विजयराज(66) बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक पेड़ पर लगा मधुमक्खियों का छत्ता उनके ऊपर गिर गया। छत्ता गिरते ही मधुमक्खियों ने उनके सिर और चेहरे पर कई जगह डंक मार दिए। दर्द से परेशान होकर वे इधर-उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद एम्बुलेंस चालक सिकंदर खान ने उनके ऊपर कंबल डालकर मधुमक्खियों से बचाया। इसके बाद उन्हें तुरंत ट्रोमा वार्ड पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। वहीं दूसरी घटना में करीब 35 वर्षीय एक युवक ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में उसका एक पैर कट गया। गंभीर हालत में उसे भी बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घायल युवक अपनी पहचान स्पष्ट नहीं बता पा रहा है। ऐसे में पुलिस उसकी पहचान करने और परिजनों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

वेल्डिंग मिस्त्री निकला नकली नोटों का मास्टरमाइंड:13 लाख से ज्यादा की फेक करेंसी के साथ आरोपी को दबोचा, नोटों की प्रिंटिंग शीटें भी बरामद

अजमेर की गंज थाना पुलिस ने नकली नोट तैयार करने वाले मास्टरमाइंड वेल्डिंग मिस्री को गिरफ्तार किया। पुलिस ने नोटों से भरा थैला लेकर खड़े आरोपी को पकड़ने के लिए घेर लिया और उसके बैग की तलाशी ली। बैग से 13 लाख 6 हजार रुपए के नकली नोट और नोटों की प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाली शीटें बरामद हुई हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की तैयारी में था। आरोपी प्रिंस हिल्स कॉलोनी, बड़ी नागफणी(अजमेर) निवासी विक्रम जोन (27) पेशे से वेल्डिंग का काम करता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह नकली नोट कहां से लाता था और इन्हें किसे सप्लाई करने वाला था। आरोपी कितने समय से इस अवैध गतिविधि में शामिल था और उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस, अजमेर रेंज राजेंद्र सिंह और एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(ASP) (शहर एवं मुख्यालय) हिमांशु जांगिड़ के सुपरविजन और सीओ (दरगाह) लक्ष्मण राम चौधरी के निर्देशन में गंज थाना प्रभारी महावीर सिंह राठौड़ के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। जबकि मामले की जांच दरगाह थाना प्रभारी दिनेश जीवनानी को सौंपी गई है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी शनिवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि विक्रम जोन (27) घी मंडी स्थित सरकारी स्कूल के पास आसमानी रंग का बैग लेकर खड़ा है और उसके पास नकली नोट है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। बैग से मिले नकली नोट और प्रिंटेड शीटें तलाशी के दौरान आरोपी के बैग से 500-500 रुपए के नकली नोट और नोटों की छपी हुई शीटें बरामद हुईं। इनकी कुल अंकित कीमत 13 लाख 6 हजार रुपए पाई गई। पूछताछ में आरोपी ने बरामद नोटों के नकली होने की बात स्वीकार की। बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज पुलिस ने बरामद नकली नोट और प्रिंटेड शीटें जब्त कर आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 178, 179 और 180 के तहत गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि आरोपी किसी बड़े गिरोह से जुड़ा है या नहीं और नकली नोटों की छपाई व सप्लाई का नेटवर्क कहां तक फैला है। इस कार्रवाई के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(एएसपी) (शहर एवं मुख्यालय) हिमांशु जांगिड़ के सुपरविजन और सीओ (दरगाह) लक्ष्मण राम चौधरी के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। गंज थाना पुलिस की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जिले में जाली नोटों की बड़ी खेप बरामद करने में सफलता हासिल की। ————— ये खबरें भी पढ़िए… पहली बार कैमरे पर नकली नोट गिरोह : 1 लाख के बदले 10 लाख के नोट, दावा- एटीएम भी नहीं पकड़ सकता, पार्ट-1
पहली बार कैमरे पर देखिए आपके पर्स तक नकली नोट पहुंचने वाले गैंग के चेहरे। इंस्टाग्राम की एक रील से शुरू हुई इन्वेस्टिगेशन नकली नोटों के उस सिंडीकेट तक ले गई, जो रील्स में काउंटिंग मशीन में डालकर दावा करते हैं- ये नोट न मशीन पकड़ पाएगी न एटीएम। पूरी खबर पढ़िए… नकली नोट में गांधीजी का वाटरमार्क, सिल्वर लाइन भी:एक पेपर पर छपते 500 के 3 नोट, इंडस्ट्री की तरह गैंग में प्रोडक्शन दैनिक भास्कर एप की स्पेशल सीरीज के पहले पार्ट में आपने ऑन कैमरा नकली नोट माफिया के चेहरे देखे। भास्कर रिपोर्टर ने ग्राहक बनकर पूरे नेटवर्क को एक्सपोज किया। भास्कर की पड़ताल में नकली नोट बनाने वाले एक और गैंग का सच सामने आया। ये गैंग किसी इंडस्ट्री की तरह ही नेटवर्क चला रहा था। प्रोडक्शन, मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का जिम्मा गैंग के अलग-अलग सदस्यों के पास। पूरी खबर पढ़िए…

आरपीएससी वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा शुरू:पहली पारी में 63.18%, दूसरी में 62.23% उपस्थिति दर्ज

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा रविवार को चूरू के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हुई। यह परीक्षा 12 से 18 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। पहले दिन सुबह से ही अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। प्रवेश से पूर्व दस्तावेजों का सत्यापन और सुरक्षा जांच की गई, जिसके बाद ही परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश दिया गया। चूरू मुख्यालय के साथ-साथ रतननगर, खांसोली और रतनगढ़ के सरकारी व निजी विद्यालयों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। महिला पुलिसकर्मियों सहित पुलिस बल ने हैंड हेल्ड मशीनों से जांच कर अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया। परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर केंद्रों के द्वार बंद कर दिए गए थे। पहली पारी में सामान्य ज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित हुई। इसके लिए पंजीकृत 10,789 अभ्यर्थियों में से 6,817 ने परीक्षा दी, जबकि 3,972 अनुपस्थित रहे। इस पारी में 63.18 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। दूसरी पारी में ऐच्छिक विषय का प्रश्नपत्र हुआ। इसमें भी 10,789 अभ्यर्थियों में से 6,715 ने परीक्षा दी और 4,074 अनुपस्थित रहे। दूसरी पारी में 62.23 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्र बंद रहे। सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों ने धर्मशालाओं और होटलों में भी विशेष निगरानी रखी, ताकि किसी भी अनुचित गतिविधि को रोका जा सके। सोमवार को 41 केंद्रों पर 11,397 अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए पंजीकृत हैं।

मेगा हाईवे पर तेज रफ्तार कार का कहर:बाइक सवार दंपती गंभीर घायल, ड्राइवर गाड़ी छोड़कर फरार

बूंदी के केशवरायपाटन मेगा हाईवे पर रविवार शाम तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दंपत्ति को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें कोटा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। दुर्घटना के बाद कार ड्राइवर वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार जब्त कर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कैसे हुआ हादसा एएसआई हरिशंकर शर्मा ने बताया कि कोटा निवासी छीतरलाल बैरवा अपनी पत्नी सावित्री बाई के साथ कापरेन जा रहे थे। खेराड़ी फाटक के पास कापरेन की ओर से आ रही उत्तराखंड नंबर की कार ने उनकी बाइक को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भागा हादसे के बाद कार ड्राइवर अपनी गाड़ी मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को कोटा अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर फरार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है। तीन दिन पहले भी हुआ था बड़ा हादसा गौरतलब है कि इसी मेगा हाईवे पर तीन दिन पहले गुड़ला टोल नाके के पास एक अन्य सड़क हादसे में कापरेन निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक दंपत्ति की ट्रोले की चपेट में आने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पूर्व CEC का दावा, मनमोहन ने कहा था-सुसाइड कर लूंगा:कुरैशी बोले– पूर्व PM की बात सुनकर चौंक गया था; मंत्री की शिकायत करने गए थे

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने अपनी किताब ‘इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज, नॉट ए मेमॉयर’ में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़ा एक इमोशनल मोमेंट शेयर किया है। कुरैशी की किताब के मुताबिक 2012 में चुनाव आयोग के खिलाफ कुछ मंत्रियों ने कमेंट किए। जब इनकी शिकायत मनमोहन सिंह की गई तो उन्होंने कहा था, “अगर आपको ऐसा लगता है, तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।” मनमोहन सिंह ने कुरैशी से यह भी कहा था कि इलेक्शन कमीशन सिर्फ भारत का गौरव नहीं है, यह देश के लोकतंत्र की आत्मा है और अगर हम इसे खो देते हैं, तो हम सब कुछ खो देंगे। अपनी किताब में कुरैशी ने मनमोहन सिंह की एक ऐसे नेता के रूप में तारीफ की है, जिनके लिए संवैधानिक मर्यादा बातचीत का मुद्दा नहीं बल्कि एक जीता-जागता विश्वास था। किताब के राइटर कुरैशी भारत के 17वें मुख्य चुनाव आयुक्त थे। वे 30 जुलाई 2010 से 10 जून 2012 तक चुनाव आयोग की बागडोर संभाली। अपने कार्यकाल में उन्होंने मतदाता जागरूकता, चुनावी खर्च निगरानी और चुनाव प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए। पढ़िए यह पूरा घटनाक्रम क्या था… कुरैशी ने लिखा- यह सीक्रेट नहीं, देश के लीडर के कैरेक्टर की झलक थी इस वाकये का जिक्र करते हुए कुरैशी लिखते हैं- PM सिंह के सुसाइड वाले कमेंट की बात मैंने तुरंत उनके प्रिंसिपल सेक्रेटरी टीकेए नायर और उनके नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर शिवशंकर मेनन को बताई। हरीश ने भी अपने कॉमन दोस्तों को इस बारे में बताया। हममें से किसी ने भी इसे सीक्रेट नहीं माना; यह हमारे देश को लीड करने वाले आदमी के कैरेक्टर की एक बहुत जरूरी झलक थी। किताब में और क्या है… पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त कुरैशी ने इस किताब में अपनी जिंदगी के 100 दिलचस्प किस्से-कहानियों का संकलन किया है। कुरैशी ने उन घटनाओं, मुश्किलों और अचानक आए घटनाक्रमों के बारे में बताया है, जिन्होंने सिविल सर्विस में उनके करियर को खास बनाया। हैचेट इंडिया द्वारा पब्लिश यह किताब जल्द ही बाजार में आने वाली है। किताब में 2012 में इलेक्शन कमीशन के पंजाब के ड्रग संकट को पकड़ना, वह MoU जिसने डोनाल्ड ट्रम्प और एलन मस्क को हैरान कर दिया और कैसे TRP का इस्तेमाल दूरदर्शन को छोटा करने और उसके विज्ञापन के पैसे को दूसरी जगह लगाने के लिए किया गया… इन घटनाओं का जिक्र है। भारत के 13वें प्रधानमंत्री थे डॉ. मनमोहन सिंह डॉ. मनमोहन सिंह 2 मई 2004 से 26 मई 2014 तक लगातार दो कार्यकाल तक भारत के 13वें प्रधानमंत्री रहे। उन्हें दुनिया के प्रमुख अर्थशास्त्रियों और नीति-निर्माताओं में गिना जाता है। वे भारत के पहले सिख प्रधानमंत्री थे। वे ऐसे पहले प्रधानमंत्री भी थे जिन्होंने प्रधानमंत्री बनने से पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर, योजना आयोग के उपाध्यक्ष और वित्त मंत्री जैसे पदों पर काम किया था। वे 1991–1996 के दौरान पी. वी. नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे। इसी दौरान भारत में आर्थिक उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की शुरुआत हुई। वे लोकसभा का चुनाव कभी नहीं जीते। 1991 से 2024 तक राज्यसभा के सदस्य रहे और अधिकांश समय असम का प्रतिनिधित्व किया। भारत सरकार ने उन्हें 1987 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया। उनका निधन 26 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली में 92 साल की उम्र में हो गया था। ————————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में 20 साल बाद टाटा की वापसी संभव: सीएम शुभेंदु खुद मामले को देख रहे; ममता के आंदोलन से बंद हुआ था प्लांट पश्चिम बंगाल के सिंगूर में करीब दो दशक पहले टाटा की नैनो परियोजना को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद टाटा समूह की सिंगूर में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो रही है। राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय ने कहा कि टाटा के साथ शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है। अगर टाटा ग्रुप लौटने को तैयार होता है तो सरकार वहां किसी दूसरी कंपनी को नहीं लाएगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

सेवा भारती समिति ने दो बाल संस्कार केंद्र शुरू किए:बोले- शिक्षा और संस्कार पर दिया जाए जोर

सेवा भारती समिति जालोर द्वारा रविवार को शहर की विभिन्न बस्तियों में दो नए बाल संस्कार केंद्रों का शुभारंभ किया गया। शांति नगर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सेवा प्रमुख नटवरराज नागौर ने दीप प्रज्वलित कर केंद्रों का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सेवा भारती देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सेवा के क्षेत्र में शिक्षा केंद्र, छात्रावास, एम्बुलेंस, चल चिकित्सा केंद्र तथा सिलाई केंद्र जैसे अनेक सेवा प्रकल्प संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शिक्षित, स्वावलंबी, स्वाभिमानी और स्वस्थ बनाना ही सेवा भारती का उद्देश्य है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि नव प्रारंभ हुए बाल संस्कार केंद्र बस्ती विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में विभाग सेवा प्रमुख भूपेंद्र, जिला सेवा प्रमुख मीठालाल, नगर सेवा प्रमुख जितेश, सेवा भारती जालोर के कोषाध्यक्ष जीतू भाई सोनी, केंद्र संचालिका रिंकू और बस्ती के अनेक लोग उपस्थित रहे।

राजसमंद के ट्रांसपोटर्स भी कल हड़ताल में होंगे शामिल:चक्का जाम को समर्थन दिया, ट्रक- ट्रेलर्स भी नहीं चलेंगे; कलेक्ट्रेट पर करेंगे प्रदर्शन

13 जुलाई को होने वाली प्रदेशव्यापी हड़ताल और चक्का जाम में राजसमंद के ट्रांसपोटर्स के साथ साथ ट्रक व ट्रेलर्स एसोसिएशन भी शामिल हो गई है। रविवार को राजसमंद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और द राजसमंद ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की संयुक्त बैठक
हुई। श्याम सुन्दर काबरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करते हुए आंदोलन को सर्वसम्मति से पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया गया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लागू करने की प्रक्रिया अभी स्पष्ट एवं व्यवहारिक नहीं है। अधिकांश स्थानों पर अधिकृत एजेंसियों द्वारा जीपीएस फिटमेंट शुरू नहीं होने के बावजूद इसकी अनिवार्यता के कारण हजारों व्यावसायिक वाहनों के परमिट जारी एवं नवीनीकरण प्रभावित हो रहे हैं। इससे वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही ई-चालान व्यवस्था, अव्यावहारिक नियमों और समस्याओं के समाधान में हो रही देरी से परिवहन व्यवसाय गंभीर संकट का सामना कर रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि 13 जुलाई को सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति द्वारा घोषित प्रदेशव्यापी हड़ताल एवं चक्का जाम को जिले के सभी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी और वाहन मालिक पूर्ण समर्थन देंगे। बैठक में श्याम सुन्दर काबरा, हिम्मत सिंह राठौड़, अरविन्द शर्मा, बनाराम चौधरी, जितेन्द्र श्रीमाली, विपिन सेन, जमीर अहमद सहित बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी उपस्थित रहे।

RGHS में OPD जांच के लिए कल से नए नियम:2 हजार रुपए तक की जांच के लिए मंजूरी जरूरी नहीं; जानें- और क्या बदलाव हुए

सरकारी कर्मचारियों के लिए राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है। RGHS के तहत OPD में रूटीन जांच को लेकर राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RSHAA) ने नई गाइडलाइन जारी की है, जो 13 जुलाई यानी सोमवार से लागू हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत अब मरीज OPD में डॉक्टर की लिखी गई 2 हजार रुपए तक की रूटीन जांचों को सीधे करा सकेगा। इसके लिए अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर को RGHS पोर्टल से पहले अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। 2 हजार रुपए से ज्यादा की जांचों के लिए अस्पताल या डॉक्टर को पहले RGHS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अनुमति मिलने के बाद ही जांच हो सकेगी। नई व्यवस्था में मंजूरी के लिए समय सीमा भी तय कर दी गई है। एजेंसी TPA (थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर) को तत्काल जांच के लिए आवेदन के एक घंटे में अप्रूवल देना पड़ेगा, जबकि सामान्य जांच के लिए 3 घंटे में अप्रूवल देना पड़ेगा। अगर इस अवधि अप्रूवल नहीं आया तो आवेदन अपने आप स्वीकृत माना जाएगा। इमरजेंसी मरीजों को मिलेगी राहत
सरकार ने इमरजेंसी मरीजों को इस प्रक्रिया से राहत दी है। नई गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि इमरजेंसी की स्थिति में प्री-अथॉराइजेशन यानी पूर्व अनुमति की जरूरत नहीं होगी। ऐसे मामलों में मरीज की स्थिति देखते हुए डॉक्टर तुरंत आवश्यक जांच करा सकेंगे। हालांकि बाद में अस्पताल या डॉक्टर को मरीज से जुड़े सभी जरूरी क्लिनिकल दस्तावेज, मेडिकल रिकॉर्ड और जांच कराने का कारण RGHS पोर्टल पर अपलोड करना होगा। नई गाइडलाइन के अनुसार, OPD जांचों की मंजूरी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और तेज बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। इन संस्थानों को करना होगा पालन
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी लिस्टेड सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल, डायग्नोस्टिक सेंटर, थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) और अन्य संबंधित संस्थाएं इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें। RGHS योजना क्या है
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) राज्य सरकार की कैशलेस स्वास्थ्य योजना है। इस योजना के तहत पात्र सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को लिस्टेड सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज की सुविधा मिलती है। योजना के तहत OPD और IPD इलाज, विभिन्न जांच, दवाइयां, सर्जरी और कई अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ निर्धारित नियमों के अनुसार दिया जाता है। इलाज और जांच की पूरी प्रक्रिया RGHS पोर्टल से संचालित होती है। इससे मंजूरी, भुगतान और रिकॉर्ड का डिजिटल प्रबंधन किया जाता है।

जालोर स्टेशन पर हाईटेक मशीनों से होगी सफाई:7 तरह की नई मशीनों को चलाएंगे हेल्पर, 16 कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के जालोर रेलवे स्टेशन पर अब सफाई व्यवस्था हाईटेक होने जा रही है। 10 जुलाई से नया हाउसकीपिंग कॉन्ट्रैक्ट लागू होने के साथ ही स्टेशन पर 16 हाउसकीपिंग कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। इसके अलावा सफाई कार्य के लिए सात आधुनिक मशीनें भी स्टेशन पहुंच चुकी हैं। इससे यात्रियों को साफ-सुथरा और बेहतर स्टेशन परिसर का लाभ मिलेगा। नए सिस्टम से होगी सफाई जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि अब तक जालोर स्टेशन पर सफाई व्यवस्था इंप्रैस्ट सिस्टम के तहत संचालित की जा रही थी। सीमित संख्या में सफाई कर्मी होने के कारण पूरे स्टेशन परिसर की नियमित और प्रभावी सफाई में कठिनाई आती थी। अब पुनर्विकास के तहत स्टेशन पर नए कॉन्ट्रैक्ट के बाद प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय,टिकट बुकिंग कार्यालय,फुट ओवर ब्रिज, शौचालय, सर्कुलेटिंग एरिया और स्टेशन परिसर की व्यवस्थित एवं नियमित सफाई की जाएगी। हाईटेक मशीनें लगेंगी स्टेशन पर राइड-ऑन स्वीपर,राइड-ऑन स्क्रबर,हाई प्रेशर जेट मशीन,रोड स्वीपर मशीन,सिंगल डिस्क स्क्रबर और हैंड स्क्रबर सहित कुल सात आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इन मशीनों के संचालन के लिए तैनात 16 हाउसकीपिंग कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मशीनों के नियमित उपयोग से स्टेशन परिसर की सफाई पहले की तुलना में अधिक तेज,प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण होगी।