मानसून MP पहुंचा, 9 दिन लेट एंट्री:4 दिन में पूरा राज्य कवर करेगा; मुंबई में बारिश से पेड़ उखड़े, कई गाड़ियां दबीं

मध्य प्रदेश-गुजरात में बुधवार को 9 दिन की देरी से मानसून की एंट्री हुई। दोनों राज्यों में मानसून आने की सामान्य तारीख 15 जून रहती है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून अगले 4 दिन में पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर सकता है। इसी के साथ मानसून ने अब देश के 22 राज्यों को कवर कर दिया है। 5 जुलाई तक बाकी राज्यों को कवर कर सकता है। वहीं, मंगलवार को मुंबई में 13 दिन की देरी से मानसून की एंट्री हुई थी। इसके बाद से मुंबई में तेज बारिश जारी है। मंगलवार सुबह 8 बजे से बुधवार सुबह 7 बजे तक मलवणी फायर स्टेशन में 334mm और एफ/साउथ वार्ड में 328mm बारिश हुई। 27 इलाकों में 200mm से 300mm के बीच बारिश हुई। मुंबई में अंधेरी सब-वे में पानी भर गया। इसे अस्थाई रूप से बंद किया गया है। विक्रोली वेस्ट में रिहायशी इमारत के पास बनी रिटेनिंग वॉल गिर गई। कई इलाकों में पेड़ उखड़े, जिसकी चपेट में आने से कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। इधर, अरुणाचल प्रदेश में पिछले एक हफ्ते से तेज बारिश जारी है। आज सुबह कीयी पन्योर जिले में याजाली सर्किल के नीपको प्रोजेक्ट कॉलोनी में बाढ़ आ गई। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, 4 लोग लापता हो गए। 17 घायल हुए हैं, 18 घरों को नुकसान पहुंचा है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। देश के 6 राज्यों में प्री-मानसून बारिश जारी देश के 6 राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में प्री-मानसून बारिश जारी है। मंगलवार को बिहार में बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हुई थी। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण पश्चिम मानसून तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में आगे बढ़ गया है। अगले 2-3 दिनों में उत्तर प्रदेश में पहुंच सकता है। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… मुंबई में बारिश के असर की 5 तस्वीरें… बारिश की अन्य तस्वीरें… 7 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.3°C दर्ज किया गया। वहीं बिहार के बौधगया में 40.8°C, राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर में 40.8°C, झारखंड के डाल्टनगंज में 41.2°C, गुजरात के राजकोट में 40.5°C और एमपी के खजुराहो 40.4°C रहा। अगले 2 दिन के मौसम का हाल

25 जून: 26 जून: राज्यों के मौसम का हाल… मध्य प्रदेश: 9 दिन की देरी से पहुंचा मानसून,अगले 3-4 दिन में प्रदेश के कई हिस्सों तक पहुंचेगा; 33 जिलों में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट मध्य प्रदेश में आखिरकार बुधवार (24 जून) को मानसून की एंट्री हो गई। मौसम विभाग ने इसकी अधिकारिक घोषणा कर दी है। मानसून बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी के रास्ते पहुंचा है। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश: लखनऊ समेत 16 जिलों में आज बारिश और 38 जिलों में हीटवेव का अलर्ट उत्तर प्रदेश में लखनऊ समेत 16 जिलों में आज बारिश का अलर्ट है। वहीं, पश्चिमी यूपी के जिलों में तेज धूप का असर है, जिसके चलते आज 38 जिलों में हीटवेव की चेतावनी है। राज्य का बांदा 43.8°C तापमान के साथ देश में सबसे ज्यादा गर्म रहा। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: जयपुर समेत 20 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट, ओलावृष्टि की आशंका; तापमान में गिरावट राजस्थान में प्री-मानसून की बारिश मंगलवार को भी जारी रही। बीकानेर, कोटा संभाग में कई स्थानों पर बारिश हुई। जयपुर में भी हल्की बारिश रही। आज और कल जयपुर समेत 20 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट है। पूरी खबर पढ़ें… बिहार: आंधी, बारिश और बिजली से 11 लोगों की मौत: मुजफ्फरपुर में 8वीं तक के स्कूल 27 जून तक बंद बिहार में मंगलवार को आंधी, बारिश और बिजली गिरने से 5 जिलों में 11 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 5 मौतें भागलपुर में हुईं। मुजफ्फरपुर में तेज गर्मी जारी है, इसके चलते यहां 8वीं तक के स्कूल 27 जून तक बंद किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा: 7 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; पंचकुला, अंबाला समेत 7 जिलों में 40kmph से 50kmph की रफ्तार से आंधी की संभावना पंजाब के ऊपर बने एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने के कारण हरियाणा में अगले 3 दिन तक मौसम बदला रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और जींद में 40kmph से 50kmph से आंधी की संभावना जताई है। इस दौरान बारिश भी हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें…

मोदी ने कैबिनेट मीटिंग में री-नीट एग्जाम की तारीफ की:कहा- मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल हर चुनौती से निपटने की गारंटी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में NEET-UG री-एग्जाम के सुचारू संचालन के लिए प्रयासों की तारीफ की। यह दावा न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से किया है। इस दौरान मोदी ने विभिन्न विभागों के बीच तालमेल पर भी जोर दिया। मीटिंग से एक दिन पहले दो हलचल देखने को मिली थीं। दरअसल मंगलवार को केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया था और भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा। कुरियन अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसी बीच शाम को राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार समारोह के बाद पीएम ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। ऐसे में चर्चा चल रही थी कि केंद्र सरकार जल्द ही कैबिनेट में फेरबदल कर सकती है। हालांकि अभी इसे लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। कैबिनेट फेरबदल के 2 संकेत… दो मंत्रियों को दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा गया भाजपा ने हालिया राज्यसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हुआ और उन्होंने मंत्री पद छोड़ दिया। रवनीत सिंह बिट्टू का कार्यकाल भी खत्म हो गया है, लेकिन उन्होंने अभी इस्तीफा नहीं दिया है। नियमों के अनुसार बिट्टू छह महीने तक सांसद बने बिना मंत्री रह सकते हैं। रवनीत सिंह बिट्टू ने संकेत दिए हैं कि वह पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। उन्होंने कहा है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में वह चुनाव लड़ सकते हैं और पंजाब में काम करना चाहते हैं। ‘एक व्यक्ति-एक पद’ फॉर्मूले का असर भाजपा के भीतर ‘वन मैन, वन पोस्ट’ सिद्धांत भी फेरबदल की वजह माना जा रहा है। हर्ष मल्होत्रा को हाल ही में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि वे केंद्र में मंत्री भी हैं। पंकज चौधरी उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हैं और वित्त राज्य मंत्री भी। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलने के बाद इन नेताओं को मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। फेरबदल के पीछे तीन बड़े राजनीतिक समीकरण 1. दल बदलकर आए नेताओं को जगह देना 2. संसद में दो-तिहाई बहुमत का गणित भाजपा और एनडीए संसद में अपनी संख्या और मजबूत करना चाहते हैं। माना जा रहा है कि भविष्य में कुछ संवैधानिक संशोधनों के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। इसलिए नए सहयोगियों और समर्थक सांसदों को साथ रखना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। 3. पंजाब और उत्तर प्रदेश चुनाव अगले साल पंजाब और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकती है। ————————– ये खबर भी पढ़ें… दावा-उद्धव के 7वें सांसद भी शिंदे-गुट में आना चाहते थे: शिवसेना नेता बोले- मंत्री पद चाहते थे शिवसेना नेता रामदास कदम ने दावा किया है कि उद्धव गुट के छह सांसदों के अलावा एक और सांसद एकनाथ शिंदे के साथ शामिल होना चाहते थे। कदम ने सोमवार को मुंबई में मीडिया से बातचीत में कहा कि सातवें सांसद ने भी कागज पर साइन कर दिए थे, लेकिन उन्होंने कैबिनेट मंत्री पद की मांग रखी। एकनाथ शिंदे ने इनकार कर दिया, जिसके बाद वह वापस चले गए। पूरी खबर पढ़ें…

खबर हटके- सड़क पर दिखी जूते जैसी कार:₹1.50 लाख की बाइक पर ₹2.36 लाख जुर्माना; कुत्ते ने लॉटरी खाई, मालकिन ने केस ठोका

अमेरिका में सड़क पर जूते जैसी कार चलती देखी गई। वहीं, हरियाणा में ₹1.50 लाख की बाइक पर 107 चालान और ₹2.36 लाख जुर्माना मिला। उधर, अमेरिका में ही एक महिला का उसके पालतू डॉग ने लॉटरी टिकट खा लिया जिसके बाद उसने अपने डॉग पर ही केस कर दिया। राजस्थान में तबादलों की अर्जियों के लिए विधायक ने अपने कार्यालय में मंदिर बनवा दिया। वहीं, महाराष्ट्र में एक गांव ऐसा भी है जहां लोग जहरीले सांपों के साथ बड़े आराम से रहते हैं। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

कॉकरोच पार्टी फाउंडर दीपके बोले- हम करदाता हैं:हमारे माता-पिता करदाता हैं, हमें आतंकवादी कहा जा रहा है, क्या यह शर्मनाक नहीं है?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार पांचवें दिन अपना धरना-प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनके अकाउंट को ब्लॉक किए जाने के मामले में केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कार्रवाई के कारणों की जानकारी देने से इनकार कर दिया। दीपके ने कहा- हम करदाता हैं, हमारे माता-पिता करदाता हैं। हमें आतंकवादी कहा जा रहा है। क्या यह शर्मनाक नहीं है? उन्होंने किसानों और डॉक्टरों को भी अतीत में आतंकवादी कहे जाने के आरोपों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा और पूछा कि आखिर अब कौन बचा है जिसे ऐसा नहीं कहा गया।
अभिजीत ने कहा- जब हर चीज को गोपनीय बताया जा रहा है तो फिर NEET पेपर गोपनीय क्यों नहीं रखा जा सका। उन्होंने कहा कि यदि पेपर लीक नहीं होता तो कई छात्रों की जान नहीं जाती। इससे पहले X पर एक और पोस्ट में दीपके ने लिखा था- ‘धर्मेंद्र प्रधान हमें आतंकवादी कहते हैं। विडंबना यह है कि उनके हाथ 17 से ज्यादा छात्रों के खून से रंगे हैं।’ शिक्षा मंत्री बोले थे- जिन्हें डेमोक्रेसी ने रिजेक्ट किया, वे भेष बदलकर वापस आए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को NDTV को दिए इंटरव्यू में कहा कि जिन्हें डेमोक्रेसी में रिजेक्ट कर दिया गया था, वे भेष बदलकर आए हैं और अब सिस्टम के पीछे पड़े हैं। वे उन लोगों के लिए नारे लगाते हैं, जो देश को बांटना चाहते हैं। उनकी पहचान हो गई है। प्रधान ने ये भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर शिक्षा को डिरेल करने की कोशिश कर रहे हैं। फिर चाहे वो कोचिंग सेंटर वाले हों या फिर शिक्षा माफिया हों, इन पर नजर रखी जा रही है। हम इन्हें घुटने पर लाएंगे, नहीं तो हम देश के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकते। CJP का 15 दिनों में 8 शहरों में प्रदर्शन CJI की टिप्पणी के बाद बनी CJP, युवाओं को कॉकरोच कहा था कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं। इस टिप्पणी के अगले दिन, 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने CJP की शुरुआत की और सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट बनाए। 22 मई को उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिसे 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिलने का दावा किया गया। 10 जून तक CJP ते इंस्टाग्राम पर 2.27 करोड़ फॉलोअर्स थे। अब इसमें दो लाख की गिरावट आई है। फिर भी यह संख्या भाजपा के 94 लाख और कांग्रेस के 1.37 करोड़ फॉलोअर्स से ज्यादा है। एक्स पर CJP के 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं। महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत AAP से जुड़े थे 30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन रात को भी जारी: शाम तक की परमिशन थी; फाउंडर दीपके बोले- शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे तक नहीं हटेंगे NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रदर्शन कर रही है। CJP को शनिवार शाम 5 बजे तक ही प्रदर्शन की अनुमति थी लेकिन फाउंडर अभिजीत दीपके समेत प्रदर्शनकारी रातभर वहां मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ें…

सरकार बोली- एथेनॉल फ्यूल में चीटियां लगने का वीडियो फेक:पेट्रोल में गन्ने का रस मिलाने की बात गलत; इंजन खराब की कोई रिपोर्ट नहीं

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एथेनॉल फ्यूल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाना पूरी तरह से साइंटिफिक है और इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। हाल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वाहन के फ्यूल टैंक के पास चींटियां दिखाई गई थीं। इस पर भारत पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईंधन ग्रेड एथेनॉल में कोई शर्करा (चीनी) नहीं होती। मंत्रालय के अनुसार, कुछ लोग पुराने वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर कर जनता में भ्रम फैला रहे हैं। सरकार ने कहा कि E20 पेट्रोल डालने के बाद इंजन खराब होने की कोई रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है। E20 पेट्रोल से वाहन बीमा पर कोई असर नहीं केंद्र सरकार ने यह भी साफ किया है कि E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल फ्लेक्स ईंधन) के इस्तेमाल से वाहन बीमा (इंश्योरेंस) की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता। इस तरह की आशंकाएं गलत हैं और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद इन्हें खारिज कर दिया गया है। सरकार के अनुसार, अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे देशों में एथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है। ब्राजील में तो E27 लंबे समय से ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एथेनॉल के इस्तेमाल से सरकार ने 3 फायदे गिनाए क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल : फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल गन्ने के रस, मीठे चुकंदर, सड़े आलू, मीठे ज्वार और मक्का से बनाया जाता है। सेकेंड जनरेशन एथेनॉल : सेकेंड जनरेशन एथेनॉल सेल्युलोज और लिग्नोसेल्यूलोसिक मटेरियल जैसे- चावल की भूसी, गेहूं की भूसी, कॉर्नकॉब (भुट्टा), बांस और वुडी बायोमास से बनाया जाता है। थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल : थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल को एल्गी से बनाया जाएगा। अभी इस पर काम चल रहा है। 15 दिन पहले लॉन्च हुआ था E85 फ्यूल, बायोफ्यूल पर सरकार का फोकस 15 दिन पहले सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन पेश किया था। दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। यह ईंधन एक ऐसा मिश्रण है जिसमें 85% तक इथेनॉल और 15% पेट्रोल मिलाया जाता है। अब 100% इथेनॉल को मंजूरी मिलने से देश में ग्रीन एनर्जी और बायोफ्यूल के सेक्टर में एक नया चैप्टर शुरू हो गया है। अभी बाजार में 4 तरह के फ्लेक्स-फ्यूल बिक रहे हैं। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ तकनीक पर आधारित होना चाहिए। ————————– ये खबरें भी पढ़ें… एथेनॉल से पेट्रोल टैंक में जम रही काली फंगस:माइलेज घटा, सर्विसिंग का खर्च दोगुना, नमी से इंजन में जंग का दावा सोशल मीडिया पर भी एथेनॉल फ्यूल से गाड़ियों में गड़बड़ी का दावा करने वाले ढेरों वीडियो शेयर हो रहे हैं। दिल्ली में 20 साल से कार रिपेयरिंग का काम कर रहे दीपक राज बताते हैं,, ‘2 साल से गाड़ियों में फ्यूल से जुड़ी दिक्कतें बढ़ गई हैं। फ्यूल टैंक में काई जमा होने की शिकायतें मिल रही हैं। फ्यूल के सेंसर खराब हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… 100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी: गडकरी बोले- प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार, 13 जून को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें…

दिल्ली में बच्ची से रेप-हत्या, आरोपी को गोली मारी:पुलिस का दावा- भागने की कोशिश कर रहा था; अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में 11 साल की बच्ची से रेप और उसकी हत्या का आरोपी मंगलवार रात पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गया। पुलिस का दावा है कि उसे क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए ले जाया जा रहा था, तभी उसने भागने की कोशिश की। रोकने के लिए उसे पैर में गोली मार दी गई। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है। पीड़ित बच्ची गुब्बारा बेचती थी। सोमवार सुबह फुटपाथ पर सो रही थी। आरोप है कि टैक्सी ड्राइवर बबलू ने उसे अगवा किया। उसका रेप किया और हत्या कर लाश महरौली के जंगल में फेंक दी। सोमवार सुबह करीब 6 बजे परिवार ने PCR कॉल के जरिए महरौली थाने में बच्ची की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने CCTV फुटेज और मुखबिर की मदद से चार घंटे में ही बबलू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद कर लिया। पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। एनकाउंटर की 3 तस्वीरें… नींद में बच्ची को उठाया, जंगल में ले गया आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि सड़क से गुजरते समय उसने सीडीआर चौक के पास फुटपाथ पर बच्ची को सोते हुए देखा था। उसने नींद में ही बच्ची को उठाया और कार की पिछली सीट पर लिटाकर महरौली के जंगलों में ले गया, जहां उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिवार फुटपाथ पर ही सोता था। बच्ची गुब्बारे बेचती थी, जबकि माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। परिवार में चार बच्चे हैं, जिसमें ये 11 साल की बच्ची भी शामिल थी। पीड़ित परिवार और आरोपी बिहार के रहने वाले महरौली पुलिस थाने से मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। परिवार पहले किराए पर रहता था। गरीबी के चलते किराया नहीं दे पाए तो घर खाली करना पड़ा। इसके बाद परिवार फुटपाथ पर ही रहने लगा था। वहीं, एप बेस्ड कैब चलाने वाला आरोपी ड्राइवर भी बिहार का ही रहने वाला है। उसके ऊपर पहले से भी मारपीट और नशे में टैक्सी चलाने के कुछ केस दर्ज हैं। —————————— ये खबर भी पढ़ें… फगवाड़ा में ग्रंथी के बेटे ने 4 साल की बच्ची का रेप किया, गुरुद्वारे में माथा टेकने जाती थी बच्ची कपूरथला के फगवाड़ा में 4 साल की बच्ची के साथ रेप किया गया। आरोप है कि ग्रंथी का बेटा उसे बहला-फुसला कर आपने साथ कमरे में ले गया, जहां उसके साथ गलत काम किया गया। मासूम ने घर लौटकर अपनी मां को आपबीती सुनाई। पूरी खबर पढ़ें…

उदयनिधि का तमिलनाडु CM पर पत्नी को लेकर तंज:विपक्ष के नेता ने कहा- चेंगलपट्टू कोर्ट में पति की तलाश कर रही पत्नी

तमिलनाडु की राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणियों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष के नेता उधयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर अप्रत्यक्ष रूप से व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि चेंगलपट्टू कोर्ट में एक पत्नी अपने पति को खोज रही है। स्टालिन ने यह टिप्पणी तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय के संबोधन की शैली पर निशाना साधते हुए की। उन्होंने कहा कि पूरे तमिलनाडु को चेंगलपट्टू कोर्ट में पति को खोज रही पत्नी की कहानी पता है और मुख्यमंत्री को अब अभिनेता की छवि छोड़कर मुख्यमंत्री की भूमिका में व्यवहार करना चाहिए। हालांकि स्टालिन ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी को मुख्यमंत्री विजय और उनकी अलग रह रही पत्नी संगीता सोर्नालिंगम से जोड़कर देखा जा रहा है। संगीता ने पिछले वर्ष दिसंबर में तलाक की याचिका दायर की थी, जिस पर चेंगलपट्टू फैमिली वेलफेयर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। पार्टी को केवल अभिनेता की पार्टी कहकर खारिज करना गलत: विजय इससे पहले CM विजय ने विधानसभा में अपने फिल्मी करियर को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि कुछ लोग कहते हैं कि वह सीधे फिल्म सेट से मुख्यमंत्री बन गए, लेकिन यह सिर्फ एक “रील” है। विजय ने अपने संबोधन में कहा कि अधिकांश लोग पहले राजनीतिक दल बनाते हैं और बाद में जनता के बीच जाते हैं, जबकि उन्होंने पहले जनता के बीच जाकर समर्थन हासिल किया और उसके बाद पार्टी बनाई। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी को केवल अभिनेता की पार्टी कहकर खारिज करना गलत है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने 2026 का विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के अकेले लड़ा था। भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर DMK व्यक्तिगत हमले करती है: TVK स्टालिन की टिप्पणी के बाद TVK ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएमके पर हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि जब भी विजय डीएमके पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं, तब जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत हमले किए जाते हैं। TVK ने कहा कि विपक्ष के पास आरोपों का जवाब नहीं है और वह केवल सत्ता से चिपके रहने की राजनीति कर रहा है। पार्टी ने इसे निम्नस्तरीय राजनीतिक हमला बताते हुए कहा कि जनता ऐसे बयानों को समझती है। तमिलनाडु में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में डीएमके सरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा था। इसके बाद से राज्य की राजनीति में TVK और डीएमके के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज होते जा रहे हैं। विजय ने साधा डीएमके पर निशाना आज विधानसभा में बोलते हुए अभिनेता से नेता बने विजय ने डीएमके पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पार्टी फंड इकट्ठा करने के नाम पर कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए जनता के पैसे को वापस लाएगी। अपना भाषण जारी रखते हुए विजय ने कहा कि पिछली डीएमके सरकार के उलट टीवीके कभी भी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं होगी और न ही किसी को सरकारी खजाने को “लूटने” देगी। उनकी तीखी टिप्पणियों पर विपक्ष की तरफ से तुरंत और कड़ा विरोध हुआ। उदयनिधि ने ‘पॉइंट ऑफ ऑर्डर’ उठाते हुए विरोध जताया और कहा कि मुख्यमंत्री को ऐसी बात तभी कहनी चाहिए, जब उनके पास सबूत हों। ———————- विजय और उनकी पत्नी संगीता के तलाक से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सीएम विजय और संगीता के तलाक मामले की सुनवाई टली: दोनों खुद कोर्ट में नहीं पहुंचे, अगली सुनवाई 7 अगस्त को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पूर्व एक्टर विजय तथा उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक मामले की सुनवाई सोमवार को चेंगलपट्टू जिले के महिला कोर्ट में हुई, लेकिन दोनों पक्ष अदालत में पेश नहीं हुए। कोर्ट ने पहले व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था। पूरी खबर पढ़ें…

लुधियाना में नवविवाहित दंपती ने सुसाइड किया:4 महीने पहले लव मैरिज की थी, पति ने जहर खाया, पत्नी सदमा नहीं सह सकी

लुधियाना में नवविवाहित दंपती ने सल्फास निगलकर सुसाइड कर लिया। परिवार ने भाभी पर ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सूत्रों के मुताबिक युवक और भाभी का पहले रिलेशन था। वह उसे अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांग रही थी। सदर थाना पुलिस ने आरोपी भाभी पर केस दर्ज कर लिया है। अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आरोप है कि लगातार दबाव और तनाव के कारण युवक ने यह कदम उठाया। पति की मौत की खबर मिलने के बाद पत्नी भी सदमे में आ गई और उसने भी सल्फास निगल ली। दोनों की अस्पताल में मौत हो गई। खन्ना के गांव बूथगढ़ का रहने वाला 31 वर्षीय गुरकरमदीप सिंह पेशे से आर्किटेक्ट था। उसने करीब चार महीने पहले 23 वर्षीय जैसमीन नागरा से लव मैरिज की थी। भाभी पर ब्लैकमेल करने का आरोप
मृतक की मां सिंदरपाल कौर के अनुसार गांव की नवजोत कौर उर्फ दीप, जो रिश्तेदारी में गुरकरमदीप की भाभी लगती है, शादी के बाद भी उनसे संपर्क में थी। नवजोत कौर पैसे मांगकर गुरकरमदीप को ब्लैकमेल कर रही थी और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी। गुरकरमदीप पिछले कुछ समय से तनाव में थे। जिसके चलते रविवार की रात शाम उसने घर में रखीं सल्फास को गोलियां निगल लीं। उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पति की मौत के बाद पत्नी ने खाया जहर
पति की मौत की खबर सुनकर जैसमीन टूट गई। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह लगातार रो रही थी। सोमवार को उसने बाथरूम में जाकर उसने भी सल्फास की गोलियां निगल लीं। परिवार उसे तुरंत खन्ना के सरकारी अस्पताल में ले आया। लेकिन यहां हालत को गंभीर देखते हुए उसे पटियाला रेफर कर दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे
पटियाला में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसके शव को खन्ना अस्पताल में लाया गया। यहां मंगलवार को दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार किया। जांच अधिकारी चरणजीत सिंह ने कहा कि मृतक की मां के बयान के आधार पर नवजोत कौर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।

भरत तिवारी एनकाउंटर में बैकफुट पर सरकार:SDPO-SHO और पुलिसकर्मियों पर 7वें दिन हत्या की FIR, मां ने कहा था- बेटे को घेर कर गोली मारी

भोजपुर के भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के 7वें दिन बड़ी कार्रवाई हुई है। भरत की मां के आवेदन पर SDPO, SHO और अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या की FIR की गई है। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ BNS की धारा 103(1)/3(8) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जिम्मेदारी आरा सर्किल इंस्पेक्टर संजीव कुमार को दी गई है। भरत तिवारी की मां ने जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा और तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर सरेंडर करने के बाद गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया था। 17 जून को भोजपुर पुलिस ने भरत को उस वक्त गोली मारी थी, जब उसने फेसबुक लाइव आकर सरेंडर कर दिया था। यह इस केस में अब तक चौथी FIR है। अब तक सम्राट सरकार पुलिसवालों पर हत्या की FIR करने से बच रही थी। दैनिक भास्कर ने लगातार भरत एनकाउंटर में पुलिस की दी गई थ्योरी और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को एक्सपोज किया था। इसका असर है कि अब हत्या की FIR हुई है। अब जानिए, भरत तिवारी की मां आशा देवी की ओर से दिए गए आवेदन में क्या-क्या लिखा है? भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में उसकी मां आशा देवी की ओर से 18 जून को भोजपुर के SP राज को मुठभेड़ में शामिल कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया था। एसपी राज को दिए गए आवेदन में आशा देवी ने लिखा था कि 17 जून को सुबह 8 बजे शाहपुर थाना अध्यक्ष के साथ अन्य पुलिसकर्मी, जगदीशपुर SDPO के नेतृत्व में एक टीम मेरे घर आई। टीम ने भरत तिवारी से कहा कि जहां जवइनियां गांव के बाढ़ विस्थापित रह रहे हैं, वहां हम लोगों के साथ चलो और बताओ कि वहां उन लोगों की क्या समस्या है, उनकी क्या मांग है। आवेदन में आशा देवी ने यह भी कहा था कि जवइनियां गांव के बाढ़ प्रभावितों के पास पहुंचने पर फेसबुक पर लाइव हुआ और अपनी मांगों को बताने के बाद हथियार जमीन पर फेंककर खुद को सरेंडर कर दिया था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मेरे बेटे को घेर लिया। फिर जगदीशपुर के एसडीपीओ के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने भरत को 5 गोलियां मारकर घायल कर दिया। इसके बाद भरत को लेकर चले गए। घटना के बाद मेरे पति और भरत के पिता काशीनाथ तिवारी को दिनभर शाहपुर थाने में बंद रखा गया। शाम को हम लोगों को सूचना दी गई कि आपके बेटे की मौत हो गई है। एनकाउंटर में शामिल जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थाना के एसएचओ और अन्य सहयोगी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि मेरे बेटे को न्याय मिल सके। भास्कर की खबर के बाद कैसे बैकफुट पर आ गई सरकार 17 जून को एनकाउंटर हुआ। पुलिस ने दावा किया कि भरत ने 10-12 राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में मारा गया। 18 जून भास्कर डिजिटल ने एनकाउंटर पर सवाल उठाए और लापरवाह जिम्मेदार चेहरों को उजागर किया।
19 जून को भास्कर डिजिटल ने पुलिस की 5 झूठी थ्योरी बताई। भास्कर की दोनों खबरों के बाद 20 जून को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच के आदेश दिए और 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया। इसके बाद भास्कर डिजिटल ने घटना की आंखोंदेखी रिपोर्ट को प्रकाशित किया। 23 जून की सुबह भास्कर डिजिटल ने पुलिस की पहली FIR की गलत थ्योरी को भी उजागर किया। मां के आवेदन का स्टेटस भी बताया कि अब तक पुलिस ने FIR नहीं की है। इस रिपोर्ट के बाद 23 जून की दोपहर होते-होते सरकार ने पुलिसकर्मियों पर हत्या की FIR दर्ज करवा दी। भोजपुर एनकाउंटर- 10-12 राउंड गोलियां चलाईं, सिर्फ 2 खोखे मिले:पिस्टल पुलिस के नजदीक, भरत ने कैसे उठाया? जानिए पुलिस ने FIR में कैसी कहानी गढ़ी भरत तिवारी एनकाउंटर-‘हमारे सामने 3 गोली मारी, 5 कैसे निकली?’:हथियार फेंकने के बाद पुलिस ने दौड़कर पकड़ा, दूर ले जाकर दागी बुलेट; गांववालों की आंखों-देखी भरत तिवारी की मौत के जिम्मेदार 4 चेहरे:पुलिस ने सम्राट को गलत जानकारी दी, मेंटल केस बताकर गोली मारी, क्या ये फेक एनकाउंटर है? सबसे पहले एनकाउंटर से जुड़ी तीन तस्वीरें देखिए अब जानिए, भरत तिवारी एनकाउंटर में 3 FIR कब दर्ज की गईं, FIR में क्या लिखा गया है? पहली FIR (17 जून) पहली FIR में भरत भूषण तिवारी के साथ उसके पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को भी आरोपी बनाया गया था। यह मामला तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के बयान पर दर्ज किया गया, जबकि इसकी जांच की जिम्मेदारी ASI बबीता देवी को सौंपी गई। FIR के अनुसार, कांड संख्या 759/26 के तहत पुलिस टीम 16 जून की सुबह करीब 4:40 बजे भरत तिवारी की गिरफ्तारी के लिए बिलौटी गांव स्थित उसके घर पहुंची। पुलिस का दावा है कि सुबह लगभग 5:10 बजे दरवाजा खुलवाने पर भरत तिवारी पुलिस को देखते ही आक्रामक हो गया और पिस्टल तान दी। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा बंद कर दिया। आरोप है कि भरत घर की छत पर चढ़ गया और वहां से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने सुरक्षित पोजीशन लेकर अपना बचाव किया। FIR में यह भी कहा गया है कि पूछताछ के दौरान भरत के पिता और भाई ने उसके पास हथियार होने की जानकारी पुलिस से छिपाई। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी मजबूत की और आगे की रणनीति के लिए थाने लौट गई। दूसरी FIR (17 जून- दोपहर 12:20 बजे) दूसरी FIR तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के बयान पर दर्ज की गई। इसमें भरत भूषण तिवारी को आरोपी बताते हुए कहा कि मुठभेड़ में घायल होने के बाद PMCH में इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले की जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर संतोष कुमार को सौंपी गई। FIR के अनुसार, दोपहर में पुलिस और STF की टीम दोबारा बिलौटी गांव में छापेमारी के लिए पहुंची। पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी हथियार लहराते हुए बधार (खेतों) की ओर भागा। छेर नदी के पास कच्ची सड़क पर पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उसने कथित तौर पर पुलिस की सरकारी गाड़ी के बोनट पर गोली चला दी। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार ने एक राउंड फायरिंग की। इसके बाद भरत ने सरेंडर करने का नाटक किया, लेकिन दोबारा पिस्टल उठाकर पुलिस पर दो राउंड फायर कर दिए। FIR में कहा गया कि आत्मरक्षा में STF के जवान अक्षय कुमार ने अपनी सरकारी पिस्टल से कमर के नीचे चार राउंड फायर किए, जिससे भरत के पैरों में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटनास्थल की जांच के दौरान FSL टीम ने 7.65 बोर की एक लोडेड पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद किए। पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान भरत ने 10 से 12 राउंड, जबकि पुलिस टीम ने कुल पांच राउंड फायरिंग की। तीसरी FIR (18 जून- सुबह 08:40 बजे) भरत तिवारी की मौत के बाद शव रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने और पुलिस पर पथराव के मामले में सब-इंस्पेक्टर सच्चिदानंद यादव के बयान पर FIR दर्ज की गई। इसमें सरोज त्रिपाठी, मुखिया बलिराम यादव, राकेश यादव, अंजनी तिवारी समेत 13 नामजद और 50 से 60 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। मामले की जांच ASI बबीता देवी को सौंपी गई। यह कार्रवाई एसआई मो. अलीमुद्दीन खान के आदेश पर की गई। FIR के अनुसार, 17 जून की रात PMCH में इलाज के दौरान भरत तिवारी की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया। अगले दिन 18 जून की सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने बिलौटी मोड़ के पास NH-922 पर टेंट के नीचे शव रखकर दोनों लेन पर आवागमन रोक दिया। पुलिस का कहना है कि जब सब-इंस्पेक्टर सच्चिदानंद यादव पुलिस बल के साथ लोगों को समझाने पहुंचे, तो भीड़ ने धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और पथराव किया, जिससे पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। FIR के अनुसार, करीब पांच घंटे तक हाईवे जाम रहा। बाद में वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद जाम समाप्त कराया गया। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई है। अब भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की कहानी जानिए भरत भूषण तिवारी की ओर से बुधवार सुबह फेसबुक लाइव वीडियो में दिख रहा था कि वो सुनसान इलाके में खड़ा है। उसके सामने पुलिस और एसटीएफ की टीम खड़ी है। भरत के दोनों ओर बुलेट प्रूफ जैकेट पहने भोजपुर पुलिस के जवान हथियार लेकर खड़े हैं। खुद भरत इस बात का जिक्र करता है। वो खुद को निर्दोष बताते हुए कहता है कि मैं कोई मुजरिम नहीं हूं, इसके बावजूद एसटीएफ के साथ भोजपुर पुलिस टीम मुझे पकड़ने आई है। वीडियो के आखिर में भरत भूषण पुलिस की ओर हथियार फेंकता है और खुद को सरेंडर कर फेसबुक लाइव बंद कर देता है। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उसने दोबारा पिस्टल उठाकर फायरिंग की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में गोली मारी गई।

6 साल बाद बदले अंदाज में लौटा भारत-चीन व्यापार:पहली खेप में 26 पास जारी; इस बार सड़क से लिपुलेख तक पहुंचेंगे व्यापारी

छह साल बाद भारत-तिब्बत सीमा व्यापार नए स्वरूप में लौट रहा है। पहली बार व्यापारी सड़क मार्ग से वाहनों के जरिए लिपुलेख दर्रे के नजदीक तक पहुंच सकेंगे। इसी बीच प्रशासन ने व्यापार की पहली खेप में 26 ट्रेड पास जारी कर दिए हैं, जिनमें 17 व्यापारी और नौ सहायक शामिल हैं। गुंजी में कस्टम कार्यालय और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी शुरू कर दी गई हैं। धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए तैयार हो चुके परमिट तत्काल जारी कर दिए गए हैं। इस वर्ष सीमा व्यापार के लिए कुल 103 आवेदन मिले हैं। शेष आवेदनों की जांच के बाद अगले दो-तीन दिनों में 25 से 30 और पास जारी किए जाएंगे। सीमा व्यापार दोबारा शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था, स्थानीय रोजगार और छोटे कारोबारों को होगा। युवाओं-महिला व्यापारियों की बढ़ी भागीदारी एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि इस वर्ष सीमा व्यापार में युवाओं की भागीदारी बढ़ी है। नवयुवक व्यापारी के रूप में सुनील गर्ब्याल सहित एक महिला व्यापारी भी इस व्यापारिक गतिविधि से जुड़ने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा व्यापार के पुनः संचालन से सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। सामान्य पासपोर्ट से इतना अलग ट्रेड पास… 1. विदेश यात्रा का नहीं, सीमा व्यापार का दस्तावेज सामान्य पासपोर्ट भारत सरकार का आधिकारिक यात्रा दस्तावेज है, जिसके जरिए व्यक्ति वीजा नियमों के तहत दुनिया के विभिन्न देशों की यात्रा कर सकता है। इसके विपरीत भारत-तिब्बत ट्रेड पास केवल सीमा व्यापार से जुड़े अधिकृत लोगों को जारी किया जाता है। यह पर्यटन, नौकरी या अन्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए मान्य नहीं होता। 2. तय मार्ग और सीमित अवधि के लिए मान्य सामान्य पासपोर्ट कई वर्षों तक वैध रहता है और धारक को विभिन्न देशों की यात्रा की अनुमति देता है। वहीं ट्रेड पास केवल निर्धारित ट्रेड सीजन और अधिकृत व्यापारिक मार्ग, जैसे लिपुलेख दर्रा-तकलाकोट क्षेत्र के लिए ही जारी किया जाता है। इसकी वैधता सीमित होती है और अवधि समाप्त होने पर इसका उपयोग नहीं किया जा सकता। 3. विशेष अनुमति-पत्र, जिसमें भूमिका भी तय होती है ट्रेड पास सामान्य पहचान दस्तावेज नहीं, बल्कि सीमा व्यापार के लिए जारी विशेष अनुमति-पत्र है। यह केवल पंजीकृत व्यापारियों, उनके सहायकों, पोर्टर, कुली और म्यूल (खच्चर) चालकों को दिया जाता है। पास में धारक की श्रेणी भी दर्ज होती है। इसे किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता और ट्रेड सीजन समाप्त होने पर संबंधित प्राधिकरण को वापस जमा करना पड़ता है। पात्रता से मंजूरी तक पूरी प्रक्रिया भारत-तिब्बत ट्रेड पास सामान्य पर्यटकों के लिए नहीं, बल्कि सीमा व्यापार से जुड़े पंजीकृत व्यापारियों, उनके सहायकों, पोर्टर, कुली और म्यूल (खच्चर) चालकों को जारी किया जाता है। पास बनवाने के लिए आवेदक का नाम सीमा व्यापार या पंजीकृत व्यापारी सूची में होना जरूरी है। इसके बाद आवेदन ट्रेड कार्यालय या जिला प्रशासन के पास जमा किया जाता है। आवेदन मिलने पर एसआईबी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच) समेत अन्य सुरक्षा और प्रशासनिक जांच होती है। सभी मंजूरियां मिलने के बाद ट्रेड पास जारी किया जाता है। इसके लिए पहचान पत्र, स्थानीय निवासी या व्यापारी प्रमाण, व्यापार पंजीकरण दस्तावेज, फोटो और सुरक्षा क्लीयरेंस से जुड़े रिकॉर्ड की जरूरत पड़ सकती है। अंतिम दस्तावेजों की सूची संबंधित जिला प्रशासन की अधिसूचना के अनुसार तय होती है। पहली बार सड़क आधारित मॉडल में बदलेगा व्यापार अब तक लिपुलेख दर्रे से होने वाला कारोबार पूरी तरह पारंपरिक ढुलाई व्यवस्था पर निर्भर था। व्यापारी धारचूला से गुंजी, कालापानी और नाभीढांग होते हुए कई दिन की कठिन यात्रा कर दर्रे तक पहुंचते थे। सामान घोड़े-खच्चरों, याक और पोर्टरों के जरिए ढोया जाता था। खराब मौसम और भूस्खलन कई बार व्यापार रोक देते थे। कुमाऊं यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता सुमन जोशी के मुताबिक पहले सीमांत समुदाय नेपाल से चावल, जौ और गेहूं लेकर तिब्बत की ग्यानिमा और गरहाटोक मंडियों तक पहुंचते थे, जहां बदले में नमक और बोरेक्स लिया जाता था। कई जगह एक नाली चावल के बदले पांच नाली नमक तक का विनिमय होता था। अब सड़क बनने के बाद करीब 100 किलोमीटर तक वाहन सीधे सीमा के करीब पहुंच सकेंगे। सिर्फ अंतिम करीब 200 मीटर तक ही सामान पारंपरिक तरीके से ले जाया जाएगा। इसके बाद चीन क्षेत्र में सड़क मार्ग उपलब्ध रहेगा, जहां से व्यापारी करीब 18 किलोमीटर दूर तकलाकोट मंडी पहुंचेंगे। तकलाकोट की नई मंडी में मिलेंगी दुकानें करीब 7 साल तक व्यापार बंद रहने के दौरान तकलाकोट की पुरानी मंडी की कई दुकानें नेपाली और अन्य व्यापारियों को आवंटित कर दी गई थीं। अब भारतीय और नेपाली व्यापारियों के लिए नई ट्रेड मंडी विकसित की गई है। इसी नई मंडी में भारतीय व्यापारियों को दुकानें दी जाएंगी। व्यापार समिति का कहना है कि नई मंडी पहले के मुकाबले ज्यादा व्यवस्थित है और वहां सामान रखने के लिए अधिक जगह उपलब्ध होगी। भारतीय व्यापारियों के लिए रियायती किराए और बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा की भी मांग की गई है। व्यापार से जुड़े लोगों का मानना है कि सड़क और आधुनिक सुविधाओं के कारण आने वाले वर्षों में कारोबार का दायरा और बढ़ सकता है। 2019 में करोड़ों का कारोबार, अब बढ़ने की उम्मीद 2019 में इस मार्ग से करीब तीन करोड़ रुपए का व्यापार हुआ था, जिसमें लगभग 1.25 करोड़ रुपए का निर्यात और 1.90 करोड़ रुपये का आयात शामिल था। अब सड़क और आधुनिक सुविधाओं के साथ व्यापार फिर शुरू होने जा रहा है, ऐसे में इस आंकड़े के काफी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। व्यापार बंद होने के कारण कई भारतीय व्यापारी अपना सामान तिब्बत की तकलाकोट मंडी में ही छोड़ आए थे। पिछले छह साल से करीब 45 व्यापारियों का एक करोड़ रुपये से ज्यादा का सामान वहां फंसा हुआ है। अब व्यापार शुरू होने से इन व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि वे अपना सामान वापस ला सकेंगे या उसे बेच सकेंगे। सदियों से व्यापार, संस्कृति और भरोसे का रास्ता रहा लिपुलेख लिपुलेख दर्रा सिर्फ सीमा कारोबार का रास्ता नहीं, बल्कि सदियों से भारत, नेपाल और तिब्बत के बीच संपर्क का प्रमुख मार्ग रहा है। सीमांत क्षेत्रों में लंबे समय तक वस्तु विनिमय प्रणाली पर आधारित व्यापार चलता था। ब्रिटिश अधिकारी और लेखक सर फ्रांसिस एडवर्ड यंगहसबैंड ने अपनी किताब ‘इंडिया एंड तिब्बत’ में हिमालयी व्यापारिक रास्तों को भारत और तिब्बत के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संपर्क का माध्यम बताया था। इन रास्तों से सिर्फ सामान नहीं, बल्कि परंपराएं, भाषाएं और सीमांत समाजों के रिश्ते भी एक इलाके से दूसरे इलाके तक पहुंचते थे। तिब्बत के साथ यह संपर्क सिर्फ मंडियों तक सीमित नहीं था। सीमांत इलाकों के मेले, धार्मिक यात्राएं और कारोबारी काफिले भारत, नेपाल और तिब्बत के बीच सामाजिक संबंधों का भी आधार बने हुए थे। जौलजीबी जैसे मेले लंबे समय तक त्रिपक्षीय व्यापारिक केंद्र के रूप में पहचाने जाते रहे। कौन हैं रं समुदाय, जिन्होंने जिंदा रखा हिमालयी व्यापार लिपुलेख दर्रे से होने वाले पारंपरिक व्यापार में रं समुदाय की सबसे अहम भूमिका रही है। यह समुदाय मुख्य रूप से पिथौरागढ़ की ब्यास, दारमा और चौंदास घाटियों में निवास करता है। रं समाज को भोटिया या शौका समुदाय का हिस्सा भी माना जाता है। सदियों तक यही समुदाय दुर्गम हिमालयी रास्तों में भारत-तिब्बत व्यापार को जिंदा रखे हुए था। इनके रहन-सहन, खानपान और पहनावे में तिब्बती संस्कृति की झलक दिखाई देती है। यह समुदाय अपनी ऊनी बुनाई, लोक संस्कृति और सीमांत जीवनशैली के लिए जाना जाता है। 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तराखंड में भोटिया जनजाति की आबादी 39 हजार से ज्यादा थी। व्यापार से पहले पी जाती थी शराब सुमन जोशी की एक सोध के अनुसार ऊंचे इलाकों में बर्फबारी होने पर कई भोटिया परिवार सर्दियों में नेपाल के निचले इलाकों में अस्थायी घर बनाकर रहते थे, जबकि गर्मियों में व्यापारिक काफिलों के साथ तिब्बत की मंडियों तक पहुंचते थे। नेपाल और तिब्बत के बीच यही सीमांत समुदाय कारोबारी पुल की तरह काम करता था। व्यापार शुरू करने से पहले भारतीय व्यापारियों और तिब्बती कारोबारियों के बीच ‘Share Chu-Dul Chyu’ नाम की मित्रता रस्म निभाई जाती थी। दोनों पक्ष चांदी के पात्र में शराब पीते, घी, सत्तू, ऊन और सोने को छूकर भरोसे का प्रतीक मानते थे। दोस्ती के प्रमाण के तौर पर पत्थर के टुकड़े तक संभालकर रखे जाते थे। नेपाल की आपत्ति से फिर चर्चा में आया सीमा विवाद लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा क्षेत्र को लेकर नेपाल पहले भी आपत्ति जता चुका है। 2019 में भारत सरकार के नए नक्शे के बाद नेपाल ने भी नया राजनीतिक नक्शा जारी किया था, जिसमें उसने इस पूरे क्षेत्र पर दावा किया था। बाद में नेपाल संसद ने भी इसे मंजूरी दे दी थी। नेपाल का दावा है कि यह इलाका उसका हिस्सा है, जबकि भारत सिगौली संधि के आधार पर इसे अपना क्षेत्र मानता है। यही वजह है कि भारत-चीन व्यापार और कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़ा यह पूरा इलाका रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है। —————— ये खबर भी पढ़ें : भारत से फिर होंगे कैलाश पर्वत के दर्शन: सुरक्षा कारणों से लगी थी रोक, सेना-ITBP से चर्चा के बाद SOP तैयार कर रहा प्रशासन भारत के ओल्ड लिपुलेख (लिपुपास) से शिवभक्त एक बार फिर कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकेंगे। सुरक्षा कारणों से बंद किए गए इस व्यू पॉइंट को दोबारा खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। सेना और आईटीबीपी के साथ चर्चा के बाद प्रशासन स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने में जुटा है, ताकि श्रद्धालु भारत की सीमा से ही तिब्बत स्थित पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकें। पढ़ें पूरी खबर…