पाक आतंकी भट्टी का बॉर्डर सिंडिकेट:ऑनलाइन गेम, पैसा और ग्लैमर से युवाओं को बना रहा जासूस

भारत-पाकिस्तान सीमा पर अब घुसपैठ सिर्फ तारों के नीचे से नहीं, बल्कि स्मार्टफोन के जरिए डिजिटल हो गई है। राजस्थान एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड द्वारा प्रदेश के 20 से ज्यादा शहरों में की गई छापेमारी और बाड़मेर से 20 साल के बशीर की गिरफ्तारी ने एक बेहद खतरनाक नेटवर्क का खुलासा किया है। पाकिस्तानी आतंकी और गैंगस्टर शहजाद भट्टी अब बॉर्डर के युवाओं को स्लीपर सेल की तरह इस्तेमाल करने की साजिश रच रहा है। युवक ने गुजरात से लौटकर गांव को बनाया केंद्र एटीएस के इनपुट पर रामसर पुलिस द्वारा गागरिया गांव से गिरफ्तार किया गया बशीर (20) पुत्र आमदन खान इस नेटवर्क का अहम मोहरा था। इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि बशीर पहले गुजरात में मजदूरी करता था। कुछ महीने पहले ही वह गांव लौटा था और काम-काज छोड़कर लगातार मोबाइल पर सक्रिय रहता था। गागरिया गांव रणनीतिक और भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में आता है। एजेंसियां अब यह जांच कर रही है कि गुजरात में रहने के दौरान वह किसके संपर्क में आया और अब तक उसने कौन-सी खुफिया जानकारियां पाकिस्तान भेजी हैं। गागरिया निवासी बशीर के खिलाफ रामसर थाने में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। प्रारंभिक जांच में उसका संबंध पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी से सामने आया है। एटीएस और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से गहन पूछताछ कर रही हैं, जल्द ही नेटवर्क से जुड़े अन्य खुलासे होंगे। -चूनाराम जाट, एसपी, बाड़मेर।

पचपदरा रिफाइनरी का शुभारंभ आज:प्रदेश की जरूरत का 60 प्रतिशत फ्यूल बनाएंगे, हर साल 1 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार दोपहर 12 बजे देश की सबसे हाईटेक और प्रदेश की पहली पचपदरा रिफाइनरी देश को सुपुर्द करेंगे। इसी के साथ काले क्रूड से बाड़मेर ही नहीं राजस्थान में खुशहाली का नया स्वर्णिम द्वार खुल जाएंगे। यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा 79,459 करोड़ का प्रोजेक्ट है, जो शुरुआत में 43,129 करोड़ का था। दुनिया की सबसे अत्याधुनिक तकनीकों से लैस एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी BS-6 मानकों का सबसे स्वच्छ ईंधन देगी। यहां से निकलने वाला कच्चा तेल रिफाइन होने के लिए गुजरात और अन्य राज्यों में भेजा जाता था। अब यह यहीं रिफाइन होगा। पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीइथिलीन जैसे मूल्यवान पेट्रोकेमिकल उत्पाद यहीं बनेंगे। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल उत्पादों से प्लास्टिक, पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, कपड़ा और मेडिकल उपकरण बनाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े सहायक उद्योगों को सीधी राह मिलेगी। पूरी क्षमता से रिफाइनरी चलेगी तब राजस्थान की जरूरत की 60-70 फीसदी डीजल-पेट्रोल की मांग पूरी होगी। उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पेट्रोलियम मंत्री हरदीपसिंह पुरी, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी सहित प्रदेश व केंद्र के कई नेता शामिल होंगे। प्रोजेक्ट में 9 रिफाइनरी और 4 पेट्रो केमिकल यूनिट पेट्रोल-डीजल-एलपीजी से पेटकॉक तक तैयार होंगे 1.शुरुआती उत्पाद- स्विंग नेफ्था, लाइट-हेवी केरोसिन, लाइट-हेवी गैस ऑयल गैस। 2.पेट्रोल- नेफ्था को सीसीआर यूनिट में भेज बीएस-4 मानकों का पेट्रोल तैयार होगा। 3.डीजल- लाइट-हेवी गैस ऑयल को डीजल हाइड्रो-ट्रीटिंग यूनिट में प्रोसेस कर सल्फर-मुक्त अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल बनेगा। 4.एलपीजी और अन्य गैसें- फ्लुइड कैटेलिटिक क्रैकिंग और डिलेड कोकर यूनिट में भारी तेल को तोड़कर एलपीजी और प्रोपलीन निकलेगा। 5.पेट्रोकेमिकल्स- सह-उत्पादों को पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में भेजा जाता है। पॉलीप्रोपाइलीन, बेंजीन और टोल्यूनि जैसे महत्वपूर्ण उत्पाद बनेंगे। ये प्लास्टिक और पॉलीमर उद्योगों के काम आएंगे।
पेटकोक: डिलेड कोकर यूनिट की क्रैकिंग प्रक्रिया से ठोस पेट्रोलियम कोक बनेंगे। 4 मेगा पाइप लाइन, क्रूड की 2, गैस-पानी की एक-एक 1.क्रूड ऑयल लाइनें स्थानीय क्रूड- मंगला क्रूड टर्मिनल से रिफाइनरी तक 80 किमी. लंबी व 30 इंच चौड़ी विशेष इलेक्ट्रिकल-हीटेड पाइपलाइन बिछाई जाएगी। आयातित क्रूड- गुजरात के भोगत टर्मिनल से पचपदरा तक विदेशी क्रूड ऑयल लाने के लिए 575 किमी. लंबी और 30 इंच चौड़ी नई पाइपलाइन बिछाई गई है। 2.पानी की पाइपलाइन- रिफाइनरी चलाने के लिए 5,300 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा कच्चे पानी की आवश्यकता रहेगी। इसे पूरा करने के लिए इंदिरा गांधी नहर से रिफाइनरी तक 200 किमी. लंबी 46 इंच चौड़ी पाइपलाइन बिछाई गई है। 3. प्राकृतिक गैस पाइपलाइन- रागेश्वरी गैस टर्मिनल से रिफाइनरी तक प्राकृतिक गैस लाने के लिए 80 किमी. लंबी और 34 इंच चौड़ी पाइपलाइन का उपयोग किया जाएगा। 13 साल में कितना संवरा पचपदरा टाउनशिप: रिफाइनरी के पास 247 एकड़ जमीन पर 613.15 करोड़ से टाउनशिप विकसित की गई है। इसमें 800 से ज्यादा फ्लैट और आवास हैं। ए कैटेगरी के बड़े विला के रूप में 24, बी कैटेगरी के 120, सी कैटेगरी के 656 आवास हैं। सीआईएसएफ के जवानों के लिए अलग से बैरक और क्वार्टर हैं। सोलर पैनल लगे हैं। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और कचरा प्रबंधन की सुविधा है। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मिल्क बूथ, स्पोर्ट्स, क्रिकेट मैदान और जिम, कम्युनिटी हॉल, क्लब हाउस, ऑडिटोरियम और उपासना स्थल हैं। 2 गेस्ट हाउस हैं। स्कूल: एचपीसीएल की ओर से 600 बच्चों के लिए आधुनिक स्कूल तैयार किया गया है। सीबीएसई पैटर्न से शिक्षा प्रणाली रहेगी। स्कूल बिल्डिंग का काम पूरा हो गया है। स्कूल में आधुनिक ऑडियो-विजुअल सहायता और डिजिटल बोर्ड से लैस कमरे हैं। विज्ञान और कंप्यूटर की अलग-अलग हाईटेक लैब हैं। एक विशाल लाइब्रेरी है। इसमें डिजिटल संसाधनों और ई-बुक्स की सुविधा रहेगी। पूरे स्कूल को सीसीटीवी से लैस किया गया है। मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल- रिफाइनरी के सामने ही 50 बेड का मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल तैयार हो रहा है। इसमें जनरल वार्ड के साथ इमरजेंसी और आईसीयू की सुविधा भी है। औद्योगिक क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर की सुविधा भी रहेगी। आधुनिक डिजिटल एक्स-रे, सोनोग्राफी, स्वचालित पैथोलॉजी लैब, ईसीजी, ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी, एंबुलेंस सेवा रहेगी।

एनसीआरबी-2024 में बाल अपराध 11.2 प्रतिशत बढ़े:डिजिटल पढ़ाई की आड़ में क्राइम क्लास बच्चे यू-ट्यूब से सीख रहे हत्या के तरीके

गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल फिर खुल गए हैं। होमवर्क, असाइनमेंट और स्कूल अपडेट अब वाट्सएप व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलने लगे हैं। इसी ‘डिजिटल पढ़ाई’ के नाम पर बच्चों के हाथों में दिनभर मोबाइल रहता है। लेकिन चिंता कि बात यह है कि मोबाइल पर कई बच्चे पढ़ाई के बीच हिंसक गेम, क्राइम सीरीज, डार्क वेब और अपराध से जुड़े वीडियो देख रहे हैं। इसी कारण बच्चों यानी किशोरों के अपराध में बढ़ोतरी हुई है। मई 2026 में जारी एनसीआरबी-2024 रिपोर्ट के अनुसार बच्चों यानी किशोरों के अपराध में 11.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मर्डर, डकैती और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में नाबालिगों की भूमिका बढ़ना गंभीर संकेत है। साइबर अपराधों में भी 17.9% वृद्धि दर्ज हुई। पहली बार साइबर अपराध का आंकड़ा 1 लाख के पार पहुंचा है। राजस्थान और जयपुर की स्थिति भी चिंताजनक है। जयपुर धोखाधड़ी के मामलों में देश में पहले नंबर पर है। चोरी, किडनैपिंग और मर्डर के मामलों में जयपुर महानगरों में तीसरे पायदान पर है। मुहाना कांड; 11-12 साल के बच्चों ने दोस्त का सिर काटा जयपुर के मुहाना इलाके में 14 जून को लापता 10 साल के अजमत की 25 जून को नाले में सिर कटी लाश मिली। वारदात में मृतक के ही 11 और 12 साल के तीन दोस्त शामिल निकले। बहन को लेकर हुई मामूली कहासुनी का बदला लेने के लिए बच्चों ने पहले अजमत का गला घोंटा, फिर चाकू से सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया। इतनी कम उम्र में इस तरह की वारदात और फिर सामान्य तरीके से घर लौट आना, बच्चों पर हिंसक कंटेंट के असर की ओर इशारा करता है। शिवदासपुरा कांड; यू-ट्यूब देखकर काटे ताई के पैर
शिवदासपुरा इलाके में 24 साल के सूरज बैरवा ने अपनी 53 साल की ताई की हत्या कर दी। उसे ताई के पैरों में पहने करीब एक किलो चांदी के कड़े लूटने थे। वारदात की पूरी साजिश मोबाइल पर रची गई। हत्या से पहले सूरज ने तीन दिन तक यू-ट्यूब पर 50 से ज्यादा क्राइम वीडियो देखे। गूगल पर यह भी सर्च किया कि सबूत कैसे मिटाएं और कुएं में फेंकी लाश कितने दिन में पानी के ऊपर आती है। उसने इंटरनेट से ही हत्या का तरीका सीखा। पुणे मर्डर; डिजिटल प्लानिंग से पुलिस को चकमे की कोशिश
महाराष्ट्र के पुणे में 20 साल की सिया गोयल ने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल को 500 फीट गहरी खाई में धक्का देकर मार डाला। इस केस में मोबाइल का इस्तेमाल पुलिस को चकमा देने के लिए किया गया। आरोपी चेतन ने अपनी लोकेशन छुपाने के लिए वारदात वाले दिन अपना फोन दुकान पर ही छोड़ दिया और इंटरनेट बंद रखा, ताकि पुलिस उसे ट्रेस न कर सके। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. अदिति अग्रवाल, मनोवैज्ञानिक रील्स खत्म कर रही बच्चों का धैर्य, हिंसक गेम्स बना रहे आक्रामक – 5 से 17 साल के बच्चों में मनोरंजन के लिए स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने और रोज 60 मिनट शारीरिक गतिविधि की सलाह दी गई है। – अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स और कुछ अन्य संस्थाएं 5 से 17 साल के बच्चों के लिए 2 घंटे से कम स्क्रीन टाइम की सलाह देती हैं। भारतीय बाल रोग अकादमी भी मनोरंजन के लिए स्क्रीन का उपयोग सीमित रखने और परिवार के साथ स्क्रीन-फ्री समय तय करने पर जोर देती है। एक्सपर्ट व्यू : सर्च इंजन जवाबदेह बनें, पैरेंट्स दें ‘डिजिटल संस्कार’ मुकेश चौधरी, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट
– इंटरनेट पर अपराध के तरीके खोजना आसान होता जा रहा है। सरकार को ऐसे सख्त नियम बनाने चाहिए कि क्राइम से जुड़े खतरनाक वीडियो सर्च होते ही ब्लॉक हों और पुलिस को अलर्ट मिले। स्कूलों में इंटरनेट के सही इस्तेमाल की पढ़ाई जरूरी है। अभिभावकों को एडमिशन के समय स्कूलों से इसकी मांग करनी चाहिए। आज घर के संस्कारों के साथ ‘ऑनलाइन संस्कारों’ की भी उतनी ही जरूरत है। – बच्चा आपसे ज्यादा मोबाइल चलाना जानता है, तो इसे गर्व नहीं बल्कि चिंता की बात मानना चाहिए। पैरेंट्स खुद को तकनीकी रूप से अपडेट रखें और बच्चों के फोन में पैरेंटल कंट्रोल सॉफ्टवेयर जरूर डालें। बच्चों को फोन में पासवर्ड लगाने या पूरी प्राइवेसी की छूट न दें। उनकी सर्च हिस्ट्री नियमित जांचें। कुछ गलत दिखे तो तुरंत डांटने के बजाय शांत तरीके से समझाएं और जरूरत हो तो काउंसलिंग कराएं।

कर्मचारी चयन बोर्ड:पात्रता परीक्षाओं को लेकर अलग-अलग नियम; रीट के सिलेबस में टॉपिक वाइस अंकभार होता है जारी, समान पात्रता परीक्षा में नहीं

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित होने वाली समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) में टॉपिक वाइस अंक भार जारी नहीं किया जा रहा है। इससे सीईटी स्नातक और सीईटी सीनियर सेकंडरी की तैयारी करने वाले 30 लाख से अधिक अभ्यर्थी असमंजस में है कि वे कौन से टॉपिक की तैयारी अधिक करें और कौन से टॉपिक की कम। अंकभार जारी होने से विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी करने में आसानी रहती है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से शिक्षक बनने के लिए होने वाली रीट के सिलेबस में टॉपिक वाइस अंकभार जारी किया जाता है। इससे अभ्यर्थी को तैयारी करने में काफी आसानी रहती है। अब सीईटी में भी टॉपिक वाइज अंकभार जारी करने की मांग उठ रही है। रीट के मुकाबले सीईटी में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक रहेगी। उधर, चयन बोर्ड ने टॉपिक वाइज अंकभार जारी करने से इंकार कर दिया है। 30 लाख असमंजस में; कौन से टॉपिक की तैयारी करें अभ्यर्थियों की मांग क्यों है जायज? रीट – सीईटी
टॉपिक वाइज अंकभार जारी होता है टॉपिक वाइज अंकभार जारी नहीं
तैयारी की स्पष्ट दिशा मिलती है अभ्यर्थियों में असमंजस
विषयवार रणनीति बनाना आसानसभी विषयों की तैयारी समान रूप से करनी पड़ रही पेपर सेटर्स की मनमानी पर रोक लगा सकेंगे समान पात्रता परीक्षा के सिलेबस में टॉपिक वाइस अंकभार जारी होने से अभ्यर्थियों को तैयारी में काफी मदद मिलती है। इससे उन्हें यह पता चलता है कि उन्हें किस टॉपिक पर अधिक ध्यान देना है और किस पर कम। इससे पेपर सेटर्स की मनमानी भी रोकी जा सकेगी। वे किसी टॉपिक से अधिक तो किसी से कम सवाल बना देंगे। बोर्ड को चाहिए कि टॉपिक वाइज अंकभार जारी करे। -हनुमान किसान, अध्यक्ष, राजस्थान बेरोजगार यूनियन अभ्यर्थी सभी टॉपिक की तैयारी करे। टॉपिक वाइज अंकभार जारी करना संभव नहीं है। पिछली सीईटी में भी ऐसा नहीं किया गया था। फिर भी सिलेबस में टॉपिक के अंकों का निर्धारण काफी कुछ 2024 की सीईटी जैसा ही है। अभ्यर्थी अगर पिछली दोनों सीईटी सिलेबस और पुराने पेपर्स देखेंगे तो उन्हें सटीक अंदाजा हो जाएगा कि कौन से टॉपिक का कितना वेटेज है। -आलोक राज, अध्यक्ष, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड

आरएसएएचसी की बड़ी चूक:बिना फिजिकल वेरिफिकेशन बना परीक्षा केन्द्र, 1500 क्षमता वाले कॉलेज में 2600 छात्रों को बैठाया

राजस्थान स्टेट एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल (आरएसएएचसी) की परीक्षा व्यवस्था में बड़ी खामी सामने आई है। कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज का फिजिकल वेरिफिकेशन किए बिना केवल चेकलिस्ट के आधार पर परीक्षा केन्द्र की अनुमति दे दी गई। इसका खामियाजा 29 जून को आयोजित पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स की परीक्षा में सामने आया, जहां अव्यवस्था मिलने पर परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इससे 2600 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि करीब 1500 परीक्षार्थियों की क्षमता वाले परीक्षा केन्द्र पर 2600 छात्रों को बैठाया गया। व्यवस्था कम पड़ने पर परीक्षार्थियों को टेंट में बैठाकर परीक्षा करानी पड़ी। बाद में गड़बड़ियां सामने आने पर परीक्षा निरस्त कर दी गई। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विरेन्द्र कुमार शर्मा ने स्वीकार किया कि समय कम होने के कारण फिजिकल निरीक्षण नहीं कराया गया और केवल चेकलिस्ट के आधार पर केन्द्र को स्वीकृति दी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी परीक्षा केन्द्र की क्षमता, आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का भौतिक सत्यापन किए बिना अनुमति देना गंभीर प्रशासनिक चूक है। क्या है मामला; कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में 29 जून को डिप्लोमा इन कैथ लैब टेक्नोलॉजी (डीसीएलटी), डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्नोलॉजी (डीडीटी) और डिप्लोमा इन ईसीजी टेक्नोलॉजी (डीईसीजीटी) के प्रथम वर्ष एवं रिमांडेड छात्रों की सैद्धांतिक परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा के दौरान अव्यवस्था मिलने पर इसे रद्द करना पड़ा। जयपुर में इस दिन कुल 11 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। ये हैं बड़ी खामियां
1. पिछले 10 साल से सिर्फ जयपुर ही परीक्षा केन्द्र
काउंसिल पिछले दस वर्षों से पैरामेडिकल कोर्स की सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षाएं केवल जयपुर में आयोजित करा रही है। इससे जोधपुर, कोटा, उदयपुर, बाड़मेर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, बीकानेर, चूरू और अलवर सहित अन्य जिलों के छात्रों पर यात्रा, ठहरने और भोजन का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। मौजूदा समय में गायत्री राठौड़ के पास चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा विभाग, दोनों के सचिव का दायित्व है। ऐसे में जिला या संभाग स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाने और एसओपी जारी करने की मांग उठ रही है। 2. परीक्षा केन्द्रों और परीक्षकों को नाममात्र का मानदेय
परीक्षा केन्द्रों को प्रति छात्र करीब 12 रुपए और परीक्षकों को 250 रुपए मानदेय दिया जाता है, जिसे विशेषज्ञ अपर्याप्त मानते हैं। 3. काउंसिल का अपना भवन नहीं
आरएसएएचसी वर्षों से किराए के भवन में संचालित हो रही है और अब तक उसका अपना भवन नहीं बन पाया है। हमने कालवाड़ रोड स्थित सेंटर का फिजिकल वेरिफिकेशन कराने की बजाय चेकलिस्ट के आधार पर परीक्षा केन्द्र की अनुमति दी थी। सरकार को जिला या संभाग स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाने के लिए भी पत्र लिखा है, ताकि प्रदेश के बाहर के छात्रों को अपने गृह जिले या संभाग में परीक्षा देने की सुविधा मिल सके। -डॉ. वीरेन्द्र कुमार शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, आरएसएएचसी

खाद कंपनियों से वसूली मामले में सर्च:दो एओ के नाम अकूत संपत्ति, 5 लाख रु. नकद, 11 प्लॉट, 2 फ्लैट और सुपर मार्ट में पार्टनर

भिवाड़ी व कोटपूतली-बहरोड़ में संचालित खाद कंपनियों पर कार्रवाई का डर दिखाकर वसूली करने वाले दोनों कृषि अधिकारियों के घरों की सर्च में एसीबी को अकूत संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। एसीबी ने गुरुवार को शाहपुरा के पास हाइवे पर कृषि अधिकारियों की सरकारी गाड़ी सफारी को रुकवाकर चेकिंग की थी। इनके पास बेग में छिपाकर रखे सैंपल पैकेटों में 2.63 लाख रुपए मिले थे। यह राशि भिवाड़ी व कोटपूतली में संचालित खाद कपंनियों से वसूली कर लाई गई थी। एओ महेश कुमार मीणा के बैग से 1,48,500 और एओ चंदाराम गुर्जर के बैग में 1,15,000 रुपए मिले थे। गाड़ी में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव व कृषि विभाग का चालक रमेश चंद्र मीणा भी सवार थे। किसकी-कितनी संपत्ति

मारपीट व लूट का मामला:कार में आए 4 बदमाश, बाइक पर घर जा रहे ज्वैलर को रोककर पीटा, 1 तोला सोना, 8 किलो चांदी लूटी

राजधानी में एक ज्वेलर को कार सवार चार बदमाशों ने मारपीट कर लूट लिया। वारदात खोराबीसल इलाके में नांगललाडी स्टैंड के पास शुक्रवार रात 8 बजे हुई। कार सवार बदमाश बाइक सवार ज्वेलर पर हमला कर गहनों से भरा बैग लूट ले गए। बैग में 8 किलो चांदी, 1 तोला सोना और 15 हजार रुपए नकद रखे हुए थे। बदमाशों ने ज्वेलर को डंडों और पाइप से पीटा, जिससे वह गंभीर घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ज्वेलर को कालवाड़ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वारदात नांगलनाडी मुख्य बाजार स्थित श्री श्याम ज्वैलर्स के मालिक शंकरलाल शर्मा के साथ हुई। शंकरलाल रोजाना की तरह शुक्रवार रात दुकान बंद कर बाइक से घर जा रहे थे। दुकान से कुछ दूरी पर ही एक कार ने उनका रास्ता रोक लिया। कार से चार बदमाश उतरे। उनके हाथों में डंडे और पाइप थे। उन्होंने बैग छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर शंकरलाल पर हमला कर दिया। हाथ पर जोरदार वार लगने से बैग छूट गया और बदमाश बैग लेकर फरार हो गए। खास बात यह है कि करीब 7 महीने पहले शंकरलाल की दुकान में चोरी हुई थी। इसके बाद से वह रोज शाम को दुकान का माल बैग में रखकर घर ले जाने लगे थे। बदमाशों ने इसी रूटीन को निशाना बनाया। व्यापारी ने चांदी शुक्रवार को ही जयपुर से खरीदी थी। मुंह पर कपड़ा बांधकर आए बदमाश, रेकी की
पीड़ित ज्वैलर शंकरलाल ने पुलिस को बताया कि चारों बदमाशों ने अपने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। वारदात के बाद पुलिस ने बदमाशों की तलाश में जयपुर कमिश्नरेट, जयपुर ग्रामीण सहित आसपास के इलाकों में ए-श्रेणी की नाकाबंदी कराई, लेकिन देर रात तक सुराग नहीं लगा। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

राष्ट्रीय युवा संसद में महिला सशक्तीकरण:युवाओं का चुनावी सुधार, जातीय जनगणना और डिजिटल मीडिया विनियमन पर मंथन

नगर निगम जयपुर में मंच मिनिस्ट्री एवं युवा साथी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय युवा संसद का शनिवार को समापन हुआ। देश के 25 से अधिक राज्यों से आए 250 से ज्यादा युवाओं ने सांसदों, मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए चार प्रमुख मुद्दों पर संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप चर्चा और वाद-विवाद किया। मुख्य आयोजक एवं संस्थापक मोहित शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने किया। युवा संसद में महिला सशक्तीकरण एवं समान प्रतिनिधित्व, निर्वाचन सुधार एवं चुनावी पारदर्शिता, जातीय जनगणना एवं आरक्षण सुधार तथा डिजिटल प्रसारण एवं ऑनलाइन मीडिया विनियमन से जुड़े चार प्रस्तावित विधेयकों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए शोध आधारित तर्क, सुझाव और समाधान प्रस्तुत किए। संवैधानिक जागरूकता
सह आयोजक डॉ. नीकी चतुर्वेदी ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल संसद की कार्यवाही का मंचन करना नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन, शोध कौशल, सार्वजनिक वक्तृत्व और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना था। सह आयोजक मनु कम्बोज ने कहा कि राष्ट्रीय युवा संसद युवाओं को जागरूक, उत्तरदायी और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने का प्रभावी मंच है।

रणजीत नगर निवासी युवक की हत्या:खौफनाक साचिश: पति की हत्या कर बाथरूम में दफनाया, पुलिस ने फर्श तोड़कर निकाला कंकाल

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक महिला ने कथित तौर पर अपने पति की हत्या करने के बाद शव को घर के बाथरूम में ही दफना दिया। वारदात छिपाने के लिए बाथरूम की फर्श पर प्लास्टर कराकर नई टाइल्स लगवा दी गईं। इसके बाद करीब डेढ़ महीने तक वह पति के लापता होने का दावा करती रही। शुक्रवार को पुलिस की पूछताछ के दौरान मामला खुल गया और बाथरूम की खुदाई में कंकाल बरामद हुआ। आरोपी पत्नी का कहना है कि शराबी पति की हरकतों से तंग आकर डेढ़ माह पहले उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर निवासी 44 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा आगरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे। परिवार में उनकी पत्नी रूबी, मां कमला और दो बेटियां रिद्धी (13) तथा सिद्धी (9) हैं। सुरेंद्र की शादी वर्ष 2010 में इटावा निवासी रूबी से हुई थी। बताया गया कि सुरेंद्र 18 मई से लापता थे। प्लास्टर करवा नई टाइल्स लगवाईं, अन्य ​व्यक्ति भी शामिल प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्या के बाद शव को बाथरूम में दफनाकर ऊपर मिट्टी डाली गई, फिर प्लास्टर कराया गया और नई टाइल्स लगवा दी गईं ताकि किसी को शक न हो। पुलिस का मानना है कि इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका हो सकती है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शव के अवशेष पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ में महिला ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि हत्या के बाद उसने शव पर मिट्टी डलवाकर प्लास्टर कराया। शराब पीने का आदी था मृतक मृतक के भाई अनिल शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र शराब पीने का आदी था, जिस कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। 18 मई को रूबी ने फोन कर कहा था कि पुलिस घर पर आई है, इसलिए मां और दोनों बच्चियों को अपने साथ ले जाएं। वह उन्हें अपने घर ले आए। अगले दिन रूबी भी वहां पहुंच गई। 26 मई को दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट अनिल के अनुसार, जब कई दिनों तक सुरेंद्र का कोई पता नहीं चला तो 26 मई को रूबी के साथ जाकर गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में जब शक बढ़ा तो उन्होंने फिर से पूछताछ की। शुक्रवार सुबह रूबी ने खुद फोन कर उन्हें घर बुलाया। वहां पहुंचने पर पूछने पर उसने कथित तौर पर बताया कि सुरेंद्र को बाथरूम के नीचे दफना दिया है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि महिला से पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति की हत्या के बाद शव को बाथरूम में दफनाया गया था।

पिंजरापोल गोशाला:4 गायों की करंट से मौत, जांच में पता चला नई बिल्डिंग में जा रही ​केबल पानी में पड़ी थी, उसी से दौड़ा करंट

सांगानेर स्थित पिंजरापोल गोशाला में गुरुवार देर रात करंट लगने से चार गायों की मौत हो गई। घटना बारिश के बाद सुरभि भवन के पास बने बाड़े में हुई। शुक्रवार सुबह गोसेवक मौके पर पहुंचे तो चारों गायें मृत पड़ी थीं। आवारा कुत्ते शवों को नोच रहे थे।
गोशाला संचालकों का कहना था कि यहां पर ट्रांसफार्मर में करंट लगने से गायों की मौत हुई है। हमने कई बार यहां पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए कह चुके, लेकिन बिजली निगम सुनवाई नहीं कर रहा था। इससे यह हादसा हो गया। वहीं डिस्कॉम की तकनीकी जांच में तस्वीर अलग सामने आई। सूचना मिलने पर बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद गायों को हटाकर ट्रांसफार्मर और उसके चारों ओर लगी जाली की जांच की गई, लेकिन वहां करंट नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने मीटर से गोशाला परिसर में निर्माणाधीन नई बिल्डिंग तक जा रही बिजली लाइन की जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर बिजली के तार खुले मिले और उनमें करंट दौड़ता मिला। मीटर के पास भी तार खुले थे तथा उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बॉक्स तक नहीं लगाया गया था। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना था कि पानी में केबल पड़ी थी और उसी से कंरट दौड़ रहा था। इससे ही यह हादसा हुआ है। गोसेवकों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद गोसेवकों और स्थानीय लोगों ने कहा कि गोशाला परिसर में बिजली सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। सनातन सेना संगठन के प्रमुख अशोक पाठक ने गौशाला प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जाली में करंट नहीं शुरुआती जांच में ट्रांसफार्मर से करंट लगना सामने नहीं आया। ट्रांसफार्मर और उसकी जाली में करंट नहीं मिला। जांच के दौरान गोशाला परिसर में कई जगह खुले बिजली तार मिले, जिनमें करंट दौड़ रहा था। -राजीव अग्रवाल, एक्सईएन, सांगानेर बिजली निगम जिम्मेदार यह दुर्घटना है। ट्रांसफार्मर कई वर्षों से लगा हुआ है। हमने तारबंदी कराई थी। बिजली निगम की जिम्मेदारी है। हमारी कोई गलती नहीं है। -शुभरतन चितलांगिया, मंत्री, पिंजरापोल गोशाला, सांगानेर