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सरकारी स्कूल में शराब पीकर आया हेडमास्टर:रसोई में खुद के लिए खाना बनाने का दबाव डाला; APO किया

ब्यावर में सोमवार सुबह 10 बजे हेडमास्टर शराब के नशे में स्कूल पहुंच गया। रसोई में पहले खुद के लिए खाना बनाने का दबाव डाला। बच्चों के लिए खाना बाद में बनाने को कहा। मामला ब्यावर के जवाजा के निकट राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल शिवनाथपुरा का है। हेडमास्टर मुकेश कुंडिया के नशे में स्कूल आने का पता चलने पर ग्रामीण और पेरेंट्स भी वहां पहुंच गए। उन्होंने इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुकेश कुंडिया आए दिन शराब पीकर आता है। मामले में हेडमास्टर को एपीओ कर दिया गया है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही है। वहीं, हेडमास्टर मुकेश का कहना है कि मैं बीमार हूं। लंबे समय से डिप्रेशन की दवा ले रहा हूं। ऐसे में मैंने दवाई ली थी। गामीणों का आरोप निराधार है। मेडिकल रिपोर्ट में शराब की पुष्टि हुई पेरेंट्स ने बताया कि हेडमास्टर मुकेश कुंडिया शराब के नशे में था। वह किचन में गया और वहां खाना बना रही महिला को पहले खुद के लिए खाना बनाने की कहने लगा। घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार हनुत सिंह मौके पर पहुंचे। पूरे मामले की जानकारी लेकर स्थिति का जायजा लिया। मुकेश कुंडिया को जांच के लिए ब्यावर के अमृतकौर अस्पताल भेजा गया। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार शर्मा के निर्देश पर उनका मेडिकल कराया गया। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया- मेडिकल रिपोर्ट में शराब की पुष्टि हुई है। इसके आधार पर आरोपी हेडमास्टर को एपीओ किया गया है। आगे की जांच जारी है। (इनपुट- महेन्द्रसिंह रावत, जवाजा) … यह खबर भी पढ़ें… स्कूल में मीट बनाने वाला हेडमास्टर सस्पेंड:जांच अधिकारी से रसोइया बोला- सब्जी बनाई थी, नॉनवेज की जगह आलू-गोभी की सब्जी रखी

भारत ने लॉर्ड्स का पहला महिला टेस्ट जीता:इंग्लैंड को 270 रन से हराया; यस्तिका का शतक, 7 विकेट लेने वाली क्रांति प्लेयर ऑफ द मैच

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के 142 साल के इतिहास में पहली बार खेला गया महिला टेस्ट भारतीय टीम ने जीत लिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से हरा दिया। भारतीय टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में मेजबान टीम पर भारी पड़ी। रनों के लिहाज से यह भारतीय महिला टीम की दूसरी सबसे बड़ी टेस्ट जीत रही। इससे पहले टीम ने 2023 में इंग्लैंड को ही 347 रन से हराया था। भारत को आज तक इंग्लैंड में महिला टेस्ट में हार नहीं मिली है। टीम ने यहां अब तक 11 टेस्ट खेले हैं, जिनमें 3 जीते हैं, जबकि 8 मुकाबले ड्रॉ रहे। भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड 170 पर सिमट गई। भारत को 115 रन की बढ़त मिली। भारत ने दूसरी पारी 341 रन पर घोषित की और 457 रन का टारगेट दिया। इंग्लैंड 186 पर ऑलआउट हो गई। ऐतिहासिक टेस्ट मैच की 3 बड़ी बातें भारतीय टीम की जीत के 5 फोटोज मैच रिपोर्ट से पहले ब्रीफ स्कोर… पहली पारी में क्रांति ने 5 विकेट लिए इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शेफाली वर्मा बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद स्मृति मंधाना (83), कप्तान हरमनप्रीत कौर (58) और दीप्ति शर्मा (57) की पारियों से भारत ने 285 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन फिलर ने 2-2 विकेट लिए। जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 170 रन पर सिमट गई। क्रांति गौड़ ने 5 विकेट झटके। सयाली सतघारे और स्नेह राणा ने 2-2 विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा को एक सफलता मिली। एमी जोन्स ने 52 और कप्तान नेट सिवर-ब्रंट ने 44 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज टिक नहीं सके। यस्तिका ने रचा इतिहास, भारत ने मैच पर कब्जा जमाया 115 रन की बढ़त के साथ दूसरी पारी खेलने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने 88 रन की शुरुआत दी। इसके बाद यस्तिका भाटिया ने जिम्मेदारी संभालते हुए 113 रन की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने स्मृति के साथ 73 और दीप्ति शर्मा के साथ 52 रन की साझेदारी की। ऋचा घोष ने नाबाद 50 और सयाली सतघारे ने नाबाद 18 रन बनाकर भारत को 341/7 तक पहुंचाया। इंग्लैंड की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने 5 विकेट लिए, लेकिन भारत ने 456 रन की बढ़त हासिल कर ली। चौथे दिन भारतीय स्पिनरों ने खत्म किया मुकाबला 457 रन का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टैमी ब्यूमोंट, माया बुशियर, हीदर नाइट और कप्तान नेट-ब्रंट जल्दी आउट हो गईं। एमी जोन्स ने 54 और सोफी एक्लेस्टोन ने 50 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड ज्यादा देर टिक नहीं सका। स्नेह राणा ने 4 विकेट लिए। सयाली सतघारे, क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लिए। इंग्लैंड की पूरी टीम 186 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 270 रन से जीत लिया। सचिन मैच देखने पहुंचे चौथे दिन मुकाबला शुरू होने से पहले सचिन तेंदुलकर ने भारतीय टीम का हौसला बढ़ाया। ब्रॉडकास्ट के दौरान इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक नाइट ने कहा, भारतीय खिलाड़ियों और फैंस के लिए इससे बड़ा पल नहीं हो सकता। सचिन तेंदुलकर खुद यहां आकर खिलाड़ियों से बात कर रहे हैं। लॉर्ड्स में भारतीय टीम के रिकॉर्ड्स —————————–
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हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने छोड़ा CSK का साथ IPL की सबसे सफल टीम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और उसके हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग का 18 साल पुराना साथ खत्म हो गया। फ्रेंचाइजी ने सोमवार को सोशल पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। पढ़ें पूरी खबर…

पंजाब- घर में घुसकर महिला का गला काटा:सरकारी टीचर पति घर लौटा तो बेडरूम में लाश मिली; नीचे कोई कपड़ा भी नहीं पहना था

फरीदकोट में सोमवार को घर में घुसकर एक महिला की गला रेतकर हत्या कर दी गई। वारदात के समय महिला घर में अकेली थी। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब उसका पति स्कूल से ड्यूटी कर घर लौटा और उसके खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला। जब पति ने अपनी भाभी को आवाज लगाकर दरवाजा खुलवाया तो बेडरूम में पलंग के पास पड़ी पत्नी की लहूलुहान लाश देखी। शव के निचले हिस्से पर कोई कपड़ा भी नहीं था। इसके बाद उसने पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। DSP का कहना है कि फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रहे हैं। वहीं, पुलिस सूत्र बताते हैं पड़ोस में रहने वाले एक युवक को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि उसका महिला के घर काफी आनाजाना था। उससे पूछताछ की जा रही है। मृतका की पहचान नीतू कालड़ा (43) के रूप में हुई है, जो शहर के बीचोबीच स्थित मोहल्ला जानिया में रहती थीं। बताया जा रहा है कि नीतू दिव्यांग थीं। उनके पति प्रदीप कालड़ा सरकारी टीचर हैं। मौके के PHOTOS… मृतका के पति ने पुलिस को ये बातें बताईं… DSP बोले- आरोपी जल्द गिरफ्तार होंगे सूचना मिलने पर थाना सिटी की पुलिस, DSP तरलोचन सिंह और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से सबूत जुटाए गए। टीम ने मौके की वीडियोग्राफी भी की। आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज भी चेक की गई है। हालांकि, अभी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। DSP तरलोचन सिंह ने कहा कि वारदात दोपहर 12 से 2 बजे के बीच की लगती है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें अमृतसर में डेरे के बाहर युवक की हत्या, कहासुनी के बाद 5 गोलियां मारीं अमृतसर में शुक्रवार देर रात युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी बाइक पर युवक के डेरे पर पहुंचे और उसे बाहर आने के लिए आवाज लगाई। जैसे ही वह बाहर आया, दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। जब विवाद बढ़ा तो बदमाशों ने पिस्टल से 5 राउंड फायर कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…

22 करोड़ का मंदिर दान घोटाला,अध्यक्ष बोले- फर्जी रिपोर्ट बनाई:1100 पन्नों का पूरा रिकॉर्ड सौंप दिया था, एकतरफा कार्रवाई की

नागौर के प्रसिद्ध संत श्री चतुरदासजी महाराज मंदिर (बुटाटी धाम) में 22.74 करोड़ रुपए के दान में घोटाले को लेकर मंदिर समिति सामने आई है। मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने जांच रिपोर्ट को फर्जी बताया है। उन्होंने एसडीएम और जांच समिति पर राजनीतिक दुर्भावना में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जांच समिति में पूरा कोरम मौजूद नहीं था और उनका पक्ष सुने बिना रिपोर्ट तैयार कर दी है। दरअसल, 29 जनवरी 2026 को तत्कालीन कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने 13 सदस्यीय समिति बनाई थी। पिछले महीने 23 जून को कमेटी ने जांच रिपोर्ट कलेक्टर देवेंद्र कुमार को सौंपी। इसके अनुसार, 2023-24 और 2024-25 में 15.16 करोड़ का गबन सामने आया। वहीं 2025-26 के रिकॉर्ड जांच दल को उपलब्ध नहीं कराने पर प्रतिकूल अनुमान पर 7.58 करोड़ का गबन जोड़ते हुए कुल 22.74 करोड़ रुपए के कथित गबन का आकलन किया गया। रिपोर्ट में अध्यक्ष समेत 11 वर्तमान और पूर्व सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ निजी संपत्तियां कुर्क करने की सिफारिश की गई। 5 पॉइंट्स में पढ़िए अध्यक्ष का जवाब… 1. सुनवाई का मौका नहीं मिला: अध्यक्ष ने बताया कि 30 अप्रैल को नोटिस मिलने से पहले ही जांच से जुड़े दस्तावेज जब्त कर लिए गए थे। इसके बाद उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के कैंसर पीड़ित होने और ऑपरेशन के कारण जवाब देने के लिए समय मांगा गया था। 2. 1100 पन्नों के दस्तावेज सौंपे: उन्होंने दावा किया कि 23 जून को बिल, वाउचर और बैंक खातों की डिटेल सहित करीब 1100 पन्नों का पूरा रिकॉर्ड जांच समिति को सौंप दिया गया था, जिसकी रसीद भी उनके पास है। इसके बावजूद 26 जून को हुई समिति की बैठक में उन्हें शामिल नहीं होने दिया गया और गार्ड ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। 3. बैठक में 13 में से सिर्फ 6 सदस्य मौजूद थे: देवेंद्र सिंह ने कहा कि 13 सदस्यीय जांच समिति की बैठक में केवल 6 सदस्य ही मौजूद थे। बड़ी बात यह है कि वित्तीय मामलों की जांच के लिए जरूरी अकाउंट्स एक्सपर्ट भी बैठक में नहीं था। ऐसे में 22 करोड़ की गड़बड़ी का यह आंकड़ा किस आधार पर तैयार किया गया, इसमें एकतरफा कार्रवाई की आशंका है। 4. निर्माण कार्य और एटीएम किराया रिकॉर्ड में दर्ज: भोजनशाला निर्माण के आरोपों पर उन्होंने कहा कि यह काम पुरानी समिति के समझौते के तहत ही हुआ था, उनके कार्यकाल में केवल अधूरा काम पूरा कराया गया। इसमें भामाशाहों से 46 लाख रुपए का सहयोग मिला था और बाकी राशि नियमों के तहत खर्च की गई। वहीं एसबीआई के एटीएम का किराया भी सीधे बैंक खाते में आता है, जिसका पूरा रिकॉर्ड मौजूद है। 5. फर्जी रसीदें नहीं काटी, स्थानीय होटल मालिक विरोधी हुए: उन्होंने फर्जी रसीदों के आरोपों को गलत बताया और कहा कि रसीद बुकों का प्रिंटिंग रिकॉर्ड और एंट्री रजिस्टर पूरी तरह सुरक्षित है। आरोप लगाया कि मंदिर में मुफ्त भोजनशाला शुरू होने से कुछ स्थानीय होटल और गेस्ट हाउस संचालक उनके विरोधी हो गए हैं। भोजनशाला शुरू होने के पहले दिन उन पर हमला भी हुआ था, जिसकी रिपोर्ट सीसीटीवी फुटेज के साथ कुचेरा थाने में दर्ज है। अब पढ़िए- जांच रिपोर्ट के अनुसार कैसे हुआ 22 करोड़ का घोटाला? 2.60 करोड़ के जेवर का रिकॉर्ड नहीं: पुरानी समिति के पास 36 किलो चांदी, 250 ग्राम सोना था। नई समिति ने कार्यभार ग्रहण करते समय 35.5 किलो चांदी, 280 ग्राम सोना बताया। वर्तमान में 2.60 करोड़ मूल्य की संपत्ति है, लेकिन रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं है। ग्राम विकास में 1.28 करोड़ का खेल: 2024-25 में ग्राम विकास पर 31.37 लाख खर्च दर्शाए गए, न ठेकेदारों का रिकॉर्ड न भौतिक प्रमाण। कंप्यूटर, फर्नीचर के नाम पर 97.48 लाख बिना बिल, वर्क ऑर्डर के खर्च दिखाए। 82.41 लाख के सीसीटीवी का खर्च: सीसीटीवी कैमरों पर 82.41 लाख खर्च किए गए, लेकिन कोई निविदा नहीं मिली। एम जंक्शन सर्विसेज के नाम 58.14 लाख का भुगतान दर्ज। वाउचर रानाबाई ट्रेडर्स के नाम मिले। इसे भी गड़बड़ी माना गया। दान पेटी और खातों में लाखों का अंतर: दान पेटी की आय ऑडिट रिपोर्ट और रोकड़ बही में अलग-अलग दर्ज मिली। 2023-24 और 2024-25 की आय में अंतर। ग्राम सेवा सहकारी बैंक खाते में 3.40 लाख, ग्रामीण बैंक खाते में 1.75 लाख रुपए का अंतर मिला। रसोई में 49.49 लाख का फर्जी खर्च: भोजनशाला निर्माण पर 49.49 लाख खर्च दिखाए, जबकि ग्राउंड फ्लोर का पूरा निर्माण एक भामाशाह ने कराया था। समिति ने फर्जी बिल लगा मंदिर निधि से राशि निकाल ली। रसोई खर्च 1 साल में 335 प्रतिशत बढ़ गए। गौशाला में भी अनियमितता: सुलभ कॉम्प्लेक्स से प्राप्त 18.12 लाख का किराया मुख्य लेखा पुस्तकों में दर्ज नहीं। गौशाला रखरखाव के नाम पर 17.87 लाख खर्च दिखाए, जबकि समिति ने राशि मिलने से इनकार किया। सुरक्षा व्यवस्था में 31.33 लाख रुपए खर्च दर्शाए गए। कलेक्टर बोले- हम कार्रवाई नहीं कर सकते जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि पूरा मामला कोर्ट में है, इसके कारण पूरे मामले की जांच की जा रही है। जो भी रिपोर्ट आई है, वो भी सर्व समिति की ओर से आई है। रिपोर्ट में वाउचर नहीं है, बिल नहीं है, ऐसे में जांच रिपोर्ट पेश की है। फिलहाल कमेटी जांच कर सकती है, लेकिन वो किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सकती। उन्होंने कहा- आज मंदिर समिति ने मुलाकात की है, उनकी ओर से की गई मांग पर उच्च अधिकारियों और उच्च कमेटी से जांच करवाई जाएगी। हालांकि जांच कमेटी की बैठक में सभी जरूरी सदस्य मौजूद थे। ऐसे में बैठक तय प्रक्रिया के तहत ही हुई थी। …….. बुटाटी धाम विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में भी मंदिर दान घोटाला, 22 करोड़ का गबन:चढ़ावा, सोने-चांदी का भी रिकॉर्ड नहीं, भामाशाहों ने जो बनवाया, उसे समिति खर्च में जोड़ा राजस्थान में भी अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी जैसा मामला सामने आया है। मामला नागौर के बुटाटी स्थित करीब 500 साल पुराने संत श्री चतुरदासजी महाराज मंदिर से जुड़ा है। पूरी खबर पढ़िए

सूर्या की टीम में वापसी के रास्ते बंद नहीं:रिपोर्ट- घरेलू क्रिकेट में रन बनाने होंगे, वर्ल्डकप जीतने के बाद टीम से बाहर हुए थे

सूर्यकुमार यादव की टीम इंडिया में वापसी हो सकती है। न्यूज एजेंसी ANI को BCCI के एक सूत्र ने बताया कि सूर्या के लिए दरवाजे अब भी खुले हैं। हालांकि वह अभी टीम की योजना का हिस्सा नहीं हैं। अगर वह घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाते हैं, तो वापसी संभव है। टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कप्तान सूर्या को खराब फॉर्म की वजह से आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से बाहर कर दिया गया था। उनसे कप्तानी भी छिन ली गई। उनकी जगह BCCI ने श्रेयस अय्यर को नया टी-20 कप्तान बनाया है। टी-20 वर्ल्ड कप और IPL मिलाकर सिर्फ 3 फिफ्टी लगाई सूर्या ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की 9 पारियों में 242 रन बनाए। उन्होंने सिर्फ एक फिफ्टी लगाई। सूर्या का खराब फॉर्म IPL 2026 में भी जारी रहा। वे 13 पारियों में सिर्फ 270 रन ही बना सके। उनका औसत 20.76 रहा। सूर्या सीजन में सिर्फ 2 फिफ्टी लगा सके। भारत लगातार 2 सीरीज हारा श्रेयस की कप्तानी में भारत लगातार दो टी-20 सीरीज हारी। पहले आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से हार मिली। यह आयरलैंड की भारत के खिलाफ पहली सीरीज जीत थी। इसके बाद इंग्लैंड ने 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 4-0 से हराया। सूर्या की कप्तानी जाने के बाद भारत एक भी मुकाबला नहीं जीत सका है। सूर्या की कप्तानी में एक भी सीरीज नहीं हारा भारत सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने इसी साल 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। इस जीत के साथ भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला दुनिया का पहला देश बना। बड़ी बात यह है कि सूर्या की कप्तानी में भारत एक भी सीरीज नहीं हारा है। सूर्या टी-20 में 4 शतक लगा चुके सूर्यकुमार ने 113 मैचों में 3272 रन बनाए हैं। उनका औसत 36.35 और स्ट्राइक रेट 162.94 रहा है। सूर्यकुमार के नाम 4 शतक और 25 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका बेस्ट स्कोर 117 रन है। सूर्या ने 297 चौके, 179 छक्के लगाए हैं। उन्होंने 58 कैच भी लिए हैं। ———————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राहुल द्रविड़ बन सकते हैं इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच:एंडी फ्लावर, फ्लिंटॉफ और लैंगर के नाम पर भी चर्चा; मैकुलम को हटाया टीम इंडिया के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ इंग्लैंड की टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल हैं। ब्रेंडन मैकुलम के पद छोड़ने के बाद ECB (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) पॉसिबल कैंडीडेट्स के नाम पर विचार कर रहा है, जिसमें द्रविड़ का नाम भी है। पूरी खबर पढें…

रिफाइनरी में इंटरव्यू देना था, एक्सीडेंट ने पहुंचा दिया अस्पताल:घायल बोला-होश आया तब लोग चिल्ला रहे थे; स्कॉर्पियो-डंपर की टक्कर में 5 की मौत

‘मेरा सोमवार को पचपदरा रिफाइनरी में हेल्पर के पद के लिए इंटरव्यू होना था। इसके लिए मैं शुक्रवार शाम को अपने गांव से पचपदरा आ गया था। यहां मैं दोस्तों के घर रुका था। रविवार सुबह हम जोधपुर में भोमिया जी के दर्शन करने गए थे। लौटते समय हादसा हो गया और मैं हॉस्पिटल पहुंच गया।’ यह कहना है बालोतरा के गोल गांव निवासी हेमाराम का। हेमाराम रविवार रात करीब 11:30 बजे बालोतरा में स्कॉर्पियो के डंपर में घुस जाने से घायल हो गया था। बाड़मेर-जोधपुर नेशनल हाईवे पर पचपदरा थाना क्षेत्र के भाडिंयावास गांव में हुए हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें बालोतरा के कानोड गांव निवासी रेवांताराम (26) पुत्र गेनाराम जाट, स्वरूपाराम (27) पुत्र मेहराराम जाट, भरत (25) पुत्र बन्नाराम जाट, किशन (27) पुत्र शेराराम जाट और भावेश पुत्र कलाराम जाट थे। वहीं तीन घायलों हेमाराम, बाबू और मुकेश का इलाज जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल में चल रहा है। छुट्‌टी के कारण घूमने का बनाया था प्लान हेमाराम ने बताया- स्वरूपाराम और रेवांताराम रिफाइनरी में काम करते थे। रिफाइनरी में शनिवार को हाफ डे रहता है। वहीं रविवार को छुट्टी रहती है। ऐसे में सभी ने रविवार सुबह जोधपुर में भोमिया जी के दर्शन करने जाने का प्लान बनाया। दर्शन करने के बाद सभी गांव के लिए निकले थे। मैं और मुकेश स्कॉर्पियो में पीछे की सीट पर सो रहे थे। स्वरूपाराम गाड़ी ड्राइव कर रहा था और रेवांताराम उसके पास बैठा था। बाकी चार लोग बीच वाली सीट पर बैठे थे। अचानक डंपर से स्कॉर्पियो टकरा गई। जब मुझे होश आया तो लोगों के चिल्लाने की आवाज आ रही थी। लोगों ने कार से हमें बाहर निकाला और हॉस्पिटल पहुंचाया। एक्सीडेंट में इनकी हुई मौत… कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रहे हेमाराम के भाई खेमराज ने बताया- मैंने भाई को भी रिफाइनरी में जॉब लगाने के लिए उसके दोस्तों से कहा था। घायल बाबू और मुकेश चचेरे भाई हैं। परिजनों ने बताया- बाबू और मुकेश, दोनों जोधपुर में रहकर कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं। दोनों को घूमने के लिए जोधपुर से गाड़ी में बैठाया था। … एक्सीडेंट की यह खबर भी पढ़ें… तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डंपर में घुसी, 5 की मौत, VIDEO:जोधपुर में मंदिर से दर्शन कर घर लौट रहे थे, गाड़ी के अंदर बुरी तरह फंसे शव बालोतरा में भीषण सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। 3 लोग गंभीर घायल हैं। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो आगे चल रहे डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)

जून में लगातार छठे महीने महंगाई बढ़ी:4.38% पर पहुंची, RBI के मिड टारगेट के पार निकली; आलू-अदरक महंगे हुए, सोना-चांदी सस्ते

आलू-अदरक समेत खाने-पीने की चीजों के दाम फिर बढ़ने से रिटेल महंगाई लगातार छठे महीने बढ़ी है। जून में यह 4.38% पर पहुंच गई है। जनवरी में यह 2.74% थी। वहीं एक महीने पहले मई में 3.93% थी। यानी, यह लगातार छठा महीना है जब महंगाई बढ़ी है। वहीं जनवरी 2025 के बाद यह पहला मौका है जब महंगाई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 4% के मिड टारगेट के पार निकल गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने सोमवार 13 जनवरी को महंगाई के ये आंकड़े जारी किए हैं। फूड इंफ्लेशन जून में बढ़कर 5.32% पर पहुंची खाने-पीने के सामानों की महंगाई यानी फूड इंफ्लेशन जून में बढ़कर 5.32% पर पहुंच गई है। मई में यह आंकड़ा 4.38% पर था।
महंगाई बढ़ने से ब्याज दरें बढ़ने की आशंका भले ही मौजूदा महंगाई अभी भी RBI के 2% से 6% के टॉलरेंस बैंड के भीतर है, लेकिन कीमतों में आगे और बढ़ोतरी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाली तिमाहियों में देश की आर्थिक ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। जून में ही RBI ने अल नीनो परिस्थितियों के कारण कम मानसून की आशंका और बढ़ती एनर्जी कीमतों के दोहरे रिस्क को देखते हुए अपने महंगाई के अनुमान को 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया था। नए इंडेक्स की वजह से पिछले साल से तुलना नहीं महंगाई के डेटा की तुलना पिछले साल की समान अवधि से नहीं की जा सकती, क्योंकि इसी साल जनवरी में इस इंडेक्स को रीसेट किया गया था। साल 2024 को बेस ईयर बनाकर नई सीरीज की शुरुआत की गई थी, जिसमें जनवरी में संशोधित रिटेल महंगाई 2.74% दर्ज हुई थी। इसके बाद कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। फरवरी में यह 3.21%, मार्च में 3.4%, अप्रैल में 3.48% और मई में 3.93% दर्ज की गई थी। पुरानी CPI सीरीज जिसका बेस ईयर 2012 था के तहत महंगाई दर दिसंबर में 1.33% और नवंबर में 0.71% रही थी। नए महंगाई इंडेक्स में खर्च के पैटर्न को बदला गया नया इन्फ्लेशन इंडेक्स साल 2023-24 के हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे में सामने आए खर्च के तौर-तरीकों पर आधारित है। इंडेक्स के घटकों के नए वेटेज की वजह से महंगाई के आंकड़ों में मामूली बढ़ोतरी दिख रही है। इसमें मुख्य चीजों की हिस्सेदारी करीब 10% बढ़ा दी गई है, जबकि उतार-चढ़ाव वाले खाद्य पदार्थों की भूमिका को कम किया गया है। महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 4.38% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि जून 2026 में महंगाई 4.38% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना जून 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 4.38% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: 2. ₹100 की चीज अब ₹104.38 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर जून 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मई 2026 में ₹104.38 का हो गया है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… चांदी ₹3,155 गिरकर ₹2.17 लाख किलो पर आई: एक महीने में ₹25 हजार कीमत कम हुई, सोना आज ₹1,079 सस्ता हुआ सोने-चांदी के दाम में आज यानी 13 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3,155 रुपए घटकर 2.17 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,079 रुपए घटकर 1.42 लाख रुपए आ गया है। बीते 1 महीने में चांदी की कीमत 25 हजार और सोने की कीमत 5 हजार रुपए कम हो चुकी है। 14 जून को चांदी 2.43 लाख और 1.48 लाख रुपए पर था। पूरी खबर पढ़ें…

गुजरात में फैला चांदीपुरा वायरस:एक महीने में 12 बच्चों की मौत, 3 की रिपोर्ट पॉजिटिव; मक्खी से फैलती है बीमारी, वैक्सीन भी नहीं बनी

गुजरात में संक्रमण से एक महीने में अब तक 12 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से तीन बच्चे चांदीपुरा वायरस से संक्रमित थे। अन्य 9 बच्चों की मौत भी इसी वायरस से होने की आशंका है। हालांकि, इनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। संक्रमण के मामले गांधीनगर, साबरकांठा, खेड़ा, अरावली और पंचमहल जिलों में सामने आए हैं। सरकार ने वायरस से 3 मौतों की पुष्टि की स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने इस स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि इस घातक वायरस के संक्रमण के कारण अब तक 3 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से 2 बच्चों की मौत गोधरा और राजस्थान के एक बच्चे की मौत हिम्मतनगर में हुई। प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वायरस के संदिग्ध लक्षणों वाले 9 अन्य बच्चों की मौत हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में चांदीपुरा के संदिग्ध लक्षणों वाले बच्चों की कुल 6 मौतें दर्ज की गई हैं। जबकि तीन बच्चों की मौत गोधरा के सिविल अस्पताल में हुई। इनमें दो बच्चों की मौत दो दिन पहने यानी कि 11 जुलाई को हुई। इन दोनों बच्चों में एक बच्चे की उम्र 1 साल और दूसरे की उम्र दो साल थी। 19 मरीजों की जांच में 9 पॉजीटिव अब तक 27 संदिग्ध मरीजों के नमूने गांधीनगर भेजे गए हैं, जिनमें से 19 की जांच हो चुकी है। इनमें से 7 पॉजिटिव पाए गए हैं। पॉजिटिव पाए गए 7 मरीजों में से 3 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 बच्चों का इलाज चल रहा है। शेष 8 नमूनों की जांच अभी जारी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में शनिवार को एक बैठक आयोजित की गई थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई। पंचमहल में अब तक 13 मामले सामने आए पंचमहल के मंडल उप निदेशक डॉ. सुरेंद्र जैन ने बताया कि पंचमहल जिले में अब तक चांदीपुरा वायरस के कुल 13 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। महिसागर जिले का एक बच्चा वेंटिलेटर पर है। वहीं, गोधरा सिविल अस्पताल में फिलहाल 5 बच्चों का इलाज चल रहा है। उसके सैंपल लिए जा चुके हैं। बाकी 4 बच्चों की हालत सामान्य है और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं पंचमहल के 3 अन्य मरीजों का इलाज वडोदरा एसएसजी में चल रहा है, उनकी हालत स्थिर है और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। एक बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। 26 जून से 13 जुलाई तक 9 मामले दर्ज किए गए हिम्मतनगर सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जैन ने बताया कि 26 जून से 13 जुलाई तक हिम्मतनगर सिविल में 9 मामले सामने आए हैं। इनमें 6 मौतें हुई हैं, एक व्यक्ति ठीक हो चुका है और भर्ती किए गए दो लोगों में से एक की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। सोशल मीडिया पर अफवाहों से दूर रहने की अपील स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि इस वायरस के संबंध में सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और गलत सूचनाओं के कारण घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए सभी आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर ही यकीन करें। अफवाहें लोगों की मानसिक स्थिति को प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें एहतियाती उपाय कर रही हैं। सभी 61 प्रभावित क्षेत्रों में सर्वेक्षण के आदेश प्रशासन ने राज्य के सभी 61 स्थानों पर गहन सर्वेक्षण करने और दवाओं का छिड़काव करने के आदेश दिए हैं। इनमें से कई जगहों पर 2024 में भी चांदीपुरा वायरस के मामले सामने आए थे। यह वायरस सैंडफ्लाई नाम की मक्खी से फैलता है। यह मक्खी गोधरा और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पाई जाती है। इसलिए उन क्षेत्रों में कीटनाशकों का उपयोग बढ़ा दिया गया है। ——————– ये खबर भी पढ़ें… आंध्रप्रदेश में कोरोना से 46 साल के मरीज की मौत:4 दिन इलाज के बाद दम तोड़ा; 2 जिलों में 5 एक्टिव केस मिले आंध्र प्रदेश के कडप्पा में बुधवार को 46 साल के व्यक्ति की कोविड-19 से मौत हो गई। उसे पिछले महीने वेल्लोर के CMC अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसका कोविड टेस्ट पॉजिटिव आया था। 4 दिन इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। हेल्थ ऑफिसर ने बताया कि मरीज के फेफड़े खराब हो गए थे। पूरी खबर पढ़ें…

कलकत्ता हाईकोर्ट बोला-TTE सब्जी की तरह खाली बर्थ बेचते हैं:इसी वजह से ट्रेनों में लूट की घटनाएं होती हैं, रेलवे एक्शन ले

कलकत्ता हाईकोर्ट ने ट्रेन में पैसे लेकर खाली बर्थ देने वाले TTE पर टिप्पणी की है। कोर्ट ने सोमवार को कहा कि TTE खाली बर्थ ऐसे बेचते हैं, जैसे बाजार में सब्जियां बिकती हैं। इसी वजह से ट्रेनों में नशीला पदार्थ खिलाकर लूट की घटनाएं होती हैं। जस्टिस राजशेखर मंथा और जस्टिस बिस्वरूप चौधरी की बेंच 2009 में तीस्ता-तोरसा एक्सप्रेस में हुई लूट और मौत के मामले में दो दोषियों की अपील पर सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान कोर्ट ने यह टिप्पणी की। बेंच ने कहा कि पैसे लेकर जनरल टिकट वाले यात्रियों को खाली बर्थ देने से अपराधियों को ट्रेनों में यात्रियों तक पहुंचने का मौका मिल जाता है। रिकॉर्ड से यह भी पता चला कि इस यात्रा के दौरान सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई TTE ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। 17 साल पुराने केस में फैसला सुनाया 23 फरवरी 2009 को न्यू जलपाईगुड़ी से सियालदह जा रही तीस्ता-तोरसा एक्सप्रेस में दो यात्री जनरल टिकट पर सफर कर रहे थे। दोनों ने TTE को पैसे देकर S-8 कोच में खाली बर्थ ली। यात्रा के दौरान दो लोगों ने उनसे दोस्ती की और खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने दोनों यात्रियों का सामान लूट लिया। इस घटना में सुनील कुमार दास की जहरीला पदार्थ शरीर में जाने से मौत हो गई, जबकि अरुण चक्रवर्ती नौ दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद बच गए। इसी मामले में दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया था। कोर्ट के फैसले की 3 मुख्य पॉइंट्स… —————– ये खबर भी पढ़ें… कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा-बकरीद पर गाय की कुर्बानी जरूरी नहीं: बंगाल में पशु वध नोटिस पर रोक से इनकार; हुमायूं कबीर बोले- कुर्बानी देंगे कलकत्ता हाईकोर्ट ने बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार की पशु वध संबंधी गाइडलाइन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि बिना जरूरी फिटनेस सर्टिफिकेट के गाय, भैंस, बैल या बछड़े का वध नहीं किया जा सकता। पूरी खबर पढ़ें…

पूर्व राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा के पिता का निधन:मुंबई में 96 साल की उम्र में अंतिम सांस ली; हिसार में होगा अंतिम संस्कार

हरियाणा से पूर्व राज्यसभा सांसद और एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा के पिता नंद किशोर गोयनका का सोमवार को निधन हो गया। उन्होंने मुंबई में 96 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। वे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए मुंबई के मरीन ड्राइव स्थित ए रोड, वसंत सागर में रखा गया है। मंगलवार सुबह उनका पार्थिव शरीर विशेष विमान से हिसार लाया जाएगा। इसके बाद मोहना मंडी स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। बुधवार सुबह साढ़े 11 बजे अग्रोहा स्थित गोयनका उद्यान में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने X पर पोस्ट कर नंद किशोर गोयनका के निधन पर शोक व्यक्त किया है। आदमपुर अनाज मंडी में आढ़ती थे नंद किशोर गोयनका का जन्म 28 सितंबर 1930 को हुआ था। वे हिसार के आदमपुर कस्बे के गांव सदलपुर के रहने वाले थे। आदमपुर की अनाज मंडी में वे आढ़ती भी रहे और अनाज की खरीद-फरोख्त व कमीशन एजेंसी का कारोबार करते थे। उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी जुड़ाव रहा और उन्होंने संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। अग्रोहा धाम के विकास में निभाई अहम भूमिका नंद किशोर गोयनका के परिवार से जुड़े और वैश्य समाज के नेता बजरंग दास गर्ग ने बताया कि अग्रोहा धाम के विकास में नंद किशोर गोयनका की अहम भूमिका रही। वे अग्रोहा धाम के प्रमुख संस्थापकों में शामिल थे और वैश्य समाज के संरक्षक के रूप में भी उनकी पहचान थी। इसके अलावा उन्होंने हिसार और हरियाणा की कई सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के संचालन और विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। नंद किशोर के सात बच्चे नंद किशोर गोयनका अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके सात बच्चे हैं। इनमें सबसे बड़े बेटे डॉ. सुभाष चंद्रा हैं। उनके अलावा लक्ष्मी नारायण, जवाहर और अशोक उनके बेटे हैं, जबकि कुसुम, उर्मिला और मोहिनी उनकी बेटियां हैं। सभी दिल्ली और मुंबई में रहते हैं। सुभाष चंद्रा ने पढ़ाई छोड़ कारोबार संभाला डॉ. सुभाष चंद्रा का हिसार की मोहना मंडी में भी पैतृक आवास है। परिवार के कारोबार की शुरुआत भी यहीं से हुई थी। उनके पिता नंद किशोर गोयनका ने बचपन से ही सुभाष चंद्र को व्यापार की बारीकियां सिखाईं। एक समय परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा, जिसके चलते सुभाष चंद्र ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी और पिता के साथ कारोबार संभालना शुरू कर दिया।