22 जिलों में पहुंचा मानसून, आज पूरे राजस्थान में अलर्ट:जयपुर सहित कई जिलों में 2 इंच तक बारिश; जानें- आगे कैसा रहेगा मौसम

मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ ही राजस्थान में बारिश का दौर भी तेज होने लगा है। लेट आए मानसून ने आधे राजस्थान को कवर कर लिया है। शुक्रवार को जोधपुर, फलोदी, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। जैसलमेर में देर शाम रेत का बवंडर उठा। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश जयपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिले में करीब दो इंच रिकॉर्ड हुई। वहीं, मानसून के सक्रिय होने के बाद जयपुर सहित कई शहरों का दिन का तापमान 35 डिग्री से नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन पूरे राज्य में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अब देखिए- राजस्थान में बारिश की PHOTOS… मानसून के बड़े अपडेट्स जयपुर में सड़क धंसी, हॉस्पिटल में पानी भरा: मानसून दस्तक देने के साथ ही जमकर बरसने लगा है। 2 जुलाई को दिन में एंट्री करने वाले मानसून ने देर रात तक पूरा जिला कवर लिया और खूब बरसा। सड़कें लबालब हो गईं, कई कॉलोनियों में पानी भर गया। एक अंडरब्रिज डूब गया। लगातार बरसात के कारण सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में पानी भर गया। शहर की टोंक रोड पर 20 फीट का गड्ढा हो गया। कहां-कितनी बारिश हुई?: बांसवाड़ा के घाटोल में 41, केसरपुरा में 36, भूंगड़ा में 25, बीकानेर के बज्जू में 27, जोधपुर के भोपालगढ़ में 22, नागौर में 35, प्रतापगढ़ के अरनोद में 47, धरियावद में 20, टोंक के टोडारायसिंह में 36, उदयपुर के वल्लभनगर में 33 और बारापाल में 20 एमएम बरसात दर्ज हुई। इनके अलावा जयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, फलोदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर समेत कई अन्य शहरों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बीकानेर, जैसलमेर में तेज गर्मी, पारा 43 डिग्री: बारिश के बीच भी राजस्थान के कई हिस्सों में दिनभर उमस और गर्मी रही। सबसे अधिक तापमान 43 डिग्री सेल्सियस बीकानेर और जैसलमेर में दर्ज हुआ। इसके अलावा बाड़मेर में 42.3, श्रीगंगानगर में 41.5, जोधपुर में 40.8, फतेहपुर में 39, जालोर में 39.2, नागौर में 38 और चूरू में 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

सोलर से मिले रुपए के बंटवारे का विवाद:3 साल से अलग रह रहे थे दोनों भाई, पैतृक मकान से परिजनों से मिलने पहुंचे युवक पर बड़े भाई ने बैट से किया हमला

जिले के शिव थाना क्षेत्र के पूषड गांव में पैसों के लेनदेन के विवाद की वजह से हत्या का मामला सामने आया है। यहां एक बड़े भाई ने आवेश में आकर अपने ही सगे छोटे भाई पर क्रिकेट बैट से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के पिता की रिपोर्ट पर आरोपी बड़े भाई के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शिव थानाधिकारी डॉ. मनोहर विश्नोई ने बताया कि पूषड गांव निवासी तोगाराम मेघवाल के दो बेटे जेठाराम और सुरेश कुमार (27) पिछले करीब 3 साल से अलग रह रहे थे। छोटा भाई सुरेश कुमार गांव में स्थित अपने पैतृक मकान में रहता था। बड़ा भाई जेठाराम उससे करीब 5 किमी. दूर गांव की सरहद पर स्थित खेत में बने मकान में अपने परिवार और पिता तोगाराम के साथ रहता था। दोनों भाई खेती करते थे। गुरुवार देर रात दोनों में विवाद हुआ। छोटा भाई पत्नी के साथ पुराने घर में पिता से मिलने गया था, वहीं पर हुआ विवाद हत्या की मुख्य वजह जमीन के बदले मिले रुपए थे। दरअसल, पिता तोगाराम मेघवाल की जमीन सोलर कंपनी को सोलर प्लेटें लगाने के लिए दी गई थी। इसके एवज में कंपनी ने परिवार को 4 लाख रुपए दिए थे। यह पूरी रकम बड़े भाई जेठाराम ने अपने पास रख ली। छोटे भाई सुरेश कुमार को एक भी रुपया नहीं दिया। इसी राशि को लेकर दोनों भाइयों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुरुवार रात सुरेश अपनी पत्नी के साथ पिता के पास पहुंचा। उसने रुपए नहीं देने की शिकायत की। गुस्साए जेठाराम ने बैट से हमला कर सुरेश की जान ले ली। उसने घर में रखा क्रिकेट बैट उठाया। सुरेश के सिर पर एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमला इतना गंभीर था कि सुरेश के सिर पर गहरी चोटें आईं। अत्यधिक खून बहने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पिता व पत्नी के सामने हत्या घटना के समय घर पर दोनों भाइयों के पिता तोगाराम, जेठाराम, और सुरेश की पत्नी भी मौजूद थी। सभी ने बीच-बचाव कर विवाद को शांत कराने का पूरा प्रयास किया। जेठाराम के सिर पर खून सवार था। उसने किसी की एक न सुनी। अपने से करीब 10 साल छोटे भाई की जान ले ली। पिता ने दर्ज कराया बड़े बेटे पर हत्या का केस घटना की जानकारी मिलने पर शिव थानाधिकारी मनोहर विश्नोई पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर स्थानीय अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। वहां मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। इसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया। थानाधिकारी ने बताया कि मृतक के पिता तोगाराम ने शुक्रवार को अपने ही बड़े बेटे जेठाराम के खिलाफ रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट में रुपयों के लेनदेन के विवाद में छोटे बेटे सुरेश की हत्या का आरोप लगाया है।

फि​जिकल टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन राजस्थान में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बने डॉ. पुरोहित

बीकानेर| फिजीकल टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन राजस्थान की प्रदेश कोर कमेटी के निर्णयों के तहत संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से नई नियुक्ति की गई। प्रदेश अध्यक्ष धूमल भाटी ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद पर डॉ. सुरेन्द्र पुरोहित को जिम्मेदारी सौंपी। नियुक्ति आदेश में उन्हें निदेशालय स्तर पर समन्वय कर संगठनात्मक काम आगे बढ़ाने, साथ ही निष्क्रिय पदाधिकारियों और जिला कार्यकारिणी के स्थान पर सक्रिय पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इस नियुक्ति पर जिला सुरेन्द्र हर्ष, माणक चन्द व्यास, प्रकाश सारस्वत, मोती नाईम लोदी, शिवराज सिंह, आनन्द स्वामी, एनडी पणिया, सुभाष मिश्रा, कैलाशचन्द, मनमोहन गहलोत, अजय बिंदू, कैलाश प्रजापत सहित कुछ पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने खुशी जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि संगठन की गतिविधियां अधिक प्रभावी होंगी।

जयपुर-सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग:बारिश से टाटियावास टोल की दुपहिया लेन बनी तालाब, इसका दबाव दूसरी लेन पर बढ़ा, 2 घंटे जाम जैसे हालात

जयपुर-सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित टाटियावास टोल प्लाजा पर गुरुवार तड़के हुई झमाझम बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। जयपुर से चौमूं जाने वाली दिशा में दुपहिया वाहनों के लिए बनाई गई लेन में पानी भर जाने से पूरी लेन तालाब जैसी बन गई। इससे बाइक सवारों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा और कई वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी भरने से टोल संचालन भी प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालात बिगड़ने पर टोल कर्मियों ने मोटर लगाकर पानी निकालने का प्रयास शुरू किया, लेकिन तब तक करीब दो घंटे तक जाम जैसे हालात बने रहे। दुपहिया लेन प्रभावित होने के कारण कई वाहन अन्य लेनों में पहुंच गए, जिससे बड़े वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। वाहन चालकों ने आरोप लगाया कि बारिश से पहले जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण यह स्थिति बनी। उनका कहना था कि जब टोल पर प्रतिदिन लाखों रुपए का शुल्क वसूला जाता है, तो सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना भी टोल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। टोलकर्मियों ने मोटर लगाकर निकाला पानी

‘ग्राउंड जीरो’ से देखिए विकास:टोंक रोड पर 20 फीट का गड्ढा; 7 दिन पहले डाली थी गैस लाइन

राजधानी की मुख्य हार्टलाइन टोंक रोड पर शुक्रवार दोपहर अचानक सड़क धंस गई। निगम मुख्यालय से महज 200 मीटर पहले बीपी पेट्रोल पंप के सामने करीब 20 फीट लंबा, 15 फीट चौड़ा और 5 फीट गहरा गड्ढा हो गया। जिस समय सड़क धंसी, उस समय ट्रैफिक गुजर रहा था। गनीमत रही कि कोई वाहन गड्ढे में नहीं फंसा। जांच में सामने आया कि टोरेंट गैस कंपनी ने 7 दिन पहले यहां पीएनजी गैस लाइन डालने के लिए हॉरिजेंटल ड्रिलिंग की थी। लाइन डालने के बाद रीस्टोरेशन के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई। नीचे मिट्टी में खाली जगह रह गई। गुरुवार रात तेज बारिश के बाद पानी रिसा, मिट्टी बैठी और शुक्रवार दोपहर सड़क धंस गई। पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। जेडीए और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने टोरेंट कंपनी के प्रतिनिधियों को फोन किए, लेकिन कंपनी का कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। 7 दिन में ड्रेनेज पाइप फटा, पानी भरा बारिश ने एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। इंजीनियरिंग विभाग की खामी के चलते एक सप्ताह पहले लगाया गया ड्रेनेज पाइप फट गया। पानी ग्राउंड फ्लोर तक पहुंच गया। इमरजेंसी के पास स्थित ईसीजी रूम, माइनर ओटी और मुख्य कॉरिडोर में पानी भरने से मरीजों व स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ा। कॉरिडोर में फॉल्स सीलिंग का हिस्सा भी गिर गया। मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया। नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र मांडिया ने बताया पाइप को ठीक करवा रहे हैं। देर रात 2 इंच पानी बरसा, सड़कें लबालब मानसून दस्तक देने के साथ ही जमकर बरसने लगा है। 2 जुलाई को दिन में एंट्री करने वाले मानसून ने देर रात तक पूरा जिला कवर लिया और खूब बरसा। सड़कें लबालब हो गईं, कई कॉलोनियों में पानी भर गया। मुरलीपुरा-झोटवाड़ा में दादी का फाटक अंडरब्रिज डूब गया। 5.5 मीटर (18 फीट) से गहरा अंडरपास में पानी भरने से वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ी है। इससे एक तरफ से दूसरी तरफ जाने वाले वाहनों को करीब 4 से 5 किमी लंबा चक्कर लगाना जाना पड़ा। बीसलपुर का लेवल 313.57 आरएल मीटर पहुंचा: बीसलपुर में पानी की आवक शुरू हो गई। कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश के बाद दो दिन में बांध में 12 सेमी पानी आया। ऐसा पहली बार है कि मानसून के पहले दिन ही बांध में आवक हुई। शुक्रवार को बांध 313.57 आरएल मीटर पहुंच गया। अब कुल भराव क्षमता का 65.42 फीसदी पानी है। बड़ा सवाल: 15 जून से 15 सितंबर तक सड़क खोदने व ड्रिलिंग पर रोक, फिर कैसे खुद रहीं? जेडीए ने टोरेंट कंपनी को शहर में गैस लाइन के लिए ड्रिलिंग और रोड कटिंग की अनुमति दे रखी है, लेकिन अनुमति की शर्तों में साफ लिखा है कि मानसून सीजन में 15 जून से 15 सितंबर तक सड़क खोदने या ड्रिलिंग का काम नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद टोंक रोड जैसी मुख्य सड़क पर 7 दिन पहले गैस लाइन डालने का काम किया गया। परमिशन की शर्तों के अनुसार ड्रिलिंग के बाद सड़क की मरम्मत, केबल, सीवर या पेयजल लाइन डैमेज होने पर उसे ठीक करने की जिम्मेदारी भी कंपनी की है, लेकिन मौके पर सड़क धंसने के बाद भी कंपनी प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। सवाल यह है कि जब मानसून में काम पर रोक थी तो ड्रिलिंग किसकी अनुमति से हुई? काम के बाद रीस्टोरेशन की जांच किसने की? और टोंक रोड जैसी व्यस्त सड़क को बिना मजबूती जांचे ट्रैफिक के लिए कैसे छोड़ दिया गया? भुगतेगी जनता; 3 दिन तक टोंक रोड बाधित रहेगा
सड़क धंसने के बाद पुलिस ने तुरंत बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक को डायवर्ट किया। जेडीए और निगम टीम ने मौके पर पहुंचकर गड्ढे में मलबा और डब्ल्यूएमएम डलवाया। अधिकारियों का कहना है कि स्थायी मरम्मत में तीन दिन लगेंगे। इस दौरान टोंक रोड की एक लेन बंद रहेगी। पीक आवर्स में यहां लंबा जाम लगने की आशंका है, क्योंकि यह सड़क शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल है और दिनभर भारी ट्रैफिक गुजरता है।

खाद कंपनियों से वसूली मामले में सर्च:दो एओ के नाम अकूत संपत्ति, 5 लाख रु. नकद, 11 प्लॉट, 2 फ्लैट और सुपर मार्ट में पार्टनर

भिवाड़ी व कोटपूतली-बहरोड़ में संचालित खाद कंपनियों पर कार्रवाई का डर दिखाकर वसूली करने वाले दोनों कृषि अधिकारियों के घरों की सर्च में एसीबी को अकूत संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। एसीबी ने गुरुवार को शाहपुरा के पास हाइवे पर कृषि अधिकारियों की सरकारी गाड़ी सफारी को रुकवाकर चेकिंग की थी। इनके पास बेग में छिपाकर रखे सैंपल पैकेटों में 2.63 लाख रुपए मिले थे। यह राशि भिवाड़ी व कोटपूतली में संचालित खाद कपंनियों से वसूली कर लाई गई थी। एओ महेश कुमार मीणा के बैग से 1,48,500 और एओ चंदाराम गुर्जर के बैग में 1,15,000 रुपए मिले थे। गाड़ी में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव व कृषि विभाग का चालक रमेश चंद्र मीणा भी सवार थे। किसकी-कितनी संपत्ति

एसीबी की कार्रवाई:निगम में किसके आदेश चलते हैं? डीएलबी ने हटाया, जोन ने रिलीव किया… फिर भी कर्मचारियों ने कुर्सियां नहीं छोड़ीं

निगम के आमेर-हवामहल जोन में एसीबी की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अनियमितताओं की नई परतें सामने आ रही हैं। स्थिति यह है कि स्थानीय स्तर पर न केवल निगम प्रशासन बल्कि स्वायत्त शासन विभाग के आदेशों की भी पालना नहीं हो रही। एपीओ किए गए अधिकारी महीनों तक उसी जोन में काम करते रहे, जबकि मूल पद पर भेजे गए कर्मचारी भी पुराने पद पर जमे रहे। सबसे बड़ा मामला अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी गोपी वल्लभ शर्मा का है। डीएलबी निदेशक जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर ने 6 मई को उन्हें एपीओ कर मुख्यालय में उपस्थिति देने के आदेश जारी किए थे, लेकिन दो महीने बाद भी उन्होंने मुख्यालय में जाइनिंग नहीं दी और आमेर-हवामहल जोन में ही कार्य करते रहे। इसी तरह गुरुवार को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते एसीबी के हत्थे चढ़े जमादार रामसिंह का मामला भी गंभीर प्रशासनिक लापरवाही उजागर करता है। रामसिंह को 12 जून को जमादार पद से हटाकर उसके मूल पद सफाई कर्मचारी पर भेज दिया था। जोन उपायुक्त सीमा चौधरी ने आदेश जारी कर उसे वार्ड-26 में सफाई कार्य के लिए तैनात किया और उसी दिन रिलीव भी कर दिया था। इसके बावजूद रामसिंह करीब डेढ़ महीने तक जोन में जमादार की तरह काम करता रहा। एसीबी की कार्रवाई के बाद किया एपीओ निगम में एसीबी ने पांच दिनों में 4 कर्मचारियों को ट्रैप किया है। सिविल लाइंस जोन में एक जेईएन रिश्वत लेते पकड़ा। कार्रवाई की भनक लगते ही तत्कालीन जोन उपायुक्त सुनील बैरवा कार्यालय छोड़कर चले गए, जो पकड़ से बाहर हैं। गुरुवार को आमेर-हवामहल जोन में जमादार रामसिंह तथा निगम मुख्यालय में रजिस्ट्रार विक्रम सिंह और कर्मचारी राकेश को ट्रैप किया। अब एसीबी की जांच उच्च अधिकारियों की भूमिका पर भी केंद्रित हो गई है। वहीं, आमेर-हवामहल जोन में एसीबी कार्रवाई के बाद तत्कालीन जोन उपायुक्त सीमा चौधरी को डीएलबी ने एपीओ कर डीएलबी मुख्यालय में उपस्थिति देने के निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले सिविल लाइंस जोन के तत्कालीन उपायुक्त सुनील बैरवा को निगम मुख्यालय एपीओ किया था। हालांकि उनके मामले में डीएलबी की ओर से अभी अलग से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। छह साल से डेपुटेशन पर जमी उप रजिस्ट्रार निगम हेरिटेज के गठन के दौरान सांख्यिकी विभाग से 10 अधिकारी-कर्मचारी डेपुटेशन पर आए थे। अधिकांश कर्मचारी 4 वर्ष बाद अपने मूल विभाग में लौट गए, लेकिन आदर्श नगर जोन की उप रजिस्ट्रार सपना बसवाल अब भी निगम में कार्यरत हैं। वे 17 जून, 2020 को डेपुटेशन पर आई थीं। उनका मूल पद सांख्यिकी निरीक्षक का है। इसी तरह विक्रम सिंह सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर हैं।

राष्ट्रीय युवा संसद में महिला सशक्तीकरण:युवाओं का चुनावी सुधार, जातीय जनगणना और डिजिटल मीडिया विनियमन पर मंथन

नगर निगम जयपुर में मंच मिनिस्ट्री एवं युवा साथी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय युवा संसद का शनिवार को समापन हुआ। देश के 25 से अधिक राज्यों से आए 250 से ज्यादा युवाओं ने सांसदों, मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए चार प्रमुख मुद्दों पर संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप चर्चा और वाद-विवाद किया। मुख्य आयोजक एवं संस्थापक मोहित शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने किया। युवा संसद में महिला सशक्तीकरण एवं समान प्रतिनिधित्व, निर्वाचन सुधार एवं चुनावी पारदर्शिता, जातीय जनगणना एवं आरक्षण सुधार तथा डिजिटल प्रसारण एवं ऑनलाइन मीडिया विनियमन से जुड़े चार प्रस्तावित विधेयकों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए शोध आधारित तर्क, सुझाव और समाधान प्रस्तुत किए। संवैधानिक जागरूकता
सह आयोजक डॉ. नीकी चतुर्वेदी ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल संसद की कार्यवाही का मंचन करना नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन, शोध कौशल, सार्वजनिक वक्तृत्व और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना था। सह आयोजक मनु कम्बोज ने कहा कि राष्ट्रीय युवा संसद युवाओं को जागरूक, उत्तरदायी और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने का प्रभावी मंच है।

बालोतरा में मूसलाधार बारिश:बाड़मेर में बूंदाबांदी; दिन का पारा 41 डिग्री पार, रात 9 बजे तेज अंधड़ के बाद बूंदाबांदी से राहत

बाड़मेर और बालोतरा में आखिरकार मानसून ने अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज करा दी है। लंबे समय से भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस का सितम झेल रहे आमजन को इस बारिश से बड़ी राहत मिली है। मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव से आसमान में काली घटाएं छा गईं और ठंडी हवाओं के साथ बादल बरसे। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को बाड़मेर का अधिकतम पारा 41.4 और न्यूनतम 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही उमस के कारण लोग बेहाल रहे। शाम होने के साथ ही आसमान में बादल छाए और बिजली की चमक शुरू हो गई। बालोतरा इलाके में रात 8 बजे तक तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। वहीं रात 9 बजे बाड़मेर में हल्की बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ, जो रुक-रुक कर देर रात तक जारी रहा। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। लंबे समय से मानसून का इंतजार कर रहे किसानों के लिए अब राहत की खबर है। जिले के ग्रामीण इलाकों में भी कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई है। आगे क्या- आज से एक सप्ताह बारिश मानसून की एंट्री के बाद अब एक सप्ताह तक बारिश की संभावना है। शनिवार को भी बाड़मेर जिले में 30-40 किमी. की रफ्तार से आंधी चलेगी।

पिंजरापोल गोशाला:4 गायों की करंट से मौत, जांच में पता चला नई बिल्डिंग में जा रही ​केबल पानी में पड़ी थी, उसी से दौड़ा करंट

सांगानेर स्थित पिंजरापोल गोशाला में गुरुवार देर रात करंट लगने से चार गायों की मौत हो गई। घटना बारिश के बाद सुरभि भवन के पास बने बाड़े में हुई। शुक्रवार सुबह गोसेवक मौके पर पहुंचे तो चारों गायें मृत पड़ी थीं। आवारा कुत्ते शवों को नोच रहे थे।
गोशाला संचालकों का कहना था कि यहां पर ट्रांसफार्मर में करंट लगने से गायों की मौत हुई है। हमने कई बार यहां पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए कह चुके, लेकिन बिजली निगम सुनवाई नहीं कर रहा था। इससे यह हादसा हो गया। वहीं डिस्कॉम की तकनीकी जांच में तस्वीर अलग सामने आई। सूचना मिलने पर बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद गायों को हटाकर ट्रांसफार्मर और उसके चारों ओर लगी जाली की जांच की गई, लेकिन वहां करंट नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने मीटर से गोशाला परिसर में निर्माणाधीन नई बिल्डिंग तक जा रही बिजली लाइन की जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर बिजली के तार खुले मिले और उनमें करंट दौड़ता मिला। मीटर के पास भी तार खुले थे तथा उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बॉक्स तक नहीं लगाया गया था। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना था कि पानी में केबल पड़ी थी और उसी से कंरट दौड़ रहा था। इससे ही यह हादसा हुआ है। गोसेवकों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद गोसेवकों और स्थानीय लोगों ने कहा कि गोशाला परिसर में बिजली सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। सनातन सेना संगठन के प्रमुख अशोक पाठक ने गौशाला प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जाली में करंट नहीं शुरुआती जांच में ट्रांसफार्मर से करंट लगना सामने नहीं आया। ट्रांसफार्मर और उसकी जाली में करंट नहीं मिला। जांच के दौरान गोशाला परिसर में कई जगह खुले बिजली तार मिले, जिनमें करंट दौड़ रहा था। -राजीव अग्रवाल, एक्सईएन, सांगानेर बिजली निगम जिम्मेदार यह दुर्घटना है। ट्रांसफार्मर कई वर्षों से लगा हुआ है। हमने तारबंदी कराई थी। बिजली निगम की जिम्मेदारी है। हमारी कोई गलती नहीं है। -शुभरतन चितलांगिया, मंत्री, पिंजरापोल गोशाला, सांगानेर