मंगेतर की हत्या की आरोपी सिया का दूसरा मोबाइल मिला:चेतन से कोडवर्ड में चैटिंग करती थी; दोनों 14 दिन येरवदा जेल में रहेंगे

पुणे की वडगांव अदालत ने शुक्रवार को केतन अग्रवाल की हत्या के आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को पुणे की येरवदा जेल में रखा जाएगा। पुलिस ने दोनों की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट में पेशी के दौरान सिया और चेतन ने नार्को (पॉलीग्राफ) टेस्ट से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि एक दिन सिया के वकील ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सिया की सहमति होने का बात कही थी। वडगांव कोर्ट के जज एएम विभूते ने कहा कि आरोपियों की सहमति के बिना यह टेस्ट नहीं किया जा सकता, इसलिए अब उनका नार्को टेस्ट नहीं होगा। सिया और चेतन पर आरोप है कि उन्होंने केतन को 18 जून को पुणे के लोहगढ़ फोर्ट से धक्का देकर मार डाला था। केतन और सिया की शादी इस साल नवंबर में होने वाली थी। चेतन-सिया की कोर्ट में पेशी की तस्वीरें… कोडवर्ड में चैट करते थे चेतन और सिया, एक और मोबाइल जब्त पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सिया और चेतन ने हत्या की साजिश रचते समय बातचीत के लिए ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किया गया बड़ा डेटा रिकवर कर लिया है और उसमें इस्तेमाल की गई सांकेतिक भाषा को डिकोड करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। दोनों की चैट में कोड वाली भाषा है, जिसमें निकनेम और इमोजी शामिल हैं, जिनका मतलब सिर्फ आरोपी ही बता सकते हैं। पुलिस ने शुक्रवार को सिया के घर से एक और मोबाइल जब्त किया है। जिसे छिपाकर रखा गया था। उसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। मर्डर में तीसरे शख्स के शामिल होने का शक पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने बीड से एक युवक को हिरासत में लिया है। यह युवक बालेवाड़ी की एक कंपनी में काम करता है। दावा है कि तीसरा शख्स सिया या केतन में किसी एक का दोस्त है। दोनों ने उससे केतन के मर्डर की प्लानिंग शेयर की थी। हालांकि युवक का नाम अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस युवक को गवाह भी बना सकती है। प्लानिंग से मर्डर तक 19 दिन में घटना को अंजाम दिया

पंजाब में जीजा को जिंदा जलाया, VIDEO सामने आया:बीच-बचाव करने आई भाभी भी जलकर मरी; पत्नी को लेने अमृतसर से मायके तरनतारन गया था

तरनतारन में अपनी पत्नी को मायके से ससुराल ले जाने आए पति को उसके ही साले ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसमें व्यक्ति की मौत हो गई। उसे बचाने आई भाभी भी आग की चपेट में आई, जिससे उसकी भी जान चली गई। इतना ही नहीं, इन दोनों को आग के हवाले करने वाला साला भी चपेट में आ गया, जिससे वह भी बुरी तरह झुलस गया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया। यह दुर्घटना तो पिछले महीने की है, लेकिन पूरे अग्निकांड का अब सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस सीसीटीवी में व्यक्ति के साथ कहासुनी, हाथापाई होती दिख रही है। इसके बाद आग लगने पर पीड़ित इधर-उधर भागते दिख रहे हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। 13 जून को हुई वारदात पुलिस के अनुसार, यह मामला तरनतारन के गांव संघा का है। यह वारदात 13 जून को हुई। मृतक की पहचान अमृतसर के गांव लोपोके के निवासी लवप्रीत सिंह के रूप में हुई है। 13 जून को वह अपनी पत्नी संदीप कौर को मनाकर ससुराल लाने के लिए उसके मायके गांव संघा पहुंचा था। इनकी 9 महीने पहले शादी हुई थी। कुछ दिन बाद ही झगड़ के बाद पत्नी मायके चली आई थी और यहीं रह रही थी। ससुराल पहुंचने पर लवप्रीत सिंह की उसके ससुराल वालों से बहस हुई। पड़ोसी भी मौके पर जमा हो गए। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और लवप्रीत का साला साजन सिंह पेट्रोल की बोतल उठा लाया। उसने वह बोतल अपने जीजा लवप्रीत पर उढ़ेल दी। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा इसी दौरान बीच-बचाव करने साजन सिंह की भाभी गुरजीत कौर भी आ गईं, जिससे तेल उनके ऊपर भी गिर गया। इसके बाद गुस्से में साजन सिंह ने लाइटर लगा दिया, जिससे फौरन आग लग गई। थोड़ी देर में दोनों लवप्रीत सिंह और गुरजीत कौर जल गए। साजन सिंह भी आग की चपेट में आ गया, जिससे वह भी झुलस गया। मौके पर मौजूद लोग फौरन लवप्रीत और गुरजीत को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें डॉक्टर ने मृत करार दे दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने लवप्रीत और गुरजीत की हत्या के आरोप में साजन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसे भी कुछ दिन अस्पताल में रहना पड़ा। उसके बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में क्या दिख रहा SHO बोले- आरोपी को जेल भेजा सदर थाने के SHO नवदीप सिंह ने बताया है कि साजन इस मामले में मुख्य आरोपी है। उसने तेल डालकर अपने जीजा लवप्रीत को आग लगा दी, जिससे वह करीब 92 प्रतिशत तक झुलस गया था। इससे उसकी मौत हो गई। बीएनएस की धारा के तहत मामला दर्ज कर साजन को आरोपी बनाया है। उसे दो लोगों की हत्या के केस में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… लुधियाना में प्रेमी जोड़े की 4 साल की लव स्टोरी, शादीशुदा थे, होटल में गोली मारी
एक मुलाकात, फिर दोस्ती, उसके बाद बेइंतहा मोहब्बत और आखिर में होटल के कमरे में दो लाशें… तरनतारन की दो बच्चों की मां और फिरोजपुर के शादीशुदा युवक की प्रेम कहानी का अंत किसी फिल्मी क्लाइमैक्स से कम नहीं रहा। पढ़ें पूरी खबर…

तानों-वर्चस्व की जंग में गई डकैत जगन की जान:गैंग में दबदबा बनाने के लिए रची साजिश; जानिए 15 मिनट में कैसे हुआ मर्डर

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुई डकैत जगन गुर्जर की हत्या महज आवेश में आकर किया गया अपराध नहीं था, बल्कि जेल के भीतर वर्चस्व की लड़ाई और लगातार मिल रहे तानों का नतीजा है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विष्णु जाट अपने गैंग के बीच खुद को बड़ा अपराधी साबित करना चाहता था। दूसरी ओर, 100 से ज्यादा मुकदमों वाला डकैत जगन गुर्जर, विष्णु के अपराधों और उसके परिवार को लेकर लगातार तंज कसता था। गैंग के साथियों के तानों और जगन के कमेंट्स (टिप्पणियों) से आहत होकर विष्णु ने जगन की हत्या का प्लान बनाया, फिर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पुलिस की पड़ताल में वारदात से लेकर सबूत मिटाने तक की पूरी कहानी अब सिलसिलेवार (मिनट-टू-मिनट) सामने आ गई है। जेल में इस तरह हुई डकैत जगन गुर्जर की हत्या जगन को ‘जग्गू दादा’ कहकर बुलाते थे बंदी पुलिस सूत्रों के अनुसार, विष्णु जाट पहले से हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। उसकी गैंग के कई सदस्य भी उसी जेल में बंद हैं। गैंग के साथी अक्सर उसका मजाक उड़ाते थे कि उसके खिलाफ केवल छोटे-मोटे चोरी के मुकदमे दर्ज हैं और उसने अब तक कोई बड़ा अपराध नहीं किया है। दूसरी तरफ, मार्च 2026 में डकैत जगन गुर्जर को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया था। 100 से ज्यादा मुकदमों वाले जगन का जेल में अलग ही दबदबा था। बंदी उसे ‘जग्गू दादा’ कहकर बुलाते थे। जांच में सामने आया है कि जगन अक्सर विष्णु के अपराधों और उसके परिवार को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणियां करता था। गैंग के साथियों के तानों और जगन के कमेंट्स से परेशान होकर विष्णु ने तय कर लिया कि यदि वह जगन जैसे बड़े अपराधी की हत्या कर देगा, तो जेल में उसका भी वर्चस्व स्थापित हो जाएगा। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कहा- मैंने जगन की हत्या कर उसका ‘उद्धार’ किया है। पहले साथ रहे दोनों भाई, फिर अलग की गई सेल पुलिस सूत्रों के अनुसार, जगन गुर्जर का भाई पप्पू गुर्जर पहले से ही हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। 29 मार्च 2026 को जगन के अजमेर जेल आने के बाद दोनों भाइयों को शुरुआत में एक ही वार्ड में रखा गया था। बाद में दोनों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। इस बीच दोनों के बीच विवाद होने के बाद 16 मई को जगन को अलग ब्लॉक में भेज दिया गया। इसके बाद 27 जून को विष्णु को जगन की सेल में शिफ्ट किया गया। इसके ठीक 2 दिन बाद 29 जून को उसने जगन की हत्या कर दी। ब्लॉक का CCTV चालू, लेकिन सेल का कैमरा खराब जांच में सामने आया कि जिस ब्लॉक में दोनों बंद थे, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में विष्णु का जगन की सेल में जाना, जेल प्रहरी की गश्त, कंपाउंडरों का इंजेक्शन लगाने आना और अन्य गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। हालांकि, जिस सेल में हत्या हुई, उसका कैमरा कई दिनों से खराब पड़ा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विष्णु को इसकी जानकारी नहीं थी। उसने वारदात वाले दिन सुबह करीब 10 बजे सबूत मिटाने की नीयत से कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगा दिया था, ताकि कुछ दिखाई न दे। जेल अधीक्षक बोले- टेक्निकल स्टाफ नहीं, कई कैमरे बार-बार खराब होते हैं जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया- जेल में सीसीटीवी की देखरेख के लिए कोई टेक्निकल स्टाफ नहीं है। करीब 20 कैमरे समय-समय पर अचानक खराब हो जाते हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए 7-8 बार DOIT को मेल भी भेजा गया, लेकिन समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई। कई कैमरे अपने आप कुछ समय के लिए चालू हो जाते हैं और फिर बंद (नॉन-लाइव) हो जाते हैं। फिलहाल सिविल लाइंस थाना पुलिस ने आरोपी विष्णु जाट को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पूछताछ की है। शनिवार (आज) को उसे दोबारा कोर्ट में पेश कर आगे की जांच और रिमांड को लेकर कार्रवाई की जाएगी। ——- ये खबरें भी पढ़िए… 1- डकैत जगन गुर्जर की हत्या करने वाला विष्णु जाट गिरफ्तार, बोला- वह मुझसे कपड़े धुलवाता था, कमेंट भी करता था; झगड़े के कारण मार डाला अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी विष्णु सिंह जाट को शुक्रवार सुबह 10.30 बजे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। हथियारबंद जवान जेल से कड़ी सुरक्षा में उसे लेकर सिविल लाइन थाना पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर 2- जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विष्णु जाट ने हत्या को सुसाइड (आत्महत्या) का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। पढ़ें पूरी खबर…

800 रुपए में पार्सल डिलीवरी, चाहे विस्फोटक हो या ड्रग्स:कैमरे पर रोडवेज ड्राइवर-कंडक्टर का अवैध सिस्टम, चेक तक नहीं करते कार्टन के अंदर क्या है?

राजस्थान रोडवेज की बसों में 900 से 1 हजार रुपए लेकर धड़ल्ले से अवैध पार्सल भेजे जा रहे हैं। ड्राइवर-कंडक्टर पार्सल तक चेक नहीं करते कि इसमें ड्रग्स या हथियार तो नहीं? पटाखे या अन्य विस्फोटक तो नहीं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए संकट बन जाए। बड़े-बड़े बोरे और कार्टन तक यात्रियों के सामान के बीच या ड्राइवर के केबिन में रखकर भेजे जा रहे हैं। ये खतरनाक इसलिए है, क्योंकि कई बार इन्हीं पार्सलों के कारण यात्रियों को हादसे के वक्त बस से निकलने की जगह नहीं मिलती। इस खेल का खुलासा करने के लिए भास्कर रिपोर्टर ग्राहक (कस्टमर) बनकर ड्राइवर से मिला। एक पार्सल में ईंट रखकर टनकपुर (उत्तराखंड) भेजने के लिए कहा। ड्राइवर ने पार्सल भेजने के 800 रुपए लिए। चेक तक नहीं किया कि पार्सल में कोई विस्फोटक सामग्री तो नहीं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… भास्कर रिपोर्टर जयपुर-टनकपुर रूट की बस के ड्राइवर लोकेश यादव से मिला। ड्राइवर ने कहा- किराया सामान देखकर तय होगा। 900 से 1000 रुपए लगेंगे। ड्राइवर के दावे की सच्चाई जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने खाली कार्टन लिया। उसमें केवल एक ईंट रखी और पैक कर दिया। ऊपर टनकपुर का पता लिख दिया गया, ताकि वह असली पार्सल जैसा लगे। इसके बाद टीम उसी रोडवेज बस के पास पहुंच गई। (रिपोर्टर ने ड्राइवर को 800 रुपए दे दिए।) चीफ मैनेजर को बुलाया तो ड्राइवर मौके से भाग गया रिपोर्टर ने सिंधी कैंप बस स्टैंड के चीफ मैनेजर राकेश राय को मौके पर बुलाया। चीफ मैनेजर के पहुंचते ही ड्राइवर वहां से निकल गया। बाद में उसे बुलाया गया। बस की जांच हुई तो वही कार्टन ड्राइवर के केबिन में रखा मिला। चीफ मैनेजर ने पूछा तो ड्राइवर ने माना कि पार्सल उसी ने रखा था। अपना बचाव करने के लिए ये भी बोला कि बाद में वह बिल लेकर आ जाता। चीफ मैनेजर राकेश राय ने कहा- पहले बिल होना चाहिए था। बिना बिल सामान नहीं ले जाया जा सकता। सामान ड्राइवर के केबिन में रखा गया था, जबकि वहां सामान रखने की अनुमति नहीं है। मामले की रिपोर्ट संबंधित आगार (सेक्शन) को भेज दी गई है। राजस्थान रोडवेज में लघु (छोटे) पार्सल सेवा के ये हैं नियम ——– ये खबरें भी पढ़िए… 1- राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर में भिड़ंत के बाद आग लग गई। हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। पढ़ें पूरी खबर… 2- जयपुर में बिना जांच बसों में रखे जा रहे पार्सल:यात्रियों की जान से खिलवाड़; दौसा अग्निकांड के बाद ग्राउंड पर भास्कर का रियलिटी चेक दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 30 जून की देर रात हुए बस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। भीषण हादसे के बाद यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

22 जिलों में पहुंचा मानसून, आज पूरे राजस्थान में अलर्ट:जयपुर सहित कई जिलों में 2 इंच तक बारिश; जानें- आगे कैसा रहेगा मौसम

मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ ही राजस्थान में बारिश का दौर भी तेज होने लगा है। लेट आए मानसून ने आधे राजस्थान को कवर कर लिया है। शुक्रवार को जोधपुर, फलोदी, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। जैसलमेर में देर शाम रेत का बवंडर उठा। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश जयपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिले में करीब दो इंच रिकॉर्ड हुई। वहीं, मानसून के सक्रिय होने के बाद जयपुर सहित कई शहरों का दिन का तापमान 35 डिग्री से नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन पूरे राज्य में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अब देखिए- राजस्थान में बारिश की PHOTOS… मानसून के बड़े अपडेट्स जयपुर में सड़क धंसी, हॉस्पिटल में पानी भरा: मानसून दस्तक देने के साथ ही जमकर बरसने लगा है। 2 जुलाई को दिन में एंट्री करने वाले मानसून ने देर रात तक पूरा जिला कवर लिया और खूब बरसा। सड़कें लबालब हो गईं, कई कॉलोनियों में पानी भर गया। एक अंडरब्रिज डूब गया। लगातार बरसात के कारण सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में पानी भर गया। शहर की टोंक रोड पर 20 फीट का गड्ढा हो गया। कहां-कितनी बारिश हुई?: बांसवाड़ा के घाटोल में 41, केसरपुरा में 36, भूंगड़ा में 25, बीकानेर के बज्जू में 27, जोधपुर के भोपालगढ़ में 22, नागौर में 35, प्रतापगढ़ के अरनोद में 47, धरियावद में 20, टोंक के टोडारायसिंह में 36, उदयपुर के वल्लभनगर में 33 और बारापाल में 20 एमएम बरसात दर्ज हुई। इनके अलावा जयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, फलोदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर समेत कई अन्य शहरों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बीकानेर, जैसलमेर में तेज गर्मी, पारा 43 डिग्री: बारिश के बीच भी राजस्थान के कई हिस्सों में दिनभर उमस और गर्मी रही। सबसे अधिक तापमान 43 डिग्री सेल्सियस बीकानेर और जैसलमेर में दर्ज हुआ। इसके अलावा बाड़मेर में 42.3, श्रीगंगानगर में 41.5, जोधपुर में 40.8, फतेहपुर में 39, जालोर में 39.2, नागौर में 38 और चूरू में 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

एनसीआरबी-2024 में बाल अपराध 11.2 प्रतिशत बढ़े:डिजिटल पढ़ाई की आड़ में क्राइम क्लास बच्चे यू-ट्यूब से सीख रहे हत्या के तरीके

गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल फिर खुल गए हैं। होमवर्क, असाइनमेंट और स्कूल अपडेट अब वाट्सएप व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलने लगे हैं। इसी ‘डिजिटल पढ़ाई’ के नाम पर बच्चों के हाथों में दिनभर मोबाइल रहता है। लेकिन चिंता कि बात यह है कि मोबाइल पर कई बच्चे पढ़ाई के बीच हिंसक गेम, क्राइम सीरीज, डार्क वेब और अपराध से जुड़े वीडियो देख रहे हैं। इसी कारण बच्चों यानी किशोरों के अपराध में बढ़ोतरी हुई है। मई 2026 में जारी एनसीआरबी-2024 रिपोर्ट के अनुसार बच्चों यानी किशोरों के अपराध में 11.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मर्डर, डकैती और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में नाबालिगों की भूमिका बढ़ना गंभीर संकेत है। साइबर अपराधों में भी 17.9% वृद्धि दर्ज हुई। पहली बार साइबर अपराध का आंकड़ा 1 लाख के पार पहुंचा है। राजस्थान और जयपुर की स्थिति भी चिंताजनक है। जयपुर धोखाधड़ी के मामलों में देश में पहले नंबर पर है। चोरी, किडनैपिंग और मर्डर के मामलों में जयपुर महानगरों में तीसरे पायदान पर है। मुहाना कांड; 11-12 साल के बच्चों ने दोस्त का सिर काटा जयपुर के मुहाना इलाके में 14 जून को लापता 10 साल के अजमत की 25 जून को नाले में सिर कटी लाश मिली। वारदात में मृतक के ही 11 और 12 साल के तीन दोस्त शामिल निकले। बहन को लेकर हुई मामूली कहासुनी का बदला लेने के लिए बच्चों ने पहले अजमत का गला घोंटा, फिर चाकू से सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया। इतनी कम उम्र में इस तरह की वारदात और फिर सामान्य तरीके से घर लौट आना, बच्चों पर हिंसक कंटेंट के असर की ओर इशारा करता है। शिवदासपुरा कांड; यू-ट्यूब देखकर काटे ताई के पैर
शिवदासपुरा इलाके में 24 साल के सूरज बैरवा ने अपनी 53 साल की ताई की हत्या कर दी। उसे ताई के पैरों में पहने करीब एक किलो चांदी के कड़े लूटने थे। वारदात की पूरी साजिश मोबाइल पर रची गई। हत्या से पहले सूरज ने तीन दिन तक यू-ट्यूब पर 50 से ज्यादा क्राइम वीडियो देखे। गूगल पर यह भी सर्च किया कि सबूत कैसे मिटाएं और कुएं में फेंकी लाश कितने दिन में पानी के ऊपर आती है। उसने इंटरनेट से ही हत्या का तरीका सीखा। पुणे मर्डर; डिजिटल प्लानिंग से पुलिस को चकमे की कोशिश
महाराष्ट्र के पुणे में 20 साल की सिया गोयल ने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल को 500 फीट गहरी खाई में धक्का देकर मार डाला। इस केस में मोबाइल का इस्तेमाल पुलिस को चकमा देने के लिए किया गया। आरोपी चेतन ने अपनी लोकेशन छुपाने के लिए वारदात वाले दिन अपना फोन दुकान पर ही छोड़ दिया और इंटरनेट बंद रखा, ताकि पुलिस उसे ट्रेस न कर सके। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. अदिति अग्रवाल, मनोवैज्ञानिक रील्स खत्म कर रही बच्चों का धैर्य, हिंसक गेम्स बना रहे आक्रामक – 5 से 17 साल के बच्चों में मनोरंजन के लिए स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने और रोज 60 मिनट शारीरिक गतिविधि की सलाह दी गई है। – अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स और कुछ अन्य संस्थाएं 5 से 17 साल के बच्चों के लिए 2 घंटे से कम स्क्रीन टाइम की सलाह देती हैं। भारतीय बाल रोग अकादमी भी मनोरंजन के लिए स्क्रीन का उपयोग सीमित रखने और परिवार के साथ स्क्रीन-फ्री समय तय करने पर जोर देती है। एक्सपर्ट व्यू : सर्च इंजन जवाबदेह बनें, पैरेंट्स दें ‘डिजिटल संस्कार’ मुकेश चौधरी, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट
– इंटरनेट पर अपराध के तरीके खोजना आसान होता जा रहा है। सरकार को ऐसे सख्त नियम बनाने चाहिए कि क्राइम से जुड़े खतरनाक वीडियो सर्च होते ही ब्लॉक हों और पुलिस को अलर्ट मिले। स्कूलों में इंटरनेट के सही इस्तेमाल की पढ़ाई जरूरी है। अभिभावकों को एडमिशन के समय स्कूलों से इसकी मांग करनी चाहिए। आज घर के संस्कारों के साथ ‘ऑनलाइन संस्कारों’ की भी उतनी ही जरूरत है। – बच्चा आपसे ज्यादा मोबाइल चलाना जानता है, तो इसे गर्व नहीं बल्कि चिंता की बात मानना चाहिए। पैरेंट्स खुद को तकनीकी रूप से अपडेट रखें और बच्चों के फोन में पैरेंटल कंट्रोल सॉफ्टवेयर जरूर डालें। बच्चों को फोन में पासवर्ड लगाने या पूरी प्राइवेसी की छूट न दें। उनकी सर्च हिस्ट्री नियमित जांचें। कुछ गलत दिखे तो तुरंत डांटने के बजाय शांत तरीके से समझाएं और जरूरत हो तो काउंसलिंग कराएं।

आरएसएएचसी की बड़ी चूक:बिना फिजिकल वेरिफिकेशन बना परीक्षा केन्द्र, 1500 क्षमता वाले कॉलेज में 2600 छात्रों को बैठाया

राजस्थान स्टेट एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल (आरएसएएचसी) की परीक्षा व्यवस्था में बड़ी खामी सामने आई है। कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज का फिजिकल वेरिफिकेशन किए बिना केवल चेकलिस्ट के आधार पर परीक्षा केन्द्र की अनुमति दे दी गई। इसका खामियाजा 29 जून को आयोजित पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स की परीक्षा में सामने आया, जहां अव्यवस्था मिलने पर परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इससे 2600 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि करीब 1500 परीक्षार्थियों की क्षमता वाले परीक्षा केन्द्र पर 2600 छात्रों को बैठाया गया। व्यवस्था कम पड़ने पर परीक्षार्थियों को टेंट में बैठाकर परीक्षा करानी पड़ी। बाद में गड़बड़ियां सामने आने पर परीक्षा निरस्त कर दी गई। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विरेन्द्र कुमार शर्मा ने स्वीकार किया कि समय कम होने के कारण फिजिकल निरीक्षण नहीं कराया गया और केवल चेकलिस्ट के आधार पर केन्द्र को स्वीकृति दी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी परीक्षा केन्द्र की क्षमता, आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का भौतिक सत्यापन किए बिना अनुमति देना गंभीर प्रशासनिक चूक है। क्या है मामला; कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में 29 जून को डिप्लोमा इन कैथ लैब टेक्नोलॉजी (डीसीएलटी), डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्नोलॉजी (डीडीटी) और डिप्लोमा इन ईसीजी टेक्नोलॉजी (डीईसीजीटी) के प्रथम वर्ष एवं रिमांडेड छात्रों की सैद्धांतिक परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा के दौरान अव्यवस्था मिलने पर इसे रद्द करना पड़ा। जयपुर में इस दिन कुल 11 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। ये हैं बड़ी खामियां
1. पिछले 10 साल से सिर्फ जयपुर ही परीक्षा केन्द्र
काउंसिल पिछले दस वर्षों से पैरामेडिकल कोर्स की सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षाएं केवल जयपुर में आयोजित करा रही है। इससे जोधपुर, कोटा, उदयपुर, बाड़मेर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, बीकानेर, चूरू और अलवर सहित अन्य जिलों के छात्रों पर यात्रा, ठहरने और भोजन का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। मौजूदा समय में गायत्री राठौड़ के पास चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा विभाग, दोनों के सचिव का दायित्व है। ऐसे में जिला या संभाग स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाने और एसओपी जारी करने की मांग उठ रही है। 2. परीक्षा केन्द्रों और परीक्षकों को नाममात्र का मानदेय
परीक्षा केन्द्रों को प्रति छात्र करीब 12 रुपए और परीक्षकों को 250 रुपए मानदेय दिया जाता है, जिसे विशेषज्ञ अपर्याप्त मानते हैं। 3. काउंसिल का अपना भवन नहीं
आरएसएएचसी वर्षों से किराए के भवन में संचालित हो रही है और अब तक उसका अपना भवन नहीं बन पाया है। हमने कालवाड़ रोड स्थित सेंटर का फिजिकल वेरिफिकेशन कराने की बजाय चेकलिस्ट के आधार पर परीक्षा केन्द्र की अनुमति दी थी। सरकार को जिला या संभाग स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाने के लिए भी पत्र लिखा है, ताकि प्रदेश के बाहर के छात्रों को अपने गृह जिले या संभाग में परीक्षा देने की सुविधा मिल सके। -डॉ. वीरेन्द्र कुमार शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, आरएसएएचसी

भाषिणी बनेगी लोक सेतु:पब्लिक को मारवाड़ी, ढूंढाड़ी, मेवाड़ी, बागड़ी में मिलेंगे सरकारी आदेश

सुप्रीम कोर्ट के राजस्थानी भाषा को स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल करने के आदेश के बाद अब एआई का ऐसा मॉडल आ रहा है, जो स्थानीय भाषाओं की ताकत में क्रांति ला देगा। पिछले 2 दिन जयपुर में ई-गवर्नेंस पर चले राष्ट्रीय सम्मेलन में डिजिटल इंडिया भाषिणी डिविजन (डीआईबीडी) ने ऐसा मॉडल रखा, जिससे राजस्थान की मारवाड़ी, ढूंढाड़ी, मेवाड़ी, बागड़ी, हाड़ौती सहित तमाम स्थानीय भाषाओं का डेटासेट तैयार होगा। भाषिणी ने राजस्थानी भाषा मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन भी शुरू किया। नेशनल हब फॉर लैंग्वेज टेक्नोलॉजी के ज़रिए भाषिणी गवर्नेंस सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और संस्थानों के लिए भारतीय भाषाओं में माप योग्य स्पीच और टेक्स्ट-आधारित एआई सेवाओं को सक्षम बनाएगी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने भाषिणी मॉडल को सराहा। उनका कहना है कि 2026 में भाषिणी की भागीदारी ने सरकारों और संस्थानों को नागरिकों की पसंदीदा भाषाओं में सेवाएं देने में सक्षम बनाकर, बहुभाषी डिजिटल सार्वजनिक ढांचे को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। नए एआई समाधानों, समुदाय-संचालित डेटासेट निर्माण और माप योग्य भाषा तकनीकों के माध्यम से भाषिणी डिजिटल इंडिया के उस दृष्टिकोण को मजबूत कर रही है, जहां भाषा कभी भी शासन व्यवस्था में बाधा न बने। भाषिणी के सीईओ की सीएम से मंत्रणा
डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीज़न (डीआईबीडी) के सीईओ अमिताभ नाग ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ राज्य के लिए बहुभाषी एआई और भाषा-संबंधी तकनीकों को आगे बढ़ाने पर अलग से चर्चा की। इस चर्चा का मुख्य फोकस भाषा-प्रधान नवाचार के ज़रिए समावेशी डिजिटल गवर्नेंस को मज़बूत करना है। नाग ने कहा कि ‘एआई को सच में हर नागरिक की सेवा करने के लिए उन भाषाओं को समझना होगा, जो लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बोलते हैं। भाषा में हर योगदान, हर सत्यापित डेटासेट और हर नया इस्तेमाल हमें ऐसे एआई को बनाने के करीब ले जाता है, जो ज़्यादा समावेशी, ज़्यादा प्रतिनिधित्व करने वाला और सभी के लिए ज़्यादा सुलभ हो। 36 भारतीय भाषाओं पर काम हो चुका भाषिणी 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को सक्षम बना रही है, हर दिन 2 करोड़ से अधिक एआई के निष्कर्ष प्रोसेस करती है, 8 बिलियन से अधिक एआई इन्फरेंस को सक्षम बना चुकी, 36 भारतीय टेक्स्ट भाषाओं, 23 भारतीय वॉयस भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सहयोग, 20 से अधिक विशेष एनएलपी सेवाएं दे रही।

फि​जिकल टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन राजस्थान में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बने डॉ. पुरोहित

बीकानेर| फिजीकल टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन राजस्थान की प्रदेश कोर कमेटी के निर्णयों के तहत संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से नई नियुक्ति की गई। प्रदेश अध्यक्ष धूमल भाटी ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद पर डॉ. सुरेन्द्र पुरोहित को जिम्मेदारी सौंपी। नियुक्ति आदेश में उन्हें निदेशालय स्तर पर समन्वय कर संगठनात्मक काम आगे बढ़ाने, साथ ही निष्क्रिय पदाधिकारियों और जिला कार्यकारिणी के स्थान पर सक्रिय पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इस नियुक्ति पर जिला सुरेन्द्र हर्ष, माणक चन्द व्यास, प्रकाश सारस्वत, मोती नाईम लोदी, शिवराज सिंह, आनन्द स्वामी, एनडी पणिया, सुभाष मिश्रा, कैलाशचन्द, मनमोहन गहलोत, अजय बिंदू, कैलाश प्रजापत सहित कुछ पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने खुशी जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि संगठन की गतिविधियां अधिक प्रभावी होंगी।

रणजीत नगर निवासी युवक की हत्या:खौफनाक साचिश: पति की हत्या कर बाथरूम में दफनाया, पुलिस ने फर्श तोड़कर निकाला कंकाल

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक महिला ने कथित तौर पर अपने पति की हत्या करने के बाद शव को घर के बाथरूम में ही दफना दिया। वारदात छिपाने के लिए बाथरूम की फर्श पर प्लास्टर कराकर नई टाइल्स लगवा दी गईं। इसके बाद करीब डेढ़ महीने तक वह पति के लापता होने का दावा करती रही। शुक्रवार को पुलिस की पूछताछ के दौरान मामला खुल गया और बाथरूम की खुदाई में कंकाल बरामद हुआ। आरोपी पत्नी का कहना है कि शराबी पति की हरकतों से तंग आकर डेढ़ माह पहले उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर निवासी 44 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा आगरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे। परिवार में उनकी पत्नी रूबी, मां कमला और दो बेटियां रिद्धी (13) तथा सिद्धी (9) हैं। सुरेंद्र की शादी वर्ष 2010 में इटावा निवासी रूबी से हुई थी। बताया गया कि सुरेंद्र 18 मई से लापता थे। प्लास्टर करवा नई टाइल्स लगवाईं, अन्य ​व्यक्ति भी शामिल प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्या के बाद शव को बाथरूम में दफनाकर ऊपर मिट्टी डाली गई, फिर प्लास्टर कराया गया और नई टाइल्स लगवा दी गईं ताकि किसी को शक न हो। पुलिस का मानना है कि इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका हो सकती है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शव के अवशेष पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ में महिला ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि हत्या के बाद उसने शव पर मिट्टी डलवाकर प्लास्टर कराया। शराब पीने का आदी था मृतक मृतक के भाई अनिल शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र शराब पीने का आदी था, जिस कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। 18 मई को रूबी ने फोन कर कहा था कि पुलिस घर पर आई है, इसलिए मां और दोनों बच्चियों को अपने साथ ले जाएं। वह उन्हें अपने घर ले आए। अगले दिन रूबी भी वहां पहुंच गई। 26 मई को दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट अनिल के अनुसार, जब कई दिनों तक सुरेंद्र का कोई पता नहीं चला तो 26 मई को रूबी के साथ जाकर गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में जब शक बढ़ा तो उन्होंने फिर से पूछताछ की। शुक्रवार सुबह रूबी ने खुद फोन कर उन्हें घर बुलाया। वहां पहुंचने पर पूछने पर उसने कथित तौर पर बताया कि सुरेंद्र को बाथरूम के नीचे दफना दिया है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि महिला से पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति की हत्या के बाद शव को बाथरूम में दफनाया गया था।