जैसलमेर रेलखंड पर ब्लॉक, आज चार ट्रेनें रहेंगी प्रभावित:दो ट्रेनें री-शड्यूल और दो मार्ग में रेगुलेट होंगी, साढ़े चार घंटे की देरी से खुलेगी जैसलमेर-लालगढ़

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के राईका बाग-जैसलमेर रेलखंड पर गुरुवार को होने वाले तकनीकी कार्य के कारण चार प्रमुख रेलसेवाएं प्रभावित रहेंगी। फलौदी-मारवाड़ बीठड़ी स्टेशनों के बीच ट्रैक और सिग्नलिंग से जुड़े जरूरी कार्य के लिए 25 जून को विशेष ब्लॉक लिया जा रहा है। इसके चलते दो ट्रेनों को रीशड्यूल किया गया है, जबकि दो अन्य ट्रेनों को रास्ते में रोककर संचालित किया जाएगा। इससे जैसलमेर से आने-जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फलौदी-मारवाड़ बीठड़ी के बीच होगा तकनीकी कार्य उत्तर पश्चिम रेलवे, जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि राईका बाग-जैसलमेर रेलखंड पर फलौदी-मारवाड़ बीठड़ी स्टेशनों के बीच ट्रैक और सिग्नलिंग से जुड़े जरूरी तकनीकी कार्य किए जाएंगे। इसके लिए रेलवे प्रशासन ने गुरुवार को ट्रैफिक ब्लॉक लिया है। ब्लॉक के कारण इस रूट पर चलने वाली चार प्रमुख ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा। जैसलमेर-लालगढ़ ट्रेन साढ़े चार घंटे देरी से चलेगी रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 14703 जैसलमेर-लालगढ़ रेलसेवा गुरुवार को अपने निर्धारित समय पर रवाना नहीं होगी। इस ट्रेन को करीब 4 घंटे 30 मिनट की देरी से रीशड्यूल किया गया है। वहीं गाड़ी संख्या 74844 भगत की कोठी-जैसलमेर रेलसेवा भी अपने निर्धारित समय से 2 घंटे देरी से रवाना होगी। इसके कारण यह ट्रेन जैसलमेर स्टेशन पर भी तय समय से देर से पहुंचेगी। दो एक्सप्रेस ट्रेनों को रास्ते में रोका जाएगा गाड़ी संख्या 20491 जैसलमेर-साबरमती रेलसेवा को जैसलमेर से मारवाड़ बीठड़ी खंड के बीच विभिन्न स्टेशनों पर करीब 30 मिनट तक रोककर चलाया जाएगा। इसी तरह गाड़ी संख्या 20486 साबरमती-जैसलमेर रेलसेवा को जोधपुर से फलौदी खंड के बीच करीब 1 घंटे तक नियंत्रित गति से संचालित किया जाएगा। इसके चलते यह ट्रेन भी जैसलमेर स्टेशन पर देरी से पहुंचेगी। यात्रियों और पर्यटकों को हो सकती है परेशानी रेलवे प्रशासन का कहना है कि तकनीकी कार्य यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। हालांकि ट्रेनों के समय में बदलाव के कारण जैसलमेर से यात्रा करने वाले स्थानीय यात्रियों और स्वर्ण नगरी आने वाले पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों से स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का अपडेट जांचने की अपील की है।

ऑपरेशन में लापरवाही, हॉस्पिटल-डॉक्टर पर 20 लाख का जुर्माना:पेट दर्द के बाद कराया था भर्ती, 1 लाख मानसिक पीड़ा के देने होंगे

जालोर उपभोक्ता आयोग ने भीनमाल के एक निजी हॉस्पिटल और संबंधित डॉक्टर को चिकित्सा लापरवाही का दोषी मानते हुए मृतका के पति को 20 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने हॉस्पिटल, डॉक्टर और बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से 45 दिनों के भीतर राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने मामले में सेवा में कमी और मेडिकल नेग्लिजेंस मानते हुए यह फैसला सुनाया। पेट दर्द के बाद कराया था भर्ती कलापुरा निवासी दूजाराम ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी पत्नी लीलूदेवी को पेट दर्द की शिकायत होने पर 14 अगस्त 2023 को भीनमाल स्थित नाहर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टर ने आंतों में सूजन होने की बात कही और महिला का ऑपरेशन किया। दूसरी सर्जरी के बाद बिगड़ती गई हालत शिकायत के अनुसार ऑपरेशन के कुछ दिन बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके चलते 21 अगस्त को महिला की दोबारा सर्जरी करनी पड़ी। परिजनों ने आरोप लगाया कि दूसरी सर्जरी के बाद महिला के शरीर में संक्रमण फैल गया और उसकी आंतें पेट से बाहर आने लगीं। महिला को करीब 10 दिन तक आईसीयू में रखा गया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। उदयपुर और अहमदाबाद में भी चला इलाज महिला की गंभीर हालत को देखते हुए परिजन उसे आगे के इलाज के लिए पहले उदयपुर और बाद में अहमदाबाद लेकर गए। इलाज के दौरान 17 सितंबर 2023 को महिला की मौत हो गई। आयोग ने माना मेडिकल नेग्लिजेंस उपभोक्ता आयोग ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध डाक्यूमेंट्स, उपचार संबंधी अभिलेखों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया। सुनवाई के बाद आयोग ने माना कि हॉस्पिटल और डॉक्टर की ओर से चिकित्सा सेवा में गंभीर लापरवाही बरती गई। आयोग ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सेवा में कमी और मेडिकल नेग्लिजेंस माना। 1 लाख मानसिक पीड़ा के लिए देने के आदेश आयोग ने हॉस्पिटल, संबंधित डॉक्टर और बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से मृतका के पति को 20 लाख रुपए क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया है। इसके अलावा 1 लाख रुपए मानसिक पीड़ा के लिए और 10 हजार रुपए वाद व्यय के रूप में देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आयोग ने उपभोक्ता कल्याण कोष में 1.50 लाख रुपए जमा कराने के भी निर्देश दिए हैं।

उदयपुर के फतहपुरा एरिया में बीती देर नहीं आई बिजली:डेढ़ घंटे तक लाइट नहीं आने पर लोगों ने किया हंगामा, शिकायत केन्द्र पहुंचे तो ताला लगा मिला

उदयपुर के फतहपुरा एरिया में बीती देर रात बिजली गुल होने से क्षेत्रवासियों ने जोरदार हंगामा किया। गुस्साए लोग फतहपुरा चौराहा स्थित बिजली विभाग के शिकायत केन्द्र पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला। इससे लोग और आक्रोशित हो गए। इसके बाद क्षेत्रवासी मधुबन स्थित एईएन आफिस पहुंचे तो वहां भी गार्ड के अलावा कोई नहीं मिला। क्षेत्रवासी लोकेश शर्मा ने बताया कि रात 11 बजे बिजली बंद हुई। हम शिकायत केन्द्र पर पहुंचे तो शिकायत लिखने वाला कोई नहीं था। इसके बाद एईएन और जेईएन को फोन लगाए गए लेकिन उन्होंने अटेंड नहीं किए। भीषण गर्मी में नींद के समय खासकर बच्चे और बुजुर्ग परेशान होते रहे लेकिन विभाग में सुनने वाला कोई था। बिजली रात करीब 12:30 बजे आई, तब लोगों ने राहत की सांस ली। बिजली गुल होने पर कोई सुनने वाला नहीं: वशिष्ट क्षेत्रवासी और जल संसाधन विभाग में सहायक अभियंता सौरभ वशिष्ट ने बताया कि बिना घोषणा के बिजली ​बंद करना बिजली विभाग की हरकतों में आ गया है। इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। रोजाना कभी भी कटौती कर दी जाती है। बिजली गुल होने पर सुनने वाला कोई नहीं क्षेत्रवासी रामकिशन पालीवाल ने बताया कि अगर हमने बिजली का बिल समय पर नहीं भरा तो ये तुरंत कनेक्शन काटने आ जाते हैं और सबके सामने इज्जत उतारते हैं। अब इनकी इज्जत कौन उतारेगा। बिजली बंद होने पर इनके अधिकारी-कर्मचारी फोन नहीं उठाते और हम गमी में परेशान होते हैं।

NCERT ने सिलेबस में 1975-1977 इमरजेंसी सेक्शन शामिल:कक्षा 9वीं को पढ़ाया जाएगा; NEP 2020 के तहत पाठ्यक्रम में बदलाव

NCERT यानी नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने पहली बार कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में 1975-77 की इमरजेंसी को शामिल किया है। नई किताब ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ में इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, NCERT के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि कक्षा 9 की किताब में पहली बार इमरजेंसी पर अलग सेक्शन जोड़ा गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब देश ने हाल ही में इमरजेंसी लागू होने के 50 साल पूरे होने को याद किया है। किताब में लिखा- इंदिरा सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ी किताब में लिखा गया है कि 1970 के दशक की शुरुआत में इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ रही थी। बेरोजगारी, महंगाई और कुप्रबंधन के आरोपों के कारण कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए। इसके बाद जून 1975 में आंतरिक अशांति के आधार पर राष्ट्रीय इमरजेंसी लागू की गई। किताब के अनुसार, इस दौरान अधिकांश मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और कई राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुस्तक में कहा गया है कि इस दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ा और लोगों की स्वतंत्रता सीमित हो गई। जयप्रकाश नारायण के आंदोलन का भी जिक्र किताब में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की भूमिका को भी विस्तार से बताया गया है। इसमें कहा गया है कि उन्होंने छात्रों और आम लोगों को संगठित किया और बिहार तथा गुजरात में बड़े जन आंदोलन खड़े हुए। पुस्तक के मुताबिक, 1977 में इमरजेंसी खत्म होने के बाद आम चुनाव कराए गए। जनता ने मतदान के जरिए अपनी राय दी और सत्तारूढ़ सरकार चुनाव हार गई। किताब में इसे भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का उदाहरण बताया गया है। लोकतंत्र के सामने दूसरी चुनौतियां भी शामिल इमरजेंसी के अलावा किताब में लोकतंत्र के सामने मौजूद दूसरी चुनौतियों पर भी चर्चा की गई है। इनमें फेक न्यूज, गलत सूचनाएं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, नियमों का उल्लंघन, गरीबी, क्षेत्रवाद, सामाजिक भेदभाव और लैंगिक असमानता शामिल हैं। NCERT ने पहली बार ‘डेमोक्रेसी एंड यू’ नाम का नया सेक्शन भी जोड़ा है। इसका मकसद छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भूमिका समझाना है। लोकतांत्रिक परंपराओं और मीडिया पर जोर …………………… यह खबर भी पढ़ें… मूर्ति नग्न थी, NCERT ने ढंककर छापी: विवाद के बाद बदलने का फैसला; कांसे की प्रतिमा 1926 में मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली थी मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली कांसे की नर्तकी की मूर्ति की फोटो बदले हुए रूप में छापी गई है। NCERT की किताब में मूर्ति के ढंके धड़ वाली फोटो है। मूर्ति का रंग भी बदल दिया गया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नर्तकी की तस्वीर 9वीं की किताब ‘मधुरिमा’ के पहले चैप्टर ‘हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स’ में दी गई है। तस्वीर में कंधे से नीचे का हिस्सा ढंक दिया गया है, जबकि मूल मूर्ति में यह हिस्सा खुला दिखाई देता है। 25 साल से छप रही इस कांस्य मूर्ति के मूल स्वरूप में पहले कभी बदलाव नहीं किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…

यूट्यूब विज्ञापन दिखाकर 72 लाख ठगे:फर्जी ट्रेडिंग-आईपीओ ऐप में पत्नी-पिता के खातों से कराया निवेश; रुपए लेकर नंबर किए बंद

चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी क्षेत्र के एक व्यक्ति के साथ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां यूट्यूब पर दिखे एक निवेश विज्ञापन से शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे लाखों की ठगी में बदल गई। ठगों ने पहले नामी कंपनी का भरोसा दिया, फिर व्हाट्सऐप ग्रुप और मोबाइल ऐप के जरिए निवेश का ऐसा जाल बुना कि पीड़ित और उसके परिवार के खातों से करीब 72 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब तक उसे ठगी का अहसास हुआ, तब तक ऐप का बैलेंस शून्य हो चुका था और संपर्क में रहने वाले सभी नंबर बंद हो गए। पीड़ित ने साइबर थाने में मामला दर्ज करवाया है। यूट्यूब के विज्ञापन से शुरू हुई पूरी कहानी पीड़ित गोपाल लाल शर्मा निवासी पहुंना, तहसील राशमी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मार्च 2026 में वह मोबाइल पर यूट्यूब देख रहे थे। इसी दौरान उन्हें शेयर ट्रेडिंग और नए आईपीओ में निवेश से अच्छा मुनाफा दिलाने का एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन आईआईएफएल कैपिटल सर्विस लिमिटेड के नाम से था। उस पर क्लिक करने के बाद वह व्हाट्सऐप पर पहुंच गए, जहां उनसे बातचीत करने वाले लोगों ने खुद को कंपनी से जुड़ा बताया। आरोपियों ने कहा कि उनकी कंपनी के जरिए ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश करने पर 5 से 20 प्रतिशत तक ज्यादा फायदा मिल सकता है। भरोसा दिलाने के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म, कंपनी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स और एक डायरेक्टर के साइन वाला कागज भी भेजा गया। इससे गोपाल लाल शर्मा को लगा कि वह किसी फर्जी गिरोह नहीं, बल्कि असली निवेश प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। व्हाट्सऐप ग्रुप, ऐप और स्क्रीनशॉट के सहारे बढ़ता गया भरोसा शिकायत के अनुसार 2 अप्रैल को उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप जॉइन करने का लिंक भेजा गया। ग्रुप में लगातार शेयर बाजार, ट्रेडिंग और आईपीओ से जुड़ी बातें डाली जाती थीं। इसी दौरान एक लिंक भेजकर मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड करवाया गया और उसमें रजिस्ट्रेशन कराया गया। इसके बाद कहा गया कि निवेश की रकम कुछ बैंक खातों में जमा करनी होगी और उसका स्क्रीनशॉट ग्रुप में भेजना होगा। गोपाल ने सबसे पहले 25 हजार रुपए जमा किए। उनके मुताबिक, रकम भेजने के कुछ ही समय बाद उतनी राशि ऐप में दिखाई देने लगी। इससे उन्हें भरोसा हो गया कि पैसा सुरक्षित है और निवेश सही जगह पर जा रहा है। यही भरोसा आगे चलकर सबसे बड़ा जाल बन गया। दो महीने में अपने, पत्नी और पिता के खातों से भेज दी 71.97 लाख की रकम रिपोर्ट में गोपाल लाल शर्मा ने बताया कि 2 अप्रैल से 3 जून के बीच उन्होंने कई बार अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की। यह पैसा केवल उनके अपने खातों से ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी चंद्रकला शर्मा और पिता देवीलाल शर्मा के खातों से भी भेजा गया। शिकायत के अनुसार एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और फेडरल बैंक समेत कई खातों से कुल 71 लाख 97 हजार 900 रुपए 55 पैसे आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में जमा कराए गए। हर बार रकम भेजने के बाद उसका स्क्रीनशॉट व्हाट्सऐप ग्रुप में भेजा जाता था और उतनी राशि ऐप में दिखने लगती थी। इतना ही नहीं, ऐप में बाद में करीब 26.31 लाख रुपए का मुनाफा भी दिखाया गया, जिससे पीड़ित को लगा कि निवेश पर अच्छा रिटर्न मिल रहा है। रकम निकालने की कोशिश की तो खुला खेल, बैलेंस हुआ शून्य मामला तब खुला जब गोपाल लाल शर्मा ने ऐप से अपनी रकम निकालने के लिए विदड्रॉल की रिक्वेस्ट डाली। उनके मुताबिक, रकम वापस नहीं आई। कुछ समय बाद ऐप खोलने पर संदिग्ध फिशिंग की चेतावनी दिखाई देने लगी और फिर ऐप में पूरा बैलेंस शून्य रुपए दिखने लगा। इसके बाद उन्होंने व्हाट्सऐप पर संपर्क करने वाली टीना मल्होत्रा और ग्रुप एडमिन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके नंबर बंद मिले। शक होने पर जब उन्होंने आईआईएफएल कंपनी से संपर्क किया तो वहां से बताया गया कि कंपनी में इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। इसके बाद उन्हें साफ हो गया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। पुलिस से रकम वापसी और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग पीड़ित ने इस मामले की शिकायत साइबर पोर्टल पर भी दर्ज कराई है और पुलिस से पूरे मामले की जांच कर रकम वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपियों ने नामी कंपनी का नाम, फर्जी ऐप, व्हाट्सऐप नंबर और निवेश ग्रुप का इस्तेमाल कर योजनाबद्ध तरीके से उन्हें झांसे में लिया। पहले छोटे निवेश से भरोसा जीता गया, फिर लगातार रकम जमा कराई गई और आखिर में पूरा नेटवर्क बंद कर दिया गया।

हाईवे पर दो फॉर्च्यूनर सहित तीन कारें आमने-सामने भिड़ी:बड़ा हादसा टला; तीनों वाहनों में 8 जने सवार थे, सभी सुरक्षित

बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में नेशनल हाईवे पर कि​तासर के पास बुधवार रात को तीन वाहनों में जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में तीनों वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई है। तीनों वाहनों में आठ जने सवार थे और सभी सुरक्षित हैं। ए​क के बाद एक भिड़ती गई कारें हाईवे पर एक आई-20 कार और फॉर्च्यूनर की आमने-सामने टक्कर हो गई थी। टक्कर इतनी तेज थी कि फॉर्च्यूनर संभल पाती, उससे पहले पीछे से आ रही एक अन्य कार भी उससे जा टकराई। देखते ही देखते तीनों वाहन हादसे की चपेट में आ गए। फॉर्च्यूनर में सवार तीन जने सालासर में बालाजी के दर्शन करके वापस लौट रहे थे। हादसे के दौरान वाहनों में सवार लोगों को मामूली चोटें आईं, लेकिन कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। तीनों वाहनों में आठ जने सवार थे और सभी सुरक्षित हैं। कुछ देर प्रभावित रहा यातायात हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और हाईवे पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे करवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया। बड़ा हादसा टला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन सभी सवार सुरक्षित बाहर निकल आए। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

किश्त बकाया बताकर युवकों ने हाईवे पर बस रोकी:कार लगाकर यात्रियों को बीच हाइवे उतारा, हाथापाई का आरोप

दौसा में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे-21 पर गुरुवार को उस समय यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, जब कार सवार तीन युवकों ने बीच रास्ते एक प्राइवेट बस को रुकवा लिया। युवकों ने खुद को बैंककर्मी बताते हुए बस की किश्तें बकाया होने की बात कही और बस को अपने कब्जे में ले लिया। घटना सदर थाना क्षेत्र के कांदोली गांव के पास हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। कार लगाकर बीच रास्ते रुकवाई बस जानकारी के अनुसार यूपी के फर्रुखाबाद से जयपुर जा रही एक प्राइवेट बस को कांदोली गांव के पास कार सवार तीन युवकों ने रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने फिल्मी अंदाज में बस के आगे कार लगाकर उसे रुकवाया। तीनों युवकों ने खुद को बैंककर्मी बताते हुए कहा कि बस की ईएमआई की किश्तें बकाया हैं। इसके बाद उन्होंने बस को अपने कब्जे में ले लिया। ड्राइवर से चाबी छीनी, यात्रियों को उतारा आरोप है कि युवकों ने बस ड्राइवर से चाबी छीन ली और बस में सवार यात्रियों को जबरन नीचे उतार दिया। इस दौरान बस स्टॉफ और युवकों के बीच कहासुनी और हाथापाई भी हुई। घटना के दौरान यात्रियों ने विरोध जताते हुए हंगामा किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई और बस को खड़ा करवा दिया गया। महिलाएं और बच्चे हुए परेशान बस रुकने के बाद यात्री सड़क किनारे खड़े रहे। इस दौरान कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ परेशान नजर आईं। यात्रियों ने पुलिस से उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने की मांग की। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस विवाद की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ड्राइवर व कंडक्टर से मामले की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस उस परिसर में भी पहुंची, जहां बस को खड़ा किया गया था। वहां पुलिस ने फाइनेंस रिकवरी से जुड़े लोगों से भी जानकारी ली। पुलिस कर रही कानूनी पहलुओं की जांच ड्यूटी अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि रिकवरी करने वाले लोग बस की दो किश्तें बकाया होने का दावा कर रहे हैं। इसी कारण उन्होंने बस को रोका है। उन्होंने बताया कि पुलिस दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले की जानकारी जुटा रही है और समझाइश के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि बस में सवार यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। फिलहाल पुलिस मामले के कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है।

निर्जला एकादशी पर खाटू में आज से दो दिवसीय मेला:स्पेशल ट्रेनें चलाई, 250 पुलिसकर्मी तैनात,रींगस से खाटू 3 दिन नो व्हीकल जोन

सीकर के विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में निर्जला एकादशी पर 2 दिवसीय मेला शुरू हो गया है। सुबह से ही खाटू में बाबा को भक्तों की भारी भीड़ है। मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के खाटू पहुंचने की संभावना है। इसे लेकर जिला व उपखंड प्रशासन और श्रीश्याम मंदिर कमेटी ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। रींगस से खाटू 3 दिन नो व्हीकल जोन रहेगा मेले की व्यवस्थाओं के लिए जिला कलेक्टर आशीष मोदी और पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने खाटूश्यामजी में अधिकारियों की बैठक लेकर सुलभ व सुरक्षित दर्शन की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने बिजली व चिकित्सा विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। 3 दिन मासिक‌ मेले के दौरान रींगस से खाटू नो व्हीकल जोन‌ रहेगा। रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेनें रेलवे ने एकादशी मेले की भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। उत्तर-पश्चिम रेलवे के चीफ PRO अमित सुदर्शन ने बताया कि रेवाड़ी-रींगस-रेवाड़ी स्पेशल ट्रेनों‌ का मेले तक समय बढ़ा दिया गया है तो वहीं, भिवानी-ढहर का बालाजी-भिवानी स्पेशल ट्रेन चलाई गई है। रेलवे की सीनियर मैनेजर(मंडल वाणिज्य) पूजा मित्तल ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए रींगस रेलवे स्टेशन पर विशेष व्यवस्थाएं की गईं हैं। रेलवे (RPF) के 50 सुरक्षाकर्मी बढ़ाए गए हैं। सतरंगी फूलों से होगा श्रृंगार, दिल्ली-कोलकाता से मंगवाए मासिक मेले के दौरान बाबा श्याम की प्रतिमा‌ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली और कोलकाता से सतरंगी फूल और ड्राई-फ्रूट्स मंगवाए गए हैं। बाबा श्याम का रोजाना 2 बार नया श्रृंगार किया‌ जाता है। एकादशी‌ पर बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। 52 बीघा में पार्किंग व्यवस्था SP प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि मेले में पुलिस के 250 जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा RPS और CI स्तर के अधिकारियों की अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी रहेगी। RAC जवान और होमगार्ड्स के साथ ही सादा वर्दी में भी पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। मंदिर कमेटी के गार्ड्स भी मौजूद रहेंगे। क्राउड और ट्रैफिक मैनेजमेंट भी किया जा रहा है। गाड़ियों की पार्किंग व्यवस्था 52 बीघा पार्किंग व सांवलपुरा रोड पार्किंग में की गई है। छोटी गाड़ियां नेशनल हाईवे-52 से शाहपुरा गांव होकर 52 बीघा पार्किंग में पहुंचेंगे। बड़े वाहन नेशनल हाईवे-52 से सांवलपुरा रोड स्थित पार्किंग में रुकेंगे। सभी गाड़ियों को मंढा रोड से निकाला जाएगा, इसलिए मंढा-खाटू रोड को वन वे किया गया है।

जैसलमेर में दो दिन आंधी-बारिश का अलर्ट:तीन दिन से 40 डिग्री पर पारा स्थिर; बिजली गिरने की भी आशंका

जैसलमेर जिले में पिछले तीन दिनों से अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे जून की तेज गर्मी से लोगों को राहत मिली है। हालांकि मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार के लिए जिले में यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन दो दिनों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा जून महीने में इस बार पहले जैसी तेज गर्मी नहीं पड़ रही है, लेकिन दोपहर के समय सूरज की तपिश अब भी लोगों को परेशान कर रही है। बुधवार दोपहर सूरज के तीखे तेवरों के कारण शहर के मुख्य बाजारों, चौराहों और प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। लोग गर्मी से बचने के लिए घरों और दफ्तरों में ही रहे। रात के तापमान में भी आई गिरावट रात के समय ठंडी हवाएं चलने से लोगों को राहत मिल रही है। बुधवार को न्यूनतम तापमान में करीब 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इससे रात का मौसम पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक रहा। सामान्य से नीचे बना हुआ है तापमान मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार जैसलमेर में पिछले कुछ दिनों से दिन और रात, दोनों समय का तापमान सामान्य औसत से नीचे बना हुआ है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य औसत से 0.2 डिग्री सेल्सियस कम है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से मिल रही राहत मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और हवाओं के बदलते रुख के कारण इस बार जून के आखिरी सप्ताह में भी लोगों को लू से राहत मिल रही है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दो दिनों में आंधी और बारिश के कारण तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

बीकानेर में आज भी बारिश का अलर्ट:अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहेगा; गर्मी से मिलेगी राहत

बीकानेर में पिछले कुछ दिनों से मौसम का बदला मिजाज गुरुवार को भी जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है। दिनभर बादलों की आवाजाही रहने के आसार मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार को बीकानेर में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। बुधवार की तरह गुरुवार को भी मौसम विभाग ने बीकानेर के लिए देर रात येलो अलर्ट जारी किया था, हालांकि इसके बाद कोई नया अलर्ट जारी नहीं किया गया। अधिकतम तापमान 37 डिग्री रहने का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को बीकानेर का अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। तापमान सामान्य से नीचे बने रहने के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। बीते 24 घंटों में बीकानेर का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पश्चिमी राजस्थान में सबसे कम रहा। 24 घंटे में 4.8 मिमी बारिश दर्ज बीते 24 घंटों के दौरान बीकानेर में 4.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। गुरुवार सुबह आर्द्रता का स्तर 68 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया, जिससे वातावरण में नमी बनी हुई है। मानसूनी गतिविधियां धीरे-धीरे हो रही सक्रिय मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं। इसके चलते बीकानेर में भी बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और कुछ स्थानों पर बारिश देखने को मिल सकती है। देशभर में मानसून के आगे बढ़ने के साथ मौसम में बदलाव का दौर लगातार जारी है।