नशे के खिलाफ पुलिस का एक्शन, डेढ़-महीने में 19 तस्कर-पकड़े:11 लाख का अवैध नशा बरामद, एनडीपीएस एक्ट में 94 मामले दर्ज

दौसा में अवैध नशे की तस्करी के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है। डेढ़ माह में 19 तस्करों को गिरफ्तार किया है। विशेष अभियान में एनडीपीएस एक्ट के तहत 15 मामले दर्ज किए हैं। इसके साथ ही इन तस्करों के कब्जे से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ, नकदी और वाहन जब्त किए गए है। बरामद मादक पदार्थों की कीमत 10.50 लाख रुपए एसपी पीयूष दीक्षित के अनुसार अभियान के दौरान 1 किलो 132 ग्राम गांजा, 38.46 ग्राम स्मैक, 1 किलो 475 ग्राम डोडा पोस्त, 382 ट्रामाडोल टैबलेट, 5 बाइक और नशे की बिक्री से प्राप्त एक लाख 6030 रुपए जब्त किए गए। बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 10.50 लाख रुपए बताई गई है। स्मैक के साथ 3 गिरफ्तार बालाजी थाना पुलिस ने 19.38 ग्राम अवैध स्मैक के साथ दो पुरुष और एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विशेष अभियान के तहत गश्त के दौरान मीन भगवान मंदिर के पीछे हेलीपैड के पास कार्रवाई कर आरोपियों को दबोचा गया। इस संबंध में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 94 प्रकरण दर्ज, 100 आरोपी गिरफ्तार एसपी में बताया- वर्ष 2026 में अब तक जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 94 प्रकरण दर्ज कर 100 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान 100 अफीम के पौधे (कुल वजन 692 ग्राम), 30 किलो 699 ग्राम गांजा, 50 किलो गांजे के पौधे, 191 ग्राम स्मैक तथा 2 किलो 200 ग्राम डोडा चूरा जब्त किया गया है। पुलिस ने 29 अन्य व्यक्तियों को भी चिन्हित किया है, जिनके विरुद्ध जल्द कार्रवाई की जाएगी। विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश के निर्देशन में एसपी, एएसपी शंकर लाल मीणा एवं विनोद कुमार सीपा के निर्देशन में लालसोट, सलेमपुर, कोतवाली, बालाजी, बांदीकुई, महवा, मंडावरी और सदर थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी ने कहा- नशा मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

'तीन बेगम' 13 जुलाई को OTT पर होगी रिलीज:केसी बोकाड़िया बोले- धमकियों को फिल्म की मार्केटिंग नहीं बनाऊंगा; जमीन मिले तो अजमेर में बनाऊंगा फिल्मसिटी

अजमेर में फिल्म निर्माता-निर्देशक के.सी. बोकाड़िया ने कहा- फिल्म को लेकर धमकियां मिली। पत्नी और बेटी को भी आपत्तिजनक फोन आए। इससे परिवार कुछ समय के लिए परेशान जरूर हुआ। उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे को तूल देकर फिल्म का प्रचार नहीं करना चाहता। अजमेर में शुक्रवार को आए फिल्म निर्माता-निर्देशक के.सी. बोकाड़िया ने फिल्म ‘तीन बेगम’ को लेकर यह कहा। एक होटल में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया- थिएटर मालिकों की 90 दिन तक OTT पर रिलीज नहीं करने की शर्त के कारण फिल्म को सिनेमाघरों से हटाने का फैसला लिया गया। अब यह फिल्म 13 जुलाई को दूरदर्शन के नए OTT प्लेटफॉर्म पर देशभर के दर्शकों के लिए मुफ्त उपलब्ध होगी। बोकाड़िया ने कहा- यदि अजमेर के पास सम्मानपूर्वक 10 बीघा जमीन मिल जाए तो मैं यहां 100 करोड़ रुपए का निवेश कर फिल्म स्टूडियो बनाने के लिए तैयार हूं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। 90 दिन के नियम के कारण थिएटर से हटाई फिल्म बोकाड़िया ने कहा- ‘तीन बेगम’ सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद दो सप्ताह तक चली, लेकिन थिएटर मालिकों की उस शर्त से मैं सहमत नहीं था। इसमें 90 दिन तक फिल्म को किसी OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं किया जा सकता। मैं चाहता था कि फिल्म देश की हर महिला और हर परिवार तक जल्द पहुंचे। यदि 90 दिन इंतजार करते तो फिल्म का मौजूदा माहौल और चर्चा खत्म हो जाती, इसलिए मैंने थिएटर से फिल्म हटाने का निर्णय लिया। 13 जुलाई को दूरदर्शन के OTT पर होगी मुफ्त रिलीज बोकाड़िया ने कहा- 13 जुलाई को फिल्म दूरदर्शन के नए OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी। इसके लिए दर्शकों को किसी तरह का सब्सक्रिप्शन या शुल्क नहीं देना होगा। उनका कहना है कि फिल्म हर वर्ग तक पहुंचे, यही मेरी प्राथमिकता है। धमकियों को प्रचार का माध्यम नहीं बनाऊंगा फिल्म को लेकर मिल रही धमकियों पर बोकाड़िया ने कहा- मेरी पत्नी और बेटी को भी आपत्तिजनक फोन आए, जिससे परिवार कुछ समय के लिए परेशान जरूर हुआ। उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे को तूल देकर फिल्म का प्रचार नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि फिल्म को हाईकोर्ट ने देखने के बाद अपनी प्रक्रिया के अनुसार मंजूरी दी है। फिल्म किसी समाज के खिलाफ नहीं फिल्म की कहानी और उसके सामाजिक संदेश पर बोकाड़िया ने कहा- ‘तीन बेगम’ किसी धर्म या समाज के विरोध में नहीं है। यह वास्तविक जीवन के अनुभवों से प्रेरित कहानी है। इसमें उन्होंने अपनी भावनाओं को पर्दे पर उतारा है। उन्होंने दावा किया कि फिल्म को दर्शकों, खासकर महिलाओं का अच्छा समर्थन मिल रहा है और इसे IMDB पर 10 में से 8.6 की रेटिंग मिली है। राजस्थान में फिल्म स्टूडियो बनाने की इच्छा बोकाड़िया ने कहा- मेरी इच्छा अपने प्रदेश में फिल्म सिटी या आधुनिक स्टूडियो विकसित करने की है। उन्होंने कहा कि यदि अजमेर के पास सम्मानजनक तरीके से 10 बीघा जमीन उपलब्ध कराई जाए तो मैं यहां करीब 100 करोड़ रुपए का निवेश करने के लिए तैयार हूं। इससे फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

प्रेमिका की हत्या के दोषी को उम्रकैद,25 हजार रुपए जुर्माना:शव ठिकाने लगाने वाले को 5 साल की सजा, मामला दो साल पुराना

प्रतापगढ़ की सेशन कोर्ट ने प्रेमिका की हत्या के बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, शव को ठिकाने लगाने में सहयोग करने वाले सह-आरोपी को पांच वर्ष के कारावास की सजा दी गई। अदालत ने मुख्य आरोपी कुलदीप मीणा पर 25 हजार रुपए और सह-आरोपी अनिल मीणा पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। लोक अभियोजक तरुण दास बैरागी ने बताया- मामला 22 फरवरी 2024 का है। कोतवाली थाना पुलिस को प्रतापगढ़ बाईपास रोड पर एक युवती का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें प्रथम दृष्टया हत्या का मामला सामने आया। कुलदीप मीणा को हिरासत में लिया जांच के दौरान पीपलफूट के लंबा डबरा निवासी कुलदीप मीणा को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि प्रेमिका द्वारा शादी के लिए लगातार दबाव बनाने पर उसने दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद कुलदीप ने अपने मित्र अनिल मीणा की मदद से शव को मोटरसाइकिल पर प्रतापगढ़ बाईपास स्थित सुनसान इलाके में ले जाकर फेंक दिया। पुलिस ने जांच पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया था। 16 गवाहों के बयान और 49 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 16 गवाहों के बयान और 49 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर सेशन जज आशा कुमारी ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास और सह-आरोपी को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

पीड़ित प्रतिकर स्कीम में 20.55 लाख रुपए मंजूर:5 पीड़ितों को मिला मुआवजा, आत्म-सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहन

बूंदी में राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 20 लाख 55 हजार रुपए की अवार्ड राशि पारित की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) संदीप कुमार शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में पीड़ित प्रतिकर स्कीम से संबंधित 8 लंबित प्रार्थना-पत्रों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें से कुल 5 प्रार्थना-पत्रों को स्वीकार करते हुए यह अवार्ड राशि स्वीकृत की गई। प्राधिकरण के सचिव मुकेश परनामी ने बताया कि इस स्कीम का उद्देश्य अपराध के कारण शारीरिक या मानसिक क्षति से ग्रस्त हुए पीड़ितों को समाज में पुनर्वास और आत्म-सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत ऐसे पीड़ितों और उनके आश्रितों को प्रतिकर राशि प्रदान की जाती है। इस बैठक में न्यायाधीश मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण क्र.सं. 01 बूंदी पंकज नरूका, न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय बूंदी वीरेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बूंदी अंकुर गुप्ता, जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव, जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा, अध्यक्ष अभिभाषक परिषद बूंदी नारायण सिंह गौड़ और लोक अभियोजक बूंदी भूपेंद्र सहाय सक्सेना सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

घर में घुसकर जानलेवा हमला किया, आरोपी को आजीवन कारावास:साथियों को भी 7-7 साल की सजा; 8 साल बाद आया कोर्ट का फैसला

घर में घुसकर जानलेवा हमला करने के मामले में पाली की स्पेशल कोर्ट ने आरोपी शिवलाल उर्फ शिवराज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी भीकाराम और वीरमाराम को 7-7 साल की सजा सुनाई। मामले में कोर्ट के विशिष्ठ लोक अभियोजक लादूराम मेवाड़ा ने बताया- पाली के सदर थाना क्षेत्र के भालेलाव गांव निवासी दल्लाराम पुत्र कालूराम ने थाने में 8 मार्च 2018 को रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि 8 मार्च 2018 की शाम करीब 6 बजे वह साइकिल पर जा रहा था। पानी की टंकी के पास उसे शिवलाल उर्फ शिवराज ने रोका और झगड़ा करने लगा, ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया और वह घर आ गया। करीब 10 मिनट बाद शिवलाल, भीकाराम, वीरमाराम निवासी भालेलाव उसके घर में जबरदस्ती घुसे और उस पर जानलेवा हमला किया। बीच-बचाव में आए परिवार के अन्य लोगों से भी मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। 4 जुलाई 2018 को कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। 7 जनवरी 2020 को आरोप सुनाए गए। मामले में अब जज राकेश गोरा ने 3 जुलाई को फैसला सुनाया। इसमें भालेलाव गांव निवासी शिवलाल उर्फ शिवराज(38) पुत्र वीरमाराम को आजीवन कारावास और 10 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही भालेलाव गांव के ही अभियुक्त भीकाराम(65) पुत्र मंगलाराम और वीरमाराम(38) पुत्र भीकाराम को 7-7 साल के साधाराण कारावास और 10 हजार रुपए जुर्मान की सजा सुनाई।

कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने 5 मनचले युवकों को पकड़ा:महिलाओं-छात्राओं से अभद्रता करने और शोर-शराबा करने पर कार्रवाई

झालावाड़ में जिला पुलिस की कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने शुक्रवार को पांच मनचले युवकों को गिरफ्तार किया है। इन युवकों पर सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और छात्राओं से अभद्रता करने और शोर-शराबा कर शांति भंग करने का आरोप है। यह कार्रवाई महिला सुरक्षा और मनचलों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर कालिका पेट्रोलिंग यूनिट शहर के पार्क, कॉलेज, स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगातार निगरानी रख रही है। इसी अभियान के तहत, चांदखेड़ी कॉलोनी क्षेत्र के पास पांच युवक सार्वजनिक स्थान पर अनावश्यक रूप से शोर-शराबा करते पाए गए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुलिस ने उन्हें शांति भंग के आरोप में हिरासत में लेकर कोतवाली थाना पुलिस को सौंप दिया। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान दीपेन्द्र सिंह, रविन्द्र सिंह, राहुल मीणा, पप्पू मीणा और शान खटीक के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ‘महिला सुरक्षा संकल्प अभियान’ के तहत नियमित रूप से स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, पार्कों और मुख्य बाजारों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर गश्त करती है। इस टीम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं के साथ छेड़छाड़ एवं अभद्रता जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है। पुलिस ने बताया कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला पुलिसकर्मियों की टीम शहर में लगातार गश्त कर रही है। सार्वजनिक स्थानों पर मनचलों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उदयपुर में 4 जुलाई को 7 घंटे रहेगी बिजली गुल:सुबह 10 बजे से शाम तक होगी कटौती; जानें प्रभावित इलाकों की सूची

उदयपुर शहर के कई इलाकों में शुक्रवार को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने मेंटेनेंस कार्य के चलते पावर शटडाउन की सूचना जारी की है। बिजली निगम के अनुसार- सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक 7 घंटे बिजली बंद रहेगी। इसके तहत शक्तिनगर, देहलीगेट, एलआईसी बिल्डिंग, एयर पैलेस, दुर्गा नर्सरी रोड, धबाई जी की बाड़ी, शिव पार्क कॉलोनी, अशोक नगर मैन रोड और इनके आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। विभाग ने बताया- जरूरी मेंटेनेंस और लाइन शिफ्टिंग के काम के कारण शटडाउन लिया जा रहा है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपने जरूरी काम पहले निपटा लें।

SSC-GD कॉन्स्टेबल परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाया,ऑल-इंडिया 34वीं रैंक आई:हरियाणा-गुजरात में काटी फरारी, आरोपी गिरफ्तार; एग्जाम में 3 घंटे बाथरूम में बैठा रहा था मुख्य अभ्यर्थी

सीकर में SSC-GD कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने मामले में पुलिस ने 2 हजार रुपए के इनामी आरोपी मुख्य अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया। सीकर के धोद DYSP राजेश ढाका ने बताया- आरोपी सचिन मलिक (22) पुत्र जय भगवान जाट निवासी पूर्णपुरा भिवानी नौकरी के लिए हरियाणा और गुजरात चला गया था। वहां फरारी काटने के बाद नौकरी ढूंढता रहा। परंतु वेरिफिकेशन नहीं होने पर नौकरी नहीं मिली तो आरोपी सचिन वापस सीकर आया। इस पर पुलिस ने उसे गुरुवार को पकड़ लिया। बता दें कि 7 फरवरी 2025 को प्राइवेट सेंटर पर SSC-GD कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा हुई थी। इसमें सचिन मलिक ने परीक्षा में अपनी जगह डमी कैंडिडेट सचिन (26) पुत्र जगमेंद्र निवासी रोहतक (हरियाणा) काे बैठाया था। SSC-GD परीक्षा का रिजल्ट कुछ महीने बाद ही आ गया था। इसमें डमी कैंडिडेट की बदौलत असली कैंडिडेट सचिन की ऑल इंडिया लेवल पर 34वीं रैंक आई थी। डेढ़ लाख में हुई थी डील भादरा हनुमानगढ़ के रहने वाले संदीप ने सीकर के SBS शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के ऑनलाइन एग्जाम सेंटर को एक साल से अनुबंध पर ले रखा था। संदीप की असली कैंडिडेट सचिन मलिक से दिल्ली में मुलाकात हुई थी। वह दिल्ली में कोई परीक्षा देने के लिए गया था। तब संदीप ने उससे कहा था- वह उसे ऑनलाइन एग्जाम में पास करवा देगा। संदीप ने उसके मोबाइल नंबर भी ले लिए थे। दिल्ली में एग्जाम देने के बाद असली कैंडिडेट सचिन मलिक अपने घर चला गया था। इसके बाद संदीप ने वॉट्सएप के जरिए उससे संपर्क किया। SSC-GD कॉन्स्टेबल परीक्षा में उसकी जगह डमी कैंडिडेट बैठाने के लिए दोनों के बीच डेढ़ लाख रुपए में डील फाइनल हुई। डील फाइनल होने के बाद एग्जाम के दिन 7 फरवरी 2025 को असली कैंडिडेट सचिन मलिक सीकर पहुंचा। जहां संदीप ने सेंटर स्टाफ के साथ मिलीभगत करके डमी कैंडिडेट (सचिन) को एंट्री दिलवा दी। परीक्षा के दौरान असली कैंडिडेट संदीप मलिक वॉशरूम में रहा और उसकी जगह डमी कैंडिडेट हरियाणा निवासी सचिन ने परीक्षा दी। फरवरी 2025 को हुआ था एग्जाम SSC-GD का एग्जाम 7 फरवरी 2025 को ऑनलाइन हुआ था। एग्जाम टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की ओर से करवाया गया था। सीकर में SBS शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान पर सेंटर था। एग्जाम के बाद 10 फरवरी को कंसल्टेंसी सर्विसेज IEG के पर्यवेक्षक नरेश कुमार ने SBS का दौरा किया था। उन्होंने सेंटर के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को चेक किया था। इसके बाद डमी कैंडिडेट की ओर से परीक्षा देने का खुलासा हुआ था। इसके बाद सदर पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ। इसके बाद मामले में TCS के 2 कर्मचारी राकेश, दिनेश, डमी कैंडिडेट सचिन, बजरंगलाल को गिरफ्तार किया गया था। वहीं अब तक सेंटर संचालक संदीप फरार हैं। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सीकर के ऑनलाइन सेंटर SBS शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान को एग्जाम के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। हरियाणा और गुजरात में काटी फरारी आरोपी सचिन ने पहले हरियाणा में रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां फरारी काटी। इसके बाद आरोपी नौकरी करने के मकसद से गुजरात गया, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के चलते उसका वेरिफिकेशन नहीं हो सका और उसे नौकरी नहीं मिली। ऐसे में वापस आरोपी आ गया। पुलिस को ह्यूमन इंटेलिजेंस से सूचना मिली कि आरोपी सीकर आया हुआ है। जहां पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी में सीओ धोद ऑफिस के हैड कॉन्स्टेबल मंगलाराम, कॉन्स्टेबल पवन, देवकीनंदन और सदर पुलिस थाने के कॉन्स्टेबल अनिल की विशेष भूमिका रही।
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झुंझुनूं कलेक्ट्रेट में शॉर्ट सर्किट से लगी आग:फाइलें सुरक्षित; कंप्यूटर और AC जले, कर्मचारियों ने पाया काबू

झुंझुनूं कलेक्ट्रेट के दो कमरों में शुक्रवार सुबह 5 से 5.30 के बीच आग लग गई। नाइट ड्यूटी कर रहे स्टाफ ने उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट से लगी। आग में कंप्यूटर और AC जल गए। जबकि सभी तरह की फाइलें सुरक्षित हैं। कलेक्ट्रेट में 5 कंप्यूटर जले.. स्टाफ ने कमरे से उठता देखा धुआं जानकारी के अनुसार- ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने कमरा नंबर 115 से धुआं उठते देखा। उसने सिविल डिफेंस के कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड और अन्य स्टाफ को तुरंत मौके पर बुलाया। कमरा खोला तो अंदर आग की लपटें दिखी। बिजली के बोर्ड पूरी तरह जल चुके थे। इस कमरे में कलेक्टर के रीडर बैठते हैं। इसी तरह कमरा नंबर 116 में भी आग की घटना हुई। इस कमरे में रेवेन्यू का काम होता है। कर्मचारियों ने अग्निरोधी यंत्रों से आग पर काबू पाया। ​घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग और एडीएम अजय आर्य तुरंत कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण किया और नुकसान का जायजा लिया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के निर्देश दिए। शॉर्ट सर्किट से लगी आग आग लगने का कारण प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना में सरकारी फाइलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि दोनों कमरों का सामान, 5 कंप्यूटर, दोनों कमरों के दो एयर कंडीशनर, फर्नीचर और फॉल सीलिंग खराब हो गई। इन कमरों के साथ-साथ आसपास के कमरों और बरामदे की बिजली की लाइनें भी जल गई हैं।

MP के देवास से जैश मॉड्यूल का संदिग्ध गिरफ्तार:गुजरात ATS का दावा- पाकिस्तान हैंडलर्स के संपर्क में थे, आतंकी नेटवर्क खड़ा कर रहे थे

गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने मध्यप्रदेश के देवास से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। युवक की पहचान बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ अबू दुजाना (18) के रूप में हुई है। गुजरात ATS का दावा है कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े उस मॉड्यूल का सदस्य है, जिसके खिलाफ गुजरात और मध्यप्रदेश में संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार रात गुजरात ATS की टीम देवास के नाहर दरवाजा क्षेत्र स्थित गफूर बस्ती पहुंची। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में टीम ने बिलाल के घर पर करीब आधे घंटे तक परिवार से पूछताछ की। इसके बाद युवक को अभिरक्षा में लेकर देवास पुलिस के जरिए गुजरात ATS को सौंप दिया गया। देवास एसपी ने की गिरफ्तारी की पुष्टि देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोद ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि गुजरात ATS एक संदिग्ध की तलाश में आई थी। नियमानुसार युवक को गुजरात ATS के हवाले कर दिया गया है। मामले की आगे की जांच गुजरात ATS कर रही है। ATS ने एक साथ पांच राज्यों में की कार्रवाई गुजरात ATS के अनुसार, गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा का प्रचार कर रहे हैं और गुजरात में उसका नेटवर्क खड़ा करने की साजिश में जुटे हैं। तकनीकी और मानव खुफिया जांच के बाद पांच राज्यों/जिलों में एक साथ कार्रवाई की गई। गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, पाटन, नवसारी और मध्यप्रदेश के देवास से कुल 8 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। ATS का दावा है कि आरोपियों ने “दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद” नाम से एक संगठन बनाया था और नए लोगों को जोड़ने के प्रयास कर रहे थे। पाकिस्तान से संपर्क और फंडिंग का आरोप जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स अब्दुल्ला और मोहम्मद उमर से संपर्क के सबूत मिले हैं। आरोप है कि मॉड्यूल को करीब 3 लाख रुपए की फंडिंग मिली, जिससे एक पुरानी कार खरीदी गई। आरोपियों पर जैश के साहित्य का गुजराती में अनुवाद कर कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने का भी आरोप है। मोबाइल और साहित्य समेत कई सबूत मिलने का दावा ATS के अनुसार, छापेमारी में एक आरोपी के मोबाइल से 254 जिहादी दस्तावेज, ऑडियो-वीडियो, फोटो और जैश-ए-मोहम्मद का झंडा मिला। इसके अलावा मसूद अजहर की किताबें, उर्दू में लिखे पत्र और गुजराती में अनूदित जिहादी साहित्य भी बरामद किया गया है। इन सबूतों के आधार पर सभी 8 आरोपियों के खिलाफ UAPA की विभिन्न धाराओं और BNS की धाराओं 61 व 148 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह खबर भी पढ़ें गुजरात-एमपी में जैश के 8 आतंकी पकड़े गए गुजरात ATS ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ आतंकियों को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़ा है। सभी को अलग अलग जिलों से पकड़ा गया है। इनमें से दो की उम्र 18 और 19 साल है। पूरी खबर पढ़ें