'तीन बेगम' 13 जुलाई को OTT पर होगी रिलीज:केसी बोकाड़िया बोले- धमकियों को फिल्म की मार्केटिंग नहीं बनाऊंगा; जमीन मिले तो अजमेर में बनाऊंगा फिल्मसिटी

अजमेर में फिल्म निर्माता-निर्देशक के.सी. बोकाड़िया ने कहा- फिल्म को लेकर धमकियां मिली। पत्नी और बेटी को भी आपत्तिजनक फोन आए। इससे परिवार कुछ समय के लिए परेशान जरूर हुआ। उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे को तूल देकर फिल्म का प्रचार नहीं करना चाहता। अजमेर में शुक्रवार को आए फिल्म निर्माता-निर्देशक के.सी. बोकाड़िया ने फिल्म ‘तीन बेगम’ को लेकर यह कहा। एक होटल में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया- थिएटर मालिकों की 90 दिन तक OTT पर रिलीज नहीं करने की शर्त के कारण फिल्म को सिनेमाघरों से हटाने का फैसला लिया गया। अब यह फिल्म 13 जुलाई को दूरदर्शन के नए OTT प्लेटफॉर्म पर देशभर के दर्शकों के लिए मुफ्त उपलब्ध होगी। बोकाड़िया ने कहा- यदि अजमेर के पास सम्मानपूर्वक 10 बीघा जमीन मिल जाए तो मैं यहां 100 करोड़ रुपए का निवेश कर फिल्म स्टूडियो बनाने के लिए तैयार हूं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। 90 दिन के नियम के कारण थिएटर से हटाई फिल्म बोकाड़िया ने कहा- ‘तीन बेगम’ सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद दो सप्ताह तक चली, लेकिन थिएटर मालिकों की उस शर्त से मैं सहमत नहीं था। इसमें 90 दिन तक फिल्म को किसी OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं किया जा सकता। मैं चाहता था कि फिल्म देश की हर महिला और हर परिवार तक जल्द पहुंचे। यदि 90 दिन इंतजार करते तो फिल्म का मौजूदा माहौल और चर्चा खत्म हो जाती, इसलिए मैंने थिएटर से फिल्म हटाने का निर्णय लिया। 13 जुलाई को दूरदर्शन के OTT पर होगी मुफ्त रिलीज बोकाड़िया ने कहा- 13 जुलाई को फिल्म दूरदर्शन के नए OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी। इसके लिए दर्शकों को किसी तरह का सब्सक्रिप्शन या शुल्क नहीं देना होगा। उनका कहना है कि फिल्म हर वर्ग तक पहुंचे, यही मेरी प्राथमिकता है। धमकियों को प्रचार का माध्यम नहीं बनाऊंगा फिल्म को लेकर मिल रही धमकियों पर बोकाड़िया ने कहा- मेरी पत्नी और बेटी को भी आपत्तिजनक फोन आए, जिससे परिवार कुछ समय के लिए परेशान जरूर हुआ। उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे को तूल देकर फिल्म का प्रचार नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि फिल्म को हाईकोर्ट ने देखने के बाद अपनी प्रक्रिया के अनुसार मंजूरी दी है। फिल्म किसी समाज के खिलाफ नहीं फिल्म की कहानी और उसके सामाजिक संदेश पर बोकाड़िया ने कहा- ‘तीन बेगम’ किसी धर्म या समाज के विरोध में नहीं है। यह वास्तविक जीवन के अनुभवों से प्रेरित कहानी है। इसमें उन्होंने अपनी भावनाओं को पर्दे पर उतारा है। उन्होंने दावा किया कि फिल्म को दर्शकों, खासकर महिलाओं का अच्छा समर्थन मिल रहा है और इसे IMDB पर 10 में से 8.6 की रेटिंग मिली है। राजस्थान में फिल्म स्टूडियो बनाने की इच्छा बोकाड़िया ने कहा- मेरी इच्छा अपने प्रदेश में फिल्म सिटी या आधुनिक स्टूडियो विकसित करने की है। उन्होंने कहा कि यदि अजमेर के पास सम्मानजनक तरीके से 10 बीघा जमीन उपलब्ध कराई जाए तो मैं यहां करीब 100 करोड़ रुपए का निवेश करने के लिए तैयार हूं। इससे फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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