रैंप पर दिखा हुनर, आत्मविश्वास और ग्लैमर का संगम:क्वीन ऑफ राजस्थान सीजन-5 के टॉप-30 फाइनलिस्ट ने बांधा समां

आमेर रोड स्थित होटल जयपुर हेरिटेज में क्वीन ऑफ राजस्थान सीजन-5 की सैश सेरेमनी और टैलेंट राउंड का आयोजन किया गया। पूरे राजस्थान से चयनित टॉप-30 फाइनलिस्ट ने अपने व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अब ये सभी प्रतिभागी पांच दिवसीय ग्रूमिंग सेशन के बाद ग्रैंड फिनाले में अपनी अंतिम चुनौती पेश करेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत सैश सेरेमनी से हुई, जहां सभी टॉप-30 फाइनलिस्ट को मंच पर सम्मानपूर्वक सैश पहनाकर प्रतियोगिता के अगले चरण के लिए शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि शिव सिंह शेखावत, आमेर गुप्ता, अशोक बड़गुर्जर, मिसेज क्वीन ऑफ राजस्थान-2025 शालिनी शर्मा, क्वीन ऑफ इंडिया-2025 की फाइनलिस्ट कोमल गिल, भारत की फर्स्ट रनरअप क्वीन 2025 उर्वशी सुखवानी, राजस्थान क्वीन 2025 की सेकेंड रनरअप ऊर्जा पटेल, विकास मेघवाल, पीहू सिंह एवं मनीष खंडेलवाल ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही किसी भी मंच पर सफलता की सबसे बड़ी कुंजी होती है। इसके बाद आयोजित टैलेंट राउंड में प्रतिभागियों ने अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं से सभी को प्रभावित किया। किसी ने शानदार डांस प्रस्तुति दी, तो किसी ने अपनी सुरीली आवाज से समां बांध दिया। कई प्रतिभागियों ने अभिनय और मिमिक्री के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति का परिचय दिया। मंच पर उनका आत्मविश्वास, स्टेज प्रेजेंस और प्रस्तुति का अंदाज दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। क्वीन ऑफ राजस्थान के संस्थापक एवं निदेशक मोनू वर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता का अगला चरण बेहद महत्वपूर्ण होगा। सभी फाइनलिस्ट के लिए पांच दिनों का विशेष ग्रूमिंग सेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें फैशन इंडस्ट्री के अनुभवी विशेषज्ञ उन्हें रैंप वॉक, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, कम्युनिकेशन स्किल्स, स्टेज प्रेजेंस, ग्रूमिंग, फोटो पोजिंग और कैमरा फेसिंग जैसी बारीकियों का प्रशिक्षण देंगे, ताकि वे ग्रैंड फिनाले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। जयपुर डायरेक्टर विराट गोविंद्र ने कहा कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल एक विजेता चुनना नहीं, बल्कि युवतियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देना और उन्हें फैशन एवं ग्लैमर इंडस्ट्री में सफल करियर के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इस मंच से कई प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई है और आने वाले वर्षों में भी यह मंच नई प्रतिभाओं को अवसर देता रहेगा। कार्यक्रम का संचालन आरजे राहुल ने अपने ऊर्जावान और मनोरंजक अंदाज में किया। वहीं आयोजन के दौरान प्रतिभागियों के रैंप वॉक, टैलेंट परफॉर्मेंस और यादगार पलों को फोटोग्राफर अनिल कुमार ने अपने कैमरे में कैद किया।

एसडीएम ने बिठड़ी तालाब में खुदाई का निरीक्षण किया:मानसून से पहले काम पूरा करने के निर्देश; भोजका में गौशाला का भी किया अवलोकन

फलोदी जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर अंकित कुमार सिंह की पहल पर उपखंड प्रशासन विभिन्न गांवों के तालाबों और नाडियों का पुनरुद्धार कर रहा है। इसका उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण करना और सालों से उपेक्षित जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना है। इसी क्रम में, एसडीएम पूजा चौधरी ने भारतीय किसान संघ के संभागीय अध्यक्ष नरेश व्यास, भारतीय जैन संगठना (बीजेएस) के जिलाध्यक्ष मुकेश कोठारी, उपाध्यक्ष महावीर भंसाली और सोबित दूबे के साथ भोजका की नाडी और बिठड़ी तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने बिठड़ी में बीजेएस के सहयोग से चल रहे खुदाई कार्य का जायजा लिया और मानसून से पहले इसे पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि अधिकतम जल संग्रहण हो सके। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने भोजका गांव में जनसहयोग से संचालित एक बिना अनुदान वाली गौशाला का भी अवलोकन किया। उन्होंने गौसेवकों से गौशाला के संचालन और पशुओं की देखभाल की जानकारी ली और उनके सेवा कार्य की सराहना की। एसडीएम पूजा चौधरी ने भारतीय जैन संगठना को भोजका की नाडी, सदावता तालाब, लोर्डियां की तम्बेरी नाडी, खीचन की धोलकी नाडी और कुण्डल के मेटड़ा तालाब के पुनरुद्धार के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि जनभागीदारी से ही यह अभियान सफल होगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून से पहले प्रमुख तालाबों और नाडियों की खुदाई व सफाई पूरी कर उन्हें जल संग्रहण के लिए तैयार कर लिया जाए। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा, पशुधन को पानी मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी।

कोटपूतली में जर्जर सड़क के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन:कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, बोले- जल्द काम नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन

कोटपूतली के सुंदरपुरा ढाढ़ा गांव में जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों विरोध जताया। शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और उपमुख्यमंत्री एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री दीया कुमारी के नाम ज्ञापन सौंपकर सड़क की तत्काल मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग की। ग्रामीणों ने बताया- गांव की मुख्य सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और जगह-जगह बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चे और पैदल यात्री सबसे अधिक प्रभावित हैं। कई बच्चे अब तक चोटिल भी हो चुके हैं। पुलिस बल तैनात किया गया प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया, हालांकि आंदोलन शांतिपूर्ण रहा। जिला कलेक्टर ने ज्ञापन लेते हुए मामले को गंभीर माना और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सड़क की स्थिति को देखते हुए मरम्मत और नवीनीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू करवाई जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो वे आगे बड़ा आंदोलन करेंगे।

रैंप पर छाए नन्हे सितारे, डिजाइनर ड्रेसेज में बटोरी चर्चा:हेरिटेज किड्स फैशन शो के ग्रैंड फिनाले में दिखा टैलेंट; 16 साल तक के बच्चे हुए शामिल

नन्हे कदम जब रैंप पर उतरे तो सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। रंग-बिरंगे परिधानों, आकर्षक रैंप वॉक, डांस प्रस्तुतियों और सामाजिक संदेशों से भरपूर प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हेरिटेज किड्स फैशन शो (HKFS) सीजन-5 के ग्रैंड फिनाले में यह दिखा। जवाहर कला केंद्र (जेकेके) के रंगायन सभागार में शुक्रवार को यह आयोजित हुआ। इसमें 1 से 16 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 40 प्रतिभागियों ने मंच पर प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों ने फैशन और रैंप वॉक के साथ अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास, अभिनय, डांस से सभी का दिल जीत लिया। पहले देखिए इवेंट के फोटोज…
गणेश वंदना से शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत जवाहर कला केंद्र के अतिरिक्त महानिदेशक गोपालराम बिरदा, मुख्य संरक्षक बसंत जैन, निर्मला जैन, मीनाक्षी सोलंकी, समाजसेवी दिनेश सैनी, अर्विक, अर्चना बैराठी और विपिन बैराठी सहित अन्य अतिथियों ने किया। इसके बाद प्रस्तुत की गई गणेश वंदना ने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। बच्चों ने दी गानों पर प्रस्तुति ग्रैंड फिनाले में चाइल्ड स्टार अर्विक बैराठी की डांस प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने ‘धूम मचा ले’ और ‘टन टना टन’ जैसे लोकप्रिय गीतों पर शानदार परफॉर्मेंस दी। वहीं शो स्टॉपर नम्या तंवर ने पर्यावरण संरक्षण पर प्रभावशाली भाषण दिया। उन्होंने प्रकृति संरक्षण, पेड़-पौधों के महत्व और पर्यावरण के प्रति प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी पर विचार रखे, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश कार्यक्रम आयोजक अर्चना बैराठी ने बताया- प्रतियोगिता को तीन अलग-अलग राउंड में आयोजित किया गया, ताकि बच्चों के व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों को मंच मिल सके। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल फैशन शो कराना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच को सामने लाना है। उन्होंने बताया- बच्चों ने प्रस्तुतियों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, पेड़-पौधों का महत्व, प्रकृति से जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर प्रभावशाली संदेश दिए। ग्रैंड फिनाले में ‘मम्मी-किड्स राउंड’ में मां और बच्चों ने एक साथ रैंप पर उतरकर बॉन्डिंग का प्रदर्शन किया। इस राउंड ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया और परिवार के रिश्तों की खूबसूरती को मंच पर जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

भाजपा SC मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष बोले-मेरा खून भी कांग्रेस के खिलाफ:'डॉ. अंबेडकर को किया था अपमानित'; जालोर में जिला स्तरीय सम्मेलन

जालोर में बीजेपी के एससी मोर्चा का जिला सम्मेलन शुक्रवार को हुआ। इस दौरान एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष निहालचंद मेघवाल ने कहा- मेरा खून भी कांग्रेस का विरोधी है। कांग्रेस ने बाबा साहब को अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मेघवाल ने संबोधन में कहा- अनुसूचित जाति का कोई घोर विरोधी है तो वो कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस ने डॉ भीमराव अंबेडकर का किस तरह विरोध किया इसका प्रमाण यह था कि भारत की संसद में उनका चित्र तक नहीं लगाया था। यह काम अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। भाजपा के सहयोग में हमें दिन रात मेहनत करनी है, मै जन्म से ही कांग्रेस का विरोधी रहा हूं। कांग्रेस चोर है, डाकू है, लूटेरी है। कांग्रेस देशद्रोही पार्टी है और मेरा तो खून ही कांग्रेस के खिलाफ है। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उनका लाभ लेने और आम गरीब तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। गर्ग बोले- एससी को वोटबैंक मानती रही कांग्रेस जोगेश्वर गर्ग ने कहा- एक समय था जब अनुसूचित जाति के मोहल्ले में कोई नहीं जाता था। क्योंकि कांग्रेस सोचती थी कि एससी हमारा वोट बैंक हैं और भाजपा को ये वोट नहीं देते। भाजपा की सरकारों ने एससी को महत्व देना शुरू किया। कांग्रेस अपनी सरकार में एससी के 4 मंत्री बनाती थी, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के समय में 7 और नरेंद्र मोदी की सरकार में 12 मंत्री एससी समाज से बने। कांग्रेस ने एससी और एसटी के साथ छलावा किया। दिया कुछ नहीं, भ्रम फैलाया कि आरक्षण हमने दिया लेकिन कांग्रेस ने आरक्षण नहीं दिया। बाबा साहब कांग्रेसी नहीं थे। डॉ भीमराव अंबेडकर को अपमानित करने में कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी और भाजपा ने अम्बेडकर को सम्मानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सांसद लुंबाराम ने भी किया संबोधित सांसद लुम्बाराम चौधरी ने कहा- डॉ अंबेडकर ने जो संविधान बनाया उसे लागू करने में काफी समय लग गया था। निचले स्तर पर पंचायत चुनाव तक पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत ने एससी और एसटी तक लागू किया। आहोर विधायक छगनसिंह ने कहा- डॉ भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो जितना ज्यादा पिएगा उतना बड़ा होगा। शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्कूलें खुलीं। भैरोंसिंह के समय से लेकर वसुंधरा राजे ने प्रदेश में स्कूल खोलने का काम किया। एससी मोर्चा जालोर के जिलाध्यक्ष बाबूलाल मेघवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि 2014 से पहले जो सरकार रही उन्होंने कभी बाबा साहब अंबेडकर का सम्मान नहीं किया। इससे पूर्व एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष निहालचंद के मंच पर पहुंचने पर एससी मोर्चा, भाजपा मंडल व पदाधिकारियों द्वारा माला एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया। इस दौरान कई कार्यकर्ता ने कांग्रेस को छोड़ कर भाजपा जॉइन की। इस दौरान अध्यक्ष भाजपा रवि सोलंकी,दिनेश महावार, सुरेश सोलंकी, परमवीर सिंह, गणपतसिंह बगेड़िया, जितेंद्र सरगरा, मोहन चिवड़ा, रमेश मेघवाल, ठाकराराम व मगनाराम चौधरी समेत बड़ी संख्या में एससी मोर्चा व भाजपा के पदाधिकारि व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

TMC हेडक्वार्टर पर बागी गुट का कब्जा:ताले हटाए, पोस्टर बदले, इनमें ममता की फोटो नहीं; एक दिन पहले पार्टी सिंबल पर दावा किया था

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने शुक्रवार को कोलकाता स्थित पार्टी हेडक्वार्टर पर कब्जा कर लिया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में गुट ने दफ्तर के ताले बदल दिए और नए पोस्टर लगाए। नए पोस्टर्स में ममता बनर्जी की तस्वीर नहीं थी। हालांकि, अंदर लगी उनकी तस्वीर और कटआउट को नहीं हटाया गया। ऋतब्रत बनर्जी ने समर्थकों-नेताओं के साथ मुख्यालय में बैठक कर खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बताया। उन्होंने कहा कि अब पार्टी का काम यहीं से चलेगा। एक दिन पहले गुरुवार को उनके गुट ने चुनाव आयोग में पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठन पर दावा पेश किया था। विधानसभा चुनाव में हार के बाद 3 जून को TMC के 80 में से 58 विधायक ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग हो गए थे। 22 जून को हुई प्रतिनिधि बैठक में नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया था। ममता समर्थक कुनाल घोष मुख्यालय में घुस नहीं हो पाए ममता बनर्जी समर्थक गुट के वरिष्ठ नेता कुनाल घोष कार्यालय पहुंचे, लेकिन गेट पर ताला लगे होने के कारण अंदर नहीं जा सके। उन्होंने कहा कि जो लोग ये दावा कर रहे हैं, वे निर्दलीय चुनाव जीतकर नहीं आए थे। कार्यालय पर कब्जा राज्य प्रशासन और पुलिस की सहमति से किया गया है। बंगाल चुनाव में हार के बाद बागी गुट ने ऋतब्रत को नेता चुना 3 जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया। इसमें मांग की गई कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी। ममता के पास अब 22 विधायक और 17 सांसद बचे टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीती थीं। इसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं। दो तिहाई सदस्य होने पर मिलती है अलग दल की मान्यता बागी गुट के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 2 जुलाई को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर खुद को असली TMC के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। उन्होंने चुनाव आयोग को पार्टी में हुए संगठनात्मक बदलावों और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी (NWC) की जानकारी दी थी। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… TMC के बागी गुट का दावा- पार्टी का सिंबल हमारा:चुनाव आयोग से जल्द फैसला लेने की मांग तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिला। विधायकों ने पार्टी में हुए संगठनात्मक बदलावों और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी (NWC) को मान्यता देने की मांग की। मुलाकात के बाद बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा- हम ही असली TMC हैं, चुनाव आयोग ने हमारी बात सुनी। पूरी खबर पढ़ें…

बस में आग लगने की घटना पर मॉक ड्रिल:बचाव कार्यों का अभ्यास किया, कलेक्टर-एसपी ने लिया जायजा

कोटपूतली जिले के मोलाहेड़ा क्षेत्र में जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा विभाग ने एक संयुक्त मॉक ड्रिल की। इसका उद्देश्य किसी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित और प्रभावी राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना था। यह ड्रिल वाहन में आग लगने की एक काल्पनिक घटना पर आधारित थी। मॉक ड्रिल के दौरान, सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार कार्रवाई शुरू की। इसमें आग पर नियंत्रण, प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी, यातायात प्रबंधन, वाहन में फंसे लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, घायलों को प्राथमिक उपचार और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाना शामिल था। बस के गैस टैंकर से टकराने की घटना का दृश्य बनाया इस मॉक ड्रिल में एक यात्री बस के गैस टैंकर से टकराने और फिर बिजली के पोल से टकराकर नीचे गिरने का काल्पनिक परिदृश्य बनाया गया था। इस स्थिति में लगभग 10 लोग घायल हुए, जिन्हें समय रहते निकालकर जिला अस्पताल बीडीएम पहुंचाया गया। इस अभ्यास में कोई वास्तविक जनहानि नहीं हुई। संसाधनों और विभाग की तैयारियां देखी इस अभ्यास के दौरान जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता और जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मॉक ड्रिल की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया और संबंधित विभागों की तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता तथा समन्वित कार्यप्रणाली का जायजा लिया। जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने आपात स्थितियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि सड़क पर किसी भी वाहन में आग लगने या अन्य आपात स्थिति में सबसे पहले घटनास्थल के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर अनावश्यक भीड़ को दूर रखा जाए। साथ ही, तत्काल पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा विभाग को सूचना दी जाए। उन्होंने वाहन चालकों को वाहनों का नियमित तकनीकी निरीक्षण कराने, अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) अनिवार्य रूप से रखने और ज्वलनशील सामग्री के सुरक्षित परिवहन के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय संयम बनाए रखते हुए संबंधित विभागों के निर्देशों का पालन करना चाहिए, जिससे जनहानि और संपत्ति की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

पीड़ित देता रहा सबूत, पुलिस ने लगा दी एफआर:नौकर ने घर से चुराया सोना; लोन कंपनी में गिरवी रखा, हमला करने का भी आरोप

जयपुर में घर से नौकर ने ज्वेलरी चोरी कर ली। इसके बाद लोन कंपनी में गोल्ड गिरवी रख दिया। पीड़ित ने इसके सबूत पेश करने के बाद भी पुलिस पर FR का आरोप लगाया है। पिछले तीन साल से मुहाना थाने के चक्कर लगाने के बाद भी पीड़ित को न्याय नहीं मिला। पीड़ित ने FR खुलवाने के लिए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। मुहाना इलाके में रहने वाले पीड़ित राधेश्याम ने शुक्रवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए यह आरोप लगाया। पीड़ित राधेश्याम का आरोप है कि साल 2023 में मेरे नौकर ने घर से सोने के गहने चोरी किए थे। चुराए गहने गोल्ड लोन कंपनी में गिरवी रख लाखों रुपए उठा लिए। कार के डेशबोर्ड में मिली लोन कंपनी की एक पर्ची से नौकर के गहने गिरवी रखने का पता चला। वहीं घर में रखे गहने संभालने पर गायब मिले। इस बारे में मालूम चलने पर माफी मांगने के बहाने नौकर घर आया। पूजा करते समय पीछे से हमला कर दिया। इससे मेरे सिर में चोट आने पर हॉस्पिटल में एडमिट करवाने पर 32 टांके आए। अरेस्ट कर भेजा जेल, गोल्ड नहीं हुआ रिकवर पीड़ित का आरोप है कि मुहाना थाना पुलिस ने हमला करने के मामले में आरोपी नौकर को अरेस्ट कर जेसी भेज दिया। इलाज के बाद पीड़ित ने चुराए गोल्ड रिकवर की पुलिस से गुहार लगाई। नौकर ने चुराए गोल्ड को लोन कंपनी में गिरवी रखने के सबूत भी दिए। गोल्ड खरीद की पर्ची, फोटो और गिरवी रखने की पर्ची आदि पुलिस को दिए। गोल्ड चेन की 10 साल पुरानी फोटो को पुलिस ने मानने से इनकार कर मामले में FR लगा दी। पीड़ित की ओर से अब FR खुलवाने के लिए प्रोटेस्ट की फाइल लगाई गई है। पीड़ित ने पुलिस उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

भागवत बोले-5 महाद्वीपों के लोग RSS से ट्रेनिंग मांग रहे:दुनिया को भारत से सही रास्ता दिखाने की उम्मीद, लेकिन पहले हमें मजबूत बनना होगा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने दावा किया है कि दुनिया के पांच महाद्वीपों से लोग संघ के कामकाज को देखने आ रहे हैं और वे चाहते हैं कि RSS के स्वयंसेवक उनके देशों में जाकर लोगों को ट्रेनिंग दें। शुक्रवार को नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि विदेशों से समय-समय पर लोग संघ का कार्य देखने आते हैं। वे यह जानना चाहते हैं कि RSS किस तरह समाज के लिए समर्पित स्वयंसेवक तैयार करता है और अपने देशों में भी ऐसे कार्यकर्ताओं को तैयार करने के लिए संघ की मदद चाहते हैं। यह कार्यक्रम ‘डॉ. हेडगेवार: आधुनिक युग के शालीवाहन’ के सार्वजनिक प्रसारण के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस दौरान RSS के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संघ प्रचारकों के जीवन पर आधारित 100 वीडियो भी जारी किए गए। दुनिया भारत से उम्मीद कर रही उन्होंने कहा कि समाज में धीरे-धीरे संघ की स्वीकार्यता और सम्मान बढ़ रहा है। शुरुआती वर्षों में संगठन को जिस तरह की उपेक्षा और बेरुखी का सामना करना पड़ा था, वह अब काफी हद तक समाप्त हो रही है। RSS प्रमुख ने कहा कि संघ की पहली प्राथमिकता ऐसे लोगों को तैयार करना है, जो समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा का काम कर सकें। उन्होंने उस धारणा को भी खारिज किया कि RSS विभिन्न संगठनों को दूर से नियंत्रित करता है। भागवत ने कहा कि संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार ने अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हुए महसूस किया था कि सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित और प्रशिक्षित लोगों की आवश्यकता होती है। RSS शाखा जीवन की प्रयोगशाला: भागवत भागवत ने RSS शाखा को संगठन के जीवन जीने के तरीके की “प्रयोगशाला” बताया। उन्होंने कहा कि शाखा में स्वयंसेवक हर परिस्थिति में अनुशासन, सेवा और संगठन के मूल्यों के साथ जीवन जीना सीखते हैं। उन्होंने कहा कि RSS का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को एकजुट करना है। डॉ. हेडगेवार ने केवल उपदेश नहीं दिए, बल्कि अपने जीवन से उदाहरण प्रस्तुत कर संगठन के प्रति समर्पण का मार्ग दिखाया। भागवत ने कहा कि दुनिया मानती है कि भारत उसे सही रास्ता दिखा सकता है, लेकिन इसके लिए पहले भारत को खुद उस मार्ग पर चलना होगा, मजबूत और समृद्ध बनना होगा। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से RSS अपने शताब्दी वर्ष में अपने कार्य का विस्तार करने पर जोर दे रहा है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग शरणार्थी नहीं:उन्होंने संपत्ति नहीं, देश चुना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि 1947 के विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आने वाले लोगों को शरणार्थी कहना सही नहीं है। वे ‘संघर्ष के योद्धा’ थे, जिन्होंने कई पीढ़ियों की बनाई जमीन, कारोबार और संपत्ति छोड़कर भारत को चुना। पूरी खबर पढ़ें…

अधिवक्ता अपहरण कांड का 24 घंटे में खुलासा,मुख्य आरोपी गिरफ्तार:पत्नी और अधिवक्ता के संबंधों के शक में रची थी साजिश, अन्य आरोपियों की तलाश जारी

प्रतापगढ़ के छोटीसादड़ी थाना क्षेत्र में अधिवक्ता अभिषेक सोलंकी के अपहरण के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी हरिओम साहू (तेली) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, अधिवक्ता अभिषेक सोलंकी (43) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 1 जुलाई 2026 की रात करीब साढ़े आठ बजे बालाजी मंदिर से घर लौटते समय यादव मोहल्ला क्षेत्र में वैन सवार कुछ लोगों ने उनका अपहरण कर लिया। आरोप है कि उन्हें जबरन वाहन में बैठाकर मारपीट की गई और बड़ीसादड़ी, प्रतापगढ़ तथा खेरोट ले जाकर एक खेत में चमड़े की बेल्ट से पीटा गया। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। अभिषेक सोलंकी के बीच संबंध होने का संदेह जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी हरिओम पुत्र दिनेशचंद तेली, निवासी खेरोट को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी को अपनी पत्नी और अधिवक्ता अभिषेक सोलंकी के बीच संबंध होने का संदेह था। पुलिस के अनुसार, पत्नी के साथ चल रहे वैवाहिक विवाद और न्यायालयीन प्रकरण के चलते आरोपी अधिवक्ता के मोबाइल से कथित सबूत हासिल करना चाहता था। इसी उद्देश्य से उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची। पुलिस का आरोप है कि मोबाइल का पासवर्ड नहीं बताने पर अधिवक्ता के साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें प्रतापगढ़ थाने के पास छोड़ दिया गया। पुलिस ने बताया- हरिओम की पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना और भरण-पोषण का मामला कोर्ट में दायर कर रखा है। मामले की जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।