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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:सुख-सुविधाएं और अन्य चीजें हमारा ध्यान लक्ष्य से हटा देती हैं, ये असफलता का कारण बन सकती हैं

हर व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ना, सफल होना और ऊंचाइयां प्राप्त करना चाहता है, लेकिन दुनिया की भौतिक चीजें और उनके आकर्षण व्यक्ति को लक्ष्य से भटका देते हैं। धन, सुख-सुविधाएं और अन्य चीजें हमारा ध्यान अच्छे विचारों और ऊंचे आदर्शों से हटाकर केवल भोग-विलास की ओर ले जाते हैं। इस कारण हमारा मानसिक विकास रुक जाता है। जो चीजें हमें बाहरी रूप से उन्नति जैसी लगती हैं, वे वास्तव में हमारी असफलता का कारण बन सकती हैं। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए सच्ची सफलता कैसे मिल सकती है? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

योगिनी एकादशी व्रत आज:विष्णु जी को पीले वस्त्र वस्त्र और देवी लक्ष्मी को चढ़ाएं सुहाग का सामान, शिवलिंग पर जल चढ़ाकर करें चंदन का लेप

आज (शुक्रवार, 10 जुलाई) आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है, इसे योगिनी एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि जो भक्त यह व्रत करता है, उसकी सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। इस व्रत से वैसा ही पुण्य मिलता है, जैसा पुण्य यज्ञ करने से मिलता है। इस बार तिथियों की घट-बढ़ की वजह से कई पंचांग में 11 जुलाई को योगिनी एकादशी बताई गई है, हालांकि अधिकतर पंचांगों में 10 जुलाई को ही एकादशी व्रत करने की सलाह दी गई है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, योगिनी एकादशी व्रत अक्षय पुण्य देने वाला व्रत माना जाता है। ऐसा पुण्य, जिसका शुभ असर जीवनभर बना रहता है। आमतौर पर एकादशी व्रत निराहार रहकर किया जाता है यानी भक्त दिनभर अन्न का त्याग करते हैं, लेकिन जो लोग भूखे नहीं रह पाते हैं, वे एक समय फलाहार कर सकते हैं। दूध और फलों का रस भी पी सकते हैं। जो लोग एकादशी व्रत नहीं कर पा रहे हैं, वे भगवान विष्णु की विधिवत पूजा कर सकते हैं, अगर विधिवत पूजा नहीं कर पा रहे हैं, तो विष्णु जी को जल और तुलसी चढ़ाकर भी सामान्य पूजा की जा सकती है। ऐसे कर सकते हैं भगवान विष्णु और महालक्ष्मी की पूजा सबसे पहले घर के मंदिर में भगवान गणेश जी की पूजा करें। गणेश जी को जल और पंचामृत चढ़ाएं। हार-फूल और वस्त्रों से शृंगार करें। दूर्वा चढ़ाएं। लड्डू का भोग लगाएं। ऊँ गं गणपतयै नम: मंत्र का जप करें। धूप-दीप जलाकर आरती करें। गणेश पूजन के बाद भगवान विष्णु और महालक्ष्मी की पूजा करें। इनकी प्रतिमाओं पर जल, दूध और पंचामृत चढ़ाएं। वस्त्र और फूल चढ़ाएं। चंदन से तिलक लगाएं। देवी लक्ष्मी को सुहाग का सामान जैसे लाल चूड़ी, चुनरी, कुमकुम आदि चढ़ाएं। विष्णु जी को पीले वस्त्र पहनाएं। इत्र लगाएं। मिठाई का भोग तुलसी के पत्तों के साथ लगाएं। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करते हुए धूप-दीप जलाएं और आरती करें। पूजा में विष्णु जी का ध्यान करते हुए एकादशी व्रत करने का संकल्प लें। एकादशी और शुक्रवार के योग में करें शुक्र ग्रह की पूजा ज्योतिष में शुक्र ग्रह को शुक्रवार का कारक ग्रह माना जाता है। इस ग्रह की पूजा शिवलिंग रूप में की जाती है, इसलिए शिवलिंग पर जल-दूध चढ़ाएं। चंदन का लेप करें। सफेद फूलों से श्रृंगार करें। बिल्व पत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल भी चढ़ाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें। शुक्र ग्रह के मंत्र ऊँ शुक्राय नम: का जप करें। पूजा के बाद दूध का दान करें। एकादशी पर कर सकते हैं ये शुभ काम एकादशी पर पूजा-पाठ करने के साथ ही भजन-कीर्तन भी करना चाहिए। भगवान की कथाएं भी पढ़-सुन सकते हैं। वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखें। क्रोध-निंदा से बचें। मन को स्थिर और शांत रखें। जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, जल आदि का दान करें। हनुमान जी के सामने दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। आप चाहें तो राम नाम का जप भी कर सकते हैं। अगर आपके पास पर्याप्त समय हो, तो सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं। अगले दिन यानी द्वादशी (11 जुलाई) को सूर्योदय के समय भगवान विष्णु की पूजा करें। शुद्ध सात्विक खाना बनाएं और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं। इसके बाद स्वयं भोजन करें। इस तरह ये व्रत पूरा होता है।

खबर हटके- ₹1.10 लाख के सिक्कों से बाइक खरीदी:भेड़िए से बचाने भेड़ को पहनाई कांटे वाली ड्रेस; अंडा खाते ही उम्र बढ़ने का दावा

जापान में एक ऐसा अंडा मिल रहा है जिसके लिए दावा किया जा रहा है कि उसे खाने से 7 साल तक उम्र बढ़ जाती है। वहीं, ऑस्ट्रिया में एक शख्स ने भेड़ियों से बचाने के लिए भेड़ों के लिए कांटे वाली ड्रेस बना दी। उधर, तेलंगाना में एक शख्स ने ₹1.10 लाख की बाइक ₹10 के सिक्कों से खरीदी। भारतीय शादियों में शामिल होने के लिए कई विदेशी टिकट खरीद रहे हैं। वहीं, अर्जेंटीना में एक फ्लाइट इंस्ट्रक्टर ने उड़ते विमान से अचानक छलांग लगाकर जान दे दी, इसके बाद 22 साल की स्टूडेंट ने अकेले ही प्लेन को सुरक्षित लैंड करा दिया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

अमेरिका में H-1B वीजा के नियम सख्त हो सकते हैं:विश्वविद्यालयों की छूट सीमित हो सकती है; ग्रीन कार्ड से जुड़े नए नियम आना संभव

अमेरिका का ट्रम्प प्रशासन नए इमिग्रेशन नियमों की तैयारी कर रहा है, जिससे एच-1बी वीजा, रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड और छात्र वीसा की प्रक्रिया पहले से अधिक सख्त हो सकती है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर भारतीय पेशेवरों, छात्रों और अमेरिकी कंपनियों के लिए नियमों का पालन करना अधिक कठिन और महंगा हो सकता है। ये प्रस्ताव अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग, श्रम विभाग और विदेश विभाग के एकीकृत रेगुलेटरी एजेंडा में शामिल हैं। इसके लिए अगस्त में बदलाव का प्रस्ताव आ सकता है। अगस्त में आ सकता है प्रस्ताव एच-1बी: विश्वविद्यालयों और कुछ शोध संस्थानों को मिलने वाली एच-1बी कैप छूट सीमित की जा सकती है। कई ऐसे प्रस्ताव हैं जिनसे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। ग्रीन कार्ड: एच-1बी व ग्रीन कार्ड के लिए लागू न्यूनतम वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही भर्ती नियमों, अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी से जुड़े प्रावधानों और भेदभाव-रोधी उपायों में बदलाव प्रस्तावित हैं। छात्र वीसा: प्रस्ताव के तहत विदेशी छात्रों के लिए मौजूदा ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ व्यवस्था खत्म कर निश्चित अवधि का प्रवास तय किया जा सकता है। जयशंकर ने भी उठाया था मुद्दा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसी साल मई में यह मामला अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने उठाया था। रूबियो ने माना था कि नए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव के दौरान कुछ दिक्कतें और तनाव हो सकते हैं। हालांकि, रूबियो ने कहा था कि अमेरिका इमिग्रेशन सिस्टम को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहा है और लंबे समय में इसका फायदा सभी पक्षों को मिलेगा। रूबियो ने यह भी कहा था कि यह कदम खासतौर पर भारत को निशाना बनाकर नहीं उठाया गया। उनके मुताबिक अमेरिका पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों की समस्या से जूझ रहा है। 2 करोड़ से ज्यादा लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए और उसी चुनौती से निपटने के लिए यह बदलाव किए जा रहे हैं। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर वसूलने का आदेश रद्द:कोर्ट बोला- ट्रम्प फीस के नाम पर टैक्स नहीं ले सकते; भारतीयों को सबसे ज्यादा राहत अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने 9 जून को ट्रम्प के H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर (करीब 95 लाख रुपए) फीस वसूलने वाली नीति को रद्द कर दिया था। बॉस्टन कोर्ट ने कहा कि यह फीस नहीं बल्कि एक टैक्स है और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति नहीं, बल्कि संसद की मंजूरी जरूरी थी। पूरी खबर पढ़ें…

फ्रांस लगातार तीसरे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पहुंचा:मोरक्को को 2-0 से हराया; एम्बाप्पे ने मेसी की बराबरी की, दोनों के 8-8 गोल

फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। टीम ने लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में जगह बनाई। इससे पहले टीम 2018 और 2022 के फाइनल में पहुंची थी। पहले हाफ में पेनल्टी चूकने वाले कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने दूसरे हाफ के 60वें मिनट में गोल दागा। इसके 6 मिनट बाद उस्मान डेम्बेले ने दूसरा गोल कर फ्रांस की जीत पक्की कर दी। अब फ्रांस का सामना सेमीफाइनल में स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले दूसरे क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा। एम्बाप्पे के इस टूर्नामेंट में 8 गोल हो गए हैं। उन्होंने अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली है। हालांकि, 3 असिस्ट की बदौलत एम्बाप्पे गोल्डन बूट की दौड़ में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि मेसी के नाम 8 गोल और 1 असिस्ट है। सभी वर्ल्ड कप मिलाकर एम्बाप्पे अब 20 गोल कर चुके हैं। उनसे आगे सिर्फ मेसी हैं, जिनके नाम 21 गोल दर्ज हैं। वहीं, मोरक्को की हार के साथ टूर्नामेंट में अफ्रीका की आखिरी टीम भी बाहर हो गई। मैच के बाद की टॉप-3 तस्वीरें… पहले हाफ में गोल नहीं हुआ फ्रांस ने शुरुआत से ही मोरक्को पर दबाव बना दिया। 5वें मिनट में एम्बाप्पे के शॉट को गोलकीपर यासीन बूनू ने शानदार बचाया। इसके बाद दायो उपामेकानो का हेडर भी बूनू ने रोक दिया। उस्मान डेम्बेले, देजिरे डुए और माइकल ओलीसे ने भी लगातार शॉट मारे, लेकिन मोरक्को के डिफेंडर्स और गोलकीपर ने फ्रांस को बढ़त नहीं लेने दी। एम्बाप्पे पेनल्टी पर चूके 26वें मिनट में नौसैर मजराउई ने बॉक्स के अंदर एम्बाप्पे को गिरा दिया और फ्रांस को पेनल्टी मिली। एम्बाप्पे का शॉट बूनू ने सही दिशा में डाइव लगाकर रोक दिया। इसी वजह से पहले हाफ तक मुकाबला 0-0 से बराबरी पर रहा।

6 मिनट में मैच पलट गया ब्रेक के बाद फ्रांस ने अटैकिंग गेम जारी रखा और 60वें मिनट में एम्बाप्पे ने बॉक्स के बाहर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गोल कर दिया। बूनू इस बार पूरी कोशिश के बावजूद गेंद तक नहीं पहुंच सके। इसके सिर्फ छह मिनट बाद फ्रांस ने बढ़त दोगुनी कर दी। डेम्बेले ने बॉक्स के बाहर से सटीक शॉट लगाया। बूनू ने हाथ लगाया, लेकिन गेंद को गोललाइन पार करने से नहीं रोक सके। FIFA वर्ल्ड कप में फ्रांस की मोरक्को पर जीत के बाद लंदन में हिंसा फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी सीट पक्की कर ली है। इस जीत के बाद जहां फ्रांस की राजधानी पेरिस में शांतिपूर्ण तरीके से जश्न हुआ, वहीं लंदन में हिंसा की घटना सामने आई। फुटबॉल फैंस की भारी भीड़ सड़कों पर आ गई, जिसके बाद हालात काबू से बाहर हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान मेट्रोपॉलिटन पुलिस का एक अधिकारी घायल हो गया। हालात संभालने के लिए पुलिस ने मार्च किया और इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया। ————————– स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… पैराग्वे की मंत्री ने फ्रांसीसी फुटबॉल कप्तान को गाली दी:इंटरव्यू में ‘सन ऑफ बिच’ कहा; फुटबॉल वर्ल्डकप की 3 कंट्रोवर्सी फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे और पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच विवाद और गहरा गया है। अमारिला ने अब एम्बाप्पे को पिल्ला (सन ऑफ बिच) कहा है। उन्होंने अपने पहले दिए गए बयानों पर माफी मांगने से इनकार किया है। पूरी खबर पढ़ें…

स्पोर्ट्स अपडेट:हर्षित-वरुण हैमस्ट्रिंग चोट से इंग्लैंड सीरीज से बाहर;एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम का ऐलान,सलीमा टेटे संभालेंगी कप्तानी

भारत के तेज गेंदबाज हर्षित राणा और स्पिनर वरुण चक्रवर्ती हैमस्ट्रिंग चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ चौथे और पांचवें टी-20 से बाहर हो गए हैं। दोनों खिलाड़ियों के रिप्लेसमेंट का अभी ऐलान नहीं किया गया है। दोनों खिलाड़ियों को ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टी-20 के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। वरुण IPL 2026 के दौरान बाएं पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर के बावजूद खेलते रहे थे। इसके बाद उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज और आयरलैंड दौरा मिस किया था। बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब पूरा करने के बाद उन्होंने इंग्लैंड सीरीज से वापसी की थी। इस सीरीज में उन्होंने दो मैचों में 1 विकेट लिया। दूसरी ओर, हर्षित राणा को 2026 टी-20 वर्ल्ड कप से पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में घुटने में चोट लगी थी। इसके चलते वे पूरा टूर्नामेंट नहीं खेल सके थे। सर्जरी और लंबे रिहैब के बाद उन्होंने आयरलैंड दौरे से टीम इंडिया में वापसी की थी। स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियन गेम्स के लिए 20 सदस्यीय भारतीय महिला हॉकी टीम घोषित हॉकी इंडिया ने जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए 20 सदस्यीय भारतीय महिला हॉकी टीम का ऐलान कर दिया है। एफआईएच नेशन्स कप जिताने वाली सलीमा टेटे टीम की कप्तान होंगी। हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित सविता और बिचू देवी खरीबाम को गोलकीपर के रूप में चुना गया है। मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने कहा कि टीम में सीनियर, अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन है और सभी ने हाल के महीनों में अपनी फिटनेस व फॉर्म से प्रभावित किया है। नेशन्स कप में डेब्यू करने वाली लालथंटलुआंगी और शिल्पी डबास को भी शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला है। टीम:
गोलकीपर: सविता, बिचू देवी खरीबाम।
डिफेंडर: इशिका चौधरी, सुशीला चानू, लालथंटलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास।
मिडफील्डर: सलीमा टेटे (कप्तान), निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, नेहा, दीपिका सोरेंग।
फॉरवर्ड: लालरेम्सियामी, रितुजा पिसल, नवनीत कौर, दीपिका, इशिका, बलजीत कौर, ब्यूटी डुंगडुंग।
घुटने की चोट से मेजर लीग क्रिकेट से बाहर हुए अश्विन भारत के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन दाएं घुटने की चोट के कारण मेजर लीग क्रिकेट (MLC) 2026 के बाकी मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। उनकी टीम सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। उनकी जगह ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज पीटर सिडल को पूरे सीजन के लिए टीम में शामिल किया गया है। अश्विन की चोट के कारण अगस्त के अंत में शुरू होने वाली यूरोपियन टी-20 प्रीमियर लीग (ETPL) में उनका खेलना मुश्किल माना जा रहा है। इस लीग में वे राहुल द्रविड़ की टीम डबलिन गार्डियंस के कप्तान और मेंटर की भूमिका निभाने वाले हैं। अश्विन ने इस सीजन MLC में सिर्फ एक मुकाबला खेला। टेक्सास सुपर किंग्स के खिलाफ उन्होंने 2 ओवर में 24 रन दिए, लेकिन कोई विकेट नहीं ले सके। इससे पहले भी घुटने की इसी चोट के कारण उन्हें सर्जरी करानी पड़ी थी, जिसके चलते उनका पहला बिग बैश लीग (BBL) सीजन भी नहीं हो पाया था। मुस्तफिजुर जिम्बाब्वे दौरे से बाहर बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान हैमस्ट्रिंग चोट के कारण जिम्बाब्वे दौरे से बाहर हो गए हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। पहले वनडे के दौरान चोटिल होने के बाद वे दूसरा मैच भी नहीं खेल सके थे। अब उनकी चोट के चलते द हंड्रेड 2026 के शुरुआती मुकाबले भी छूटने की संभावना है। मुस्तफिजुर को द हंड्रेड के पूरे सीजन (20 जुलाई से 20 अगस्त) में खेलने के लिए BCB ने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दिया था। उन्हें बर्मिंघम फीनिक्स ने 1 लाख पाउंड (लगभग 1.15 करोड़ रुपए) के बेस प्राइस पर साइन किया था। वे द हंड्रेड खेलने वाले पहले बांग्लादेशी क्रिकेटर बनने वाले थे। बांग्लादेश के टीम फिजियो बायजेदुल इस्लाम खान ने बताया कि जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे में गेंदबाजी के दौरान मुस्तफिजुर की दाईं हैमस्ट्रिंग में दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा।

जगन्नाथ पुरी के राजा का राष्ट्रपति और पीएम को लेटर:कहा- ISKCON का अलग समय पर रथयात्रा आयोजित करना गलत; परंपरा की रक्षा करने की अपील

ओडिशा के पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी को लेटर लिखकर जगन्नाथ मंदिर की प्राचीन परंपरा की रक्षा की मांग की है। 8 जुलाई को लिखे लेटर में गजपति ने ISKCON की तरफ से अलग समय पर रथयात्रा और स्नान यात्रा आयोजित करने की आलोचना की। गजपति महाराज दिब्यसिंह देब श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति (SJTMC) के अध्यक्ष भी हैं। उनका कहना है कि ISKCON रथयात्रा का आयोजन ऐसी तारीखों पर कर रहा है, जो शास्त्रों के अनुसार नहीं हैं। इससे भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं। महाराज दिव्यसिंह देव का 17 वर्ष की आयु में राज्याभिषेक हुआ पुरी के वर्तमान गजपति महाराज हैं, जिन्हें जगन्नाथ संस्कृति में ‘ठाकुर राजा’ का दर्जा प्राप्त है। परंपरा के अनुसार, वे भगवान जगन्नाथ के प्रमुख सेवक माने जाते हैं। रथ यात्रा के दौरान रथों पर सोने की झाड़ू से बुहारने की पवित्र सेवा (जिसे ‘छेरा पंहरा’ कहा जाता है) उन्हीं के द्वारा संपन्न की जाती है। 1970 में मात्र 17 वर्ष की आयु में उनका राज्याभिषेक हुआ था। कानून की उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले महाराज दिव्यसिंह देव श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति के स्थायी अध्यक्ष भी हैं। मुख्य रथयात्रा 16 जुलाई को, ISKCON ने विदेशों में पहले मनाया उत्सव दरअसल, ISKCON ने 21 जून को लंदन, 14 जून को न्यूयॉर्क सिटी और 5 जुलाई को सिडनी में रथयात्रा निकाली थी। लेकिन इस साल, स्नान पूर्णिमा 29 जून को थी और पुरी में मुख्य रथयात्रा 16 जुलाई को होगी। ISKCON का कहना है कि भगवान जगन्नाथ पूरी दुनिया के श्रद्धालुओं के हैं। विदेशों में मौसम, स्थानीय परिस्थितियों और भक्तों की सुविधा को देखते हुए रथयात्रा की तारीखें अलग-अलग होती हैं ताकि ज्यादा लोग उत्सव में शामिल हों और जगन्नाथ संस्कृति का वैश्विक प्रसार हो। मध्य प्रदेश में प्रस्तावित रथयात्राओं पर भी जताई आपत्ति गजपति महाराज ने उज्जैन स्थित ISKCON मंदिर की ओर से 16 से 25 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के 66 स्थानों पर रथयात्रा आयोजित करने की योजना पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार रथ यात्रा केवल आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होने वाला 9 दिवसीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास रचित स्कंद पुराण में भी भगवान जगन्नाथ ने स्वयं स्नान यात्रा और रथयात्रा की निर्धारित तिथि बताई हैं। ऐसे में मनमानी तिथियों पर आयोजित करना प्राचीन परंपराओं और शास्त्रों के विपरीत है। ISKCON का तर्क- विदेशों में हर जगह एक ही दिन आयोजन संभव नहीं पुरी मंदिर की पिछली आपत्तियों का जवाब देते हुए ISKCON ने कहा कि हर देश में जलवायु परिस्थितियों, सरकारी नियमों और स्थानीय सांस्कृतिक कारकों बड़ा असर डालते हैं। इसके कारण शास्त्रों में बताई गई तारीख पर रथयात्रा आयोजित करना हमेशा संभव नहीं होता है। ISKCON ने पुरी मंदिर को बताया था- रूस में वहां का मौसम, सरकार और स्थानीय संस्कृति अक्सर शास्त्रों में बताई गई तारीखों पर रथयात्रा निकालने के अनुकूल नहीं होती है। 2024 में भी रथयात्रा पर विवाद हुआ रथयात्रा को लेकर विवाद नया नहीं है। 2024 और 2025 में भी पुरी के गजपति महाराजा ने ISKCON से अनुरोध किया था कि विदेशों में भी पुरी के धार्मिक पंचांग के अनुसार रथयात्रा आयोजित की जाए। 2026 में यह विवाद इसलिए ज्यादा चर्चा में आया क्योंकि कई देशों में रथयात्रा पुरी की तिथि से कई हफ्ते पहले आयोजित की गई, जिसके बाद औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई गई। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… पुरी रथयात्रा: 200 से ज्यादा लोग 58 दिनों में तैयार करते हैं रथ, जानिए यात्रा के बाद इन रथों का क्या होता है हर साल भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के 45 फीट ऊंचे तीनों रथ 200 से ज्यादा लोग सिर्फ 58 दिनों में तैयार करते हैं। ये रथ 5 तरह की खास लकड़ियों से पूरी तरह हाथों से बनाए जाते हैं। शुरुआत अक्षय तृतीया से हो जाती है और गुंडिचा यात्रा के दो दिन पहले रथ बन कर तैयार हो जाते हैं। यात्रा खत्म होने के बाद रथों को तोड़ दिया जाता है। पढ़ें पूरी खबर…

रास्ते के विवाद में युवक पर जानलेवा हमला किया:जयपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ा, पिता ने मर्डर का मामला दर्ज करवाया

सीकर के सदर थाना क्षेत्र में रास्ते के विवाद को लेकर आधा दर्जन लोगों ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। जयपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान घायल युवक की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घटना सदर थाना इलाके में गुरुवार सुबह की है। 44 वर्षीय सनाकत अली पर रोशन ठेकेदार, खादिम, तौफीक सहित अन्य लोगों ने अचानक हमला कर दिया। आरोपियों ने खेती में काम आने वाले किसी तीखे औजार (कृषि उपकरण) से सनाकत के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। इस हमले में सनाकत गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत इलाज के लिए सीकर के एसके (SK) अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर रेफर कर दिया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में तोड़ा दम जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में इलाज के दौरान सनाकत अली ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद पुलिस की मौजूदगी में जयपुर में ही उनके शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया। सनाकत अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। विदेश से नौकरी छोड़कर आए थे विदेश की नौकरी छोड़ गांव में करने लगे थे खेती ग्रामीणों ने बताया कि मृतक सनाकत अली पहले विदेश में नौकरी करते थे। कुछ समय पहले ही वह विदेश की नौकरी छोड़कर अपने वतन वापस लौटे थे और गांव में ही रहकर खेती-बाड़ी का काम करने लगे थे। लेकिन रास्ते के इस खूनी विवाद ने उनके हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया।

जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश से वनडे सीरीज जीती:दूसरे मैच में 13 रन से हराया, बेन कुरेन ने नाबाद 111 रन बनाए

हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए दूसरे वनडे में जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश को 13 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने 6 विकेट पर 247 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 48.1 ओवर में 234 पर ऑल आउट हो गई। जिम्बाब्वे की जीत के हीरो सलामी बल्लेबाज बेन कुरेन रहे, जिन्होंने नाबाद 111 रन की पारी खेलकर जिम्बाब्वे ने पारी संभाली। आखिर में ब्रैड इवांस ने तेज बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 58 रन बनाए। दोनों ने सातवें विकेट के लिए अटूट 99 रन जोड़े। शुरुआती झटकों के बीच कुरेन ने संभाली पारी हरारे स्पोर्ट्स क्लब में सुबह 9:30 बजे शुरू हुए मैच में पिच पर नमी थी और गेंदबाजों को अच्छी मदद मिल रही थी। इसका फायदा उठाते हुए बांग्लादेश ने 32 रन तक जिम्बाब्वे के तीन विकेट गिरा दिए। इसके बाद बेन कुरेन ने जिम्मेदारी संभाली। शुरुआत में वह थोड़े संघर्ष करते नजर आए, लेकिन सेट होने के बाद उन्होंने संयम और आक्रामक बल्लेबाजी का अच्छा संतुलन दिखाया। उन्होंने नाबाद 118 रन बनाकर अपने वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह जिम्बाब्वे के सातवें बल्लेबाज बने, जिन्होंने वनडे की एक पारी में पूरे 50 ओवर बल्लेबाजी की। कुरेन को 4 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला। तौहीद हृदोय ने शॉर्ट कवर पर उनका मुश्किल कैच छोड़ दिया। इवांस और कुरेन के बीच 99* रन की साझेदारी जिम्बाब्वे की पारी के आखिर में ब्रैड इवांस ने तेजी से रन बटोरे। नंबर-8 पर उतरे इवांस ने पहली 7 गेंदों में सिर्फ 2 रन बनाए, लेकिन इसके बाद आक्रामक अंदाज अपनाया। पारी के आखिरी ओवर में उन्होंने तस्कीन अहमद की लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के लगाए। इवांस 58 रन बनाकर नाबाद लौटे। जिम्बाब्वे की पारी में लगे सभी 5 छक्के उन्हीं के बल्ले से आए। इवांस और कुरेन की 99 रन की नाबाद साझेदारी ने जिम्बाब्वे को मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया। मधेवेरे और रजा अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके वेस्ली मधेवेरे ने नाहिद राना के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 13वें ओवर में 11 रन बटोरे, लेकिन कुछ देर बाद आउट हो गए। इसके बाद सिकंदर रजा ने बेन कुरेन के साथ चौथे विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हालांकि वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और मेहदी हसन मिराज की गेंद पर कवर में कैच दे बैठे। इसके बाद क्लाइव मदांडे भी जल्दी पवेलियन लौट गए। एक समय जिम्बाब्वे का स्कोर 148 रन पर 6 विकेट था, लेकिन कुरेन और इवांस ने टीम को संकट से निकालते हुए मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। बांग्लादेश की रणनीति नहीं चली बांग्लादेश ने इस मैच में मुस्तफिजुर रहमान की जगह शरीफुल इस्लाम को मौका दिया। टीम ने अतिरिक्त स्पिन विकल्प के तौर पर मेहदी हसन मिराज, रिशाद हुसैन और मोसद्देक हुसैन को खिलाया, लेकिन यह रणनीति असरदार साबित नहीं हुई। शुरुआत में तस्कीन अहमद और नाहिद राना ने शानदार गेंदबाजी की, लेकिन बीच और आखिरी ओवरों में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने स्पिनरों के खिलाफ आसानी से रन बनाए। खासकर आखिरी ओवरों में कुरेन और इवांस ने तेजी से रन जुटाकर मैच का रुख बदल दिया। 169 रन पर 3 विकेट से बिखरी बांग्लादेश की पारी 248 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश ने अच्छी शुरुआत की। एक समय टीम का स्कोर 3 विकेट पर 169 रन था और जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही थी। तंजीद हसन ने 70 गेंदों में 57 रन बनाए, जबकि तौहीद हृदोय ने 90 गेंदों पर 60 रन की पारी खेली। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 107 गेंदों में 84 रन जोड़कर पारी को संभाला। हालांकि, इसके बाद जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने मैच का रुख पलट दिया। बांग्लादेश ने 169 से 176 रन के बीच सिर्फ 7 रन जोड़कर दो विकेट गंवा दिए। इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। टीम ने 211 रन पर छठा और 222 रन तक पहुंचते-पहुंचते आठवां विकेट भी गंवा दिया। यहीं से मुकाबला पूरी तरह जिम्बाब्वे के पक्ष में चला गया और बांग्लादेश लक्ष्य से दूर रह गया। कप्तान नगारवा ने आखिरी स्पेल में पलटा मैच जिम्बाब्वे के कप्तान रिचर्ड नगारवा ने अंतिम ओवरों में बांग्लादेश के निचले क्रम को संभलने का मौका नहीं दिया। बांग्लादेश के आखिरी छह विकेट सिर्फ 65 रन के भीतर गिर गए। नगारवा ने अपने तीसरे स्पेल में नूरुल हसन (38) और मोसद्देक हुसैन (7) के अहम विकेट लिए। इसके बाद अपने आखिरी ओवर की अंतिम गेंद पर उन्होंने मेहदी हसन मिराज को डीप स्क्वायर लेग पर कैच आउट कराकर बांग्लादेश की पारी समाप्त कर दी। इसी के साथ जिम्बाब्वे ने मैच के साथ सीरीज भी अपने नाम कर ली। DRS नहीं होने से अंपायरिंग पर उठा विवाद सीरीज में DRS की सुविधा नहीं होने से अंपायरिंग को लेकर भी विवाद देखने को मिला। बांग्लादेश को जीत के लिए 17 गेंदों में 17 रन चाहिए थे, तभी मेहदी हसन मिराज ने एक गेंद को वाइड नहीं दिए जाने पर अंपायर से नाराजगी जताई। हालांकि नए वनडे नियमों के तहत बल्लेबाज के क्रीज में मूव करने पर गेंदबाज को अतिरिक्त छूट मिलती है और मेहदी लेग स्टंप की ओर शिफ्ट हो गए थे, इसलिए अंपायर ने गेंद को वाइड नहीं माना। इससे पहले जिम्बाब्वे की दो कैच की अपील भी ठुकराई गई थीं, जिससे मेजबान टीम भी असंतुष्ट थी। ———————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेक टेनिस स्टार मुचोवा पहली बार विंबलडन फाइनल में:अमेरिका की गॉफ को हराया; डॉक्टरों ने कभी टेनिस छोड़ने की सलाह दी थी चेक गणराज्य की 29 साल की कारोलिना मुचोवा ने सातवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गॉफ को 6-2, 1-6, 7-6 (12-10) से हराकर पहली बार विंबलडन महिला सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली। पूरी खबर

निगम के पूर्व चेयरमैन के मामा की हाथ-पैर बांधकर हत्या:80 साल के दिनेश अग्रवाल घर में अकेले रहते थे, पूर्व CMHO के चचेरे भाई थे

अलवर शहर में बुजुर्ग दिनेश चंद अग्रवाल की घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई। बदमाशों ने बुजुर्ग के हाथ-पैर और मुंह बांधकर वारदात को अंजाम दिया और घर में लूटपाट की। यह वारदात गुरुवार शाम करीब 7 बजे खदाना मोहल्ले में हुई। दिनेश चंद अग्रवाल (80) नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के सगे मामा और पूर्व सीएमएचओ (CMHO) डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे। बुजुर्ग की हत्या की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। दिनेश चंद का एक बेटा विकास अग्रवाल हैं, वे एमआर हैं। वे स्कीम चार में रहते हैं। पिता खदाना मोहल्ले के मकान में अकेले रहते थे। रोजाना खाना खाने आते थे बेटे के घर, नहीं पहुंचे तो किया फोन मृतक की पुत्रवधू रीमा अग्रवाल ने बताया- मेरे ससुर दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले वाले मकान में अकेले रहते थे। वे स्वाभिमानी थे और बुढ़ापे में भी अपना सारा काम खुद करते थे। वे रोजाना दोपहर और रात का खाना खाने के लिए खदाना मोहल्ले से स्कीम नंबर 4 स्थित बेटे के घर आते थे। जब वे काफी देर तक गुरुवार को खाना खाने नहीं पहुंचे तो बेटे विकास ने फोन किया। उनका लैंड लाइन नंबर बंद आया। इसके बाद बेटा खदाना मोहल्ले वाले घर आया तो घर में पिता मृत पड़े मिले। पूरा सामान बिखरा हुआ मिला। पिता के हाथ पैर और मुंह भी बंधा हुआ था। चारपाई पर बंधा मिला शव परिजनों ने बताया कि देर शाम करीब साढ़े 7 बजे घर के अंदर दाखिल हुए तो उनके होश उड़ गए। कमरे में चारपाई पर दिनेश चंद अग्रवाल का शव पड़ा था। बदमाशों ने उनके हाथ, पैर और मुंह को कपड़ों से कसकर बांध रखा था, ताकि वे चिल्ला न सकें। पूरे घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। लाख-डेढ़ लाख कैश रखते थे पास, बदमाशों को लग गई थी भनक! घटना की सूचना मिलते ही पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और तुरंत अलवर एसपी को मामले की जानकारी दी। अजय अग्रवाल ने बताया- दिनेश जी रिश्ते में मेरे सगे मामा थे। वे बेहद स्वाभिमानी व्यक्ति थे। बुढ़ापे में भी वे बैंक से नए नोट लाकर जरूरतमंदों को देने का छोटा-मोटा काम करते थे। उनके पास हमेशा लाख-डेढ़ लाख रुपए कैश रहता था। ऐसा लगता है कि किसी नजदीकी या बदमाश को इस कैश की भनक लग गई थी। इसी वजह से बदमाशों ने रेकी कर घर में प्रवेश किया और उनकी हत्या कर दी। पुलिस जांच में जुटी सूचना मिलते ही अलवर पुलिस के मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने आसपास के लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों का सुराग लगाया जा सके।