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भास्कर अपडेट्स:केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के तीन करीबी अफसर एक साथ हटाए गए, सरकार ने वजह नहीं बताई

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के तीन करीबी अफसरों को एक साथ हटा दिया गया है। इनमें प्राइवेट सेक्रेटरी अमर सिंह और एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी शैलेश कुमार सिंह और आयुष सरन शामिल हैं। पर्यावरण मंत्रालय ने 3 जुलाई को अलग-अलग आदेश जारी किए। सरकार ने इन बदलावों की वजह नहीं बताई है। 2010 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी अमर सिंह को उनके मूल विभाग यानी राजस्व विभाग वापस भेज दिया गया है। वे 2021 से भूपेंद्र यादव के साथ काम कर रहे थे। वहीं, एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी शैलेश कुमार सिंह को भी उनके मूल कैडर, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), भेज दिया गया है। दूसरे एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी आयुष सरन को भी पद से हटा दिया गया है। उनके आदेश की कॉपी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय और DoPT को भी भेजी गई है। आज की बाकी बड़ी खबरें… तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में प्लास्टिक गोदाम में आग लगी, फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंचीं तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के अरियामंगलम इलाके में मंगलवार को एक प्लास्टिक गोदाम में आग लग गई। आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। कर्नाटक में बस और ट्रक की टक्कर, ड्राइवर समेत 2 की मौत कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले में नेशनल हाईवे-44 पर मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (APSRTC) की एक बस चल रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में दो लोगों की मौत हुई है। इसमें बस ड्राइवर लक्ष्मण (58) और यात्री उमाकांत राव (75) की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसा चिक्कबल्लापुर तालुक के डोड्डापायलगुर्की के पास हुआ। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन में गड़बड़ी, CBI की 11 राज्यों में 26 ठिकानों पर छापेमारी, 4 FIR दर्ज, लेफ्टिनेंट कर्नल-मेजर समेत 10 आरोपी सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के फंड में गड़बड़ी को लेकर सीबीआई ने सोमवार को 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 26 ठिकानों पर छापा मारा। यह छापेमारी जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में की गई। एजेंसी ने इस मामले में 4 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर और इंजीनियर रैंक के 10 अफसरों सहित कुछ निजी लोगों को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई के मुताबिक, मामला लद्दाख में बीआरओ के प्रोजेक्ट विजयक और योजक से जुड़ा है। आरोप है कि इन प्रोजेक्ट्स में कैजुअल मजदूरों की तैनाती में अनियमितताएं की गईं और फर्जी मजदूरों के नाम पर भुगतान जारी किया गया। आरोपों में सरकारी धन का गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी शामिल हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है। कर्नाटक हाईकोर्ट बोला- रिटायरमेंट वाले दिन प्रमोशन का चार्ज लिया तो भी पेंशन फायदे मिलेंगे कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी को रिटायरमेंट वाले दिन प्रमोशन मिलता है और वह उसी दिन प्रमोटेड पोस्ट का चार्ज वैध रूप से ले लेता है, तो उसे उस तारीख से सभी प्रमोशनल और उससे जुड़े पेंशनरी फायदे मिलेंगे। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि चार्ज दोपहर 12 बजे के बाद लेने के आधार पर प्रमोशनल लाभ नहीं रोके जा सकते। मामले में कर्मचारी 31 मई 2023 को प्रोफेसर पद पर प्रमोट हुआ। उसने उसी दिन शाम 5.20 बजे चार्ज लिया और उसी दिन रिटायर भी हो गया। बाद में उसने प्रमोशन डेट से लाभ मांगे, लेकिन राज्य सरकार ने इनकार कर दिया। लोकसभा में प्रश्नों के जवाब सदन में पेश होने तक गोपनीय रखें संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को याद दिलाया कि प्रश्नकाल में मंत्रियों के लिखित जवाब सदन में पेश होने तक पूरी तरह गोपनीय रहेंगे। जिन प्रश्नों का मौखिक उत्तर दिया जाना है, उनके जवाब भी तब तक गोपनीय रहेंगे, जब तक वे सदन में पूछे और उनके उत्तर नहीं दिए जाते। यदि किसी मौखिक प्रश्न का उत्तर नहीं भी दिया जाता है, तब भी प्रश्नकाल समाप्त होने तक उसका जवाब सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। सचिवालय ने स्पष्ट किया कि किसी प्रश्न का अंतिम उत्तर वही माना जाएगा, जो संबंधित दिन की सदन की आधिकारिक कार्यवाही में दर्ज होगा। युद्धपोत महेंद्रगिरि 11 जुलाई को नौसेना में शामिल होगा भारतीय नौसेना 11 जुलाई को विशाखापत्तनम में स्वदेशी स्टेल्थ युद्धपोत महेंद्रगिरि को शामिल करेगी। यह प्रोजेक्ट 17ए श्रेणी का छठा युद्धपोत है। इसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने बनाया है। इसमें 75% से ज्यादा स्वदेशी सामग्री है। इसमें सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और एंटी-सबमरीन सिस्टम हैं।

व्हाट्सएप पर चेयरमैन की डीपी लगाकर 5.30 करोड़ की साइबर-ठगी:बॉस बनकर अकाउंटेंट को भेजे मैसेज, दो खातों में ट्रांसफर करवाए करोड़ों रुपए, दिहाड़ी मजदूर निकला बैंक खाते सप्लाई करने वाला आरोपी

राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम शाखा ने कॉर्पोरेट कंपनियों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए महाराष्ट्र के पुणे से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों ने एक नामी कंपनी के चेयरमैन की व्हाट्सएप प्रोफाइल फोटो (डीपी) और नाम का इस्तेमाल कर कंपनी के अकाउंटेंट को झांसे में लिया और दो अलग-अलग बैंक खातों में 5 करोड़ 30 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज हुई थी शिकायत एडीजी विजय कुमार सिंह ने बताया कि 27 अप्रैल 2026 को गैलेक्सी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से परिवादी दीपेंद्र सिंह ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि साइबर ठगों ने कंपनी के मालिक दीपेंद्र सिंह राठौड़ के नाम और फोटो का इस्तेमाल करते हुए एक अज्ञात व्हाट्सएप नंबर से कंपनी के अकाउंटेंट को संदेश भेजा। खुद को कंपनी का मालिक बताते हुए ठगों ने दो बैंक खातों की जानकारी भेजी और अत्यंत जरूरी भुगतान का हवाला देकर अकाउंटेंट से ऑनलाइन माध्यम से 5.30 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए। व्हाट्सएप पर बॉस की डीपी देखकर कर्मचारी हुआ गुमराह जांच में सामने आया कि अपराधियों ने पहले कंपनी के चेयरमैन की प्रोफाइल फोटो और अन्य जानकारी जुटाई। इसके बाद उसी फोटो को नए व्हाट्सएप नंबर पर लगाकर कंपनी के अकाउंटेंट से संपर्क किया। बॉस का नाम और फोटो देखकर कर्मचारी को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ और उसने बताए गए खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए। तकनीकी जांच के बाद पुणे से गिरफ्तारी पुलिस टीम ने ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन का गहन तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान आरोपी राहुल अशोक (32) निवासी पुणे (महाराष्ट्र) की पहचान हुई। राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से आरोपी को पुणे से गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर जयपुर लेकर आई। दिहाड़ी मजदूर निकला बैंक खाते सप्लाई करने वाला पूछताछ में आरोपी राहुल ने स्वीकार किया कि वह मुख्य साइबर अपराधियों को मोटे कमीशन के बदले फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराता था और अवैध धनराशि के लेनदेन में उनकी मदद करता था। जांच में सामने आया कि राहुल पेशे से दिहाड़ी मजदूर है। उसने पुणे निवासी अमित सिंह के कहने पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक फर्जी फर्म रजिस्टर करवाई थी। 50 करोड़ की लिमिट वाला फर्जी करंट अकाउंट खुलवाया पुलिस के अनुसार फर्जी फर्म के नाम पर खोले गए करंट बैंक खाते की क्रेडिट लिमिट मिलीभगत कर 50 करोड़ रुपए तक बढ़वाई गई थी। इसी खाते का इस्तेमाल मार्च 2026 में हुई 5.30 करोड़ रुपए की साइबर ठगी में किया गया। आरोपी ने गिरोह के लिए तीन अन्य बैंक खाते भी खुलवा रखे थे। ठगी की रकम खाते में आते ही उसे तुरंत कई अन्य खातों में ट्रांसफर कर लेयरिंग की जाती थी, ताकि पैसों का स्रोत छिपाया जा सके। बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में राजस्थान पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी फर्म के नाम पर खाते खोलने और 50 करोड़ रुपये की लिमिट स्वीकृत कराने में संबंधित बैंक कर्मचारियों की कोई भूमिका रही या नहीं। यदि किसी बैंक अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने बताया कि मामले में इस्तेमाल किए गए अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मुख्य आरोपी अमित सिंह सहित पूरे साइबर गिरोह की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप महानिरीक्षक पुलिस (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर की विशेष टीम गठित की गई। इस कार्रवाई को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर के थानाधिकारी एवं उपाधीक्षक पुलिस गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने अंजाम दिया। टीम में पुलिस निरीक्षक मुकेश, कांस्टेबल अमित कुमार और कांस्टेबल जयसिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हाईकोर्ट एलडीसी-भर्ती परीक्षा-2022 में डमी-अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी पाने वाला गिरफ्तार:चार लाख रुपये देकर दिलवाई थी परीक्षा; चयन के बाद न्यायालय में मिली थी नियुक्ति, सरकारी सेवा से हो चुका है बर्खास्त

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पेपर लीक गिरोह के सरगना से चार लाख रुपये में सौदा कर अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाई थी और धोखाधड़ी कर एलडीसी पद पर चयनित हो गया था। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 का आयोजन 19 मार्च 2023 को हुआ था। मामले में गिरफ्तार आरोपी बृजेश कुमार मीणा (27) निवासी टिकरी जाफरान, तहसील महुवा, जिला दौसा है। पेपर लीक गिरोह के सरगना से किया था सौदा जांच में सामने आया कि आरोपी ने पेपर लीक गिरोह के सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा से चार लाख रुपये में सौदा किया था। इसके बाद उसके स्थान पर डमी अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा दिलवाई गई। परीक्षा का आयोजन दौसा के श्री रामकरण जोशी जीएसएसएस, लालसोट रोड स्थित परीक्षा केंद्र पर हुआ था। डमी अभ्यर्थी ने दी परीक्षा, आरोपी बन गया एलडीसी एसओजी के अनुसार आरोपी ने डमी अभ्यर्थी के माध्यम से फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर परीक्षा दिलवाई और अनुचित लाभ प्राप्त करते हुए हाईकोर्ट एलडीसी पद पर चयनित हो गया। चयन के बाद उसकी नियुक्ति धौलपुर में एसीजेएम कोर्ट, बाड़ी में हुई थी। बाद में मामला उजागर होने पर न्यायालय ने उसे सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया। पूछताछ में किया बड़ा खुलासा पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके स्थान पर महेंद्र कुमार नामक डमी अभ्यर्थी ने परीक्षा दी थी। फर्जी दस्तावेज और कूटरचित हस्ताक्षरों के जरिए नौकरी हासिल की गई थी। 6 जुलाई को हुई गिरफ्तारी मामले में एसओजी थाना, जयपुर में दर्ज मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहन चौधरी कर रहे हैं। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी बृजेश कुमार मीणा को 6 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया। अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी खुल सकते हैं राज एसओजी के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी पेपर लीक और डमी अभ्यर्थियों के इस्तेमाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। इन सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है और मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

शहजाद भट्टी को मुखौटा बनाकर नेटवर्क फैलाना चाहती है पाकिस्तानी-इंटेलिजेंस:एडीजी दिनेश एमएन बोले- सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फंसाने, जासूसी और हथियार सप्लाई कराने की साजिश

राजस्थान आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क और विदेशी गैंगस्टर्स को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एटीएस के एडीजी (ऑपरेशंस) दिनेश एमएन ने सोमवार को बताया कि पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी को पाकिस्तान के इंटेलिजेंस ऑफिसर (पीआईओ) एक मुखौटे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका मकसद राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रभाव में लेकर उनसे जासूसी करवाना, संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाना और हथियारों की सप्लाई कराना है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए शहजाद भट्टी को आगे रखकर काम करती है। हालांकि राजस्थान एटीएस, आईबी और अन्य एजेंसियों की सतर्कता के चलते अब तक इस नेटवर्क का कोई भी प्रयास सफल नहीं हो पाया है। भट्टी का नेटवर्क सक्रिय होने के मिले थे इनपुट दिनेश एमएन ने बताया कि पिछले कुछ समय से शहजाद भट्टी के नेटवर्क के सक्रिय होने की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क के पीछे पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑफिसर सक्रिय हैं। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपने साथ जोड़ने, उन्हें पैसों और अन्य प्रलोभनों का लालच देने और संवेदनशील स्थानों के फोटो और वीडियो मंगवाने की कोशिश की जाती है। साथ ही सीमापार से हथियार भेजने के भी प्रयास किए जाते हैं। तकनीकी निगरानी से हर बार नाकाम हुई साजिश एडीजी ने दावा किया कि शहजाद भट्टी और उसके पीछे सक्रिय नेटवर्क का अब तक एक भी प्रयास सफल नहीं हो पाया है। जैसे ही किसी गतिविधि की जानकारी मिलती है, एटीएस की तकनीकी टीम तुरंत सक्रिय होकर इनपुट की पुष्टि करती है और समय रहते कार्रवाई करती है। इस पूरे नेटवर्क पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और पंजाब पुलिस भी लगातार नजर रखे हुए हैं। कुछ लोगों को समझाइश, सक्रिय लोगों पर मुकदमा उन्होंने बताया कि नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग केवल संपर्क में पाए जाते हैं, जिन्हें समझाइश देकर पाबंद किया जाता है। वहीं जो लोग सक्रिय रूप से देशविरोधी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाती है। हाल ही में की गई छापेमारी के दौरान दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि कई लोगों को समझाइश कर निगरानी में रखा गया है। आईबी और राजस्थान इंटेलिजेंस के साथ संयुक्त पूछताछ दिनेश एमएन ने बताया कि महत्वपूर्ण मामलों में एटीएस, आईबी और राजस्थान इंटेलिजेंस के अधिकारी संयुक्त रूप से पूछताछ करते हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी लालच या बहकावे में आकर देशविरोधी गतिविधियों का हिस्सा न बनें। यदि कोई व्यक्ति ऐसी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर गिरफ्तार किया जाएगा। एक साल में एटीएस की बड़ी कार्रवाई एडीजी ने बताया कि 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 के बीच एटीएस ने आतंकवाद, अवैध हथियार, विस्फोटक, मादक पदार्थ तस्करी और साइबर अपराध के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। विदेश में बैठे गैंगस्टर्स के खिलाफ भी बड़ा अभियान रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण की गिरफ्तारी के सवाल पर एडीजी ने कहा कि दोनों राजस्थान सहित कई राज्यों में वांछित हैं। विदेश में मौजूद अपराधियों तक पहुंचने के लिए इंटरपोल और केंद्रीय एजेंसियों की मदद ली जा रही है। एजीटीएफ और पुलिस लगातार उनके स्थानीय नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में पांच से छह मॉड्यूल ध्वस्त किए गए हैं और अलग-अलग जिलों से करीब 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का प्रयास है कि फायरिंग, हत्या और रंगदारी जैसी घटनाओं को पहले ही रोका जाए। जिन लोगों को धमकियां मिलती हैं, उन्हें सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाती है। लोकल नेटवर्क पर सबसे बड़ा प्रहार दिनेश एमएन ने कहा कि रंगदारी और सुपारी से जुड़े अधिकांश मामलों में स्थानीय बदमाश विदेश में बैठे गैंगस्टर्स की मदद करते हैं। यही लोग टारगेट की रेकी करते हैं और अपराधियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देते हैं। ऐसे सभी स्थानीय सहयोगियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कुचामन सिटी के कारोबारी हत्याकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि इस मामले में स्थानीय नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं तेलंगाना में भी गैंगस्टर्स की मदद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विदेश में बैठे गैंगस्टर्स के लोकल नेटवर्क को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और फरार अपराधियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। यूएपीए के तहत कार्रवाई अवैध विस्फोटक पर कार्रवाई हथियार तस्करी पर कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करी पर कार्रवाई फर्जी आधार गिरोह पर कार्रवाई सोशल मीडिया निगरानी और डी-रेडिकलाइजेशन

'काला हिरण' फिल्म प्रोड्यूसर को जान से मारने की धमकी:पाकिस्तानी आतंकी बताने वाले ने VIDEO भेजा; कहा-रिलीज की तो बम से उड़ा देंगे

मध्यप्रदेश के दतिया में फिल्म ‘काला हिरण’ के प्रोड्यूसर अमित जानी को पाकिस्तान के नंबर से जान से मारने की धमकी मिली है। आरोप है कि खुद को पाकिस्तानी आतंकी बताने वाले शहजाद भट्टी ने वाट्सएप पर ऑडियो-वीडियो भेजकर फिल्म रिलीज नहीं करने की चेतावनी दी। धमकी में कहा गया कि अगर फिल्म रिलीज हुई तो उन्हें बम से उड़ा दिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, नोएडा निवासी अमित जानी श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में दर्शन करने दतिया आए थे। वे शहर के एक निजी होटल में ठहरे हुए थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर पाकिस्तान के नंबरों से वाट्सएप कॉल और धमकी भरे संदेश आने लगे। घटना के बाद दतिया पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। कहा- जितनी भी सुरक्षा ले लो, हत्या कर देंगे अमित जानी ने पुलिस को बताया कि 6 जुलाई की रात करीब 1 बजे उन्हें पाकिस्तानी नंबर +923287503050 से ऑडियो और वीडियो क्लिप भेजी गई। इसके बाद अगली सुबह करीब 9:47 बजे दूसरे पाकिस्तानी नंबर +923236250185 से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि यदि फिल्म की रिलीज नहीं रोकी गई तो उन्हें बम से उड़ा दिया जाएगा। उसने यह भी कहा कि चाहे जितनी सुरक्षा ले लो, हत्या कर दी जाएगी। VIDEO में हथियार के साथ दिखाई दे रहा अमित जानी का कहना है कि भेजे गए वीडियो में धमकी देने वाला व्यक्ति अत्याधुनिक हथियारों के साथ दिखाई दे रहा है। वीडियो में ग्रेनेड, आरपीजी (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड) समेत अन्य हथियार होने का दावा किया गया है। धमकी मिलने के बाद अमित जानी सीधे दतिया कोतवाली पहुंचे और लिखित शिकायत दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कॉल, वाट्सएप मैसेज और वीडियो की जांच शुरू कर दी है। कौन हैं अमित जानी अमित जानी उत्तर प्रदेश के मेरठ के फिल्म निर्माता, लेखक और राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। वह ‘जानी फायरफॉक्स मीडिया’ प्रोडक्शन हाउस के मालिक हैं। वह वास्तविक और विवादित घटनाओं पर फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने ‘उदयपुर फाइल्स’, ‘कराची टू नोएडा’ और ‘काला हिरण’ जैसी फिल्मों का निर्माण और लेखन किया है। 1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 में सामने आया था, जब वो जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग कर रहे थे। सलमान के खिलाफ कुल चार केस दर्ज किए गए थे। इनमें दो चिंकारा शिकार मामले, एक कांकाणी काला हिरण शिकार मामला और एक आर्म्स एक्ट का मामला शामिल था। काला हिरण शिकार मामले में बिश्नोई समुदाय की शिकायत पर सलमान के साथ सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। अप्रैल 2006 में चिंकारा शिकार मामलों में सलमान को सजा सुनाई गई। जनवरी 2017 में उन्हें आर्म्स एक्ट मामले में बरी कर दिया गया। वहीं, 5 अप्रैल 2018 को काला हिरण शिकार मामले में उन्हें 5 साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिली। इसी मामले में बाकी कलाकारों को बरी कर दिया गया था। बाद में सलमान को जमानत मिल गई। फिलहाल यह मामला राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है। अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 के लिए तय की है। सलमान खान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। ——————-
इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ‘काला हिरण’ फिल्म के प्रोड्यूसर बोले-सलमान खान धमकी दिलवा रहे राजस्थान के चर्चित काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर विवाद जारी है। फिल्म के प्रोड्यूसर अमित ज्याणी को पाकिस्तान नंबरों से जान से मारने की धमकी मिली है। अमित का आरोप है कि मुझे सलमान खान के इशारे पर धमकी दी गई है। पूरी खबर पढ़ें… अमित जानी बोले- ‘काला हिरण’ सलमान की बायोपिक नहीं है फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर जारी विवाद के बीच फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सलमान खान की लीगल टीम के नोटिस पर रिएक्शन दिया। ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट में पोस्ट किए वीडियो में अमित जानी ने कहा कि हमारी पूरी फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है। हमारी पूरी फिल्म सलमान खान के नजरिए से नहीं है। पढ़ें पूरी खबर

यूसीसी पर विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने दिए सुझाव:कांग्रेस ने यूसीसी का जताया विरोध; पहले दिन भाजपा से नहीं पहुंचा बड़ा नेता, जनसुनवाई कल भी

राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 (यूसीसी) प्रारूप समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान ने सोमवार को जोधपुर के मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में संभाग स्तरीय जनसुनवाई की। डॉ. चौहान ने कहा कि यूसीसी की मूल भावना सभी लोगों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद या तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर समान व्यवहार सुनिश्चित करते हुए समान विधि का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि प्रभावी और उपयोगी प्रारूप तैयार करने में आमजन के सुझावों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा- भारत के संविधान के अनुच्छेद-44 में यह प्रावधान है कि राज्य, भारत के सभी राज्य क्षेत्रों में नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता प्राप्त करने का प्रयास करेगा। उत्तराखंड, असम और गुजरात में इस दिशा में कार्रवाई हो चुकी है। वहीं राजस्थान सरकार ने भी इस दिशा में प्रक्रिया शुरू की है। कांग्रेस ने जताया विरोध वहीं जनसुनवाई में कांग्रेस ने विरोध में ज्ञापन दिया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओमकार वर्मा ने कहा- प्रदेश सरकार द्वारा सोमवार और मंगलवार को समान नागरिक संहिता (UCC) कानून बनाने के संबंध में जनसुनवाई आयोजित कर विभिन्न राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया है। जबकि वास्तविकता यह है कि राज्य सरकार ने अभी तक न तो इस कानून का कोई मसौदा (ड्राफ्ट) तैयार किया है और न ही सुझाव एवं आक्षेप आमंत्रित करने के लिए उसे किसी पोर्टल अथवा अन्य माध्यम से सार्वजनिक किया है। किसी भी कानून को लागू करने अथवा उस पर जनसुझाव आमंत्रित करने से पूर्व उसका मसौदा सार्वजनिक किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा होता है, ताकि आमजन और संबंधित पक्ष उसके प्रावधानों का अध्ययन कर सुझाव और आक्षेप प्रस्तुत कर सकें। किंतु बिना किसी मसौदे अथवा ड्राफ्ट को सार्वजनिक किए सरकार समाज में जनसुनवाई के बहाने एक अनुचित बहस प्रारंभ करना चाहती है, जो प्रदेश के सामाजिक समरसता के ताने-बाने पर सीधा प्रहार है तथा सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला कदम है। विभिन्न जातियों के रीति-रिवाजों को लेकर आशंका इस प्रकार की बहस से विभिन्न धर्मों, जातियों एवं जनजातियों के मध्य अपने अधिकारों, परंपराओं एवं रीति-रिवाजों को लेकर गंभीर आशंकाएं उत्पन्न हो रही हैं। इस प्रकार की जनसुनवाई से समाज के विभिन्न वर्गों के मध्य वैमनस्यता की भावना उत्पन्न होने की आशंका है। कांग्रेस पार्टी ऐसी किसी भी बहस का स्पष्ट रूप से विरोध करती है, जिससे प्रदेश की सामाजिक समरसता एवं सौहार्द प्रभावित होता हो। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ. संजय गौड़ ने बताया कि ज्ञापन देने में पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह सोलंकी, पूर्व विधायक मनीषा पंवार, सूरसागर विधायक प्रत्याशी इंजीनियर शहजाद खान, पूर्व जिला अध्यक्ष नरेश जोशी, संगठन महासचिव कुश गहलोत आदि शामिल रहे। भाजपा से नहीं पहुंचा बड़ा नेता जनसुनवाई में भाजपा की तरफ से जोधपुर से सांसद, विधायक या अन्य कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा। हालांकि सिरोही से राज्यमंत्री ओटाराम देवासी और जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। प्रतिभागियों ने दिए सुझाव जनसुनवाई में उपस्थित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव दिए। जोधपुर के साथ-साथ सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर और बालोतरा जिलों में भी जनसुनवाई आयोजित की गई। वहीं पाली, जालोर एवं सिरोही जिलों के लिए मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनसुनवाई की जाएगी।

भास्कर खुलासे के बाद कांग्रेस आक्रामक, फर्जीवाड़े पर उठाए सवाल:डोटासरा, पायलट, जूली बोले- स्कूल मरम्मत में 503 करोड़ के फर्जीवाड़े की जांच करवाएं सीएम

राजस्थान के सरकारी स्कूलों की मरम्मत में 503 करोड़ के फर्जीवाड़े और भारी लापरवाही पर दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने सरकारी स्कूलों की मरम्मत में हुए फर्जीवाड़े की जांच की मांग की। इन नेताओं ने सरकारी स्कूलों की मरम्मत की बदहाल हालत पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा- बच्चों की सुरक्षा पर सफेदी करने वाली भ्रष्ट भाजपा सरकार को शर्म आनी चाहिए। एक साल बीतने को है, लेकिन ये तस्वीर बता रही है कि भाजपा सरकार ने झालावाड़ दुखांतिका से कोई सबक नहीं लिया। झालावाड़ में जिस स्कूल की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हुई, उस स्कूल की छत 1 साल बाद भी नहीं बन पाई, निर्माण कार्य आज भी अधूरा है। डोटासरा ने लिखा- अगर सरकार 1 साल में 1 स्कूल नहीं बना पाए तो अंदाजा लगाइए मरम्मत के नाम पर जारी 503 करोड़ रुपए से बाकी स्कूलों का काम किस स्तर और उसकी क्या सच्चाई होगी? भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा सरकार में 503 करोड़ रुपए से हुए मरम्मत कार्यों का सच बेहद शर्मनाक है। बच्चों की सुरक्षा पर भ्रष्टाचार करने वालों को बचाना भी अपराध डोटासरा ने लिखा- जयपुर, दौसा, नागौर, अजमेर और डीडवाना-कुचामन के स्कूलों में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सरकारी स्कूलों में दरारों पर सिर्फ रंग-रोगन करके लाखों रुपए उठा लिए गए। कई जगह न छत बदली, न मरम्मत की, और न ही लेवलिंग की गई। वाटर प्रूफ करने और ड्रेनेज व्यवस्था के नाम पर कागजों में काम दिखाकर पैसा उठा लिया गया। जिन स्कूलों में 2 लाख रुपए तक खर्च होने थे। वहां 40 हजार रुपए का भी काम नहीं हुआ। ये सिर्फ घोटाला नहीं, मासूम बच्चों की जान से किया गया भाजपा का भ्रष्टाचार और खुला खिलवाड़ है। मुख्यमंत्री, बच्चों की सुरक्षा पर भ्रष्टाचार करने वालों को बचाना भी अपराध है। पायलट बोले- 503 करोड़ के फंड में भ्रष्टाचार की जांच करें कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने फर्जीवाड़े पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग उठाई। पायलट ने एक्स पर लिखा- पिपलोदी, झालावाड़ में सरकारी स्कूल की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे में कई मासूम छात्रों की जान चली गई थी। इस दर्दनाक हादसे की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए राज्य की भाजपा सरकार ने सरकारी स्कूलों की मरम्मत और जर्जर स्कूल भवनों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेश में फंड आवंटित किया था। एक साल बीत जाने के बावजूद भी जर्जर भवनों और स्कूलों के भवनों की मरम्मत और हालत में खासा सुधार नहीं हुआ। पायलट ने लिखा- मीडिया द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में यदि यह दावा किया जा रहा है कि कई सरकारी स्कूलों में मरम्मत कार्य पूरे हुए बिना ही भुगतान जारी कर दिया गया तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। यह वित्तीय अनियमितता तक सीमित मामला नहीं रहा, बल्कि हजारों बच्चों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा से जुड़ा हुआ प्रश्न है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो पायलट ने लिखा- स्कूलों का बुनियादी ढांचा ही यदि कमजोर और असुरक्षित होगा, तो स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर अभिभावकों का विश्वास कैसे बढ़ेगा? बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यदि 503 करोड़ रुपए के फंड में कहीं भ्रष्टाचार, लापरवाही या फर्जीवाड़ा हुआ है, तो इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जूली बोले- काम पूरा किए बिना पैसा उठाया, बच्चों की जिंदगी को खतरे में डाला भास्कर खुलासे के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। जूली ने एक्स पर लिखा- प्रत्येक काम में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा ही इस भाजपा सरकार की असली पहचान बन चुका है। झालावाड़ में मासूम बच्चों की मौत जैसी हृदयविदारक घटना के बाद भी इस संवेदनहीन सरकार की आंखें नहीं खुली हैं। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की मरम्मत के लिए जारी 503 करोड़ के बजट में भारी फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। बिना काम किए या आधे-अधूरे काम दिखाकर ही भुगतान उठा लिया गया है और हमारे नौनिहालों की जिंदगी को एक बार फिर मौत के साये में, दांव पर लगा दिया गया है। क्या सरकार फिर हादसे के इंतजार में है? जूली ने लिखा- इस सरकार के राज में भ्रष्टाचारियों को हर आपदा और हर हादसे में अपनी चांदी कूटने का खुला अवसर मिल रहा है। विडंबना देखिए कि इतने गंभीर मामले पर भी शिक्षा मंत्री चैन की बांसुरी बजा रहे हैं और पूरा महकमा गहरी नींद में सोया है। क्या सरकार प्रदेश में किसी अगले बड़े हादसे का इंतजार कर रही है? मुख्यमंत्री तुरंत इस पूरे 503 करोड़ के घोटाले की उच्चस्तरीय जांच करवाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करवाएं।
यह खबर भी पढ़ें… सरकारी स्कूलों में बच्चों की जान खतरे में!:छत को मरम्मत कर मजबूत बनाना था, सिर्फ पेंट कर दिया; 503 करोड़ के फंड में फर्जीवाड़ा झालावाड़ के पिपलोदी में पिछले साल स्कूल की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की मौत हुई थी। इसके बाद जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए 503 करोड़ का बजट जारी किया गया था। लेकिन जिम्मेदारों की नाक के नीचे ऐसा फर्जीवाड़ा हुआ, जिसने हजारों मासूमों की जिंदगी फिर खतरे में डाल दी। आदेश थे 20 हजार से ज्यादा स्कूलों की जर्जर छतों को हटाकर मजबूत करने के, लेकिन दरारों में रंगाई-पुताई भरकर छोड़ दिया। (पूरी खबर पढ़ें)

राष्ट्रीय युवा संसद में किशनगढ़ की कुसुमलता कुमावत सम्मानित:'बेस्ट मीडिया पर्सन' अवॉर्ड मिला, गृह राज्य मंत्री ने किया सम्मानित

किशनगढ़ क्षेत्र के सिलोरा गांव की कुसुमलता कुमावत ने राष्ट्रीय युवा संसद के तीसरे संस्करण में शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘बेस्ट मीडिया पर्सन’ अवॉर्ड अपने नाम किया है। जयपुर नगर निगम में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर से आए 35 प्रतिभागियों के बीच कुसुमलता ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से अलग पहचान बनाई। उनकी इस उपलब्धि से सिलोरा गांव के साथ पूरे अजमेर जिले में खुशी का माहौल है। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कुसुमलता कुमावत को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की ऊर्जा, ज्ञान और सकारात्मक सोच सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कुसुमलता के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक उपलब्धि बताया। राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी पर रखे प्रभावशाली विचार कार्यक्रम के दौरान कुसुमलता कुमावत ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने, सुशासन को बढ़ावा देने, नवाचार को अपनाने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने युवाओं से समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया। आईएएस बनकर देश सेवा करने का लक्ष्य कुसुमलता के भाई एवं सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता कमल कुमावत ने बताया कि यह सम्मान पूरे परिवार, समाज और अजमेर जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि कुसुमलता का सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयनित होकर देश और समाज की सेवा करना है और वह इसी लक्ष्य के साथ लगातार मेहनत कर रही हैं। पिता ने सफलता का श्रेय मेहनत और अनुशासन को दिया सिलोरा में सिलाई का व्यवसाय करने वाले कुसुमलता के पिता अमरचंद कुमावत ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर लगन के दम पर कुसुमलता ने राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान हासिल किया है। उनकी इस सफलता पर परिवार, समाज के लोगों, विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने बधाई देकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

हुडला में बेटे ने पिता की हत्या की:बाल्टी सिर पर मारी, मानसिक रूप से विक्षिप्त है आरोपी

महवा थाना क्षेत्र के हुडला गांव में एक बेटे ने अपने पिता की बाल्टी से वार कर हत्या कर दी। यह घटना रविवार शाम को हुई। आरोपी बेटा मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जा रहा है। थाना प्रभारी महेंद्र यादव ने बताया- हुडला निवासी 55 वर्षीय नाथूराम बैरवा का बेटा अनिल कुमार बैरवा मानसिक रूप से अस्वस्थ है। रविवार शाम को परिवार में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान अनिल ने अपने पिता नाथूराम के सिर पर बाल्टी से जोरदार वार कर दिया। वार से नाथूराम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल महुवा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें जयपुर रेफर कर दिया गया। जयपुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। थाना पुलिस जयपुर के अस्पताल पहुंची और परिजनों की मौजूदगी में मृतक का पोस्टमॉर्टम कराकर शव उन्हें सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

दो डंपरों की आमने-सामने भिड़ंत,एक चालक केबिन में फंसा:क्रेन से निकाला गया, अस्पताल में उपचार जारी

कोटपूतली के चोटिया पनियाला बाईपास पर शाम को दो डंपरों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि एक डंपर का केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक अंदर बुरी तरह फंस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। चालक के केबिन में बुरी तरह फंसे होने के कारण उसे बाहर निकालने के लिए क्रेन की सहायता लेनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। गंभीर रूप से घायल चालक को तत्काल एंबुलेंस के जरिए राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया। हादसे के कारण कुछ समय तक बाईपास पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है।