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राजस्थान के 25 सांसदों का रिपोर्ट कार्ड:हर साल मिलता है 5 करोड़ का फंड, ज्यादातर दिखा रहे कंजूसी, एक ने जीरो खर्च किया

राजस्थान के ज्यादातर लोकसभा सांसद हर साल मिलने वाले 5-5 करोड़ रुपए का फंड खर्च करने में कंजूसी दिखा रहे हैं। इस लिस्ट में कई केंद्रीय मंत्रियों के नाम भी हैं। पर्यटन और कला संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत दो साल में सिर्फ 74 लाख 40 हजार रुपए ही खर्च किए हैं। जबकि कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीना ने फंड से एक रुपया भी खर्च नहीं किया है। 19 जून, 2026 तक कांग्रेस-बीजेपी के ज्यादातर सांसदों का करोड़ों रुपये का फंड बिना खर्च हुए पड़ा है। सभी सांसदों को सड़क, स्कूल, अस्पताल और बुनियादी सुविधाओं को ठीक करने के लिए 3 बार 5-5 करोड़ रुपये का फंड मिल चुका है। केंद्र सरकार की ‘सांसद निधि’ वेबसाइट से आंकड़े दिखाते हैं कि प्रदेश के सांसद इस फंड का इस्तेमाल करने में काफी पीछे हैं। मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए- सांसदों ने विकास के लिए मिले पैसे का कितना इस्तेमाल किया है एक भी रुपए खर्च नहीं करने वाले सांसद टोंक-सवाई माधोपुर से सांसद हरीश चंद्र मीना ने सांसद विकास निधि से एक रुपया भी खर्च नहीं किया है। मीना ने इस सीट से लगातार दो बार के भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया को हराया था। हर साल 5 करोड़ के हिसाब से उन्हें अब तक 15 करोड़ का फंड जारी हुआ था। हरीश मीना ने 19 जून, 2026 तक एक भी विकास कार्य की अनुशंसा नहीं की है। इनके एमपी लैड फंड में 14 करोड़ 70 लाख का फंड है। सबसे कम खर्च करने वाले सांसद कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीना को छोड़ दें तो सबसे कम फंड इस्तेमाल करने वालों में जोधपुर से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत हैं। उन्होंने अबतक 14 करोड़ 70 लाख के फंड से लगभग 74 लाख रुपए के काम की अनुशंसा की है। इसके बाद बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और चित्तौड़गढ़ से सांसद चंद्रप्रकाश जोशी का नाम है। उन्होंने अबतक 14 करोड़ 70 लाख में से 1 करोड़ 4 लाख से ज्यादा रुपए के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। झालावाड़-बारां से सांसद दुष्यंत सिंह एक करोड़ 33 लाख से ज्यादा रुपए के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। वहीं, करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव ने 2 करोड़ 79 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। भूपेंद्र यादव, हनुमान बेनीवाल और संजना जाटव अव्वल संजना जाटव: राजस्थान में विकास कार्य के लिए सांसद निधि से सबसे अधिक खर्च करने वाले सांसदों में भरतपुर सांसद संजना जाटव पहले नंबर पर हैं। संजना जाटव दो साल में 14 करोड़ 70 लाख में से 11 करोड़ से ज्यादा विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुकी हैं। भूपेंद्र यादव: अलवर सांसद और केंद्रीय मंत्री यादव भी दिल खोलकर विकास कार्यों की अनुशंसा कर रहे है। उन्होंने 2 साल में 10 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। हनुमान बेनीवाल: नागौर सांसद भी सांसद निधि से विकास कार्य कराने में पीछे नहीं है। दो साल के एमपी लैड फंड 14 करोड़ 70 लाख में से 9 करोड़ 79 लाख से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुके हैं। अर्जुनराम मेघवाल: बीकानेर सांसद और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम भी 14 करोड़ 70 लाख में से 8 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुके हैं। सभी 25 लोकसभा पर सांसदों का रिपोर्ट कार्ड पढ़िए… भरतपुर : कांग्रेस सांसद संजना जाटव ने 26 जून, 2026 तक सांसद विकास निधि से 11 करोड़ 92 लाख रुपये का काम की अनुशंसा की है। अलवर : बीजेपी सांसद केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 10 करोड़ 50 लाख रुपए के काम की अनुशंसा (रिकमेंड) किया है। बाड़मेर : उम्मेदाराम बेनीवाल ने 9 करोड़ 68 लाख रुपये के काम की अनुशंसा की है। भीलवाड़ा : दामोदर अग्रवाल ने 9 करोड़ 64 लाख रुपये की काम की अनुशंसा की है। दौसा : मुरारी लाल मीना 5 करोड़ 84 लाख रुपये के काम की अनुशंसा कर चुके हैं। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ : कुलदीप इंदौरा 6 करोड़ 40 लाख रुपये की विकास कार्यों की अनुशंसा की है। जयपुर : मंजू शर्मा ने 8 करोड़ 57 लाख रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। जयपुर ग्रामीण : राव राजेंद्र सिंह ने 4 करोड़ 48 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। जालोर : लुंबाराम 8 करोड़ 27 लाख विकास कार्यों की अनुशंसा की है। झुंझुनूं :बृजेंद्र सिंह ओला ने 7 करोड़ 83 लाख विकास कार्यों की अनुशंसा की है। करौली-धौलपुर : भजनलाल जाटव ने 2 करोड़ 79 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। राजसमंद : महिमा कुमारी मेवाड़ ने 8 करोड़ 88 लाख रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। सीकर : अमराराम ने 7 करोड़ 79 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। टोंक-सवाई माधोपुर : हरीश चंद्र मीना ने एक भी रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा नहीं की है। उदयपुर : मन्नालाल रावत ने 6 करोड़ 35 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। बीकानेर : अर्जुनराम मेघवाल ने 8 करोड़ 79 लाख रुपए के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। चित्तौड़गढ़ : चंद्रप्रकाश जोशी ने 1 करोड़ 4 लाख से ज्यादा रुपए के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। चूरू : राहुल कस्वां 9 करोड़ 74 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुके हैं। झालावाड़-बारां : दुष्यंत सिंह एक करोड़ 33 लाख से ज्यादा रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। जोधपुर : गजेंद्र सिंह शेखावत 14 करोड़ 70 लाख में 74 लाख 40 हजार के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। पाली : पीपी चौधरी ने 2 करोड़ 63 लाख से ज्यादा रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। अजमेर : भागीरथ चौधरी ने 9 करोड़ 95 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। कोटा : लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसद निधि की राशि 14 करोड़ 70 लाख में से 4 करोड़ 33 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। बांसवाड़ा : राजकुमार रोत ने 9 करोड़ 67 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। नागौर : हनुमान बेनीवाल ने 9 करोड़ 79 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सांसद कुलदीप इंदौरा से सीधी बात सवाल : 2 वर्ष में एमपीलैड फंड से कितना बजट खर्च किया है? जवाब : मैं दो वित्तीय वर्ष में सांसद निधि से 6 करोड़ 40 लाख से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुका है। मेरा प्रयास है कि सांसद निधि की राशि स्कूल, अस्पताल और आंगनबाड़ी पर खर्च हो। मेरा बजट हर ग्राम पंचायत पर खर्च हो। सवाल : कांग्रेस-बीजेपी के कई सांसदों ने फंड बहुत कम खर्च किया है, क्या वजह है? जवाब : यह सांसद का व्यक्तिगत अधिकार है कि वह फंड से कितना खर्च करेंगे और कब खर्च करेंगे। कई सांसद चुनाव से ठीक पहले ही एमपी लैड फंड खर्च करते हैं। यह सांसद का निजी मामला है। सवाल : एमपीलैड फंड का बजट समय पर खर्च क्यों नहीं करते हैं? जवाब : देखिए, मेरा तो प्रयास रहता है कि जो अनुशंसा हो उस पर बजट खर्च हो। प्रस्ताव आते ही विकास कार्यों की अनुशंसा कर देता हूं। जैसा- आपने कहा केंद्रीय मंत्री ने बजट खर्च नहीं किया तो मेरा मानना है कि यह उनका व्यक्तिगत मामला है। कब फंड जारी करेंगे। कहां खर्च करना है। यह उनका व्यक्तिगत मामला है। सवाल : क्या बजट पर्याप्त है? जवाब : लोकसभा क्षेत्र में 8 विधानसभा क्षेत्र हैं। एमपीलैड फंड से मिली राशि का वितरण करना बड़ा मुश्किल है। क्योंकि मेरे पास अनुशंसा ही 100 करोड़ से ज्यादा की आई हुई है। हमें 5 साल में 25 करोड़ रुपए के फंड ही मिलते हैं। यह बजट अपर्याप्त है। केंद्र सरकार को बजट बढ़ाना चाहिए।

जोधपुर में तेज बारिश, सीकर पानी-पानी:जयपुर में पेड़ टूटे, कई जिलों में 2 इंच पानी बरसा; 5 दिन भारी बरसात की चेतावनी

राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में मानसून सक्रिय हो गया है। जोधपुर में सोमवार दोपहर करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। जलभराव के कारण शहर की कई सड़कें दरिया बन गईं। सीकर जिले में भारी बरसात से हालात बिगड़े हैं। शहर के प्रमुख इलाकों में 1 से 3 फीट तक पानी भर गया है। इसके कारण बाइक सवार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी भरने से रास्ते भी बंद हुए हैं। जयपुर में देर रात हुई तेज बारिश के कारण कई सड़कें धंस गई हैं, जगह-जगह बड़े पेड़ भी टूटे हैं। सड़कों पर भारी जलभराव होने के कारण वहां खड़ी कारों के पहिए तक पानी में डूब गए। बीते 24 घंटे में सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में भी 2 इंच से ज्यादा पानी बरसा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की सबसे ज्यादा एक्टिविटी उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में नजर आ रही है। रविवार को भी इन संभाग के जिलों में अच्छी बरसात हुई। राजस्थान के कई इलाकों में अगले 4-5 दिनों तक भारी बरसात की आशंका है। गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स जयपुर में अब तक सामान्य से ज्यादा बरसात: सीकर में रविवार देर रात शुरू हुआ बारिश का दौर सोमवार सुबह तक जारी रहा। यहां कुछ घंटों में 29 मिमी. से जयादा पानी बरसा है। शहर के प्रमुख सड़कें पानी में डूब गई हैं। जयपुर में रातभर रुक-रुककर बरसात हुई। राजधानी के मानसरोवर और गोपालपुरा इलाकों में सड़कें धंसने से 8 से 10 फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। जगह-जगह पेड़ भी टूटे हैं। भराव क्षमता का 67 प्रतिशत जलस्तर: बीसलपुर बांध में पानी की आवक शुरू हो गई है। बांध के भीलवाड़ा और टोंक जिले में स्थित कैचमेंट एरिया में पिछले चार दिन से बारिश होने से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बांध में 20 सेमी पानी आया है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 313.66 आरएल मीटर यानी कुल भराव क्षमता का 67 प्रतिशत हो गया है। अगले 5-6 दिन सक्रिय रहेगा मानसून: राधेश्याम शर्मा ने बताया- इस नए वेदर सिस्टम के असर से राज्य के पूर्वी भागों में आगामी 5-6 दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इसके प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। अब देखिए- राजस्थान में बारिश की PHOTOS… … यह खबर भी पढ़ें… जयपुर में बारिश से सड़कें धंसी, 10-फीट गहरे गड्‌ढे हुए:कार गिरी, क्रेन से निकालना पड़ा; रास्ता बंद होने से ट्रैफिक हुआ प्रभावित … मौसम के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

भास्कर अपडेट्स:कर्नाटक में स्कूल का गेट गिरा, 4 छात्र घायल; एक की हालत गंभीर

कर्नाटक के बागलकोट जिले के इलकल तालुक स्थित सरकारी स्कूल का गेट सोमवार सुबह अचानक गिर गया। हादसे में 4 छात्र और स्कूल का एक कर्मचारी घायल हो गए। इनमें छात्रा नयनाकुमारी को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के मुताबिक, सुबह स्कूल पहुंच रहे छात्रों ने जैसे ही गेट खोला, वह अपनी जगह से उखड़कर नीचे गिर गया। सभी घायलों का इलाज इलकल अस्पताल में चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले एक साल में स्कूल का यह गेट तीसरी बार गिरा है। उनका कहना है कि पहले भी इसकी मरम्मत की मांग अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद इलकल की ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जैस्मिन किलेदार अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी जुटा ली गई है और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। आज की बाकी बड़ी खबरें… TCS केस में निदा खान को दो महीने बाद जमानत, गर्भवती होने पर मिली राहत; सह-आरोपी दानिश शेख की अर्जी खारिज महाराष्ट्र के नासिक की एक अदालत ने TCS की कर्मचारी नीदा खान को यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले में गिरफ्तारी के करीब दो महीने बाद जमानत दे दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के. जी. जोशी ने सोमवार को यह आदेश दिया। हालांकि, सह-आरोपी दानिश शेख की जमानत अर्जी खारिज कर दी। PTI के मुताबिक, नीदा खान ने गर्भवती होने के आधार पर जमानत मांगी थी। नीदा खान की ओर से अधिवक्ता राहुल कसलीवाल ने पैरवी की। वहीं, लोक अभियोजक विजय गायकवाड़ और पीड़िता की ओर से अधिवक्ता मिलिंद कुरकुटे व नितिन पंडित ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध किया। अभियोजन के मुताबिक, दानिश शेख ने अपनी सहकर्मी पीड़िता को कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से इस्लाम से जुड़ी किताब और बुर्का दिया था। अभियोजन का दावा है कि इससे संकेत मिलता है कि पीड़िता का सुनियोजित तरीके से यौन शोषण किया गया और उसका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई। आरोप यह भी है कि आरोपियों को पता था कि पीड़िता अनुसूचित जाति (SC) से है। इसके बावजूद उसे धर्म बदलने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया। यह मामला देवलाली कैंप पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। मणिपुर में असम राइफल्स के काफिले पर हमला, दो जवान शहीद मणिपुर के उखरूल जिले में 40 असम राइफल्स के काफिले पर उग्रवादियों ने हमला किया। इस हमले में वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और राइफलमैन सीएम सिंह शहीद हो गए। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। फोरेंसिक टीम भी मामले की जांच में जुटी है। विधानसभा उपचुनाव- मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार की एक-एक सीट पर 30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को नतीजे चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश की दतिया, गुजरात की मंझलपुर और बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। नामांकन प्रक्रिया 6 जुलाई से शुरू हो गई है और 13 जुलाई तक चलेगी। चुनाव आयोग के मुताबिक जरूरत पड़ने पर 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना होगी। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, तीनों विधानसभा क्षेत्रों में नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई तय की गई है। इसके बाद चुनाव की अगली प्रक्रिया आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होंगे, वहां मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश (Paid Holiday) लागू रहेगा। इसके अलावा संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में ड्राई डे भी घोषित रहेगा। महादेव ऑनलाइन बुक केस में ED की प्रॉपर्टी अटैचमेंट बरकरार रखने की मांग, 940 करोड़ की संपत्तियां है जांच के घेरे में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन बुक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 940.77 करोड़ रुपए की संपत्तियों की अस्थायी कुर्की (प्रोविजनल अटैचमेंट) को बरकरार रखने के लिए प्राधिकरण से शिकायत दाखिल की है। एजेंसी ने दिल्ली के कारोबारी विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों को इस मामले में प्रतिवादी बनाया है। ED का दावा है कि ये संपत्तियां अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) से खरीदी गई हैं या उससे जुड़ी हैं। एजेंसी के अनुसार, कुर्क की गई कुल संपत्तियों में 893.03 करोड़ रुपए की चल संपत्तियां और 47.73 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां शामिल हैं। दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस में NIA ने मृतकों के अवशेषों की रिपोर्ट सौंपी दिल्ली के लाल किलाब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मृतकों के शरीर के अवशेषों से जुड़ी फोरेंसिक रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी है। विशेष NIA अदालत ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए उसकी जांच के लिए मामला सूचीबद्ध किया है। साथ ही पेश किए गए नौ आरोपियों की न्यायिक हिरासत अगली सुनवाई तक बढ़ा दी है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। NIA के अनुसार, नवंबर 2025 में हुए इस हाई-इंटेंसिटी विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। धमाके में आसपास की संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा था। एजेंसी इस मामले में पहले ही 10 आरोपियों के खिलाफ मुख्य चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिसमें शाहीन सईद समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। इसके अलावा जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और एक फरार आरोपी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की गई है, जिस पर पटियाला हाउस स्थित NIA अदालत में सुनवाई लंबित है। पश्चिम बंगाल की 3 राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव; 24 जुलाई को वोटिंग और रिजल्ट चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। इन सीटों पर 24 जुलाई को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। आयोग के मुताबिक, नामांकन, जांच और नाम वापस लेने की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी होगी। इसके बाद 24 जुलाई को मतदान और मतगणना कराकर नतीजे घोषित किए जाएंगे। मणिपुर के कांगपोकपी में गोलीबारी, 8 साल की बच्ची समेत 2 घायल मणिपुर के कांगपोकपी जिले में हथियारबंद लोगों की फायरिंग में 8 साल की एक बच्ची और 56 साल की महिला घायल हो गईं। पुलिस के मुताबिक, घटना रविवार शाम थिंगखोंगजांग गांव में हुई। दोनों घायलों को पहले असम राइफल्स के कैंप में प्राथमिक इलाज दिया गया, फिर देर रात इंफाल के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) अस्पताल रेफर किया गया। RIMS अस्पताल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जून में भी कांगपोकपी में गोलीबारी में घायल तीन कुकी युवकों को इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उन्हें हथियारबंद बताकर अस्पताल में घुसने की कोशिश की थी। कुकी समुदाय के शीर्ष संगठन कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि फायरिंग के पीछे NSCN (IM) और ZUF (Kamson) का हाथ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। देशभर में 58 इंजीनियरिंग-टेक्निकल कॉलेज बंद हुए, सबसे ज्यादा यूपी-महाराष्ट्र के; नए एडमिशन नहीं होंगे, मौजूदा छात्र डिग्री पूरी कर सकेंगे 2025-26 में देशभर के 58 इंजीनियरिंग और टेक्निकल कॉलेज फेज वाइज बंद कर दिए गए। इनमें मौजूदा छात्रों को डिग्री पूरी करने दी जाएगी। लेकिन अब फर्स्ट ईयर में नए एडमिशन नहीं होंगे। यूपी और महाराष्ट्र में 12-12, मप्र में 8 कॉलेज बंद हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका- निजी कोचिंग सिस्टम खत्म हो निजी कोचिंग संस्थानों को कानूनी दायरे में लाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को स्कूल शिक्षा से जोड़ने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई है। याचिका में कहा गया है कि देश में कोचिंग संस्थानों व डमी स्कूल मॉडल ने समानांतर शिक्षा व्यवस्था खड़ी कर दी है। मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ और सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में सफलता अब निजी कोचिंग पर निर्भर हो गई है। इससे स्कूल शिक्षा पर निर्भर छात्र पीछे रह जाते हैं।

भास्कर अपडेट्स:पश्चिम बंगाल की 3 राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव; 24 जुलाई को वोटिंग और रिजल्ट

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। इन सीटों पर 24 जुलाई को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। आयोग के मुताबिक, नामांकन, जांच और नाम वापस लेने की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी होगी। इसके बाद 24 जुलाई को मतदान और मतगणना कराकर नतीजे घोषित किए जाएंगे। आज की बाकी बड़ी खबरें… मणिपुर के कांगपोकपी में गोलीबारी, 8 साल की बच्ची समेत 2 घायल मणिपुर के कांगपोकपी जिले में हथियारबंद लोगों की फायरिंग में 8 साल की एक बच्ची और 56 साल की महिला घायल हो गईं। पुलिस के मुताबिक, घटना रविवार शाम थिंगखोंगजांग गांव में हुई। दोनों घायलों को पहले असम राइफल्स के कैंप में प्राथमिक इलाज दिया गया, फिर देर रात इंफाल के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) अस्पताल रेफर किया गया। RIMS अस्पताल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जून में भी कांगपोकपी में गोलीबारी में घायल तीन कुकी युवकों को इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उन्हें हथियारबंद बताकर अस्पताल में घुसने की कोशिश की थी। कुकी समुदाय के शीर्ष संगठन कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि फायरिंग के पीछे NSCN (IM) और ZUF (Kamson) का हाथ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। देशभर में 58 इंजीनियरिंग-टेक्निकल कॉलेज बंद हुए, सबसे ज्यादा यूपी-महाराष्ट्र के; नए एडमिशन नहीं होंगे, मौजूदा छात्र डिग्री पूरी कर सकेंगे 2025-26 में देशभर के 58 इंजीनियरिंग और टेक्निकल कॉलेज फेज वाइज बंद कर दिए गए। इनमें मौजूदा छात्रों को डिग्री पूरी करने दी जाएगी। लेकिन अब फर्स्ट ईयर में नए एडमिशन नहीं होंगे। यूपी और महाराष्ट्र में 12-12, मप्र में 8 कॉलेज बंद हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका- निजी कोचिंग सिस्टम खत्म हो निजी कोचिंग संस्थानों को कानूनी दायरे में लाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को स्कूल शिक्षा से जोड़ने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई है। याचिका में कहा गया है कि देश में कोचिंग संस्थानों व डमी स्कूल मॉडल ने समानांतर शिक्षा व्यवस्था खड़ी कर दी है। मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ और सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में सफलता अब निजी कोचिंग पर निर्भर हो गई है। इससे स्कूल शिक्षा पर निर्भर छात्र पीछे रह जाते हैं।

7-बच्चों की मौत के बाद भी स्कूलों में घटिया मरम्मत:जहां छतें मजबूत होनी थीं, वहां सिर्फ पेंट किया; 503 करोड़ के फंड में फर्जीवाड़ा

झालावाड़ के पिपलोदी में पिछले साल स्कूल की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की मौत हुई थी। इसके बाद जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए 503 करोड़ का बजट जारी किया गया था। लेकिन जिम्मेदारों की नाक के नीचे ऐसा फर्जीवाड़ा हुआ, जिसने हजारों मासूमों की जिंदगी फिर खतरे में डाल दी। आदेश थे 20 हजार से ज्यादा स्कूलों की जर्जर छतों को हटाकर मजबूत करने के, लेकिन दरारों में रंगाई-पुताई भरकर छोड़ दिया। जहां 2 लाख खर्च करने थे, वहां महज 40-45 हजार का काम कर पूरा भुगतान उठा लिया। दैनिक भास्कर ने 5 जिलों- जयपुर, अजमेर, दौसा, नागौर और डीडवाना-कुचमान के 20 स्कूलों की ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन की। हम सर्टिफाइड सिविल इंजीनियर और टाउन प्लानर डॉ. अंकित कश्मीरी गुप्ता को साथ लेकर गए। फिर कैमरे में जो सच रिकॉर्ड हुआ वो चौंकाने वाला था। पढ़िए- किस जिले में क्या हुआ… 1. जयपुर: जिले के 1691 स्कूलों के लिए प्रति स्कूल 1.96 लाख के हिसाब से 33.77 करोड़ रुपए मंजूर हुए थे। टेंडर के अनुसार इस बजट में वाटर प्रूफ करने के साथ-साथ 10-11 अलग-अलग काम होने थे। अब देखिए- स्कूलों के हालात… स्कूल-1 : पीएम श्री राजकीय उच्च उच्च माध्यमिक विद्यालय, दूदू एक्सपर्ट ऑब्जर्वेशन : एक्सपर्ट कमेंट : ब्रांडेड कंपनियां 12 लेयर वाटरप्रूफिंग के लिए 32 रुपए से 42 रुपए प्रति स्क्वायर फीट की दर से चार्ज करती हैं। यह उतनी बड़ी राशि का काम नहीं लगता, जितना कागजों में दर्शाया गया है। मेरे अनुमान से कुल खर्च 40 से 50 हजार रुपए से अधिक का नहीं बैठता। स्कूल-2 : राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय, दूदू एक्सपर्ट ऑब्जर्वेशन : एक्सपर्ट कमेंट : वायर मैश के साथ वाटरप्रूफिंग की बाजार लागत अधिकतम 32-40 रुपए प्रति वर्ग फीट है। बिना वायर मैश के 20-22 रुपए प्रति वर्ग फीट है। इस लिहाज से यहां हुए काम की अधिकतम लागत 40,000 या उससे भी कम बैठती है। स्कूल एलडीसी हनुमंत सिंह ने बताया: करीब 2-3 महीने पहले कुछ मजदूर आए थे। दो-तीन कमरों की छत पर व्हाइट पेंट मारकर चले गए। बजरी-सीमेंट, पाइप डालने जैसा कोई भी काम नहीं हुआ। 2. दौसा: जिले के 1010 स्कूलों में प्रति स्कूल 1 लाख 96 हजार रुपए के हिसाब से कुल 19 करोड़ 79 लाख 60 हजार रुपए के टेंडर निकाले थे। टेंडर शर्तों के अनुसार कई स्कूलों में तो 26 तरीके के काम होने थे। देखिए- 4 स्कूलों के हालात स्कूल-1 : महात्मा गांधी स्कूल, दौसा प्रिंसिपल का दावा: प्रिंसिपल पीएल मीणा ने फोन पर बताया कि बताया कि फंड से प्रिंसिपल ऑफिस की छत और एक बड़े हॉल की छत पर वाटरप्रूफिंग का काम किया गया है। स्कूल-2 : रामकरण जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दौसा स्कूल-3 : आनंद शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दौसा स्कूल-4 : राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामकुंड, दौसा ठेकेदार ने की खानापूर्ति: रामकुंड स्कूल में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल सिंगवाड़ा (दौसा) के प्रिंसिपल सुशील कुमार राय मिले। उन्होंने बताया कि ऐसा ही वाटरप्रूफिंग का काम उनके स्कूल में भी हुआ है। छत की पट्टियों में दरारें थीं। बारिश में पानी टपकता था। वहां ठेकेदार ने दरारें साफ कर उनको वाटरप्रूफ कोटिंग से भर दिया। न तो पट्टियां बदली और न RCC का कोई काम हुआ। 3. नागौर: जिले के 1287 स्कूलों को 25.74 करोड़ बजट मंजूर हुआ था। प्रति स्कूल 1 लाख 96 हजार रुपए के हिसाब से टेंडर किए थे। हम अखावास और बीजाथल के 4 स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचे। देखिए- यहां के हालात स्कूल-1 : प्राइमरी स्कूल, गुर्जरों की ढाणी, बीजाथल स्कूल-2 : राजकीय प्राथमिक विद्यालय, अखावास स्कूल-3 : प्राइमरी स्कूल, नैणों की ढाणी, अखावास 4. अजमेर: जिले के 219 स्कूलों में रिपेयरिंग के लिए टेंडर सम्रग शिक्षा अभियान (SAMSA) एजेंसी ने किए थे। 536 स्कूलों के टेंडर जिला परिषद् अजमेर ने पंचायत समिति स्तर से किए। प्रत्येक स्कूल में 2 लाख वहीं हर आंगनबाड़ी केंद्रों पर ये काम 1 लाख 86 हजार रुपए से होने थे। देखिए- यहां के हालात स्कूल-1 : राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोविंदगढ़ स्कूल प्रिंसिपल सरला का दावा- न तो हमें कुछ बताया गया और न ही हमसे कुछ पूछा गया था। ठेकेदार के आदमी आए और 2 दिन में काम करके चले गए। क्या काम होना था? हमें कोई जानकारी नहीं थी। छत पहले से ही कमजोर थी, भारी टाइल्स बिछाकर वजन और बढ़ा दिया। स्कूल-2 : राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, रामपुरा नांद स्कूल-3 : राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, गेगल 5. डीडवाना-कुचामन: जिले में 1018 स्कूलों में रिपेयरिंग के लिए टेंडर सम्रग शिक्षा अभियान (SAMSA) एजेंसी ने किए थे। इसके लिए 20 करोड़ से ज्यादा खर्च होने थे। क्या बोले- कलेक्टर और जिम्मेदार अधिकारी सवाल : SDRF फंड से सभी स्कूलों में रिपेयर के काम करवाए थे। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि निर्धारित जी शेड्यूल के अनुसार नहीं हुए हैं? सवाल : ज्यादातर स्कूलों में काम 40-45 हजार का हुआ और भुगतान पूरा 2 लाख कर दिया गया? जवाब : SDRF के काम में किसी एक व्यक्ति का काम नहीं होता। सरपंच और स्कूल की मॉनिटरिंग थी। जिला कलेक्टर ने भी इंस्पेक्शन के लिए कमेटी बनाई गई थी। तीन डिपार्टमेंट के AEN ने उस काम को अपनी एजेंसी के माध्यम से वेरिफाई किया। लास्ट में एसडीएम ने देखा। उसके बाद पेमेंट हुआ। यह कहना ठीक नहीं कि 40-45 हजार का ही काम हुआ है। सवाल : हमारे पास सबूत हैं, दूदू के एक स्कूल में वायर मैश के साथ 12 लेयर वाटरप्रूफिंग करनी थी, वहां वायर मैश के बिना 3-4 कोटिंग की गई थी। जवाब : इस तरह का कोई केस यदि ध्यान में आएगा तो जांच कराएंगे और कार्रवाई करेंगे। सवाल : जिन जगहों पर काम ही पूरा नहीं हुआ वहां ठेकेदारों को भुगतान तक हो गया, कैसे? जवाब : NOC या तो स्कूल के प्रधानाचार्य या वहां के हमारे एईएन ने जारी की होगी। कई जगह पंचायत समिति के प्रतिनिधियों ने NOC जारी की होगी। ये नहीं कहा जा सकता कि गलत NOC जारी हुई है। इस तरह की शिकायत है तो उसकी जांच कर सकते हैं। इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के दूसरे पार्ट में कल पढ़िए

सिया ने केतन मर्डर से पहले राजा रघुवंशी केस पढ़ा:मोबाइल हिस्ट्री से पता चला; यह भी जाना- क्या कस्टडी में महिला से मारपीट होती है

पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल ने वारदात से पहले इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की जानकारी जुटाई थी। पुलिस के मुताबिक सिया ने इंटरनेट पर यह भी सर्च किया था कि क्या पुलिस कस्टडी में महिलाओं के साथ मारपीट होती है। यह पूरी जानकारी सिया के दोनों मोबाइल की सर्च हिस्ट्री से मिली। पुलिस 2 दिन पहले सिया को उसके घर लेकर गई थी, जहां उसके बेडरूम से दूसरा मोबाइल भी जब्त किया है। घटना वाले दिन के कुछ चश्मदीद भी मिले हैं, जिनके बयान जांच को और मजबूत कर रहे हैं। 18 जून को सिया और चेतन ने केतन को पुणे के लोहगढ़ किले से 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया था। फिलहाल दोनों 16 जुलाई तक येरवदा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। सिया ने मीडिया को किया अश्लील इशारा… सिया के पिता बोले- चोट दिखा रही थी, अश्लील इशारा नहीं था सिया गोयल के पिता ने उन दावों को खारिज कर दिया है कि उसने मीडिया की ओर कोई अश्लील इशारा किया था। उनका कहना है कि वायरल वीडियो का गलत मतलब निकाला गया। उनके मुताबिक, कानूनी औपचारिकताओं के लिए पुलिस जब सिया को घर ला रही थी, तब कार का दरवाजा बंद होने से उसकी दो उंगलियों में चोट लग गई थी। सिया वही चोट दिखा रही थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय मौजूद पुलिसकर्मियों से इन चोटों की पुष्टि की जा सकती है। यह विवाद एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें पुलिस की हिरासत में ले जाते समय सिया आपत्तिजनक इशारा करती हुई दिखाई दी। केतन के पिता से बोली सिया- हिम्मत रखिए, केतन हमें ऊपर से देख रहा है पुलिस के अनुसार घटना के अगले ही दिन यानी 19 जून को सिया केतन के घर पहुंची और उसके पिता को सांत्वना देते हुए कहा, ‘केतन हमें ऊपर से देख रहा है, हिम्मत रखिए।’ जांच में सामने आया कि 18 से 23 जून तक दोनों आरोपी सामान्य जिंदगी जीते रहे। गिरफ्तारी के बाद भी उनके चेहरे पर पछतावा नहीं दिखा। पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि केतन की हत्या का दूसरा आरोपी चेतन चौधरी एक ही मोबाइल में दो नंबर इस्तेमाल कर सिया से कोड वर्ड में बात करता था। प्लानिंग से मर्डर तक 19 दिन में घटना को अंजाम दिया अब पढ़ें राजा रघुवंशी मर्डर केस के बारे में… इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी और सोनम की 11 मई 2025 को शादी हुई। दोनों शादी के कुछ दिन बाद मेघालय में हनीमून पर गए। 23 मई 2025 को होमस्टे से निकलने के बाद दोनों लापता हो गए। 2 जून 2025 को सोहरा के वेई सावडोंग फॉल्स के पास गहरी खाई से राजा का शव मिला। पुलिस का आरोप है कि पत्नी सोनम रघुवंशी ने प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य लोगों के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची। फिलहाल मेघालय हाईकोर्ट से सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई है। राजा रघुवंशी के परिवार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। —————— केतन मर्डर केस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सिया ने दोस्त से कहा था-शादी जो होने नहीं वाली:स्नैप चैट सामने आई; केतन की हत्या से 24 दिन पहले की थी बात पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में आरोपी मंगेतर सिया की स्नैपचैट पर एक दोस्त से की गई बातचीत वायरल हो रही है, जिसमें लिखा है- ये शादी नहीं होने वाली है। 25 मई की चैट में सिया अपनी एक दोस्त को लिखा- ‘शादी की टिकट के लिए आधार कार्ड फ्रंट-बैक भेज दे, जो होने नहीं वाली लेकिन फिर भी भेज दे।’ पूरी खबर पढ़ें…