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शिविर में रजिस्टर में लगी अटेंडेंस, लेकिन कर्मचारी मौजूद नहीं:विधायक के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, कलेक्टर को फोन कर कहा- ऐसी लापरवाही स्वीकार नहीं है

ग्राम पंचायत बैरागढ़ में राज्य सरकार की ओर से आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब क्षेत्रीय विधायक गोविंद रानीपुरिया ने शिविर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छह कर्मचारी मौके से अनुपस्थित मिले। कर्मचारियों की गैरमौजूदगी पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए इसे सरकारी कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही बताया। रजिस्टर में हस्ताक्षर, लेकिन ड्यूटी से नदारद मिले कर्मचारी निरीक्षण के दौरान विधायक गोविंद रानीपुरिया ने पाया कि अनुपस्थित कर्मचारियों ने उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर तो किए थे, लेकिन वे शिविर स्थल पर मौजूद नहीं थे। इस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए शिविर आयोजित कर रही है, ऐसे में कर्मचारियों की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। विधायक ने मौके से ही जिला कलेक्टर अजयसिंह राठौड़ को मोबाइल पर पूरे मामले की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की। बिजली आपूर्ति में लापरवाही पर भी जताई नाराजगी शिविर के दौरान लाइनमैन हरकेश मीना द्वारा समय पर बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं करने का मामला भी सामने आया। इस पर विधायक ने झालावाड़ के संबंधित विद्युत अधिकारियों से फोन पर बात कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। ये कर्मचारी मिले अनुपस्थित निरीक्षण के दौरान ओमप्रकाश गुर्जर, सीएचओ देवीलाल, पोस्ट ऑफिस के ललित कुमार मीना, ओजेएम छगनलाल, राजीविका की क्लस्टर कोऑर्डिनेटर धापू बाई भील तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की एलएस मांगीबाई अनुपस्थित पाई गईं। शिविर में दिनेश मंगल, ब्रजमोहन गुर्जर, नायब तहसीलदार संपतराज वर्मा, लाली बाई भील, अर्जुन गुर्जर, राहिल गुर्जर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद रहे।

ई-मित्र दुकान में चोरी मामले में आरोपी गिरफ्तार:1 किलो चांदी, 26,900 रुपए बरामद, नाबालिग भी डिटेन

मनोहरथाना पुलिस ने बीनागंज रोड स्थित एक ई-मित्र की दुकान में हुई चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है। चोरी हुए सामान में से 1 किलो चांदी के जेवर और 26,900 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एसपी अमित कुमार ने बताया- बीते दिनों फरियादी नंदराम तंवर ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि रात के समय उनकी बीनागंज रोड स्थित ई-मित्र की दुकान से अज्ञात चोरों ने लगभग एक किलो चांदी के कड़े और दुकान के गल्ले से करीब 28-30 हजार रुपए चुरा लिए थे। इस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले में गठित की गई पुलिस टीम ने घटना स्थल से लेकर मनोहरथाना कस्बे तक के संभावित रूटों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिसके बाद आरोपियों की पहचान की गई। मामले में आरोपी राजूलाल को मनोहरथाना से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर चोरी हुए 1 किलो चांदी के जेवर और 26,900 रुपए बरामद किए गए। एक अन्य नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।

सादुलपुर में आंधी-बारिश, पेड़ टूटकर गिरे:लंबोर टोल प्लाजा पर शीशे टूटे, कंप्यूटर सिस्टम खराब

सादुलपुर क्षेत्र में सोमवार शाम तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच रुक-रुक कर बूँदाबांदी और तूफानी हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम के इस अचानक बदलाव से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं कई स्थानों पर नुकसान भी दर्ज किया गया। तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़े खेजड़ी के कई पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ों के गिरने से आवागमन भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। लंबोर टोल प्लाजा पर व्यवस्था चरमराई सादुलपुर-झुंझुनू सड़क मार्ग पर स्थित लंबोर टोल प्लाजा पर आंधी का खासा असर देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण टोल बूथों के शीशे टूट गए और कंप्यूटर सिस्टम खराब हो गया, जिससे टोल संचालन पूरी तरह ठप हो गया। सिस्टम बंद होने के चलते वाहनों से शुल्क वसूली रोकनी पड़ी और आने-जाने वाले सभी वाहनों को बिना शुल्क गुजरने दिया गया। कई गांवों में हल्की से मध्यम बारिश क्षेत्र के अन्य गांवों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली, हालांकि तेज हवाओं के कारण कई जगह अव्यवस्था और पेड़ों के गिरने की स्थिति बनी रही।

जोधपुर में जेडीए ने सील की 6 अवैध फैक्ट्रियां:बिना परमिशन के संचालित हो रही थी; धुलाई और छपाई की यूनिट पर कार्रवाई

जोधपुर में जेडीए की ओर से सोमवार को 6 अवैध रंगाई, धुलाई और छपाई की फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया गया। जानकारी के अनुसार- जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी के निर्देशानुसार लगातार अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई जारी है। इसके तहत सांगरिया और सालावास में रंगाई, धुलाई एवं छपाई की अवैध फैक्ट्रियों को सील किया गया। जानकारी के अनुसार- जोजरी नदी में रंगीन पानी छोड़ने और अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ जेडीए कार्रवाई कर रहा है। इसके लिए सर्वे और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। उपायुक्त रामजी कलबी, तहसीलदार डॉ. हंसराज राठौड़ ने टीम के साथ सांगारिया और सालावास में निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आया कि बिना लैंड कन्वर्जन और परमिशन के अवैध फैक्ट्रियों का संचालन किया जा रहा था। ऐसे में चल रही अवैध रंगाई, धुलाई और छपाई की 6 फैक्ट्रियों को सील किया गया। साथ ही हिदायत दी कि किसी तरह की छेड़खानी करने पर कार्रवाई की जाएगी।

पड़ोसी के साथ मिलकर पति की हत्या की, दोनों गिरफ्तार:5 लाख में बुलाए थे तीन सुपारी किलर, बोरे में बांधकर कुएं में फेंक दिया था शव

प्रतापगढ़ के सालमगढ़ थाना क्षेत्र के दलोट गांव में 12 दिन पहले कुएं में मिले शव के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके पड़ोसी को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मध्य प्रदेश के मंदसौर से 5 लाख रुपए में तीन सुपारी किलर बुलावाए थे। पुलिस अब फरार तीनों सुपारी किलर की तलाश कर रही है। कुएं में बोरे में बंद मिला था शव सालमगढ़ थाना अधिकारी दीपक कुमार ने बताया- 26 जून को दलोट स्थित खेड़ापति मंदिर के पास एक कुएं में बोरे में बंद शव मिला था। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। शव की पहचान भचुंडला निवासी शंकरलाल मीणा के रूप में हुई। मृतक की बेटी ने शव की शिनाख्त की। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक की पत्नी तुलसीबाई की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले में पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया। पुलिस ने परिजनों, पड़ोसियों और आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। शराब पीकर करता था मारपीट पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक शंकरलाल शराब पीकर अक्सर अपनी पत्नी तुलसीबाई से मारपीट करता था। उसके दूसरी महिलाओं से भी अवैध संबंध थे, जिससे तुलसीबाई परेशान थी। इसी दौरान उसका पड़ोसी वाहिद कुरैशी से संपर्क बढ़ा और दोनों ने मिलकर शंकरलाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची। करीब दो महीने पहले तुलसीबाई और वाहिद ने मध्य प्रदेश के मंदसौर क्षेत्र के तीन सुपारी किलरों से 5 लाख रुपए में हत्या का सौदा तय किया था। इसके अलावा, तुलसीबाई ने वाहिद कुरैशी को आधा बीघा जमीन देने और अपने मकान में एक कमरा बनवाकर देने का भी वादा किया था। पत्नी-पड़ोसी की मौजूदगी में की हत्या 24 जून को तीनों सुपारी किलर शंकरलाल के घर पहुंचे, तीनों ने पत्नी और वाहिद की मौजूदगी में उसकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद शव को बोरे में बंद कर दलोट के खेड़ापति मंदिर के पास स्थित कुएं में फेंक दिया। हत्या को दुर्घटना या गुमशुदगी का रूप देने के लिए आरोपियों ने शंकरलाल की बाइक करीब तीन किलोमीटर दूर ले जाकर छोड़ दी। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी तुलसीबाई और पड़ोसी वाहिद कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में शामिल तीनों सुपारी किलर अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

सरकारी कर्मचारियों की बढ़ी सैलरी और पे-फिक्सेशन की होगी जांच:ज्यादा सैलरी उठाने वाले कर्मियों से होगी वसूली; जांच के बाद गलती तो अफसरों पर कार्रवाई

प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों की अब तक बढ़ी हुई सैलरी और वेतन निर्धारणों (पे-फिक्सेशन) की बारीकी से जांच की जाएगी। वित्त विभाग ने सभी कर्मचारियों के वेतन निर्धारणों की अगस्त तक जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं। जिन कर्मचारियों का पे-फिक्सेशन गलत हो गया और ज्यादा वेतन उठाया तो उनसे वसूली की जाएगी। वित्त विभाग ने इसके लिए नए सिरे से सर्कुलर जारी किया है। वित्त विभाग ने सर्कुलर जारी कर सभी विभागों को अब तक किए वेतन निर्धारणों की बारीकी से जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी और एमएसीपी सहित दूसरे पे-फिक्सेशन के मामलों में जांच की जाएगी। वित्त विभाग ने जांच के लिए फार्मेट भी तय किया है। हर विभाग और हर दफ्तर में विभागाध्यक्ष, सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर, एक वरिष्ठ अफसर का जांच दल बनाकर पे-फिक्सेशन की जांच करने के आदेश दिए हैं। विभाग ने इससे पहले 5 मई को सर्कुलर जारी किया था, लेकिन अब ताजा सर्कुलर में नए निर्देश जोड़े हैं। सितंबर के वेतन बिलों में जांच पूरी का सर्टिफिकेट देंगे वित्त विभाग ने अगस्त महीने तक जांच पूरी करने का टास्क दिया है। वहीं सभी कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की जांच पूरी होने का जॉइंट सर्टिफिकेट सितंबर के वेतन बिलों में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अफसरों को चेतावनी, गलती रही तो होगी वसूली वित्त विभाग ने वेतन निर्धारण की बारीकी से एररलेस जांच करने के आदेशों के साथ जिम्मेदारों को चेतावनी दी है। वित्त विभाग ने चेताया कि जांच के बाद भी भविष्य में यदि नियमों के खिलाफ वेतन भुगतान का मामला सामने आता है तो जांच से जुड़े अफसर, कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जांच में शामिल अफसर, कर्मचारियों से ज्यादा किए गए भुगतान की वसूली की जाएगी और विभागीय कार्यवाही भी होगी।

बांसवाड़ा में अवैध शराब की 8 भट्टियां तोड़ी:125 लीटर महुआ शराब जब्त, 33 ड्रमों में भरा 10 हजार लीटर महुआ वॉश नष्ट

बांसवाड़ा में लोहारिया थाना पुलिस और जिला विशेष शाखा (DST) की संयुक्त टीम ने ओजरिया गांव में कार्रवाई की। पुलिस ने छापेमारी कर 125 लीटर तैयार महुआ शराब जब्त की। साथ ही 33 ड्रमों में भरा करीब 10 हजार लीटर महुआ वॉश और शराब बनाने में इस्तेमाल हो रही 8 भट्टियों को मौके पर ही नष्ट कर दिया। मकान के पीछे चल रहा था अवैध शराब बनाने का काम पुलिस के अनुसार, ओजरिया गांव में अवैध महुआ शराब बनाने की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद लोहारिया थानाधिकारी जयपाल सिंह और जिला विशेष शाखा (DST) प्रभारी भंवरलाल के नेतृत्व में टीम ने ओजरिया निवासी सुभाष पुत्र मोहन सोलंकी के मकान के पीछे दबिश दी। यहां बड़े पैमाने पर कच्ची महुआ शराब तैयार की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 8 बड़े डेगचे और 7 पीतल के घड़े भी जब्त किए। कार्रवाई के बाद पुलिस ने लोहारिया थाने में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि अवैध शराब के इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा शराब की सप्लाई कहां की जा रही थी। संयुक्त टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम इस कार्रवाई में लोहारिया थानाधिकारी जयपाल सिंह, डीएसटी प्रभारी भंवरलाल, एएसआई सुरेंद्र सिंह, हेड कॉन्स्टेबल पृथ्वीपाल सिंह, मोहनलाल, मानसिंह, हरीशचन्द्र, रमेशचन्द्र, बदामीलाल तथा कांस्टेबल रमेशचन्द, तरुण जोशी, महेश और श्रवण शामिल रहे।

पंचायत-निकाय चुनाव नहीं कराने पर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर:पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा- चुनाव आयोग और सरकार जानबूझकर टाल रहे चुनाव

प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी परिसीमन और चुनाव प्रक्रिया को समय पर पूरा नहीं करने पर राज्य चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अवमानना याचिका में कहा- हाईकोर्ट ने फैसले में कहा था कि शहरी निकायों का वार्ड परिसीमन और मतदाता सूची का संशोधन 20 जून तक पूरा किया जाए और सम्पूर्ण चुनाव प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी कर ली जाए। इसके बावजूद अभी तक चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। याचिका में राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह, सचिव राजेश वर्मा, पंचायती राज आयुक्त डॉ. जोगाराम, और स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक प्रतीक चंद्रशेखर जुईकर को पक्षकार बनाया गया है। कोर्ट से मांग की गई है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करके उन्हें दंडित किया जाए। उन्हें 31 जुलाई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिए जाए। हाईकोर्ट अवमानना याचिका पर आगामी दिनों में सुनवाई करेगा। अधिकारी ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे याचिका में कहा गया कि विभिन्न विभागों के बीच हुए पत्राचार में अधिकारी अभी भी राजस्थान पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार करने पर अड़े हुए हैं, जबकि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा था कि आयोग की रिपोर्ट का इंतजार नहीं किया जाए और चुनावों को किसी भी आधार पर आगे नहीं टाला जाए। हाईकोर्ट का आदेश सभी अधिकारियों पर बाध्यकारी था, लेकिन अधिकारियों ने अपनी उदासीनता और गैर-जिम्मेदार रवैये से अदालत के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की है। हमने 1 जुलाई को संबंधित अफसरों को अवमानना का कानूनी नोटिस भी दिया था, लेकिन उसका भी कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। कोर्ट ने दिए थे 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेश राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले आयोग और सरकार को 15 अप्रेल तक प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार और आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र लगाकर चुनाव टालने की अपील की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने समय देते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने के लिए कहा था। वहीं ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए बोला था।

राजेंद्र राठौड़ बोले-मेरे जैसे पुष्प पूर्व, पूनिया जैसे अभूतपूर्व हुए:ओम माथुर ने कई लोगों को पेट्रोल पंप दिए; राज्यपाल बोले-आपको भी तो दिया है

जोधपुर में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा- छात्रसंघ को लोकतंत्र की फुलवारी कहते हैं। इसे सींचने वाले ओम माथुर यहां बैठे हैं। यहां कई तरह के पुष्प बैठे हैं। कुछ मेरी तरह पूर्व हो गए और कुछ सतीश पूनिया जैसे अभूतपूर्व हो गए। कुछ बाबू सिंह जैसे पूरे खिल गए। कुछ अरविंद सिंह जैसे कल खिलेंगे। इस पर सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने कहा- राजेंद्र रठौड़ हमारे यहां पुष्प खिलते ही रहते हैं। मैं तो उस पहाड़ी से हूं, जहां पत्थर पर भी पुष्प खिल जाते हैं। इसलिए राजेंद्र राठौड़ जी आप तो उस दुविधा से दूर हो जाएं, ये तो खिलते रहेंगे। ओम माथुर ने कहा- लगातार राजनीति में रहने के बाद, उतार-चढ़ाव देखना मुश्किल हो जाता है। लेकिन, उतार-चढ़ाव आने से ही व्यक्ति सक्षम बन जाता है। दोनों नेताओं ने ये बातें सोमवार को महाराजा जसवंत सिंह की प्रतिमा अनावरण के कार्यक्रम कही। राठौड़ ने कहा- ओमजी ने लोगों को पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियां दी राजेंद्र राठौड़ ने कहा- मैं जयपुर से चलकर आ रहा था। एक पर ओम पेट्रोल पंप एंड फ्यूल सेंटर लिखा था। मैंने पूछा ये क्यों लिखा तो मुझे कहा- इसके जनक आपके ओमजी हैं। मेरे जैसे एक दो नहीं उस समय ओमजी ने 250 से ज्यादा लोगों को बुला- बुलाकर पेट्रोल और गैस एजेंसी दी। आप न केवल शिल्पकार हो, उन टैलेंट व्यक्ति का टैलेंट देखते हुए जीवन से जोड़ने का काम किया। ओम माथुर ने कहा- आपको भी तो पेट्रोल पंप दिया पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी की बात पर ओम माथुर ने कहा-आपको भी तो दिया है। इस पर राठौड़ ने कहा- जयपुर के कानोता में पराक्रम पेट्रोल पंप भी आपकी कृपा से मिला है। पूनिया बोले-राजनीति में सीखने की पाठशाला राजेंद्र राठौड़ कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया भी मौजूद थे। सतीश पूनिया बोले- ओम माथुर हमारी राजनीति पाठशाला के पहले गुरु हैं। उन्होंने हमें चलना सिखाया है। वहीं, राजेंद्र राठौड़ से राजनीति में बहुत सीखने को मिला। भैरोसिंह के बाद कोई राजनीति की पाठशाला है तो वह राजेंद्र राठौड़ हैं। उन्होंने कहा – कागज का टुकड़ा किसी का भविष्य तय नहीं करता। बल्कि डिग्री से वह अपने पैरों पर खड़ा हो जाए। ऐसे संस्कार लेकर जाए जो समाज की समरसता, भाईचारा और देश के विकसित होने का कल्पना करते हैं, वह पूरे कर सके।

डमी बैठाकर कॉन्स्टेबल बना, 15 साल बाद FIR:भद्रकाली मंदिर के पीठाधीश्वर पर आरोप; बोला-20 से साधना में, नौकरी बाद में लगा

टोंक में भद्रकाली मंदिर के पीठाधीश्वर पर आरएसी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। 15 साल बाद मिली शिकायत पर एसओजी ने एफआईआर दर्ज करवाई है। आरोपी श्रीराम मीणा टोंक के निवाई तहसील के कांटोली गांव का रहने वाला है। भर्ती में चयन के बाद भी उनकी नियुक्ति को लेकर विवाद हुआ था। बाद में हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें जॉइनिंग मिली थी। पिछले करीब एक साल से आरोपी कॉन्स्टेबल बिना अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहा है। पुलिस भर्ती से जुड़े मूल दस्तावेज मंगवाकर उनका सत्यापन करेगी। साथ ही आरोपी से पूछताछ कर उसके वर्तमान हस्ताक्षरों का भर्ती के समय के हस्ताक्षरों से मिलान भी कराया जाएगा। पहले पढ़ें… आरोपी बाबा ने क्या कहा? आरोपों पर बाबा ने कहा- मैं वर्ष 2006 से मंदिर में साधना कर रहा हूं, जबकि नौकरी बाद में लगी थी। पहले भी आरोप लगाए गए थे कि मैं अनपढ़ हूं और फर्जी तरीके से नौकरी हासिल की है। उस समय जांच के बाद ही मुझे जॉइनिंग मिली थी। लोगों ने मंदिर भी नहीं बनने दिया और जमीन पर कब्जा करने के आरोप भी लगाए थे, लेकिन जांच में सभी आरोप गलत पाए गए। अब एसओजी की जांच में भी सच्चाई सामने आ जाएगी। इस मामले में मैं मानहानि का दावा भी करूंगा। आरोप- चार साल से ड्यूटी पर नहीं आया, फर्जी दस्तावेजों से नौकरी ली वहीं शिकायतकर्ता का आरोप है कि श्रीराम मीणा चार साल से ड्यूटी पर नहीं गया और सांठगांठ के दम पर नौकरी करता रहा। रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि साल 2018 में मेरे परिवार पर हमला कर मकान पर कब्जा कर लिया। इसके वे गांव छोड़कर जयपुर रहने लगे। आरोपी का छोटा भाई 2010 में डीपी चोरी के मामले में पकड़ा गया था। आरोपी के दो भाई भी सरकारी नौकरी में है। अब पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा मामला एसपी रोशन मीणा ने बताया- मामला टोंक में 9वीं आरएसी बटालियन में तैनात कॉन्स्टेबल श्रीराम मीणा से जुड़ा है। एसओजी को शिकायत मिली थी, जिसमें 15 साल पहले भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने का आरोप लगाया गया था। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसओजी ने आरएसी बटालियन कमांडेंट को मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद कमांडेंट राजेश चौधरी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी, जिस पर एफआईआर दर्ज की गई। 2011 की परीक्षा में डमी बैठाकर नौकरी पाने का आरोप कोतवाली थानाधिकारी भंवरलाल (बीएल) वैष्णव ने बताया – एसओजी परिवाद संख्या-3499 की प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आरोप है कि 23 जनवरी 2011 को आरएसी कॉन्स्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान टैगोर बाल निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र पर श्रीराम मीणा ने खुद परीक्षा देने के बजाय डमी अभ्यर्थी को बैठाया। चयन होने के बाद उसने 2 जुलाई 2011 को बटालियन मुख्यालय टोंक में दस्तावेज जमा किए और बाद में 18 जुलाई 2014 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद कॉन्स्टेबल के रूप में नियुक्ति मिली। तब से वह वेतन और अन्य भत्तों का लाभ लेता रहा। अब दस्तावेज और हस्ताक्षरों का होगा मिलान थानाधिकारी वैष्णव ने बताया – जांच के तहत आरएसी मुख्यालय जयपुर से भर्ती से जुड़े मूल दस्तावेज मंगवाए जाएंगे। उनके सत्यापन के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। उसके वर्तमान हस्ताक्षरों का भर्ती के समय किए गए हस्ताक्षरों से मिलान भी कराया जाएगा। पुलिस भर्ती रिकॉर्ड, परीक्षा दस्तावेज और विभागीय अभिलेखों की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित था या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय था। 2024 से ड्यूटी से गैरहाजिर, गांव में पीठाधीश्वर के रूप में पहचान थानाधिकारी ने बताया कि श्रीराम मीणा 18 जुलाई 2014 से आरएसी में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत था, लेकिन 14 सितंबर 2024 से बिना अनुमति लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर है। उसके खिलाफ 16 सीसीए के तहत विभागीय कार्रवाई भी चल रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी की तलाश जारी है। दूसरी ओर श्रीराम मीणा पिछले दो-तीन वर्षों से कांटोली गांव स्थित प्राचीन मां भद्रकाली मंदिर का पीठाधीश्वर भी है। वह नशामुक्ति और कथित घर वापसी अभियानों को लेकर भी चर्चा में रहा है।