यूआईटी ने जमीन से अतिक्रमण हटाया, ग्रामीणों ने किया विरोध:सचिव बोले- ओक्शन के बाद किया था कब्जा, स्टे की कॉपी पेश करें

सवाई माधोपुर के पास जमूलखेड़ा गांव में शुक्रवार को यूआईटी की टीम चारागाह जमीन का पजेशन लेने पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध किया और यूआईटी टीम के साथ गहमा-गहमी हुई। मौके पर पुलिस जाब्ता मौजूद होने से स्थिति नियंत्रण में रही। इसके बाद यूआईटी ने जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटा दिया। मामले में ग्रामीणों और यूआईटी ने अलग-अलग दावे किए हैं। चारागाह जमीन पर कार्रवाई का ग्रामीणों ने किया विरोध जमूलखेड़ा निवासी हीरालाल ने बताया कि रणथंभौर के आसपास की चारागाह जमीन को लेकर हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि इसके बावजूद यूआईटी नगर सुधार और टाउनशिप प्लान के नाम पर चारागाह जमीन होटल और फार्म हाउस के लिए बेच रही है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में शुक्रवार को यूआईटी की टीम जमूलखेड़ा की चारागाह जमीन का पजेशन लेने पहुंची थी, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। पुलिस की मौजूदगी में हटाया अतिक्रमण ग्रामीणों के विरोध के दौरान यूआईटी टीम और ग्रामीणों के बीच गहमा-गहमी हुई। हालांकि मौके पर पुलिस जाब्ता मौजूद होने के कारण ज्यादा विवाद नहीं हुआ। इसके बाद यूआईटी की टीम ने जेसीबी की मदद से जमीन पर किया गया अतिक्रमण हटा दिया। यूआईटी सचिव ने क्या कहा यूआईटी सचिव गौरव बुडानिया ने बताया कि राज्य सरकार के आदेश के अनुसार यूआईटी क्षेत्र की चारागाह जमीन का स्वामित्व यूआईटी को दिया गया है। इसके बाद इस जमीन का ओक्शन किया गया था। उन्होंने कहा कि ओक्शन के बाद कुछ ग्रामीणों ने इस जमीन पर अतिक्रमण कर लिया था, जिसे हटाने के लिए टीम भेजी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों की ओर से कोर्ट के किसी स्टे ऑर्डर की कॉपी नहीं दिखाई गई है। अगर स्टे है तो उसकी कॉपी पेश करनी चाहिए।

बड़े भाई ने छोटे भाई को पीट-पीटकर मार डाला:क्रिकेट बैट से सिर पर कई वार किए; पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ था विवाद

बाड़मेर में बड़े भाई ने छोटे भाई की पीट-पीटकर हत्या कर दी। छोटा भाई रुपए के लेन-देन का हिसाब करने अपने बड़े भाई के घर गया था। दोनों भाइयों में किसी बात को बहस होने लगी। आवेश में आकर बड़े भाई ने घर में पड़े क्रिकेट बैट से छोटे भाई के सिर पर कई वार किए। इससे छोटे भाई की मौके पर ही मौत हो गई। घटना शिव थाना इलाके के पुषड़ गांव में गुरुवार शाम की है। मृतक सुरेश (25) पुत्र तोगाराम खेती करता था। पिता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बड़े भाई जेठाराम को डिटेन कर लिया। एफएसएल और एमओबी टीमों ने मौके से सबूत जुटाए। पैसे को लेकर दोनों भाइयों में हुआ था विवाद शिव थानाधिकारी मनोहर विश्नोई ने बताया- पुषड़ गांव निवासी तोगा राम का बड़ा बेटा जेठाराम गांव के बाहर बनी ढाणी में पिता और अपने परिवार के साथ रहता है। वहीं छोटा बेटा गांव में रहता था। दोनों भाई खेती करते थे। गुरुवार शाम सुरेश रुपए के लेन-देन को लेकर जेठा राम के घर गया था। वहां दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। पिता तोगाराम बड़े बेटे जेठाराम के साथ ही रहते हैं। घटना के समय पिता और जेठाराम की पत्नी घर पर ही थी, दोनों ने विवाद को शांत करवाने का प्रयास किया। जेठाराम ने क्रिकेट बैट से सुरेश के सिर पर वार कर दिया। जिससे सुरेश की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों भाई तीन साल से अलग रह रहे थे दोनों भाई करीब 3 साल से अलग रह रहे थे। दोनों के घरों में करीब 5 किलोमीटर की दूरी है। हालांकि लेन-देन के विवाद को लेकर फिलहाल जांच जारी है। थानाधिकारी ने बताया- मृतक के पिता तोगाराम ने बड़े बेटे जेठाराम के खिलाफ शुक्रवार को रुपए के लेन-देन को लेकर छोटे बेटे सुरेश का मर्डर करने की रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

दिग्विजय करेंगे उज्जैन से अयोध्या तक 1000 KM पदयात्रा:राम मंदिर चंदे का हिसाब मांगेंगे; कोर्ट में केस करेंगे; सोशल मीडिया नहीं चलाएंगे

यूपी के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़ा ऐलान किया है। भोपाल में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा- 2 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि तक करीब 1000 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। इसमें कांग्रेस का प्रचार नहीं होगा और वे यात्रा के दौरान फेसबुक, एक्स (ट्विटर) समेत किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपए का चंदा दिया था। उनके पास आज भी चंदे की रसीद और चेक की प्रति सुरक्षित है। वकीलों से चर्चा के बाद केस करेंगे दायर दिग्विजय ने कहा- 5 या 6 जुलाई को वरिष्ठ अधिवक्ताओं से चर्चा के बाद अयोध्या जाकर कोर्ट में मुकदमा दायर करेंगे। राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे का पूरा हिसाब मांगेंगे। अगर जांच में वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो ट्रस्ट के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। चंदा देने वालों को भी पदयात्रा का न्योता उन्होंने कहा कि पदयात्रा में उन सभी लोगों को आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था। किसी भी राजनीतिक दल का व्यक्ति यदि चंदे में पारदर्शिता चाहता है तो वह यात्रा में शामिल हो सकता है। यात्रा के दौरान वे चंदा देने वालों की रसीद और चेक की प्रतियां भी साथ लेकर चलेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि भगवान राम के नाम पर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया था। ऐसे में अगर उस धन के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। कोर्ट अदालत में वित्तीय अनियमितता साबित होती है तो वे अपना चंदा वापस लेकर किसी मान्यता प्राप्त धार्मिक पीठ या शंकराचार्य के न्यास को दान कर देंगे। महाकाल मंदिर में बने गेस्ट हाउस पर भी सवाल पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान आरएसएस और वीएचपी की आर्थिक पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र की कीमती जमीन पर आरएसएस से जुड़े ट्रस्ट ने गेस्ट हाउस बनाया। अब वहां 100 कमरों का होटल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वहां ठहरने वालों को वीआईपी दर्शन की सुविधा मिलती है और चंदे के उपयोग की भी जांच होनी चाहिए। सभी मंदिर ट्रस्टों का हिसाब होना चाहिए उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं में आर्थिक पारदर्शिता जरूरी है और राम मंदिर ट्रस्ट सहित सभी धार्मिक ट्रस्टों के चंदे का सार्वजनिक हिसाब होना चाहिए। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि अपने घर के बाहर एक तख्ती लगाएंगे, जिस पर लिखा होगा- मेरे घर में चंदा चोरों का प्रवेश निषिद्ध है।
…………………………………. यह खबर भी पढ़ें दिग्विजय पर सवाल उठाने वाली निधि चतुर्वेदी को शो-कॉज नोटिस मध्यप्रदेश कांग्रेस में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के बाद संगठन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश महासचिव एवं पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी की बेटी निधि चतुर्वेदी और महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका किरार को अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

जैसलमेर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, पटवारी लखबीर ट्रैप:उपनिवेशन पटवारी 50 हजार की रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार, सरकारी आवास पर सर्च ऑपरेशन जारी

जैसलमेर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने आज एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए एसीबी ने नाचना उपनिवेशन विभाग के पटवारी लखबीर यादव को 50 हजार की रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथों दबोचा है। पटवारी की गिरफ्तारी के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, एसीबी की टीम पटवारी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, वहीं दूसरी ओर आरोपी पटवारी के सरकारी आवास पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। शिकायत के बाद एसीबी ने बिछाया जाल प्राथमिक जानकारी के अनुसार, परिवादी ने एसीबी कार्यालय में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज करवाई थी कि उपनिवेशन पटवारी लखबीर यादव उसका एक सरकारी काम करने के एवज में लंबे समय से चक्कर कटवा रहा है और काम की एवज में मोटी घूस की मांग कर रहा है। एसीबी की टीम ने गोपनीय रूप से शिकायत का सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद आज योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। जैसे ही परिवादी ने पटवारी को रिश्वत की राशि थमाई, इशारा मिलते ही घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने दबिश देकर आरोपी पटवारी को रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने उसके पास से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली है। सरकारी आवास पर छानबीन जारी पटवारी लखबीर यादव को ट्रैप करने के तुरंत बाद एसीबी की टीम उसे लेकर उसके सरकारी आवास पर पहुंची। समाचार लिखे जाने तक आरोपी के सरकारी आवास पर एसीबी का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। टीम वहां मौजूद अलमारियों, बैंक खातों, जमीनों के दस्तावेजों और अन्य बेनामी संपत्तियों की गहनता से पड़ताल कर रही है। एसीबी के उच्च अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई अभी प्रारंभिक चरण में है। सर्च ऑपरेशन पूरा होने और दस्तावेजों की जांच के बाद ही रिश्वत की कुल राशि और आरोपी की अन्य संपत्तियों का पूरा खुलासा किया जा सकेगा। मामले की अग्रिम जांच जारी है। खबर अपडेट की जा रही है….

तारानगर बस स्टैंड पर युवकों में मारपीट, VIDEO:तारानगर पुलिस थाने से चंद कदमों की दूरी पर हुई वारदात, पुलिस में मामला दर्ज नहीं

चूरू जिले के तारानगर थाना क्षेत्र में मुख्य बस स्टैंड, नगरपालिका के सामने कुछ युवकों के बीच मारपीट हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पांच-छह युवक आपस में लात-घूंसे चला रहे हैं। यह मारपीट खुलेआम एक-दूसरे पर हमला करने में बदल गई। यह घटना तारानगर पुलिस थाने से चंद कदमों की दूरी पर हुई, जिस पर स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि पुलिस थाने के पास ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस से ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में तारानगर पुलिस थाने द्वारा अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सीकर में 8 साल में सबसे लेट मानसून की एंट्री:पिछली बार सामान्य से ज्यादा हुई थी बरसात; इस बार भी अच्छी बारिश की उम्मीद

सीकर में मानूसन की एंट्री हो गई है। पिछले साल 2025 में मानसून ने 29 जून को दस्तक दी थी। इस बार मानसून की 4 दिन देरी से आया है। पिछले 8 साल में मानसून सबसे देरी से आया है। सामान्यत: सीकर जिले में मानसून की एंट्री जून के आखिरी सप्ताह में हो जाती है। इस बार जुलाई में एंट्री हुई है। मानसून भले ही देरी से आया लेकिन मौसम पहले ही बदलने लगा था। जिले के पूर्वी इलाके नीमकाथाना क्षेत्र में मानसूनी हवा की वजह से बारिश शुरू हो गई है। जून महीने में इस बार एक वेदर सिस्टम एक्टिव होने की वजह से 9 दिन बारिश हुई। इसे प्री-मानसून की बारिश माना गया है। जुलाई महीने में सीकर शहर में सामान्य बारिश होती है। इस बार भी सामान्य के आस-पास बारिश होने की संभावना है। 8 साल में सबसे लेट एंट्री सीकर में इस साल मानसून पिछले 8 सालों में सबसे लेट एंट्री कर रहा है। ग्रामीण कृषि सेवा परियोजना के नोडल ऑफिसर डॉ. नरेंद्र पारीक ने बताया कि पिछले साल मानसून ने सीकर में 3-4 जून को एंट्री की थी। पिछले साल के मुकाबले देरी से आया मानसून इस बार मानसून पिछले साल की तुलना में देरी से आया है। 2025 में 3 जून को जिले में मानसून आ गया था। इस बार करीब एक महीना देरी से मानसून ने एंट्री ली है। पिछले 10 साल के आंकड़े देखे तो 2025 से लेकर 2019 तक जून में ही मानूसन आया है।

अजमेर में मानसून की एंट्री: सामान्य से देरी से पहुंचा:बांधों भी बढ़ने लगी पानी की आवक; 10 साल में पिछले साल सबसे ज्यादा बरसात थी

अजमेर में आखिरकार मानसून ने आज दस्तक दे दी है। आमतौर पर जिले में मानसून 26 जून के आसपास सक्रिय हो जाता है। इस बार जुलाई की शुरुआत में मानसून की एंट्री हुई है। शहर के साथ किशनगढ़, पुष्कर, ब्यावर, केकड़ी, सरवाड़, मसूदा और आस-पास के इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार- अगले कुछ दिनों में मानसून और सक्रिय होगा, जिससे जिले में अच्छी बारिश की संभावना है। जुलाई में अच्छी बारिश की संभावना इस बार जून में बारिश सामान्य से कम रही, क्योंकि मानसून की एंट्री देरी से हुई। जुलाई की शुरुआत के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसूनी सिस्टम मजबूत होने से जुलाई में अच्छी बारिश हो सकती है। पिछले दो सालों में जुलाई और पूरे मानसून सीजन में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। इसी वजह से इस बार भी लोगों को अच्छी बारिश की उम्मीद है। जून में सबसे ज्यादा बारिश 2023 में हुई थी जून महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा बारिश 2023 में 382.4 मिमी दर्ज हुई। इसके मुकाबले 2019 में केवल 15.5 मिमी बारिश हुई थी। पिछले साल 2025 में जून में 112.4 मिमी बारिश और 2024 में 104.9 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इससे साफ है कि जून में बारिश का पैटर्न हर साल अलग रहा है। जलाशयों में बढ़ने लगा पानी, अच्छी बारिश से और सुधरेगी स्थिति मानसून की सक्रियता के साथ जिले के प्रमुख जलाशयों में भी पानी की आवक शुरू हो गई है। हालांकि अधिकांश बांध अभी पूरी क्षमता से काफी नीचे हैं। यदि जुलाई में अच्छी बारिश होती है तो जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और पेयजल के साथ सिंचाई की स्थिति भी बेहतर होगी।

10 साल का रिकॉर्ड : देर से आया मानसून, लेकिन हर बार एक जैसा नहीं रहा ट्रेंड पिछले दस साल के रिकॉर्ड के अनुसार- मानसून की देरी और जल्दी आने का असर बारिश पर जरूर पड़ता है, लेकिन हर बार परिणाम एक जैसे नहीं रहे। साल 2018 में सामान्य से 2 प्रतिशत कम बारिश हुई और इसे कमजोर मानसून माना गया। 2019 में मानसून के सक्रिय होने के बाद जिले में 67 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज हुई। सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 2025 में बना, जब पूरे मानसून में 878 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 92 प्रतिशत अधिक थी। इसके पहले 2024 में 819.6 मिमी बारिश हुई थी, जो सामान्य से 79 प्रतिशत ज्यादा रही। यानी पिछले दो सालों ने जिले की बारिश का पूरा रिकॉर्ड बदल दिया।

जयपुर में झगड़े में नाबालिग के पेट में घोंपा चाकू:बाइक साइड की बात पर हुआ झगड़ा, लहूलुहान होकर गिरने पर भागा हमलावर

जयपुर में मामूली कहासुनी के बाद झगड़े में एक नाबालिग के पेट में चाकू घोंप घायल करने का मामला सामने आया है। बाइक साइड हटाने की बात पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। चाकू से वार से लहूलुहान होकर गिरने पर हमलावर फरार हो गया। मालपुरा गेट थाना पुलिस ने घायल लड़के को SMS हॉस्पिटल में एडमिट करवाया है। पुलिस ने गुरुवार शाम FIR दर्ज कर हमलावर की तलाश शुरू कर दी है। हेड कॉन्स्टेबल गजानन्द ने बताया- उत्तरप्रदेश फरुखाबाद के कोतवाली निवासी 26 वर्षीय युवक ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वह ईदगाह रोड सांगानेर में अपने 16 साल के भाई शानू (बदला हुआ नाम) के साथ रहता है। बुधवार रात को शानू शनि बाजार में रहने वाले दोस्त से मिलने गया था। रात करीब 11:15 बजे बाइक साइड करने की बात को लेकर कॉलोनी में रहने वाले लड़के से कहासुनी हो गई। कहासुनी के बाद दोनों में झगड़ा होने पर मारपीट शुरू हो गई। गुस्साया हमलावर उसे मारने के लिए चाकू निकाल लाया। चाकू से पहले गले पर वार किया। शानू के जैसे-तैसे गले का बचाव किया तो हमलावर ने पेट में चाकू घोंप दिया। पेट से खून निकलने से लहूलुहान होकर नीचे गिरने पर हमलावर वहां से भाग निकला। शानू के घायल होने पर परिजनों को बताकर पुलिस की मदद से SMS हॉस्पिटल पहुंचाया। घायल शानू का SMS हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने नाबालिग पीड़ित के भाई की शिकायत पर FIR दर्ज कर हमलावर की तलाश शुरू कर दी है।

बिजली का मीटर लगाने गई टाटा पावर टीम पर हमला:सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज, मीटर की ऊंचाई को लेकर हुआ विवाद

अजमेर के दरगाह थाना क्षेत्र में बिजली का नया मीटर लगाने पहुंची टाटा पावर की टीम के साथ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। पीड़ित कर्मचारी करौली निवासी घनश्याम (31) की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी यूसुफ और उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, 29 जून दोपहर करीब 1:15 बजे घनश्याम अपनी टीम के सदस्य शाहरुख, लोकेश और राहुल के साथ खादिम मोहल्ला स्थित हुसैन मंजिल में उपभोक्ता मोहम्मद अहमद के यहां नया बिजली मीटर लगाने पहुंचे थे। इसी दौरान मीटर लगाने की ऊंचाई को लेकर विवाद हो गया। उपभोक्ता ने मीटर सात फीट की ऊंचाई पर लगाने की बात कही, जबकि कर्मचारी ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की गाइडलाइन का हवाला देते हुए डिस्प्ले 5 से 6 फीट की ऊंचाई पर लगाने का नियम बताया। इसी दौरान पड़ोसी यूसुफ मौके पर पहुंचा और उसने भी मीटर सात फीट पर लगाने का दबाव बनाया। कर्मचारी के मना करने पर आरोपी ने कथित रूप से धक्का देकर उसे घर के अंदर ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर यूसुफ ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। रिपोर्ट के अनुसार, यूसुफ के बेटे ने भी कर्मचारी के साथ हाथापाई की। कर्मचारी जब वहां से निकलने लगा तो आरोपियों ने उसे रोककर दोबारा मारपीट की, जिससे उसके चेहरे और गर्दन पर चोटें आईं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान आरोपियों ने टीम का सामान भी मौके पर ही रोक लिया, जिसके कारण टीम करीब दो घंटे तक अपना कार्य नहीं कर सकी। घटना की सूचना उसने अपने वरिष्ठ अधिकारियों प्रकाश यादव और भूपेंद्र को भी दी। दरगाह थाना पुलिस ने घनश्याम की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया।

मानसून की पहली बारिश से SMS ट्रोमा सेंटर पानी-पानी:देर रात हुई बरसात से ग्राउंड फ्लोर पर जगह-जगह पानी भरा, फॉल सिलिंग गिरी; माइनर ओटी में पानी टपकने से ट्रीटमेंट रोका

जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में पीडब्ल्यूडी विंग के खराब मैनेजमेंट ने एक बार फिर मरीजों की परेशानी बढ़ा दी। मानसून की पहली बारिश में ट्रोमा सेंटर के ग्राउड फ्लोर पर जगह-जगह पानी भर गया। माइनर ओटी में पानी भरने से मरीजों का ट्रीटमेंट रोककर उसे दूसरी जगह करवाना पड़ा। वहीं ओटी के पास कॉरिडोर में फॉल सिलिंग गिर गया। ये तो मानसून की शुरूआत है और अभी ढाई से तीन माह और मानसून एक्टिव रहने की संभावना है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे है कि अगर बहुत तेज बारिश आती है तो उस समय मरीजों का क्या होगा? रात करीब 1 से 3 बजे के बीच जयपुर शहर में कई इलाकों में हुई बारिश के बाद ट्रोमा सेंटर में एक ड्रेनेज पाइप के फटने से वहां से निकला पानी ग्राउंड फ्लोर पर गिरने लगा। मुख्य इमरजेंसी हॉल के पास बने ईसीजी रूम में पानी भर गया। इसके पास मैन कॉरिडोर, माइनर ओटी में पानी टपकने से मरीजों को परेशानी हुई। माइनर ओटी में आने वाले मरीजों को दूसरी जगह ट्रीटमेंट दिया गया। जबकि माइनर ओटी के पास कॉरिडोर में फॉल सिलिंग भी गिर गई। सूचना पर ट्रोमा सेंटर के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेन्द्र मांडिया, उपअधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी, अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने वहां व्यवस्थाएं सुधरवाने का काम शुरू करवाया। बरामदें समेत सभी जगह पर फर्श पर जगह-जगह पानी आने से फिसलन होने लगी। वहीं मरीज, परिजन और स्टाफ को भी परेशानी होने लगी। ये पहला मौका नहीं है, जब ट्रोमा सेंटर पर पानी भरने की शिकायत आई हो। इससे पहले पिछले साल भी आईसीयू वार्ड, ऑपरेशन थिएटर समेत कई कई वार्डो और अन्य जगहों पर पानी भरने की परेशानी सामने आई थी। जगह-जगह से फॉल सिलिंग टूटी डक्टिंग के जरिए पानी आने के कारण हॉस्पिटल परिसर में लगी फॉल सिलिंग भी जगह-जगह से टूट गई। ग्राउंड फ्लोर के पास बने माइनर ओटी, प्लास्टर रूम वाले कॉरिडोर में लगी फॉल सिलिंग का हिस्सा टूट कर गिर गया। गनीमत ये है कि जहां फॉल सिलिंग का हिस्सा गिरा वहां मरीजों का मूवमेंट नहीं होता है। इंफेक्शन फैलने का खतरा मुख्य इमरजेंसी और अन्य जगहों पर पानी होने और गंदगी बढ़ने से वहां इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में गंभीर मरीजों को भी यहां मजबूरन इस अव्यवस्था के बीच इलाज करवाना पड़ रहा है। पिछले साल सरकार और मेडिकल हैल्थ डिपार्टमेंट ने बजट देकर इसमें सुधार के निर्देश दिए थे, लेकिन फिर भी हालात खराब है। पाइप फटने से पानी आया, ठीक करवा रहे है ट्रोमा सेंटर के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेन्द्र मांडिया ने बताया- सूचना मिलते ही मैं खुद यहां मौके पर आया और यहां व्यवस्थाएं देखकर इसे जल्द से जल्द ठीक करवाने के निर्देश दिए है। एक पुराना ड्रेनेज पाइप के फटने से पानी यहां आया है, जो पुराने ईसीजी रूम में ज्यादा भरा है। हमने पीडब्ल्यूडी विंग को बोल दिया है पाइप जल्द ठीक करवाए और सफाई करवा दी है, ताकि किसी तरह की मरीजों को परेशानी नहीं हो।