12 दिन पहले डकैती करने वाले 6 बदमाशों को दबोचा:30 पुलिसकर्मियों ने 300 से ज्यादा कैमरे खंगाले, यूपी तक पीछा करके पकड़ा

झुंझुनूं में पीपली चौक के मलसीसर रोड पर 21 जून की रात को घर में घुसकर हथियार की नोक पर की गई डकैती का पुलिस ने 12 दिनों में पर्दाफाश किया है। झुंझुनूं पुलिस ने उत्तर प्रदेश के एक सक्रिय अंतर्राज्यीय डकैत गिरोह के 6 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। हथियारों के दम पर की थी लूट झुंझुनूं एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया- ​21 जून की रात को हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों का एक गिरोह मलसीसर रोड स्थित एक मकान में घुसा था। बदमाशों ने घर के सदस्यों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया और घर में रखी नकदी, सोने-चांदी के गहने, मोबाइल फोन और यहां तक की सीसीटीवी डीवीआर भी लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल था। एसपी ने बताया- आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीमों ने तकनीक और मुखबिर की मदद से 6 आरोपी राशिद कुरैशी (31) निवासी मेरठ, सतार (36) निवासी बागपत, ​सरफराज उर्फ भुटन (32) निवासी मेरठ, जाहिद उर्फ लंबू (47) निवासी बागपत, ​राजीव उर्फ राजू खट्टा (38) निवासी बागपत, ​आरिफ (22) निवासी हापुड़ को गिरफ्तार किया है। ये सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। ​30 पुलिसकर्मियों की मेहनत, 300 कैमरे खंगाले एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया- घटना की गंभीरता को देखते हुए 5 विशेष टीमों का गठन किया गया था। लगभग 30 पुलिसकर्मियों की टीम ने पिछले 12 दिनों से दिन-रात एक कर दिया। जांच के दौरान पुलिस ने झुंझुनूं शहर और आसपास के क्षेत्रों के 200 से 300 सीसीटीवी कैमरों को देखा। ​तकनीकी साक्ष्यों और टोल प्लाजा के डेटा के आधार पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त दो स्कॉर्पियो गाड़ियों को ट्रेस किया। ये गाड़ियां झुंझुनूं से राजगढ़, भादरा, हिसार और सोनीपत होते हुए उत्तर प्रदेश के बागपत और मेरठ तक गई थीं। कबाड़ी का काम करने वाले ने रची पूरी साजिश ​जांच में सामने आया कि गिरोह का सदस्य आरिफ, जो पहले झुंझुनूं में कबाड़ी का काम कर चुका था, उसने इस वारदात की पूरी कहानी लिखी थी। उसे घर की और आसपास की जानकारी थी। उसने उत्तर प्रदेश के हार्डकोर अपराधियों, जाहिद और सरफराज के साथ मिलकर योजना बनाई। ​ इनका साथी जाहिद उर्फ लंबू एक आदतन अपराधी है। जिस पर डकैती और लूट के 16 से अधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं सरफराज भी गिरोह का एक मुख्य और शातिर अपराधी है। पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी ​पुलिस ने अंतर्राज्यीय समन्वय का परिचय देते हुए बागपत, मेरठ और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में दबिश दी। पहले तीन आरोपियों राशिद, सत्तार और सरफराज को वारदात में काम मे ली जाने वाली गाड़ी के साथ पकड़ा। पूछताछ के बाद मिली जानकारी पर दूसरी टीम ने दिल्ली-अलवर एक्सप्रेस-वे पर नाकाबंदी कर मुख्य आरोपी राजीव उर्फ राजू खट्टा, जाहिद और आरिफ को भी दबोच लिया। इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका ​DSP गोपाल ढाका के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार मील के नेतृत्व में गठित टीम का अहम योगदान रहा। इस खुलासे में कांस्टेबल प्रवीण कुमार और योगेंद्र सिंह का विशेष योगदान रहा। वहीं श्रवण कुमार मील, विरेन्द्र कुमार, ​मनीष कुमार, दिनेश, विक्रम सिंह, जितेन्द्र थाकन, अमित, प्रवीण, चेनाराम, योगेन्द्र सिंह, प्रदीप कुमार, संदीप, पुरुषोत्तम, संदीप, विकास, ​सुरेन्द्र सिंह, राजेश कुमार, प्रदीप, दिनेश, रुपेन्द्र, आनन्द मान,सतेन्द्र और रोहित शामिल थे।

10 साल के मासूम की जोहड़ में डूबने से मौत:घर से खेलने के लिए निकला था, रातभर परिजन ढूंढते रहे; दूसरे दिन मिला शव

बीकानेर में 10 साल के बालक की जोहड़ में डूबने से मौत हो गई। वह 5वीं क्लास का छात्र था। बुधवार शाम को घर से खेलने के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक भी वापस नहीं लौटा। रातभर परिजनों और ग्रामीणों ने उसे ढूंढते रहे। गुरुवार सुबह गांव के पास बने कच्चे जोहड़ से उसका शव बरामद हुआ। मामला महाजन थाना क्षेत्र के जैतपुर गांव का है। घर से खेलने के लिए निकला था जानकारी के अनुसार, जैतपुर निवासी सूर्य पुत्र ओमप्रकाश नायक बुधवार को स्कूल से घर लौटने के बाद शाम को खेलने के लिए निकला था। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर रिश्तेदारों और ग्रामीणों की मदद से आसपास खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। जोहड़ किनारे मिली चप्पल गुरुवार सुबह मोहल्ले के पास पानी निकासी के लिए बनाए गए कच्चे जोहड़ के किनारे सूर्य की चप्पलें पड़ी मिलीं। इसके बाद अनहोनी की आशंका के चलते ग्रामीणों ने तैराकों की मदद से जोहड़ में तलाश शुरू की। कुछ देर बाद बालक का शव जोहड़ से बाहर निकाल लिया गया। परिजन तुरंत सूर्य को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर महाजन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मासूम बच्चे की असमय मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे जैतपुर गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने भी इस हृदयविदारक हादसे पर गहरा दुख जताया है। कंटेंट : गणेश रांकावत, अरजनसर

सांवलिया सेठ को चढ़ाया चांदी का बैट:चित्तौड़गढ़ के कुशाग्र भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम शामिल: श्रीलंका दौरे पर पहुंचे

चित्तौड़गढ़ में बस्सी के 19 साल के क्रिकेटर कुशाग्र ओझा का चयन भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में हुआ है। परिवार ने गुरुवार को सांवलिया सेठ के दरबार में 500 ग्राम चांदी का बैट चढ़ाया। कुशाग्र के पिता ने बताया कि बेटे के चयन के लिए मन्नत मांगी थी। सांवलिया सेठ को अर्पित सिल्वर बैट.. श्रीलंका में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रार्थना कुशाग्र के पिता ओमप्रकाश जयपुर में HDFC बैंक में मैनेजर हैं। उन्होंने बताया- कुशाग्र 30 जून को ही टीम के साथ श्रीलंका के दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं। चांदी का बैट चढ़ाकर भगवान से कुशाग्र के श्रीलंका में बेहतरीन प्रदर्शन की प्रार्थना की है। उन्होंने बताया- कुशाग्र का चयन भारतीय अंडर-19 पुरुष क्रिकेट की वनडे और टेस्ट दोनों टीमों में हुआ है। पहला मुकाबला 4 जुलाई को खेला जाएगा। आशा है कि कुशाग्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करेंगे और भारतीय टीम में अपनी जगह बनाने का दावा मजबूत कर लेंगे। उनके चयन से बस्सी के साथ-साथ पूरे जिले में खुशी का माहौल है। लोग बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं। तीसरी कक्षा से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर कुशाग्र ओझा का जन्म साल 2006 में जयपुर में हुआ था और फिलहाल उनकी उम्र 19 साल है। परिवार ने बताया कि जब वह तीसरी कक्षा में पढ़ते थे, तभी से क्रिकेट खेलने का शौक था। स्कूल के दिनों में जयपुर से क्रिकेट की शुरुआत हुई और बाद में उन्होंने नियमित कोचिंग लेना शुरू किया। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून शुरू से ही साफ दिखाई देता था। परिवार के अनुसार उनका एक ही सपना था कि एक दिन भारतीय टीम की जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करें। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने लगातार मेहनत की और अपने प्रदर्शन में सुधार करते रहे। कूच बिहार ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद मिली बड़ी सफलता पिता ओमप्रकाश ओझा ने बताया कि कुशाग्र ने हाल ही में कूच बिहार ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें बेंगलुरु में आगे की ट्रेनिंग और कोचिंग का मौका मिला। लगातार बेहतर खेल के दम पर आखिरकार उनका चयन भारतीय अंडर-19 टीम में हो गया। पिता जयपुर के एचडीएफसी बैंक में मैनेजर हैं, जबकि मां निशा ओझा गृहिणी हैं। परिवार अब पूरी तरह से जयपुर शिफ्ट हो चुका है। परिवार का कहना है कि बेटे ने हमेशा क्रिकेट को ही अपना लक्ष्य माना और उसी दिशा में मेहनत करता रहा। अब भारतीय टीम में चयन होने से सालों की मेहनत सफल हुई है। परिवार को भरोसा है कि कुशाग्र श्रीलंका दौरे पर भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे और भविष्य में सीनियर भारतीय टीम तक पहुंचने का अपना सपना भी पूरा करेंगे।

सीएम ने 424 करोड़ के विकास कार्यों का किया शिलान्यास:किसान के घर चाय पी, 'वीबी जी राम जी योजना' की शुरुआत की

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को ब्यावर जिले के देवमाली गांव पहुंचे। उन्होंने भगवान देवनारायण मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने गांव के किसान रामलाल गुर्जर के घर पहुंचकर उनके परिवारजनों से मुलाकात की और उनके साथ चाय पी। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत प्रशासक समिति के सदस्यों और ग्रामीणों से भी संवाद किया। सीएम ने मसूदा कृषि उपज मंडी में ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी योजना’ (वीबी जी राम जी) का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 424 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया, जिसमें देवमाली में 2 करोड़ रुपए की लागत से दर्शनार्थियों के लिए आश्रय स्थल का निर्माण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने गांव के स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों से शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बालिका शिक्षा को विशेष महत्व देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रॉपआउट की स्थिति न बने और विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। देवमाली में मोबाइल नेटवर्क की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने इसके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने देवनारायण मंदिर तक रोपवे निर्माण की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘विकास भी और विरासत भी’ विजन के अनुरूप देवमाली गांव में विकास कार्यों को गति दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि गांव की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए विकास कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि देवमाली की विशिष्ट पहचान और परंपराओं का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की आवश्यकताओं की नियमित जानकारी लेकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नमो उपवन देवमाली में ‘वीबी जी राम जी योजना’ के तहत पौधारोपण अभियान का शुभारंभ गांव की बुजुर्ग महिला प्रेम देवी से करवाया। उन्होंने स्वयं पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाभियान के अंतर्गत पौधारोपण करने वाले स्कूली बच्चों को प्रशस्ति पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक वीरेन्द्र सिंह कानावत सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

IGP बोले- एक्सप्रेसवे के डायवर्जन पॉइंट पर क्लियरेटी नहीं:ट्रेलर ड्राइवर की लापरवाही रही; लेन ड्राइविंग पर करेंगे फोकस

दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत के बाद जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश गुरुवार दोपहर घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों से हादसे की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में आईजी ने ट्रेलर चालक की लापरवाही और स्लीपर बस के ओवरस्पीड होने की आशंका जताते हुए मामले की गहन जांच की बात कही। आईजी राहुल प्रकाश ने कहा – यह बेहद दुखद हादसा है, जिसमें आठ लोगों की दर्दनाक मौत हुई। मौके का निरीक्षण करने के बाद प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि दिल्ली से जयपुर जाने वाले वाहनों को डायवर्जन से बाईं ओर जाना होता है, जबकि दिल्ली से सवाई माधोपुर जाने वाले वाहनों को सीधे जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि डायवर्जन पॉइंट पर यह स्पष्ट नहीं है कि वाहन चालक को किस दिशा में मुड़ना है, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है। सीसीटीवी में सामने आया हादसे का घटनाक्रम आईजी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच में स्पष्ट दिख रहा है कि स्लीपर बस ट्रेलर के पीछे चल रही थी। ट्रेलर डायवर्जन पॉइंट से थोड़ा आगे निकल गया था और उसने स्पीड कम कर टर्न लेने की कोशिश की। इसी दौरान सीधे आ रही बस ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों वाहन हाईवे के मीडियन में उतर गए और उनमें आग लग गई। उन्होंने कहा कि बस के ओवरस्पीड होने की भी संभावना है। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और घायल यात्रियों के बयान लेकर पूरे मामले की जांच की जा रही है। लेन ड्राइविंग पर रहेगा फोकस जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे की तर्ज पर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के सवाल पर आईजी ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर लेन ड्राइविंग को सख्ती से लागू करने पर फोकस किया जाएगा, ताकि वाहन चालक अपनी-अपनी लेन में चलें और हादसों की संभावना कम हो। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर नो-पार्किंग नियमों की पालना को लेकर दौसा और अलवर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, जिसे आगे और सख्ती से लागू किया जाएगा। चालान सिस्टम की कमियां भी होंगी दूर आईजी राहुल प्रकाश ने कहा कि एनआईसी और एनएचएआई की ओर से संचालित ई-चालान प्रणाली की भी बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। पहले इसमें लेन ड्राइविंग का विकल्प नहीं था, जिसे अब जोड़ा गया है। ओवरस्पीड वाहनों के लगातार चालान किए जा रहे हैं, वहीं सिस्टम की अन्य कमियों को भी जल्द दूर किया जाएगा। घटनास्थल पर आईजी राहुल प्रकाश ने एक्सप्रेस-वे पर तैनात डायल-112 पुलिस वाहन के उपकरणों की भी जानकारी ली। इस दौरान बांदीकुई डिप्टी एसपी लक्ष्मीकांत शर्मा, सदर थाना प्रभारी मुकेश चौधरी और कोलवा थाना पुलिस का जाप्ता भी मौजूद रहा।

कर्नाटक में MP के 5 मजदूरों समेत 7 की मौत:ग्रेनाइट खदान में चट्टान गिरी, सिर फूटा, हाथ-पैर टूटे; टुकड़ों में बंट गया ट्रैक्टर

कर्नाटक के बेंगलुरु के मदापट्टना स्थित ग्रेनाइट खदान में गुरुवार को 40 फीट की ऊंचाई से चट्टान गिरने से मध्य प्रदेश के अनूपपुर के रहने वाले 5 मजदूरों समेत 7 की मौत हो गई, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में एक मजदूर छत्तीसगढ़ और एक कर्नाटक के यादगीर जिले का निवासी था। पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मृतकों और घायलों को मलबे से बाहर निकाला। चट्टान की चपेट में आने से कई मजदूरों के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। न्यूज एजेंसी PTI ने सेंट्रल रेंज के डीआईजी एस. गिरीश से बातचीत के आधार पर MP के मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। हादसे के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने दुख जताते हुए जांच के निर्देश दिए। खदान मालिक ने मृतकों के परिजन को 10-10 लाख और घायलों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई। मंत्री प्रहलाद बोले- जानकारी जुटाई जा रही वहीं, मध्य प्रदेश के श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया- हादसे की जानकारी मांगी गई है। श्रम विभाग के अधिकारी कर्नाटक प्रशासन के संपर्क में हैं । मध्य प्रदेश के श्रम विभाग के प्रमुख सचिव रघुराज एमआर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- कर्नाटक में हुई एक घटना के बारे में जानकारी मिली है। मृतकों में मध्य प्रदेश के मजदूरों के शामिल होने की आशंका है। मध्य प्रदेश के श्रम आयुक्त कर्नाटक के अपने समकक्ष के संपर्क में हैं। आवश्यक समन्वय कर रहे हैं। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… चट्टान गिरने से 5 मजदूर घायल, 4 सुरक्षित बच निकले डीआईजी एस. गिरीश ने बताया कि खदान में ऊपर और नीचे दो क्रेशर संचालित हो रहे थे। हादसे के समय करीब 16 मजदूर काम कर रहे थे। ऊपरी हिस्से में ड्रिलिंग के दौरान विशाल ग्रेनाइट चट्टान फिसलकर नीचे गिरी, जिससे मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में 5 मजदूर घायल हुए, जबकि 4 सुरक्षित बच निकले। लोडिंग वाहन और ट्रैक्टर कई टुकड़ों में बंटा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चट्टान गिरने से लोडिंग वाहन और ट्रैक्टर कई टुकड़ों में बंट गया। राहत दल ने घंटों की मशक्कत के बाद मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला। अस्पताल और खदान परिसर में परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था। कर्ज चुकाने गया था मजदूर यादगीर के एक मृतक मजदूर के परिजन ने बताया कि परिवार बेटियों की शादी के बाद हुए कर्ज को चुकाने के लिए बेंगलुरु में मजदूरी कर रहा था। इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद परिजन ने मुआवजे और पुनर्वास की मांग की है। सरकार ने जांच के दिए निर्देश मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट में हादसे की वजह ब्लास्टिंग नहीं, बल्कि चट्टान खिसकना या मिट्टी धंसना सामने आई है। वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा। भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए नए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे ने प्रथम दृष्टया लापरवाही की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि खान एवं भूविज्ञान और गृह विभाग संयुक्त जांच कर रहे हैं। दोषियों पर कार्रवाई होगी। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने खदान की अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी की गई केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने राज्य में सक्रिय खनन लॉबी पर मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने घायलों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अनूपपुर के थे हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर कर्नाटक के ग्रेनाइट खदान हादसे में जान गंवाने वाले पांचों मजदूर मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के निवासी थे। जैतहरी थाना प्रभारी के मुताबिक मृतकों में भुवनेश्वर सिंह गौंड, राजपाल सिंह (35), रामअवतार सिंह (31) और राजेश प्रसाद चौधरी (28) शामिल हैं, जबकि एक अन्य मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है। तीन मजदूर घायल हुए हैं, जिनकी पहचान गुलाब सिंह (27), राजपाल सिंह (30) और छोटू लाल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मृतकों में एक ग्राम सिंघोरा, एक ग्राम सेमरवार और एक ग्राम चोलना का रहने वाला था। अनूपपुर एसपी विक्रांत मुराब ने बताया कि सभी पीड़ितों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

कपड़े-बर्तन बेचने के बहाने रेकी करते, रात में चोरी:राजस्थान समेत कई राज्यों में था नेटवर्क, 20 तोला सोना और कार बरामद

श्रीगंगानगर पुलिस ने चार महीने की मशक्कत के बाद दीवार फांदकर घरों में चोरी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। पदमपुर थाना पुलिस ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में सक्रिय गैंग के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के 20 तोला सोने के जेवरात और वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद की है। पदमपुर थाना प्रभारी सुमन जयपाल ने बताया – 18 फरवरी की रात पदमपुर निवासी अमित छाबड़ा के घर में चोरी हुई थी। रात 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच बदमाश दीवार फांदकर घर में घुसे और कमरे का ताला व संदूक काटकर करीब 22-23 तोला सोने के जेवरात और दो लाख रुपए नकद चोरी कर ले गए। इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। 500 CCTV और 50 टोल प्लाजा के कैमरों से मिला सुराग मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने एएसपी रायसिंहनगर रामेश्वर लाल और श्रीकरणपुर सीओ पुष्पेंद्र सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम ने लगातार चार महीने तक जांच की। करीब 500 सीसीटीवी फुटेज, 50 टोल नाकों के कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। इसके बाद राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में छापेमारी कर गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चरल उर्फ दलेर (60) निवासी गोकुलपुर, तरनतारन (पंजाब), शंभू उर्फ जावर (35) निवासी मुरादपुरा, तरनतारन (पंजाब), कालीराम उर्फ बरंटू (52) निवासी रामामंडी, जालंधर (पंजाब) और अजय उर्फ अक्षय (25) निवासी फिरोजपुर (पंजाब) के रूप में हुई है। दिन में रेकी, रात में नंगे पैर घरों में घुसकर करते थे चोरी पूछताछ में खुलासा हुआ कि गैंग के सदस्य गांवों में कपड़े और बर्तन बेचने के बहाने घूमते थे। इसी दौरान वे घरों की रेकी कर आसान निशाने चुनते थे। रात में नंगे पैर घरों में घुसकर चोरी करते और वारदात के बाद अपनी झुग्गी-झोपड़ी हटाकर दूसरे इलाके में शिफ्ट हो जाते थे, जिससे पुलिस के लिए उनका सुराग लगाना मुश्किल हो जाता था। चारों पर पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुख्य आरोपी चरल उर्फ दलेर पर 7, शंभू उर्फ जावर पर 7, कालीराम उर्फ बरंटू पर 5 और अजय उर्फ अक्षय पर 6 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से अन्य राज्यों में की गई चोरी की वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है।

इंडियन नेवी ने समुद्री लुटेरों का हमला किया नाकाम:अदन की खाड़ी में INS त्रिकंड के मार्कोस कमांडों को देखते ही भाग निकले लुटेरे

भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS त्रिकंड ने बुधवार रात अदन की खाड़ी में एक व्यापारी जहाज पर समुद्री लुटेरों के हमले की कोशिश नाकाम कर दी। जहाज MV Golden Arsenal पर एक भारतीय चालक दल का सदस्य भी मौजूद था और यह भारत के लिए महत्वपूर्ण कार्गो लेकर आ रहा था। नौसेना के पहुंचते ही समुद्री लुटेरे मौके से फरार हो गए। इसके बाद मार्कोस कमांडो ने जहाज पर चढ़कर उसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया। समुद्री लुटेरों ने जहाज पर चढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद चालक दल के सदस्यों ने संचार माध्यम के जरिए अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही मिशन पर तैनात INS त्रिकंड मौके पर पहुंचा। युद्धपोत को आते देख लुटेरे भाग निकले। सुरक्षित कमरे में छिपकर क्रू मेंबर्स ने नेवी को दी सूचना अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही समुद्री डाकुओं ने जहाज पर कब्जा करने की कोशिश की, क्रू मेंबर्स ने खुद को एक सुरक्षित कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने तुरंत रेडियो कम्युनिकेशन चैनल के जरिए भारतीय नौसेना को इस हमले की जानकारी दी और मदद मांगी। सूचना मिलते ही मिशन पर तैनात INS त्रिकंड मौके पर पहुंचा। युद्धपोत को आते देख लुटेरे भाग निकले। इसके बाद भारतीय नौसेना के मार्कोस कमांडो ने जहाज पर चढ़कर तलाशी ली और पूरे पोत को सुरक्षित किया। घटना में किसी तरह के नुकसान या हताहत होने की जानकारी नहीं दी गई है। भारत के लिए बेहद जरूरी कार्गो लदा हुआ था सूत्रों के मुताबिक, जिस जहाज पर डाकुओं ने हमला किया था, उसका नाम MV गोल्डन आर्सेनल है। इस कमर्शियल जहाज पर भारत के लिए बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण सामान (कार्गो) लदा हुआ था। सबसे खास बात यह है कि इस जहाज के क्रू में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। चालक दल के किसी भी सदस्य के घायल होने या जहाज को कोई नुकसान पहुंचने की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है। INS त्रिकंड ने दो महीने में समुद्री लुटेरों की तीसरी कोशिश नाकाम की इससे पहले 19 जून को भी INS त्रिकंड ने पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज MV Fareeda 5 से मिले संकट संदेश पर तत्काल कार्रवाई की थी। भारतीय नौसेना के मुताबिक, समय पर हस्तक्षेप कर संभावित समुद्री डकैती के खतरे को टाल दिया गया और जहाज की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। भारतीय नौसेना ने तब कहा था कि क्षेत्र में एक ‘प्राथमिक सुरक्षा साझेदार और प्रथम प्रतिक्रिया बल’ के रूप में वह व्यापारी जहाजों की सुरक्षा, समुद्री डकैती से मुकाबला और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले 27 मई को भी भारतीय नौसेना के आईएनएस कोलकाता ने पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज MV Mashallah 1 के पास संदिग्ध समुद्री डकैती की कोशिश को विफल किया था। हेलीकॉप्टर और बोर्डिंग टीम की मदद से जांच कर खतरे को टाल दिया गया था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… जिंदा मिसाइल के साथ भारत पहुंचा ऑयल टैंकर:ओमान तट के पास हमला हुआ; 2000km सफर कर कोच्चि आया इंडियन नेवी ने संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह से कोच्चि आए एक ऑयल टैंकर से जिंदा मिसाइल को सुरक्षित निकालकर बड़ा समुद्री हादसा टाल दिया है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 26 मई को ओमान तट के पास MT ओलम्पिक ऑयल टैंकर पर हमला हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…

पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर,10 बड़ी खबरें:₹1 करोड़ का सोना पकड़ा; निहंग ने मेकअप आर्टिस्ट धमकाया; पूर्व CM चन्नी बगावत के मूड़ में; PM मोदी का दौरा

नमस्कार, पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर कांग्रेस में बदलाव के बाद नाराजगी से जुड़ी रही। इससे पूर्व CM चरणजीत चन्नी, सांसद सुखजिंदर रंधावा और चंडीगढ़ सांसद मनीष तिवारी नाराज दिखे। इससे पार्टी में 2027 के चुनाव से पहले बगावत की संभावना बन गई है। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… सबसे पहले आज की टॉप 5 खबरें 1. एयरपोर्ट पर ₹1 करोड़ का सोना पकड़ा, जूतों में छुपाया था अमृतसर एयरपोर्ट पर 1 करोड़ का सोना पकड़ा गया है। इसके साथ महिला समेत 3 यात्रियों को गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों पेस्ट और कड़े-चेन में छुपाकर सोना ला रहे थे। एक पैसेंजर ने जूते में सोने का पिस्ट छिपा रखा था। कस्टम विभाग और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की टीमों ने ये कार्रवाई की। कस्टम अधिकारी के मुताबिक बरामद सोने को जब्त कर लिया गया है। सोने के साथ पकड़े गए यात्रियों पर सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिसया गया है। विभाग ने ये पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि इन मामलों के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय गोल्ड तस्करी गिरोह तो सक्रिय नहीं है। अफसरों के मुताबिक UAE के शारजाह-दुबई जैसे शहरों में सोना भारत के मुकाबले सस्ता होता है। भारत में आने पर ऊंची इंपोर्ट ड्यूटी लगने से तस्करों को बड़ा मुनाफा मिलता है। इसी कीमत के अंतर का फायदा उठाने के लिए वे यात्रियों के जरिए पंजाब समेत भारत में अवैध रूप से सोना पहुंचाते हैं (पढ़ें पूरी खबर) 2. कांग्रेस में बगावत के आसार, चन्नी ने मीटिंग बुलाई, रंधावा ने चुप्पी साधी, मनीष तिवारी भी नाराज पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले किए बदलाव को लेकर कांग्रेस में बगावत के आसार बन गए हैं। पूर्व CM चरणजीत चन्नी और सांसद सुखजिंदर रंधावा अमरिंदर राजा वड़िंग के प्रधान पद में बदलाव न होने से नाराज हैं। यही वजह है कि दोनों नेताओं ने अभी तक हाईकमान से पद मिलने के बाद धन्यवाद तक नहीं कहा। यहां तक कि सोशल मीडिया पोस्ट तक नहीं डाली। चन्नी ने तो घर में समर्थकों की मीटिंग बुला ली है। कांग्रेस सोर्सेज के मुताबिक पार्टी के करीब 10-15 बड़े नेता नई टीम बनने के बाद ज्यादा नाराज हैं। वह ठीक उसी तरह वड़िंग के खिलाफ कैंपेन चला सकते हैं जैसे कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने के लिए 2021 में नवजोत सिद्धू ने चलाई थी। इस नाखुशी की बड़ी वजह कांग्रेस का ट्रेंड है, जिसमें पंजाब में CM चेहरा न होने पर ज्यादातर प्रधान पद वाले नेता को ही बहुमत मिलने पर मुख्यमंत्री बनाया जाता है। (पढ़ें पूरी खबर) 3. अगले 6 दिन भारी बारिश का अलर्ट, मेयर रात 2 बजे पंपिंग स्टेशन पहुंची
पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की एंट्री होते ही गर्मी से राहत मिली है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज (2 जुलाई) से अगले 6 दिन पूरे राज्य में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। बुधवार को पंजाब के अधिकतम तापमान में 3.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ का तापमान 5.8 डिग्री की गिरावट के बाद 29.7 डिग्री सेल्सियस रहा। लुधियाना में मानसून ने बुधवार रात 1 बजे दस्तक दी। इसके साथ ही तेज बारिश होने लगी। इसका पता चलते ही मेयर इंद्रजीत कौर रात 2 बजे जलभराव का जायजा लेने पहुंच गईं। उन्होंने 2 पंपिंग स्टेशन और जीटी रोड पुली पर बुड्‌ढा दरिया का फ्लो चेक किया। उन्होंने कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दी है कि पंपिंग स्टेशन 24 घंटे चलाए जाएं, ताकि शहर में वाटर लॉगिंग न हो (पढ़ें पूरी खबर) 4. निहंग ने पंजाबी मेकअप आर्टिस्ट को धमकाया, बोला- लड़के गे बन रहे पंजाब के चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मधू सूदन उर्फ मेड संधू एक नए विवाद से फिर सुर्खियों में हैं। इस बार विवाद की वजह सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक ऑडियो-वीडियो क्लिप है, जिसमें निहंग जत्थेदार मनप्रीत सिंह खालसा और मेड संधू के बीच मोबाइल फोन पर हुई बातचीत सुनाई दे रही है। इस दौरान निहंग ने मेड संधू की सोशल मीडिया गतिविधियों, पहनावे और पुरानी रीलों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें चेतावनी दी, जबकि मेड संधू ने खुद में बदलाव का दावा करते हुए कहा कि उनकी पुरानी वीडियो को दोबारा शेयर कर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। वायरल बातचीत के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। निहंग ने आर्टिस्ट मेड संधू को गे जैसे पहनावे से दूरी बनाने को कहते हैं। वो कहते हैं कि कई युवा उन्हें फॉलो करते हैं। इससे वो भी गे बनने की चाह रखने लगते हैं। इसकी पूरी रिकॉर्डिंग सामने आई है (पढ़ें पूरी खबर) 5. एक हफ्ते सियासी कार्यक्रमों से दूर रहेंगे CM भगवंत मान
सीएम भगवंत मान एक हफ्ते तक राजनीतिक व सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहेंगे। वह गुरूवार को बेंगलुरु में विपश्यना के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान वे निजी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में रहकर प्राकृतिक उपचार, योग, ध्यान और विशेष आहार योजना के जरिए स्वास्थ्य लाभ लेंगे। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा। जरूरत के अनुसार उपचार और डाइट प्लान में बदलाव किया जा सकता है। दरअसल, मुख्यमंत्री पिछले काफी समय से लगातार राजनीतिक कार्यक्रमों, प्रशासनिक बैठकों और सरकारी गतिविधियों में व्यस्त रहे। लगातार यात्राओं और व्यस्त दिनचर्या के चलते उन्हें थकान की शिकायत हुई थी। चिकित्सकों की सलाह पर उन्होंने एक सप्ताह का स्वास्थ्य कार्यक्रम तय किया है (पढ़ें पूरी खबर) 6. नाबालिग की कृपाण मारकर हत्या
तरनतारन में मोमोज खा रहे एक नाबालिग लड़के की कृपाण मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, उसे बचाने आए उसके छोटे भाई को भी घायल कर दिया। भाई को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से भाग गए। बताया जा रहा है कि हमलावर भी इन्हीं किशोरों के क्लासमेट हैं। दोनों पक्षों के बीच किसी पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद हमलावरों ने आत्मघाती हमला किया। पुलिस ने मृतक किशोर के पिता के बयान पर तीन हमलावरों को नामजद किया है। उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर इनकी गिरफ्तारी के लिए छापे मारे जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। (पढ़ें पूरी खबर) 7. अगस्त में PM नरेंद्र मोदी का दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगस्त में पंजाब दौरे पर आएंगे। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री इस दौरान एक बड़े रेलवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे और राज्य को कई अन्य विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। हालांकि, दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इससे पहले 1 फरवरी को पीएम जालंधर में स्थित डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे थे। यहां उन्होंने माथा टेका और संत निरंजन दास से मुलाकात की थी। यह दौरा 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले दोआबा क्षेत्र में दलित वोटर्स को साधने के लिए भाजपा की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा माना गया था। अब विदेश से खबर… 8. USA में पंजाबी बच्चों को जन्म लेते ही नागरिकता मिलेगी अमेरिका में हर साल पैदा होने वाले 8 हजार बच्चों को जन्म लेते ही USA की नागरिकता मिलेगी। यह राहत अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने दी है। जिन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का वह फैसला रद्द कर दिया है, जिसमें ट्रम्प ने जन्म के वक्त नागरिकता न देने की बात कही थी। यह फैसला देते हुए अमेरिकी जज जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला हर बच्चा संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिक है। इस फैसले से अवैध रूप से रहे पंजाबी समुदाय के साथ सभी NRI पंजाबियों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के इस फैसले से अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर रह रहे पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में जन्मे बच्चों को अब पूर्ण नागरिकता का अधिकार मिल गया है। हर साल पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में करीब 8 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार, 2016 से 2024 तक एशियन मूल की माता-पिता की संख्या 66 हजार के करीब है। यहां सालाना 8 हजार के करीब भारतीय मूल के बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें ज्यादा संख्या पंजाबी समुदाय के बच्चों की है (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके 9. ‘मैं आपका दामाद बोल रहा हूं’..कह ₹8.25 लाख ठगे
जालंधर में एक शातिर ठग ने दामाद बनकर बुजुर्ग महिला को ठग लिया। उसने महिला के दामाद की हूबहू आवाज निकाली। जिसमें उसने कहा कि मां जी, मैं आपका दामाद ही बोल रहा हूं। इसके बाद बहाने से बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारियां ले लीं। फिर ट्रांजैक्शन लिंक के जरिए धीरे-धीरे 8.25 लाख रुपए निकाल लिए। महिला पूनम ने बताया कि उनके पति का निधन हो चुका है। बेटी की शादी हो चुकी है। वह घर पर अकेली रहती है। 8 मई को उसके फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। सामने वाला हूबहू उसके दामाद की आवाज में बात कर रहा था। इसी वजह से उसे पहले शक नहीं हुआ। मगर, जब उसने फोन काटा और स्क्रीन देखी तो उसमें अकाउंट से रुपए निकलने के कई मैसेज आए हुए थे। इससे उसे समझ आया कि दामाद बने ठग ने बात करते-करते ही उससे ठगी कर ली। जिसके बाद उसने अपने दामाद को फोन किया तो ठगी की बात कन्फर्म हो गई। फिर उसने पुलिस को शिकायत दी (पढ़ें पूरी खबर) कल क्या खास होगा? 10. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी की समर्थकों से मीटिंग
-पंजाब कांग्रेस का प्रधान न बनाए जाने से नाराज
-जालंधर से सांसद, प्रधान पद के लिए फाइनल माने जा रहे थे।
-अमरिंदर राजा वड़िंग को 2027 चुनाव के लिए प्रधान बनाने के पक्ष में नहीं। (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)

डकैत जगन गुर्जर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा:पकड़ कर दो बार दबाया गया गला, बचने के लिए संघर्ष तक नहीं किया

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर को पकड़ कर गला दबाया गया था। उसने बचने के लिए संघर्ष नहीं किया था। यह खुलासा गुरुवार को आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किया गया है। 5 सदस्यों की मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में बताया गया है कि जगन की मौत गला घोंटने से हुई है। मेडिकल बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने कहा- हत्या का तरीका किसी प्रशिक्षित या बेहद शातिर व्यक्ति की ओर इशारा करता है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक- जगन की गर्दन पर करीब 29 सेंटीमीटर लंबा गहरा दबाव का निशान मिला है। यह निशान गर्दन के आगे से दोनों तरफ तक फैला हुआ है। इतना ही नहीं गर्दन के बाएं हिस्से पर मुख्य निशान से नीचे एक और अलग चोट है। मेडिकल बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने बताया- गर्दन पर मिले दोनों निशानों का पैटर्न सामान्य नहीं है। इससे अंदेशा है कि पहले एक तरफ से गला दबाया गया। इसके बाद दूसरी तरफ से फिर ज्यादा ताकत लगाकर गले को दबाया गया, ताकि मौत कन्फर्म हो सके। वहीं रिपोर्ट में जगन के शरीर पर संघर्ष के ज्यादा निशान नहीं मिले हैं। अंदर भी चोट मिली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों को बाहरी चोटों के साथ गर्दन के अंदर भी गंभीर चोटें मिली हैं। त्वचा के नीचे खून जमा हुआ था। गर्दन की मांसपेशियों में ब्लीडिंग मिली। थायरॉयड के आसपास की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त थीं और जीभ के निचले हिस्से तक खून जमा हुआ था। मेडिकल विशेषज्ञों ने कहा- ऐसी चोटें तभी आती हैं, जब गर्दन पर काफी देर तक लगातार दबाव बनाया जाए। रिपोर्ट में दम घुटने से मौत के लगभग सभी मेडिकल संकेत दर्ज किए गए हैं। आंखों की नसों सहित शरीर के कई अंगों में ब्लीडिंग, फेफड़ों-अन्य अंगों का काम बंद करना और नाखूनों का नीला पड़ना इसकी पुष्टि करते हैं कि मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई। मेडिकल रिपोर्ट में जगन के पेट में खाना भी मिला पूरी वारदात को केवल गला कसकर अंजाम दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के दौरान पेट में करीब 300 ग्राम आधा पचा हुआ भोजन मिला है। इससे जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि खाना खाने के कितनी देर बाद हत्या हुई। वहीं फॉरेंसिक जांच के लिए छोटी आंत, लीवर और दोनों किडनी सहित अन्य नमूने सुरक्षित रखकर पुलिस को सौंप दिए गए हैं। जगन ने कोई संघर्ष नहीं किया रिपोर्ट में शरीर पर संघर्ष के ज्यादा निशान नहीं मिले हैं। इससे जांच अधिकारी इस संभावना पर भी काम कर रहे हैं कि वारदात अचानक हुई या फिर पहले जगन को किसी तरह काबू में कर लिया गया था। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जांच में जुटी मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम राय में स्पष्ट लिखा है कि जगन गुर्जर की मौत जीवित अवस्था में गला घोंटने से हुई। दम घुटने के कारण जगन की जान गई। रिपोर्ट में सभी चोटों को मौत से पहले लगी हुई बताया गया है। अब यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जेल के भीतर हुई इस हाई-प्रोफाइल हत्या की जांच का सबसे अहम वैज्ञानिक साक्ष्य बन गई है। जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रदेश की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल के अंदर इतनी सुनियोजित हत्या कैसे हुई। मेडिकल रिपोर्ट ने जहां हत्या की पुष्टि कर दी है। वहीं गर्दन पर मिले निशान और अंदरूनी चोटें, इस वारदात को सामान्य जेल हिंसा नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ अंजाम दी गई हत्या की ओर इशारा कर रही हैं। पुलिस अब इसी एंगल से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार- डकैत जगन गुर्जर डायबिटिक पेशेंट था। जिस दिन उसकी मौत हुई, उसे दिन उसकी शुगर हाई थी। पुलिस ने कहा- सीसीटीवी फुटेज की कर रहे जांच सिविल लाइंस थाना पुलिस की ओर से जगन हत्याकांड में दर्ज मुकदमे में जांच जारी है। जांच अधिकारी शंभू सिंह ने बताया- हाई सिक्योरिटी जेल के दो जेल प्रहरी के पहले बयान लिए थे, उन बयानों को वापस कोर्ट में BNS की धारा 183 के तहत लिए गए।
बंदी विष्णु को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करने के लिए प्रार्थना पत्र भी कोर्ट में गुरुवार को लगाया है। साथ ही जेल में लगे हुए सीसीटीवी फुटेज वारदात वाले दिन और उससे पहले के प्राप्त किए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी मिल गई है, जिस पर अनुसंधान जारी है। जगन गुर्जर हत्याकांड की हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड की रिपोर्ट हाईकोर्ट ने तलब की है। कोर्ट ने जेल में घटना से जुड़े कैमरों में क्या रिकॉर्ड हुआ, क्या नहीं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्या किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। इन तमाम बिंदुओं पर कोर्ट ने सरकार और जेल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश जेल में व्यवस्थाओं के सुधार से जुड़े स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में सुनवाई करते हुए दिए। पूरी खबर पढ़ें… 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार 1 जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ।
जगन गुर्जर की हत्या से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया