12 दिन पहले डकैती करने वाले 6 बदमाशों को दबोचा:30 पुलिसकर्मियों ने 300 से ज्यादा कैमरे खंगाले, यूपी तक पीछा करके पकड़ा
झुंझुनूं में पीपली चौक के मलसीसर रोड पर 21 जून की रात को घर में घुसकर हथियार की नोक पर की गई डकैती का पुलिस ने 12 दिनों में पर्दाफाश किया है। झुंझुनूं पुलिस ने उत्तर प्रदेश के एक सक्रिय अंतर्राज्यीय डकैत गिरोह के 6 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। हथियारों के दम पर की थी लूट झुंझुनूं एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया- 21 जून की रात को हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों का एक गिरोह मलसीसर रोड स्थित एक मकान में घुसा था। बदमाशों ने घर के सदस्यों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया और घर में रखी नकदी, सोने-चांदी के गहने, मोबाइल फोन और यहां तक की सीसीटीवी डीवीआर भी लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल था। एसपी ने बताया- आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीमों ने तकनीक और मुखबिर की मदद से 6 आरोपी राशिद कुरैशी (31) निवासी मेरठ, सतार (36) निवासी बागपत, सरफराज उर्फ भुटन (32) निवासी मेरठ, जाहिद उर्फ लंबू (47) निवासी बागपत, राजीव उर्फ राजू खट्टा (38) निवासी बागपत, आरिफ (22) निवासी हापुड़ को गिरफ्तार किया है। ये सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। 30 पुलिसकर्मियों की मेहनत, 300 कैमरे खंगाले एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया- घटना की गंभीरता को देखते हुए 5 विशेष टीमों का गठन किया गया था। लगभग 30 पुलिसकर्मियों की टीम ने पिछले 12 दिनों से दिन-रात एक कर दिया। जांच के दौरान पुलिस ने झुंझुनूं शहर और आसपास के क्षेत्रों के 200 से 300 सीसीटीवी कैमरों को देखा। तकनीकी साक्ष्यों और टोल प्लाजा के डेटा के आधार पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त दो स्कॉर्पियो गाड़ियों को ट्रेस किया। ये गाड़ियां झुंझुनूं से राजगढ़, भादरा, हिसार और सोनीपत होते हुए उत्तर प्रदेश के बागपत और मेरठ तक गई थीं। कबाड़ी का काम करने वाले ने रची पूरी साजिश जांच में सामने आया कि गिरोह का सदस्य आरिफ, जो पहले झुंझुनूं में कबाड़ी का काम कर चुका था, उसने इस वारदात की पूरी कहानी लिखी थी। उसे घर की और आसपास की जानकारी थी। उसने उत्तर प्रदेश के हार्डकोर अपराधियों, जाहिद और सरफराज के साथ मिलकर योजना बनाई। इनका साथी जाहिद उर्फ लंबू एक आदतन अपराधी है। जिस पर डकैती और लूट के 16 से अधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं सरफराज भी गिरोह का एक मुख्य और शातिर अपराधी है। पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी पुलिस ने अंतर्राज्यीय समन्वय का परिचय देते हुए बागपत, मेरठ और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में दबिश दी। पहले तीन आरोपियों राशिद, सत्तार और सरफराज को वारदात में काम मे ली जाने वाली गाड़ी के साथ पकड़ा। पूछताछ के बाद मिली जानकारी पर दूसरी टीम ने दिल्ली-अलवर एक्सप्रेस-वे पर नाकाबंदी कर मुख्य आरोपी राजीव उर्फ राजू खट्टा, जाहिद और आरिफ को भी दबोच लिया। इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका DSP गोपाल ढाका के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार मील के नेतृत्व में गठित टीम का अहम योगदान रहा। इस खुलासे में कांस्टेबल प्रवीण कुमार और योगेंद्र सिंह का विशेष योगदान रहा। वहीं श्रवण कुमार मील, विरेन्द्र कुमार, मनीष कुमार, दिनेश, विक्रम सिंह, जितेन्द्र थाकन, अमित, प्रवीण, चेनाराम, योगेन्द्र सिंह, प्रदीप कुमार, संदीप, पुरुषोत्तम, संदीप, विकास, सुरेन्द्र सिंह, राजेश कुमार, प्रदीप, दिनेश, रुपेन्द्र, आनन्द मान,सतेन्द्र और रोहित शामिल थे।

