साइबर ठगी में देश का पहला अनूठा मामला:साइबर ठगी के पैसे गोल्ड लोन में जमा कर बनाते थे 'सफेद'; सिस्टम की खामियां उजागर

बीकानेर साइबर ठगों ने अब ठगी के काले धन को सफेद बनाने का ऐसा तरीका खोज लिया था, जिसे पकड़ना पुलिस और बैंकिंग एजेंसियों के लिए भी आसान नहीं था। बीकानेर साइबर थाना पुलिस ने देश में पहली बार ऐसे अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा किया है, जो साइबर ठगी की रकम को गोल्ड लोन अकाउंट में जमा कर उसे वैध बैंकिंग लेनदेन में बदल देता था। पुलिस ने इस मामले में बज्जू थाना क्षेत्र के मिठड़िया निवासी 35 वर्षीय सुनील ज्याणी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त एक स्विफ्ट कार और तीन महंगे मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। ऐसे करते थे पूरा फ्रॉड बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया- जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सबसे पहले अपने या भोले-भाले लोगों के नाम पर मणप्पुरम फाइनेंस से गोल्ड लोन लेते थे। इसके लिए सोना गिरवी रखकर लाखों रुपए का वैध लोन बैंक खाते में प्राप्त किया जाता था। इसके बाद देशभर में सक्रिय गिरोह के अन्य सदस्य लोगों को डिजिटल अरेस्ट, पुलिस या सरकारी एजेंसी का डर दिखाकर अथवा इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी करते थे। ठगी की रकम सीधे आरोपियों के बैंक खातों में रखने के बजाय उसे मणप्पुरम फाइनेंस के ऑनलाइन गोल्ड लोन (OGL) अकाउंट में जमा कर दिया जाता था। इस रकम से तुरंत गोल्ड लोन की किस्त या पूरा लोन चुका दिया जाता था। लोन क्लोज होने के बाद गिरवी रखा सोना वापस मिल जाता था या उसी सोने पर दोबारा नया लोन ले लिया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में साइबर ठगी का पैसा बैंकिंग सिस्टम में वैध लेनदेन जैसा दिखाई देने लगता था। जब तक पीड़ित शिकायत करता और पुलिस बैंक खाते फ्रीज करवाती, तब तक पैसा गोल्ड लोन रिपेमेंट के रूप में सिस्टम में समायोजित हो चुका होता था। यही वजह थी कि ठगी की रकम का ट्रैक पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाता था। 56 ग्राम सोने पर छह बार लिया लोन पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुनील ज्याणी ने 56 ग्राम सोना गिरवी रखकर छह बार गोल्ड लोन लिया। इन गोल्ड लोन खातों में साइबर ठगी के करीब 25 लाख रुपए जमा करवाए गए और बाद में यह राशि अपने लिंक बैंक खाते में प्राप्त कर ली। आरोपी और उसके साथी इस काम के बदले कमीशन लेते थे। सिस्टम की ये खामी सामने आई एसपी मृदुल ने बतायाा- सिस्टम की खामी ये है कि आमतौर पर साइबर ठगी की जो राशि है, वो किसी सामान्य एकाउंट में होती है तो उस पर लियन लगता है। वो खाता सीज हो जाता है। वहीं गोल्ड लोन एजेंसी के एकाउंट्स ट्रेडिंग एकाउंट होते हैं, उन पर किसी तरह का लियन या फिर फ्रीज करने का विकल्प नहीं होता। इसी सिस्टम की खामी का फायदा उठाकर बीकानेर के युवक ने तरीका अपनाया। पहले गोल्ड लोन लेता और फिर साइबर ठगी के रुपए इस खाते में ट्रांसफर करवा लेता। डिजिटल अरेस्ट से डेढ़ करोड़ और इन्वेस्टमेंट के नाम पर 5 लाख की ठगी जांच में सामने आया कि आरोपी ने छत्तीसगढ़ के एक व्यक्ति से इन्वेस्टमेंट के नाम पर करीब 5 लाख रुपए की ठगी की। इसके अलावा एक वृद्ध महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करीब 1.50 करोड़ रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया। आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध के कई मामले दर्ज हैं। शराब कारोबार की आड़ में चला रहा था नेटवर्क पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पार्टनरशिप में बीकानेर शहर में चार और कोलायत क्षेत्र में तीन, कुल सात शराब की दुकानों का संचालन करता है। उसने ‘मातेश्वरी’ नाम से फर्म का बैंक खाता खुलवा रखा था, जिसमें साइबर ठगी से जुड़ी राशि भी प्राप्त की जाती थी। पुलिस अब उसके साझेदारों और उनसे जुड़े बैंक खातों का भी विश्लेषण कर रही है। पुलिस की अपील बीकानेर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से बैंक या गोल्ड लोन अकाउंट न खुलवाएं। ऐसा करने पर आपका खाता साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने का माध्यम बन सकता है और आप कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

नागदा पेयजल परियोजना से केबल चोरी का खुलासा:दो महिलाओं सहित चार आरोपी गिरफ्तार, केबल बरामद

बारां की अंता थाना पुलिस ने नागदा-अन्ता-बलदेवपुरा पेयजल परियोजना के फिल्टर प्लांट से केबल चोरी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई केबल बरामद कर ली गई है और वारदात में इस्तेमाल की गई दो बाइकें भी जब्त की गई हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि 26 जून को नागदा स्थित 7.5 एमएलडी फिल्टर प्लांट से अज्ञात बदमाशों द्वारा केबल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. कमल जांगिड़ और वृत्ताधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह आढ़ा के निर्देशन में थानाधिकारी भूपेश शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर दो संदिग्ध बाइकों की पहचान की गई। नाकाबंदी के दौरान इन दोनों बाइक सवारों को पकड़ा गया, जिनकी पहचान कपिल और रोकी उर्फ चोटिया के रूप में हुई। आगे की जांच में दो महिलाओं प्रेमपति और दीचा की संलिप्तता भी सामने आई, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में चारों आरोपियों ने पेयजल परियोजना के फिल्टर प्लांट से केबल चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि वे पहले कबाड़ बीनने के बहाने गांवों में घूमकर रेकी करते थे और मौका मिलने पर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

जयपुर में मैरिज रजिस्ट्रार-कर्मचारी को घूस लेते किया गिरफ्तार:शादी रजिस्ट्रेशन की एवज में मांगी रिश्वत; साढ़े 12 हजार रुपए लेते पकड़ा

भष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जयपुर के लालकोठी स्थित नगर निगम ऑफिस से मैरिज रजिस्ट्रार और कर्मचारी को घूस लेते पकड़ा। मैरिज रजिस्ट्रेशन करवाने की एवज में दोनों आरोपी घूस मांग रहे थे। एसीबी ने यह कार्रवाई गुरुवार शाम को की। एसीबी कोटा की टीम ने दोनों आरोपियों को 12 हजार 500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। एसीबी टीम की ओर से गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। डीजी (एसीबी) गोविंद गुप्ता ने बताया- कोटा एसीबी को परिवादी ने शिकायत दी। वह जयपुर के प्रताप नगर के आर्य समाज मंदिर के प्रधान पद पर काम करता है। उनकी ओर से गरीब और दहेज रहित शादी करवाई जाती है। इसके बाद उन शादियों को नगर निगम में लालकोठी स्थित मैरिज ऑफिस से रजिस्ट्रर्ड करवाया जाता है। विवाह रजिस्ट्रेशन का निर्धारित शुल्क 110 रुपए है। इसके बावजूद मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह और कर्मचारी राकेश चौधरी की ओर से प्रति विवाह पंजीयन 2500 से 3000 रुपए तक रिश्वत रकम मांगी जाती थी। घूस रकम नहीं देने पर रजिस्ट्रेशन के लिए दिए डॉक्यूमेंट में अनावश्यक कमियां बताकर परिवादियों को परेशान किया जाता था। कर्मचारी से 38 हजार रुपए बरामद, किए जब्त परिवादी की शिकायत पर एसीबी की ओर से गोपनीय सत्यापन करवाया गया। मांग सत्यापन में आरोपी मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह की ओर से कर्मचारी राकेश चौधरी के जरिए रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। कोटा एसीबी टीम की ओर से गुरुवार को मैरिज ऑफिस में ही दोनों आरोपियों को रिश्वत के 12 हजार 500 रुपए लेते दबोचा गया। ट्रैप कार्रवाई के दौरान कर्मचारी राकेश की तलाशी में 38 हजार रुपए अतिरिक्त कैश मिलने पर बरामद किए गए। एसीबी की ओर से गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के साथ ही ऑफिस-घर और अन्य संभावित ठिकानों की तलाशी ली जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट बोला- फैसलों में AI के फर्जी उदाहरण खतरनाक:ये मिथाइल आइसोसाइनेट जैसे, इससे न्याय व्यवस्था को नुकसान; NCLT का फैसला रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए नकली कानूनी उदाहरणों का इस्तेमाल खतरनाक है। कोर्ट ने इसकी गंभीरता समझाने के लिए कहा कि यह खतरा उतना ही बड़ा है, जितना भोपाल गैस त्रासदी में जहरीली (AI) गैस का रिसाव था। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने गुरुवार को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) का फैसला रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा- AI से बनाए गए झूठे और गैर-मौजूद फैसलों को कोर्ट में असली बताकर पेश करना न्याय व्यवस्था को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए ऐसे मामलों में अदालतों को बिल्कुल भी नरमी नहीं दिखानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि नकली कानूनी जानकारी दिखने में छोटी बात लग सकती है, लेकिन यह बहुत खतरनाक होती है। इससे न्यायिक प्रक्रिया खराब होती है और अदालत के फैसलों पर लोगों का भरोसा भी कम हो सकता है। पूरा मामले समझें… यह मामला एस्सेल इन्फ्राप्रोजेक्ट लिमिटेड, जम्मू-कश्मीर बैंक लिमिटेड और पूजा रमेश सिंह से जुड़े दिवालियापन विवाद का है। इस मामले में NCLT मुंबई ने IBC की धारा-7 के तहत एक याचिका स्वीकार की थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। NCLT ने अपने फैसले को सही साबित करने के लिए जिन कानूनी मामलों का हवाला दिया था, उनमें से कई मामले असल में थे ही नहीं। फैसले में कुछ ऐसे मामलों का नाम लिखा गया था, जो पूरी तरह से मनगढ़ंत यानी नकली थे। उनकी कानूनी साइटेशन भी बनाई गई थीं और उनका कोई वास्तविक रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। जम्मू-कश्मीर बैंक लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र देकर कहा कि उनके वकील ने इन नकली मामलों का हवाला नहीं दिया था। बैंक के अनुसार, NCLT ने इन्हें अपनी तरफ से की गई रिसर्च के दौरान शामिल किया था। सुप्रीम कोर्ट के 5 कमेंट ————————————— ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- पैदल चलने वालों को परेशानी समझते हैं ड्राइवर, फुटपाथ पर चलना बुनियादी अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि तय फुटपाथ पर चलने का अधिकार एक बुनियादी अधिकार है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और एएस चंदुरकर की बेंच ने एक अहम फैसले में कहा कि तय रास्तों पर मोटर गाड़ियों के मुकाबले इस अधिकार को प्राथमिकता दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बूंदी कारागृह का निरीक्षण:बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने व्यवस्थाओं की जांच की, बंदियों से भेदभाव पर पूछा

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और सर्वोच्च न्यायालय के सुकन्या शान्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में पारित आदेश की पालना में गुरुवार को बूंदी जिला कारागृह का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कारागृह की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, विधिक सहायता और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। साथ ही बंदियों से सीधे बातचीत कर उनके प्रकरणों की जानकारी ली गई तथा यह भी पूछा गया कि कारागृह में उनके साथ धर्म, जाति या सामाजिक आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव तो नहीं किया जा रहा है। कारागृह की व्यवस्थाओं का लिया जायजा मॉडल प्रिजन मैनुअल के तहत गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स के आधिकारिक सदस्यों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बूंदी के सचिव ने मुख्य प्रहरी जितेंद्र नागर की उपस्थिति में निरीक्षण किया। इस दौरान विधिक सेवा क्लिनिक, सीसीटीवी विंग, टेलीफोन कक्ष, बैरक, रसोईघर, कैंटीन, मुलाकात कक्ष, डिस्पेंसरी, वार्ड, स्नानागार, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता और मनोरंजन के साधनों का विस्तृत अवलोकन किया गया। बंदियों से सीधे संवाद निरीक्षण दल ने बंदियों से मुलाकात कर उनके लंबित प्रकरणों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया गया कि कारागृह में कार्य आवंटन या अन्य व्यवस्थाओं में धर्म, जाति अथवा सामाजिक आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। ये अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण में जिला एवं सेशन न्यायाधीश संदीप कुमार शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश परनामी, जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव और जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा मौजूद रहे। इनके साथ सीएमएचओ डॉ. ओपी सामर, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी मुकेश गुप्ता, सहायक निदेशक (मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी) धनराज मीणा, संयुक्त निदेशक कृषि राजेश कुमार शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अर्पित जैन, जिला उद्योग अधिकारी शुभकरण थालोर तथा जिला रोजगार अधिकारी भैरू प्रकाश नागर भी मौजूद रहे।

कोर्ट का आदेश आने तक नसरीन सांगा का रहेगा कब्जा:प्रियंका वाड्रा की जेठानी ने खान फार्म को बताया वैध संपत्ति, बीजेपी ने मांगा जवाब

ऊधम सिंह नगर के किच्छा में स्थित खान फार्म की जमीन को लेकर दो दावेदार सामने आने के बाद प्रशासन ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। अपर जिलाधिकारी (एडीएम) पंकज उपाध्याय ने दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच के बाद यह आदेश जारी किया है। सुनवाई के दौरान तहसील परिसर में कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। संभावित तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए एडीएम ने खान फार्म के बाहर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। आदेश के बाद विवादित स्थल पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई। नसरीन सांगा ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर भाजपा ने प्रियंका गांधी वाड्रा से जवाब मांगा है। जाने पूरा विवाद… आठ एकड़ भूमि को लेकर विवाद
किच्छा के पिपलिया मोड़ पर स्व. कुलसुम खान का 8 एकड़ भूमि पर खान फार्म है। दोनों दावेदारों के बीच विवाद जमीन के स्वामित्व और कब्जे को लेकर है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी व स्व. रिचर्ड वाड्रा की पत्नी सायरा वाड्रा का दावा है कि यह फार्म उनकी बुआ की वसीयत के आधार पर उनकी वैध संपत्ति है। वहीं स्व. कुलसुम खान की बहन नसरिन सांगा ने भी इस संपत्ति पर अपना दावा जताया है। सायरा वाड्रा ने जबरन कब्जा करने का लगाया आरोप
सायरा वाड्रा का दावा है कि यह फार्म उनकी बुआ की वसीयत के आधार पर उनकी वैध संपत्ति है। उनका आरोप है कि नसरीन सांगा ने फार्म पर काम कर रहे मजदूरों को हटाकर जबरन कब्जा कर लिया। जिसके बाद मौके पर कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और ट्रक के नीचे आकर आत्मदाह की चेतावनी दी। प्रशासन ने दस्तावेज पेश करने के दिए निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने दोनों पक्षों को एडीएम कार्यालय में अपने-अपने स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय पर सायरा वाड्रा की ओर से अधिवक्ता पीयूष पंत और नसरीन सांगा की ओर से अधिवक्ता शुभम छाबड़ा एडीएम कार्यालय पहुंचे और संबंधित अभिलेख प्रस्तुत किए। अपर जिला अधिकारी पंकज उपाध्याय ने दोनों पक्षों की दलील सुनते हुए निर्णय लिया है कि जो पक्ष मौके पर काबिज है वह काबिज रहे और जो पक्ष बाहर है वह बाहर रहे। दोनों पक्षों को उनके द्वारा बताया गया कि दोनों पक्ष अपना कोर्ट के माध्यम से समझौता करें। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों की ओर से किसी भी हालत में कानून व्यवस्था को बिगड़ने का प्रयास न किया जाए। यदि ऐसा होता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की विस्तृत जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष द्वारा विवादित भूमि की वर्तमान स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। दोनों पक्षों के वकीलों ने पेश किए दस्तावेज
एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि कल रात में संपत्ति को लेकर के दो पक्षों में विवाद का मामला संज्ञान में आया। पुलिस ने मजिस्ट्रेट को सूचना दी और इस बीच कुछ लोग तहसील में एसडीएम से मिलने आए। एसडीएम की ओर से समझाने के बाद भी वो नहीं माने। जिसके बाद दोनों पक्षों को एडीएम कार्यालय में पेश होने के निर्देश दिए। आज तहसील किच्छा में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपने दस्तावेज पेश किए। दोनों पक्षों के मामले न्यायालयों में विचाराधीन हैं, इसलिए न्यायालय में विचाराधीन मामलों पर कोई टिप्पणी प्रशासन की ओर से किया जाना उचित नहीं है। मामला कोर्ट में विचाराधीन
एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि एक पक्ष अपने आप को मृतक का उत्तराधिकारी बता रहा है। दूसरा पक्ष वसीयत अपने पास होने का दावा कर रहा है। अभी दोनों का मामला कोर्ट में चल रहा है। मैं दोनों पक्षों के लोगों से अपील करना चाहता हूं कि कानून व्यवस्था बनाए रखें, कानून हाथ में ना लें, विवाद की स्थिति उत्पन्न ना करें। नसरीन सांगा ने खुद को बताया पुश्तैनी मालिक
नसरीन सांगा ने कहा कि हम 1939 यहां पले बड़े हैं। हम इस जमीन के पुश्तैनी मालिक हैं। मेरे 2 भाई बहन थे। अब मैं अकेली बच गई हूं। मैं अपनी ही चीज पर कब्जा क्यों करूंगी। कोर्ट के निर्णय का दोनों पक्ष करेंगे सम्मान
सायरा वाड्रा के अधिवक्ता पीयूष पंत ने बताया कि सिविल कोर्ट और हाईकोर्ट के दस्तावेजों को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के सामने देखा गया। मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। दोनों पक्षों से अनुरोध किया गया कि किसी भी पक्ष की ओर से कोई ऐसा काम नहीं किया जाए, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो। दोनों पक्षों ने आश्वस्त किया है कि न्यायालयों का जो भी निर्णय होगा, उसका वो सम्मान करेंगे। कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करेंगे। भाजपा ने प्रियंका गांधी से मांगा जवाब
भाजपा नेताओं का कहना है कि खान फार्म कुलसुम खान के नाम पर है और इसी परिसर में 90 वर्षीय नसरीन सांगा रहती हैं। इस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायरा वाड्रा इस जमीन पर दावा कर रही हैं। भाजपा का आरोप है कि मामले को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के विधायक तिलक राज बेहड़ करीब 100 लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग महिला को धमकाया। भाजपा का दावा है कि नसरीन सांगा ने खुद कहा है कि कुछ लोग कांग्रेस से जुड़े हुए थे और उन्हें जमीन खाली करने का दबाव बना रहे थे। विधायक गैरकानूनी तरीके से लोगों को धमका रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि विधायक प्रियंका गांधी के कहने पर वहां पहुंचे होंगे। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या जमीन पर कब्जा करने के लिए इस तरह के तरीके अपनाए जाने सही है। भाजपा ने प्रियंका गांधी से पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की है।

बिजनेसमैन को सेक्सटॉर्शन में फंसाकर 12 लाख वसूले:अलवर से 2 आरोपी गिरफ्तार; अश्लील वीडियो बनाकर किया था ब्लैकमेल

राजसमंद के एक बिजनेसमैन को ठगों ने सेक्सटॉर्शन में फंसा लिया। इसके बाद उसे बदनाम करने का डर दिखाकर ब्लैकमेल कर 12 लाख 14 हजार रुपए वसूल कर लिए। मामला रेलमगरा थाना इलाके का है। पुलिस के अनुसार- पीड़ित बिजनेसमैन ने 28 जून को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर क्राइम पुलिस थाना में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और अलवर के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वीडियो कॉल में आपत्तिजनक हालत में दिखी महिला रिपोर्ट में बिजनेसमैन ने बताया- एक दिन अनजान वॉट्सएप नंबर से मेरे मोबाइल पर एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाली महिला आपत्तिजनक हालत में नजर आई। कुछ देर बाद वीडियो कॉल कट गया। इसके बाद मुझे ठगों ने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वे मुझे अलग-अलग नंबरों से धमकी देने लगे और ब्लैकमेल करने लगे। कभी खुद को पुलिस अधिकारी बतातो तो कभी यूट्यूबर। कभी किसी चैनल का न्यूज एडिटर बनकर फोन करते और पुलिस कार्रवाई और बदनामी का डर दिखाते। इस तरह अलग-अलग तरीको से उन्होंने मुझ से कुल 12 लाख 14 हजार 520 रुपए वसूल लिए। परेशान होकर मैंने साइबर क्राइम थाना पुलिस को शिकायत कर दी। पुलिस ने अलवर से दबोचे दो आरोपी मामले की जांच करते हुए पुलिस ने अलवर जिले के पीनान गांव निवासी माहिर आजाद (22) और सिलमोली पहाड़ीवास निवासी मनीष खान (28) को गिरफ्तार किया। अब दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को इस गिरोह से जुड़े अन्य राज्यों के मामलों के खुलासे की भी उम्मीद है। पुलिस ने आमजन से अनजान वीडियो कॉल स्वीकार नहीं करने और ऐसे मामलों में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत करने की अपील की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक के सुपरविजन में थानाधिकारी दुर्गाप्रसाद दाधीच के नेतृत्व में की गई।

विधायक दीप्ति माहेश्वरी बोलीं-125 दिन रोजगार की गारंटी मिली:मोही से VB-जीराम(जी) मिशन शुरू; पहला काम- गोशाला की मेड़बंदी

राजसमंद पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मोही से गुरुवार को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-जीराम(जी) का जिला स्तरीय शुभारंभ हुआ। यहां गोशाला के सामने समतलीकरण, मेडबंदी और पौधारोपण के काम कर योजना शुरू की गई। इस मौके पर विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा- यह अधिनियम विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिन के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। उन्होंने बताया- जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। कलेक्टर बोले- व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने बताया- योजना में बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण, स्पेशियल टेक्नोलॉजी, मोबाइल आधारित मॉनिटरिंग और सामाजिक अंकेक्षण जैसी व्यवस्थाओं से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मुआवजे का भी प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृजमोहन बैरवा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

अनंत अंबानी ने धीरेंद्र शास्त्री का हाथ पकड़कर खींचा, VIDEO:बागेश्वर धाम में बोले- आपने आने कहा था, तो मैं आ गया; बालाजी की महाआरती की

देश के प्रमुख उद्योगपति अनंत अंबानी गुरुवार शाम विशेष विमान से बागेश्वर धाम पहुंचे। फोटो सेशन के दौरान दिलचस्प दृश्य देखने को मिला। फोटो खिंचवाते समय अनंत अंबानी ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का हाथ पकड़कर उन्हें अपने पास खींच लिया। इस दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा- आपने आने के लिए कहा था, तो मैं आ गया। साथ ही पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अनंत अंबानी को बागेश्वर बालाजी भगवान, सन्यासी बाबा और प्रेतराज सरकार के पावन दर्शन कराए। दर्शन के दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम की परंपराओं, आध्यात्मिक महत्व और संन्यासी बाबा की महिमा के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। अनंत अंबानी ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। ये तस्वीरें देखिए… महाआरती में हुए शामिल, देश-धर्म के लिए की प्रार्थना दर्शन के बाद अनंत अंबानी और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्री बागेश्वर बालाजी भगवान की महाआरती में भाग लिया। दोनों ने मिलकर देश, धर्म और जनकल्याण के लिए मंगलकामना की। आरती के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ मौजूद रही। यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दी आहुतियां महाआरती के बाद दोनों धाम स्थित यज्ञशाला पहुंचे। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चल रहे यज्ञ में अनंत अंबानी ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री के साथ पवित्र आहुतियां अर्पित कीं। धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर उन्होंने वैदिक परंपराओं का पालन किया और पूजा-अर्चना की। 11 कन्याओं का पूजन, दक्षिणा भेंट कर लिया आशीर्वाद यज्ञ के बाद अनंत अंबानी ने धाम में 11 कन्याओं का विधिवत पूजन किया। उन्होंने सभी कन्याओं को दक्षिणा भेंट की और उनका आशीर्वाद लिया। इसके अलावा काशी से आए विद्वान ब्राह्मणों का सम्मान कर उनसे भी शुभाशीष प्राप्त किया। इससे पहले गुरुवार शाम जब अनंत अंबानी खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचे, तब बागेश्वर धाम सेवा समिति के सदस्यों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान खजुराहो सांसद एवं पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भी भेंट कर स्वागत किया। बागेश्वर धाम से पुराना जुड़ाव अनंत अंबानी और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बीच पहले भी कई मुलाकातें हो चुकी हैं। दोनों के करीबी संबंधों की तस्वीरें समय-समय पर सामने आती रही हैं। अनंत अंबानी बागेश्वर धाम में 24 घंटे संचालित होने वाली ‘अन्नपूर्णा रसोई’ (भंडारा) में भी समय-समय पर विशेष सहयोग करते रहे हैं।

राजस्थान दिनभर, 10 बड़ी खबरें:7 दिन की देरी से आया मानसून; तहसीलदार से महिला बोली- पैसे खाए; प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज

नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर मानसून से जुड़ी है। राजस्थान में 7 दिन की देरी से मानसून की एंट्री हो गई है। इसके साथ प्रदेशभर के कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा… पहले टॉप 5 खबरें
1. राजस्थान में 7 दिन की देरी से मानसून की एंट्री
राजस्थान में 7 दिन की देरी से गुरुवार को मानसून की एंट्री हुई। जयपुर समेत 10 से ज्यादा जिलों में गुरुवार सुबह से रुक-रुककर बरसात हुई। टोंक के टोरडी सागर में 4 इंच से ज्यादा बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ में डेढ़ इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। अलवर में तेज बारिश से रूपारेल नदी बहने लगी है। पूरी खबर पढ़ें 2. डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड की हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हुए डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड की रिपोर्ट हाईकोर्ट ने तलब की है। कोर्ट ने कहा- प्रदेश की जेलों में यह क्या हो रहा है। हाई सिक्योरिटी जेल में कैमरे में रिकोर्डिंग नहीं हो रही है। जेलों में आसानी से मोबाइल पहुंच रहे हैं। जेल से मुख्यमंत्री को भी धमकी मिल चुकी है। पूरी खबर पढ़ें 3. सीमेंट प्लांट के बाहर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज
झुंझुनूं जिले के गोठड़ा थाना इलाके में सीमेंट प्लांट के आगे ट्रेलर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सीमेंट फैक्ट्री के गेट के बाहर हंगामा कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। पूरी खबर पढ़ें 4. स्कूल वैन के रेडिएटर का पाइप फटा, 3 बच्चे झुलसे
दौसा जिले के मानपुर कस्बे में एक प्राइवेट स्कूल की वैन के रेडिएटर का पाइप फट गया। इस दौरान रेडिएटर का गर्म पानी केबिन में बैठे बच्चों पर गिरा, जिसके कारण 3 छात्रों के चेहरे, सीने और हाथ-पैर बुरी तरह से झुलस गए। तीनों छात्र 5 और 9 साल के हैं। पूरी खबर पढ़ें 5. बेटी को बचाने के लिए गाय से भिड़े मां-बाप
श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान में ट्यूशन पढ़कर लौट रही 5 साल की बच्ची पर घर के सामने गाय ने हमला कर दिया। बेटी को बचाने के लिए मां ने गाय के सींग पकड़ लिए। गाय ने उसको भी 2 बार पटक कर कुचल दिया, जिससे पसलियां टूट गईं। बच्ची के पिता और पड़ोसियों ने गाय को भगाया। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें
6. महिला ने तहसीलदार पर पैसे खाने का आरोप लगाया
बाड़मेर में ट्रांसफॉर्मर लगाने का विरोध होने पर तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार लोगों से बात कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला ने कहा- इन्होंने अंदर ही अंदर पैसे खा लिए। इस पर तहसीलदार ने कहा- आप साथ थे क्या? सोच समझकर बोलो। फालतू बकवास मत करो। पूरी खबर पढ़ें 7. ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 15 महिलाएं दबीं, 2 की मौत
भरतपुर के रायपुर गांव में जानवर को बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। हादसे में ट्रॉली में सवार 15 महिलाएं दब गईं। इनमें से 2 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 13 घायल हो गईं। घायल महिलाएं दर्द से कराहने लगीं। आरोप है कि टोकने के बाद भी ड्राइवर स्पीड में ट्रैक्टर दौड़ाता रहा। पूरी खबर पढ़ें 8. टूरिस्ट जिप्सी की ओर दौड़ा लेपर्ड, कुत्ते का शिकार किया
जयपुर की झालाना सेंचुरी में लेपर्ड ने अचानक 3 टूरिस्ट जिप्सी की ओर दौड़ लगा दी। इससे कुछ देरी के लिए जिप्सी में बैठे 10 से ज्यादा पर्यटक डर गए। हालांकि, लेपर्ड के निशाने पर जिप्सी के नीचे बैठा कुत्ता था। करीब 12 सेकेंड में लेपर्ड ने कुत्ते को गर्दन से दबोचकर मार दिया। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है
9. सरिस्का टाइगर रिजर्व में दिखा सफेद मोर
अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व के इतिहास में पहली बार दो बेहद दुर्लभ जीव देखे गए हैं। इनमें से एक ‘सफेद रंग का मोर’ है, तो दूसरा धूप में सोने की तरह चमकता ‘गोल्डन सांभर’। इससे पहले प्रदेश के किसी भी फॉरेस्ट में सफेद मोर नहीं देखा गया है। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास
10. RAS-2026 के लिए आवेदन का कल अंतिम दिन
RPSC की ओर से निकाली गई RAS-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन की कल 3 जुलाई को लास्ट डेट है। प्री-एग्जाम 6 दिसंबर को होगा, जबकि मेंस एग्जाम 1 से 2 मई को किया जाना प्रस्तावित है।